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डॉ. राजेश्वर सिंह: मोदी-योगी के सजग प्रहरी, जनता के सच्चे सेवक और समाज उत्थान के प्रेरणा स्रोत

truenewsup MLA Sarojninagar Dr. Rajeshwar Singh
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  • भाजपा विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह सरोजनीनगर में सामाजिक कल्याण के लिए सक्रिय रूप से प्रयासरत हैं।
  • रण बहादुर सिंह डिजिटल शिक्षा केंद्र के माध्यम से युवाओं को तकनीकी और व्यावसायिक शिक्षा प्रदान की जा रही है।
  • “राम रथ श्रवण अयोध्या यात्रा” का आयोजन करके धार्मिक आस्था और संस्कृति को बढ़ावा दिया जा रहा है।
  • डॉ. राजेश्वर सिंह द्वारा शुरू की गई निःशुल्क अयोध्या यात्रा में बुजुर्गों और महिलाओं को धार्मिक और सांस्कृतिक अनुभवों का अवसर मिलता है।
  • सरोजनीनगर के युवाओं को तकनीकी शिक्षा और रोजगार के लिए तैयार करने हेतु डिजिटल शिक्षा केंद्र की स्थापना की गई।
  • महिलाओं को स्वरोजगार और सशक्तिकरण के लिए हस्तशिल्प, सिलाई-कढ़ाई जैसी ट्रेनिंग प्रदान की जाती है।
  • जरूरतमंदों और गरीबों को रोजाना निःशुल्क पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने का प्रबंध।
  • “आपका विधायक-आपके द्वार” पहल के तहत हर व्यक्ति की समस्याओं का समाधान करने और समाज से जुड़ाव बनाए रखने का प्रयास।

लखनऊ, 24 नवंबर 2024: सरोजनीनगर विधानसभा से भाजपा विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह केवल एक जनप्रतिनिधि नहीं, बल्कि समाज सेवा और जनकल्याण के लिए प्रतिबद्ध एक प्रेरणादायक व्यक्तित्व हैं। उनकी कार्यशैली और विचारधारा उन्हें अन्य जनप्रतिनिधियों से अलग बनाती है। उनका हर कदम समाज के हर वर्ग को साथ लेकर चलने की दिशा में होता है। उनके द्वारा शुरू की गई राम रथ श्रवण अयोध्या यात्रा, रण बहादुर सिंह डिजिटल शिक्षा एवं युवा सशक्तिकरण केंद्र, तारा शक्ति केंद्र, और तारा शक्ति निःशुल्क रसोईं जैसी योजनाएं उनकी संवेदनशीलता, दूरदर्शिता, और समाज के प्रति समर्पण का प्रमाण हैं।

राम रथ श्रवण अयोध्या यात्रा: आस्था और संस्कृति का संगम

राम रथ श्रवण अयोध्या यात्रा एक महत्वपूर्ण धार्मिक पहल है, जो सरोजनीनगर से भाजपा विधायक डॉ.राजेश्वर सिंह की पहल है, भक्तों को अयोध्या के प्रमुख धार्मिक स्थलों की यात्रा करने का अवसर प्रदान करती है। यह यात्रा विशेष रूप से बुजुर्गों और महिलाओं के लिए आयोजित की जाती है, ताकि वे राम मंदिर, हनुमान गढ़ी, सरयू घाट, राम की पैड़ी, और दशरथ महल जैसे पवित्र स्थलों के दर्शन कर सकें।

हाल ही में, डॉ.सिंह ने 32वीं राम रथ यात्रा को स्वयं हरी झंडी दिखाई, अब तक हुई 33 राम रथ यात्राओं में हजारों लोगों ने दर्शनलाभ प्राप्त किया। यह यात्रा न केवल आस्था का प्रतीक है, बल्कि भारतीय संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। यात्रा के माध्यम से भक्तों को आध्यात्मिक उन्नति और सांस्कृतिक गौरव की अनुभूति होती है, जो उनकी आस्थाओं को और मजबूत करती है।

डॉ.सिंह ने धार्मिक और सांस्कृतिक मूल्यों को बनाए रखने के लिए राम रथ श्रवण अयोध्या यात्रा का आयोजन किया। इस यात्रा का उद्देश्य राम की नगरी अयोध्या और उसकी धार्मिक महत्ता को जन-जन तक पहुंचाना है। यह यात्रा श्रद्धालुओं के लिए केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि समाज को भारतीय संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने का एक प्रयास है। श्रद्धालुओं को अयोध्या के दर्शन और रामलला के आशीर्वाद के साथ-साथ धार्मिक और आध्यात्मिक ऊर्जा प्राप्त करने का अवसर मिलता है। इस यात्रा में बुजुर्गों और जरूरतमंदों का विशेष ध्यान रखा जाता है, जिससे यह डॉ. राजेश्वर सिंह की संवेदनशीलता का प्रमाण बनती है।

रण बहादुर सिंह डिजिटल शिक्षा एवं युवा सशक्तिकरण केंद्र: युवाओं का भविष्य संवारने की पहल

रण बहादुर सिंह डिजिटल शिक्षा एवं युवा सशक्तिकरण केंद्र युवाओं को डिजिटल कौशल में प्रशिक्षित करने की एक अभिनव पहल है। इस केंद्र का उद्देश्य युवाओं को कंप्यूटर फंडामेंटल, MS ऑफिस, टैली, डाटा एंट्री जैसे तकनीकी कौशल में निःशुल्क प्रशिक्षण प्रदान करना है। इसके माध्यम से, उन्हें रोजगार के अवसरों के लिए तैयार किया जाता है और उन्हें डिजिटल युग में प्रतिस्पर्धा में बने रहने के लिए आवश्यक कौशल सिखाए जाते हैं।

विधायक सरोजनीनगर, डॉ.राजेश्वर सिंह, ने इस केंद्र की शुरुआत की और इसे युवाओं के भविष्य को संवारने का एक महत्वपूर्ण कदम बताया। यह पहल युवाओं को स्वावलंबी बनाने और उन्हें बेहतर रोजगार की दिशा में मार्गदर्शन करने के लिए है। इन केंद्रों में प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जाता है, जिससे युवा अपने कौशल को सशक्त बना सकें।

डॉ.सिंह का मानना है कि शिक्षा और तकनीकी सशक्तिकरण युवाओं को आत्मनिर्भर बना सकते हैं। उन्होंने अपने पिता स्वर्गीय रण बहादुर सिंह के नाम पर रण बहादुर सिंह डिजिटल शिक्षा एवं युवा सशक्तिकरण केंद्र की स्थापना की। यह केंद्र युवाओं को डिजिटल कौशल सिखाने के साथ-साथ रोजगार के लिए तैयार करता है। यह केंद्र न केवल युवाओं को तकनीकी शिक्षा प्रदान करता है, बल्कि उनके आत्मविश्वास को भी बढ़ाता है। कंप्यूटर ट्रेनिंग, सॉफ्ट स्किल्स डेवलपमेंट, और रोजगार के अवसरों के लिए मार्गदर्शन जैसे कई पहलुओं पर यहां काम किया जाता है। इस पहल से सैकड़ों युवा रोजगार प्राप्त कर चुके हैं और आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहे हैं।

तारा शक्ति केंद्र: महिलाओं के सशक्तिकरण की ओर एक कदम

तारा शक्ति केंद्र सरोजनीनगर, लखनऊ में महिलाओं के कौशल विकास और सशक्तिकरण का प्रमुख केंद्र है। यह केंद्र सहयोग परिवार परिसर में स्थित है, जहाँ महिलाओं को निःशुल्क प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है। इस केंद्र में हाल ही में स्कूल ड्रेस मेकिंग का प्रशिक्षण शुरू किया गया है, जो महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। यह केंद्र महिलाओं के सशक्तिकरण का उत्कृष्ट उदाहरण है। यहां महिलाओं को विभिन्न हस्तशिल्प, सिलाई-कढ़ाई, और स्वरोजगार से जुड़ी ट्रेनिंग दी जाती है। इसका उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से सक्षम बनाना और उन्हें समाज में आत्मनिर्भर बनाना है। प्रशिक्षण के साथ-साथ यह केंद्र रोजगार के अवसर भी प्रदान करता है, जिससे महिलाओं को वित्तीय स्वतंत्रता प्राप्त होती है। सरोजनीनगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह द्वारा संचालित तारा शक्ति केंद्रों ने अब तक कई महिलाओं की जिंदगी बदल दी है। यह पहल न केवल महिलाओं को सशक्त बनाती है बल्कि समाज के समग्र विकास में भी योगदान देती है।

तारा शक्ति निःशुल्क रसोईं: सेवा और समर्पण का प्रतीक

डॉ.सिंह द्वारा संचालित तारा शक्ति निःशुल्क रसोईं एक ऐसी सामाजिक पहल है जो समाज के जरूरतमंद वर्गों को मुफ्त भोजन उपलब्ध कराती है। यह रसोई विशेष रूप से उन लोगों के लिए संचालित की जाती है जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं और भोजन का प्रबंध नहीं कर पाते। तारा शक्ति निःशुल्क रसोईं का उद्देश्य मानवता की सेवा करना और समाज में समानता लाना है। यह रसोई समाज में सहानुभूति और सेवा के भाव को बढ़ावा देती है, जिससे लोगों के बीच आपसी सहयोग की भावना को प्रोत्साहन मिलता है।

डॉ. राजेश्वर सिंह, जो सरोजनीनगर के विधायक हैं, उनकी प्रेरणा और मार्गदर्शन से तारा शक्ति निःशुल्क रसोईं का विस्तार हुआ है और यह पहल समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए एक सशक्त कदम साबित हो रही है। यह रसोई उन लोगों के लिए जीवनदान का काम करती है, जिनके पास खाने के लिए कुछ नहीं होता। गरीब और जरूरतमंद लोगों के लिए तारा शक्ति रसोई एक वरदान की तरह है। यहां प्रतिदिन सैकड़ों जरूरतमंदों को ताजा, पौष्टिक और स्वादिष्ट भोजन मुफ्त में उपलब्ध कराया जाता है। यह डॉ.सिंह की गरीबों के प्रति संवेदनशीलता और सेवा भाव को दर्शाता है।

“आपका विधायक-आपके द्वार”: जनता के साथ सीधा जुड़ाव के 100 वें कार्यक्रम में सीएम योगी को भी किया आमंत्रित

“आपका विधायक-आपके द्वार” सरोजनीनगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह की एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसे उन्होंने अपने व नागरिकों के बीच संवाद और सेवाएं सुलभ बनाने के लिए शुरू किया है। इसका उद्देश्य जनता को उनसे सीधे संवाद का अवसर प्रदान करना है, ताकि वे अपनी समस्याओं को उनके सामने रख सकें और तत्काल समाधान प्राप्त कर सकें। इस कार्यक्रम के तहत, विधायक व उनकी टीम अपने निर्वाचन क्षेत्र की ग्राम पंचायतों पर कैंप लगाकर लोगों से मिलते हैं, उनकी शिकायतों को सुनते हैं और उन समस्याओं को सुनकर उनमें आने वाली प्रशासनिक कार्यवाही को शीघ्रता से पूरा करने का प्रयास करते हैं।

डॉ. सिंह के नेतृत्व में, इस पहल का उद्देश्य क्षेत्रीय विकास को गति देना, लोगों को सरकारी योजनाओं के लाभ से अवगत कराना और उनकी समस्याओं का समाधान करना है। विधायक के इस प्रकार के प्रत्यक्ष संवाद से जनता को उनके अधिकारों और योजनाओं के बारे में जानकारी मिलती है। यह पहल सरकार और नागरिकों के बीच पारदर्शिता को भी बढ़ावा देती है। जनता के साथ सीधा संवाद और उनकी समस्याओं का समाधान डॉ. सिंह की प्राथमिकताओं में सबसे ऊपर है। “आपका विधायक-आपके द्वार” कार्यक्रम के तहत वे क्षेत्र के हर कोने में जाकर लोगों से मिलते हैं, उनकी समस्याएं सुनते हैं, और उन्हें तुरंत सुलझाने का प्रयास करते हैं। यह पहल न केवल जनता के बीच उनकी लोकप्रियता बढ़ाती है, बल्कि यह भी सुनिश्चित करती है कि वे जनता के सुख-दुख में शामिल हों। उनके नेतृत्व में सरोजनीनगर विधानसभा क्षेत्र एक आदर्श क्षेत्र के रूप में उभर रहा है।

हाल ही में हुए यूपी विधानसभा के उपचुनावों समेत अन्य राज्यों में भी भाजपा की प्रचंड जीत के बाद डॉ. राजेश्वर सिंह ने सीएम योगी से मिलकर न सिर्फ उन्हें बधाईदी बल्कि उन्हें 100वें “आपका विधायक-आपके द्वार” कार्यक्रम के लिए आमंत्रित भी किया, जिससे सीएम योगी खुद सरोजनीनगर की जनता के बीच जाकर उनसे मिलें और अब तक की कार्यशैली और खासतौर से इस कार्यक्रम का फीडबैक भी प्राप्त करें।

जनसुनवाई और शिकायतों का त्वरित निस्तारण

डॉ. सिंह की कार्यशैली की एक और बड़ी विशेषता है उनकी जनसुनवाई प्रक्रिया। वे स्वयं और उनकी टीम क्षेत्रवासियों की शिकायतों को सुनने और उन्हें सुलझाने में पूरी तत्परता दिखाते हैं। उनकी प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी समस्या का समाधान जल्दी और प्रभावी तरीके से हो।

उनकी इस प्रतिबद्धता ने न केवल जनता का विश्वास जीता है, बल्कि उन्हें अन्य जनप्रतिनिधियों से अलग भी बनाया है। उनकी इस कार्यशैली से जनता के बीच यह संदेश जाता है कि उनका विधायक हर समय उनके साथ खड़ा है।

बुजुर्गों के प्रति स्नेह और संवेदनशीलता

डॉ. राजेश्वर सिंह का बुजुर्गों के प्रति स्नेह और सम्मान उनकी खास पहचान है। वे नियमित रूप से वृद्धाश्रमों में जाकर बुजुर्गों से मिलते हैं, उनकी समस्याएं सुनते हैं, और उनकी जरूरतों को पूरा करने का प्रयास करते हैं। ठंड के मौसम में कंबल वितरण, स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन, और वृद्धाश्रमों में बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना उनके संवेदनशील व्यक्तित्व को दर्शाता है। उनके इस प्रयास से बुजुर्गों को सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर मिलता है।

गरीबों के प्रति समर्पण और लगाव

गरीबों के कल्याण के प्रति डॉ. सिंह का समर्पण हर कदम पर दिखता है। उनकी योजनाओं और पहल, जैसे तारा शक्ति निःशुल्क रसोईं और जनसुनवाई, गरीब वर्ग के उत्थान के लिए एक मिसाल हैं। वे गरीबों की हर समस्या को अपनी समस्या मानते हैं और उनके समाधान के लिए हर संभव प्रयास करते हैं। उनकी यह संवेदनशीलता उन्हें जनता के दिलों में खास जगह दिलाती है।

मोदी-योगी के सच्चे सिपाही

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सच्चे सिपाही के रूप में डॉ. राजेश्वर सिंह उनके विजन को जमीनी स्तर पर लागू करने में पूरी निष्ठा से जुटे हैं। उनकी कार्यशैली और समर्पण मोदी-योगी की “न्यू इंडिया” और “डबल इंजन सरकार” के सपनों को साकार करने का आधार बन रही है।

डॉ. सिंह जैसे सच्चे सिपाहियों की सक्रियता और उनके कार्यों का ही परिणाम है कि विपक्ष के बार-बार प्रयासों के बावजूद भाजपा का जनाधार मजबूत बना हुआ है। महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव और हाल के उपचुनावों में भाजपा की जीत इस बात का प्रमाण है।

भविष्य के लिए डॉ. सिंह की प्रतिबद्धता

डॉ. राजेश्वर सिंह का मानना है कि जब तक समाज का हर वर्ग सशक्त और आत्मनिर्भर नहीं होगा, तब तक देश का पूर्ण विकास संभव नहीं है। उनकी सभी योजनाएं और पहल इसी उद्देश्य को ध्यान में रखकर बनाई गई हैं। वे समाज के हर वर्ग, खासतौर पर युवाओं और गरीबों, के लिए प्रतिबद्ध हैं। उनकी पहलें यह सुनिश्चित करती हैं कि आने वाले समय में सरोजनीनगर विधानसभा एक मॉडल क्षेत्र के रूप में उभरे।

डॉ. राजेश्वर सिंह केवल एक जनप्रतिनिधि नहीं, बल्कि समाज के हर वर्ग के लिए एक आदर्श हैं। उनकी कार्यशैली, सेवा भाव, और जनता से सीधा जुड़ाव उन्हें अन्य जनप्रतिनिधियों से अलग बनाता है। राम रथ श्रवण अयोध्या यात्रा, रण बहादुर सिंह डिजिटल शिक्षा केंद्र, तारा शक्ति निःशुल्क रसोईं, और “आपका विधायक-आपके द्वार” जैसी उनकी पहलें न केवल सरोजनीनगर विधानसभा बल्कि पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणा हैं। उनकी नेतृत्व क्षमता और समाज के प्रति समर्पण यह साबित करता है कि डॉ.राजेश्वर सिंह जैसे नेता भाजपा और देश के भविष्य का आधार हैं। उनका जीवन और कार्यशैली भारतीय राजनीति और समाज के लिए एक मिसाल बने रहेंगे।

डॉ. राजेश्वर सिंह न केवल सरोजनीनगर के बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश के लिए प्रेरणा के स्रोत बन चुके हैं। उनकी पहलें और विचारधारा समाज के हर वर्ग को साथ लेकर चलने का प्रयास करती हैं। उन्होंने राजनीति को केवल सत्ता का साधन नहीं, बल्कि समाज सेवा का माध्यम बनाया है। समाज सेवा, ईमानदारी और समर्पण—इन मूल्यों पर आधारित उनका जीवन एक उदाहरण है। डॉ. राजेश्वर सिंह की लोकप्रियता और कार्य उन्हें जनता का सच्चा प्रतिनिधि और समाज का एक सशक्त स्तंभ बनाती है।

अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेला: उत्तर प्रदेश पवेलियन बना व्यापार मेले का मुख्य आकर्षण

up paveliyan
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  • उत्तर प्रदेश पवेलियन ने व्यापार मेले में हजारों आगंतुकों को आकर्षित किया।
  • पारंपरिक शिल्प जैसे लखनऊ की चिकनकारी और कन्नौज के इत्र ने दर्शकों का दिल जीता।
  • औद्योगिक और तकनीकी प्रगति के नमूने पवेलियन का मुख्य आकर्षण रहे।
  • स्टॉल धारकों को बड़ी संख्या में व्यापारिक पूछताछ प्राप्त हो रही हैं।
  • उत्तर प्रदेश सरकार प्रदेश को वैश्विक व्यापार और सांस्कृतिक केंद्र बनाने के लिए प्रयासरत है।

नई दिल्ली/लखनऊ, 23 नवंबर 2024: भारत अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेले में इस वर्ष उत्तर प्रदेश पवेलियन ने अपनी भव्यता और विविधता से हजारों आगंतुकों को आकर्षित किया है।

प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर और आधुनिक औद्योगिक क्षमताओं का अनूठा संगम यहां देखने को मिला। पवेलियन में न केवल परंपरागत कला और शिल्प का प्रदर्शन किया गया, बल्कि मैन्युफैक्चरिंग और आईटी जैसे क्षेत्रों में राज्य की प्रगति को भी विशेष रूप से प्रदर्शित किया गया।

पारंपरिक शिल्प और कला का केंद्रबिंदु

पवेलियन में लखनऊ की चिकनकारी कढ़ाई, बनारसी सिल्क, और मुरादाबाद के पीतल शिल्प जैसे पारंपरिक कला रूपों ने दर्शकों का ध्यान खींचा। साथ ही, कन्नौज के इत्र ने विदेशी और घरेलू दोनों आगंतुकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। यह प्रदर्शन उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक समृद्धि और हस्तकला की श्रेष्ठता को उजागर करता है।

औद्योगिक प्रगति और नवाचार का प्रदर्शन

व्यापार मेले में उत्तर प्रदेश पवेलियन ने केवल परंपरागत शिल्प ही नहीं, बल्कि राज्य की औद्योगिक और तकनीकी प्रगति को भी प्रमुखता से प्रदर्शित किया। मैन्युफैक्चरिंग और आईटी सेक्टर में हुई प्रगति के नमूने पवेलियन में शामिल थे, जो यह दर्शाते हैं कि राज्य नवाचार और विकास के मामले में आगे बढ़ रहा है।

व्यावसायिक अवसरों की बाढ़

पवेलियन में उपस्थित स्टॉल धारकों ने बताया कि उन्हें बड़ी संख्या में व्यापारिक पूछताछ प्राप्त हो रही हैं। यह संकेत करता है कि उत्तर प्रदेश के उत्पाद न केवल राष्ट्रीय बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी व्यापारियों और उपभोक्ताओं को आकर्षित कर रहे हैं।

आर्थिक विकास के प्रति प्रतिबद्धता

उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा पवेलियन के इस आयोजन का उद्देश्य प्रदेश को व्यापार और संस्कृति के वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करना है। राज्य सरकार अपने नागरिकों के लिए रोजगार और आर्थिक अवसरों के सृजन के लिए लगातार प्रयासरत है।

लखनऊ: युवती को शादी का झांसा देकर शोषण करने वाला अयोध्या निवासी अभियुक्त गिरफ्तार, यहाँ जानें क्या है पूरा मामला

ps sushant golf city south zone
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  • शादी का झांसा देकर शारीरिक शोषण और गर्भपात का आरोप।
  • आरोपी सूर्यांश सिंह को न्यू हजरतगंज चौराहे से गिरफ्तार किया गया।
  • पुलिस ने 23 नवंबर 2024 को मामला दर्ज कर तुरंत कार्रवाई की।
  • आरोपी की उम्र 19 वर्ष, पेशा पढ़ाई।
  • सुशांत गोल्फ सिटी पुलिस टीम ने प्रभावी तरीके से मामले को सुलझाया।

    लखनऊ: कमिश्नरेट पुलिस के निर्देशानुसार, साउथ ज़ोन के थाना सुशांत गोल्फ सिटी पुलिस टीम ने एक महत्वपूर्ण कार्रवाई करते हुए शादी का झांसा देकर शोषण करने और गर्भपात कराने के आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। इस मामले में अभियुक्त सूर्यांश सिंह को गिरफ्तार किया गया है, जो कि मूलतः अयोध्या का निवासी है।

    घटना का विवरण

    इस मामले की शुरुआत 23 नवंबर 2024 को वादिनी द्वारा लिखित तहरीर के माध्यम से हुई, जिसमें उसने अभियुक्त पर शादी का झांसा देकर बार-बार शारीरिक संबंध बनाने, गर्भवती होने पर गर्भपात कराने और शादी का दबाव बनाने पर गाली-गलौज व जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया। पुलिस ने तहरीर के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

    पुलिस टीम को मुखबिर से सूचना मिली कि अभियुक्त न्यू हजरतगंज चौराहे के पास मौजूद है। तत्पश्चात, पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए अभियुक्त सूर्यांश सिंह को गिरफ्तार कर लिया।

    पुलिस कार्रवाई

    थाना सुशांत गोल्फ सिटी की पुलिस टीम ने दबिश देकर अभियुक्त को 23 नवंबर 2024 की रात लगभग 9:15 बजे गिरफ्तार किया। उसे विधिक कार्रवाई के उपरांत न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है।

    अभियुक्त का विवरण

    • नाम: सूर्यांश सिंह
    • पिता का नाम: पटेश्वरी सिंह
    • निवास स्थान: ओमेक्स आर-2 टावर 15 फ्लैट 503, थाना सुशांत गोल्फ सिटी, लखनऊ (मूल पता: रिकाबगंज, थाना कोतवाली नगर, अयोध्या)
    • आयु: 19 वर्ष
    • व्यवसाय: पढ़ाई कर रहा है

    दर्ज मामला

    • धारा: 69/89/352/351(2) बी.एन.एस.
    • मुकदमा संख्या: 617/24
    • थाना: सुशांत गोल्फ सिटी

    गिरफ्तारी में शामिल पुलिस टीम

    प्रभारी निरीक्षक: अंजनी कुमार मिश्र, वरिष्ठ उपनिरीक्षक: ज्ञानेन्द्र कुमार सिंह, उपनिरीक्षक: धीरेन्द्र प्रताप सिंह, कांस्टेबल: धर्मेन्द्र सिंह

    बरेली: गूगल मैप के भरोसे ने ली तीन दोस्तों की जान, अधूरे पुल से गिरी कार

    • बरेली के फरीदपुर थाना क्षेत्र में गूगल मैप के निर्देश पर चलते हुए तीन दोस्तों की कार अधूरे पुल से गिर गई।
    • हादसे में कौशल, विवेक, और अमित नामक तीन दोस्तों की मौके पर ही मौत हो गई।
    • रामगंगा नदी पर फरीदपुर और बदायूं को जोड़ने वाला पुल निर्माण अधूरा था और वहां कोई चेतावनी संकेत नहीं लगाए गए थे।
    • स्थानीय लोगों के अनुसार, इस पुल के अधूरे निर्माण के कारण पहले भी कई हादसे हो चुके हैं।
    • प्रशासन और पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा, लेकिन हादसे से क्षेत्र में आक्रोश है।

    बरेली/लखनऊ, 24 नवम्बर 2024: बरेली जिले के फरीदपुर थाना क्षेत्र में एक दर्दनाक हादसा सामने आया, जहां गूगल मैप के निर्देशों पर चलते हुए तीन दोस्तों की जान चली गई। घटना शुक्रवार देर रात की है, जब कौशल, विवेक, और अमित नामक तीन दोस्त एक शादी से लौट रहे थे। वापसी में उन्होंने रास्ता खोजने के लिए गूगल मैप का सहारा लिया।

    गूगल मैप ने उन्हें रामगंगा नदी पर बने अधूरे पुल का रास्ता दिखा दिया, जो फरीदपुर और बदायूं के दातागंज को जोड़ता है। तेज रफ्तार से चल रही उनकी कार अधूरे पुल से नीचे गिर गई। गाड़ी सीधी नदी में जा गिरी, जिससे तीनों दोस्तों की मौके पर ही मौत हो गई।

    पुल निर्माण अधूरा होने के बावजूद रास्ता खुला था, और कोई चेतावनी या संकेत नहीं लगाए गए थे। स्थानीय लोगों ने बताया कि इस अधूरे पुल की वजह से पहले भी कई हादसे हो चुके हैं, लेकिन प्रशासन ने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया।

    घटना के बाद स्थानीय पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। यह हादसा गूगल मैप के निर्देशों पर अंधाधुंध भरोसा करने और प्रशासन की लापरवाही का गंभीर परिणाम है।

    योगी सरकार कराएगी छात्रों की शैक्षिक क्षमता का मूल्यांकन: 4 दिसंबर को परख राष्ट्रीय सर्वेक्षण- 2024 का आयोजन

    truenewsup yogi sarkar
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    • योगी सरकार द्वारा 4 दिसंबर को परख राष्ट्रीय सर्वेक्षण 2024 का आयोजन।
    • कक्षा 3, 6 और 9 के छात्रों की शैक्षिक उपलब्धियों का मूल्यांकन।
    • 9,715 चयनित विद्यालयों में सरकारी, निजी, और मदरसों के छात्रों की भागीदारी।
    • भाषा, गणित, विज्ञान और सामाजिक विज्ञान पर फोकस।
    • शिक्षा सुधारों के लिए पारदर्शिता और गोपनीयता सुनिश्चित।

    लखनऊ, 24 नवंबर 2024: उत्तर प्रदेश में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और छात्रों की शैक्षिक उपलब्धियों का आकलन करने के उद्देश्य से योगी सरकार ने एक ऐतिहासिक पहल की है। इस दिशा में 4 दिसंबर 2024 को परख राष्ट्रीय सर्वेक्षण का आयोजन किया जाएगा। यह सर्वेक्षण शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार और एनसीईआरटी के सहयोग से होगा, जिसमें प्रदेश के 9,715 चयनित विद्यालयों के लाखों छात्र भाग लेंगे। इसमें सरकारी, सहायता प्राप्त निजी विद्यालय, मदरसे और अन्य बोर्डों से मान्यता प्राप्त विद्यालय भी शामिल होंगे।

    शिक्षा के स्तर का व्यापक आकलन

    इस सर्वेक्षण का उद्देश्य कक्षा 3, 6 और 9 के छात्रों की शैक्षणिक उपलब्धियों का आकलन करना है। प्राथमिक, उच्च प्राथमिक और माध्यमिक स्तर पर भाषा, गणित, सामाजिक विज्ञान और विज्ञान जैसे विषयों में छात्रों की समझ और प्रदर्शन का आकलन किया जाएगा।

    कक्षा-वार विषय:

    • कक्षा 3 और 6: भाषा, गणित और हमारे आस-पास की दुनिया।
    • कक्षा 9: भाषा, गणित, सामाजिक विज्ञान और विज्ञान।

    सर्वेक्षण का क्रियान्वयन और दायित्व

    प्रशिक्षण और अनुश्रवण
    प्रत्येक जिले में फील्ड इन्वेस्टिगेटर (FI) के प्रशिक्षण और सर्वेक्षण के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी जिला स्तर पर समन्वयकों और डायट प्राचार्यों को सौंपी गई है।

    सर्वेक्षण की पारदर्शिता
    सर्वेक्षण प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सीलबंद अचीवमेंट टेस्ट पैकेट और नियंत्रित सैंपलिंग सुनिश्चित की गई है।

    परीक्षण केंद्र
    हापुड़, मुजफ्फरनगर, सुल्तानपुर, मुरादाबाद और एटा जैसे जिलों में इन्वेस्टिगेटर्स का प्रशिक्षण आयोजित किया जाएगा।

    इस सर्वेक्षण को व्यवस्थित और पारदर्शी तरीके से लागू करने के लिए जिम्मेदारियां तय की गई हैं।

    • डायट प्राचार्य और जिला विद्यालय निरीक्षक सर्वेक्षण के जिला-स्तरीय समन्वय की जिम्मेदारी निभाएंगे।
    • फील्ड इन्वेस्टिगेटर (FI), जिन्हें मास्टर ट्रेनर्स द्वारा प्रशिक्षित किया जाएगा, सर्वेक्षण की प्रक्रिया को सुनिश्चित करेंगे।

    फील्ड इन्वेस्टिगेटर के प्रमुख कार्य:

    • सर्वेक्षण गाइडलाइन के अनुसार स्कूल पहुँचकर गतिविधियों को लागू करना।
    • अचीवमेंट टेस्ट पैकेट्स की सील की जांच और सैंपलिंग प्रक्रिया को अंजाम देना।

    प्रशिक्षण केंद्रों की व्यवस्था

    गाजियाबाद, शामली, अमेठी, सम्भल और कासगंज जिलों में डायट संस्थान नहीं होने के कारण इनके लिए हापुड़, मुजफ्फरनगर, सुल्तानपुर, मुरादाबाद और एटा डायट में प्रशिक्षण आयोजित किया जाएगा।

    शिक्षा मंत्री की प्रतिक्रिया

    बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री संदीप सिंह ने कहा कि इस सर्वेक्षण से छात्रों की शैक्षिक क्षमता का सटीक मूल्यांकन होगा। इससे नीति निर्धारण में मदद मिलेगी और शिक्षा में सुधार के ठोस प्रयास सुनिश्चित होंगे।