फतेहपुर: जनपद में कुछ विभाग ऐसे हैं जो इन दिनों काफी भयभीत हैं। इन विभागों में हर समय जिला अधिकारी सी.इंदुमति के औचक निरीक्षण का भय सताता रहता है। आधा दर्जन से अधिक विभाग जिला अधिकारी के औचक निरीक्षण के दायरे में आ चुके हैं। निरीक्षण के दौरान मिली खामियों को लेकर न केवल उन्हें जिला अधिकारी के गुस्से का शिकार होना पड़ा बल्कि विभागीय कार्रवाई का भी सामना करना पडा है। अभी भी कई ऐसे विभाग हैं जहां औचक निरीक्षण किया जा सकता है। जिलाधिकारी द्वारा बनाई गई विभागों की लिस्ट में कभी भी औचक निरीक्षण किया जा सकता है।
रोंका गया कुछ भ्रष्ट कर्मचारियों का वेतन
जनपद मुख्यालय में स्थित कुछ विभागों से लगातार भ्रष्टाचार की शिकायतें जिलाधिकारी को प्राप्त हो रही थी। मिलने वाली शिकायतो को आधार मान कर जिलाधिकारी ने विभागों को चिन्हित किया। औचक निरीक्षण के जरिए भ्रष्टाचार को दूर करने का संकल्प लेते हुए जैसे ही कार्रवाई शुरू हुई विभागों में खलबली मच गई। एक के बाद एक कार्यालय औचक निरीक्षण के दायरे में आने शुरू हो गए। कुछ पर कार्रवाई हुई तो कुछ को चेतावनी देकर छोड़ दिया गया कुछ कर्मचारियों का वेतन भी रोका गया।
औचक निरीक्षण के अभियान से दूर-दूर तक नहीं नजर आ रहे दलाल
जिलाधिकारी का औचक निरीक्षण इन दिनों काफी चर्चा का विषय बना हुआ है। जनता के बीच चर्चा तो हो ही रही है लेकिन भ्रष्टाचार में डूबे विभागों में भी औचक निरीक्षण की चर्चा अधिक है और भयभीत है। दलाल से लेकर बाहरी व्यक्ति दूर-दूर तक नजर नहीं आ रहे, यूं कहें की सब कुछ ठीक-ठाक है। भ्रष्टाचार को लेकर सवाल हमेशा पूछा गया है और भविष्य में पूछा जाएगा। अभी भी खंड विकास कार्यालय से लेकर ग्रामीण इलाकों में संचालित होने वाली स्वास्थ्य सुविधाएं कहीं ना कहीं भ्रष्टाचार में गोते लगा रही है। विद्युत विभाग से लेकर तहसील मुख्यालय में भी औचक निरीक्षण की जरूरत है।
मुख्यमंत्री ने की क़ानून व्यवस्था की समीक्षा, अधिकारियों से कहा अफवाह फैलाने वालों के साथ सख्ती से निपटें
वीसी में सीएम योगी ने कहा: लोकतांत्रिक रीति से धरना-प्रदर्शन स्वीकार, लेकिन इसकी आड़ में अराजकता की छूट किसी को नहीं
बोले मुख्यमंत्री, शुचिता के साथ होगी पुलिस भर्ती परीक्षा, हर जिला और पुलिस प्रशासन रहे अलर्ट
सीएम ने कहा- बाढ़ राहत सामग्री की गुणवत्ता खराब या सामान कम मिला तो कार्रवाई तय
रक्षाबंधन पर मुख्यमंत्री ने बहनों को दिया निःशुल्क बस यात्रा का उपहार
राष्ट्र के प्रति गौरव बोध का अवसर है काकोरी ट्रेन एक्शन शताब्दी समारोह, जनसहभगिता से होंगे विविध कार्यक्रम
13 से 15 अगस्त तक हर घर फहरायेगा विजयी विश्व तिरंगा प्यारा
मुख्यमंत्री का निर्देश, फेक न्यूज़ हो तो तत्काल तथ्यों के साथ उसका खंडन किया जाना चाहिए
लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने गुरुवार को शासन स्तर के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में ज़ोन, मंडल, रेंज व जिला स्तर के महत्वपूर्ण पदों पर तैनात अधिकारियों के साथ प्रदेश के कानून-व्यवस्था तथा लोककल्याणकारी कार्यक्रमों की समीक्षा की। बैठक में बाढ़ की वर्तमान स्थिति में आमजन के राहत एवं बचाव कार्यों को बेहतर करने, पर्व त्योहारों के सौहार्दपूर्ण माहौल में आयोजन आदि के संबंध में तैयारियों की गहन समीक्षा की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में मुख्यमंत्री जी के प्रमुख दिशा-निर्देश दिए हैं।
सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि आगामी दिनों में नागपंचमी,श्रावण सोमवार, काकोरी ट्रेन एक्शन की वर्षगांठ, रक्षाबंधन, चेहल्लुम और जन्माष्टमी जैसे पर्व-त्योहार हैं, साथ ही पुलिस भर्ती परीक्षा जैसे महत्वपूर्ण कार्य भी संपन्न हो रहे हैं। निश्चित रूप से यह समय कानून-व्यवस्था की दृष्टि से यह संवेदनशील समय है। हर जिले की पुलिस और स्थानीय प्रशासन को 24×7 अलर्ट रहना होगा।
उन्होंने कहा है कि इस वर्ष अब तक 12 जनपदों में 120% से अधिक वर्षा हुई है, जबकि 27 जिलों में सामान्य वर्षा की स्थिति रही है। 80 से 60% यानी कम वर्षा वाले 18 जिले हैं और 14 जिलों में 60 से 40% यानी अत्यधिक कम वर्षा हुई है। जौनपुर, शामली, फतेहपुर तथा जिले ऐसे हैं जहां 40% से भी कम बरसात दर्ज की गई है। बलिया, सीतापुर, बांदा, बाराबंकी, बिजनौर, फर्रुखाबाद, प्रयागराज और वाराणसी में अभी भी बाढ़ की स्थिति है। सभी संबंधित जिलों में स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप राहत एवं बचाव कार्य जारी रखे जाएं।
साथ ही उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित लोगों को दी जा रही खाद्य सामग्री की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जा सकता। कहीं भी निर्धारित मात्रा से कम, बासी अथवा खराब गुणवत्ता की सामग्री कतई नहीं वितरित नहीं होनी चाहिए। यदि वेंडर द्वारा आपूर्ति में गड़बड़ी की जाती है तो तत्काल कार्रवाई की जाए।
इसके साथ ही उन्होंने बताया कि कल 09 अगस्त से ऐतिहासिक ‘काकोरी ट्रेन एक्शन का शताब्दी वर्ष’ प्रारंभ हो रहा है। यह पूरा वर्ष आजादी के नायकों का स्मरण करने के लिए होगा। इसी शृंखला में, 13 से 15 अगस्त तक ‘हर घर तिरंगा’ का जन अभियान आयोजित होना है। इन तीन दिनों में प्रदेश के हर आवास, हर कार्यालय पर हमारा राष्ट्रध्वज तिरंगा फहराया जाना है। 14 अगस्त को ‘विभाजन विभीषिका दिवस’ है और 15 अगस्त को राष्ट्रीय पर्व ‘स्वाधीनता दिवस’ है। इस संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए जा चुके हैं। यह सभी कार्यक्रम अपने मूल उद्देश्यों में सफल हों, इसके लिए इसमें जनभागीदारी बढ़ाई जानी चाहिए। स्कूल, कॉलेज, एनसीसी, एनएसएस को जोड़ें। यह राष्ट्रीय गौरवबोध का अवसर है। हर आयु-वर्ग के लोगों को इनसे जोड़ा जाना चाहिए।
सीएम योगी ने कहा कि महिला सुरक्षा राज्य सरकार की शीर्ष प्राथमिकता है। आगामी 19 अगस्त को श्रावण पूर्णिमा (रक्षाबंधन) का पावन अवसर है। कतिपय अराजक तत्व माहौल खराब करने का प्रयास कर सकते हैं। इसलिए पुलिस की पेट्रोलिंग बढ़ाएं। सतर्क रहें-सावधान रहें।
सीएम ने कहा कि रक्षाबंधन के अवसर पर बहने अपने भाइयों को राखी बाँधने जाती हैं। इस विशेष अवसर पर 18 अगस्त की रात्रि से 19 अगस्त की रात्रि तक राज्य सड़क परिवहन निगम की बसों में महिलाओं को निःशुल्क यात्रा की सुविधा मिलेगी। इस संबंध में सभी आवश्यक प्रबंध समय से कर लिए जाने चाहिए।
उन्होंने इस दौरान यह भी कहा कि किसान संगठन हों अथवा अन्य कोई संगठन, यदि लोकतांत्रिक ढंग से अपनी बात कहना चाहते हैं, तो उनकी बात जरूर सुनी जाए। उनकी आशा, अपेक्षा और आशंका का यथोचित निराकरण करें। किंतु अराजकता फैलाने की छूट किसी को नहीं दी जा सकती।
साथ ही उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया अफवाह फैलाने का माध्यम बन रही है। इस पर नजर बनाए रखें। तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर, ऐसी सूचनाएं जो समाज में विद्वेष पैदा करें, का प्रसार किया जाता रहा है। सभी जिलों को अलर्ट रहना होगा। कोई फेक न्यूज़ हो तो तत्काल तथ्यों के साथ उसका खंडन किया जाना चाहिए।
सीएम योगी ने बताया कि लोकतांत्रिक संगठनों की आड़ में कतिपय राष्ट्रविरोधी संगठन भी माहौल खराब करने का प्रयास कर सकते हैं। पूर्व में ऐसे अनेक अनुभव हुए हैं, जबकि शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन करने वालों की आड़ में कुछ अराजकतावादी संगठनों की उपस्थिति रही। इनकी पड़ताल करें और पकड़े जाने पर कठोरतम कार्रवाई करें।
उन्होंने कहा कि अगस्त माह के आख़िरी सप्ताह में 23, 24, 25 और 30, 31 अगस्त को पुलिस भर्ती परीक्षा होनी प्रस्तावित है। यह परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से पूरी शुचिता के साथ सकुशल संपन्न हो, यह सभी की जिम्मेदारी है। इसके दृष्टिगत सभी जिलों को अलर्ट रहना होगा। वरिष्ठ अधिकारीगण अपने क्षेत्र के हर एक परीक्षा केंद्र का सूक्ष्मता का निरीक्षण कर लें। परीक्षा की शुचिता सुनिश्चित करने के लिए शासन स्तर से आवश्यक उपाय किए जा रहे हैं। उच्च स्तर से दिए जा रहे निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन करें। परीक्षा के दौरान बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों का आवागमन होगा, आवागमन में असुविधा न हो, इसका प्रबंधन समय से कर लिया जाए। महिला अभ्यर्थियों की सुविधा और सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा जाए।
बांग्लादेश में हिन्दुओं को निशाना बनाए जाने की खबरों के बीच डॉ.राजेश्वर सिंह ने एक्स पर पोस्ट कर की हिंदुओं की सुरक्षा के लिए एकजुटता की अपील
आंकड़ों के मुताबिक उन्होंने बताया कि पिछले 49 सालों में 1.13 करोड़ हिन्दु धार्मिक उत्पीड़न के कारण बांग्लादेश छोड़ने पर मजबूर हुए
उन्होंने अपील करते हुए कहा कि बांग्लादेशी हिन्दुओं पर हो रहे अत्याचार को देख मूकदर्शक बनना अपने दरवाजे पर हिंसा को आमंत्रित करने जैसा, हिंसा के विरुद्ध दुनिया के सभी राजनीतिक दल आएं एकसाथ
पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान में हिन्दू आबादी घोर उत्पीड़न और भेदभाव से प्रभावित, उनकी आस्था, अस्मिता और संपत्ति की हो रही लूट
लखनऊ: बांग्लादेश में जारी हिंसा और राजनीतिक उथल – पुथल के बीच अल्पसंख्यक हिन्दुओं, उनके प्रतिष्ठानों और धार्मिक स्थलों को निशाना बनाए जाने की ख़बरों के बीच सरोजनीनगर से भाजपा विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने बांग्लादेश के हिन्दुओं पर हो रही हिंसा के विरुद्ध सभी को एकजुट होने की अपील की।
विधायक डॉ. सिंह ने बुधवार को अपने आधिकारिक एक्स (ट्विटर) पर पोस्ट कर लिखा कि इस्लामिक देशों में हिंदुओं को जिस गंभीर स्थिति का सामना करना पड़ रहा है, उसके खिलाफ सभी को आवाज उठानी चाहिए। पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान में हिन्दु आबादी उत्पीड़न और भेदभाव से गंभीर रूप से प्रभावित हुई है। विधायक ने जनसांख्यिकी परिवर्तन से जुड़े आंकड़े प्रस्तुत करते हुए लिखा कि 1947 के विभाजन के बाद से, जबकि भारत की मुस्लिम आबादी 9% से बढ़कर लगभग 16% हो गई है, बांग्लादेश में हिन्दु आबादी 23% से घटकर केवल 7% रह गई है। सुनियोजित हिंसा और भारत में अवैध प्रवासन इस गिरावट का स्पष्ट संकेतक है। वर्ष1964 से वर्ष 2013 के बीच, अनुमानित 1.13 करोड़ हिन्दु धार्मिक उत्पीड़न के कारण बांग्लादेश छोड़ने पर मजबूर हुए, 1971 के नरसंहार के दौरान करीब 24 लाख हिन्दु मारे गये।
सरोजनीनगर विधायक ने आगे जोड़ा कि इन देशों में हिंदुओं को अपनी सुरक्षा, संपत्ति और धार्मिक स्वतंत्रता पर लगातार खतरों का सामना करना पड़ता है। मंदिरों को तोड़ा गया, घरों में तोड़फोड़ की गई और पूजा स्थलों को नष्ट कर दिया गया। यह हिंसा आज भी जारी है, हाल की रिपोर्टों में चंद्रपुर और भारतीवाड़ा जैसे जिलों में हिन्दु परिवारों को भारी नुकसान और भय का सामना करना पड़ा है।
नागरिकता संशोधन अधिनियम का उलेख करते हुए डॉ. सिंह ने लिखा कि सीएए हिन्दु, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाइयों सहित इन इस्लामी गणराज्यों के उत्पीड़ित अल्पसंख्यकों को शरण प्रदान करने में एक महत्वपूर्ण कदम है। इन देशों के विपरीत, जो समान सुरक्षा प्रदान नहीं करते हैं, सीएए का लक्ष्य इस असंतुलन को दूर करना है। इन कमजोर समुदायों की सुरक्षा और उनकी विरासत को संरक्षित करने के लिए तत्काल अंतर्राष्ट्रीय कार्रवाई आवश्यक है। हम तब तक इंतजार नहीं कर सकते जब तक आखिरी हिन्दु को पलायन के लिए मजबूर नहीं किया जाता। भारत और दुनिया भर में हर किसी को अपनी सुरक्षा और अस्तित्व सुनिश्चित करने के लिए अभी कार्रवाई करनी चाहिए।
इस से पहले मंगलवार को भी डॉ. राजेश्वर सिंह ने अपने एक्स पर पोस्ट कर दुनिया भर के हर राजनीतिक दल, हर नागरिक को बांग्लादेश में निर्दोष हिंदुओं पर हमले की पूरी ताकत से निंदा करने की अपील करते हुए लिखा था, हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार दर्दनाक एवं शर्मनाक हैं। मूक दर्शक अपने दरवाजे पर हिंसा को आमंत्रित करते हैं।