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राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने बच्चों के साथ मनाया जन्मदिवस, बच्चों की मुस्कान को बताया सबसे अनमोल तोहफा, सीएम योगी समेत मंत्री व अधिकारियों ने दी शुभकामनाएं

Cm with governor on her birthday
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  • राज्यपाल ने बच्चों के साथ मनाया जन्मदिवस: आनंदीबेन पटेल ने राजभवन में बच्चों के साथ मिलकर अपना जन्मदिवस मनाया।
  • बच्चों को बताया सबसे अनमोल तोहफा: राज्यपाल ने बच्चों की मुस्कान को अपने लिए सबसे बड़ा उपहार बताया।
  • मुख्यमंत्री ने भेंट की पुस्तक: योगी आदित्यनाथ ने पुष्पगुच्छ और पुस्तक “भारतीय संस्कृति के प्रतीक राम” भेंट की।
  • बच्चों की रचनात्मकता की सराहना: बच्चों द्वारा बनाए गए पेंटिंग और कार्ड को राज्यपाल ने सराहा।
  • मंत्रीगण और अधिकारियों ने दी शुभकामनाएं: प्रदेश के मंत्रीगण, कुलपति, और राजभवन के अधिकारियों ने राज्यपाल को जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं।

लखनऊ, 21 नवंबर 2024: उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने अपने जन्मदिवस को खास बनाने के लिए इसे बच्चों के साथ मनाने का अनूठा निर्णय लिया। राजभवन में आयोजित इस विशेष समारोह में बच्चों के साथ मिलकर उन्होंने खुशी के पल साझा किए। इस मौके पर राज्यपाल ने बच्चों को भोजन परोसा, उनकी कला और हुनर की सराहना की और उनकी मुस्कान को अपने लिए सबसे बड़ा उपहार बताया।

राज्यपाल ने बच्चों के साथ बातचीत करते हुए उनकी शिक्षा, रुचियों और सपनों के बारे में जाना। बच्चों ने भी राज्यपाल को अपने हाथों से बनाई गई पेंटिंग, कार्ड और पत्र उपहार में दिए। आनंदीबेन पटेल ने बच्चों की रचनात्मकता की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन समाज में बच्चों के प्रति जुड़ाव को बढ़ावा देने का एक सुंदर माध्यम हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दी शुभकामनाएं

कार्यक्रम के दौरान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी राजभवन पहुंचकर राज्यपाल जी को पुष्पगुच्छ और वसंत निरगुणे द्वारा रचित पुस्तक “भारतीय संस्कृति के प्रतीक राम” भेंट की। मुख्यमंत्री ने उन्हें जन्मदिवस की शुभकामनाएं दीं और उनके सेवा और सादगी भाव की प्रशंसा की।

मंत्रीगण और विश्वविद्यालयों के कुलपति भी रहे उपस्थित

राज्यपाल के जन्मदिवस समारोह में प्रदेश के मंत्रीगण, विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपति, और राजभवन के अधिकारी मौजूद रहे। सभी ने राज्यपाल जी को जन्मदिवस की शुभकामनाएं दीं। राज्यपाल ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनका स्नेह और समर्थन उनके लिए प्रेरणा का स्रोत है।

राजभवन के अधिकारियों और कर्मचारियों का योगदान सराहनीय

राजभवन के अधिकारियों और कर्मचारियों ने इस आयोजन को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाई। राज्यपाल ने इस सहयोग के लिए सभी का धन्यवाद किया। अपर मुख्य सचिव, श्री राज्यपाल डॉ. सुधीर महादेव बोबडे और विशेष कार्याधिकारी शिक्षा डॉ. पंकज एल. जानी सहित अन्य अधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित रहे।

सोलर पैनल से सशक्त हो रहे यूपी के किसान, यूपी बना ऊर्जा का मजबूत केंद्र- सीएम योगी

Cm at taj
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  • वर्ल्ड बैंक और गेट्स फाउंडेशन द्वारा आयोजित “उत्तर प्रदेश – पार्टनरशिप कॉन्क्लेव” में सीएम योगी ने लिया हिस्सा
  • वर्ल्ड बैंक और गेट्स फाउंडेशन के साथ यूपी के विकास की नई पहल
  • यूपी में लगभग एक लाख किसानों को सोलर पैनल उपलब्ध कराए गए- मुख्यमंत्री
  • अब यूपी में इंसेफेलाइटिस से कोई भी मौत नहीं होती- सीएम योगी
  • कृषि क्षेत्र में प्रौद्योगिकी और नवाचार की आवश्यकता- सीएम योगी
  • उत्तर प्रदेश का विकास मॉडल निजी और सरकारी भागीदारी का उत्कृष्ट उदाहरण है- सीएम

लखनऊ, 21 नवंबर 2024: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को उत्तर प्रदेश में आयोजित “पार्टनरशिप कॉन्क्लेव” में प्रदेश के सतत विकास और कृषि क्षेत्र में सुधार की दिशा में प्रौद्योगिकी, सरकारी योजनाओं और निजी क्षेत्र की भागीदारी को आवश्यक बताया। वर्ल्ड बैंक और गेट्स फाउंडेशन के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में विभिन्न राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।

सीएम योगी ने प्रदेश की चुनौतियों और उपलब्धियों को रेखांकित करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में किसानों और कृषि क्षेत्र को नई तकनीकों और संसाधनों से जोड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार की उन उपलब्धियों को साझा किया जिनसे पिछले कुछ वर्षों में बड़े बदलाव आए हैं। सीएम योगी ने कहा कि सोलर पैनल से आज प्रदेश के किसान सशक्त हो रहे हैं, प्रदेश ऊर्जा का मजबूत केंद्र बनकर उभरा है।

इंसेफेलाइटिस से मुक्ति एक प्रेरणादायक सफलता है- सीएम

सीएम योगी ने उत्तर प्रदेश में कभी “मौत का कारण” मानी जाने वाली इंसेफेलाइटिस बीमारी के उन्मूलन को प्रदेश की एक बड़ी सफलता बताते हुए कहा कि 2017 से पहले हर साल इस बीमारी से 1500 से 2000 बच्चों की मौत होती थी, लेकिन राज्य सरकार ने WHO, गेट्स फाउंडेशन, यूनिसेफ और अन्य संस्थाओं के सहयोग से मात्र तीन वर्षों में इस समस्या को पूरी तरह समाप्त कर दिया। उन्होंने कहा कि यह शासन, तकनीक और जनसहभागिता का परिणाम है कि आज यूपी में इंसेफेलाइटिस से कोई मौत नहीं होती।

कृषि क्षेत्र में प्रौद्योगिकी और नवाचार की आवश्यकता- सीएम योगी

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश के पास देश की सबसे उपजाऊ भूमि और जल संसाधन हैं, जो कृषि क्षेत्र में बड़ी संभावनाएं प्रदान करते हैं। उन्होंने बताया कि राज्य में वर्तमान में 89 कृषि विज्ञान केंद्र और 6 कृषि विश्वविद्यालय कार्यरत हैं, जो किसानों को प्रोत्साहित करने और उन्हें नई तकनीकों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अब तक लगभग 1 लाख किसानों को सोलर पैनल उपलब्ध कराए गए हैं, जिससे सिंचाई और बिजली की समस्याओं को हल करने में मदद मिली है। राज्य सरकार ने किसानों को सस्ती बिजली उपलब्ध कराने के लिए भी महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।

टेक्नोलॉजी से किसान को जोड़ने पर सीएम योगी का जोर

सीएम योगी ने कहा कि जब तक किसान नई तकनीकों को अपनाएंगे नहीं, तब तक कृषि क्षेत्र में अपेक्षित वृद्धि नहीं होगी। टेक्नोलॉजी को किसानों तक पहुंचाने के लिए जागरूकता अभियान और एक्सटेंशन प्रोग्राम जरूरी हैं। कृषि विज्ञान केंद्रों और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के माध्यम से किसानों को प्रायोगिक रूप से दिखाया जाए कि नई तकनीकों से खेती में कैसे बदलाव लाया जा सकता है।

सरकारी योजनाओं के साथ-साथ निजी क्षेत्र की भागीदारी भी जरूरी- मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकारी योजनाओं के साथ-साथ निजी क्षेत्र की भागीदारी भी जरूरी है। साझेदारी से ही कृषि उत्पादकता को 3-4 गुना तक बढ़ाया जा सकता है। निजी क्षेत्र को इस दिशा में प्रोत्साहित किया जा रहा है कि वे राज्य के विकास में अपना योगदान दें। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को समय पर गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध कराना, जल संसाधनों का सही उपयोग करना और कृषि से जुड़े स्टार्टअप्स को बढ़ावा देना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सही योजनाओं और उनके प्रभावी क्रियान्वयन से कृषि क्षेत्र में अभूतपूर्व परिवर्तन लाया जा सकता है।

साझा दृष्टिकोण से सतत विकास के मिलेगी गति- योगी

मुख्यमंत्री ने गेट्स फाउंडेशन, वर्ल्ड बैंक और अन्य अंतरराष्ट्रीय संस्थानों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में उनके अनुभव और सहयोग से बदलाव की गति तेज हुई है। उन्होंने कहा कि हमारे लिए यह साझेदारी विकास का आधार है और इससे उत्तर प्रदेश के किसानों और जनता को बेहतर भविष्य मिल सकेगा। पार्टनरशिप कॉन्क्लेव के माध्यम से मुख्यमंत्री ने कृषि और अन्य क्षेत्रों में तकनीक, जागरूकता और नवाचार को बढ़ावा देने की अपील की। कॉन्क्लेव में कैबिनेट मंत्री सूर्य प्रताप शाही, अनिल राजभर, राज्य मंत्री दिनेश प्रताप सिंह, मुख्य सचिव मनोज सिंह समेत संबंधित विभागों के अधिकारी और गणमान्य मौजूद रहे।

लखनऊ में 56 देशों के न्यायविदों और प्रमुख हस्तियों का स्वागत, सीएमएस सम्मेलन में विश्व शांति और एकता पर मंथन

  • 56 देशों के न्यायविदों का स्वागत: सीएमएस ने न्यायविदों और कानूनविदों का भव्य स्वागत किया, जिससे लखनऊ का गौरव बढ़ा।
  • भारतीय संविधान पर केंद्रित थीम: “ए गवर्नेन्स फॉर द फ्यूचर” थीम पर आधारित यह सम्मेलन विश्व शांति और एकता को समर्पित है।
  • ताजमहल का भ्रमण: प्रमुख हस्तियों ने ताजमहल का दीदार कर भारत की सांस्कृतिक धरोहर की सराहना की।
  • डांडिया नाइट का आयोजन: सीएमएस राजाजीपुरम में डांडिया नाइट और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने समा बांधा।
  • मुख्यमंत्री करेंगे उद्घाटन: 22 नवंबर को सीएमएस कानपुर रोड में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे।

लखनऊ, 21 नवंबर 2024: सिटी मोन्टेसरी स्कूल (सीएमएस) द्वारा आयोजित ‘विश्व के मुख्य न्यायाधीशों के 25वें अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन’ में भाग लेने के लिए 56 देशों के मुख्य न्यायाधीशों, कानूनविदों, और प्रमुख हस्तियों का स्वागत उत्तर प्रदेश के उप-मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि यह आयोजन न केवल लखनऊ के गौरव को बढ़ाता है, बल्कि दुनिया को यह संदेश भी देता है कि एकता और शांति के माध्यम से ही भविष्य को उज्जवल बनाया जा सकता है। यह सम्मेलन 22 से 24 नवंबर तक सीएमएस कानपुर रोड ऑडिटोरियम में आयोजित होगा।

मुख्य कार्यक्रम और उद्घाटन समारोह: इस ऐतिहासिक सम्मेलन का उद्घाटन 22 नवंबर को सीएमएस कानपुर रोड ऑडिटोरियम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा किया जाएगा। उप-मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक विशिष्ट अतिथि होंगे। स्वागत समारोह शाम को होगा, जिसमें केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्यमंत्री अनुप्रिया पटेल मुख्य अतिथि होंगी। ‘विश्व के मुख्य न्यायाधीशों का अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन’ इस वर्ष “ए गवर्नेन्स फॉर द फ्यूचर” थीम पर केंद्रित है। यह सम्मेलन भारतीय संविधान के अनुच्छेद 51 के आधार पर विश्व एकता, शांति, और ढाई अरब बच्चों के उज्जवल भविष्य के लिए समर्पित है।

सीएमएस राजाजीपुरम में भव्य स्वागत

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सम्मेलन में भाग लेने वाले 56 देशों के मुख्य न्यायाधीशों और कानूनविद्ों का सीएमएस राजाजीपुरम प्रथम कैंपस में भव्य स्वागत किया गया। स्कूल के छात्रों, शिक्षकों और प्रधानाचार्याओं ने फूल-मालाओं और बैंड-बाजे के साथ इन प्रमुख हस्तियों का अभिनंदन किया। सीएमएस प्रबंधक प्रो. गीता गांधी किंगडन ने इसे एक ऐतिहासिक क्षण बताते हुए कहा कि यह सम्मेलन बच्चों के अधिकारों और एकता की भावना को नई दिशा देगा।

डांडिया नाइट ने बढ़ाया उत्साह

सीएमएस राजाजीपुरम में डांडिया नाइट का आयोजन किया गया, जिसमें छात्रों और शिक्षकों ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर सभी का मन मोह लिया। विभिन्न देशों के अतिथि इस कार्यक्रम से गदगद दिखे। यह आयोजन समाज में शांति और सौहार्द बढ़ाने का संदेश लेकर आया।

ताजमहल का दीदार और सांस्कृतिक धरोहर की प्रशंसा

लखनऊ पहुंचने से पहले, 56 देशों के 200 से अधिक मुख्य न्यायाधीशों और कानूनविदों ने आगरा में ताजमहल और अन्य ऐतिहासिक स्थलों का दौरा किया। उन्होंने भारत की सांस्कृतिक धरोहर की भूरि-भूरि प्रशंसा की।

दत्तक ग्रहण जागरूकता माह-2024: बड़े बच्चों के पुनर्वास पर विशेष संगोष्ठी का आयोजन

cara savitri thakur min central
cara savitri thakur min central
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2015 में दत्तक ग्रहण प्रक्रिया को ऑनलाइन बनाकर इसे अधिक पारदर्शी और सरल किया गया।
  • लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में दत्तक ग्रहण जागरूकता माह-2024 के तहत फॉस्टर केयर और दत्तक ग्रहण पर चर्चा।
  • केंद्रीय दत्तक ग्रहण संसाधन प्राधिकरण (CARINGS) बड़े बच्चों के पुनर्वास और गोद लेने को प्रोत्साहित करने में सक्रिय।
  • जागरूकता बढ़ाने के लिए ऑनलाइन गतिविधियों का आयोजन, जैसे कहानी लेखन, पोस्टर निर्माण और ऑनलाइन सर्वेक्षण।
  • महिला और बाल विकास मंत्री सावित्री ठाकुर ने अनाथ बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए उठाए गए कदमों को रेखांकित किया।

लखनऊ, 21 नवंबर 2024: केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान, लखनऊ में दत्तक ग्रहण जागरूकता माह-2024 के तहत “फॉस्टर केयर और दत्तक ग्रहण के माध्यम से बड़े बच्चों का पुनर्वास” विषय पर एक विशेष संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में केंद्रीय महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर ने मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया।

कार्यक्रम का उद्देश्य अनाथ बच्चों, विशेष रूप से 6 से 18 वर्ष के बच्चों के पुनर्वास के लिए जागरूकता बढ़ाना और फॉस्टर केयर व दत्तक ग्रहण प्रक्रिया को बढ़ावा देना था।

प्रधानमंत्री मोदी की पहल से दत्तक ग्रहण प्रक्रिया सरल और पारदर्शी बनी

संगोष्ठी को संबोधित करते हुए केंद्रीय राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर ने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2015 में दत्तक ग्रहण प्रक्रिया को ऑनलाइन बनाकर इसे अधिक पारदर्शी और सरल बनाया। इस पहल ने हजारों अनाथ बच्चों को एक नया जीवन प्रदान किया है।” उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री के विकसित भारत के सपने में हर अनाथ बच्चे को उज्ज्वल भविष्य, बेहतर शिक्षा और स्वस्थ जीवन प्रदान करना शामिल है।

केंद्रीय दत्तक ग्रहण संसाधन प्राधिकरण (CARA) की भूमिका

इस कार्यक्रम में केंद्रीय दत्तक ग्रहण संसाधन प्राधिकरण (CARA) के योगदान पर विशेष चर्चा की गई। कारा न केवल दत्तक ग्रहण प्रक्रिया को बढ़ावा देने में मदद करता है, बल्कि 6 से 18 वर्ष तक के बच्चों और विशेष आवश्यकताओं वाले बच्चों के लिए स्थायी घर दिलाने के लिए भी काम कर रहा है।

श्रीमती ठाकुर ने कहा, “कारा ने फॉस्टर केयर और दत्तक ग्रहण को प्रोत्साहित करने के लिए जागरूकता अभियान चलाए हैं। इस वर्ष, संगठन ने विशेष रूप से बड़े बच्चों के पुनर्वास पर जोर दिया है।”

राष्ट्रीय दत्तक ग्रहण जागरूकता माह की गतिविधियां

हर साल नवंबर को राष्ट्रीय दत्तक ग्रहण जागरूकता माह के रूप में मनाया जाता है। इस वर्ष, जागरूकता अभियान को ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से चलाया गया।

  • ऑफलाइन गतिविधियां:
    • देश के विभिन्न राज्यों जैसे लद्दाख, असम, मिजोरम, उत्तराखंड, अरुणाचल प्रदेश, महाराष्ट्र, कर्नाटक और पश्चिम बंगाल में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए।
    • संगोष्ठियों, कार्यशालाओं और संवाद सत्रों का आयोजन किया गया।
  • ऑनलाइन पहलें:
    • मायगोव इंडिया प्लेटफॉर्म के सहयोग से CARA ने ऑनलाइन कहानी लेखन, पोस्टर निर्माण और नारे सृजन जैसी गतिविधियां शुरू कीं।
    • सोशल मीडिया के माध्यम से दत्तक ग्रहण प्रक्रिया और फॉस्टर केयर की जानकारी देने के लिए जागरूकता सामग्री साझा की गई।

पुस्तक “किलकारियां” का विमोचन

कार्यक्रम में CARA द्वारा लिखित प्रेरणादायक कहानियों की पुस्तक “किलकारियां” का विमोचन किया गया। इस पुस्तक में उन बच्चों और दत्तक माता-पिता की कहानियां शामिल हैं, जिन्होंने फॉस्टर केयर और दत्तक ग्रहण के माध्यम से अपने जीवन को नया आयाम दिया।

भावी और वर्तमान दत्तक माता-पिता का अनुभव साझा

संगोष्ठी में उपस्थित भावी दत्तक माता-पिता (PAP), दत्तक माता-पिता और वृद्ध दत्तक ग्रहणकर्ताओं ने अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने गोद लेने की प्रक्रिया, उससे जुड़े भावनात्मक पहलुओं और अपने सुझावों पर चर्चा की।

सांस्कृतिक और संवादात्मक सत्र

कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, प्रतियोगिताओं और संवादात्मक सत्रों का भी आयोजन किया गया, जिसने इसे और अधिक प्रभावी और जीवंत बनाया।

गणमान्य लोगों की उपस्थिति

इस कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश की महिला एवं बाल विकास मंत्री बेबी रानी मौर्य, CARA के अधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता और विभिन्न हितधारक समूह उपस्थित रहे।

दत्तक ग्रहण जागरूकता माह-2024 के तहत इस संगोष्ठी ने समाज में दत्तक ग्रहण की प्रक्रिया को बढ़ावा देने और बड़े बच्चों के पुनर्वास के लिए एक सकारात्मक वातावरण बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस पहल के माध्यम से न केवल अनाथ बच्चों के लिए नए अवसर सृजित होंगे, बल्कि समाज को भी एक नई दिशा मिलेगी।

मंत्री नरेंद्र कश्यप ने विभागीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के दिए सख्त निर्देश

मंत्री नरेंद्र कश्यप ने विभागीय योजनाओं के प्रभावी और समयबद्ध क्रियान्वयन पर जोर दिया।
मंत्री नरेंद्र कश्यप ने विभागीय योजनाओं के प्रभावी और समयबद्ध क्रियान्वयन पर जोर दिया।
  • मंत्री नरेंद्र कश्यप ने विभागीय योजनाओं के प्रभावी और समयबद्ध क्रियान्वयन पर जोर दिया।
  • दिव्यांगजनों को मोबाइल कोर्ट और टेबलेट वितरण के माध्यम से सशक्त बनाने की पहल।
  • विश्व दिव्यांग दिवस भव्य रूप से आयोजित करने और योजनाओं का प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने के निर्देश।
  • महाकुंभ 2025 में दिव्यांगजन विभाग का शिविर लगाकर योजनाओं की जानकारी प्रदान की जाएगी।
  • विभागीय रिक्त पदों पर शीघ्र भर्ती और लंबित योजनाओं का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित।

लखनऊ, 21 नवंबर 2024 – प्रदेश के पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नरेंद्र कश्यप ने विधानसभा सचिवालय में आयोजित विभागीय समीक्षा बैठक में अधिकारियों को योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सख्त निर्देश दिए। मंत्री ने कहा कि विभागीय योजनाओं के लिए आवंटित धनराशि का समयबद्ध उपयोग सुनिश्चित किया जाए और पात्र लाभार्थियों तक योजनाओं का लाभ शीघ्र पहुंचाया जाए।

बैठक के मुख्य निर्देश और घोषणाएं

1. योजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन पर जोर

श्री कश्यप ने स्पष्ट किया कि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी स्तर पर देरी स्वीकार्य नहीं होगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी लंबित आवेदन शीघ्र निस्तारित किए जाएं और योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक समय पर पहुंचे।

2. कम्प्यूटर प्रशिक्षण और वित्तीय सहायता पर ध्यान

मंत्री ने कम्प्यूटर प्रशिक्षण (ट्रिपल सी/ओ लेवल) के लाभार्थियों को शीघ्र धनराशि हस्तांतरित करने का आदेश दिया। साथ ही, शादी अनुदान और छात्रवृत्ति योजनाओं की समीक्षा करते हुए लंबित भुगतान को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए।

3. दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण की योजनाएं

दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग की समीक्षा के दौरान मंत्री ने कहा:

  • दिव्यांगजनों की समस्याओं का समाधान मोबाइल कोर्ट के माध्यम से सुनिश्चित किया जाए।
  • टेबलेट वितरण के माध्यम से दिव्यांगजनों को तकनीकी रूप से सशक्त बनाया जाए।
  • दिव्यांगजनों के लिए जागरूकता कार्यशालाएं आयोजित की जाएं।

4. विश्व दिव्यांग दिवस का भव्य आयोजन

मंत्री ने 3 दिसंबर को विश्व दिव्यांग दिवस भव्य तरीके से मनाने और इसके माध्यम से योजनाओं का प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

5. महाकुंभ में दिव्यांगजन विभाग का शिविर

मंत्री ने महाकुंभ प्रयागराज 2025 में दिव्यांगजन विभाग का शिविर आयोजित कर योजनाओं की जानकारी और लाभार्थियों के लिए सुविधाएं प्रदान करने का आदेश दिया।

6. रिक्त पदों पर शीघ्र भर्ती

श्री कश्यप ने विभागीय रिक्त पदों को शीघ्र भरने के निर्देश देते हुए कहा कि यह प्रक्रिया रोजगार के अवसर बढ़ाने के योगी सरकार के संकल्प का हिस्सा है।

कार्यक्रम की प्रगति और निष्कर्ष

मंत्री नरेंद्र कश्यप ने विभागीय निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए लंबित कार्यों को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि योगी सरकार की मंशा के अनुरूप हर योजना का लाभ धरातल पर पहुंचना चाहिए। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया कि सभी पात्र लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ समय पर मिले और दिव्यांगजन की समस्याओं का शीघ्र समाधान हो।