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योगी आदित्यनाथ: जीत की गारंटी का पर्याय

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  • उत्तर प्रदेश विधानसभा उपचुनाव 2024 में भाजपा ने 9 में से 6 सीटों पर जीत दर्ज की, जबकि एनडीए सहयोगी रालोद ने 1 सीट पर विजय पाई।
  • निकाय चुनाव 2023 में योगी के नेतृत्व में भाजपा ने क्लीन स्वीप किया, सभी 17 नगर निगमों में महापौर भाजपा के बने।
  • विधान परिषद उपचुनाव में भाजपा ने सपा की चालों को मात देकर मानवेंद्र सिंह, पद्मसेन चौधरी और बहोरन लाल मौर्य को सदन में पहुंचाया।
  • योगी आदित्यनाथ ने महाराष्ट्र, त्रिपुरा, ओडिशा, राजस्थान और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में भी चुनाव प्रचार कर भाजपा को विजय दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
  • रामपुर जैसे मजबूत सपा गढ़ में भाजपा ने पहली बार जीत दर्ज की, आजम खान के प्रभाव को योगी की रणनीति ने तोड़ा।

उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों में भाजपा के जीत के सूत्रधार बने योगी आदित्यनाथ
विकास, रोजगार, और सख्त कानून-व्यवस्था पर आधारित राजनीति ने दिलाई ऐतिहासिक जीतें।

लखनऊ, 24 नवंबर 2024: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को आज न केवल उनके प्रदेश बल्कि देशभर में ‘जीत की गारंटी’ के रूप में देखा जा रहा है। उनके कुशल नेतृत्व और रणनीतिक कार्यशैली ने पिछले साढ़े सात वर्षों में भाजपा और एनडीए को कई महत्वपूर्ण चुनावी सफलताएँ दिलाई हैं। विकास, रोजगार और समृद्धि पर आधारित उनकी कार्यशैली ने यूपी में भाजपा की स्वीकार्यता को बढ़ाया है।

योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव, उपचुनाव, विधान परिषद चुनाव और नगर निकाय चुनावों में भाजपा को ऐतिहासिक जीत दिलाई। यही नहीं, अन्य राज्यों में भी भाजपा कार्यकर्ता के रूप में उन्होंने पार्टी को मज़बूती प्रदान की।

उत्तर प्रदेश: विधानसभा उपचुनावों में कमल का बोलबाला

विधानसभा उपचुनाव 2024 में यूपी की 9 में से 6 सीटों पर भाजपा और 1 पर सहयोगी दल रालोद ने जीत दर्ज की। योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में स्वार टांडा, गोला गोकर्णनाथ, रामपुर, ददरौल, लखनऊ पूर्वी, और छानबे जैसी सीटों पर भाजपा और एनडीए ने जीत हासिल की।
रामपुर में भाजपा प्रत्याशी आकाश सक्सेना ने 10 बार के विधायक आज़म खान का किला ढहा दिया।

निकाय चुनाव 2023: योगी के नेतृत्व में क्लीन स्वीप

योगी आदित्यनाथ की विकासपरक नीतियों का असर नगर निकाय चुनावों में स्पष्ट दिखा।

  • यूपी के सभी 17 नगर निगमों में भाजपा के महापौर निर्वाचित हुए।
  • 2017 में भाजपा को 14 नगर निगमों में जीत मिली थी, जबकि इस बार यह आंकड़ा 17 में 17 पर पहुंच गया।
  • 813 पार्षदों के साथ नगर पालिका और नगर पंचायत अध्यक्ष पदों पर भी भाजपा ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की।
  • सपा और बसपा का ग्राफ बुरी तरह गिरा, साइकिल पंचर हुई और हाथी मैदान से बाहर हो गया।

विधान परिषद उपचुनावों में भी दिखा योगी का जादू

2024 के विधान परिषद उपचुनावों में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की रणनीति ने भाजपा को विजय दिलाई।

  • भाजपा प्रत्याशी मानवेंद्र सिंह और पद्मसेन चौधरी ने सपा के उम्मीदवारों को भारी मतों से हराया।
  • जुलाई 2024 में हुए उपचुनाव में बहोरन लाल मौर्य निर्विरोध विधान परिषद पहुंचे।

अन्य राज्यों में भी जीत के सूत्रधार बने योगी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश के साथ-साथ अन्य राज्यों में भी भाजपा की जीत सुनिश्चित करने में योगदान दिया।

  • महाराष्ट्र में 24 सीटों पर प्रचार करते हुए 22 सीटों पर भाजपा और सहयोगी दलों को जीत दिलाई।
  • त्रिपुरा में छह जनसभाएं और रोड शो करते हुए भाजपा को सत्ता में बनाए रखा।
  • ओडिशा, राजस्थान, छत्तीसगढ़, और मध्य प्रदेश में भी योगी आदित्यनाथ ने चुनाव प्रचार किया, जिससे भाजपा को व्यापक समर्थन मिला।

योगी आदित्यनाथ की उपलब्धियों का विवरण:

  1. उपचुनाव 2024: एनडीए ने 9 में से 7 व अकेले भाजपा ने 6 सीटों पर जीत हासिल की।
  2. निकाय चुनाव 2023: यूपी के सभी 17 नगर निगमों में भाजपा के महापौर चुने गए।
  3. विधान परिषद चुनाव: भाजपा ने सपा की रणनीतियों को कुशलतापूर्वक विफल कर जीत दर्ज की।
  4. अन्य राज्यों में जीत: महाराष्ट्र, त्रिपुरा, ओडिशा और अन्य राज्यों में भाजपा को मजबूत किया।
  5. रामपुर की जीत: 10 बार के विधायक आजम खान के गढ़ में भाजपा ने पहली बार कमल खिलाया।

विधानसभा उपचुनाव में भाजपा व सहयोगी दलों की जीत

  1. गोला गोकर्णनाथ – अमन गिरि
  2. छानबे – रिंकी कोल (अपना दल एस)
  3. रामपुर – आकाश सक्सेना
  4. स्वार टांडा – शफीक अंसारी (अपना दल एस)
  5. ददरौल – अरविंद सिंह
  6. लखनऊ पूर्वी – ओपी श्रीवास्तव
  7. कुंदरकी – रामवीर सिंह
  8. गाजियाबाद – संजीव शर्मा
  9. फूलपुर – दीपक पटेल
  10. मझवा – सुचिस्मिता मौर्य
  11. कटेहरी – धर्मराज निषाद
  12. खैर – सुरेंद्र दिलेर
  13. मीरापुर – मिथिलेश पाल (रालोद)

फेयरस्ट्रीट इंडिया: जर्मन भाषा सीख वैश्विक रोजगार की ओर बढ़ाया कदम

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  • फेयरस्ट्रीट इंडिया ने जर्मन भाषा सीखने वाले नर्सिंग छात्रों को सम्मानित किया।
  • कार्यक्रम में एरा विश्वविद्यालय के कुलाधिपति अब्बास मेंहदी और डॉ. ऋचा मिश्रा मुख्य अतिथि रहे।
  • फेयरस्ट्रीट नर्सिंग स्नातकों को जर्मनी में रोजगार के अवसर प्रदान कर रहा है।
  • समारोह में छात्रों ने धाराप्रवाह जर्मन में अपने अनुभव साझा किए।
  • विभिन्न नर्सिंग संस्थानों के प्रतिनिधियों ने इस पहल की सराहना की।
    फेयरस्ट्रीट ने किया नर्सिंग प्रतिभाओं का सम्मान

    लखनऊ: जर्मन भाषा सीखने और अपने वैश्विक करियर की शुरुआत करने वाले नर्सिंग छात्रों के सम्मान में शनिवार को एक भव्य समारोह का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम बोरा ग्रुप की इकाई फेयरस्ट्रीट इंडिया द्वारा बोरा इंस्टीट्यूट ऑफ एलाइड हेल्थ साइंसेज के सुशीला बोरा प्रेक्षागृह में आयोजित किया गया।

    इस अवसर पर एरा विश्वविद्यालय के कुलाधिपति अब्बास मेंहदी और हिन्द मेडिकल कॉलेज की चेयरपर्सन डॉ. ऋचा मिश्रा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता लखनऊ उत्तर के विधायक एवं बोरा ग्रुप के चेयरमैन डॉ. नीरज बोरा ने की।

    फेयरस्ट्रीट इंडिया का योगदान

    फेयरस्ट्रीट इंडिया के प्रबंध निदेशक वत्सल बोरा ने समारोह का शुभारंभ करते हुए कहा कि उनकी संस्था स्नातक नर्सों को जर्मनी में काम करने के लिए तैयार कर रही है। यह पहल जर्मन भाषा सीखने से लेकर उन्हें विदेश में सेवायोजित कराने तक की सुविधा प्रदान करती है। उन्होंने बताया कि यह प्रयास नर्सिंग क्षेत्र के युवाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोजगार के अवसरों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

    मुख्य अतिथियों के विचार

    बतौर अतिथि समारोह को सम्बोधित करते हुए एरा विश्वविद्यालय के कुलाधिपति अब्बास मेंहदी ने कहा कि विदेशों में रोजगार की अपार संभावनाओं के बीच सबसे बड़ी चुनौती भाषा और सही मार्गदर्शन की होती है। इस दिशा में फेयरस्ट्रीट का कार्य सराहनीय है।

    हिन्द मेडिकल कालेज की चेयरपर्सन डा. ऋचा मिश्रा ने कहा कि चिकित्सा क्षेत्र में भारत की प्रगति ने सबका ध्यान अपनी ओर खींचा है। हमारे चिकित्सा स्नातक और नर्सिंग प्रशिक्षितों को सेवा क्षेत्र में बेहतर विकल्प देने के प्रयासों की जितनी सराहना की जाय कम है।

    डॉ. नीरज बोरा ने अपने अध्यक्षीय वक्तव्य में भारत की वैश्विक भूमिका और इस तरह की पहलों की आवश्यकता पर जोर दिया।

    सम्मानित हुए छात्र और विशेषज्ञों का योगदान

    कार्यक्रम में जर्मन भाषा सीखने वाले नर्सिंग छात्रों को सम्मानित किया गया। छात्रों ने धाराप्रवाह जर्मन में अपने अनुभव साझा किए।
    फेयरस्ट्रीट के बिजनेस हेड सौरभ पांडेय ने युवाओं को वैश्विक अवसरों का लाभ उठाने और आवेदन प्रक्रिया को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी दी।
    बोरा ग्रुप के निदेशक सुधांशु मिश्रा ने अतिथियों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।

    उपस्थित प्रमुख संस्थान और प्रतिनिधि

    इस कार्यक्रम में एमएस इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग, डेज़ी नर्सिंग कॉलेज, समर्पण कॉलेज ऑफ नर्सिंग, और बंसल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के प्रतिनिधियों के साथ ही बोरा इंस्टीट्यूट ऑफ एलाइड हेल्थ साइंसेज की प्राचार्य प्रो. शीला तिवारी सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

    डॉ.राजेश्वर सिंह ने सीएम योगी आदित्यनाथ से मिलकर दी विधानसभा उपचुनाव में प्रचंड जीत की बधाई

    • डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा- उप्र विधानसभा उप चुनाव में भाजपा की प्रचंड जीत, सीएम योगी के सुशासन पर जनता की मुहर
    • सीएम योगी से मिलकर डॉ. राजेश्वर सिंह ने पर्यावरण स्तर को किया रेखांकित, रखा राज्य पर्यावरण संरक्षण आयोग के गठन का प्रस्ताव
    • डॉ.सिंह ने सीएम योगी को दिया यूपी में एआई कमीशन की स्थापना का सुझाव, साइबर क्राइम और हाउस अरेस्ट की बढ़ती घटनाओं पर लगेगा लगाम, सौंपे व्यापक जनहित से संबंधित 7 महत्वपूर्ण पत्र
    • एआई कमीशन उत्तर प्रदेश को तकनीकी नवाचारों में अग्रणी बनाएगा

    लखनऊ: सरोजनीनगर विधायक डॉ.राजेश्वर सिंह ने शनिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलकर विधानसभा उपचुनाव में भाजपा की ऐतिहासिक जीत की बधाई दी। इस दौरान डॉ.सिंह ने अपनी विधानसभा क्षेत्र में संचालित विकास कार्यों से भी अवगत कराया।

    विधायक ने मुख्यमंत्री से मुलाकत के दौरान व्यापक जनहित से सम्बंधित 7 महत्वपूर्ण पत्र भी सौंपे

    1. राज्य पर्यावरण संरक्षण आयोग के गठन का प्रस्ताव :

    अपने प्रस्ताव में राजेश्वर सिंह ने लखनऊ में बढ़ते प्रदूषण स्तर को रेखांकित किया, जहां एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) ने कई बार 250 (Unhealthy) और 300 (Hazardous) के खतरनाक स्तर को पार किया है, उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि वर्तमान में राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, जो जल (प्रदूषण निवारण और नियंत्रण) अधिनियम, 1974 के तहत काम कर रहे हैं, केवल जल प्रदूषण और अपशिष्टों पर ही केंद्रित हैं, जबकि पर्यावरणीय समस्याएँ जल से परे हैं और व्यापक दृष्टिकोण की आवश्यकता है।

    राजेश्वर सिंह ने प्रस्तावित राज्य पर्यावरण संरक्षण आयोग के उद्देश्यों की सूची प्रस्तुत की है, जिसमें प्रमुख हैं:
    A . मौजूदा पर्यावरण नीतियों की निगरानी और मूल्यांकन करना, ताकि उनका प्रभावी कार्यान्वयन सुनिश्चित किया जा सके।
    B . वर्तमान नीतियों और कानूनों में सुधार के लिए सुझाव देना।
    C . प्रदूषण नियंत्रण, कचरा प्रबंधन और सतत विकास के लिए नए और अभिनव उपायों का प्रस्ताव करना।
    D . पर्यावरणीय मानकों के पालन की निगरानी करना और उल्लंघन की स्थिति में कड़ी कार्रवाई करना।
    E . विभिन्न हितधारकों के बीच समन्वय करना, जिसमें स्थानीय सरकारें, व्यावसायिक संस्थाएँ, NGOs और नागरिक शामिल हों।
    F . जन जागरूकता अभियान चलाना ताकि पर्यावरण संरक्षण के महत्व को बढ़ावा दिया जा सके।

    2. विधानसभा क्षेत्र में विकास कार्यों का प्रस्ताव

    राजधानी लखनऊ का सरोजनीनगर विधानसभा क्षेत्र SCR का भी हिस्सा है, क्षेत्र के गौरी, नीलमथा, हरिहरपुर, बादलीखेड़ा, और पंडित खेड़ा जैसे स्थानों पर इंफ्रास्ट्रक्चर विकास और इंटरनल कनेक्टिविटी मजबूत किये जाने की आवश्यकता है। सीएम को दिए गए अपने प्रस्ताव में डॉ. राजेश्वर सिंह ने –

    A.सड़क निर्माण –
    . हरिहरपुर से मेदांता अस्पताल तक सड़क चौड़ीकरण
    . नीलमथा से नगराम रोड वैकल्पिक मार्ग के निर्माण
    . डिप्टीगंज रेलवे फाटक पर फ्लाई ओवर के निर्माण
    . गौरी, बादलीखेड़ा और पंडित खेडा में संपर्क मार्ग निर्माण
    इन मार्गों के निर्माण के करीब 2.5 लाख आबादी को लाभ होगा।

    B. जल निकासी की व्यवस्था –
    . गौरी, हाइडिल नहर से बिजनौर रोड तक नाले का निर्माण (700 मी.)
    . नीलमथा, हरिहरपुर तिराहे से मुख्य ड्रेनेज तक नाले का निर्माण (500 मी.)
    . हबीबपुर शिव मंदिर वाले तालाब से 500 मी. गहरे नाले नाले का निर्माण
    . हसियामऊ से हरिहरपुर होते हुए मालक फाटक तक सीवर लाइन तथा सड़क निर्माण

    C. तालाबों का जीर्णोद्धार एवं जल संचयन
    . हर घर नल योजना के तहत जलापूर्ति
    . भूमि संसाधन प्रबंधन एवं डिजिटलीकरण के प्रस्ताव सीएम को सौंपे।

    3. “आपका विधायक-आपके द्वार” के 100 वें आयोजन में आमंत्रण

    सरोजनीनगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह द्वारा जनता को समस्याओं का सहज समाधान उपलब्ध कराने के लिए विगत 95 सप्ताहों से आपका विधायक आपके द्वार जन सुनवाई शिविर संचालित है। डॉ.सिंह ने सीएम योगी को 100 वें आयोजन में उपस्थित रहने का आमंत्रण दिया। सीएम को दिए पत्र में विधायक ने लिखा आपके मार्गदर्शन से मुझे और सरोजनी नगर को नयी ऊर्जा प्राप्त होगी

    “आपका विधायक-आपके द्वार” जन सुनवाई शिविर की विशेषताएं

    . विगत 95 सप्ताह से सतत आयोजित
    . 40,000 से अधिक ग्रामीणों से सीधा संवाद
    . 8,000 से अधिक प्रार्थना पत्र प्राप्त किये गये
    . 2,000 से अधिक जन समस्यों का त्वरित समाधान किया गया
    . 400 से अधिक मेधावियों को साइकिल प्रदान कर सम्मानित किया गया
    . रहती है भाजपा पदाधिकारियों की उपस्थित

    4. एआई कमीशन का प्रस्ताव:

    सरोजनीनगर विधायक राजेश्वर सिंह ने बढती साइबर क्राइम और हाउस अरेस्ट जैसे घटनाओं पर प्रभावी अत्यंत आवश्यक है, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आयोग के गठन हेतु मुख्यमंत्री जी को पूर्व में दिए गये प्रस्ताव के सम्बन्ध में अनुस्मारक पत्र भी प्रदान किया

    विधायक ने उत्तर प्रदेश में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) कमीशन के गठन का प्रस्ताव रखा है। इस कमीशन का उद्देश्य राज्य सरकार की कार्यप्रणाली और विकास में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) की पूरी क्षमता का उपयोग करना है।

    A . एआई का रणनीतिक महत्व:
    कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) अब शासन, स्वास्थ्य, शिक्षा और बुनियादी ढांचा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में प्रभाव डाल रही है। प्रस्तावित एआई कमीशन इन क्षेत्रों में एआई प्रौद्योगिकियों के प्रभावी उपयोग के लिए मार्गदर्शन प्रदान करेगा।

    B . विशेषज्ञ टीम का गठन:
    इस कमीशन में एआई वैज्ञानिकों, इंजीनियरों और तकनीकी विशेषज्ञों की टीम होगी, जो विभिन्न सरकारी विभागों में अत्याधुनिक एआई समाधानों के एकीकरण को सुनिश्चित करेंगे।

    C . कमीशन के मुख्य कार्य:
    यह कमीशन निम्नलिखित प्रमुख कार्यों पर ध्यान केंद्रित करेगा:
    • एआई शोध और विकास करना
    • सरकारी सेवाओं और संचालन में एआई प्रौद्योगिकियों का कार्यान्वयन
    • नई एआई नवाचारों का मूल्यांकन और उनके राज्य सरकार के लिए प्रासंगिकता का आकलन

    D . उत्तर प्रदेश की तकनीकी नेतृत्व को बढ़ावा:
    एआई कमीशन का गठन उत्तर प्रदेश को तकनीकी नवाचारों में अग्रणी राज्य के रूप में मजबूत करेगा।

    इन पत्रों के साथ ही:

    1. कोविड -19 के दौरान अनेक युवा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी नहीं कर सकें, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अनेक युवाओं के प्रार्थना पत्र पर डॉ राजेश्वर सिंह ने मुख्यमंत्री जी से आरओ / एआरओ और पीसीएस परीक्षाओं में 2 अतिरिक्त अवसर दिलाए जाने हेतु अनुरोध किया।
    2. विशिष्ट BTC शिक्षक वेलफेयर एसोशिएशन पदाधिकारियों के अनुरोध पर विशिष्ट BTC – 2004 चयन प्रक्रिया द्वारा नियुक्त शिक्षकों को पुरानी पेंशन का लाभ दिलाये जाने की मांग का पत्र मुख्यमंत्री को अग्रेसित किया।
    3. साथ ही उप्र पंचायती राज सफाई कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों द्वारा हस्तांतरित पत्र के आधार पर ग्रामीण सफाई कर्मियों को अन्य संवर्गों की भांति प्रोन्नति प्रदान किये जाने की मांग पर विचार करने का अनुरोध भी किया।

    उपरोक्त जानकारियाँ सरोजनीनगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने अपने आधिकारिक एक्स पर पोस्ट कर साझा की हैं।

    उत्तर प्रदेश उपचुनाव (मिशन-9): योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उपचुनाव में मिली ऐतिहासिक जीत

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    योगी को यूपी का साथ, 9 में जीतीं सीटें सात

    • योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश उपचुनावों में एनडीए ने 9 में से 7 सीटें जीतीं।
    • कटेहरी में तीन दशक बाद भाजपा ने बड़ी जीत दर्ज की, सपा के गढ़ को भेदते हुए धर्मराज निषाद ने 34,514 वोटों से विजय पाई।
    • कुंदरकी में भाजपा के रामवीर सिंह ठाकुर ने सपा के मो. रिजवान को बड़े अंतर से हराकर इतिहास रच दिया।
    • गाजियाबाद में भाजपा के संजीव शर्मा ने 69,351 वोटों के बड़े अंतर से जीत दर्ज की।
    • मझवा, फूलपुर, खैर और मीरापुर में भाजपा और एनडीए प्रत्याशियों ने शानदार प्रदर्शन किया।
    • मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पांच दिनों में 15 रैलियां कर जीत का माहौल बनाया।
    • सपा के गढ़ करहल और सीसामऊ में भाजपा ने सपा के जीत के अंतर को बेहद कम किया।
    • एनडीए गठबंधन की जीत ने 2024 के लोकसभा चुनावों के लिए पार्टी की रणनीति को मजबूती दी।
    • योगी आदित्यनाथ की लोकप्रियता और मजबूत चुनावी प्रबंधन ने उपचुनाव में भाजपा की जीत को सुनिश्चित किया।

    लखनऊ, 23 नवंबर 2024– उत्तर प्रदेश के उपचुनावों में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में एनडीए ने बड़ी जीत दर्ज की है। 9 सीटों पर हुए चुनावों में से 7 पर एनडीए ने विजय प्राप्त की, जिसमें 6 सीटों पर भाजपा और 1 सीट पर रालोद ने जीत हासिल की। खास बात यह है कि भाजपा ने सपा के गढ़ मानी जाने वाली कुंदरकी और कटेहरी सीटें भी अपने नाम कर लीं।

    पांच दिन, 15 कार्यक्रम: सीएम योगी का चुनावी अभियान

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उपचुनाव में एनडीए प्रत्याशियों के पक्ष में जोरदार प्रचार किया। पांच दिनों के भीतर उन्होंने 15 चुनावी कार्यक्रम आयोजित किए, जिनमें गाजियाबाद, फूलपुर, मझवा, खैर, कटेहरी और कुंदरकी जैसे क्षेत्रों में रैलियां और रोड शो शामिल रहे। इन रैलियों का प्रभाव साफ दिखा, खासकर कुंदरकी और कटेहरी में ऐतिहासिक जीत दर्ज हुई।

    कटेहरी: तीन दशक बाद खिला कमल

    कटेहरी सीट पर भारतीय जनता पार्टी ने 30 सालों बाद जीत हासिल की। धर्मराज निषाद ने सपा की शोभावती वर्मा को 34,514 वोटों से हराकर यह सीट भाजपा के खाते में दर्ज कराई।

    कुंदरकी में सपा का गढ़ टूटा

    कुंदरकी सीट, जहां 2022 में समाजवादी पार्टी का दबदबा था, इस बार भाजपा के रामवीर सिंह ठाकुर ने सपा प्रत्याशी मो. रिजवान को बड़े अंतर से हराकर भाजपा को यहां भी ऐतिहासिक जीत दिलाई।

    अन्य सीटों पर भी भाजपा का दबदबा

    मझवा, फूलपुर, गाजियाबाद, खैर और मीरापुर जैसी सीटों पर भी भाजपा और एनडीए गठबंधन ने शानदार जीत हासिल की। गाजियाबाद में भाजपा के संजीव शर्मा ने 69,351 वोटों के बड़े अंतर से जीत दर्ज की।

    सपा के गढ़ में भी भाजपा की सेंध

    करहल और सीसामऊ जैसे सपा के मजबूत गढ़ों में भाजपा ने सपा के जीत के अंतर को काफी हद तक कम कर दिया। करहल में सपा के तेज प्रताप यादव की जीत का अंतर 2022 के 67,504 वोटों से घटकर इस बार महज 14,725 वोट रह गया।

    योगी का अभियान बना जीत की वजह

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उपचुनाव प्रचार के लिए पांच दिनों में 15 चुनावी कार्यक्रम किए। उनकी रैलियों और रोड शो ने भाजपा के पक्ष में माहौल बनाने में अहम भूमिका निभाई।

    यह उपचुनाव, 2024 के लोकसभा चुनावों के ठीक बाद एनडीए के लिए एक बड़ी जीत है, जो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मजबूत छवि और नेतृत्व का प्रमाण है।

    “स्वच्छ शौचालय-हमारी जिम्मेदारी” थीम को करें आत्मसात : ऋतु सुहास

    • 25 नवम्बर को ‘पेंट माई टॉयलेट’ का विशेष अभियान चलाकर शौचालयों के आस-पास की दिवारो पर वॉल पेंटिंग और स्वच्छता संबंधी संदेश लिखकर उनका सौन्दर्यीकरण कराया जाएगा
    • ‘स्वच्छ शौचालय’ अभियान अंतर्गत 30 नवम्बर को सफाईमित्रों का होगा सम्मान
    • विश्व शौचालय दिवस 19 नवम्बर से 25 दिसम्बर तक चलाया जा रहा ‘स्वच्छ शौचालय’ अभियान

    लखनऊ, 23 नवम्बर 2024: भारत सरकार के निर्देशों के क्रम में प्रदेश की सभी निकायों में निर्मित सामुदायिक, सार्वजनिक व पिंक शौचालयों को स्वच्छ, सुन्दर और सुविधाजनक बनाने के लिए विश्व शौचालय दिवस पर जॉइंट सेक्रेटरी, महुआ श्रीमती रूपा मिश्रा जी ने राजधानी लखनऊ से ‘स्वच्छ शौचालय’ नामक विशेष अभियान की शुरुआत की थी। अपर निदेशक स्वच्छ भारत मिशन (नगरीय) ऋतु सुहास ने बताया कि ‘स्वच्छ शौचालय’ अभियान की थीम “स्वच्छ शौचालय-हमारी जिम्मेदारी” को आत्मसात करने के लिए इस अभियान को 25 दिसम्बर, 2024 तक चलाया जा रहा है, जिसके अंतर्गत विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से निकायों में स्थापित शौचालयों को स्वच्छ, सुंदर, सुरक्षित और सुविधाजनक बनाया जायेगा। इसी क्रम में 25 नवम्बर को “पेंट माई टॉयलेट” नामक विशेष अभियान चलाकर शौचालय और आसपास की दीवारों पर वॉल पेंटिंग और स्वच्छता संबंधी संदेश और उनका सौन्दर्यीकरण किया जाएगा। उसके पश्चात् 30 नवम्बर को सभी निकायों में सफाई मित्रों का सम्मान किया जायेगा।

    “स्वच्छ शौचालय-हमारी जिम्मेदारी” थीम पर आधारित “स्वच्छ शौचालय” अभियान के दौरान सभी निकायों में निर्मित सार्वजनिक, सामुदायिक व पिंक शौचालयों की मरम्मत, सफाई और सुंदरीकरण के साथ ही उनके आस-पास खाली जगहों पर पौधरोपण एवं स्वच्छता संबंधी संदेशों को वॉल पर पेटिंग के माध्यम से दर्शाया जायेगा। स्वच्छ शौचालय अभियान अंतर्गत सभी शौचालयों की साफ-सफाई प्रत्येक दिन में 02 बार करायी जाएगी।

    गाइडलाइन के अनुरूप होंगे सभी कार्य

    निकायों में निर्मित सार्वजनिक एवं सामुदायिक शौचालयों के बेहतर रख-रखाव गाईडलाइन के अनुसार सुनिश्चित की जाएगी। सार्वजनिक एवं सामुदायिक शौचालयों के आस-पास गंदगी निषेध क्षेत्र बनाया जाएगा व उन स्थानों का सौन्दर्यीकरण कराया जाएगा। ऐतिहासिक व सार्वजनिक स्थानों पर निर्मित शौचालयों की साफ-सफाई व उनके सौन्दर्यीकरण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

    टोल फ्री नंबर का प्रचार पर दर्ज करें सुझाव और शिकायत

    स्वच्छता और सुविधाओं सम्बंधित सुझाव व शिकायतों के लिए सभी शौचालयों पर टोल फ्री नं. 1533 का प्रचार-प्रसार बाहर की दिवारों पर किया जाएगा। सैप्टिक टैंक क्लीनिंग से संबंधित दिशा-निर्देश एवं सैप्टिक टैंक क्लीनिंग से संबंधित संपर्क नंबर टाॅयलेट के बाहर की दिवारों पर दर्शाया जाएगा। शौचालयों को गूगल मैप पर गूगल टॉयलेट लोकेटर पर चिन्हित् करते हुए गूगल लोकेटर आई.डी. को टॉयलेट के बाहर की दिवारों पर दर्शाया जाए। अभियान के अन्तर्गत संबंधित निकायों में रेट्रोफिटिंग एवं रेनोवेशन किया जाना है। सभी निकाय आपने शौचालयों का सौन्दर्यीकरण, मरम्मत, रख-रखाव, गाईडलाइन के अनुरुप कराने के पश्चात् पहले व बाद की स्थिति से अवगत कराएंगे।

    आई.ई.सी. गतिविधियों के माध्यम से करें व्यापक प्रचार-प्रसार

    स्वच्छ शौचालय अभियान के अन्तर्गत आई.ई.सी. में विभिन्न गतिविधियां करायी जाएगी जैसे कि टॉयलेट टाक्स, सौन्दर्यीकरण, हैरिटेज प्लेसेस से संबंधित स्थानों पर आउटरीच गतिविधियों एवं आई.ई.सी. के माध्यम से लोगों का जुडा़व कराया जायेगा। स्वयं सहायता समूह, स्वयं सेवी संस्था, सी.बी.ओ., सी.एस.आर., स्वच्छ वातावरण प्रोत्साहन समिति व स्वच्छ सारथी क्लब के माध्यम से विभिन्न स्थानों पर जागरुकता कार्यक्रम का आयोजन कराया जायेगा तथा समस्त स्कूल/कॉलेज/विश्वविद्याालयों में टॉयलेट की व्यवस्था व साफ-सफाई की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। अभियान की समस्त गतिविधियों को सोशल मीडिया हैंडल पर पोस्ट करके व न्यूज पेपर्स के माध्यम से भी इसका प्रचार-प्रसार किया जाएगा।

    डीसीसीसी से होगी ऑनलाइन मॉनिटरिंग

    निदेशालय में स्थापित डेडिकेटेड कमांड कंट्रोल सेंटर (डीसीसीसी) के माध्यम से शौचालय की सफाई, सौंदर्यीकरण की दैनिक निगरानी की जाएगी। सभी मानकों को पूर्ण कराते हुए निकाय स्तर के अधिकारी व कर्मचारी ऑनलाइन मॉनिटरिंग में प्रतिभाग करते हुए शौचालय में कराये गए कार्यों को प्रदर्शित करेंगे।

    उत्कृष्ट शौचालय और केयरटेकर होंगे सम्मानित

    अभियान के तहत उत्कृष्ट कार्य करने वाले नगर निगम/नगर पालिका परिषदों/नगर पंचायतों को विभिन्न सूचकों के आधार पर राज्य स्तर पर विभाग द्वारा सम्मानित किया जाएगा। वहीं उत्कृष्ट केयरटेकर को भी निकाय व राज्य स्तर पर सम्मानित किया जायेगा।

    स्वच्छ टॉयलेट अभियान के अन्तर्गत विशेष सफाई अभियान चलाकर समस्त सार्वजनिक/सामुदायिक शौचालयों की साफ-सफाई व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। 25 नवम्बर को “पेंट माई टॉयलेट” का विशेष अभियान चलाकर समस्त टॉयलेट के आसपास की दिवारो पर स्वच्छता संबंधी संदेश लिखाकर उनका सौन्दर्यीकरण कराया जाएगा। वहीं 30 नवम्बर को सभी सफाई कर्मियों को उक्त अभियान के अन्तर्गत सम्मानित किया जाएगा।

    इन्हीं मुख्य उद्देश्य और मनकों को पूर्ण करते हुए निकायों में स्थापित शौचालयों को सुन्दर और सुविधाजनक बनाया जाए, जिससे आमजनमानस को स्वच्छता और स्वस्थ वातावरण मिल सके। इतना ही नहीं यहीं शौचालय निकाय की जनसुविधाओं का प्रमुख बिंदु भी बन सके।