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लखनऊ: प्रभारी मंत्री सुरेश खन्ना ने योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया

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  • ट्रैफिक जाम समाधान: फुटपाथों पर ग्रिल लगाकर अतिक्रमण रोकने और वेंडिंग जोन बढ़ाने का निर्देश।
  • आयुष्मान कार्ड: 70 वर्ष से ऊपर के सभी पात्र लाभार्थियों के आयुष्मान कार्ड बनाने की प्रक्रिया तेज करने पर जोर।
  • युवा उद्यमी योजना: बिना गारंटी और ब्याज के 5 लाख रुपये तक का ऋण देने की योजना को बढ़ावा।
  • गौ आश्रय केंद्र: सभी केंद्रों पर चारा, पेयजल और अन्य व्यवस्थाओं की नियमित जांच के निर्देश।
  • प्रधानमंत्री योजनाएं: पीएम किसान सम्मान निधि और कुसुम योजना के तहत अधिकतम किसानों को लाभ पहुंचाने पर फोकस।

लखनऊ, 5 दिसंबर 2024: वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री तथा लखनऊ के प्रभारी मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने कलेक्ट्रेट स्थित अब्दुल कलाम सभागार में शहर की ट्रैफिक समस्या, जनकल्याणकारी योजनाओं और विकास कार्यों की समीक्षा बैठक की। बैठक में महापौर सुषमा खर्कवाल, जिलाधिकारी सूर्य पाल गंगवार, संयुक्त पुलिस आयुक्त अमित वर्मा, मुख्य विकास अधिकारी अजय जैन समेत कई जनप्रतिनिधि और विभागीय अधिकारी मौजूद रहे। बैठक का उद्देश्य योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और जन समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करना था।

प्रारंभ में जिलाधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी ने पुष्पगुच्छ भेंट कर मंत्री का स्वागत किया। बैठक में सुरेश खन्ना ने निर्देश दिया कि सभी जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक समयबद्ध रूप से पहुंचाया जाए। साथ ही उन्होंने ट्रैफिक जाम से निजात पाने के लिए ट्रैफिक मैनेजमेंट प्लान का रिव्यू कर प्रभावी कदम उठाने को कहा।

ट्रैफिक समस्या और अतिक्रमण पर फोकस

समीक्षा बैठक में ट्रैफिक समस्या के समाधान हेतु हजरतगंज की तर्ज पर फुटपाथों पर ग्रिल लगाने और अतिक्रमण हटाने के लिए विशेष टीम के गठन का निर्देश दिया गया। लालबाग और कैसरबाग क्षेत्रों में दोबारा अतिक्रमण की घटनाओं पर मंत्री ने नाराजगी जताते हुए थाना अधिकारियों को जिम्मेदारी दी कि वे सुनिश्चित करें कि हटाए गए अतिक्रमण दोबारा न लगें। भूतनाथ मार्केट और पॉलिटेक्निक चौराहे पर ठेला और रेहड़ी वालों को वेंडिंग जोन में शिफ्ट करने की योजना बनाई गई।

गौ आश्रय केंद्रों और सफाई व्यवस्था की समीक्षा

जिले में 118 गौ आश्रय केंद्रों पर 32,689 पशुओं की देखभाल के लिए मंत्री ने भूसा, चारा और पेयजल की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही प्राथमिक विद्यालयों में सफाई कर्मचारियों की कमी दूर करने के लिए नगर निगम और ग्राम पंचायतों को निर्देश जारी किए गए।

मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास योजना का प्रचार

बैठक में मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान योजना के तहत बिना गारंटी और ब्याज के 5 लाख रुपये तक का ऋण उपलब्ध कराने की जानकारी दी गई। प्रभारी मंत्री ने जनप्रतिनिधियों से आग्रह किया कि वे पात्र लाभार्थियों की पहचान कर रोजगारपरक योजनाओं का लाभ दिलाने में सहयोग करें।

कृषि और प्रधानमंत्री योजनाओं की समीक्षा

बैठक में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना और कुसुम योजना की प्रगति पर चर्चा हुई। 15 दिनों में किसानों को इन योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। साथ ही रबी और खरीफ फसलों के ई-खसरा पड़ताल की प्रगति पर संतोष व्यक्त किया गया।

प्रमुख निर्देश

बैठक के अंत में मंत्री सुरेश खन्ना ने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया कि जनप्रतिनिधियों द्वारा उठाए गए मुद्दों पर 15 दिनों के भीतर एक्शन टेकन रिपोर्ट (ATR) प्रस्तुत करें। उन्होंने कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

उद्यान मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने की विभागीय योजनाओं एवं कार्यक्रमों की समीक्षा

उद्यान मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने की विभागीय योजनाओं एवं कार्यक्रमों की समीक्षा
उद्यान मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने की विभागीय योजनाओं एवं कार्यक्रमों की समीक्षा

किसानों की आय बढ़ाने के लिए योगी सरकार का प्रभावी प्रयास

  • योगी सरकार किसानों की आय बढ़ाने के लिए औद्यानिक योजनाओं पर कार्यरत।
  • सभी योजनाओं का लाभ पात्र किसानों तक पहुंचाने का निर्देश।
  • लापरवाह अधिकारियों और कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी।
  • हाईटेक नर्सरियों और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की प्रगति को प्राथमिकता।
  • मसाला, लीची, स्ट्रॉबेरी, और पुष्प उत्पादन क्षेत्रों पर विशेष जोर।

लखनऊ, 05 दिसम्बर 2024: उत्तर प्रदेश सरकार किसानों की आय को दोगुना करने और उन्हें आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयासरत है। इसी क्रम में, प्रदेश के उद्यान, कृषि विपणन, कृषि विदेश व्यापार और कृषि निर्यात राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनेश प्रताप सिंह ने गुरुवार को लखनऊ स्थित अपने आवास पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उद्यान विभाग की योजनाओं और कार्यक्रमों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशानुसार किसानों को उनकी फसलों का अधिकतम लाभ दिलाने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं।

मंत्री ने बताया कि औद्यानिक फसलों को बढ़ावा देने से किसानों को कम लागत और कम मेहनत में अधिक मुनाफा हो सकता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि राज्य के किसानों की फसलों को प्रदेश के साथ-साथ देश और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी निर्यात करने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।

आधुनिक तकनीकों और प्रशिक्षण से खेती को सशक्त बनाना
उद्यान मंत्री ने कहा कि किसानों को औद्यानिक फसलों की उपयोगिता और उनके लाभों की जानकारी दी जानी चाहिए। इसके लिए प्रशिक्षण शिविर और गोष्ठियों का आयोजन कर किसानों को आधुनिक खेती की तकनीकों से अवगत कराया जा रहा है। इन तकनीकों के जरिए किसान अपनी फसलों की गुणवत्ता में सुधार कर सकते हैं और उच्च मूल्य वाली फसलों का उत्पादन कर सकते हैं।

मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी योजनाओं का लाभ पात्र किसानों तक पहुंचे। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने के लिए कहा कि सभी किसानों को उन्नत बीज, पौध और अन्य संसाधन समय पर उपलब्ध कराए जाएं।

समीक्षा बैठक में योजनाओं का मूल्यांकन
बैठक के दौरान “पर ड्रॉप मोर क्रॉप-माइक्रो इरिगेशन योजना,” “एकीकृत बागवानी विकास मिशन,” “नमामि गंगे,” “गंगा के तटवर्ती औद्यानिक विकास योजना,” और अनुसूचित जाति, जनजाति, बुंदेलखंड एवं विंध्य क्षेत्र में चलाई जा रही औद्यानिक योजनाओं की विस्तार से समीक्षा की गई। मंत्री ने कहा कि योजनाओं में लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि जिन जिलों में योजनाओं और निर्माण कार्यों की प्रगति धीमी है, वहां कार्यों में तेजी लाने के लिए तत्काल कदम उठाए जाएं।

उन्होंने यह भी कहा कि किसानों को बेहतर पौध और संसाधन उपलब्ध कराने के लिए राज्य में 150 हाईटेक नर्सरियों की स्थापना की जा रही है। जिन स्थानों पर अब तक काम शुरू नहीं हुआ है, वहां कार्य को तुरंत शुरू कर गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित की जाए।

सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और क्षेत्रीय विकास पर जोर
बैठक में प्रदेश में स्थापित किए जा रहे सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की प्रगति पर विशेष चर्चा हुई। मंत्री ने सभी नोडल अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे इन केंद्रों के निर्माण और संचालन में तेजी लाएं। उन्होंने राजकीय पौधशालाओं और प्रक्षेत्रों के सुदृढ़ीकरण के साथ पौध उत्पादन बढ़ाने पर भी जोर दिया।

मसाला, लीची, स्ट्रॉबेरी और पुष्प उत्पादन क्षेत्रों पर भी गहन विचार-विमर्श किया गया। मंत्री ने कहा कि इन विशेष फसलों का उत्पादन बढ़ाने के लिए किसानों को प्रोत्साहित किया जाए, जिससे उन्हें बाजार में अधिक लाभ मिल सके।

सख्त निर्देश और निगरानी प्रणाली
मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार योजनाओं की नियमित समीक्षा की जाएगी। इसके तहत उप निदेशक हर 7 दिनों में और निदेशक हर 15 दिनों में योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करेंगे और उसकी वस्तुस्थिति से मंत्री को अवगत कराएंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि योजनाओं में लापरवाही करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

अधिकारियों की भागीदारी
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव बी.एल. मीणा, निदेशक उद्यान वी.बी. द्विवेदी, निदेशालय स्तर के वरिष्ठ अधिकारी और मंडल व जिला स्तर के अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में जुड़े। सभी ने अपने-अपने क्षेत्रों की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की और योजनाओं को समय पर पूरा करने के लिए आवश्यक कदम उठाने का आश्वासन दिया।

क्या वायु प्रदूषण पल्मोनरी फाइब्रोसिस की समस्या को बढ़ा रहा है? जानें इसके लक्षण

आमतौर पर पल्मोनरी फाइब्रोसिस फेफड़ों से जुड़ी बीमारी है। जब यह समस्या होती है तो फेफड़ों के आसपास मौजूद टिश्यूज मोटे और सख्त हो जाते हैं। पल्मोनरी फाइब्रोसिस के कारण फेफड़ों के पास के टिश्यूज में दाग भी हो जाता है। वैसे तो पल्मोनरी फाइब्रोसिस के होने के कई कारण जिम्मेदार हो सकते है। इस बीमारी के कारण लंग्स पूरी तरह काम करना बंद कर सकते हैं।

वायु प्रदूषण के कारण पल्मोनरी फाइब्रोसिस होता है क्या?

एक्सपर्ट के मुताबिक, वायु प्रदूषण के कारण ही पल्मोनरी फाइब्रोसिस बन सकता है। यह पल्मोनरी फाइब्रोसिस का एक ही हिस्सा है। इस समस्या के कारण न केवल फेफड़ों की क्षति होती है, इसके बाद भी यह बढ़ती है। इस बीमारी के कारण लंग्स शॉर्ट टर्म के लिए सुचारु ढंग से कम करना बंद कर सकता है और इसके प्रभाव लॉन्ग टर्म में भी देखने को मिलते है।

पल्मोनरी फाइब्रोसिस होने के कारण

– आप कोल डस्ट और ग्रेन डस्ट आदि से दूर रहे है।

– यदि आपकी कीमोथेरपी चल रही है जो दवाई खाते हैं।

– कार्डियक एरिथमिया के दौरान उपयोग होने वाली दवाएं।

– कैंसर के दौरान होने वाली रेडिएशन थेरेपी।

पल्मोनरी फाइब्रोसिस के लक्षण

– व्यक्ति को सांस लेने में मुश्किल होता है।

– जिस व्यक्ति को पल्मोनरी फाइब्रोसिस होता है उनको सूखी खांसी जरुर दे।

– पल्मोनरी फाइब्रोसिस बीमारी के कारण से अचानक से वजन कम होता है।

– जिन लोगों को पल्मोनरी फाइब्रोसिस होती है, उन्हें थकान महसूस होता है।

Maha Kumbh 2025: यदि आप परिवार के साथ महाकुंभ मेले में जाने का विचार कर रहे हैं, तो इन अहम बातों का ध्यान रखें

महाकुंभ मेले का आयोजन 12 साल में एक बार किया जाता है। महाकुंभ एक महीने के लिए लगता है, जिसकी तैयारियां और सुरक्षा के इंतजाम महीनों पहले से कर लिए जाते हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि इस मेले का हिस्सा बनने के लिए दूर-दूर से लोग आते हैं। तो वहीं लोग यहां पर परिवार के सदस्यों के साथ भी आते हैं। अक्सर ऐसा सुनने को मिलता है कि मेले में बच्चे ज्यादा खोते हैं। इसलिए जरूरी है कि बच्चों को महाकुंभ घुमाने के साथ-साथ आप उनकी सुरक्षा का भी ध्यान रखें। इससे आप और आपका परिवार महाकुंभ मेले का अच्छे से आनंद ले पाएंगे। ऐसे में अगर आप भी महाकुंभ मेले में परिवार और बच्चों के साथ आ रहे हैं, तो हम इस आर्टिकल के जरिए आपको बताने जा रहे हैं कि आपको इस दौरान किन-किन बातों का खास ख्याल रखना चाहिए।

हाथ या गले पर डालें पहचान वाली पट्टी

बता दें कि महाकुंभ मेले में अधिक भीड़ है और धक्का-मुक्की में कोई खो सकता है। इसलिए आपको अपने बच्चे के गले या फिर हाथ में पहचान वाली पट्टी जरूर डालें। इसके लिए आप किसी डार्क कपड़े का भी यूज कर सकते हैं। इसका एक हिस्सा बच्चे के हाथ या गले में डाल दें और दूसरा हिस्सा अपने पास रखें। इसके अलावा आप बच्चों के पॉकेट में पेरेंट्स का फोन नंबर की पर्ची जरूर डाल दें। इससे बच्चा आपको आसानी से मिल जाएगा और पुलिस भी आपको आसानी से खोज पाएगी। साथ ही ऐसा करने से आपको महाकुंभ की यात्रा में कोई दिक्कत भी नहीं आएगी।

बच्चों को जरूर बताएं सुरक्षा के नियम

अगर आपका बच्चा 10-12 साल का है, तो आपको इन्हें सुरक्षा के नियमों के बारे में जरूर बताना चाहिए। जिससे कि अगर कुंभ मेले में बच्चे का हाथ आपसे छूट जाए, तो वह नियमों को ध्यान में रखते हुए सुरक्षाकर्मी के पास जा सकें। बता दें कि पोल पर कुछ नंबर लिखे जाते हैं, उनका भी ध्यान रख सकते हैं। इससे आपको यात्रा में किसी तरह की परेशानी नहीं आएगी और भीड़ में खोने वाला बच्चा भी आसानी से आपको मिल जाएगा।

बच्चे को कंधे पर बिठाकर घूमाएं मेला

अगर आपका बच्चा छोटा है और आप महाकुंभ मेला घूमने जा रहे हैं। तो बच्चे को कंधे पर बैठाकर मेले का आनंद दिलाएं। क्योंकि अधिक भीड़ होने की वजह बच्चा नीचे कुछ देख नहीं पाएगा और उसका सारा समय परेशान होने या रोने में निकल जाएगा। साथ ही बच्चे के परेशान होने पर आप भी परेशान होंगे। वहीं जब आप बच्चे को कंधे पर बिठा लेंगे, तो आप भी अच्छे से घूम पाएंगे और बच्चा भी अच्छे से मेला देख पाएगा।

उत्तर प्रदेश सरकार की तरफ से इस बार के महाकुंभ मेले के लिए कुछ खास बातों का ध्यान रखा गया है। इससे सुरक्षा में किसी तरह की कोई ढील नहीं होगी और समय पर सारे कार्य होते रहेंगे। लोगों को मेले में घूमने में किसी तरह की कोई दिक्कत न हो, इस बात का भी खास ख्याल रखा जाएगा।

सलमान खान से जुड़ी अहम खबर, संदिग्ध ने शूटिंग साइट में घुसने की कोशिश की

मुंबई: बॉलीवुड स्टार सलमान खान से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। मुंबई पुलिस के वरिष्ठ सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, सलमान खान की शूटिंग साइट पर शूटिंग के दौरान एक व्यक्ति ने अवैध तरीके से घुसने की कोशिश की है। जब उस व्यक्ति पर संदेह हुआ तो सबसे पहले सेट पर लोगों ने पूछताछ की तो उसने कहा कि ‘बिश्नोई को बोलूं क्या?’ फिलहाल पुलिस की टीम उस संदिग्ध को पूछताछ के लिए मुंबई के शिवाजी पार्क पुलिस स्टेशन पर लाई है। आरोपी की पहचान कर मुंबई पुलिस की टीम मामले की जांच कर रही है।

बीते महीने ही गिरफ्तार हुआ था एक शख्स

बीते महीने ही सलमान खान को धमकी देने के एक मामले में पुलिस ने कर्नाटक से एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया था। व्यक्ति ने बीते दिनों सलमान खान को जान से मारने की धमकी दी थी। इस केस को लेकर पुलिस गंभीरता से जांच कर रही थी। पु्लिस ने बताया कि बीते दिनों मुंबई पुलिस के ट्रैफिक कंट्रोल रूम में सलमान खान सहित एक अन्य सिंगर को जान से मारने की धमकी दी गई थी। इसी सिलसिले में फिर जांच शुरू की गई तो जो सच्चाई सामने आई उसे जान सबके होश उड़ गए।

पुलिस ने बताया था कि मुंबई पुलिस के ट्रैफिक कंट्रोल रूम में भेजी गई धमकी मामले में यूट्यूब पर ‘मैं सिकंदर हूं’ गाना लिखने वाले सिंगर और सलमान खान का नाम था। साथ ही 5 करोड़ की भी मांग की गई थी। इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की। मामले में जांच के दौरान पुलिस को पता लगा कि जिस नंबर से यह धमकी भेजी गई वह वेंकटेश नारायण नाम के व्यक्ति के नाम पर रजिस्टर है।

फिर मुंबई पुलिस की टीम आरोपी की खोज में कर्नाटक पहुंची। जब वेंकटेश का फोन चेक किया गया तो पता लगा वह एक साधारण फोन का उपयोग करता है, जिसमें व्हाट्सऐप इंस्टॉल नहीं है। इसके बाद पुलिस ने देखा कि फोन में व्हाट्सएप इंस्टॉल करने के लिए एक ओटीपी आया हुआ है। वेंकटेश ने पुलिस को बताया कि वह (वेंकटेश) एक दिन बाजार गया हुआ था और किसी अनजान व्यक्ति ने उससे एक फोन करने के लिए उसका मोबाइल मांगा। इसके बाद वेंकटेश ने उसे अपना फोन दिया और उस व्यक्ति ने वेंकटेश के नंबर पर व्हाट्सएप एक्टिव कर लिया।

इसके बाद पुलिस ने अपनी पड़ताल आगे बढ़ाई तो आरोपी उसके चंगुल में आ गया। फिर पुलिस ने आरोपी की जांच शुरू की तो पता चला कि सलमान खान के साथ जिस अन्य व्यक्ति को धमकी दी गई थी, यह वही है। उसने मस्ती मजाक में खुद को और सलमान को यह धमकी दी थी।