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प्रयागराज के कोरांव विकासखंड में आवासीय भवन निर्माण के लिए 2.72 करोड़ रुपये की स्वीकृति

प्रयागराज के कोरांव विकासखंड में आवासीय भवन निर्माण के लिए 2.72 करोड़ रुपये की स्वीकृति
प्रयागराज के कोरांव विकासखंड में आवासीय भवन निर्माण के लिए 2.72 करोड़ रुपये की स्वीकृति
प्रयागराज के कोरांव विकासखंड में आवासीय भवन निर्माण के लिए 2.72 करोड़ रुपये की स्वीकृति
  • प्रयागराज के कोरांव विकासखंड में आवासीय भवनों के निर्माण हेतु 2.72 करोड़ रुपये की द्वितीय किस्त स्वीकृत।
  • कुल परियोजना के लिए 378.69 लाख रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति पूर्व में प्रदान की गई थी।
  • प्रथम किस्त के रूप में 106.43 लाख रुपये पहले ही जारी किए जा चुके हैं।
  • निर्माण कार्यों को तय समयसीमा और मानकों के अनुरूप पूरा करने के निर्देश।
  • योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे को मजबूत करना है।

लखनऊ, 20 दिसंबर 2024: उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रयागराज के विकासखंड कोरांव में आवासीय भवनों के निर्माण हेतु 2.72 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की है। यह धनराशि परियोजना की द्वितीय किस्त के रूप में जारी की गई है। उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के निर्देशानुसार, उत्तर प्रदेश शासन ने ग्राम्य विकास विभाग के माध्यम से इस धनराशि का शासनादेश जारी कर दिया है।

गौरतलब है कि इस परियोजना के लिए पहले से ही 378.69 लाख रुपये की वित्तीय और प्रशासनिक स्वीकृति दी जा चुकी थी। इसमें से 106.43 लाख रुपये की प्रथम किस्त पहले ही प्रदान की जा चुकी है। अब द्वितीय किस्त के रूप में 272.26 लाख रुपये की शेष राशि जारी की गई है।

उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया है कि स्वीकृत धनराशि का उपयोग तय समयसीमा के भीतर किया जाए। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने पर जोर दिया है कि निर्माण कार्य मानकों और गुणवत्ता के अनुरूप हो। यह कदम सरकार के ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने के प्रयासों का हिस्सा है।

परियोजना का उद्देश्य क्षेत्र के निवासियों को बेहतर आवासीय सुविधाएं प्रदान करना है। इस योजना से स्थानीय स्तर पर विकास को गति मिलेगी और सरकार की “सबका साथ, सबका विकास” की नीति को भी बल मिलेगा।

उत्तरप्रदेश में सड़क सुरक्षा: कार्य में तेजी लाने के लिए सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी और सहायक मोटर वाहन निरीक्षक के नए पद स्वीकृत की गए- दयाशंकर सिंह

truenewsupपरिवहन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह
परिवहन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह
truenewsupपरिवहन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह
  • उत्तर प्रदेश सरकार ने सड़क सुरक्षा के तहत 36 सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी और 391 सहायक मोटर वाहन निरीक्षक के पद सृजित किए।
  • ये पद 28 फरवरी, 2025 तक सृजित किए गए हैं, जब तक कि इन्हें समाप्त करने की अलग से सूचना न दी जाए।
  • सड़क सुरक्षा सप्ताह की जानकारी तहसील, ग्राम पंचायत, और ग्राम सभाओं तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए।
  • बढ़ती जनसंख्या और वाहनों की संख्या को देखते हुए इन पदों की आवश्यकता महसूस की गई।
  • इन नियुक्तियों से सड़क सुरक्षा कार्यों में तेजी आएगी और दुर्घटनाओं की संख्या में कमी की संभावना है।

लखनऊ, 20 दिसंबर 2024: उत्तर प्रदेश सरकार ने सड़क सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (साधारण वेतनमान) और सहायक मोटर वाहन निरीक्षक (ए०एम०वी०आई०) के पद सृजित करने की मंजूरी दी है। परिवहन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह ने इस महत्वपूर्ण घोषणा के दौरान बताया कि ये पद 28 फरवरी, 2025 तक की अवधि के लिए सृजित किए गए हैं।

प्रदेश में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं के मद्देनजर सरकार ने यह कदम उठाया है। सड़क सुरक्षा के दायित्वों को तहसील स्तर तक विस्तारित करते हुए, ग्राम पंचायत और ग्राम सभाओं के माध्यम से जनता को सड़क सुरक्षा सप्ताह की जानकारी देने के निर्देश भी जारी किए गए हैं।

परिवहन मंत्री ने बताया कि उत्तर प्रदेश देश में जनसंख्या के मामले में प्रथम स्थान पर है और यहां वाहनों की संख्या भी बहुत अधिक है। इन परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी और सहायक मोटर वाहन निरीक्षक के पदों की आवश्यकता महसूस की गई।

इस नई योजना के तहत, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी के 36 और सहायक मोटर वाहन निरीक्षक के 351 पद सृजित किए गए हैं। यह कदम न केवल प्रशासनिक कार्यों में तेजी लाएगा, बल्कि सड़क सुरक्षा संबंधी कार्यों को भी अधिक प्रभावी बनाएगा। मंत्री ने उम्मीद जताई कि इससे प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं की संख्या में कमी आएगी।

इसके अतिरिक्त, राज्य सरकार ने निर्देश दिए हैं कि सड़क सुरक्षा से जुड़ी जागरूकता अभियानों को गांव और तहसील स्तर पर आम जनता तक पहुंचाया जाए। इसके माध्यम से सड़क सुरक्षा के प्रति लोगों को अधिक जागरूक किया जाएगा।

उत्तरप्रदेश: कृषकों को समय पर सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता- स्वतंत्र देव सिंह

उत्तरप्रदेश: कृषकों को समय पर सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता- स्वतंत्र देव सिंह
उत्तरप्रदेश: कृषकों को समय पर सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता- स्वतंत्र देव सिंह
उत्तरप्रदेश: कृषकों को समय पर सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता- स्वतंत्र देव सिंह
  • जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने 11 सहायक अभियंताओं के पदस्थापन का नेतृत्व किया।
  • लघु सिंचाई विभाग के 11 सहायक अभियंताओं का जलशक्ति मंत्री की उपस्थिति में पदस्थापन हुआ।
  • मंत्री ने कहा- कृषकों को समय पर सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है।
  • प्रमुख सचिव ने भूजल स्तर बढ़ाने के लिए वर्षा जल संचयन पर जोर दिया।
  • योजनाओं के अनुदान का लाभ किसानों तक समय पर पहुंचाने की आवश्यकता पर बल।
  • पारदर्शी प्रक्रिया के तहत पदस्थापन को लेकर अभियंताओं ने संतोष व्यक्त किया।

लखनऊ, 20 दिसंबर, 2024: उत्तरप्रदेश के जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने कृषकों को समय पर सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। यह अवसर लघु सिंचाई विभाग के 11 सहायक अभियंताओं के पदस्थापन के दौरान आयोजित कार्यक्रम में आया। कार्यक्रम का आयोजन राणा प्रताप मार्ग स्थित जल निगम ग्रामीण कार्यालय में हुआ। इस दौरान जलशक्ति मंत्री ने अभियंताओं को निर्देश दिया कि वे तैनाती के बाद तुरंत कार्यभार ग्रहण करें और विभागीय योजनाओं का अधिकतम लाभ किसानों तक पहुंचाने में अपनी भूमिका निभाएं।

किसानों की प्राथमिकता में सिंचाई सुविधा

मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने कहा कि कृषक हमारे अन्नदाता हैं और उन्हें समय पर सिंचाई सुविधा प्रदान करना सरकार की प्राथमिकता में है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार की योजनाओं का सही और समय पर कार्यान्वयन सुनिश्चित करने के लिए विभागीय अधिकारियों और अभियंताओं को जिम्मेदारीपूर्वक कार्य करना चाहिए।

पदस्थापन प्रक्रिया का आयोजन

कार्यक्रम में सहायक अभियंताओं को उनके प्रोन्नति के फलस्वरूप रिक्त पदों पर तैनाती दी गई। इन 11 सहायक अभियंताओं को राज्य के विभिन्न जनपदों में पदस्थापित किया गया, जिससे किसानों तक सिंचाई योजनाओं का सुचारू क्रियान्वयन हो सके।

प्रमुख सचिव और विशेष सचिव के निर्देश

विभाग के प्रमुख सचिव अनुराग श्रीवास्तव ने अभियंताओं को जनोपयोगी कार्यों को ईमानदारी और निष्ठा से पूरा करने का आवाहन किया। उन्होंने भूजल स्तर बढ़ाने के लिए वर्षा जल संचयन और संरक्षण पर ध्यान देने की आवश्यकता बताई। विशेष सचिव प्रभाष कुमार ने योजनाओं के तहत मिलने वाले अनुदान को किसानों तक समय पर पहुंचाने के महत्व पर जोर दिया। कार्यक्रम में उपस्थित सहायक अभियंताओं ने पारदर्शी पदस्थापन प्रक्रिया पर प्रसन्नता व्यक्त की और सरकार की मंशा के अनुरूप कार्य करने का संकल्प लिया।

अलर्जी और अस्थमा की राष्ट्रीय कांफ्रेंस में केजीएमयू के डॉ. सूर्य कान्त का विशेष व्याख्यान, बोले- इन्हेलर्स के साथ करें योग, सांस के रोगी रहेंगे हमेशा निरोग

अलर्जी और अस्थमा की राष्ट्रीय कांफ्रेंस में केजीएमयू के डॉ. सूर्य कान्त का विशेष व्याख्यान, बोले- इन्हेलर्स के साथ करें योग, सांस के रोगी रहेंगे हमेशा निरोग
अलर्जी और अस्थमा की राष्ट्रीय कांफ्रेंस में केजीएमयू के डॉ. सूर्य कान्त का विशेष व्याख्यान, बोले- इन्हेलर्स के साथ करें योग, सांस के रोगी रहेंगे हमेशा निरोग
अलर्जी और अस्थमा की राष्ट्रीय कांफ्रेंस में केजीएमयू के डॉ. सूर्य कान्त का विशेष व्याख्यान, बोले- इन्हेलर्स के साथ करें योग, सांस के रोगी रहेंगे हमेशा निरोग
  • इंडियन कॉलेज ऑफ अलर्जी और अस्थमा की 58वीं राष्ट्रीय कांफ्रेंस 20-22 दिसंबर तक दिल्ली में आयोजित।
  • केजीएमयू, लखनऊ के डॉ. सूर्य कान्त ने योग और साँस की बीमारियों पर विशेष व्याख्यान दिया।
  • योग, प्राणायाम और ध्यान से साँस की समस्याओं में सुधार और इन्हेलर्स की डोज में कमी संभव।
  • डॉ. सूर्य कान्त के मार्गदर्शन में योग-अस्थमा विषय पर दुनिया की पहली पीएचडी और 25 शोध पत्र प्रकाशित।
  • कांफ्रेंस में साँस संबंधी बीमारियों के प्राकृतिक और वैज्ञानिक प्रबंधन पर चर्चा।

नई दिल्ली/लखनऊ, 20 दिसम्बर 2024: इंडियन कॉलेज ऑफ अलर्जी और अस्थमा की 58वीं राष्ट्रीय कांफ्रेंस 20 दिसंबर से 22 दिसंबर तक पटेल चेस्ट इंस्टीट्यूट, दिल्ली में आयोजित की जा रही है। इस महत्वपूर्ण आयोजन में किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू), लखनऊ के रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग के अध्यक्ष और इटावा के मूल निवासी डॉ. सूर्य कान्त ने अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई। उन्होंने इस मौके पर साँस की बीमारियों के प्रबंधन में योग की भूमिका पर एक विशेष व्याख्यान दिया।

साँस की बीमारियों में योग का महत्व

डॉ. सूर्य कान्त ने बताया कि साँस की बीमारियों जैसे अस्थमा और अन्य श्वसन रोगों के इलाज में इन्हेलर्स के साथ-साथ योग, प्राणायाम और ध्यान का समावेश किया जाए तो मरीजों को विशेष लाभ मिल सकता है। उन्होंने समझाया कि नियमित योग अभ्यास से:

  • साँस की समस्याओं में आराम मिलता है।
  • कार्यक्षमता में वृद्धि होती है।
  • अस्थमा के अटैक की संभावना कम हो जाती है।
  • जीवन की गुणवत्ता में सुधार होता है।

इसके अतिरिक्त, डॉ. सूर्य कान्त ने यह भी बताया कि योग के नियमित अभ्यास से इन्हेलर्स की डोज कम की जा सकती है और फेफड़े की कार्य क्षमता में सुधार होता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि योग एक सहायक चिकित्सा है, लेकिन यह इन्हेलर्स का विकल्प नहीं हो सकता। अस्थमा के मरीज अपने चिकित्सक की सलाह से इन्हेलर्स के साथ योग का अभ्यास कर पूरी तरह स्वस्थ रह सकते हैं और अपने दैनिक कार्य सामान्य रूप से कर सकते हैं।

शोध और वैश्विक मान्यता

डॉ. सूर्य कान्त ने गर्व के साथ बताया कि अस्थमा में योग और प्राणायाम के प्रभाव पर दुनिया की पहली पीएचडी और पोस्ट-डॉक्टरल फेलोशिप केजीएमयू के रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग में उनके मार्गदर्शन में पूरी हुई। इस विषय पर उनके द्वारा 25 शोध पत्र प्रकाशित किए जा चुके हैं, जो कि एक ही चिकित्सक द्वारा प्रकाशित शोध का विश्व रिकॉर्ड है।

कांफ्रेंस का महत्व

यह कांफ्रेंस चिकित्सा जगत में साँस संबंधी बीमारियों पर नवीनतम शोध और प्रथाओं को साझा करने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच है। देशभर से आए विशेषज्ञों ने इसमें भाग लेकर अपनी विशेषज्ञता साझा की। डॉ. सूर्य कान्त का व्याख्यान इस कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण रहा और यह विषय साँस की बीमारियों के प्राकृतिक और वैज्ञानिक उपचार में रुचि रखने वालों के लिए अत्यधिक प्रेरणादायक साबित हुआ।

लखनऊ: ऊर्जा मंत्री ए0के0 शर्मा ने चिनहट में ओटीएस शिविर का किया निरीक्षण

लखनऊ: ऊर्जा मंत्री ए0के0 शर्मा ने चिनहट में ओटीएस शिविर का किया निरीक्षण
लखनऊ: ऊर्जा मंत्री ए0के0 शर्मा ने चिनहट में ओटीएस शिविर का किया निरीक्षण
लखनऊ: ऊर्जा मंत्री ए0के0 शर्मा ने चिनहट में ओटीएस शिविर का किया निरीक्षण
  • ओटीएस योजना का औचक निरीक्षण: ऊर्जा मंत्री ने शिवपुरी विद्युत उपकेन्द्र में शिविर का निरीक्षण कर उपभोक्ताओं से समस्याओं की जानकारी ली।
  • योजना के लाभ: बकाया बिलों पर अधिभार में 100% तक की छूट, विभिन्न श्रेणियों के उपभोक्ताओं को दी जा रही है।
  • पहले चरण में विशेष छूट: योजना का पहला चरण 10 दिन तक जारी रहेगा, जिसमें सबसे अधिक छूट का प्रावधान है।
  • बिचौलियों से सतर्क रहने की अपील: उपभोक्ताओं को सरकारी प्रक्रिया के तहत भुगतान करने की सलाह।
  • प्रचार-प्रसार पर जोर: योजना के व्यापक प्रचार के निर्देश, अधिक से अधिक लोगों को लाभ पहुंचाने का लक्ष्य।

लखनऊ, 20 दिसम्बर 2024: उत्तर प्रदेश के नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए0के0 शर्मा ने शुक्रवार को लखनऊ के चिनहट स्थित शिवपुरी विद्युत उपकेन्द्र का औचक निरीक्षण किया। यह निरीक्षण एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस) के तहत लगाए गए शिविर में किया गया। उन्होंने उपभोक्ताओं से योजना का लाभ उठाने में आने वाली समस्याओं की जानकारी ली और अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजना के प्रभावी क्रियान्वयन में कोई बाधा न आए। मंत्री ने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि उपभोक्ताओं के आने तक बिलिंग काउंटर खुले रहें और ओटीएस योजना का प्रचार-प्रसार अधिक से अधिक किया जाए ताकि जनता को इस योजना का लाभ मिल सके।

मंत्री ने शिविर में मौजूद उपभोक्ताओं से सीधा संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और योजना के तहत मिलने वाले लाभों के बारे में जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने बकाया विद्युत बिलों के सरचार्ज में छूट के लिए 15 दिसंबर से एक बार फिर ओटीएस योजना लागू की है। उन्होंने अपील की कि उपभोक्ता जल्द से जल्द रजिस्ट्रेशन कराकर योजना का अधिकतम लाभ उठाएं।

ओटीएस योजना के लाभ और छूट की जानकारी

ऊर्जा मंत्री ने बताया कि ओटीएस योजना के प्रथम चरण में उपभोक्ताओं को बकाया बिलों के अधिभार में भारी छूट दी जा रही है। 01 किलोवाट तक के घरेलू उपभोक्ताओं को 5,000 रुपये तक के बकाए का एकमुश्त भुगतान करने पर अधिभार में 100% छूट दी जाएगी। 5,000 रुपये से अधिक के बकाए पर 70% तक की छूट मिलेगी। वहीं, वाणिज्यिक उपभोक्ताओं और लघु-मध्यम उद्योगों को उनके मूल बकाए के एकमुश्त भुगतान पर अधिभार में 60% तक की छूट दी जा रही है।

ऊर्जा मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि ओटीएस योजना का पहला चरण अभी जारी है और 10 दिन शेष हैं। इस दौरान सभी श्रेणी के उपभोक्ता अपने बकाया बिलों पर सबसे अधिक छूट का लाभ ले सकते हैं। उन्होंने उपभोक्ताओं को बिचौलियों से सतर्क रहने और सरकारी व्यवस्था के तहत ही भुगतान करने की सलाह दी।

मंत्री ने योजना के प्रचार-प्रसार पर दिया जोर

ऊर्जा मंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि ओटीएस योजना का अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार किया जाए ताकि लोग जागरूक होकर योजना का लाभ उठा सकें। उन्होंने उपभोक्ताओं से अपील की कि वे रजिस्ट्रेशन कराने में देर न करें और योजना की निर्धारित समय सीमा के भीतर ही अधिकतम लाभ प्राप्त करें।