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सृजन-2024: उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने “एसआर ग्रुप ऑफ़ इंस्टीट्यूशंस” में छात्रों को दिया सकारात्मक जीवन का संदेश

sr group dcm brijesh pathak
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  • उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने फ़्रेशर्स पार्टी “सृजन-2024” में छात्रों को प्रेरणा दी।
  • कार्यक्रम में छात्रों ने गीत, नृत्य और नाट्य मंचन के जरिए अपनी प्रतिभा प्रदर्शित की।
  • वाइस चेयरमैन पीयूष सिंह चौहान ने छात्रों के समग्र विकास की प्रतिबद्धता व्यक्त की।
  • विभिन्न श्रेणियों में मिस्टर और मिस फ़्रेशर के खिताब वितरित किए गए।
  • फैशन शो और ग्रुप डांस में छात्रों की शानदार प्रस्तुति रही।

लखनऊ, बीकेटी – उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने बीकेटी स्थित सभापति, वित्तीय एवं प्रशासनिक विलंब समिति विधान परिषद, उत्तर प्रदेश, पवन सिंह चौहान द्वारा स्थापित “एसआर ग्रुप ऑफ़ इंस्टीट्यूशंस” में आयोजित भव्य फ़्रेशर्स पार्टी “सृजन-2024” में छात्रों को मेहनत, अनुशासन और सकारात्मक सोच के महत्व को समझाते हुए प्रेरणादायक विचार साझा किए। इस सांस्कृतिक कार्यक्रम में नवप्रवेशित छात्रों का गर्मजोशी से स्वागत किया गया, और उन्होंने अपने हुनर को मंच पर प्रस्तुत किया।

मुख्य अतिथि के प्रेरणादायक विचार

1. उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक:
उपमुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि जीवन में सफलता का मूल मंत्र अनुशासन, सकारात्मक सोच और कठोर परिश्रम है। उन्होंने छात्रों को प्रेरित करते हुए शिक्षा को जीवन की नींव बताते हुए कहा कि यह हमारे व्यक्तित्व को संवारने और भविष्य को उज्जवल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

2. कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय निषाद:
डॉ. निषाद ने छात्रों को आधुनिक तकनीक का सकारात्मक उपयोग करने की सलाह दी और कहा कि डिजिटल युग में तकनीक एक सशक्त उपकरण है, लेकिन इसका सही दिशा में उपयोग करना सफलता की कुंजी है।

इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि अध्यक्ष अनुसूचित जाति आयोग उत्तर प्रदेश बैजनाथ रावत, पूर्व केन्द्रीय राज्य मंत्री एवं मोहनलालगंज से पूर्व सांसद कौशल किशोर, लखनऊ की महापौर सुषमा खरकवाल, विधायक योगेश शुक्ला, विधायक आशा मौर्या, विधायक अमरेश रावत, सदस्य विधान परिषद अंगद सिंह, सदस्य विधान परिषद उमेश द्विवेदी, वरिष्ठ प्रचारक गिरिजा शंकर, विधायक मनीष रावत, क्षेत्रीय महामंत्री विजय प्रताप सिंह, अध्यक्ष संस्कृत भारती जेपी सिंह, पूर्व एडिशनल कमिश्नर फ़ूड सप्लाई अशोक सिंह, डीसीपी लखनऊ उत्तरी ज़ोन आर.एन. सिंह और एसीपी बीकेटी ऋषभ रूणवाल ने भी अपने विचार रखकर छात्रों का उत्साहवर्धन किया।

मुख्य आकर्षण और आयोजन के विवरण:

छात्रों की शानदार प्रस्तुति:

इस सांस्कृतिक आयोजन में छात्रों ने गीत, नृत्य और नाट्य मंचन कर अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया।

प्रतियोगिताओं के विजेताओं की सूची:

कार्यक्रम में आयोजित विभिन्न श्रेणियों की प्रतियोगिताओं में छात्रों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।

  • बी.टेक: मिस्टर और मिस फ़्रेशर – जान्हवी और शिवांश।
  • एमबीए: मिस्टर और मिस फ़्रेशर – प्रथम् और आयुषी।
  • बी.वोक: मिस्टर और मिस फ़्रेशर – पलक और हर्षित।
  • आयुष विभाग: मिस्टर और मिस फ़्रेशर – हेमंत और काजल।
  • आईएमबीए: मिस्टर और मिस फ़्रेशर – राज और श्रेया।

फैशन शो प्रतियोगिता में बी.टेक विभाग विजयी रहा, जबकि ग्रुप डांस का खिताब बायोटेक के छात्रों ने अपने नाम किया।

संस्थान के वाइस चेयरमैन द्वारा प्रतिबद्धता पर ज़ोर:

इस अवसर पर एसआर ग्रुप ऑफ़ इंस्टीट्यूशंस के वाइस चेयरमैन पीयूष सिंह चौहान ने छात्रों को संस्थान के समर्पण और उनके समग्र विकास के प्रति प्रतिबद्धता का भरोसा दिलाया। उन्होंने छात्रों को शिक्षा के साथ अन्य क्षेत्रों में भी उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया। एसआर ग्रुप ऑफ़ इंस्टीट्यूशंस द्वारा आयोजित फ़्रेशर्स पार्टी “सृजन-2024” एक भव्य और प्रेरणादायक आयोजन रहा। जिस पर उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने छात्रों को संबोधित करते हुए मेहनत और अनुशासन के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने शिक्षा को जीवन का आधार बताते हुए कहा कि सकारात्मक सोच और लगन से छात्र अपने जीवन में नई ऊंचाइयों को प्राप्त कर सकते हैं।

कार्यक्रम का उद्देश्य और प्रभाव:

यह आयोजन छात्रों को उनकी प्रतिभा प्रदर्शित करने का मंच प्रदान करने के साथ-साथ आत्मविश्वास और उत्साह बढ़ाने में सफल रहा। “एसआर ग्रुप ऑफ़ इंस्टीट्यूशंस” की उच्च शैक्षिक गुणवत्ता और छात्रों के विकास के प्रति समर्पण इस कार्यक्रम के माध्यम से स्पष्ट रूप से प्रदर्शित हुआ।

सीएम योगी ने देखी “द साबरमती रिपोर्ट”, यूपी में टैक्स फ्री हुई फिल्म

सीएम योगी ने देखा "द साबरमती रिपोर्ट ".
सीएम योगी ने देखा "द साबरमती रिपोर्ट ".
  • देश के खिलाफ षड्यंत्र कर रहे चेहरों का पर्दाफाश करना जरूरी- सीएम योगी
  • सीएम योगी ने देखी ‘द साबरमती रिपोर्ट, अभिनेता विक्रांत मैसी भी रहे मौजूद
  • हर भारतवासी को देखनी चाहिए “द साबरमती रिपोर्ट” फिल्म- योगी
  • फिल्म के माध्यम से सच देश की जनता के सामने लाया गया- मुख्यमंत्री
  • 2002 के गोधरा कांड पर आधारित है फ़िल्म ‘द साबरमती रिपोर्ट’

लखनऊ, 21 नवम्बर 2024: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को बहुचर्चित फ़िल्म ‘ द साबरमती रिपोर्ट’ देखी। फिल्म देखने के बाद सीएम योगी ने कहा कि मैं “द साबरमती रिपोर्ट” की पूरी टीम को बधाई देता हूं जिन्होंने इस वास्तविक सच को देश की जनता के सामने फिल्म के माध्यम से बाहर लाने का प्रयास किया है। उन्होंने कहा कि हर भारतवासी को “द साबरमती रिपोर्ट” फिल्म को देखनी चाहिए और गोधरा का सच के नजदीक जाने का प्रयास करना चाहिए। सीएम योगी ने फिल्म को उत्तर प्रदेश में टैक्स फ्री करने की घोषणा की।

सीएम योगी ने कहा देश के खिलाफ और सरकारों के खिलाफ राजनीतिक अस्थिरता पैदा करने के लिए समाज में वैमनस्यता पैदा करने के लिए देश में जो कृत्य हुए हैं उसे देश की जनता को जानने का अधिकार है। उन्होंने कहा कि जो राजनीतिक स्वार्थ के लिए देश के खिलाफ षड्यंत्र कर रहे हैं उन चेहरों को पहचानने के साथ-साथ उनका पर्दाफाश करने की भी आवश्यकता है। सीएम योगी ने कहा कि फिल्म की टीम ने सत्य उजाकर करने के लिए अपने दायित्वों का निर्वहन किया है। फिल्म के माध्यम से वास्तविक सच को एक बड़े रूप में देश के सामने लाने का प्रयास किया गया है।

सीएम योगी ने कहा कि मामला अयोध्या से जुड़ा है, मैं घटना में मारे गए सभी राम भक्तों को श्रद्धांजलि देता हूं। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के साहसिक कार्यक्रम को आगे बढ़ाने के लिए लोग इस सत्य को अधिक से अधिक देखें। सीएम योगी राज्य सरकार की ओर से ‘द साबरमती रिपोर्ट’ फिल्म को टैक्स फ्री करने की घोषणा की।

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इसके पहले सीएम योगी ने लखनऊ के प्लासियो मॉल के सिनेमाहॉल के ऑडी-07 में पूर्वाह्न 11:30 बजे के शो में उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, महापौर सुषमा खर्कवाल, पूर्व मंत्री महेंद्र सिंह सहित अनेक अनेक जनप्रतिनिधियों और शासन-प्रशासन के अधिकारियों के साथ फ़िल्म देखी। खास मौके पर फ़िल्म के मुख्य अभिनेता विक्रांत मैसी और फ़िल्म यूनिट से जुड़े लोगों की मौजूदगी रही। इससे पहले, बीते मंगलवार को विक्रांत मैसी ने सीएम योगी से भेंट की थी।

बता दें कि ‘द साबरमती रिपोर्ट’ एक सत्य घटना पर आधारित एक बॉलीवुड ड्रामा फिल्म है, जिसका निर्देशन रंजन चांडेल द्वारा किया गया है। फिल्म में विक्रांत मैसी, राशि खन्ना और रिद्धि डोगरा लीड रोल में हैं। यह फिल्म साल 2002 में हुई साबरमती एक्सप्रेस की दिल दहला देने वाली घटना से प्रेरित है। एकता कपूर इस फिल्म की निर्माता है। 15 नवंबर को रिलीज हुई इस फिल्म की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह ने भी तारीफ की है।

हरदोई: महाकुंभ-2025 में होमगार्ड्स की भागीदारी और मॉकड्रिल के माध्यम से तैयारियां

homeguard commandent manoj kumar hardoi
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  • महाकुंभ-2025 में हरदोई से 300 होमगार्ड्स जीआरपी सहयोग में तैनात होंगे।
  • शांति व्यवस्था और आपदा मित्र की भूमिका निभाने के लिए विशेष मॉकड्रिल का आयोजन।
  • आग से बचाव और गैस सिलेंडर से होने वाली दुर्घटनाओं से निपटने का प्रशिक्षण।
  • होमगार्ड्स को देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के साथ अनुशासन और विनम्रता का संदेश दिया गया।
  • कार्यक्रम में महिला और पुरुष होमगार्ड्स समेत अग्निशमन अधिकारी एवं अन्य प्रमुख अधिकारियों ने भाग लिया।

हरदोई/लखनऊ, 21 नवम्बर 2024: महाकुंभ-2025 को भव्य, दिव्य और सुरक्षित बनाने के लिए उत्तर प्रदेश शासन ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। इसी कड़ी में हरदोई जिले से बड़ी संख्या में होमगार्ड्स जवान प्रयागराज महाकुंभ के लिए भेजे जाएंगे। इनके कार्यों में शांति व्यवस्था बनाए रखना, आपदा प्रबंधन में सहयोग देना, और रेलवे पुलिस (जीआरपी) का समर्थन करना शामिल है।

हरदोई से होमगार्ड्स की महाकुंभ में तैनाती:

हरदोई जिले से लगभग 300 होमगार्ड्स जवानों को जीआरपी (रेलवे पुलिस) के साथ काम करने के लिए चुना गया है। इसके अलावा अन्य जवानों को मेले में आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा, शांति व्यवस्था बनाए रखने, और आपदा मित्र के रूप में कार्य करने के लिए नियुक्त किया जाएगा। होमगार्ड्स मुख्यालय, उत्तर प्रदेश लखनऊ द्वारा आदेश जारी किए गए हैं, और जवानों को इस ऐतिहासिक आयोजन के लिए तैयार किया जा रहा है।

मॉकड्रिल के माध्यम से प्रशिक्षण:

महाकुंभ-2025 की चुनौतियों का सामना करने के लिए 21 नवंबर 2024 को जिला कमांडेंट होमगार्ड्स कार्यालय हरदोई में मॉकड्रिल का आयोजन किया गया।

इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में विशेष रूप से आग से बचाव और आपदा प्रबंधन के तरीकों पर जोर दिया गया।

मुख्य अग्निशमन अधिकारी, महेश प्रताप सिंह ने अपनी टीम के साथ गैस सिलेंडर और शॉर्ट-सर्किट से आग लगने जैसी घटनाओं से निपटने के तरीकों का डेमो प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि मेले में अस्थायी पंडाल और टेंट में गैस सिलेंडरों के उपयोग और शॉर्ट-सर्किट के कारण आग लगने की संभावना रहती है। मॉकड्रिल के माध्यम से इन परिस्थितियों से बचने और आग पर काबू पाने के व्यावहारिक उपाय सिखाए गए।

जिला कमांडेंट होमगार्ड्स की प्रेरणा और निर्देश:

कार्यक्रम के दौरान जिला कमांडेंट होमगार्ड्स हरदोई, मनोज कुमार ने जवानों को ब्रीफिंग दी। उन्होंने महाकुंभ में ड्यूटी के दौरान सावधानी बरतने, अनुशासन का पालन करने, और देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के साथ अच्छे आचरण का संदेश दिया। मनोज कुमार ने जवानों को महाकुंभ को सफल बनाने के लिए प्रेरित किया और उन्हें शुभकामनाएं दीं।

कार्यक्रम में प्रमुख भागीदारी:

इस मॉकड्रिल कार्यक्रम में महिला और पुरुष होमगार्ड्स ने सक्रिय रूप से भाग लिया। अग्निशमन अधिकारी महेश प्रताप सिंह और उनकी टीम के साथ जिला कमांडेंट कार्यालय के वरिष्ठ अधिकारी, सहायक कमांडर, प्लाटून कमांडर और अन्य कर्मचारी भी मौजूद रहे।

प्रमुख उपस्थित अधिकारी एवं कर्मचारी:

कविता सिंह (वैतनिक पीसी), मुन्नालाल (वैतनिक पीसी), जितेंद्र कुमार गौतम (बीओ), विनोद कुमार गौतम (बीओ), सुनीता तिवारी (बीओ), पंकज कुमार श्रीवास्तव (वरिष्ठ सहायक), रमेश चंद्र (कनिष्ठ सहायक), राकेश बाबू (कनिष्ठ सहायक), संजीव कुमार सिंह (कनिष्ठ सहायक) सहित सभी अधिकारियों और होमगार्ड्स जवानों ने पूरे समर्पण और उत्साह के साथ मॉकड्रिल में भाग लिया।

महाकुंभ को सफल बनाने का संकल्प:

महाकुंभ-2025 को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए हरदोई जिले के होमगार्ड्स पूरी तैयारी और जिम्मेदारी के साथ तत्पर हैं। मॉकड्रिल के माध्यम से उन्हें आपदा प्रबंधन और सुरक्षा से संबंधित चुनौतियों का सामना करने का व्यावहारिक अनुभव मिला। जिला कमांडेंट मनोज कुमार ने जवानों की लगन की सराहना करते हुए आयोजन की सफलता के लिए शुभकामनाएं दीं।

योग टिप्स: अगर पूरे दिन भूख नहीं लगती, तो इन योगासनों का नियमित अभ्यास करें, इससे भूख महसूस होने लगेगी।

दिनभर बिना खाए रहना या भूख नहीं लगना यह एक सामान्य परेशानी है। यह परेशानी किसी भी उम्र में हो सकती है। हालांकि पूरा दिन बिना खाए रहना या फिर भूख न लगना, इसके अपने कुछ दुष्प्रभाव हो सकते हैं। कई बार स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं जैसे थायराइज, डायबिटीज, कैंसर या फिर अन्य किसी बीमारी के कारण भूख कम हो जाती है। वहीं चिंता और मानसिक तनाव भी भूख को प्रभावित करती है। इसके अलावा व्यस्त लाइफस्टाइल, दवाओं के सेवन, अनियमित और अपूर्ण आहार, मासिक धर्म के समय आदि कई कारणों से भूख न लगने की समस्या हो सकती है।

जब आपको भूख नहीं लगती है और आप खाना नहीं खाते हैं, तो इससे शरीर में पौष्टिकता की कमी हो सकती है। जिसकी वजह से कमजोरी लगना, वजन कम होना और लंबे समय तक भूखे रहने से अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं आपको घेर सकती हैं। ऐसे में भूख न लगने की समस्या यदि आपके साथ भी है, तो यह आर्टिकल आपके लिए है। आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको कुछ ऐसे योगासन के बारे में बताने जा रहे हैं, जिनका अभ्यास करने से भूख बढ़ाने में सहायता मिलती है और साथ ही आपका स्वास्थ्य भी दुरुस्त रहता है।

धनुरासन

इस आसन का अभ्यास वेट कम करने के अलावा पाचन तंत्र को बेहतर बनाने और भूख न लगने की समस्या को दूर करने के लिए काफी अच्छा माना जाता है।

ऐसे करें अभ्यास

इस आसन का अभ्यास करने के लिए पेट के बल लेट जाएं और दोनों पैरों के बीच गैप बना लें। अब घुटनों को ऊपर की तरफ मोड़ते हुए एड़ियों को अपने हाथों से पकड़ें और छाती और पैरों को ऊपर की तरफ ऊठाएं। इससे आपको थाइज और बाजुओं पर खिंचाव महसूस होगा। इस पोजीसन में कुछ देर रहने के बाद सामान्य अवस्था में वापस लौट आएं।

वज्रासन

इस आसन का अभ्यास करना भी भूख बढ़ाने के लिए लाभकारी साबित हो सकता है। साथ ही आप वज्रासन का अभ्यास कभी भी और कहीं भी कर सकते हैं।

ऐसे करें अभ्यास

इस आसन को करने के लिए घुटनों के बल बैठ जाएं और ध्यान रखें कि आपके पैरों के बीच में गैप न हो। दोनों पैरों के अंगूठे एक साथ मिले होने चाहिए। अब हिप्स को एड़ियों पर टिकाएं और कमर को सीधा रखते हुए हथेलियों को घुटनों पर रखें। इस दौरान आपके दोनों घुटने भी आपस में मिले होने चाहिए। अब श्वास लेने पर ध्यान केंद्रित करते हुए थोड़ी देर बाद सामान्य अवस्था में वापस आ जाएं।

भुजंगासन

बता दें कि भूख न लगने का एक मुख्य कारण पेट की गड़बड़ी भी हो सकती हैं। ऐसे में भुजंगासन का अभ्यास आपकी इस समस्या का समाधान कर सकता है और आपकी पाचन क्रिया को बेहतर बनाने में सहायता करता है।

ऐसे करें भुजंगासन का अभ्यास

सबसे पहले पेट के बल लेट जाएं और दोनों हाथों को साइड में रखें और पैरों के बीच दूरी बनाकर रखें। अब दोनों हाथों पर दबाव देते हुए शरीर के अगले हिस्से को उठाएं और आसमान की ओर देखें। इस दौरान सांसों का क्रम सामान्य बनाए रखें। कुछ देर इस पोजीशन में रहें और फिर धीरे-धीरे सामान्य अवस्था में वापस आ जाएं।

प्रेग्नेंसी टिप्स: गायनेकोलॉजिकल इंफेक्शंस गर्भवती महिला और उसके बच्चे दोनों को प्रभावित कर सकते हैं। जानें इससे बचने के तरीके।

गर्भावस्था के शुरूआती दिनों से ही महिलाओं को कई तरह की समस्याओं से जूझना पड़ता है। प्रेग्नेंसी को तीन तिमाही में बांटा जाता है। इन तीन तिमाही के दौरान महिलाओं को अलग-अलग लक्षण महसूस होते हैं। इस दौरान महिलाओं के शरीर में कई तरह के हार्मोनल बदलाव होते हैं, जो समस्याओं का कारण माने जाते हैं। वहीं प्रेग्नेंसी के समय होने वाले बदलावों जैसे मोटापा और वजन बढ़ने आदि से महिलाओं को उठने-चलने में परेशानी होने लगती है।

प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाओं को स्त्रीरोग संबंधी संक्रमण होने का खतरा भी बढ़ जाता है। यह न सिर्फ महिलाओं बल्कि उनके गर्भ में पलने वाले बच्चे की सेहत पर भी बुरा असर डाल सकता है। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए आपको बताने जा रहे हैं कि प्रेग्नेंसी में गाइनाक्लॉजिस्ट इंफेक्शन के क्या कारण होते हैं और इससे किस तरह से बचाव किया जाना चाहिए।

गर्भावस्था में स्त्रीरोग संबंधी संक्रमणों के कारण

बैक्टीरियल वेजिनोसिस

बैक्टीरियल वेजिनोसिस इंफेक्शन तब होता है, जब योनि में सामान्य रूप से पाई जाने वाली बैक्टीरिया में असंतुलन पाया जाता है। प्रेग्नेंसी के दौरान हार्मोनल बदलाव और इम्यून सिस्टम में कमजोरी होने की वजह से महिलाएं वेजिनोसिस के प्रति ज्यादा संवेदनशील हो जाती हैं। यह इंफेक्शन समय से पहले यानी की प्रीटर्म डिलीवरी और गर्भाशय के अंदर संक्रमण का कारण बन सकता है।

फंगल इंफेक्शन

प्रेग्नेंसी के समय हार्मोनल बदलाव और शुगर के स्तर में वृद्धि होती है। जिसके कारण योनि में यीस्ट की अत्यधिक वृद्धि हो सकती है। इससे भी प्रेग्नेंट महिलाओं को फंगल इंफेक्शन का खतरा हो सकता है। यह इंफेक्शन जलन, खुजली और सफेद रंग का गाढ़ा स्त्राव पैदा कर सकता है। वहीं अगर इसका समय पर इलाज नहीं किया जाए, तो यह गर्भाशय और गर्भ में पलने वाले शिशु दोनों के लिए खतरनाक साबित हो सकता है।

यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन

बता दें कि गर्भावस्था के दौरान गर्भाशय बढ़ता है, जिसका दबाव ब्लैडर पर पड़ता है। जिसकी वजह से यूरिनरी ट्रैक्ट में इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है। वहीं UTI गर्भाशय के कॉन्ट्रैक्शन को बढ़ा सकता है, जोकि समय से पहले डिलीवरी का कारण बन सकता है। वहीं यह संक्रमण किडनी तक भी फैल सकता है। जो न सिर्फ मां बल्कि बच्चे के स्वास्थ्य के लिए समस्याएं पैदा कर सकता है।

अन्य संक्रमण का खतरा 

सेक्सुअली ट्रांसमिटेड इंफेक्शन्स

ग्रुप बी स्ट्रेप्टोकोकस

बचाव

प्रेग्नेंसी के दौरान संक्रमण से बचने के लिए महिलाओं को योनि की साफ-सफाई पर बहुत ध्यान देना चाहिए। इसके लिए आप पानी और माइल्ड साबुन का भी इस्तेमाल कर सकती हैं।

प्रेग्नेंसी में संतुलित और पौष्टिक आहार लेना चाहिए। क्योंकि इससे आपका इम्यून सिस्टम मजबूत होता है और इंफेक्शन से बचाव होता है।

प्रेग्नेंसी के दौरान सेक्सुअली ट्रांसमिटेड इंफेक्शन्स से बचाव के लिए फिजिकल इंटिमेसी में सावधानी बरतनी चाहिए।

इस दौरान पर्याप्त मात्रा में पानी पीने से भी आप सेक्सुअली ट्रांसमिटेड इंफेक्शन्स का खतरा कम होता है।