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IND vs AUS: गाबा टेस्ट में टीम इंडिया की प्लेइंग 11 में हुए 2 महत्वपूर्ण बदलाव।

IND vs AUS Gabba Test Match: ब्रिस्बेन के गाबा स्टेडियम में भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच बॉर्डर-गावस्कर ट्ऱॉफी 2024-25 का तीसरा टेस्ट मैच खेला जा रहा है, जिसमें टीम इंडिया के कप्तान रोहित शर्मा ने टॉस जीतने के बाद पहले गेंदबाजी करने का फैसला लिया है। इस मुकाबले के लिए मेजबान ऑस्ट्रेलिया ने जहां पहले ही अपनी टीम की प्लेइंग 11 का ऐलान कर दिया था, तो वहीं टॉस के बाद भारतीय टीम के कप्तान रोहित शर्मा ने भी प्लेइंग 11 का खुलासा कर दिया जिसमें 2 बड़े बदलाव देखने को मिले हैं। एडिलेड टेस्ट मैच में खेलने वाले तेज गेंदबाज हर्षित राणा और ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन को इस मुकाबले से बाहर रखा गया है, जिनकी जगह पर आकाश दीप और रवींद्र जडेजा को टीम में शामिल किया गया है।

एडिलेड टेस्ट में हर्षित और अश्विन दोनों का प्रदर्शन नहीं था उम्मीद के अनुसार

इस सीरीज के पहले 2 मुकाबलों में भारतीय टीम ने तीसरे तेज गेंदबाज के रूप में हर्षित राणा को खिलाने का फैसला लिया था, जिनका पर्थ में खेले गए मुकाबले में प्रदर्शन तो ठीक था लेकिन एडिलेड टेस्ट मैच में उनका प्रदर्शन बिल्कुल भी उम्मीद के अनुसार देखने को नहीं मिला। वहीं अश्विन जिनको एडिलेड टेस्ट मैच में वाशिंगटन सुंदर की जगह पर शामिल किया गया था वह भी गेंद और बल्ले दोनों से कोई खास योगदान देने में कामयाब नहीं हो सके थे, ऐसे में दोनों ही प्लेयर्स की जगह पर आकाश दीप और रवींद्र जडेजा की वापसी देखने को मिली है। आकाश के शामिल होने से जहां गेंदबाजी को मजबूती मिलेगी तो वहीं जडेजा के आने से निचलेक्रम में बल्लेबाजी बेहतर होगी।

आकाश पहली बार खेलेंगे ऑस्ट्रेलिया में जडेजा का रहा है अब तक ऐसा रिकॉर्ड

ऑस्ट्रेलिया में जहां आकाश दीप पहली बार टेस्ट मैच खेलने मैदान पर उतर रहे हैं तो वहीं रवींद्र जडेजा को यहां पर खेलने का अनुभव हासिल है। जडेजा ने अब तक ऑस्ट्रेलिया में 4 टेस्ट मैच खेले हैं जिसमें उन्होंने 14 विकेट हासिल किए हैं, इसके अलावा बल्लेबाजी में उन्होंने 43.75 के औसत से 175 रन बनाए हैं, जिसमें 2 अर्धशतकीय पारियां भी शामिल हैं। टीम इंडिया की प्लेइंग 11 में इसके अलावा कोई और बदलाव नहीं किया गया है।

गाबा टेस्ट के लिए टीम इंडिया की प्लेइंग 11

यशस्वी जयसवाल, केएल राहुल, शुभमन गिल, विराट कोहली, ऋषभ पंत (विकेटकीपर), रोहित शर्मा (कप्तान), रवींद्र जड़ेजा, नितीश कुमार रेड्डी, जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद सिराज, आकाश दीप।

‘कारिडोर में मंदिर के पुजारियों के रहने की व्यवस्था होगी: हनुमान मंदिर कारिडोर निर्माण के दूसरे चरण की शुरुआत मार्च में, शौचालय और दुकानें भी बनाई जाएंगी

प्रयागराज में बंधवा स्थित हनुमान मंदिर कारिडोर के निर्माण का पहला फेज तैयार होने के बाद पीएम नरेंद्र मोदी ने उसका उद्घाटन शुक्रवार यानी 13 दिसंबर को कर दिया। इसके बाद अब मंदिर कारिडोर के दूसरे फेज की शुरूआत होनी है। इसमें मंदिर कारिडोर के अंदर कई ऐसी सुविधाएँ होनी हैं जो अभी तक नहीं थीं।

अभी तक शौचालय आदि की नहीं थी सुविधा: बंधवा स्थित लेटे हनुमान मंदिर में हर दिन हजारों की संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। उनके लिए मंदिर के आस पास मूलभूत सुविधाएं भी नहीं थी। इसको देखते हुए पीडीए की तरफ से मंदिर के कारिडोर में इनको तैयार कराया जाएगा। खासतौर पर महिलाओं के लिए शौचायल आदि की व्यवस्था कारिडोर के पास करायी जाएगी। इसके अलावा कारिडोर में पूजन सामग्री, फूल और प्रसाद आदि के लिए दुकानों का निर्माण कराया जाना है। दूसरे फेज में कारिडोर के अंदर कई अन्य मंदिरों का निर्माण भी कराया जाना है। इसका प्रारूप भी लगभग तैयार हो गया है।

पुजारियों के लिए रहने की होगी व्यवस्था किला के पास बन रहे कारिडोर में मंदिर के पुजारियों के रहने की व्यवस्था भी की जाएगी। इसके लिए भी अलग से कमरों को अभी से ही तैयार कर दिया गया है। पीडीए वीसी अमित पाल शर्मा ने बताया कि सभी निर्माण किला से निर्धारित दूरी पर किए जा रहे है। जिससे सेना को किसी भी प्रकार की समस्या ना हो सके। इसके अलावा दूसरे फेज में मंदिर को पहले से अधिक भव्य बनाने का कार्य किया जाएगा। इसकी शुरूआत मार्च में की जाएगी। जिससे महाकुंभ में आने वाले लोगों को किसी भी प्रकार की असुविधा ना हो सके।

करी पत्ते का सेवन इन बीमारियों के लिए बेहद फायदेमंद है, जानें विशेषज्ञ की राय

करी पत्ता भोजन में स्वाद बढ़ाने के साथ ही हेल्दी भी होता है। करी पत्ता में कई पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो शरीर को कई बीमारियों से लड़ने में मदद करता है। करी पत्ता कब्ज, डायबिटीज और कॉलेस्ट्रोल जैसी तकलीफों में कारगर साबित होता है। डॉक्टर का बताते हैं कि, निगेटिव इफेक्ट की चिंता किए बिना इन पत्तों का सेवन किया जा सकता है। आइए जानते हैं करी पत्ता का सेवन करने के उपाय।

 कब्ज में फायदेमंद 

 करी पत्ता का सेवन करने से कब्ज में बेहद फायदेमंद होता है। एक्सपर्ट के मुताबिक, यह पत्ते डायजेस्टिव एंजाइम्स रिलीज कर सकते हैं, करी पत्ता खाने से कब्ज नहीं होता और खाना भी अच्छे से पचता है।

ब्लड शुगर लेवल कंट्रोल होता

करी पत्ता के सेवन करने से डायबिटीज रोगियों को ब्लड शुगर लेवल कंट्रोल होता है। एक्सपर्ट ने दावा किया है कि इसके सेवन से ब्लड शुगर स्तर कम होने लगता है।

बालों के लिए भी हेल्दी

करी पत्ता पोषक तत्वों का खजाना है। करी पत्ते में विटामिन, फॉसफोरस और आयरन होने चलते इसे बालों के लिए भी सूटेबल बताया गया है। एक्सपर्ट ने बताया है कि करी पत्तों में रिच प्रोटीन और बीटा-कैरोटीन कंटेंट होता है। इससे बालों की सेहत बेहतर होती है और बाल गिरते भी कम है।

क्या चीन ताइवान पर हमला करने की तैयारी में है? जानें उसकी आसपास की गतिविधियों का उद्देश्य।

बीजिंग: चीन की सेना ताइवान के आसपास बड़े पैमाने पर सैन्य गतिविधियों को अंजाम दे रही है। भले ही चीन की सेना इस क्षेत्र में एक्टिव हो लेकिन उसने नौसैनिक और तटरक्षक जहाजों की तैनाती चुप्पी साध कर रखी है। चीन दो करोड़ 30 लाख लोगों की आबादी वाले स्वशासित ताइवान को अपना क्षेत्र मानता है और ताइवान के साथ अन्य देशों के औपचारिक संबंधों पर आपत्ति जताता है। इस बीच ताइवान के अधिकारियों ने कहा कि चीन जहाजों की तैनाती करके नाकेबंदी कर रहा है।

सेना खुद लेती है फैसला

चीन के रक्षा मंत्रालय ने अब तक इस गतिविधि पर सार्वजनिक रूप से कोई टिप्पणी नहीं की है। चीनी रक्षा मंत्रालय के शीर्ष प्रवक्ता वू कियान ने अपने बयान में  युद्ध की रणनीति से जुड़े एक प्राचीन चीनी ग्रन्थ “द आर्ट ऑफ वॉर” के एक प्रख्यात उद्धरण का उल्लेख किया कि सैन्य रणनीति बदलती परिस्थितियों के अनुसार ऐसे ही ढलती है, जैसे बहता पानी। प्रवक्ता ने कहा कि सेना अपनी आवश्यकताओं और स्थिति के आधार पर अभ्यास करने का निर्णय लेती है।

क्या बोले ताइवान के अधिकारी

कियान ने यह भी कहा कि किसी भी स्थिति में देश की सेना ताइवान की स्वतंत्रता का विरोध करने और चीन के साथ उसे दोबारा मिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। ताइवान के अधिकारियों ने चीन की गतिविधि को प्रशिक्षण बताया, क्योंकि चीन की ओर से इस बात की कोई पुष्टि नहीं की गई है कि वह अभ्यास कर रहा था। अधिकारियों ने कहा कि वो प्रशिक्षण की निगरानी कर रहे हैं और इसे धमकी के रूप में देखते हैं।

बढ़ा है तनाव

गौरतलब है कि, ताइवान एक स्वशासित द्वीप है और चीन दावा करता है कि वह उसका क्षेत्र है। हाल के वर्षों में इस मुद्दे पर तनाव बढ़ा है। चीन ने ताइवान के आसपास के समुद्री और हवाई क्षेत्र में अपनी मौजूदगी बढ़ा दी है। वह ताइवान के पास सैन्य अभ्यास के लिए बड़ी संख्या में युद्धक विमान और नौसेना के जहाज भेज रहा है और उसके तट रक्षक गश्त लगाते रहते हैं।

रूस ने यूक्रेन पर क्रूज मिसाइलों की बौछार की और ड्रोन्स से भी हमला बोला।

Russia Ukraine War: रूस ने यूक्रेन पर भीषण हमले किए हैं। रूस ने इन हमलों में दर्जनों क्रूज मिसाइलों और ड्रोन्स का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया है। रूसी सेना ने यूक्रेन के ऊर्जा प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया। यूक्रेन के ऊर्जा मंत्री हर्मन हेलूशेंको ने फेसबुक पेज पर यह जानकारी दी। उन्होंने कहा, “दुश्मन का आतंक जारी है।” यूक्रेन की वायु सेना ने बताया कि बीती रात यूक्रेन पर कई ड्रोन हमले किए गए और उसके बाद देश के हवाई क्षेत्र में क्रूज मिसाइल भी दागी गईं। वायुसेना ने कहा कि रूस ने यूक्रेन के पश्चिमी क्षेत्रों के खिलाफ ‘किंजल’ बैलिस्टिक मिसाइलों का भी इस्तेमाल किया। इन हमलों के बाद आशंका बढ़ गई है कि रूस का लक्ष्य सर्दी की शुरुआत में यूक्रेन की बिजली उत्पादन क्षमता को नष्ट करना है।

पोक्रोवस्क शहर के पास भीषण हुई जंग

इस बीच यहां यह भी बता दं कि, रूस और यूक्रेन में जंग के बीच यूक्रेन के शीर्ष सैन्य कमांडर ने कहा है कि रूस के लगातार आक्रमण के बाद पूर्वी यूक्रेन के प्रमुख शहर पोक्रोवस्क के आसपास जंग और भीषण हो गई है। रूसी सेना अब शहर से कुछ ही किलोमीटर की दूरी पर है। पोक्रोवस्क शहर यूक्रेन के लिए बेहद अहम है।

रूस लगा रहा है पूरी ताकत

हाल ही में यूक्रेनी सेना प्रमुख जनरल ओलेक्सांद्र सिरस्की ने फेसबुक पर एक पोस्ट में कहा था कि कब्जा करने वाले रूसी अपनी सारी उपलब्ध ताकतें आगे बढ़ा रहे हैं और हमारे सैनिकों की सुरक्षा को तोड़ने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा था कि उनकी सेना संख्या में कम है। रूसी सेनाएं यूक्रेन की सुरक्षा को ग्लाइड बमों के साथ ध्वस्त करने की कोशिश कर रही हैं।