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“1988 में आमिर खान का करियर खत्म हो सकता था,” डायरेक्टर ने किया बड़ा खुलासा।

आमिर खान आज बॉलीवुड के सबसे बड़े सुपरस्टार्स में से एक हैं। आमिर खान ने अपने करियर में दर्जनों सुपरहिट फिल्में दी हैं। बॉलीवुड इतिहास की सबसे कमाऊ फिल्म का रिकॉर्ड भी आमिर खान के नाम ही दर्ज है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आमिर खान का करियर शुरू होने से पहले ही 1988 में खत्म हो सकता था। इसका खुलासा आमिर खान के चचेरे भाई और डायरेक्टर मंसूर खान ने किया है। मंसूर खान ने बताया कि ‘जो जीता वही सिकंदर’ का ओरिजिनल ड्राफ्ट अगर बनता तो आमिर खान का करियर खत्म हो सकता था। लेकिन अच्छी बात ये रही कि ओरिजिनल ड्राफ्ट शूट नहीं किया और फिल्म सुपरहिट रही।

डेब्यू फिल्म से ही खत्म हो जाता करियर?

आमिर खान ने 1988 में फिल्म ‘कयामत से कयामत तक’ के जरिए बॉलीवुड में बतौर हीरो अपने करियर की शुरुआत की थी। इस फिल्म को आमिर खान के चचेरे भाई मंसूर खान ने डायरेक्ट किया था। मंसूर खान ने हाल ही में इंडिया नाउ एंड हाउ यूट्यूब चैनल पर कहा, ‘मैंने एक कहानी लिखना शुरू किया, जो अंततः जो जीता वही सिकंदर बन गई… डैडी (नासिर हुसैन) आमिर को लॉन्च करने के लिए कयामत लिख रहे थे। हमने 1986 में शुरुआत की थी, और फिल्म 1988 में रिलीज़ हुई थी, मैं एक धीमा फिल्म निर्माता हूं। लेकिन बात यह है कि जो जीता के लिए मेरे मन में भी आमिर थे जो उस समय 19-20 वर्ष का रहा होगा। शुक्र है, मैंने वह फिल्म नहीं बनाई। अगर वो फिल्म बनती तो मैं आमिर का करियर बर्बाद कर देता।’ मंसूर ने कहा कि ‘चूंकि वह जो जीता की स्क्रिप्ट से खुश नहीं थे, इसलिए उनके पिता ने पूछा कि क्या वह ‘कयामत से कयामत तक’ का निर्देशन करना चाहेंगे। मैंने उनसे पूछा, ‘यह फिल्म किस बारे में है?’ और उन्होंने कहा, ‘यह एक प्रेम कहानी है।’ मैंने कहा, ‘लेकिन हर हिंदी फिल्म एक प्रेम कहानी है’, मंसूर ने कहा। मंसूर ने कहा कि वह फिल्म से खुश नहीं थे और आज भी नाराज हैं।

पहली ही फिल्म से हिट हो गए थे आमिर खान

बता दें कि आमिर खान ने अपनी पहली ही फिल्म से बॉक्स ऑफिस पर गर्दा उड़ा दिया था। आमिर खान की फिल्म कयामत से कयामत तक 1 करोड़ रुपयों के बजट से बनी थी। ये फिल्म रिलीज होते ही हिट रही थी। फिल्म ने 5 करोड़ रुपयों से ज्यादा का कलेक्शन किया था।

पर्थ में बुमराह का जलवा, ऑस्ट्रेलिया में बेहतरीन प्रदर्शन किया और कपिल देव के रिकॉर्ड की बराबरी की।

भारतीय तेज गेंदबाज और पर्थ टेस्ट में टीम इंडिया की कप्तानी कर रहे कार्यवाहक कप्तान जसप्रीत बुमराह ने ऑस्ट्रेलियाई सरजमीं पर नया कीर्तिमान रच दिया है। पर्थ टेस्ट मैच में दूसरे दिन बुमराह ने एलेक्स कैरी का शिकार करने के साथ ही दिग्गज गेंदबाजों को पीछे छोड़ दिया है। पर्थ टेस्ट में पहले दिन भारतीय टीम पहली पारी में 150 रनों पर ढेर हो गई थी। इसके जवाब में ऑस्ट्रेलिया ने पहले दिन का खेल खत्म होने तक 7 विकेट खोकर 67 रन स्कोरबोर्ड पर टांग दिए थे।

पहले ही दिन बुमराह ने 4 विकेट लेकर ऑस्ट्रेलियाई खेमे में सनसनी मचा दी थी। अब दूसरे दिन का खेल शुरू होने के तुरंत बाद ही जसप्रीत बुमराह ने इतिहास रच दिया है। बुमराह ने पहले ही टेस्ट मैच में 5 विकेट लेकर तहलका मचा दिया है। टेस्ट क्रिकेट में ये उनका 11वां 5 विकेट हॉल है। यही नहीं, ऑस्ट्रेलिया के घर में उन्होंने दूसरी बार टेस्ट मैच की एक पारी में आधी टीम को आउट करने का बड़ा कारनामा किया है। इससे पहले बुमराह ने दिसंबर 2018 में मेलबर्न टेस्ट मैच की एक पारी में 6 विकेट चटकाने का कमाल किया था।

इस 5 विकेट हॉल की बदौलत बुमराह ने अब कपिल देव के महान कीर्तिमान की बराबरी कर ली है। बुमराह अब SENA (साउथ अफ्रीका, इंग्लैंड, न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया) देशों में सबसे ज्यादा 5 विकेट लेने के मामलें में कपिल देव के बराबर पहुंच गए हैं। दोनों गेंदबाजों के नाम SENA देशों में 7-7 5 विकेट हॉल हैं।

SENA देशों में सबसे ज्यादा 5 विकेट लेने वाले भारतीय गेंदबाज

    • 7 बार – जसप्रीत बुमराह (51 पारी)*
    • 7 बार – कपिल देव (62 पारी

बुमराह ने टेस्ट में सबसे ज्यादा 5 विकेट हॉल लेने के मामलें में इशांत शर्मा और जहीर खान की भी बराबरी कर ली है। तीनों गेंदबाजों ने टेस्ट में 11-11 बार टेस्ट मैच की एक पारी में 5 विकेट लेने का बड़ा कारनामा किया है। अब बुमराह की दूसरी पारी में भी नजर 5 विकेट लेने की होगी। ऐसा करते ही वह इशांत और जहीर खान को पीछे छोड़ देंगे।

पीएम मोदी को अमेरिका में “विश्व शांति पुरस्कार” से नवाजा जाएगा, जानें कौन सी उपलब्धियों के लिए उन्हें यह सम्मान प्राप्त हुआ।

वाशिंगटनः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को विश्व शांति पुरस्कार देने की घोषणा की गई है। यह पुरस्कार उन्हें अमेरिका में प्रदान किया जाएगा। इंडियन अमेरिकन माइनॉरटीज एसोसिएशन (एआइएएम) ने मैरीलैंड के स्लिगो सेवंथ डे एडवेंटिस्ट चर्च ने यह ऐलान किया है। यह एक गैर सरकारी संगठन है। यह कदम उठाने का मकसद अमेरिका में भारतीय अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों के कल्याण को प्रोत्साहित करने के लिए उन्हें एकजुट करना है। पीएम मोदी को यह पुरस्कार विश्व शांति के लिए उनके द्वारा किए जा रहे प्रयासों और समाज को एकजुट करने के लिए दिया जाएगा।

इसी कार्यक्रम के दौरान अल्पसंख्यकों का उत्थान करने के लिए वाशिंगटन में पीएम मोदी को मार्टिन लूथर किंग जूनियर ग्लोबल पीस अवार्ड से सम्मानित किया जाएगा। इस पुरस्कार को वाशिंगटन एडवेंटिस्ट यूनिवर्सिटी और एआइएएम द्वारा संयुक्त रूप से दिया जाएगा। जिसका मकसद अस्पसंख्यकों के कल्याण के साथ उनका समावेशी विकास करना भी है। जानेमाने परोपकारी जसदीप सिंह एआइएम के संस्थापक और चेयरमैन नियुक्त किए गए हैं। इसमें अल्पसंख्यक समुदाय को प्रोत्साहित करने के लिए 7 सदस्यीय बोर्ड डायरेक्टर भी हैं। इसमें बलजिंदर सिंह, डॉ. सुखपाल धनोआ (सिख), पवन बेजवाडा और एलिशा पुलिवार्ती (ईसाई), दीपक ठक्कर (हिंदू), जुनेद काजी (मुस्लिम) और भारतीय जुलाहे निस्सिम रिव्बेन शाल है।

पीएम मोदी की विकसित भारत यात्रा से प्रभावित है संगठन

यह संगठन पीएम मोदी के नेतृत्व में 2047 तक भारत को विकसित बनाने के संकल्पों से प्रभावित है।  जसदीप सिंह ने कहा कि पीएम मोदी की अगुवाई में भारत सभी तरह के समावेशी विकास कर रहा है। इसमें सभी धर्मों के लोगों को समान रूप से अवसर मिल रहे हैं। वहीं इंडियन माइनॉरटीज फेडरेशन के संयोजक और संसद सदस्य सतनाम सिंह संधू ने पीएम मोदी की पारदर्शिता की सराहना की है। उन्होंने कहा कि सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास की भावना ने समुदायों में एकता बढ़ाने का काम किया है।

बलरामपुर: 10 साल पुराने मामले में फैसला, जानलेवा हमले के चार दोषियों को 5-5 साल की सजा और 18 हजार रुपए जुर्माना |

बलरामपुर जिला न्यायालय ने एक 10 साल पुराने जानलेवा हमले के मामले में फैसला सुनाया है। इस मामले में चार आरोपियों को 5-5 वर्ष की सजा सुनाई गई है, जिनमें तीन भाई भी शामिल हैं। इसके साथ ही प्रत्येक आरोपी पर 18-18 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है।

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घटना के अनुसार, चारों आरोपी 10 साल पहले एक युवक के साथ गाली-गलौज करते हुए लाठी-डंडों से जानलेवा हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर चुके थे। इस मामले को लेकर वादी सकटूराम पुत्र बाबादीन निवासी दुर्गापुर ने 22 सितंबर 2014 को थाना कोतवाली देहात में तहरीर दी थी।

पुलिस ने किया आरोपियों के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत, जांच जारी

सकटूराम ने अपनी तहरीर में आरोप लगाया था कि विजय कुमार, पप्पू तिवारी, ओम प्रकाश और जितेंद्र कुमार ने उसके लड़के के साथ गाली-गलौज की और उसे लाठी-डंडों से मारपीट कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। इस पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की और आरोपियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की।

अदालत का निर्णय: 10 साल बाद दोषियों को सजा

मुकदमे की विवेचना के बाद, पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र कोर्ट में पेश किया। दोनों पक्षों ने अपने-अपने गवाह और सबूत पेश किए। साक्ष्यों और गवाहों को ध्यान में रखते हुए अदालत ने चारों आरोपियों को दोषी ठहराया और उन्हें 5-5 साल की सजा सुनाई। इसके साथ ही प्रत्येक पर 18 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।

बलरामपुर जनपद में इस मामले में 10 साल बाद फैसला आया है, जिसके बाद स्थानीय लोग इसे लेकर चर्चा कर रहे हैं। आरोपियों की सजा से इस मामले में कुछ हद तक न्याय की उम्मीद जताई जा रही है।

थल सेना अध्यक्ष उपेंद्र द्विवेदी को नेपाल की सेना ने अपना जनरल क्यों नियुक्त किया? जानें कारण।

काठमांडू/लखनऊ: भारत के थल सेना सेनाध्यक्ष जनरल उपेंद्र द्विवेदी अब नेपाल के भी जनरल बन गए हैं। चौंकिये मत, क्योंकि नेपाली सेना ने भारतीय थल सेना अध्यक्ष उपेंद्र द्विवेदी को “जनरल का मानद उपाधि” नवाजा है। दरअसल जनरल उपेंद्र द्विवेदी इन दिनों नेपाल के दौरे पर हैं। उन्होंने शुक्रवार को नेपाल के प्रधानमंत्री के.पी.शर्मा ओली से सिंह दरबार में स्थित प्रधानमंत्री कार्यालय में शिष्टाचार भेंट की। नेपाल सेना के एक बयान के अनुसार जनरल द्विवेदी ने शुक्रवार को रक्षा मंत्रालय में रक्षा मंत्री मनवीर राय के साथ भी शिष्टाचार भेंट की।

नेपाल के प्रधानमंत्री सचिवालय के अनुसार इस अवसर पर ओली ने नेपाल और भारत के बीच एक-दूसरे के सेना प्रमुखों को सेना के जनरल की मानद रैंक प्रदान करने की परंपरा जारी रहने पर प्रसन्नता व्यक्त की। ओली ने दोनों देशों के बीच सहयोग एवं संबंधों को और अधिक विस्तारित करने की आवश्यकता पर भी बल दिया। जनरल द्विवेदी ने कहा कि वह नेपाल सेना के मानद जनरल बनकर गौरवान्वित और भाग्यशाली महसूस कर रहे हैं तथा उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि वह द्विपक्षीय संबंधों को और विस्तार देने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे।

नेपाल के राष्ट्रपति ने जनरल की उपाधि से किया सम्मानित

भारतीय सेना प्रमुख को बृहस्पतिवार को राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल द्वारा राष्ट्रपति भवन शीतल निवास में नेपाल सेना के जनरल की मानद रैंक से सम्मानित किया गया। पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे जनरल द्विवेदी अपने नेपाली समकक्ष सिगडेल के निमंत्रण पर पांच दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर बुधवार को नेपाल पहुंचे थे। बृहस्पतिवार को जनरल द्विवेदी ने अपने नेपाली समकक्ष जनरल अशोक कुमार सिगडेल से मुलाकात की और आपसी हितों से जुड़े मामलों पर चर्चा की।