Home Blog Page 1075

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का ऐतिहासिक निर्णय: जेवर एयरपोर्ट के किसानों के चेहरे पर मुस्कान, सीएम योगी ने किसानों के पुनर्वास, रोजगार और जीवन-यापन के लिए समुचित कदम उठाने का दिया आश्वासन

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का ऐतिहासिक निर्णय: जेवर एयरपोर्ट के किसानों के चेहरे पर मुस्कान
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का ऐतिहासिक निर्णय: जेवर एयरपोर्ट के किसानों के चेहरे पर मुस्कान
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का ऐतिहासिक निर्णय: जेवर एयरपोर्ट के किसानों के चेहरे पर मुस्कान
  • सीएम योगी ने जेवर एयरपोर्ट के भूमि अधिग्रहण से प्रभावित किसानों से संवाद करते हुए प्रतिकर को ₹3100/वर्ग मीटर से बढ़ाकर ₹4300/वर्ग मीटर किया।
  • मुख्यमंत्री।
  • जेवर एयरपोर्ट का उद्घाटन 2025 में पीएम मोदी के हाथों होगा, और यह देश का सबसे बड़ा एयरपोर्ट बनेगा।
  • सीएम योगी ने जेवर को अगले 10 वर्षों में देश के सबसे विकसित क्षेत्रों में शामिल करने का संकल्प लिया।
  • किसानों ने सीएम योगी के फैसले का स्वागत करते हुए उन्हें प्रदेश के विकास का नायक बताया।

लखनऊ/नोएडा, 20 दिसम्बर 2024: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 20 दिसंबर, 2024 को लखनऊ स्थित अपने आवास पर आयोजित संवाद कार्यक्रम में जेवर एयरपोर्ट से प्रभावित किसानों से मुलाकात की और उनके लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएँ कीं। इस संवाद में सीएम योगी ने भूमि अधिग्रहण के प्रतिकर में वृद्धि की घोषणा की, जिससे किसानों के चेहरे पर खुशी का संचार हुआ।

मुख्यमंत्री ने भूमि अधिग्रहण के प्रतिकर को ₹3100 प्रति वर्ग मीटर से बढ़ाकर ₹4300 प्रति वर्ग मीटर करने का निर्णय लिया और साथ ही यह भी कहा कि किसानों को ब्याज के रूप में अतिरिक्त राशि भी दी जाएगी। सीएम योगी ने यह भी सुनिश्चित किया कि किसानों के पुनर्वास, रोजगार और जीवन-यापन के लिए समुचित व्यवस्था की जाएगी। उनका यह निर्णय जेवर क्षेत्र के किसानों के लिए एक वरदान साबित हुआ है, क्योंकि यह न केवल उनकी भूमि का सही मूल्य दिलवाएगा, बल्कि उनके भविष्य को भी सुरक्षित करेगा।

मुख्यमंत्री के विजन और विकास की दिशा

सीएम योगी ने इस अवसर पर जेवर एयरपोर्ट के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि यह एयरपोर्ट 2025 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों उद्घाटित होगा और यह देश का सबसे बड़ा एयरपोर्ट बनेगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जेवर को अगले 10 वर्षों में देश के सबसे विकसित क्षेत्रों में शामिल किया जाएगा।

सीएम योगी ने कहा कि जेवर एयरपोर्ट के साथ-साथ वहां पर पांच टर्मिनल होंगे, जिनमें विमान रखरखाव (MRO) और मेंटेनेंस के केंद्र की स्थापना भी की जाएगी। इसके अलावा, इस एयरपोर्ट की वार्षिक क्षमता 2040 तक 70 मिलियन यात्रियों तक पहुंचने की संभावना है। इसे ईस्टर्न पेरीफेरल रोड, यमुना एक्सप्रेसवे, दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे और दिल्ली-वाराणसी हाईस्पीड रेल से जोड़ा जाएगा, जिससे इस क्षेत्र को शानदार कनेक्टिविटी मिलेगी।

किसानों के जीवन में खुशियों की सौगात

सीएम योगी के निर्णय ने जेवर और आसपास के किसानों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला दिया है। किसान अब यह महसूस कर रहे हैं कि उनका क्षेत्र, जो कभी विकास से महरूम था, अब एक बड़े हब के रूप में उभरेगा। किसानों का मानना है कि इस विकास से न केवल उनकी भूमि का मूल्य बढ़ेगा, बल्कि उनके बच्चों का भविष्य भी बेहतर होगा।

किसानों ने सीएम योगी के निर्णय का दिल से स्वागत किया और उनके नेतृत्व में प्रदेश के उज्जवल भविष्य के प्रति आशान्वित दिखे। उनका कहना था कि अब उनका क्षेत्र प्रदेश और देश की प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

किसानों की प्रतिक्रियाएँ

किसानों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के फैसले का दिल से स्वागत किया। विभिन्न किसानों ने अपनी खुशी और आभार व्यक्त किया और कहा कि यह निर्णय उनके लिए वरदान साबित हुआ है। जेवर से आए किसान ज्ञानेंद्र सिंह ने कहा, “सीएम योगी ने हमारी सभी समस्याओं को हल कर दिया है और हमारे बेहतर भविष्य के लिए रास्ता खोला है।” वहीं, ओम प्रकाश शर्मा ने कहा, “सीएम योगी ने प्रदेश को विकास के सच्चे प्रतिमानों की ओर अग्रसर किया है और उनकी सरकार उत्तर प्रदेश की प्रगति को बनाए रखने के लिए जरूरी है।”

बलवीर सिंह, एक अन्य किसान, ने कहा, “सीएम योगी ने न केवल हमारे हितों की रक्षा की है, बल्कि विकास की गति को भी तेज किया है। उनके फैसलों के कारण जेवर एयरपोर्ट का विकास निर्बाध तरीके से हो रहा है।” सुधीर त्यागी, किसान कल्याण परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ने कहा, “सीएम योगी पूरे देश और विश्व में अपने काम के कारण विख्यात हैं। उनके फैसले ने किसानों की आशाओं को पूरा किया है।”

किसानों ने यह भी कहा कि सीएम योगी ने न केवल उनकी समस्याओं का समाधान किया, बल्कि उनके हर एक अनुरोध को भी पूरा किया है। हरकेश चौहान, एक अन्य किसान, ने कहा, “हमारी सभी आशंकाएं दूर हो गई हैं। मुख्यमंत्री योगी ने हमारी मांगों को सुनकर मुआवजा बढ़ा दिया और हमारी समस्याओं का समाधान किया।”

अंत में, मृणाल, एक और किसान, ने कहा, “सीएम योगी जैसा नेता अब उत्तर प्रदेश को फिर से नहीं मिलेगा। उनका विजन स्पष्ट और उनका मिशन किसानों के हित में है।”

सीएम योगी की नीतियों का महत्व

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने नेतृत्व में प्रदेश के विकास को नई दिशा दी है। उनके फैसलों ने न केवल किसानों की समस्याओं का समाधान किया है, बल्कि प्रदेश के समग्र विकास के लिए एक मजबूत नींव भी रखी है। उनके नेतृत्व में उत्तर प्रदेश अब एक प्रगतिशील राज्य के रूप में उभरेगा, जहां किसानों के हितों की रक्षा करते हुए आर्थिक विकास की गति तेज होगी। इस फैसले से न केवल जेवर के किसान, बल्कि समूचे उत्तर प्रदेश के लोग आशान्वित हैं, और यह निर्णय प्रदेश के भविष्य को उज्जवल बनाने में अहम भूमिका निभाएगा।

महाकुम्भ 2025: जल यातायात नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने तैयार की नदी यातायात प्रबंधन योजना

महाकुम्भ में जल यातायात नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने तैयार की नदी यातायात प्रबंधन योजना
महाकुम्भ में जल यातायात नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने तैयार की नदी यातायात प्रबंधन योजना
महाकुम्भ में जल यातायात नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने तैयार की नदी यातायात प्रबंधन योजना
  • महाकुम्भ-2025 में नदी यातायात प्रबंधन योजना 50 स्नान घाटों और 12 किलोमीटर लंबे जल मार्ग पर लागू होगी।
  • यमुना नदी में 4 किलोमीटर लंबी रिवर लाइन का निर्माण किया जा रहा है, जिसमें 500 मीटर पहले ही तैयार हो चुका है।
  • 2000 से अधिक जल पुलिस जवान तैनात किए जाएंगे, जिनमें भारतीय नौसेना के 25 प्रशिक्षित गोताखोर शामिल हैं।
  • 12 जेटी का निर्माण और फ्लोटिंग ट्रैफिक कंट्रोल स्टेशन की स्थापना की जाएगी।
  • नाविकों के लिए गाइडलाइंस जारी और 6000 से अधिक चप्पू वाली नावों के संचालन की योजना बनाई गई है।
महाकुम्भ 2025: जल यातायात नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने तैयार की नदी यातायात प्रबंधन योजना
महाकुम्भ 2025: जल यातायात नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने तैयार की नदी यातायात प्रबंधन योजना

महाकुम्भ नगर/प्रयागराज, 20 दिसंबर 2024: प्रयागराज में 13 जनवरी से शुरू हो रहे महाकुम्भ-2025 के भव्य आयोजन में श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधाजनक स्नान व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने एक नई नदी यातायात प्रबंधन योजना तैयार की है। यह योजना विशेष रूप से 50 स्नान घाटों और 12 किलोमीटर लंबे जल यातायात मार्ग के सुचारू संचालन के लिए बनाई गई है। इस योजना में सड़क यातायात की तर्ज पर नदी यातायात के लिए सुरक्षा प्रबंधन उपाय किए जा रहे हैं।

50 स्नान घाटों पर जल यातायात की नई योजना

महाकुम्भ में 4000 से अधिक नावों का संचालन होगा। इन नावों के लिए यमुना नदी में 4 किलोमीटर लंबी रिवर लाइन का निर्माण किया जा रहा है, जिसमें 500 मीटर की रिवर लाइन का कार्य पहले ही पूरा हो चुका है। जल पुलिस द्वारा इस रिवर लाइन पर सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए फ्लोटिंग रिवर लाइन और जल चौराहे बनाए जा रहे हैं। एसएसपी महाकुम्भ राजेश द्विवेदी के अनुसार, यह रिवर लाइन डीप वॉटर बैरिकेटिंग बॉक्स से तैयार की जा रही है और इसमें हर आठ से दस मीटर पर प्लेटफॉर्म बनाए जा रहे हैं। इन प्लेटफॉर्म्स का उपयोग जल पुलिस द्वारा यातायात प्रबंधन के लिए किया जाएगा।

सुरक्षा प्रबंधन में जल पुलिस की भूमिका

जल यातायात के सुचारू संचालन और तीर्थयात्रियों की सुरक्षा के लिए 2000 से अधिक जल पुलिस के जवान तैनात किए जाएंगे। इसके अलावा, भारतीय नौसेना के 25 प्रशिक्षित समुद्री गोताखोर चौबीसों घंटे निगरानी में रहेंगे। पीएसी, एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमें भी इस कार्य में सहयोग करेंगी। 12 किलोमीटर के सुरक्षित जल क्षेत्र में जल बैरिकेडिंग प्रणाली स्थापित की गई है, जिसमें जाल और फ्लोटिंग ब्लॉक शामिल हैं।

फ्लोटिंग ट्रैफिक कंट्रोल स्टेशन और जेटी का निर्माण

महाकुम्भ-2025 में पहली बार फ्लोटिंग ट्रैफिक कंट्रोल स्टेशन बनाया जाएगा, जो 12 किलोमीटर लंबे जल क्षेत्र के यातायात की निगरानी करेगा। इसके अलावा, सरस्वती घाट और किला घाट के बीच 12 जेटी का निर्माण किया जा रहा है। इन जेटी को मेला प्रशासन, सिंचाई विभाग और भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण (आईडब्ल्यूएआई) द्वारा संचालित किया जाएगा।

नाविकों के साथ समन्वय

महाकुम्भ में 6000 से अधिक चप्पू वाली नावों के संचालन को लाइसेंस जारी किए जाएंगे, लेकिन वर्तमान में 4000 नावों को संचालन की अनुमति मिली है। नाविकों को जल पुलिस और मेला प्रशासन द्वारा दी जा रही गाइडलाइंस का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रयागराज नाविक संघ के अध्यक्ष पप्पू लाल निषाद के अनुसार, नाविकों को नियमित रूप से प्रशिक्षण और दिशा-निर्देश दिए जा रहे हैं।

महाकुम्भ-2025 में लाखों श्रद्धालुओं के आगमन को ध्यान में रखते हुए प्रशासन द्वारा तैयार की गई नदी यातायात प्रबंधन योजना जल यातायात को सुगम और सुरक्षित बनाएगी। यह योजना न केवल श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करेगी, बल्कि यातायात को व्यवस्थित और प्रभावी बनाने में भी सहायक होगी।

सीएम योगी ने तीन नये कानूनों के प्रगति की समीक्षा की: योगी बोले- नए आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए मार्च- 2025 तक पूरा कराएं सभी पुलिसकर्मियाें का प्रशिक्षण

सीएम योगी ने विगत जुलाई से लागू तीन नये कानूनों की प्रगति की समीक्षा की, योगी बोले- नए आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए मार्च- 2025 तक पूरा कराएं सभी पुलिसकर्मियाें का प्रशिक्षण
सीएम योगी ने विगत जुलाई से लागू तीन नये कानूनों की प्रगति की समीक्षा की, योगी बोले- नए आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए मार्च- 2025 तक पूरा कराएं सभी पुलिसकर्मियाें का प्रशिक्षण
सीएम योगी ने विगत जुलाई से लागू तीन नये कानूनों की प्रगति की समीक्षा की, योगी बोले- नए आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए मार्च- 2025 तक पूरा कराएं सभी पुलिसकर्मियाें का प्रशिक्षण
  • सीएम ने आवश्यकता के अनुरूप उपकरणों की क्रय प्रक्रिया मार्च तक पूरी करने के दिये निर्देश।
  • मुख्यमंत्री ने कहा- नये कानूनों के प्रचार-प्रसार के लिए महाकुम्भ में लगायी जाए प्रदर्शनी।
  • बोले, छोटे-छोटे वीडियो के जरिये श्रद्धालुओं को किया जाए जागरुक, सोशल मीडिया की भी ली जाए मदद।
  • कारागारों में वीसी यूनिट के अधिष्ठापन की प्रक्रिया को तेज करने के दिये निर्देश।
  • थानों पर विवेचकों और अभियोजन के अधिकारियों को भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग यूनिट की सुविधा उपलब्ध करायी जाए।

लखनऊ, 20 दिसंबर 2024: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जुलाई-2024 से लागू तीन नए आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सभी को लागू तीन नये कानूनों की प्रगति पुलिसकर्मियों के प्रशिक्षण मार्च 2025 तक पूरा कराने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा है कि नये कानूनों के क्रियान्वयन के लिए उपयोगी अभी उपकरणों की उपलब्धता यथाशीघ्र क्रय कर लिया जाए। मुख्यमंत्री ने नये कानूनों के बारे में व्यापक जनजागरूकता फैलाने की भी जरूरत बताई है।

शुक्रवार को हुई इस महत्वपूर्ण बैठक में अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि प्रदेश के सभी आईपीएस, पीपीएस और प्रभारी निरीक्षक/थानाध्यक्षों और टेक्निकल स्टाफ को तीन नये कानूनों के संबंध में शत-प्रतिशत प्रशिक्षित किया जा चुका है। वहीं 99 प्रतिशत निरीक्षकों, 95 प्रतिशत उपनिरीक्षकों तथा 74 प्रतिशत हेड कांस्टेबल/कांस्टेबल को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रयागराज में आयोजित होने वाले महाकुम्भ-25 में 40 करोड़ से अधिक श्रद्धालु आएंगे। ऐसे में वहां नये कानूनों के प्रचार-प्रसार के लिए प्रदर्शनी लगायी जाए। इसके अलावा छोटे-छोटे वीडियो के जरिये श्रद्धालुओं को नये कानूनों की खूबियों के बारे में बताया जाए। साथ ही विशेष उपलब्धियों को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपलोड करने के साथ विगत कुछ दिनों में उल्लेखनीय दंड के प्रकरण जिनमें कम से कम समय में अपराधियों को सजा दिलायी गयी, उनका प्रचार-प्रसार किया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि तीन नये कानूनों के अनुपालन में फॉरेंसिक का अहम रोल है। वर्तमान में प्रदेश के सभी जिलों में एक-एक फॉरेंसिक मोबाइल वैन ही संचालित हो रही है। ऐसे में सीएम ने जल्द से जल्द सभी जिलों में एक-एक और नयी फॉरेंसिक मोबाइल वैन की सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिये। उन्हाेंने कहा कि फॉरेंसिक विशेषज्ञों की भर्ती प्रक्रिया को तेज किया जाए। इन कानूनों के क्रियान्वयन में उनकी अहम भूमिका है। इसे ध्यान में रखते हुए भर्ती प्रक्रिया में किसी प्रकार की लापरवाही न की जाए। सीएम ने कारागार में वीसी यूनिट के अधिष्ठापन की प्रक्रिया को तेज करने के निर्देश दिये। इसके अलावा सीएम ने सभी थानों पर विवेचकों और अभियोजन के अधिकारियों को भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग यूनिट की सुविधा उपलब्ध कराने को कहा। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि नये कानूनों के संबंध में उपकरणों का क्रय लगातार किया जा रहा है। इस पर मुख्यमंत्री ने उपकरणों की क्रय प्रक्रिया में तेजी लाते हुए मार्च-25 तक क्रय प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिये

यूपी बोर्ड ने जारी किया इंटरमीडिएट प्रैक्टिकल परीक्षाओं का शेड्यूल

यूपी बोर्ड ने जारी किया इंटरमीडिएट प्रैक्टिकल परीक्षाओं का शेड्यूल
यूपी बोर्ड ने जारी किया इंटरमीडिएट प्रैक्टिकल परीक्षाओं का शेड्यूल
यूपी बोर्ड ने जारी किया इंटरमीडिएट प्रैक्टिकल परीक्षाओं का शेड्यूल
  • दो चरणों में इंटरमीडिएट प्रैक्टिकल परीक्षाएं: पहला चरण 23-31 जनवरी 2025 और दूसरा चरण 1-8 फरवरी 2025 को आयोजित होगा।
  • सीसीटीवी की निगरानी: प्रैक्टिकल परीक्षाएं सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में होंगी और रिकॉर्डिंग सुरक्षित रखी जाएगी।
  • हाईस्कूल प्रैक्टिकल मूल्यांकन: प्रोजेक्ट कार्य के आधार पर आंतरिक मूल्यांकन विद्यालय स्तर पर होगा।
  • प्री बोर्ड परीक्षाएं: कक्षा 12 की प्री बोर्ड प्रैक्टिकल परीक्षा 4-10 जनवरी 2025 और लिखित परीक्षा 11-21 जनवरी 2025 के बीच होगी।
  • वेबसाइट पर प्राप्तांक अपलोड: नैतिक, योग, खेल एवं शारीरिक शिक्षा के प्राप्तांक 10 जनवरी 2025 तक यूपी बोर्ड की वेबसाइट पर अपलोड किए जाएंगे।

प्रयागराज, 20 दिसम्बर 2024: यूपी बोर्ड ने इंटरमीडिएट 2025 की प्रैक्टिकल परीक्षाओं का शेड्यूल जारी कर दिया है। यह परीक्षाएं दो चरणों में आयोजित की जाएंगी। पहले चरण की प्रैक्टिकल परीक्षाएं 23 जनवरी से 31 जनवरी 2025 तक आयोजित होंगी। इस चरण में आगरा, सहारनपुर, बरेली, लखनऊ, झांसी, चित्रकूट, अयोध्या, आजमगढ़, देवीपाटन और बस्ती मंडल के छात्रों की परीक्षाएं होंगी। वहीं, दूसरे चरण की परीक्षाएं 1 फरवरी से 8 फरवरी 2025 के बीच आयोजित की जाएंगी, जिसमें अलीगढ़, मेरठ, मुरादाबाद, कानपुर, प्रयागराज, मिर्जापुर, वाराणसी और गोरखपुर मंडल शामिल हैं।

यूपी बोर्ड ने प्रैक्टिकल परीक्षाओं की शुचिता सुनिश्चित करने के लिए सभी व्यवस्थाएं की हैं। इन परीक्षाओं का संचालन सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में होगा और सभी रिकॉर्डिंग को सुरक्षित रखा जाएगा। इसके साथ ही परीक्षकों की नियुक्ति से जुड़ी जानकारी संबंधित क्षेत्रीय कार्यालयों से मिलेगी।

हाईस्कूल की प्रैक्टिकल परीक्षाएं, पिछले वर्षों की तरह, विद्यालय स्तर पर आंतरिक मूल्यांकन यानी प्रोजेक्ट कार्य के आधार पर आयोजित की जाएंगी। व्यक्तिगत परीक्षार्थी अपने अग्रसारण केंद्रों के प्रधानाचार्य से संपर्क करके प्रैक्टिकल परीक्षाओं की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। हाईस्कूल प्रैक्टिकल के प्राप्तांक नैतिक, योग, खेल एवं शारीरिक शिक्षा के लिए विद्यालय के प्रधानाचार्य द्वारा यूपी बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट upmsp.edu.in पर ऑनलाइन अपलोड किए जाएंगे। यह प्रक्रिया 10 जनवरी 2025 तक क्रियाशील हो जाएगी।

इसी प्रकार, कक्षा 12 की प्री बोर्ड प्रैक्टिकल परीक्षाएं 4 जनवरी 2025 से 10 जनवरी 2025 के बीच आयोजित होंगी। इसके अतिरिक्त, कक्षा 9 और 11 की वार्षिक परीक्षाएं तथा कक्षा 10 और 12 की प्री बोर्ड लिखित परीक्षाएं 11 जनवरी 2025 से 21 जनवरी 2025 के बीच विद्यालय स्तर पर प्रधानाचार्य द्वारा आयोजित की जाएंगी। यूपी बोर्ड के सचिव भगवती सिंह ने प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए यह जानकारी दी।

महाकुम्भ 2025: महाकुम्भ में पुण्य कमाने आएंगी सैकड़ों संस्थाएं, हर श्रद्धालु को मिलेगा भरपेट भोजन

महाकुम्भ 2025: नए साल पर 'स्टेटस' सिंबल बना महाकुम्भ
महाकुम्भ 2025: नए साल पर 'स्टेटस' सिंबल बना महाकुम्भ
महाकुम्भ 2025: नए साल पर 'स्टेटस' सिंबल बना महाकुम्भ
  • महाकुम्भ में स्नान के साथ ही अन्न दान का भी है विशेष महत्व
  • सैकड़ों संस्थाओं द्वारा महाकुम्भ के दौरान चलाया जाएगा निशुल्क भंडारा
  • भंडारों में आने वाले समस्त श्रद्धालुओं को मिलेगा निशुल्क प्रसाद
  • अक्षय पात्र, इस्कॉन और ओम नमः शिवाय जैसी संस्थाएं भी चलाती हैं भंडारा
  • महाकुम्भ में प्रशासन ने भी की है फेयर प्राइस शॉप्स की व्यवस्था

महाकुम्भ नगर/प्रयागराज/लखनऊ, 20 दिसंबर 2024: सनातन आस्था का सबसे बड़ा समागम महाकुम्भ 2025 प्रयागराज में होने जा रहा है। अनुमान है कि 40 से 45 करोड़ श्रद्धालु पूरे देश और दुनिया के कोने-कोने से यहां त्रिवेणी के पवित्र संगम में डुबकी लगाने के लिए आने वाले हैं। माना जाता है कि महाकुम्भ में स्नान के साथ ही दान का भी विशेष महत्व है। खासकर अन्न दान का, जिसके लिए 13 जनवरी से शुरू होने वाले इस महा आयोजन में सैकड़ों संस्थाएं पुण्य कमाने को आ रही हैं। ये सभी संस्थाएं पूरे मेला क्षेत्र में भंडारों का आयोजन करेंगी, जिसमें समस्त श्रद्धालुओं को निशुल्क भोजन की व्यवस्था रहेगी। इनमें से कई संस्थाओं ने यहां भंडारे और लंगर की शुरुआत भी कर दी है और कई अन्य विभिन्न संस्थाएं अन्न भंडार का जल्द शुभारंभ करने जा रही हैं। इन निशुल्क भंडारों के आयोजन से महाकुम्भ में आने वाला कोई भी श्रद्धालु भूखा नहीं रहेगा।

सैकड़ों संस्थाएं चलाती हैं भंडारा
प्रयागराज के मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत के अनुसार, महाकुम्भ में इस वर्ष 8 हजार से 10 हजार संस्थाओं के आने की संभावना है। महाकुम्भ जैसे आयोजन में देश के लगभग सभी पंथों के लोग प्रतिभाग करते हैं। मेला प्रशासन की ओर से इन सभी पंथ से जुड़े लोगों का स्वागत किया जा रहा है और उनके लिए समस्त व्यवस्थाएं भी की जा रही हैं। इनमें सैकड़ों ऐसी संस्थाएं भी हैं जो महाकुम्भ के दौरान निशुल्क भोजन के लिए लंगर और भंडारे का आयोजन करती हैं। इनमें अक्षय पात्र, इस्कॉन और ओम नमः शिवाय जैसी संस्थाएं बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं को भोजन कराती हैं। इसके अतिरिक्त प्रशासन ने फेयर प्राइस शॉप्स की भी व्यवस्था की है, जिसके माध्यम से श्रद्धालुओं को कम दाम में भोजन सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी।

लाखों की संख्या में श्रद्धालुओं को मिलता है भोजन
एडीएम मेला, विवेक चतुर्वेदी के अनुसार कुम्भ, महाकुम्भ और माघ मेला जैसे आयोजनों के दौरान प्रयागराज में स्नान और दान का विशेष महत्व है। इन सभी मेला के दौरान सैकड़ों संस्थाएं आगे आकर यहां निशुल्क लंगर और भंडारों का आयोजन करती हैं, जिसमें लाखों की संख्या में श्रद्धालुओं को भोजन मिलता है। मेला के साथ-साथ शहर के प्रमुख चौराहों, नुक्कड़ों और गलियों में भी भंडारे आयोजित किए जाते हैं। इनकी संख्या का सही-सही अनुमान लगाना आसान नहीं है, क्योंकि संस्थाओं के साथ-साथ स्थानीय लोग भी बड़ी संख्या में इस तरह के आयोजनों का हिस्सा बनते हैं।

कई भंडारों का शुरू हुआ आयोजन
अखिल भारतीय पंचतेरह त्यागी, खाकचौक (राम संतोष दास जी महाराज)की ओर से दिगंबर अखाड़ा के पास एक दिसंबर से भंडारे का आयोजन शुरू कर दिया गया है। महंत गोपाल दास जी के अनुसार, महाकुम्भ से पहले और पूरे महाकुम्भ के दौरान हमारे यहां जितने लोग भी आएंगे उन सभी को निशुल्क भोजन कराया जाएगा। सुबह 9 बजे से रात 9 बजे तक भंडारे का आयोजन किया जा रहा है, जबकि सुबह 4 बजे से श्रद्धालुओं को चाय वितरित की जा रही है। इसी तरह, सेक्टर 20 में जूना अखाड़े का अन्न भंडारा भी 25 दिसंबर से शुरू होने जा रहा है। श्री हिंगलाज मठ अलग दरबार के मृत्युंजय पुरी जी बताते हैं कि यह भंडारा सुबह 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक और शाम 4 बजे से 8 बजे तक चलेगा। हमारे यहां से कोई भी श्रद्धालु भूखा नहीं जाएगा।

हरि इच्छा के अनुसार चलेगा भंडारा
आवाहन अखाड़ा के राष्ट्रीय सचिव महंत सत्यगिरि ने बताया कि भंडारे का आयोजन शुरू हो चुका है और पूरा महाकुम्भ यह निरंतर चलेगा। सभी श्रद्धालुओं को यहां निशुल्क भरपेट भोजन प्राप्त होगा। वहीं, रघुवंश सेवा संकल्प ट्रस्ट, अयोध्या द्वारा भी भंडारे का आयोजन किया जा रहा है। राम वैदेही मंदिर के महंत स्वामी दिलीप दास त्यागी जी महाराज ने बताया कि यह भंडारा हरि इच्छा के अनुसार 24 घंटे चलेगा। हमारा प्रयास संगम स्नान के लिए आए समस्त श्रद्धालुओं को अन्न प्रसाद ग्रहण कराना है। इसी तर्ज पर खरगौन मध्य प्रदेश का मां रेवा फाउंडेशन भी महाकुम्भ में भंडारे का आयोजन करेगा, जो 24 घंटे का होगा। इसे अनन्य अन्न क्षेत्र का नाम दिया गया है। यहां पूरे 45 दिन सभी श्रद्धालुओं को प्रसाद प्राप्त हो सकेगा।