समाजसेवी बराती लाल लोधी स्मृति कार्यक्रम में सम्मिलित हुए विधायक राजेश्वर सिंह, मेधावियों को किया सम्मानित
डॉ राजेश्वर सिंह ने युवाओं को दिया सफलता का मंत्र, डिजिटल एजुकेशन को बताया भविष्य की जरूरत
डॉ. सिंह ने कहा- वर्ष 2030 तक बदल जाएगा 80% नौकरियों का स्वरूप, युवाओं को होना होगा डिजिटली एजुकेटेड
उन्होंने कहा- मेधावियों के सम्मान के कार्यक्रम रखते हैं देश के उज्ज्वल भविष्य की नींव
लखनऊ, 24 नवंबर 2024: सरोजनीनगर विधानसभा क्षेत्र के बरातीखेड़ा स्थित गहरू चौराहा के निकट प्रखर समाजसेवी स्वर्गीय बराती लाल लोधी की स्मृति में नव युग निर्माण प्रतिभा सम्मान समारोह का आयोजन किया गया।
जिसमें सम्मिलित होकर कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि सरोजनीनगर के विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने क्षेत्र के विभिन्न विद्यालयों से आए मेधावी विद्यार्थियों को टैबलेट प्रदान कर सम्मानित किया। विधायक द्वारा बोर्ड परीक्षा में अच्छे अंक पाने वाले 5 मेधावी बच्चों वर्षा सिंह (96.6%), रतन शुक्ला (96.6%), संस्कृति राय (94.5%), शौर्य प्रताप सिंह (93%), और वेदान्त वर्मा (91.5%) को टैबलेट देकर सम्मानित एवं प्रोत्साहित किया। इस अवसर पर विधायक ने कार्यक्रम के आयोजक श्री राजेंद्र सिंह लोधी को बधाई देते हुए कहा मेधावी बच्चों को सम्मानित करना और युवाओं को प्रोत्साहित करना सबसे पुण्य कार्यों में से एक है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम समाज के उज्ज्वल भविष्य की नींव रखते हैं।
कार्यक्रम के दौरान डॉ. राजेश्वर सिंह ने डिजिटल शिक्षा के महत्व पर जोर देते हुए कहा, आज का युग परिवर्तन का युग है। वर्ष 2030 तक 80% नौकरियाँ नई विधाओं पर आधारित होंगी। इन बदलती जरूरतों के अनुसार युवाओं को तैयार करना अत्यंत आवश्यक है। डिजिटल शिक्षा और कौशल विकास ही इन चुनौतियों का समाधान बनेंगे। उन्होंने बताया कि सरोजनीनगर में पिछले दो वर्षों में 1,000 से अधिक मेधावी विद्यार्थियों को लैपटॉप, टैबलेट, साइकिल, घड़ी और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया है। विधायक नें अपने संबोधन में आगे बताया कि सरोजनीनगर में डिजिटल शिक्षा, कौशल विकास, और रोजगार उन्मुख योजनाएँ निरंतर संचालित की जा रही हैं। इन योजनाओं का उद्देश्य युवाओं को हर चुनौती का सामना करने के लिए सक्षम बनाना और उनके सपनों को साकार करने के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराना है।
कार्यक्रम के दौरान विधायक ने आज़ादी के बाद से अब तक देश में हुए विकास और शिक्षा के क्षेत्र में हुई प्रगति पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, 1947 में देश की साक्षरता दर मात्र 18% थी, जिसमें लड़कियों की साक्षरता दर 9% थी। आज हम 75% से अधिक साक्षरता दर तक पहुँच चुके हैं और 2035 तक इसे 100% तक ले जाने का लक्ष्य है। उन्होंने आगे कहा कि आज भारत 110 देशों को अनाज निर्यात कर रहा है और इंटरनेट कनेक्शन के क्षेत्र में विश्व में दूसरे स्थान पर है। उन्होंने सरोजनीनगर में ब्रह्मोस मिसाइल निर्माण का भी उल्लेख करते हुए इसे क्षेत्र और देश के लिए गर्व का विषय बताया। इस अवसर पर कार्यक्रम के आयोजक राजेंद्र सिंह लोधी, पूर्व विधायक श्याम किशोर यादव, पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष कृष्ण लोधी, ब्लॉक प्रमुख सुनील रावत, राकेश सिंह बबलू, रत्नेश सिंह, आलोक सिंह समेत कई गणमान्य उपस्थित रहे।
गौवंशों को हरा चारा व पशु आहार समुचित मात्रा में खिलाया जाये
ठंड से बचाव के दृष्टिगत पर्याप्त व्यवस्था की जाए
गो संरक्षण कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जाए
बीकेटी/लखनऊ, 24 नवंबर 2024: उत्तर प्रदेश के पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह ने आज बख्शी का तालाब स्थित अस्थायी गौआश्रय स्थल, किशुनपुर तथा उसराना का स्थलीय निरीक्षण किया। जिसमें किशुनपुर में 178 गौवंश एवं उसराना में 212 गौवंश संरक्षित पाये गये। पशुधन मंत्री ने गौशाला का गहन निरीक्षण करते हुए वहां गोवंश हेतु चारा, भूसा, चिकित्सा, औषधियॉ, प्रकाश एवं सुरक्षा आदि व्यवस्थायें देखी। गौआश्रय स्थल में संरक्षित गौवंशों को पुआल एवं भूसा के साथ पशु आहार खिलाया जा रहा था। मंत्री जी ने निरीक्षण में गौशालाओं के और अधिक बेहतर प्रबंधन और सुधार की आवश्यकता पर बल दिया।
पशुधन मंत्री ने कुछ गौवंशों का स्वास्थ्य ठीक न दिखने पर गौवंशों को हरा चारा व पशु आहार समुचित मात्रा में खिलाये जाने हेतु निर्देशित किया । उन्होने पशुओं को ठण्ड से बचाव हेतु त्रिपाल आदि की व्यवस्था तथा ठण्ड में पशुओं को पीने हेतु ताजे पानी की व्यवस्था किये जाने हेतु भी निर्देश दियेे। श्री सिंह द्वारा गौआश्रय स्थल में एक अतिरिक्त टीन शेड बनवाये हेतु डी०सी० मनरेगा को निर्देशित किया गया एवं गौचर भूमि को कब्जा मुक्त कराये जाने हेतु उप जिलाधिकारी, बी०के०टी, लखनऊ को भी निर्देशित किया गया। उन्होंने गौसंरक्षण केन्द्र में गोवंश के स्वास्थ्य पर और ध्यान दिये जाने तथा हरे चारे की उचित व्यवस्था करने के निर्देश दिये।
पशुधन मंत्री ने गौशाला को आत्मनिर्भर बनाने पर बल देते हुए निर्देशित किया कि गौशाला के स्वावलम्बन हेतु गौ जनित पदार्थों के उपयोग को बढ़ावा दिया जाए। मंत्री जी ने गौशाला की व्यवस्था पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि गौशाला में गायों के लिए निरन्तर हरा चारा, भूसा एवं पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए और गोवंश के संरक्षण में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। पशुधन मंत्री ने गोआश्रय स्थल पर गोवंश को केला, चना एवं गुण खिलाकर आशीर्वाद प्राप्त किया।
इस अवसर पर पशुधन मंत्री ने प्रेस प्रतिनिधियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि गौवंश के संरक्षण एवं संवर्धन हेतु उल्लेखनीय कार्य किये जा रहे हैं। राज्य सरकार का उद्देश्य गौ आश्रय स्थलों के माध्यम से गोवंश के संरक्षण एवं संवर्धन के साथ ही गौजनित पदार्थों के माध्यम से गौशालाओं को आत्मनिर्भर बनाना और स्थानीय स्तर पर स्वरोजगार के अवसर उत्पन्न करना है। राज्य सरकार द्वारा कृषकों को प्राकृतिक खेती के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। निरीक्षण के समय मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी, लखनऊ पशु चिकित्साधिकारी, इटौजा, एव ग्राम विकास अधिकारी उपस्थित रहे।
डिप्टी सीएम ने लाभार्थियों को योजनाओं की दी कई सौगातें, खिले चेहरे
लखनऊ, 24 नवंबर 2024: रविवार को अपने निर्धारित भ्रमण कार्यक्रम के अनुसार प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य राजकीय हेलीकॉप्टर से जनपद खीरी पहुंचे, जहां डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल, प्रभारी एसपी नेपाल सिंह, सीडीओ अभिषेक कुमार एवं जनप्रतिनिधियों ने पुष्पगुच्छ देकर उनके जनपद आगमन पर स्वागत एवं अभिनंदन किया।
कलेक्ट्रेट पहुंचकर डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में जनपदीय अधिकारियों के साथ प्रशासनिक बैठक लेकर केंद्र व प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा की और संबंधित को जरूरी दिशा निर्देश दिए। बैठक में मुख्य रूप से कमलेश मिश्रा, सुनीलसिंह, विधायक लोकेंद्र प्रताप सिंह, योगेश वर्मा, मंजू त्यागी, सौरभ सिंह सोनू, अमन गिरी, शशांक वर्मा, विनोद शंकर अवस्थी, डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल, सीडीओ अभिषेक कुमार, प्रभारी एसपी नेपाल सिंह सहित सभी जिला स्तरीय अधिकारी गण मौजूद रहे।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने डीएफओ संजय विश्वाल को निर्देश दिए कि मानव वन्य जीव संघर्ष को रोकने हेतु कार्ययोजना बनाकर शासन को भेजें। साथ ही जागरूकता अभियान चलाकर तैयार एक्शन प्लान पर काम किया जाए। उन्होंने बैठक की समीक्षा करते हुए कहा कि प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में 10 हजार से अधिक आबादी वाले क्षेत्र में नगर निकाय गठन के प्रस्ताव को जनप्रतिनिधियों के मार्गदर्शन में तैयार करवाकर शासन भिजवाए।
डिप्टी सीएम ने लाभार्थियों को योजनाओं की दी कई सौगातें, खिले चेहरे
कलेक्ट्रेट में प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने उपस्थित जनप्रतिनिधियो, डीएम, सीडीओ की मौजूदगी में 05 क्षय रोगियों को पोषण किट, 70+ व्यक्तियों के आयुष्मान कार्ड, विश्वकर्मा योजना के पांच लाभार्थियों को टूल किट का वितरण किया। यन्त्र वितरण कार्यक्रम में पूर्व में निकाली गयी लाटरी में चयनित 5 लाभार्थियों को प्रमाण पत्र का वितरण किया गया।
पांच प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के पांच लाभार्थियों को चाबी प्रदान की। स्वास्थ्य विभाग के अन्तर्गत 12 चिकित्सा इकाईयों को कायाकल्प अवार्ड प्राप्त यूनिट प्रभारी को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन अन्तर्गत स्वयं सहायता समूहो को आरऑफ और सीआईएफ का 03 करोड़ 66 लाख और सीसीएल का 03 करोड़ 90 लाख का डेमो चेक प्रदान किया।
सरकार अदा करेगी किसानों के नलकूप कनेक्शन के बिल
डिप्टी सीएम ने कहा कि किसानों के नलकूप कनेक्शन के बिल को सरकार अदा करेगी। इसके लिए सरकार द्वारा बजट प्रोविजन किया गया है। इसका व्यापक स्तर पर प्रचार प्रसार करने की बात कही। निर्देश दिए कि नलकूप के बिजली बिल माफ कराने हेतु कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। उन्होंने विभागीय अफसर से नलकूप कनेक्शन की अद्यतन स्थिति भी जानी। सरकार आमजनमानस को विद्युत की निर्वाध आपूर्ति सुनिश्चित कर रही है। निर्देश दिए कि प्रत्येक सब स्टेशन के अलग-अलग गांव के 10-10 घरों के विद्युत बिल को क्रॉस चेक करवाए। सुनिश्चित कराए कि उपभोक्ताओ का शोषण ना हो।
प्रत्येक ब्लॉक के 10-10 गांव में पूर्ण परियोजनाओं का कराए स्थलीय परीक्षण
डिप्टी सीएम के पूछने पर ईई जल निगम ने हर घर नल योजना की प्रोग्रेस बताई। सीडीओ को निर्देश दिए कि सभी ब्लॉकों के 10-10 ग्रामों में जहां इस योजना में काम पूर्ण हो गया हो, इसका स्थलीय परीक्षण मयवीडियोग्राफी के कराए। सुझाव दिया कि खीरी एक ऐसा मॉडल पेश करें कि सड़क को क्षतिग्रस्त करने वाला विभाग कार्यदाई कंपनी से उसकी अनुमन्य धनराशि सड़क अनुरक्षण करने वाले विभाग को दिलाए ताकि वह उसे दुरुस्त कराए। पीडी एसएन चौरसिया ने पीएम आवास एवं सीएम आवास का डाटा बताया। निर्देश दिए कि लाभार्थियों की सूची जनप्रतिनिधियों को भी उपलब्ध कराए। कहा कि गरीब कल्याण के लिए काम कर रही सरकार गरीबों के कल्याण के लिए संवेदनशील है।
मेडिकल कॉलेज की अस्पताल विंग बनाने में लाएं तेजी, युद्धस्तर पर हो काम
सीएमओ डॉ संतोष गुप्ता ने आयुष्मान गोल्डन कार्ड के लक्षित परिवारों एवं लाभार्थियों के सापेक्ष बनाए गए कार्डों की प्रगति बताई। उन्होंने चिकित्सकों और दवाओं की उपलब्धता भी जानी। प्रिंसिपल मेडिकल कॉलेज से मेडिकल कॉलेज की निर्माण की प्रगति जानी। मेडिकल कॉलेज के अस्पतालविंग के निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। सीएमओ को निर्देशित किया कि मानक के विरुद्ध आचरण करने वाले चिकित्सालयों पर प्रभावी कार्यवाही करें।
डिप्टी सीएम ने कहा कि कब्जे वाले चकमार्ग, सरकारी जमीन की नाप कराए और उसे खाली करवाते हुए व्यवस्थित करवाएं। भूमि विवादों का निपटारा सुनिश्चित करवाएं। जिले के पर्यटन विकास पर फोकस करें पर्यटन हब बनेगा रोजगार के अवसर उत्पन्न होंगे। गौ आश्रय की समीक्षा के दौरान सीवीओ ने बताया कि जिले में 139 गो आश्रय स्थल संचालित हैं, अभी तक 50903 गोवंश संरक्षित किए गए हैं। उन्होंने जिले में नवाचार के तहत गो आश्रय स्थलों में लगाए गए सीसीटीवी कैमरा पर सराहना की। निर्देश दिए कि इसके कमांड सेंटर पर जनप्रतिनिधियों को भी भ्रमण कराए। एडीएम संजय कुमार सिंह ने बाढ़ एवं कटान प्रभावित परिवारों को उपलब्ध कराई गई सहायता, राहत वितरण के संबंध में विस्तृत जानकारी दी।
डिप्टी सीएम ने कहा कि विकास कार्यों में किसी तरह की कमी नहीं रहे, इसके लिए सभी को प्रयास करने होंगे। जो विभाग पीछे है उनको लक्ष्य बनाकर गौरवपूर्ण स्थान प्राप्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने समीक्षा करते हुए तहसील, ब्लॉक, थाने पर शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण करने के निर्देश दिए।
दुधवा के लिए हवाई यात्रा कर सकेंगे सैलानी, लखनऊ से शुरू होगी सेवा
डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने बताया कि दुधवा के लिए एयर सर्विस की शुरुआत होने जा रही है। लखनऊ से दुधवा के बीच लघु विमान उड़ान भरेगा। बताया कि प्रदेश सरकार पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सभी प्रमुख इको पर्यटन स्थलों को सड़क, रेल व हवाई मार्ग से जोड़ने की कवायद में जुटी हुई है। इसी कड़ी में जिले के दुधवा नेशनल पार्क के पर्यटन विकास दृष्टि से हवाई सेवा शुरू होने जा रही है, जो जिले के लिए एक बड़ी सौगात है। इस सेवा के शुरू होने से पर्यटकों को सुविधा होने के साथ-साथ उनकी संख्या भी बढ़ेगी।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के 70वें राष्ट्रीय अधिवेशन के समापन दिवस पर बोले मुख्यमंत्री
टीच के सह संस्थापक दीपेश नायर को प्रदान किया प्रोफेसर यशवंतराव केलकर युवा पुरस्कार
ज्ञानवान बनने के लिए दुनिया में भारत से बड़ा आग्रही कोई और देश नहीं : सीएम योगी
अच्छे लोगों के हाथ में लोक और राष्ट्र कल्याण का माध्यम बनती तकनीकी : सीएम योगी
गोरखपुर/लखनऊ, 24 नवंबर 2024: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि ज्ञानवान और शीलवान बनने के साथ विज्ञान-तकनीकी के अनुकूल होकर समय के प्रवाह की गति को समझना अपरिहार्य है। यदि हम समय के प्रवाह की गति को समझने में चूक गए तो समय का यह प्रवाह दुर्गति कर देगा। समय के प्रवाह की दुर्गति से बचने के लिए जरूरी है कि हम विज्ञान और तकनीकी से भागें नहीं, बल्कि इसके सापेक्ष खुद को तैयार करें।
सीएम योगी रविवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के तीन दिवसीय 70वें राष्ट्रीय अधिवेशन के समापन दिवस पर एक विशेष सत्र को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने ट्रेनिंग एंड एजुकेशनल सेंटर फॉर हियरिंग इम्पेयर्ड (टीच) ठाणे, मुंबई के सह संस्थापक दीपेश नायर को प्रोफेसर यशवंतराव केलकर युवा पुरस्कार से सम्मानित किया। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित अधिवेशन में मुख्यमंत्री ने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के सूत्र वाक्य ज्ञान, शील, एकता का उल्लेख करते हुए कहा जाता ज्ञानवान बनने के लिए दुनिया में भारत से बड़ा आग्रही कोई और देश नहीं है। गीता में भी कहा गया है, ‘न हि ज्ञानेन सदृशं पवित्रमिह विद्यते’ अर्थात ज्ञान के समान पवित्र करनेवाला, शुद्ध करनेवाला इस लोक में दूसरा कोई नहीं है। ज्ञानवान होने के लिए यहां ज्ञानवाहक ऋषि परंपरा का सम्मान रहा है।
सीएम योगी ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि काल का प्रवाह किसी का इंतजार नहीं करता है। किसी की भी परवाह किए बगैर कालचक्र चलता रहता है। इसलिए यह आवश्यक है कि हम विज्ञान तकनीकी से भागेंगे तो समय के साथ नहीं चल पाएंगे। मुख्यमंत्री ने नब्बे के दशक में कम्प्यूटरीकरण को लेकर हुए विरोध का जिक्र करते हुए कहा कि तब कम्प्यूटरीकरण का विरोध हो रहा था और आज उससे भी आगे ई ऑफिस का दौर आ गया। पूरी दुनिया एक स्मार्टफोन में आ चुकी है। समय के साथ टेक्नोलॉजी बढ़ती गई। बिजली, टेलीफोन, टेलीविजन, हवाई जहाज, माइक्रोवेव, इंटरनेट, जीपीएस, सोशल मीडिया जैसी तकनीकी विरोध झेलकर आगे बढ़ती गई। इनमें से एक भी तकनीकी ऐसी नहीं है जो आज दैनिक जीवन का हिस्सा न हो।
मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज और राष्ट्र के प्रति कल्याणकारी सोच का युवा विज्ञान और तकनीकी से जुड़ेगा तो स्वयं को समाज और राष्ट्र को मजबूत बनाएगा। उन्होंने युवाओं को मंत्र दिया कि हमें तामसिक मानसिकता का शिकार नहीं बनना है लेकिन खुद की प्रासंगिकता को बनाए रखते हुए तकनीकी से जुड़कर आगे बढ़ते रहना है। सीएम ने कहा कि तकनीकी जब अच्छे लोगों के हाथ में होती है तब वह लोक और राष्ट्र कल्याण का माध्यम बनती है। पर, जब तकनीकी नकारात्मक लोगों के हाथ में जाएगी तो आतंकवाद और विध्वंसात्मक ताकतों को बढ़ावा मिलेगा।
कीमत चुकाने का नहीं, लेने का समय है
सीएम योगी ने समय की गति को भांपने और उसके अनुरूप खुद को तैयार करने की सीख देते हुए कहा कि सृष्टि के आरंभिक कालखंड से ज्ञानवान शक्तियां रिजर्व होकर कदम रखती रही हैं। इसके चलते कभी दधीचि को हड्डी दान करने के लिए मजबूर होना पड़ा तो कभी अलग अलग तरीके से कीमत चुकानी पड़ी। आज कीमत चुकाने के नहीं, तकनीकी से जुड़कर कीमत लेने का समय है। उन्होंने कहा कि यदि नई प्रौद्योगिकी के अनुरूप होकर इसका सदुपयोग सीख लें तो बहुत से हाथों को नया काम मिल सकता है। यह अवश्य हो कि इसके लिए नैतिक पक्ष का सुरक्षात्मक ढांचा भी रहे।
मानवता की रक्षा के लिए अच्छे हाथों में हो टेक्नोलॉजी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि समय के साथ चलते हुए यह सुनिश्चित करना भी जरूरी है कि मानवता की रक्षा के लिए टेक्नोलॉजी का प्रयोग अच्छे हाथों में ही हो। एटमिक पॉवर का उदाहरण देते हुए उन्होंने समझाया कि इसके सदुपयोग से प्रदूषण मुक्त सस्ती ऊर्जा मिल सकती है जबकि दुरुपयोग से एटम बम बनाकर विनाश के बीज बोए जा सकते हैं। सीएम ने कहा कि शुद्ध विज्ञान ऑब्जेक्टिव है जबकि मनुष्य की बुद्धि सब्जेक्टिव है। इसलिए सवाल यह है कि टेक्नोलॉजी किसके हाथ में है।
राष्ट्रधर्म ही सर्वोपरि के भाव से प्रशस्त होगा मानवता के कल्याण का मार्ग
सीएम योगी ने कहा कि आज के तेजी से आगे बढ़ते युग मे सबसे बड़ी चुनौती मानव को मानव बने रहने की है। इसके लिए ज्ञानवान और शीलवान होना होगा। सब साथ चलें, सब साथ बढ़ें के वैदिक उद्घोष को अंगीकार करना होगा। ‘राष्ट्रधर्म ही सर्वोपरि’ मानकर चलेंगे तो मानवता के कल्याण का मार्ग प्रशस्त होगा।
पारस्परिक एकता से हो पाएगा राष्ट्रधर्म की चुनौतियों का सामना
मुख्यमंत्री ने युवाओं को राष्ट्रधर्म सर्वोपरि का मंत्र देने के साथ इसके मार्ग में आने वाली बाधाओं से निपटने का तरीका भी बताया। कहा कि राष्ट्रधर्म की चुनौतियों का सामना पारस्परिक एकता से ही ही पाएगा। कहा कि छात्र शक्ति ही राष्ट्र शक्ति है। युवा कल का नहीं, आज का नागरिक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रधर्म के पथ पर बढ़कर ही हम आजादी के शताब्दी वर्ष तक विकसित, आत्मनिर्भर और स्वावलंबी भारत के लक्ष्य को प्राप्त कर पाएंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इस परिकल्पना को साकार करने के लिए हमें मिलकर कार्य करना होगा।
युवा ऊर्जा के मामले में भारत सबसे सौभाग्यशाली, परिवर्तनकारी होती है युवा ऊर्जा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि युवा ऊर्जा सदैव परिवर्तन कारी होती है। दुनिया में जहां भी युवाओं की ऊर्जा का सम्मान हुआ, उसे सही दिशा मिली तो उसने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। प्रतिभाशाली युवा ऊर्जा उज्ज्वल भविष्य की गारंटी होती है। उन्होंने कहा कि भारत युवा ऊर्जा के मामले में दुनिया का सबसे सौभाग्यशाली देश है। यह दुनिया का सबसे युवा देश है। भारत की 56 प्रतिशत आबादी युवाओं की है। यह युवा ऊर्जा देश को नई दिशा दे रही है।
सीएम ने राम-कृष्ण से लेकर नए दौर के उद्धरणों से समझाई युवा ऊर्जा की ताकत
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पौराणिक काल, श्रीराम, श्रीकृष्ण से लेकर क्रांतिकारियों और नए दौर के उद्धरणों से युवा ऊर्जा की ताकत समझाई। कहा कि भगवान श्रीराम ने गिरिवासियों की एकता विखंडित करने तथा ज्ञान परंपरा के वाहक ऋषियों को प्रताड़ित करने वाले दुष्टों की रक्षा अपने युवाकाल में ही की। भगवान श्रीकृष्ण ने युवा रूप में ही कंस से त्रस्त मथुरा को भयमुक्त किया। दुनिया की परिनिर्वाण और अपना दीपक खुद बनो का संदेश देने वाले बुद्ध, महावीर, आदि शंकराचार्य, वीर वंदा वैरागी, सवा लाख से एक लड़ाऊं का उद्घोष करने वाले खालसा पंथ के संस्थापक गुरु गोविंद सिंह, उनके चारों साहिबजादों अजित सिंह, जुझार सिंह, फतेह और जोरावर सिंह, हिंदवी साम्राज्य के संस्थापक छत्रपति शिवाजी, भारत के स्वाभिमान के प्रतीक महाराणा प्रताप, 1857 के स्वतंत्रता समर की वीरांगना महारानी लक्ष्मीबाई, काकोरी ट्रेन एक्शन के महानायक पंडित राम प्रसाद बिस्मिल, ठाकुर रोशन सिंह, अशफाक उल्ला खां, चंद्रशेखर आजाद, राजेंद्र नाथ लाहिड़ी, दो बार आजन्म कारावास की सजा पाने वाले महान क्रांतिकारी वीर सावरकर, गर्व से कहो हम हिंदू हैं का वैश्विक उद्घोष करने वाले स्वामी विवेकानंद आदि सभी ने अपनी युवा ऊर्जा से पीढ़ियों को प्रेरित किया है। यही नहीं, दुनिया में दृष्टिबाधितों के लिपि बनाने वाले लईस ब्रेल ने 15 वर्ष की उम्र में यह आविष्कार किया था। आइंस्टीन ने जब सापेक्षता का सिद्धांत दिया तब तब उनकी उम्र 16 वर्ष थी। जबकि गुरुत्वाकर्षण का सिद्धांत न्यूटन ने 23 वर्ष की उम्र में दिया था।
विद्यार्थी परिषद का कार्यकर्ता होना सौभाग्य की बात
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद युवा ऊर्जा को सही दिशा देने वाला दुनिया का सबसे बड़ा युवा संगठन और एक सशक्त प्लेटफार्म है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी परिषद का कार्यकर्ता होना सौभाग्य की बात है और वह खुद को भी सौभाग्यशाली मानते हैं कि विद्यार्थी जीवन में वह विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता रहे हैं।
राष्ट्र विरोधी धर्मांतरण पर लगाम लगाना नागरिकों का भी दायित्व
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रो. यशवंतराव केलकर पुरस्कार से सम्मानित टीच संस्था के सह संस्थापक दीपेश नायर के कार्यों की सराहना करते हुए मूक बधिर बच्चों के राष्ट्रविरोधी धर्मांतरण से जुड़ा एक वाकया भी सुनाया। बताया कि 2019 में एक मंदिर में संत की हत्या की साजिश के लिए छद्म नाम से जा रहे दो युवकों के पकड़े जाने के बाद कराई गई सख्त जांच में पता चला कि दोनों युवकों का संबंध दिल्ली के बाटला हाउस से जुड़े एक धर्म उपदेशक से थाऔर तीन पीढ़ी पूर्व उनके पूर्वजों ने इस्लाम स्वीकार कर लिया था। चूंकि 2008 में बाटला हाउस में एक आतंकी मुठभेड़ के दौरान दिल्ली पुलिस के इंस्पेक्टर मोहन चंद शर्मा शहीद हुए थे, इसलिए बाटला हाउस कनेक्शन की बात पता चलते ही जांच और गहराई में ले जाई गई। जांच में यह बात सामने आई की वहां से एक बड़ा रैकेट संचालित हो रहा था जो मूक बधिर बच्चों को टारगेट कर उनका धर्मांतरण कर रहा था। गुड़गांव और कानपुर से जुड़े ऐसे मामले पकड़ में आए। धर्मांतरण करने वाले इस रैकेट में 500 परिवारों को अपने चपेट में लिया था। मुख्यमंत्री ने बताया कि इस मामले में तीन महापुरुष धर्मांतरण करने वाले धर्म उपदेश समेत 7 लोगों को न्यायालय ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इस प्रकरण को बताने के साथ ही मुख्यमंत्री ने कहा कि आपके बीच कुछ ऐसे छिपे लोग हैं जो छद्म रूप से राष्ट्रविरोधी धर्मांतरण कर रहे हैं। यह सेवा की सौदेबाजी है। इस पर लगाम लगाना सिर्फ सरकार या किसी संगठन का नहीं बल्कि प्रत्येक जागरूक नागरिक का दायित्व है। उन्होंने कहा कि दीपेश नायर जैसे लोग मूक बधिर बच्चों के लिए शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार कर ऐसा ही कार्य कर रहे हैं। ऐसे लोगों ने धर्मांतरण को बढ़ावा देने की साजिश को ब्रेकर दिया है। एक लक्ष्मण रेखा बनाई है।
प्रतिभा जाति, मत, मजहब की मोहताज नहीं
दिव्यांगजन के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चार प्रतिशत आरक्षण तथा दिव्यांगजन की 16 श्रेणियां बनाई जाने का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज दिव्यांगजन प्रत्येक क्षेत्र में आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रतिभा जाति, मत, मजहब की मोहताज नहीं होती है। ईश्वर एक कमी देते भी हैं तो किसी न किसी माध्यम से उसकी पूर्ति करते हैं। दिव्यांगजन की सेवा में सहभागी बनना एक प्रकार से ईश्वरी कार्य है और यही कार्य दीपेश नायर और टीच संस्था के लोग कर रहे हैं। कार्यक्रम की अध्यक्षता अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रो. राजशरण शाही, आभार ज्ञापन स्वागत समिति के उपाध्यक्ष प्रो. सदानंद गुप्त और संचालन सौरभ गौड़ ने किया। इस अवसर पर गोरखपुर के महापौर एवं स्वागत समिति के अध्यक्ष डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. वीरेंद्र सिंह सोलंकी, संगठन मंत्री देवदत्त जोशी, स्वागत समिति के महामंत्री कामेश्वर नाथ सिंह, प्रांत अध्यक्ष डॉ. राकेश प्रताप सिंह, प्रांत मंत्री मयंक राय समेत कई जनप्रतिनिधि, गणमान्यजन और बड़ी संख्या में देशभर से आए विद्यार्थी परिषद के पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
अधिवेशन स्थल पर लगी प्रदर्शनी का अवलोकन किया मुख्यमंत्री ने
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के 70वें राष्ट्रीय अधिवेशन के समापन सत्र को संबोधित करने से पूर्व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिवेशन स्थल पर लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन किया। प्रदर्शनी में विभिन्न संस्थाओंके स्टालों पर जाकर सीएम ने वहां मौजूद प्रतिनिधियों से जानकारी ली और उनका उत्साह बढ़ाया।
लोकमाता अहिल्याबाई होलकर ने विधवाओं और सैनिकों के परिवारों के लिए साड़ी उद्योग स्थापित किया।
501 बालिकाओं ने लोकमाता की वेशभूषा धारण कर उनकी विरासत को जीवंत किया।
“समरसता पाथेय” और “अहिल्याबाई होलकर” पुस्तकों का विमोचन किया गया।
प्रदर्शनी और नाटक के माध्यम से लोकमाता के जीवन की झलक प्रस्तुत की गई।
कार्यक्रम में यूपी के उप मुख्यमंत्री सहित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कई वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहे।
लखनऊ, 24 नवम्बर 2024: लोकमाता अहिल्याबाई होलकर के जीवन और योगदान को समर्पित ‘पुण्यश्लोक लोकमाता अहिल्याबाई होलकर त्रिशताब्दी समारोह’ का आयोजन रविवार को सीएमएस गोमतीनगर विस्तार, निकट शहीद पथ में किया गया। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की अवध प्रान्त इकाई द्वारा आयोजित इस भव्य समारोह में संघ के सह सरकार्यवाह आलोक कुमार मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने लोकमाता अहिल्याबाई के जीवन से प्रेरणा लेकर समाज में बदलाव और समरसता लाने का आह्वान किया।
आलोक कुमार का संबोधन: अहिल्याबाई के जीवन से प्रेरणा लें
अपने उद्घाटन भाषण में आलोक कुमार ने भारत माता को नमन करते हुए लोकमाता अहिल्याबाई के जीवन को आज के समय के लिए प्रासंगिक बताया। उन्होंने कहा, “लोकमाता अहिल्याबाई ने पूर्वाग्रहों को त्यागकर सादगी और समर्पण के साथ शासन किया। उन्होंने न केवल युद्ध में बलिदान हुए सैनिकों की विधवाओं के लिए साड़ी उद्योग स्थापित किया, बल्कि समाज के कमजोर वर्गों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए भी कई योजनाएं शुरू कीं। उनकी दूरदर्शिता और समर्पण हमें सिखाते हैं कि सादगी और सेवा से बड़े बदलाव लाए जा सकते हैं।”
आलोक कुमार ने आगे कहा कि लोकमाता ने धर्म, समाज और शासन के बीच संतुलन बनाते हुए न केवल मंदिरों का पुनर्निर्माण कराया बल्कि किसानों और समाज के हर वर्ग के हित में काम किया। उनके जीवन से मिली शिक्षा को अगली पीढ़ी तक पहुंचाना हर व्यक्ति का कर्तव्य है।
लोकमाता अहिल्याबाई का आदर्श शासन
कार्यक्रम में लोकमाता अहिल्याबाई होलकर त्रिशताब्दी समारोह की केंद्रीय समिति की सचिव डॉ. माला ठाकुर ने कहा, “अहिल्याबाई का शासन समाज के हर वर्ग, विशेष रूप से भूमिहीन किसानों, जनजातीय समूहों और विधवाओं के हितों की रक्षा के लिए समर्पित था। उनके समय में समाज सुधार, कृषि सुधार, जल प्रबंधन और पर्यावरण संरक्षण पर विशेष ध्यान दिया गया। उनका शासन न्याय और समरसता का प्रतीक था।”
डॉ. माला ने यह भी बताया कि अहिल्याबाई ने न केवल महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा दिया बल्कि समाज के भिन्न वर्गों को एक साथ लेकर चलने का उदाहरण प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि आज जब समाज जाति, भाषा और क्षेत्र के आधार पर बंट रहा है, तब हमें लोकमाता के जीवन से प्रेरणा लेनी चाहिए और सामाजिक समरसता के लिए काम करना चाहिए।
कार्यक्रम की झलकियां: संस्कृति और समरसता का संगम
1.501 बालिकाओं की विशेष प्रस्तुति कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण 501 बालिकाओं की लोकमाता अहिल्याबाई की वेशभूषा में प्रस्तुति रही। इन बालिकाओं ने धवल वस्त्र, माथे पर त्रिपुंड, हाथ में शिवलिंग और सिर पर साफा बांधकर एक वीरोचित छवि प्रस्तुत की। इनमें से 10 बालिकाओं को विशेष रूप से पुरस्कृत किया गया। 2. नाटक और डॉक्यूमेंट्री का प्रदर्शन लोकमाता के जीवन पर आधारित एक डॉक्यूमेंट्री और नाटक का मंचन किया गया। इस नाटक में उनकी दूरदर्शिता, सादगी और समर्पण को जीवंत रूप से प्रस्तुत किया गया। दर्शकों ने इस भावपूर्ण प्रस्तुति की भूरी-भूरी प्रशंसा की। 3. पुस्तकों का विमोचन समारोह में “समरसता पाथेय” और “अहिल्याबाई होलकर” नामक दो पुस्तकों का विमोचन किया गया। “समरसता पाथेय” का संपादन बृजनंदन राजू ने किया है, जबकि “अहिल्याबाई होलकर” गरिमा मिश्रा द्वारा लिखी गई है। 4. प्रदर्शनी और रंगोली का आकर्षण आयोजन स्थल पर लोकमाता के जीवन के विभिन्न पहलुओं को उजागर करती एक प्रदर्शनी भी लगाई गई। इसके अलावा, रंगोली और पुष्प सजावट ने माहौल को और आकर्षक बना दिया। प्रदर्शनी में महिला सैनिकों के समर्पण और समरसता को विशेष रूप से प्रदर्शित किया गया। 5. विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति कार्यक्रम में यूपी के उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्र प्रचारक अनिल जी, अवध प्रान्त के प्रान्त प्रचारक कौशल जी, वरिष्ठ प्रचारक वीरेंद्र जी, और कई अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
अहिल्याबाई का संदेश: सामाजिक समरसता और सशक्तिकरण
कार्यक्रम के अध्यक्षीय भाषण में लोकमाता अहिल्याबाई होलकर के वंशज उदयराजे होलकर ने कहा कि अहिल्याबाई ने अपने शासन के दौरान धार्मिक कार्यों के साथ समाज सुधार का भी कार्य किया। वह समाज के हर वर्ग के प्रति समर्पित थीं और उनकी न्यायप्रियता पूरे देश के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
बावन मंदिर अयोध्या धाम के पीठाधीश्वर महंत बैदेही बल्लभ शरण जी महाराज ने कहा कि अहिल्याबाई केवल एक शासक नहीं थीं, बल्कि एक राजयोगिनी थीं। उन्होंने धर्म के साथ समाज की समस्याओं का चिंतन करते हुए हर वर्ग के लिए कार्य किया।
समारोह का समापन और संदेश
कार्यक्रम के संयोजक राजकिशोर जी ने कहा कि लोकमाता अहिल्याबाई का जीवन भारतीय इतिहास का स्वर्णिम अध्याय है। उनका जीवन यह सिखाता है कि समर्पण और सादगी से एक सामान्य व्यक्ति भी असाधारण कार्य कर सकता है। उनके जीवन से प्रेरणा लेकर हमें समाज में सामाजिक समरसता और महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देना चाहिए।
कार्यक्रम का संचालन राष्ट्र सेविका समिति की प्रान्त कार्यवाहिका यशोधरा जी ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन प्रशांत भाटिया ने किया। आयोजन में 500 से अधिक स्वयंसेवकों ने विभिन्न व्यवस्थाओं में सेवा दी।