पाकिस्तान क्रिकेट टीम इस समय जिम्बाब्वे के दौरे पर है। 3 मैचों की वनडे सीरीज 2-1 से अपने नाम करने के बाद पाकिस्तान T20I सीरीज खेलने के लिए तैयार है। इस सीरीज में पाकिस्तान टीम की कप्तानी सलमान आगा के हाथों में होगी। इस दौरे पर पूर्व कप्तान बाबर आजम के अलावा फखर जमां, शाहीन शाह अफरीदी और नसीम शाह को मौका नहीं दिया गया। अब इन सभी खिलाड़ियों की वापसी को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। दरअसल, बाबर आजम, फखर जमां, शाहीन शाह अफरीदी और नसीम शाह के साउथ अफ्रीका दौरे के लिए वनडे टीम में वापसी करने की उम्मीद है। पाकिस्तान के चयनकर्ताओं के साउथ अफ्रीका दौरे के लिए जल्द ही टीमों की घोषणा करने की उम्मीद है जहां राष्ट्रीय टीम को तीन वनडे, तीन T20I और दो टेस्ट खेलने हैं।
जल्द वापसी संभव
एक सूत्र ने बताया कि फखर को फिटनेस टेस्ट में असफल होने और घुटने की समस्या के कारण ऑस्ट्रेलिया और जिंबाब्वे में सीमित ओवरों की सीरीज के लिए बाहर कर दिया गया था। उन्होंने अपनी फिटनेस पर काम किया है और साउथ अफ्रीका में सीमित ओवरों की सीरीज के लिए उनके नाम पर विचार किया जा सकता है। सूत्र ने यह भी कहा कि चयनकर्ताओं ने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) को सुझाव दिया है कि केवल टेस्ट सीरीज के लिए चुने जाने वाले खिलाड़ियों को बेहतर तैयारी के लिए ट्रेनिंग शिविर के लिए साउथ अफ्रीका भेजा जाए।
उन्होंने कहा कि पूर्व कप्तान बाबर के साथ-साथ शाहीन और नसीम को भी वनडे और टेस्ट टीम में शामिल किया जाएगा। इन्हें जिंबाब्वे दौरे के लिए आराम दिया गया था। सूत्र ने कहा कि फखर को T20 मुकाबालों के लिए भी बुलाया जा सकता है लेकिन बाबर, शाहीन और नसीम को केवल तीन वनडे और दो टेस्ट में खिलाया जा सकता है।
पाकिस्तान खेलेगी कुल 8 मैच
पाकिस्तान के साउथ अफ्रीका दौरे का 10 दिसंबर से आगाज होगा। सबसे पहले 3 मैचों की T20I सीरीज खेली जाएगी। इसके बाद 17 दिसंबर से 3 मैचों क वनडे सीरीज शुरू होगी। आखिर में दोनों टीमें 2 मैचों की टेस्ट सीरीज खेलेगी। पहला टेस्ट 26 दिसंबर से सेंचुरियन में खेला जाएगा जबकि दूसरे टेस्ट का 3 जनवरी से केपटाउन में आगाज होगा।
कीवः अमेरिकी और ब्रिटिश हथियारों से मॉस्को पर हमले के बाद से ही रूसी राष्ट्रपति पुतिन के सब्र का बांध टूट चुका है। अब उनके निर्देश पर रूसी सेना कीव में तबाही मचा रही है। बुधवार को यूक्रेन पर 90 से ज्यादा मिसाइल और 100 ड्रोन दागे गए। इससे यूक्रेन दहल उठा। इतना ही नहीं, पुतिन ने अब यूक्रेन पर हाईपरसोनिक मिसाइल से हमले की धमकी जारी की है।
इस बीच कीव ने भी बताया कि रूस ने बैराज के दौरान 90 से अधिक मिसाइलें और लगभग 100 ड्रोन दागे। क्रेमलिन प्रमुख ने कीव पर इस हमले को पश्चिमी देशों की मिसाइलों के साथ अपने क्षेत्र पर यूक्रेनी हमलों का “जवाब” बताया।
रूसी हमले में यूक्रेन का ऊर्जा ग्रिड नेष्ट
राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने गुरुवार को रूस की नई हाईपरसोनिक मिसाइल के साथ कीव में “निर्णय लेने वाले केंद्रों” पर हमला करने की धमकी के कुछ घंटों बाद मास्को ने एक हमले में यूक्रेन की ऊर्जा ग्रिड को नष्ट कर दिया, जिससे दस लाख लोग बिजली से वंचित हो गए। बता दें कि लगभग तीन साल से चल रहे युद्ध में हाल के दिनों में और तेजी देखी गई है। अमेरिका में जनवरी में डोनाल्ड ट्रम्प के पदभार संभालने से पहले यूक्रेन ने पश्चिमी देशों से नए हथियार हासिल किए हैं। साथ ही उसने पहली बार विदेशी हथियारों से रूस को निशाना बनाया है। इसके बाद से दोनों पक्षों ने नए हथियार तैनात किए हैं।
पुतिन ने हायीपरसोनिक मिसाइल का जिक्र करते हुए कजाकिस्तान की राजधानी अस्ताना में एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, “हम कीव सहित सैन्य, सैन्य-औद्योगिक या निर्णय लेने वाले केंद्रों के खिलाफ ओरेशनिक के इस्तेमाल से इनकार नहीं करते हैं।”
नैरोबी: पूर्वी युगांडा के छह गांवों में भूस्खलन के कारण कम से कम 15 लोगों की मौत हो गई तथा 113 अन्य लापता हैं। पुलिस ने यह जानकारी दी है। पुलिस के अनुसार 15 घायल लोगों को बचा लिया गया है और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। युगांडा रेड क्रॉस सोसाइटी ने बृहस्पतिवार को बताया कि भूस्खलन में 40 घर नष्ट हो जाने के बाद 13 शव बरामद किए गए हैं। बचाव कार्य अभी भी जारी है।
बढ़ सकती है मृतकों की संख्या
स्थानीय मीडिया ने बताया कि अधिकारियों को आशंका है कि मृतकों की संख्या बढ़कर 30 तक हो सकती है। बुधवार रात भारी बारिश के बाद पहाड़ी जिले बुलाम्बुली में भूस्खलन हुआ। यह जिला राजधानी कंपाला से लगभग 280 किलोमीटर पूर्व में है। हालात बेहद भयावह नजर आ रहे हैं।
बच्चों की हुई मौतें
क्षेत्र के एक पत्रकार ने एसोसिएटेड प्रेस को बताया कि स्थानीय अधिकारियों ने कहा है कि बचाव कार्य में सहायता के लिए भारी मशीन लाई जाएगी, लेकिन सड़कों पर कीचड़ है और अब भी बारिश हो रही है। ‘डेली मॉनिटर’ समाचार पत्र ने बताया कि अब तक बरामद अधिकांश शव बच्चों के हैं। इस बीच बुधवार को पाकवाच पुल के जलमग्न होने के बाद नील नदी में चलाए गए बचाव अभियान के दौरान दो नौकाएं पलट गईं।
बेरूत: इजरायली सेना ने बृहस्पतिवार को कहा कि उसके लड़ाकू विमानों ने एक रॉकेट भंडारण इकाई पर हिजबुल्लाह की गतिविधि का पता लगने के बाद दक्षिणी लेबनान पर बमबारी की है। यह इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच संघर्ष विराम लागू होने के एक दिन बाद पहला इजरायली हवाई हमला है। इजरायल के हवाई हमले में हताहतों के बारे में तत्काल कोई जानकारी नहीं दी गई है। इजरायल ने कहा कि हिजबुल्लाह की ओर से युद्धविराम समझौते का उल्लंघन हुआ, लेकिन कोई विवरण नहीं दिया।
युद्धविराम समझौते का क्या होगा?
लेबनान की सरकारी राष्ट्रीय समाचार एजेंसी ने कहा कि हमले दो लोग घायल हुए हैं। लगातार हुई घटनाओं ने अमेरिका और फ्रांस की मध्यस्थता से हुए समझौते को लेकर बेचैनी पैदा कर दी है, जिसमें शुरुआती दो महीने का संघर्ष विराम शामिल है। इसके तहत हिजबुल्लाह के लड़ाकों को लिटानी नदी के उत्तर में वापस जाना है और इजरायली सेना को सीमा के अपने हिस्से में वापस लौटना है। बफर जोन में लेबनानी सैनिकों और संयुक्त राष्ट्र शांति सैनिकों द्वारा गश्त की जाएगी।
सुनी गई फायरिंग की आवाज
लेबनान की सरकारी समाचार एजेंसी ने बताया कि इजरायली गोलीबारी में सीमा के करीब मरकाबा में नागरिकों को निशाना बनाया गया, लेकिन कोई और जानकारी नहीं दी। सीमा के पास उत्तरी इजरायल में एसोसिएटेड प्रेस के एक रिपोर्टर ने इजरायली ड्रोन को ऊपर से गुजरते हुए और लेबनान की ओर से फायरिंग किए जाने की आवाज सुनी। इजरायली अधिकारियों ने कहा है कि समझौते को लागू होना सुनिश्चित होने पर सेना को धीरे-धीरे वापस बुलाया जाएगा।
इजरायल को हमला करने का अधिकार
इजरायल ने लोगों को चेतावनी दी है कि वो उन क्षेत्रों में वापस ना लौटें जहां सैनिक तैनात हैं। उसने कहा है कि अगर हिजबुल्लाह युद्ध विराम की शर्तों का उल्लंघन करता है तो उसे उस पर हमला करने का अधिकार है। लेबनान के एक सैन्य अधिकारी ने कहा कि जैसे-जैसे इजरायली सेना वापस लौटेगी, लेबनानी सैनिक धीरे-धीरे दक्षिण में तैनात होंगे। अधिकारी ने नाम गुप्त रखने की शर्त पर यह बात की क्योंकि उसे मीडिया को जानकारी देने का अधिकार नहीं था।
अरुण ने 16 साल की उम्र में टैटू आर्टिस्ट बनने का सपना देखा।
इण्टरमीडिएट में TLC चैनल के “Miami Ink” शो ने उन्हें प्रेरित किया।
स्केचिंग से शुरुआत कर, इसे अपना करियर बनाया।
12वीं के बाद पूरी तरह से टैटू कला में खुद को समर्पित किया।
आज लखनऊ में आईटी चौराहे पर अपने टैटू स्टूडियो से पहचान बना रहे हैं।
लखनऊ, 29 नवम्बर 2024: टैटू बनवाना अब केवल फैशन का हिस्सा नहीं है, बल्कि यह आत्म-अभिव्यक्ति और पहचान का एक मजबूत माध्यम बन चुका है। इसी कड़ी में लखनऊ के आलमबाग निवासी और महज़ 24 साल की उम्र में मशहूर टैटू आर्टिस्ट बन चुके अरुण कुमार एक प्रेरणा का स्रोत हैं। अरुण न केवल टैटू आर्ट में महारथ रखते हैं, बल्कि उन्होंने अपनी मेहनत और जुनून के बल पर इसे एक पेशेवर कला के रूप में स्थापित किया है।
16 साल की उम्र में टैटू आर्टिस्ट बनने का सपना
अरुण कुमार ने मात्र 16 साल की उम्र में ही तय कर लिया था कि उन्हें टैटू आर्टिस्ट बनना है। इण्टरमीडिएट की पढ़ाई के दौरान TLC चैनल का चर्चित शो “Miami Ink” देखकर अरुण को इस फील्ड में जाने की प्रेरणा मिली। शो ने उनकी कल्पना को उड़ान दी और उन्होंने स्केचिंग से अपने करियर की शुरुआत की। 12वीं कक्षा तक की पढ़ाई पूरी करने के बाद, उन्होंने खुद को पूरी तरह से इस कला को समर्पित कर दिया।
लखनऊ में टैटू स्टूडियो: कला की पहचान
आज अरुण लखनऊ विश्वविद्यालय के पास आईटी चौराहे पर स्थित अपने टैटू स्टूडियो में काम करते हैं। उनके स्टूडियो में आने वाले लोग केवल टैटू बनवाने नहीं आते, बल्कि उनकी कला का अनुभव लेने भी आते हैं। अरुण कहते हैं, “टैटू किसी के लिए एक स्टाइल स्टेटमेंट हो सकता है, तो किसी के लिए यह भावनाओं को व्यक्त करने का जरिया।”
टैटू की विविधता: हर पसंद के लिए कुछ खास
अरुण के मुताबिक़, टैटू में कई प्रकार की डिज़ाइन्स उपलब्ध हैं, जिनमें सबसे लोकप्रिय हैं: • मण्डला टैटू: ज्यामितीय डिज़ाइन जो आत्मिक शांति का प्रतीक है। • रियलिज्म टैटू: वास्तविक चित्रों को हूबहू उकेरने की कला। • वॉटर कलर टैटू: पेंटिंग जैसे रंगीन डिज़ाइन्स। • ब्लैक एंड ग्रे टैटू: गहरे और हल्के शेड्स के साथ क्लासिक डिज़ाइन्स। • लेटरिंग टैटू: नाम, उद्धरण, या संदेशों को स्टाइलिश फॉन्ट में उकेरना। • पोर्ट्रेट टैटू: किसी व्यक्ति का चेहरा हूबहू बनाने की कला।
कितनी होती है टैटू की लागत?
अरुण बताते हैं कि टैटू की कीमत डिज़ाइन, आकार, और जटिलता पर निर्भर करती है। • छोटे टैटू: ₹500 प्रति इंच से शुरू। • मध्यम आकार के टैटू: ₹5,000 से ₹15,000। • बड़े और विस्तृत टैटू: ₹20,000 से ₹1,00,000 तक। अरुण कहते हैं, “हर टैटू ग्राहक की कहानी बयां करता है। कीमत सिर्फ डिज़ाइन की नहीं, बल्कि उस भावना की भी होती है, जो इसे खास बनाती है।”
टैटू बनवाने के फायदे और नुकसान
फायदे:
1. आत्म-अभिव्यक्ति: टैटू से व्यक्ति अपनी भावनाओं और विचारों को व्यक्त कर सकता है।
2. यादगार पल: खास पलों और रिश्तों को अमर बनाने का जरिया।
3. स्टाइल स्टेटमेंट: यह आपकी अनोखी शैली को दर्शाता है।
नुकसान:
1. स्वास्थ्य जोखिम: यदि स्वच्छता का ध्यान न रखा जाए, तो त्वचा संक्रमण हो सकता है।
2. परमानेंट डिज़ाइन: पसंद बदलने पर इसे हटाना मुश्किल और महंगा हो सकता है।
3. दर्द और समय: बड़े टैटू के लिए समय और सहनशीलता की ज़रूरत होती है।
भारत में टैटू का क्रेज़
लखनऊ जैसे शहरों में टैटू का क्रेज़ तेजी से बढ़ रहा है। युवा पीढ़ी इसे फैशन और आत्म-अभिव्यक्ति के रूप में देखती है। धार्मिक टैटू जैसे ‘ॐ’, त्रिशूल, और मंत्र लोकप्रिय हैं। इसके अलावा, बॉलीवुड से प्रेरित डिज़ाइन्स भी ट्रेंड में हैं।
टैटू बनवाने से पहले ध्यान देने योग्य बातें
1. सही आर्टिस्ट चुनें: केवल प्रमाणित और अनुभवी टैटू आर्टिस्ट से ही टैटू बनवाएं।
2. डिज़ाइन पर विचार करें: टैटू स्थायी होता है, इसलिए डिज़ाइन सोच-समझकर चुनें।
3. स्किन केयर पर ध्यान दें: टैटू बनवाने के बाद दिए गए निर्देशों का पालन करें।
कला और जुनून की पहचान
अरुण कुमार जैसे युवा कलाकार यह साबित करते हैं कि अगर किसी में जुनून और मेहनत का जज़्बा हो, तो वह किसी भी क्षेत्र में खुद को स्थापित कर सकता है। टैटू आर्ट उनकी सिर्फ़ आजीविका नहीं, बल्कि उनकी पहचान और कला की अभिव्यक्ति है।
अगर आप भी अपनी भावनाओं को टैटू के जरिए व्यक्त करना चाहते हैं, तो लखनऊ के इस प्रतिभाशाली कलाकार से संपर्क कर सकते हैं। उनकी कला आपकी सोच और कहानी को अनोखे अंदाज में प्रस्तुत करेगी।
संपर्क विवरण: टैटू स्टूडियो: आईटी चौराहा, लखनऊ विश्वविद्यालय के पास। Call & WhatsApp : +916307687155, Instagram: Arun_tattoo_00