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TWEET: माफिया मुख्तार अंसारी की मौत पर अखिलेश यादव ने की ये मांग

  • सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एक्स पर लिखा
  • मुख्तार अंसारी की मौत की जांच की मांग

लखनऊ: सपा अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग की है। अखिलेश यादव ने सुप्रीम कोर्ट के जज की निगरानी में जांच कीमांग की है।

अखिलेश यादव ने ट्वीट करते हुए कहा है कि सरकार जिस रास्ते को अपना रही है, वो गैरकानूनी है। यूपी में कानून व्यवस्था का शून्य काल है। मौजूदा सरकार को सत्ता में बने रहने का हक नहीं है। जीवन की रक्षा करना सरकार का पहला दायित्व होता है। ऐसे में न्यायिक प्रक्रिया से लोगों का विश्वास उठ जाएगा। ऐसे सभी संदिग्ध मौत मामलों की जांच सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश की निगरानी में होनी चाहिए क्योंकि जिस तरह से सरकार न्यायिक प्रक्रिया को दरकिनार कर जिस तरह दूसरे रास्ते अपनाती है वो पूरी तरह गैर कानूनी है।

मुख्तार अंसारी: माफिया के आतंक का खौफनाक अंत, गैंगस्टर समेत 60 से भी ज्यादा मामले थे दर्ज

  • मुलायम राज में एलएमजी खरीदने के लिए मुख्तार ने की थी 1 करोड़ की डील
  • मुख्तार पर हत्या, हत्या के प्रयास, अपहरण, धोखाधड़ी, गुंडा एक्ट, आर्म्स एक्ट, गैंगस्टर एक्ट जैसे 61 से ज्यादा मामले दर्ज थे. इनमें कई में उसे सजा भी हो गई थी
  • विधायक कृष्णानंद राय को बेरहमी से सरेआम गोलियों से भुनवाया था
  • जरायम के अखाड़े में मुख्तार चार दशकों तक पुलिस के लिए ऐसी चुनौती बना रहा कि कोई गवाह, कोई साक्ष्य उसे सजा नहीं कर सका

लखनऊ: मुख्तार अंसारी की गुरुवार (28 मार्च 2024) को मौत हो गई। मुख्तार बांदा जेल में बंद था, वहां उसे दिल का दौड़ा पड़ा। इसके बाद उसे मेडिकल कॉलेज लाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। अब बांदा में पोस्टमार्टम होने के बाद उसके शव को गाजीपुर ले जाया जा रहा है, जहां अपनों के बीच शव को सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा।

माफिया डॉन मुख्तार अंसारी के बारे में

बात 2004 की है, जब शैलेंद्र सिंह वाराणसी में एसटीएफ चीफ थे, उन्हें वहां कृष्णानंद राय और मुख्तार के बीच गैंगवार पर नजर रखने के लिए भेजा गया था, शैलेंद्र सिंह ने एक इंटरव्यू में बताया था कि वे फोन टैपिंग कर रहे थे। एक दिन उन्होंने सुना कि मुख्तार किसी से फोन पर लाइट मशीन गन खरीदने की बात कह रहा है, वह फोन पर कह रहा था कि उसे यह किसी भी कीमत में चाहिए। शैलेंद्र सिंह के मुताबिक, इस एलएमजी का इस्तेमाल वह कृष्णानंद राय की हत्या में करना चाहता था।
पुलिस ने आर्म्स एक्ट के साथ मुख्तार पर पोटा लगा दिया, लेकिन उस वक्त मुख्तार बाहुबली नेता था, उसने मायावती की पार्टी को तोड़कर सपा की सरकार बनवाई थी, ऐसे में मुलायम सिंह सरकार ने इस केस को रद्द करा दिया, शैलेंद्र सिंह के मुताबिक, इस केस के चलते तत्कालीन मुलायम सरकार ने आईजी बनारस, डीआईजी, एसपी समेत तमाम बडे़ अधिकारियों के तबादले कर दिए।

वाराणसी में मौजूद एसटीएफ यूनिट को भी लखनऊ बुला लिया गया, शैलेंद्र सिंह ने बताया कि उनके ऊपर भी केस खत्म करने का दबाव बनाया जाने लगा। इसके बाद उन्हें प्रताड़ित किया जाने लगा. शैलेंद्र सिंह के मुताबिक, मुलायम सिंह उनसे काफी नाराज थे. आखिर में सिस्टम से परेशान होकर शैलेंद्र सिंह ने इस्तीफा दे दिया। प्रदेश में सूचीबद्ध माफिया पर जब अभियान के तहत पैरवी शुरू हुई तब जाकर वह कमजोर पड़ा और चालीस वर्षाें के बाद उसे पहली बार 21 सितंबर 2022 को सजा सुनाई गई थी। इसके बाद डेढ़ वर्ष में एक के बाद एक आठ मुकदमों में उसे सजा सुनाई गई। बांदा में उसकी मौत के बाद कई राज दफन हो गए। मुख्तार ने अपने व कुनबे के लिए राजनीतिक जमीन तैयार करने के लिए हर दांव चला। बसपा का दामन थामकर 1996 में पहली बार विधानसभा पहुंचा तो बाद में सपा का भी इस्तेमाल अपने ढ़ंग से किया। मुख्तार पांच बार विधायक बना और बसपा के टिकट पर 2009 के लोकसभा चुनाव में वाराणसी सीट से भी किस्मत आजमाई, हालांकि वह हार गया था। मुख्तार के विरुद्ध हत्या का पहला मुकदमा 1986 में दर्ज हुआ था, तब प्रदेश में कांग्रेस की सरकार थी। मुख्तार पर तत्कालीन कांग्रेस नेताओं का भी हाथ रहा। मुख्तार के विरुद्ध हत्या का पहला मुकदमा 1986 में दर्ज हुआ था, तब प्रदेश में कांग्रेस की सरकार थी। मुख्तार पर तत्कालीन कांग्रेस नेताओं का भी हाथ रहा। प्रदेश में सरकारें तो बदलती रहीं, पर किसी ने बाहुबली मुख्तार के विरुद्ध कार्रवाई की इच्छाशक्ति नहीं दिखाई। कानूनी विशेषज्ञ कहते हैं कि मुख्तार उसके विरुद्ध दर्ज मुकदमों में कानूनी दांवपेंच के सहारे कोर्ट में आरोप तय कराने की प्रक्रिया को लटकवाने में माहिर रहा।

मुख्तार के विधायक पुत्र अब्बास अंसारी के विरुद्ध आठ मुकदमे दर्ज हैं। अब्बास की पत्नी निखत को बीते दिनों चित्रकूट पुलिस ने पकड़ा था। चित्रकूट जेल में वह अब्बास से गैरकानूनी ढ़ंग से मिलने जाती थी। अफजाल अंसारी के विरुद्ध सात मुकदमे दर्ज हैं। मुख्तार के बड़े भाई पूर्व विधायक सिबगतुल्ला अंसारी के विरुद्ध तीन मुकदमे दर्ज हैं। वर्तमान सरकार ने वर्ष 2017 में विशेषकर बड़े अपराधियों के विरुद्ध कोर्ट में प्रभावी पैरवी का निर्देश दिया था। इसके बाद ही अभियोजन विभाग ने मुख्तार के विरुद्ध दर्ज मुकदमों में भी पैरवी तेज की थी।काशी विश्वनाथ मंदिर पहुंचे पीयूष राय और अलका राय काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन करने के लिए पहुंचे पूर्व विधायक कृष्णानंद राय के बेटे पीयूष राय और पत्नी अलका राय. मुख्तार अंसारी पर विधायक कृष्णानंद राय की हत्या का आरोप था. अब मुख्तार अंसारी की गुरुवार की मौत के बाद कृष्णानंद राय का परिवार मंदिर पहुंचा है।

साल 2005 में मुख्तार अंसारी जेल में बंद था। इसी दौरान बीजेपी विधायक कृष्णानंद राय को उनके 7 साथियों सहित सरेआम गोलीमार हत्या कर दी गई थी। मुख्तार पर आरोप था कि उन्होंने शार्प शूटर मुन्ना बजरंगी और अतिकुर्रहमान उर्फ बाबू की मदद से 5 साथियों सहित कृष्णानंद राय की हत्या करवा दी थी।

मुख्तार के साथ इन माफिया पर भी कसा शिकंजा

माफिया के विरुद्ध अभियान के तहत हुई कार्रवाई में मुख्तार अंसारी के अलावा विजय मिश्रा, अतीक अहमद (मृत), योगेश भदौड़ा, मुनीर, सलीम, रुस्तम, सोहराब, अजीत सिंह उर्फ हप्पू, आकाश जाट, सिंहराज भाटी, सुंदर भाटी, मुलायम यादव, ध्रुव कुमार सिंह उर्फ कुंटू सिंह, अमित कसाना, एजाज, अनिल दुजाना, याकूब कुरैशी, बच्चू यादव, रणदीप भाटी, संजय सिंह सिंघला, अनुपम दुबे, ऊधम सिंह व अन्य को कोर्ट से सजा सुनिश्चित कराई गई।

बांदा: कुख्यात माफिया मुख्तार अंसारी की इलाज के दौरान मौत, कांग्रेस व अमिताभ ठाकुर ने उठाए सवाल

माफिया डॉन मुख्तार अंसारी की गुरुवार को तबियत बिगड़ने के बाद इलाज के दौरान मौत हो गई है और इसके बाद बांदा, मऊ, गाज़ीपुर जिलों में धारा 144 लगा दी गयी है। आपको बता दें कि बांदा जेल में बेहोश होने के बाद मुख्तार अंसारी को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जिसके बाद नौ डॉक्टरों की टीम लगातार मुख्तार की सेहत पर नजर बनाए हुई थी लेकिन इलाज के दौरान मुख्तार अंसारी की मौत हो गई।

तो वहीं मुख़्तार के परिजनों ने मौत का कारण जहर देना बताया है। हालत गंभीर होने के बाद उसे पहले आईसीयू में फिर सीसीयू में भर्ती कराया गया था। मुख्तार अंसारी की मौत से जुड़ी खबर आने के बाद मऊ और गाज़ीपुर में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। बता दें कि जेल में बेहोश होने के बाद मुख्तार अंसारी को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया था। नौ डॉक्टरों की टीम लगातार उसकी सेहत पर नजर बनाए हुई थी लेकिन उनकी सेहत में कोई सुधार नहीं हो रहा था। बता दें कि मुख्तार अंसारी को रात करीब नौ बजे दिल का दौरा पड़ा था और वो बेहोश हो गया था। इसके बाद उसे आनन-फानन में तुरंत मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था। ये खबर आने के बाद मुख्तार का परिवार गाजीपुर से बांदा के लिए निकल गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए बांदा जेल की भी सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज प्रशासन द्वारा जारी मुख्तार अंसारी का डेथ सर्टिफिकेट

मुख्तार अंसारी के वकील रणधीर सिंह ने कहा की कि मुख्तार अंसारी से किसी को भी मिलने नहीं दिया जा रहा था। इससे पहले मंगलवार को रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था। उसे स्टूल सिस्टम की परेशानी रही थी। रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज में उसे 14 घंटे तक आईसीयू में रखकर इलाज किया गया था। बता दें कि मुख्तार ने कुछ दिन पहले ही कोर्ट में प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया था कि उसे धीमा जहर दिया जा रहा है।

समाजवादी पार्टी ने किया Tweet

मुख्तार अंसारी की मौत पर एक तरफ जहां समाजवादी पार्टी ने ट्वीट कर दुख़ व्यक्त किया है तो वहीं आज़ाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने गंभीर आरोप लगाते हुए सीटिंग जज से मामले की जांच करवाने की मांग की है।

आजाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमिताभ ठाकुर

तो वहीं कांग्रेस नेता सुरेंद्र राजपूत ने भी आरोप लगाते हुए कहा, “जिस तरीके से आरोपी मुख्तार अंसारी की जेल में मौत हुई है वो उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार पर गंभीर प्रश्न खड़े करती है, इस घटना की उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए और हाई कोर्ट के जज की सुपरविजन में यह जांच होनी चाहिए।”

कांग्रेस प्रवक्ता सुरेन्द्र राजपूत ने आरोप लगाते हुए जांच की मांग की

प्राप्त जानकारी के मुताबिक मुख़्तार के पारिवारिक सदस्य भी बांदा पहुँच रहे हैं। जिसके बाद वीडियो कैमरे के सामने पोस्टमार्टम होगा और उसके बाद मुख़्तार की बाड़ी को परिवार को सौंपी जाएगी और परिवार के लोग अंतिम संस्कार करेंगे।

मुख्तार अंसारी की मौत के बाद गाजीपुर स्थित घर में बढ़ रही भीड़, मौजूद भीड़ जिन्दाबाद के लगा रही नारे

मुख्तार अंसारी के घर के बाहर भीड़ बढ़ती जा रही है। मुख्तार के लिए नौजवानों की भीड़ जिंदाबाद के नारे बुलंद कर रही है। ये वीडियो गाजीपुर फाटक का है। इस शहर में फाटक का मतलब हर कोई जानता है। फाटक, मुख्तार अंसारी और उनके परिवार वालों का घर है। फाटक इसलिए कहा जाता है क्योंकि एंट्री पर बहुत बड़ा दरवाजा है जिसे फाटक कहते हैं।

गाजीपुर स्थित मुख्तार अंसारी का घर

तो वहीं घर में बढ़ती हुई भीड़ को देखते हुए मुख्तार अंसारी के भतीजे सपा विधायक ने चिंता जताते हुए लोगों से अपील की है। पुलिस के एक बड़े अफसर भी उन्हें बता रहे हैं कि उन्हें क्या करना चाहिए। विधायक ने माइक से अपील जारी की और कहा कि अगर आप हमारे अपने समर्थक हैं तो प्लीज वापस घर लौट जाएं।


लोकसभा चुनाव-2024: जानें प्रथम चरण के लिए अब तक कितने नामांकन हुए, 27 मार्च नामांकन का अंतिम दिन

  • प्रथम चरण की 08 लोकसभा निर्वाचन क्षेत्रों के लिए अब तक कुल 46 प्रत्याशियों ने नामांकन किया
  • प्रथम चरण में आज कुल 42 प्रत्याशियों ने नामांकन किया
  • प्रथम चरण के निर्वाचन हेतु 27 मार्च नामांकन की अंतिम तिथि
  • मंगलवार को लोकसभा क्षेत्र सहारनपुर में 04, कैराना में 07, मुजफ्फरनगर में 11, बिजनौर में 04, नगीना में 03, मुरादाबाद में 05, रामपुर में 05 व पीलीभीत में 03 प्रत्याशियों ने नामांकन किया
  • प्रथम चरण की 08 लोकसभा निर्वाचन क्षेत्रों के लिए 19 अप्रैल को होगा मतदान

लखनऊ: देश में होने वाले लोकसभा सामान्य निर्वाचन-2024 के प्रथम चरण में उत्तरप्रदेश की 08 लोकसभा सीटों के लिए प्रत्याशियों के नामांकन के लिए 20 मार्च, 2024 को अधिसूचना जारी हुई थी। जिसके सम्बन्ध में उत्तरप्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने बताया कि अब तक विभिन्न राजनैतिक दलों के कुल 46 प्रत्याशियों द्वारा नामांकन किया गया। आज मंगलवार को कुल 42 प्रत्याशियों ने नामांकन किया। इसके पहले 22 मार्च को 04 प्रत्याशियों ने नामांकन किया था। साथ ही मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि प्रथम चरण में प्रदेश की 08 लोकसभा निर्वाचन क्षेत्रों के लिए आज मंगलवार को जिन राजनैतिक दलों के प्रत्याशियों ने नामांकन किया। इसमें 1-सहारनपुर लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र में आज मंगलवार को कुल 04 प्रत्याशियों ने नामांकन किया, जिसमें इंडियन नेशनल कांग्रेस से इमरान मसूद, बहुजन समाज पार्टी से माजिद अली, स्वतंत्र प्रत्याशियों में राशिद खान एवं शबनम हैं।
इसी प्रकार 2-कैराना लोकसभा सीट में आज मंगलवार को 07 प्रत्याशियों ने नामांकन किया। इसमें समाजवादी पार्टी से इकरा चौधरी, बहुजन समाज पार्टी से श्रीपाल, समाजवादी पार्टी से वैकल्पिक प्रत्याशी नाहिद हसन, राष्ट्रीय मजदूर एकता पार्टी से प्रीती कश्यप, अखण्ड भारत स्वतंत्र पार्टी से विक्रम सैनी, आजाद अधिकार सेना से ओमवीर तथा स्वतंत्र प्रत्याशी मनोज राना हैं।

इसी प्रकार 3-मुजफ्फरनगर लोकसभा सीट में आज मंगलवार को 11 प्रत्याशियों ने नामांकन किया, जिसमें भारतीय जनता पार्टी से संजीव कुमार बालियान, समाजवादी पार्टी से हरेन्द्र सिंह मलिक, बहुजन समाज पार्टी से दारा सिंह प्रजापति, जयसमता पार्टी से नील कुमार, सर्वजन लोक शक्ति पार्टी से ओमपाल सिंह, राष्ट्रवादी जनलोक पार्टी से कविता, राष्ट्रवादी जनलोक पार्टी से नन्द किशोर पुण्डीर तथा स्वतंत्र प्रत्याशियों में गौतम आनन्द, प्रदीप कुमार, चरन सिंह, राजकिशोर गर्ग हैं।
इसी प्रकार 4-बिजनौर लोकसभा सीट में आज मंगलवार को 04 प्रत्याशियों ने नामांकन किया, जिसमें बहुजन समाज पार्टी से विजेन्द्र सिंह, मजदूर किसान यूनियन पार्टी से रामधन सिंह, पीपुल्स पार्टी ऑफ इण्डिया (डेमोक्रटिक) राजपाल, मजलूम समाज पार्टी से फरमान हैं। इसी प्रकार 5-नगीना (अ0जा0) लोकसभा सीट में अब तक कुल 05 प्रत्याशियों ने नामांकन किया, इसमें से आज मंगलवार को 03 प्रत्याशियों ने नामांकन किया, जिसमें बहुजन समाज पार्टी से सुरेन्द्र पाल सिंह, समाजवादी आंदोलन पार्टी से धरमवीर सिंह, पीपुल्स पार्टी ऑफ इण्डिया (डेमोक्रटिक) से रवीन्द्र भारती हैं। इसी प्रकार 6-मुरादाबाद लोकसभा सीट में अब तक कुल 06 प्रत्याशियों ने नामांकन किया, इसमें से 05 प्रत्याशियों ने आज मंगलवार को नामांकन किया, जिसमें भारतीय जनता पार्टी से सर्वेश कुमार सिंह, बहुजन समाज पार्टी से मो0 इरफान, समाजवादी पार्टी से डॉ0 एस0टी0 हसन, भारतीय बहुजन समता पार्टी से ओंकार सिंह तथा स्वतंत्र प्रत्याशी में साधना सिंह हैं। इसी प्रकार 7-रामपुर लोकसभा सीट में आज मंगलवार को 05 प्रत्याशियों ने नामांकन किया, जिसमें परचम पार्टी ऑफ इण्डिया से सैफत अली खान, जनसेवा सहायक पार्टी से जगत सिंह, लेबर पार्टी ऑफ इण्डिया से अब्दुल कादर, स्वतंत्र प्रत्याशियों में अशोक कुमार, शिवप्रसाद हैं।

इसी प्रकार 26-पीलीभीत लोकसभा सीट में अब तक कुल 04 प्रत्याशियों ने नामांकन किया, जिसमें आज मंगलवार को 03 प्रत्याशियों ने नामांकन किया, इसमें बहुजन समाज पार्टी से अनीस अहमद खान (फूल बाबू), समाजवादी पार्टी से भगवत सरण गंगवार, स्वतंत्र प्रत्याशी में आदर्श पाण्डेय हैं।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि नामांकन का समय पूर्वाह्न 11 बजे से अपराह्न 03 बजे के मध्य निर्धारित है। नामांकन के दौरान सुरक्षा की व्यापक व्यवस्था की गयी है। सम्पूर्ण नामांकन प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी करायी जा रही है। नामांकन भरने की अंतिम तिथि 27 मार्च, 2024 (बुधवार) निर्धारित है। 28 मार्च, 2024 (वृहस्पतिवार) को नामांकन पत्रों की संवीक्षा की जायेगी। प्रत्याशियों द्वारा 30 मार्च, 2024 (शनिवार) तक नाम वापस लिये जा सकेंगे। प्रथम चरण में 19 अप्रैल, 2024 (शुक्रवार) को मतदान होगा।

निर्वाचन आयोग: यूपी में सी-विजिल से दर्ज हुईं लगभग 500 शिकायतें

  • निष्पक्ष चुनाव के लिए सी-विजिल मोबाइल ऐप का उपयोग कर जागरूक नागरिक बनें
  • सी-विजिल ऐप से आचार संहिता उल्लंघन मामले की करें शिकायत
  • शिकायत करने के लिए अपना नाम और मोबाइल नंबर देने की कोई बाध्यता नहीं
  • सी-विजिल ऐप के तहत चुनाव की घोषणा होने के पश्चात प्रदेश में अब तक कुल 496 शिकायतें दर्ज हुई
उत्तरप्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने कहा कि आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन की शिकायत के लिए भारत निर्वाचन आयोग ने सी-विजिल मोबाइल ऐप विकसित किया है। इस ऐप के माध्यम से नागरिक विभिन्न तरीके से शिकायत दर्ज कर सकते हैं। सी-विजिल मोबाइल ऐप को गूगल प्ले स्टोर या ऐप स्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है। सी-विजिल मोबाइल ऐप में आचार संहिता के उल्लंघन संबंधी फोटोग्राफ, वीडियो या ऑडियो अपलोड कर सकते हैं। शिकायत दर्ज करने के 100 मिनट के अंदर कार्रवाई की जाएगी। शिकायतकर्ता को शिकायत करने के लिए अपना नाम और मोबाइल नंबर देने की कोई बाध्यता नहीं है लेकिन अगर शिकायतकर्ता अपने नाम या मोबाइल नंबर से शिकायत करता है तो अपनी शिकायत की स्थिति में हुई कार्यवाही को देख सकता है।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि लोक सभा सामान्य निर्वाचन-2024 के लिए चुनाव की घोषणा होने के पश्चात उत्तर प्रदेश में सी-विजिल ऐप के तहत 26 मार्च तक कुल 496 शिकायतें दर्ज हुई है। इसमें से 272 शिकायतें सही पायी गयी, जबकि 224 शिकायतें गलत पायी गयी। इस प्रकार सभी 496 शिकायतों का निस्तारण कर दिया गया है। अभी तक पूरे उत्तर प्रदेश में सी-विजिल ऐप के तहत शिकायतों के निस्तारण का औसत समय 80 मिनट है, जो कि नियत समयावधि 100 मिनट से कम है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि आमतौर पर सी-विजिल ऐप में धनराशि वितरण, गिफ्ट/कूपन वितरण, शराब वितरण आदि शिकायतों के अतिरिक्त बिना अनुमति पोस्टर, बैनर लगाना, बिना अनुमति बैठक करना, बिना अनुमति के प्रचार में गाड़ी लगाना, धार्मिक तथा उन्मादी भाषण करने सम्बन्धी परिवाद अंकित किये जाते है।