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गुरुवार को फिर झारखंड के तीसरे दौरे पर रहेंगे सीएम योगी

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  • भाजपा प्रत्याशियों के लिए तीन जनसभाओं को करेंगे संबोधित
  • पांच नवंबर व 11 नवंबर को भी यहां मतदाताओं से संवाद स्थापित कर चुके हैं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री

लखनऊ, 13 नवंबर2024: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरुवार को फिर झारखंड दौरे पर रहेंगे। वे यहां तीन जनसभाओं को संबोधित करेंगे। सीएम इसके पहले पांच नवंबर और 11 नवंबर को भी झारखंड में रैली कर चुके हैं।

गुरुवार को सीएम योगी की पहली जनसभा धनबाद जनपद में होगी। सीएम योगी यहां निरसा विधानसभा सीट से प्रत्याशी अर्पणा सेन गुप्ता के पक्ष में रैली करेंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की दूसरी जनसभा बोकारो विधानसभा क्षेत्र में होगी। यह रैली लाइब्रेरी ग्राउंड सेक्टर-5 में होगी। बोकारो से विधायक व प्रत्याशी बिरंची नारायण चुनाव मैदान में हैं।

सीएम योगी की गुरुवार को तीसरी व आखिरी जनसभा बोकारो जनपद के बेरमो विधानसभा क्षेत्र में होगी। यहां से भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार रविंद्र पांडेय के लिए सीएम योगी मतदाताओं से संवाद स्थापित करेंगे।

महाराष्ट्र चुनाव प्रचार में सीएम योगी का तंजः ड्राइविंग सीट पर बैठने के लिए महाअघाड़ी में छीना झपटी

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  • उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ बनाने वाली भाजपा के लिए महाराष्ट्रवासियों से मांगा समर्थन
  • कांग्रेस की चार पीढ़ियां भी नहीं समाप्त कर सकती धारा-370ः सीएम योगी
  • महाअघाड़ी की गाड़ी के टायर हो गए गायबः सीएम योगी
  • मुस्लिम तुष्टिकरण की राह पर चलकर देश की क्षति करना चाहते हैं ‘महाअनाड़ी’ गठबंधन के लोगः योगी
  • ‘महाअनाड़ी’ गठबंधन के पास न नीति है और न ही देश को आगे बढ़ाने की नीयतः मुख्यमंत्री

वाशिम/थाणे/लखनऊ , 13 नवंबर 2024: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुधवार को भी महाराष्ट्र दौरे पर रहे। उन्होंने ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ बनाने वाली भाजपा के लिए मतदाताओं से समर्थन मांगते हुए महायुति व महाअघाड़ी गठबंधन के फर्क को समझाया। बोले कि पीएम मोदी के नेतृत्व में महायुति गठबंधन (भाजपा, शिवसेना-शिंदे गुट, एनसीपी- अजीत पवार गुट) मिलकर महाराष्ट्र के विकास के लिए कार्य कर रहा है, जबकि महाअघाड़ी के पास ऐसी गाड़ी है, जिसमें स्टेयरिंग नहीं है। उस गाड़ी के टायर भी गायब हो गए हैं। ड्राइविंग सीट पर बैठने के लिए आपस में छीनाझपटी हो रही है। कांग्रेस के नेतृत्व में समाज व राष्ट्रदोही तत्वों को गले का हार बनाने वाले महाअनाड़ी गठबंधन के पास न नीति है और न ही देश को आगे बढ़ाने की नीयत। इनके पास नैतिक बल भी नहीं है। अनैतिक अनाड़ी गठबंधन के रूप में महाअघाड़ी चुनावी समर में है। यह लोग मुस्लिम तुष्टिकरण की राह पर चलकर देश की क्षति करना चाहते हैं।

सीएम योगी ने बुधवार को कारंजा विधानसभा क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी की प्रत्याशी सईप्रकाश डहाके, वाशिम विधानसभा से प्रत्याशी श्याम रामचरण खोड़े, उल्हासनगर विधानसभा से भारतीय जनता पार्टी ने कुमार उत्तम चंद आयलानी, मीरा भाईंदर से उम्मीदवार नरेंद्र लालचंद जी मेहता, ओवला माजीवाड़ा से शिवसेना शिंदे गुट के प्रताप सरनाइक के लिए जनसभा की।

कांग्रेस की चार पीढ़ियां भी कश्मीर में धारा-370 लागू नहीं कर सकती

सीएम योगी ने कहा कि 2014 के पहले पाकिस्तान भारत में घुसपैठ करता था। हम लोग कार्रवाई की मांग करते थे तो कांग्रेस नेतृत्व की यूपीए सरकार कहती थी कि बोलिए मत, संबंध खराब हो जाएगा। हमने 10 वर्ष में बदलते भारत को देखा है। पीएम मोदी के नेतृत्व में बदलता भारत अपने सीमा की सुरक्षा करना जानता है। भारत किसी को छेड़ता नहीं है, लेकिन छेड़ने वाले को छोड़ता भी नहीं है। सीएम योगी ने कहा कि आतंकवाद की जड़ धारा-370 अब समाप्त हो गई। कांग्रेस फड़क रही कि इसे फिर से लागू किया जाए, लेकिन पीएम मोदी जी ने कह दिया है कि कांग्रेस की चार पीढ़ियां भी कश्मीर में धारा-370 लागू नहीं कर सकती। सीएम योगी ने कहा कि बंजारा समुदाय कभी अस्तित्व के लिए जूझ रहा था, लेकिन आज उसे शासन की मुख्य धारा से जोड़ा गया है। भाजपा सरकार ने यहां के बाबू सिंह महाराज को एमएलसी बनाया है। जो देश विरोधी तत्व बंजारा समुदाय का धर्मांतरण करके उन्हें गुमराह करने का प्रयास कर रहे थे, वे अब सफल नहीं हो पाएंगे।

खजाने को लूटती रही कांग्रेस, महिला, नौजवान व गरीब कांग्रेस के एजेंडे में नहीं, यह बांटने वाले लोग हैं

पीएम मोदी के नेतृत्व में गरीबों के कल्याण के लिए अनेक कार्यक्रम चल रहे हैं। वन डिस्ट्रिक्ट-वन मेडिकल कॉलेज, हर घर नल, पीएम आवास, आयुष्मान भारत, नौजवानों के रोजगार की योजना चलाई जा रही है। लाडली बहना योजना के माध्यम से हर महिला के खाते में हर महीने 2100 रुपये देने की व्यवस्था की गई है तो वहीं महाअघाड़ी ने कोरोना जैसी बीमारी के दौरान भी कुछ नहीं किया। खजाने को लूटते रहे। कांग्रेस ने सर्वाधिक समय तक शासन किया, लेकिन विकास-सुरक्षा व समृद्धि नहीं कर पाए। 65 वर्ष में जो कार्य कांग्रेस नहीं कर पाई, वह कार्य डबल इंजन सरकार ने कर दिया। अयोध्याधाम में फिर से भगवान राम को विराजमान कर दिया। कांग्रेस को आस्था की चिंता होती तो 500 वर्ष की समस्या का समाधान 1947 में ही हो गया होता।

सीएम योगी ने कहा कि महिला, नौजवान, गरीब कभी कांग्रेस के एजेंडे में नहीं थे। यह जाति, क्षेत्र, भाषा, मत-मजहब के आधार पर बांटने वाले लोग हैं। इन लोगों ने पहले देश, फिर समाज को बांटा। फिर आतंकवाद को पालने-पासने का कार्य किया। कहीं नक्सलवाद, अराजकता पैदा किया। अब फिर बांटने की राजनीति कर रहे हैं। सीएम ने महाराष्ट्रवासियों से कहा कि इतिहास गवाह है कि बंटे थे तो कटे थे। बंटिए मत, बंटेगे तो कटेंगे। एक हैं तो सेफ हैं। चुनाव में बंटना नहीं है। आपस में लड़ना नहीं है, बल्कि एक भारत-श्रेष्ठ भारत बनाने वाली भाजपा का आशीर्वाद व समर्थन देना है।

सीएम योगी ने महापुरुषों को किया नमन

सीएम योगी ने कहा कि महाराष्ट्र की धरती पर महापुरुषों को भी नमन किया। उन्होंने छत्रपति शिवाजी महाराज, बाल गंगाधर तिलक, साहू जी महाराज, पेशवा बाजीराव, वीर सावरकर, बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर आदि महापुरुषों को याद किया।

सीएम योगी के प्रयासों से आज सशक्त और सुरक्षित महसूस कर रहीं प्रदेश की महिलाएं

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  • मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मिशन शक्ति अभियान की हुई सराहना, ली गई सामूहिक शपथ
  • लखनऊ विश्वविद्यालय में आयोजित हुआ सामूहिक शपथ ग्रहण समारोह
  • वक्ताओं ने मिशन शक्ति अभियान को बताया महिला सुरक्षा की दिशा में कारगर कदम

लखनऊ, 13 नवंबर2024: प्रदेश में महिला सुरक्षा, सम्मान और सशक्तिकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में चलाए जा रहे मिशन शक्ति कार्यक्रम के तहत विभिन्न पहल निरंतर जारी हैं। इसी कड़ी में लखनऊ विश्वविद्यालय में मिशन शक्ति के पंचम चरण के अंतर्गत एक सामूहिक शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन किया गया। समारोह के दौरान वक्ताओं ने मिशन शक्ति अभियान को पूरे प्रदेश में महिलाओं के लिए एक सकारात्मक और सुरक्षित माहौल बनाने की दिशा में कारगर प्रयास बताया। सभी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की इस बात को लेकर विशेष रूप से सराहना की कि उन्होंने यह सुनिश्चित किया है कि ऐसे कार्यक्रमों से समाज में जागरूकता बढ़े। वक्ताओं ने कहा कि सीएम योगी आदित्यनाथ के ‘मिशन शक्ति’ अभियान से आज प्रदेश की महिलाएं स्वयं को सशक्त और सुरक्षित महसूस कर रही हैं।

समारोह के दौरान कुलपति आलोक राय ने उपस्थित सभी लोगों को एक शपथ दिलाई, जिसमें उन्होंने यह प्रतिबद्धता व्यक्त की कि विश्वविद्यालय का हर सदस्य महिलाओं के लिए सुरक्षित, सम्मानजनक और समावेशी वातावरण बनाने के लिए कार्यरत रहेगा। शपथ के मुख्य बिंदुओं में महिला उत्पीड़न या दुर्व्यवहार की स्थिति में मूक दर्शक न बनने, आवाज उठाने और हस्तक्षेप करने का संकल्प शामिल था। साथ ही यह भी कहा गया कि पीड़ित महिला का हरसंभव समर्थन किया जाएगा और अन्य लोगों को भी इसके लिए प्रेरित किया जाएगा। कुलपति ने अपने संबोधन में कहा कि यह शपथ केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि हमारे समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का एक सशक्त कदम है। हमें इसे अपने व्यवहार और कार्यों में उतारना होगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि महिला सुरक्षा और सम्मान के लिए प्रत्येक व्यक्ति की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।

डॉ. मानिनी श्रीवास्तव ने इस अवसर पर मिशन शक्ति के उद्देश्यों और अब तक की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि प्रदेश की योगी आदित्यनाथ की सरकार द्वारा संचालित इस अभियान का उद्देश्य महिलाओं के प्रति किसी भी प्रकार की हिंसा और उत्पीड़न को समाप्त करना है। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित छात्राओं ने भी अपने विचार साझा किए और बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में मिशन शक्ति कार्यक्रम महिलाओं के सशक्तिकरण और सुरक्षा की दिशा में एक अभिनव प्रयास है। कार्यक्रम की अध्यक्षता लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलपति आलोक राय ने की, जबकि इसकी समन्वयक डॉ. मानिनी श्रीवास्तव, नोडल अधिकारी, मिशन शक्ति, लखनऊ विश्वविद्यालय रहीं। इस कार्यक्रम में उपकुलपति प्रोफेसर मनुका खन्ना सहित सभी डीन, विभागाध्यक्ष, शिक्षकों, कर्मचारियों और भारी संख्या में छात्र-छात्राओं ने भाग लिया।

मिशन शक्ति: योगी सरकार बनाएगी 1.25 लाख परिषदीय बालिकाओं को वित्तीय साक्षरता में दक्ष

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  • 31 दिसंबर तक पूरी होंगी बालिकाओं की प्रशिक्षण प्रक्रिया
  • 30 नवंबर तक 3000 नोडल शिक्षकों के प्रशिक्षण की योजना
  • शिक्षक उन्मुखीकरण का कार्य पूर्ण
  • 3000 नोडल शिक्षक करेंगे बालिकाओं को प्रशिक्षित

लखनऊ, 13 नवंबर 2024: उत्तर प्रदेश में योगी सरकार ने परिषदीय विद्यालयों की 1.25 लाख बालिकाओं को वित्तीय साक्षरता से सशक्त करने का संकल्प लिया है, जिसे 31 दिसंबर तक पूरा करने का लक्ष्य है। इस पहल का उद्देश्य बालिकाओं को वित्तीय ज्ञान और प्रबंधन कौशल से सशक्त बनाना है ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें और आर्थिक रूप से जागरूक हो सकें।

मिशन शक्ति के अंतर्गत योगी सरकार का लक्ष्य 80 हजार कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों (केजीबीवी), 35 हजार पीएम श्री योजना के विद्यालयों और 10 हजार अन्य उच्च प्राथमिक विद्यालयों की बालिकाओं को वित्तीय शिक्षा देना है। यूनिसेफ के तकनीकी सहयोग से चलने वाले इस अभियान में बालिकाओं को बचत, बैंकिंग, डिजिटल पेमेंट, बीमा और अन्य वित्तीय विषयों की जानकारी देकर उन्हें आर्थिक रूप से सक्षम बनाने का प्रयास किया जाएगा।

शिक्षकों के उन्मुखीकरण का कार्य पूर्ण

अभियान की प्रभावशीलता बढ़ाने हेतु 28 अक्टूबर को यूनिसेफ के सहयोग से 2200 शिक्षकों के उन्मुखीकरण का कार्य पूरा कर लिया गया है। 30 नवंबर तक 3000 नोडल शिक्षकों का प्रशिक्षण भी पूरा करने की योजना है, जो बाद में बालिकाओं को वित्तीय साक्षरता का प्रशिक्षण देंगे।

यह होगा प्रशिक्षण पाठ्यक्रम और सामग्री

इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में बालिकाओं को विभिन्न वित्तीय अवधारणाएं, धन का प्रबंधन, डिजिटल भुगतान, बीमा और जोखिम प्रबंधन, मुद्रा की पहचान, और वित्तीय धोखाधड़ी से बचाव के उपायों की जानकारी दी जाएगी। साथ ही, करियर जागरूकता के तहत भविष्य के रोजगार अवसरों से भी परिचित कराया जाएगा।

सीखेंगी बेटियां

  1. परिवार की कुल आय के अनुसार खर्च प्रबंधन के माध्यम से भविष्य की आवश्यकताओं को संयमित करने के तरीके सिखाए जाएंगे। व्यावहारिक गतिविधियों द्वारा उन्हें वास्तविक जीवन के टास्क दिए जाएंगे।
  2. अनावश्यक खर्चों में कटौती और बचत बढ़ाने के तरीके सिखाए जाएंगे।
  3. आय से बचत योजना बनाने के गुण सिखाए जाएंगे ताकि बड़े खर्चों के लिए पर्याप्त धनराशि जुटाई जा सके।
  4. बैंक खाता खोलना, बैंकिंग सेवाओं की जानकारी, और आपात स्थितियों के लिए बचत का महत्व समझाया जाएगा। चेक बुक, एटीएम कार्ड, ब्याज, सावधि और आवर्ती जमा के विषय में जानकारी दी जाएगी।
  5. कहानियाँ, गतिविधियाँ और बैंक भ्रमण के माध्यम से बालिकाओं को व्यावहारिक अनुभव प्रदान किया जाएगा।
  6. प्रशिक्षण समाप्ति के बाद बालिकाओं को प्रमाण-पत्र दिए जाएंगे, जो उनके कौशल को प्रमाणित करेंगे और आत्मविश्वास बढ़ाएंगे।

बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री ने कहा

बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री संदीप सिंह ने कहा कि यह अभियान बालिकाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। 31 दिसंबर तक प्रशिक्षण पूरा करने की कोशिशें तेजी से जारी हैं। योगी सरकार की यह पहल बालिकाओं को वित्तीय साक्षरता में दक्ष बनाकर उनकी आर्थिक स्वतंत्रता की दिशा में एक बड़ा कदम है।

उत्तर प्रदेश के पहले आयुष विश्वविद्यालय में चलेंगे यूनिक कोर्स, सीएम योगी के ड्रीम प्रोजेक्ट में से एक है गोरखपुर स्थित निर्माणाधीन आयुष विश्वविद्यालय

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  • गोरखपुर में योगी सरकार बना रही है राज्य का पहला आयुष विश्वविद्यालय
  • इस माह के अंत तक निर्माण कार्य पूरा हो जाने की उम्मीद
  • आयुष के स्नातक, परास्नातक के अलावा पीएचडी समेत दर्जनभर नए समयानुकूल कोर्स का होगा संचालन

गोरखपुर/लखनऊ , 13 नवंबर 2024: सिटी ऑफ नॉलेज के रूप में ख्याति अर्जित कर रहे गोरखपुर में प्रदेश के पहले आयुष विश्वविद्यालय का निर्माण कार्य इस माह के अंत तक पूरा हो जाने की उम्मीद है। महायोगी गुरु गोरखनाथ के नाम पर बने इस विश्वविद्यालय में आयुष से जुड़े सभी चिकित्सा पद्धतियों पर पारंपरिक पाठ्यक्रमों के साथ आज के दौर की आवश्यकताओं के अनुरूप यूनिक कोर्स भी चलाए जाएंगे। इसे लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर आयुष विभाग के अफसर देश के अन्य राज्यों में चलाए जा रहे आयुष पाठ्यक्रमों के तुलनात्मक अध्ययन में जुटे हैं ताकि यहां चलाए जाने वाले और नए कोर्स की ड्राफ्टिंग की जा सके। फिलहाल पीएचडी समेत दर्जनभर पाठ्यक्रमों को चलाने की रूपरेखा तैयार कर ली गई है।

भटहट के पिपरी में 52 एकड़ क्षेत्रफल में बन रहे महायोगी गुरु गोरखनाथ आयुष विश्वविद्यालय का शिलान्यास 28 अगस्त 2021 को तत्कालीन राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने किया था। आयुष विश्वविद्यालय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ड्रीम प्रोजेक्ट में से एक है। शिलान्यास के बाद वह यहां आकर कई बार निर्माण कार्य का जायजा ले चुके हैं। अब इसका निर्माण लगभग पूरा हो चुका है। फिनिशिंग से संबंधित जो कुछ कार्य शेष हैं, उसके भी 30 नवंबर 2024 तक पूर्ण हो जाने की उम्मीद है। उल्लेखनीय है कि आयुष विश्वविद्यालय के अस्तित्व में आने से पहले आयुर्वेद, यूनानी, होम्योपैथी, प्राकृतिक चिकित्सा, योग, सिद्धा की चिकित्सा पद्धति, जिन्हें समन्वित रूप में आयुष कहा जाता है, के लिए अलग-अलग संस्थाएं रही हैं। पर, सत्र 2021-22 से प्रदेश के सभी राजकीय और निजी आयुष कॉलेजों का नियमन अब आयुष विश्वविद्यालय से ही होता है। वर्तमान सत्र 2024-25 में प्रदेश के 97 आयुष शिक्षण (आयुर्वेद, होम्योपैथी और यूनानी) के कॉलेज/संस्थान इस विश्वविद्यालय से संबद्ध हैं। इस सत्र में इन सभी कॉलेजों में कुल मिलाकर स्नातक और परास्नातक पाठ्यक्रमों के करीब सात हजार विद्यार्थी अध्ययनरत हैं।

महायोगी गुरु गोरखनाथ आयुष विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एके सिंह बताते हैं कि स्नातक और परास्नातक के साथ मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप समयानुकूल कई और रोजगारपरक पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे। पाठ्यक्रमों को लेकर आयुष विश्वविद्यालय ने जो आगामी कार्ययोजना बनाई है उसमें पीएचडी, बीएससी नर्सिंग आयुर्वेद, बी फार्मा आयुर्वेद, बी फार्मा होम्योपैथ, बी फार्मा यूनानी, पंचकर्म असिस्टेंट डिप्लोमा, पंचकर्म थेरेपिस्ट डिप्लोमा, विदेशी छात्रों के लिए डिप्लोमा, क्षारसूत्र डिप्लोमा, अग्निकर्म डिप्लोमा, उत्तरवस्ति डिप्लोमा और योग नेचुरोपैथी डिप्लोमा शामिल है। इसके अलावा कुछ सर्टिफिकेट कोर्स भी शुरू किए जाएंगे।

आयुष ओपीडी में अबतक एक लाख मरीज ले चुके हैं परामर्श लाभ

आयुष विश्वविद्यालय में आयुष ओपीडी का शुभारंभ 15 फरवरी 2023 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया था। तब से प्रतिदिन यहां आयुर्वेद, होम्योपैथी और यूनानी की ओपीडी में औसतन 300 मरीज परामर्श लेते हैं। ओपीडी शुभारंभ के बाद अब तक करीब एक लाख आयुष चिकित्सकों से परामर्श लाभ ले चुके हैं। अब जल्द ही यहां आयुष अस्पताल शुरू होने से आयुर्वेद, यूनानी, होम्योपैथ योग, प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति आदि से उपचार की बेहतरीन सुविधा भी उपलब्ध होने लगेगी।

हेल्थ टूरिज्म और औषधीय खेती को मिलेगा बढ़ावा, सृजित होंगे रोजगार के अवसर

आयुष चिकित्सा पद्धति को बढ़ावा देने से आयुष हेल्थ टूरिज्म में रोजगार की संभावनाएं भी सृजित होंगी। इस पर गंभीरता से काम किया गया तो प्रदेश के इस पहले आयुष विश्वविद्यालय के आसपास के गांवों के लोगों को रोजगार के किसी न किसी स्वरूप से जोड़ा जा सकता है। आयुष विश्वविद्यालय के पूर्णतः क्रियाशील होने से किसानों की खुशहाली और नौजवानों के लिए नौकरी-रोजगार का मार्ग भी प्रशस्त होगा। लोग आसपास उगने वाली जड़ी बूटियों का संग्रह कर अतिरिक्त आय अर्जित कर सकेंगे। किसानों को औषधीय खेती से ज्यादा फायदा मिलेगा। आयुष विश्वविद्यालय व्यापक पैमाने पर रोजगार और सकारात्मक परिवर्तन का कारक बन सकता है।