लखनऊ में नगर निगम ने ऐतिहासिक स्थलों और हैरिटेज क्षेत्रों का निरीक्षण किया।
निरीक्षण का उद्देश्य पर्यटकों की सुविधाओं का आकलन और सुधार करना था।
नगर आयुक्त इंद्रजीत सिंह के नेतृत्व में यह अभियान चलाया गया।
निरीक्षण में प्रमुख स्थलों जैसे छोटे व बड़े इमामबाड़ा की व्यवस्थाओं पर ध्यान दिया गया।
अधिकारियों को व्यवस्था सुधारने और सफाई की स्थिति बेहतर करने के निर्देश दिए गए।
लखनऊ, 13 नवंबर 2024 – प्रदेश की राजधानी लखनऊ के ऐतिहासिक स्थलों और हैरिटेज क्षेत्रों का नगर आयुक्त इंद्रजीत सिंह के नेतृत्व में व्यापक निरीक्षण किया गया। इस दौरान नगर निगम लखनऊ के वरिष्ठ अधिकारियों और स्थानीय पुलिस बल ने छोटे व बड़े इमामबाड़ा समेत अन्य प्रमुख स्थलों की व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
निरीक्षण के मुख्य बिंदु:
पर्यटकों की सुविधाएं – निरीक्षण का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि पर्यटकों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।
पार्किंग और बैठने की व्यवस्था – इमारतों के आसपास पार्किंग और पर्यटकों के लिए बैठने और घूमने की समुचित व्यवस्था का निरीक्षण किया गया।
सफाई व्यवस्था – सभी ऐतिहासिक स्थलों पर सफाई व्यवस्था का मूल्यांकन किया गया और सुधार के निर्देश दिए गए।
व्यवस्था सुधार के निर्देश – जहां भी व्यवस्थाओं में कमी देखी गई, उन्हें तत्काल प्रभाव से सुधारने के निर्देश जारी किए गए।
निरीक्षण अभियान में नगर आयुक्त के साथ अपर नगर आयुक्त, जोनल अधिकारी (जोन 02 और 06) तथा अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे। यह निरीक्षण पर्यटकों के अनुभव को बेहतर बनाने और राजधानी के ऐतिहासिक महत्व के स्थलों की प्रतिष्ठा बनाए रखने के उद्देश्य से किया गया था।
कृषि मंत्री ने खाद आपूर्ति की निगरानी के लिए लखनऊ के केंद्रों का दौरा किया।
किसानों को भरोसा दिलाया कि खाद पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है।
अधिकारियों को नियमित निगरानी और सुचारु आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
लखनऊ, 13 नवंबर 2024 – प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने बुधवार को लखनऊ जनपद के विभिन्न खाद विक्रय केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। यह दौरा किसानों को खाद की आपूर्ति की स्थिति की समीक्षा के लिए किया गया था।
प्रदेश के कृषि मंत्री श्री शाही ने साधन सहकारी समिति मलौली गोसाईगंज और साधन सहकारी समिति शिवलर, गोसाईगंज का दौरा कर भंडारण की स्थिति का निरीक्षण किया। उन्होंने किसानों से बातचीत करते हुए उन्हें आश्वस्त किया कि प्रदेश में खाद की पर्याप्त मात्रा उपलब्ध है और अनावश्यक भंडारण की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे निगरानी बढ़ाएं और सुनिश्चित करें कि हर किसान को बिना परेशानी के खाद उपलब्ध हो।
इस औचक निरीक्षण के दौरान संयुक्त निदेशक अनिल पाठक और उपनिदेशक अनिल यादव भी मौजूद रहे। यह कदम किसानों की समस्याओं को दूर करने और खाद की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
बुद्धवार को मोहनलालगंज के सिसेंडी गांव में खाद की भारी कमी के कारण किसानों में गहरा रोष देखा गया। किसानों का आरोप है कि साधन सहकारी समिति में किसानों की जरूरत के मुताबिक स्टॉक नहीं था, जिससे वितरण असंभव हो गया। हालात इतने गंभीर हो गए कि सचिव और अन्य कर्मचारी वितरण स्थल से पलायन कर गए, जिससे किसानों की भीड़ में आक्रोश बढ़ गया। किसान यूनियन भानु गुट के युवा जिला अध्यक्ष ने भी स्थिति का निरीक्षण किया और किसानों की समस्याओं पर ध्यान आकर्षित किया। किसानों का कहना है कि सचिव अपने परिचितों को पहले खाद वितरित कर देते हैं और शेष लोगों को ‘खाद खत्म हो गई’ कहकर लौटा देते हैं।
कृषि मंत्री सूर्यप्रताप शाही को इन हालात की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने साधन सहकारी समितियों में पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि खाद की उपलब्धता सुनिश्चित करें और वितरण में पारदर्शिता लाएं।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र में की तीन रैलियां
महाअनाड़ी’ गठबंधन ने महाराष्ट्र को बनाया लव जिहाद, लैंड जिहाद व पैनकार्ड जिहाद का अड्डाः सीएम योगी
चुनाव महत्वपूर्ण, यह देश के भाग्य को बनाने व बिगाड़ने वाले, 1946 में हुए चुनाव ने भारत के भाग्य को दुर्भाग्य में बदल दिया थाः योगी
पाकिस्तान को आज भी आते हैं एयर स्ट्राइक व सर्जिकल स्ट्राइक के सपनेः मुख्यमंत्री
पहली बार कश्मीर में चुनी गई सरकार ने संविधान को साक्षी मानकर शपथ ली हैः सीएम
कांग्रेस के अस्तित्व को समाप्त का आ गया है समयः योगी
अकोला /नागपुर/लखनऊ , 12 नवंबर 2024 : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महाराष्ट्र वासियों को सचेत किया कि रामनवमी-गणपति शोभायात्रा पर पथराव व अत्याचार वहीं होते हैं, जहां हम बंटे हैं। अयोध्या, काशी और मथुरा आदि स्थानों पर भी हमें अपमान झेलना पड़ा। लोकसभा चुनाव में अमरावती में तांडव भी इसीलिए हो रहा था। यह देश इसलिए बंटा था, क्योंकि आप बटे थे। हिंदु बटे थे तो काटे जा रहे थे। हम बटे तो पत्थरबाज फिर से रामनवमी और गणपति शोभायात्रा पर पथराव करेंगे। लव-लैंड जेहाद के नाम पर जमीनों पर कब्जा होगा और बेटियों की सुरक्षा खतरे में होगी। उन्होंने जनता को आगाह किया कि जाति के नाम पर बांटने वाले नेता देश के साथ विश्वासघात कर रहे हैं। हमें बंटना नहीं है, बंटेंगे तो कटेंगे। एक रहेंगे तो सेफ रहेंगे।
महाअनाड़ी गठबंधन ने महाराष्ट्र को बना दिया लव-लैंड और पैनकार्ड जिहाद का नया अड्डा
सीएम योगी ने कहा कि यह चुनावी समर दो बड़े गठबंधन के बीच में है। एक तरफ पीएम मोदी के नेतृत्व में एक भारत-श्रेष्ठ भारत बनाने को लेकर भाजपा का महायुति गठबंधन है तो दूसरी तरफ राष्ट्र की अस्मिता के साथ खिलवाड़ करने वाला, महाराष्ट्र को लव जिहाद, लैंड जिहाद व पैनकार्ड जिहाद का नया अड्डा बनाने वाला महाअनाड़ी गठबंधन है। इनका न कोई नेता है और न ही नीति। भारतवासियों की प्रेरणा भूमि महाराष्ट्र बार-बार प्रयोगशाला नहीं बनेगी। लैंड जेहाद, लव जेहाद, धर्मांतरण, पैनकार्ड जिहाद की समस्या का समाधान भाजपा की डबल इंजन सरकार है। यह सरकार बुलेट की स्पीड से विकास कराती है तो देशद्रोही तत्वों को ‘राम नाम सत्य’ की यात्रा पर भी भेजती है।
पहली बार कश्मीर में चुनी गई सरकार ने संविधान को साक्षी मानकर शपथ ली है
सीएम योगी ने कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में नए भारत का दर्शन कर रहे हैं। अब कश्मीर में अलग संविधान नहीं है। पहली बार कश्मीर में चुनी गई सरकार ने भारत के संविधान को सामने रखकर शपथ ग्रहण किया है। आज जम्मू-कश्मीर विधानसभा व सचिवालय में तिरंगा लहरा रहा है। यह काम नेहरू, इंदिरा गांधी, राजीव गांधी ने नहीं, बल्कि पीएम मोदी और भाजपा ने किया। सीएम ने कहा कि धारा-370 समाप्त होने से पाकिस्तान और उसके हमदर्दों को परेशानी हो रही है।
देश की कीमत पर पाकिस्तान से संबंध बना रही थी यूपीए सरकार
सीएम योगी ने कहा कि चुनाव देश के भाग्य को बनाने-बिगाड़ने वाले होते हैं। 1946 में भी ऐसा चुनाव हुआ था, जिसने भारत के भाग्य को दुर्भाग्य में बदल दिया था। उन्होंने यूपीए व एनडीए गठबंधन का फर्क समझाया। बोले-2014 के पहले कांग्रेस नेतृत्व की यूपीए सरकार देश की कीमत पर पाकिस्तान से संबंध बना रही थी, जबकि नए भारत में पाकिस्तान को आज भी एयर स्ट्राइक और सर्जिकल स्ट्राइक के सपने आते हैं। दुश्मन के अंदर भय होना चाहिए, यह तभी होगा जब भारत मजबूत होगा। कांग्रेस के समय महाराष्ट्र के अंदर सर्वाधिक किसानों ने आत्महत्या की, लेकिन आज किसान सम्मान निधि प्राप्त कर रहा है। सीएम ने कहा कि यूपी के दुर्दांत मााफिया को कांग्रेस ने कई महीनों तक अपने एक राज्य सरकार के अधीन सुरक्षा कवच पहनाकर रखा था। हम लोग सुप्रीम कोर्ट तक लड़े, आज जहन्नुम की यात्रा पर भेज दिया है।
कांग्रेस के अस्तित्व को समाप्त करने का समय आ चुका
सीएम योगी ने कहा कि कांग्रेस को 60-65 वर्ष तक शासन का अवसर मिला, लेकिन उन्होंने राम मंदिर का निर्माण नहीं कराया, क्योंकि राम उनके एजेंडे में थे ही नहीं। वे कहते थे कि राम-कृष्ण हुए ही नहीं, लगता है कि सृष्टि के प्रारंभ में कांग्रेस ही पैदा हुई थी, इसलिए ‘डिस्कवरी ऑफ इंडिया’ लिख दिया। जो कांग्रेस हमारे अस्तित्व को नकारने का प्रयास करती है, उस कांग्रेस के अस्तित्व को समाप्त करने का समय आ चुका है। यह देश तुष्टिकरण से नहीं, संतुष्टिकरण से चल रहा है। सीएम योगी ने कहा कि हरियाणा की हैट्रिक के बाद महाराष्ट्र व झारखंड में भी डबल इंजन सरकार ही बनेगी।
भारत में रहकर पाकिस्तान का झंडा लहराने वाले को वहीं भेज देना चाहिए
सीएम योगी ने कहा कि जो भारत के अंदर रहकर पाकिस्तान का झंडा लहराएगा तो उसे वहीं भेज देना चाहिए। यहां रहकर भारत मां के प्रति अपशब्द, दैवीय महापुरुषों के प्रति अपमानजनक टिप्पणी स्वीकार नहीं है। सीएम ने महाराष्ट्रवासियों को 2025 प्रयागराज महाकुंभ में आमंत्रित किया।
सीएम योगी ने महापुरुषों को किया याद
सीएम योगी ने कहा कि महाराष्ट्र भारत की प्रेरणा भूमि है। सीएम ने महाराष्ट्र की धरती पर छत्रपति शिवाजी महाराज, बाल गंगाधर तिलक, साहू जी महाराज, पेशवा बाजीराव, वीर सावरकर, बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर को याद किया। उन्होंने कहा कि नागपुर की धरती ने दुनिया के सबसे बड़े सामाजिक-सांस्कृतिक संगठन आरएसएस की नींव रखी।
सीएम योगी ने इन प्रत्याशियों के लिए मांगा वोट
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अचलपुर विधानसभा से भाजपा प्रत्याशी प्रवीण तायडे, मेलघाट से केवलराम काले, मोर्शी से उमेश (चंदू) यवलकर, अकोला पूर्वी से प्रत्याशी रणधीर सावरकर, अकोला पश्चिम विधानसभा प्रत्याशी से विजय कमलकिशोर अग्रवाल, बालापुर से बलिराम सिरस्कर (शिंदे गुट), नागपुर दक्षिण से मोहन गोपाल राव मते, नागपुर मध्य से प्रवीण प्रभाकरराव दटके के पक्ष में जनसभा की।
शीर्ष समिति की बैठक में मुख्य सचिव ने महाकुंभ की तैयारियों पर जताई खुशी, दिए आवश्यक दिशा निर्देश
पीएम मोदी और सीएम योगी के डिजिटल और स्वच्छ महाकुंभ के संकल्प को हर हाल में किया जाएगा साकार
साफ सफाई का रखा जाएगा विशेष ध्यान, तकनीक के इस्तेमाल से सुनिश्चित की जाएगी सफाई और निगरानी
साफ सफाई के साथ ही मेला क्षेत्र में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट का निस्तारण भी किया जाएगा सुनिश्चित
प्लास्टिक फ्री महाकुंभ को प्रोत्साहित करने के लिए मेला क्षेत्र में दोना, पत्तल और जूट के थैले का हो इस्तेमाल
एक-एक व्यक्ति से अलग-अलग मिलकर लैंड अलॉटमेंट की प्रक्रिया को पहनाया जाए अमली जामा
पूरे प्रयागराज में डिजिटल साइनेज और मल्टीलिंग्वल साइनेज लगाने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए
प्रयागराज, 12 नवंबर 2024: योगी सरकार महाकुंभ को स्वच्छ और डिजिटल महाकुंभ के रूप में प्रदर्शित करने पर खास फोकस कर रही है। इसी क्रम में मंगलवार को प्रदेश सरकार के मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह ने शीर्ष समिति की 15वीं बैठक में अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश प्रदान किए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप इस महाकुंभ को डिजिटल और स्वच्छ महाकुंभ के तौर पर प्रदर्शित करने के लिए जो भी आवश्यक कदम हैं वो उठाए जाने चाहिए। पूरे शहर और कुंभ मेला क्षेत्र में डिजिटल साइनेज होने चाहिए। सफाई की पर्याप्त व्यवस्था होनी चाहिए। प्रत्येक स्थान पर डस्टबिन हो, उसके साथ सफाई कर्मी और कूड़ा उठाने वाली गाड़ी के बीच समन्वय होना चाहिए।
विपरीत परिस्थितियों के बावजूद तेजी से हो रहा काम
मुख्य सचिव ने प्रयागराज मेला प्राधिकरण के सभागार में आयोजित बैठक में कहा कि महाकुंभ को लेकर जो तैयारियां चल रही हैं वो बहुत अच्छी हैं। विपरीत परिस्थितियों और बारिश के बावजूद भी काम पूरी गति से आगे बढ़ रहा है। जितने भी विभाग यहां तैयारियों को अंजाम दे रहे हैं, सभी अपने कार्यों को 30 दिसंबर तक हर हाल में पूरा कर लेंगे। एयरपोर्ट पर नाइट लैंडिंग को लेकर जो भी समस्याएं हैं, उसके विषय में भारत सरकार के साथ विमर्श किया जाएगा। उम्मीद है कि मेला की शुरुआत तक इस समस्या को हल कर लिया जाएगा। अधिक से अधिक फ्लाइट्स को ऑपरेट करने का प्रयास किया जा रहा है।
तकनीक के इस्तेमाल से सुनिश्चित हो साफ सफाई
उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों में हमने कुंभ के आयोजन में कई रिकॉर्ड स्थापित किए हैं। खासतौर पर स्वच्छ कुंभ को लेकर काफी काम किया गया है। पहले कुंभ शुरू होने और खत्म होने तक दुर्दशा होती थी, लेकिन अब इनोवेशन का अधिक से अधिक इस्तेमाल कर स्थितियों में क्रांतिकारी बदलाव लाया गया है। इस महाकुंभ को भी स्वच्छता के दृष्टिकोण से अद्भुत बनाना है। साफ सफाई का विशेष ध्यान रखा जाएगा। तकनीक के इस्तेमाल से सफाई और उसकी निगरानी सुनिश्चित की जाएगी। सफाई की यही कार्ययोजना यूरिनल्स को लेकर भी बनाई जाए। वहां पानी रुकना नहीं चाहिए। सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट का निस्तारण सुनिश्चित होना चाहिए। जहां-जहां डस्टबिन लगाए जाने हैं उन्हें सफाई कर्मी के साथ और सफाई कर्मी का वेस्ट उठाने वाली गाड़ी के साथ समन्वयन होना चाहिए। क्लीनिंग के लिए खास टीम होनी चाहिए।
प्लास्टिक फ्री महाकुंभ को करें प्रोत्साहित
उन्होंने कहा कि कोई भी नाला खुला नहीं होना चाहिए। नाले का पानी नदी में नहीं जाना चाहिए। आवश्यकता हो तो स्पेशलाइज्ड टीमों को इसमें लगाया जाना चाहिए। नालों के साथ-साथ सॉलिड वेस्ट का निस्तारण प्राथमिकता में होना चाहिए। कोई भी डस्टबिन भरा हुआ नहीं होना चाहिए। उन्होंने निर्देश दिया कि शहर में जहां-जहां कम्युनिटी टॉयलेट्स हैं, वहां लोग टेबल लगाकर न बैठें। साथ ही, एंट्रेंस एरिया खाली रहना चाहिए, ताकि किसी को असुविधा न हो। सफाई कर्मियों के खाने पीने की व्यवस्था जहां वो हों वहीं सुनिश्चित करें। मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप प्लास्टिक फ्री महाकुंभ को प्रोत्साहित करें। दोना, पत्तल, जूट के थैले सब्सिडाइज्ड होने चाहिए, ताकि अधिक से अधिक लोग इसको इस्तेमाल करें। हाथ से दोना और पत्तल बनाने वालों को भी मेला क्षेत्र में स्टॉल दिलाए जाने की व्यवस्था की जाए। पेंट माई सिटी के तहत ओवरब्रिज और आरओबी पर बड़े आर्टिस्ट्स द्वारा पेंटिंग्स को लगाया जाना चाहिए।
सभी से अलग-अलग मिलकर आगे बढ़े अलॉटमेंट की प्रक्रिया
मुख्य सचिव ने कहा कि लैंड अलॉटमेंट में किसी तरह का विवाद नहीं होना चाहिए। उन्होंने मेलाधिकारी को निर्देश दिया कि एक-एक कर लोगों से बात करें और कार्यवाही सुनिश्चित करें। इसके साथ ही मेला क्षेत्र में लग रहे टेंट सिटी पर उन्होंने कहा कि टेंट्स में दिया जाने वाला सामान नया होना चाहिए। कोई भी पुराना सामान न दिया जाए, ये सुनिश्चित किया जाएगा। डिजिटल कुंभ को लेकर उन्होंने कहा कि डिजिटल कुंभ को प्रत्येक विभाग द्वारा प्रोत्साहित किया जाए। अधिकतर लोग एप का इस्तेमाल नहीं करते, उनके लिए डिजिटल साइनेज और मल्टीलिंग्वल साइनेज लगाने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। कहीं किसी भी चीज की कमी हो तो उसे तुरंत रिजॉल्व किया जाए। उन्होंने कहा कि शहर में चल रहे हॉर्टीकल्चर का काम तेजी से पूरा कराया जाए। सड़क बनने के बाद राइडिंग क्वालिटी बेहतर होनी चाहिए। इसकी थर्ड पार्टी से जांच भी कराई जाए। जिन सड़कों पर काम हो रहा है, वहां सीवेज का काम दुरुस्त कराया जाए।
10 प्रस्तावों को मिली सैद्धांतिक मंजूरी
मेलाधिकारी विजय किरण आनंद ने मुख्य सचिव के समक्ष अनुमोदन के लिए 10 प्रस्ताव भी रखे, जिन्हें सैद्धांतिक सहमति प्रदान की गई। इसमें लोक निर्माण विभाग और सीएंडडीएस के दो-दो और नगर निगम, मेला प्राधिकरण, पर्यटन विभाग, जल निगम नगरीय, सूचना विभाग और राज्य सड़क परिवहन विभाग का एक-एक प्रस्ताव शामिल रहा। इसमें प्रयागराज मेला प्राधिकरण द्वारा जनवरी में कराए जाने वाले कुंभ कॉनक्लेव के लिए 2.35 करोड़ रुपए, पर्यटन विभाग द्वारा परेड ग्राउंड में 55 प्रीमियम टेंट लगाने के लिए 3.51 करोड़, दारागंज बक्सी बांध तिराहा से दशाश्वमेध घाट तक मार्ग प्रकाश व्यवस्था के लिए 1.83 करोड़ रुपए की परियोजनाओं को मंजूरी प्रदान की गई। इसके अतिरिक्त पेंट माइ सिटी में बचत की धनराशि से 5 लाख स्क्वायर फीट कार्य कराने, लोक निर्माण विभाग द्वारा अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद सर्किट हाउस में फर्नीचर एवं फर्निशिंग के लिए 3.92 करोड़, उत्तर प्रदेश जल निगम द्वारा झूंसी में छतनाग रोड से 16 एमएलडी एवं 50 केएलडी एफएसटीपी (को-ट्रीटमेंट प्लांट) तक सीमेंट्र कंक्रीट रोड के निर्माण हेतु 2.41 करोड़, सूचना विभाग द्वारा महाकुंभ में डिजिटल साइनेज लगाने के लिए 10 करोड़, सीएंडडीएस द्वारा बक्शी बांध वेंडिंग जोन में सीसी रोड विकास के लिए 3.24 करोड़, लोक निर्माण विभाग द्वारा आईसीसीसी के रेनोवेशन के लिए 50 लाख और यूपीएसआरटीसी द्वारा अस्थाई बस स्टेशनों के निर्माण के लिए 1.14 करोड़ रुपए की अतिरिक्त धनराशि आवंटन को सैद्धांतिक सहमति प्रदान की गई।
लोक सेवा आयोग उत्तर प्रदेश द्वारा आयोजित पीसीएस और आरओ/एआरओ प्रारंभिक परीक्षा में मानकीकरण को लेकर शिक्षाविदों और विषय के विशेषज्ञों ने छात्रों के विरोध पर जताई हैरानी
विशेषज्ञ बोले- प्रशासनिक परीक्षाओं की तैयारी कर रहे प्रतियोगी छात्रों से उम्मीद की जाती है कि पहले वह पूरी प्रक्रिया को अच्छी तरह समझें और फिर कोई निर्णय लें
जो छात्र स्वयं प्रशासनिक परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं उन्हें चिंतन करना चाहिए कि इस तरह सड़कों में उतरकर अव्यवस्था उत्पन्न करने का आचरण उनसे अपेक्षित व्यवहार से मेल नहीं खाताः प्रो योगेश्वर तिवारी
प्रशासनिक सेवाओं की परीक्षाओं में गुणात्मक सुधार की आवश्यकता, कई राज्यों में अमल में लाई जा रही प्रणाली, इस आधार पर भी इसे लागू करने का विरोध समझ से परेः डॉक्टर अपूर्वा भार्गव
प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों ने भी विरोध को तकनीकी विषय नहीं बल्कि कुछ सियासी दलों द्वारा अपनी सियासत को धार देने के लिए पूर्व नियोजित बताया
प्रयागराज/लखनऊ, 12 नवंबर 2024: लोक सेवा आयोग उत्तर प्रदेश द्वारा आयोजित की जा रही पीसीएस और आरओ/एआरओ प्रारंभिक परीक्षा में मानकीकरण (नॉर्मलाइजेशन) को लेकर शिक्षाविदों और विषय के विशेषज्ञों ने अपनी बात कही है।आंदोलित छात्रों की तरफ से परीक्षा में प्रकिया को लेकर दिए जा रहे बयानों पर विशेषज्ञों का कहना है कि प्रशासनिक परीक्षाओं की तैयारी कर रहे प्रतियोगी छात्रों से उम्मीद की जाती है कि वह प्रक्रिया को पहले समझेंगे। छात्रों को मानकीकरण की प्रक्रिया की वास्तविक स्थिति की जानकारी लेने के उपरांत ही कोई निर्णय लेना चाहिए। वहीं, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्र भी इस विरोध को सियासी दलों की चाल बता रहे हैं।
कई राज्यों में अमल में लाई जा रही प्रणाली, विरोध समझ से परे
इलाहाबाद विश्वविद्यालय के प्रोफेसर योगेश्वर तिवारी का कहना है कि जो छात्र स्वयं प्रशासनिक सेवाओं की परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं उन्हें चिंतन करना चाहिए कि इस तरह सड़कों में उतरकर अव्यवस्था उत्पन्न करने का आचरण उनसे अपेक्षित व्यवहार से कैसे मेल खाता है। आंदोलित छात्रों को मानकीकरण की प्रक्रिया की वास्तविक स्थिति की जानकारी लेने के उपरांत ही कोई निर्णय लेना चाहिए। इधर मानकीकरण की प्रक्रिया पर भी विषय विशेषज्ञों ने अपनी राय रखी है। शिक्षाविद और काउंसलर डॉक्टर अपूर्वा भार्गव का कहना है कि मानकीकरण की प्रक्रिया का विरोध अगर इस आधार पर कुछ आंदोलित छात्र कर रहे हैं कि इसमें उस विषय के अंतर्गत आने वाले विभिन्न सेक्शन में सरल और कठिन प्रश्नों के पूछे जाने से समान लाभ सबको नहीं मिलेगा तो यह उचित नहीं है। प्रशासनिक सेवाओं की परीक्षाओं में गुणात्मक सुधार की आवश्यकता हमेशा से रही है, ताकि इस सेवा के योग्य अभ्यर्थियों को इसमें स्थान मिल सके। मानकीकरण की प्रक्रिया भी इसी परीक्षा में गुणात्मक सुधार का एक प्रयास है। पहले से कई राज्यों में यह प्रणाली अमल में लाई जा रही है इस आधार पर भी इसे लागू करने का विरोध समझ से परे है।
मानकीकरण में छात्रों का ही फायदा
शिक्षाविद् और विशेषज्ञों के अतिरिक्त कई निजी शिक्षा संस्थान संचालित कर रहे लोगों का भी मानना है कि छात्रों को मानकीकरण की प्रक्रिया को समझना चाहिए। अनएकेडमी प्रयागराज के सेंटर हेड अमित त्रिपाठी ने भी पूरी प्रक्रिया का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया तो बहुत पहले लागू कर देनी चाहिए थी, क्योंकि इसमें काबिल छात्रों का ही फायदा है। नीट परीक्षा में भी इसे लागू किया गया था। यही नहीं, दूसरे राज्य भी कई परीक्षाओं में इसे शामिल कर चुके हैं और वहां इसका कोई विरोध भी नहीं हुआ। यहां इसका विरोध क्यों हो रहा है, ये समझना मुश्किल है। शासन तंत्र को इस प्रक्रिया के सकारात्मक पक्षों को प्रतियोगी परीक्षाओं के छात्रों को समझाना चाहिए।
सियासी दलों की नीयत पर प्रतियोगी छात्रों की नाराजगी
इधर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्र भी इस विरोध को तकनीकी विषय नहीं बल्कि कुछ सियासी दलों द्वारा अपनी सियासत को धार देने के लिए पूर्व नियोजित बता रहे हैं। यूपी के बलिया के रहने वाले प्रशासनिक सेवाओं की तैयारी कर रहे अनुज सिंह का कहना है कि छात्रों की इस भीड़ में एक सियासी दल के नेता भी अपना सियासी मकसद लेकर कूद पड़े थे जिसकी वीडियो भी सोशल मीडिया में वायरल हो रही है। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे देवेंद्र प्रताप का कहना है कि सियासी दल इसी फिराक में रहते हैं कि उन्हें जहां भी जन समुदाय एकत्र मिले उसे अपने राजनीतिक फायदे के लिए इस्तेमाल करे। यहां भी यही कोशिश हुई है।
आयोग ने भी अपनी बात छात्रों के सामने रखी
इधर लोक सेवा आयोग के सचिव अशोक कुमार का कहना है कि छात्रों की सुविधा और मांग पर ही शासन ने परीक्षा संबंधी नियमावली में बदलाव किया है। जब छात्रों ने आयोग के सामने प्रदर्शन कर यह मांग रखी थी कि निजी स्कूल-कॉलेजों को केंद्र न बनाया जाए और परीक्षा केंद्रों की दूरी अधिक न हो। तब उनकी मांगों पर ही राजकीय और एडेड कॉलेजों को केंद्र बनाया जा रहा है और दूरी दस किमी रखी गई है। उनका यह भी कहना है कि मानकीकरण सामान्य प्रक्रिया है और अधिकांश परीक्षाओं में इसे किया जा रहा है। आयोग ने भी विशेषज्ञों से फॉर्मूले पर राय ली है। इसमें किसी तरह के भेदभाव की कोई गुंजाइश ही नहीं है।