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अमेरिका ने ईरान पर सख्त कदम उठाते हुए भारत से जुड़े ईरानी पेट्रोलियम के अटलांटिक नौवहन पर प्रतिबंध लगाया।

वाशिंगटन: अमेरिका ने ईरान के खिलाफ कड़ा कदम उठाते हुए उसके भारत स्थित अटलांटिक नेविगेशन ओपीसी प्राइवेट लिमिटेड पर बैन लगा दिया है। अमेरिका ने ईरानी पेट्रोलियम एवं पेट्रोकेमिकल्स के व्यापार के आरोप में बृहस्पतिवार को यह प्रतिबंध लगाया है। वित्त मंत्रालय ने बताया कि अमेरिका ने बृहस्पतिवार को ईरानी पेट्रोलियम एवं पेट्रोकेमिकल्स के कारोबार में शामिल चार संस्थाओं और तीन जहाजों पर प्रतिबंध लगा दिए, जिनसे ईरानी शासन के लिए अरबों डॉलर का राजस्व मिलता है।

अमेरिका के आतंकवाद और वित्तीय खुफिया मामलों के कार्यवाहक उप मंत्री ब्रैडली टी.स्मिथ ने कहा, ‘‘ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम के विकास, अपने हथियार प्रणालियों के प्रसार और अपने सहयोगियों को समर्थन देने के लिए जहाजों, कंपनियों और सुविधा प्रदान करने वाली संस्थाओं के संदिग्ध नेटवर्क पर निर्भर है।’’ इसी के साथ विदेश मंत्रालय ने भी ईरानी पेट्रोलियम व्यापार में शामिल चार संस्थाओं पर प्रतिबंध भी लगाए और छह जहाजों को प्रतिबंधित संपत्ति के रूप में सूचीबद्ध किया।

आतंकी गतिविधियों से जुड़ा है ईरान का कारोबार

अमेरिका ने आरोप लगाया है कि ईरान का तेल कारोबार संदिग्ध आतंकी गतिविधियों सेस जुड़ा हुआ है। अमेरिकी मंत्रालय ने कहा कि ईरान का तेल निर्यात कई अधिकार क्षेत्रों में अवैध नौवहन की सुविधा प्रदान करने वाले एक नेटवर्क से संचालित होता है, जो भ्रम और धोखे से एशिया में खरीदारों को बेचने के लिए ईरानी तेल लेते और उसका परिवहन करते हैं। विदेश मंत्रालय ने कहा कि अटलांटिक नेविगेशन ओपीसी प्राइवेट लिमिटेड भारत स्थित एक कंपनी है जो वीगोर जहाज के आईएसएम प्रबंधक के रूप में ईरानी पेट्रोलियम के परिवहन में शामिल है।

अयोध्या: सीएम योगी ने पार्टी पदाधिकारियों को दिया मिल्कीपुर उपचुनाव का विजय मंत्र

अयोध्या: सीएम योगी ने पार्टी पदाधिकारियों को दिया मिल्कीपुर उपचुनाव का विजय मंत्र
अयोध्या: सीएम योगी ने पार्टी पदाधिकारियों को दिया मिल्कीपुर उपचुनाव का विजय मंत्र
अयोध्या: सीएम योगी ने पार्टी पदाधिकारियों को दिया मिल्कीपुर उपचुनाव का विजय मंत्र
  • एक दिवसीय दौरे पर अयोध्या पहुंचे सीएम योगी, धार्मिक अनुष्ठान में लिया भाग
  • कुंदरकी व कटेहरी का चुनाव जीत सकते हैं तो कोई भी चुनाव जीता जा सकता है- सीएम योगी
  • मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों संग की बैठक
  • सीएम योगी ने महाकुम्भ 2025 के दौरान अयोध्या आने वाले श्रद्धालुओं के लिए उचित व्यवस्था का दिया निर्देश

अयोध्या/लखनऊ, 20 दिसंबर 2024: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को एक दिवसीय दौरे पर अयोध्या पहुंचे। यहां वे श्री रामलला और हनुमानगढ़ी के दर्शन के करने के बाद धार्मिक अनुष्ठान पंच नारायण महायज्ञ में हिस्सा लिया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सरयू अतिथि भवन में लगभग डेढ़ घंटे तक अयोध्या के विकास और मिल्कीपुर उपचुनाव के साथ ही महाकुंभ और श्री रामलला प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव को लेकर भाजपा के पदाधिकारी, कार्यकर्ताओं और जनप्रतिनिधियों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर गहन विचार विमर्श किया। सीएम योगी ने यहां महाकुम्भ 2025 को लेकर आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए उचित व्यवस्था का निर्देश दिया। सीएम ने यहां मिल्कीपुर उपचुनाव को लेकर बीजेपी पदाधिकारियों और स्थानीय नेताओं के साथ बैठक कर चुनावी रणनीति पर चर्चा की।

सीएम योगी मिल्कीपुर उपचुनाव को लेकर गंभीर हैं। इसी के मद्देनजर उन्होंने यहां सरकार के मंत्रियों, पार्टी पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और जनप्रतिनिधियों के साथ मिल्कीपुर चुनाव में अब तक की तैयारियों की समीक्षा की। मण्डल प्रभारी से लेकर अन्य पदाधिकारियों से चुनाव के सन्दर्भ में उन्होंने प्रश्न पूछे। सीएम योगी ने पार्टी पदाधिकारियों को चुनाव में विजय का मंत्र भी दिया। पदाधिकारियों में उत्साह का संचार करते हुए सीएम योगी ने कहा कि जब कुंदरकी व कटेहरी का चुनाव जीत सकते हैं तो कोई भी चुनाव जीता जा सकता है।

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने बूथ मैनेजमेंट व पार्टी के जुड़े पदाधिकारियों को सक्रिय करने पर जोर दिया। उन्होंने पदाधिकारियों से चुनाव जीतने की बेहतर रणनीति साझा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि परिश्रम का कोई विकल्प नहीं होता है। इसलिए पदाधिकारी अपने पूरे सामर्थ्य से परिश्रम करें। मतदाता सूची पर उन्होंने विशेष रुप से फोकस करते हुए कहा कि भाजपा के मतदाताओं को चिन्हित करते चुनाव के लिए बूथ के पदाधिकारी इन वोटरों का शत प्रतिशत मतदान सुनिश्चित करें। इसके लिए सम्पर्क व संवाद की प्रक्रिया लगातार चलाते रहे। सीएम योगी ने कहा कि सभी मोर्चो के सम्मेलन आयोजित किए जाए। सम्मेलनों के माध्यम से पार्टी की विचारधारा के पक्ष में वातावरण का निर्माण किया जाय व कार्यकर्ताओं को सक्रिय किया जाए।

महाकुम्भ के श्रद्धालुओं के लिए उचित व्यवस्था का दिया निर्देश
प्रयागराज में आयोजित महाकुम्भ 2025 को दिव्य और भव्य बनाने के लिए योगी सरकार प्रतिबद्ध है। दुनिया के सबसे बड़े धार्मिक और एकता के प्रतीक इस मेले में करीब 40 करोड़ श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। इस दौरान अयोध्या पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को ठंड में किसी प्रकार की असुविधा न हो इसके लिए सीएम योगी ने अधिकारियों को दिशा निर्दश दिए और समय रहते उचित व्यवस्था करने का निर्देश दिया। साथ ही सीएम योगी ने अधिकारियों के साथ अयोध्या में चल रहे विकास कार्यों की जानकारी भी ली।

बैठक में कैबिनेट मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह, सूर्य प्रताप शाही, जेपीएस राठौर (राज्यमंत्री, स्वतंत्र प्रभार), मयंकेश्वर शरण सिंह, गिरीश चन्द्र यादव, सतीश शर्मा, व प्रदेश उपाध्यक्ष धमेन्द्र सिंह, एमएलसी इंजीनियर अवनीश पटेल, पूर्व सांसद लल्लू सिंह, एमएलसी हरिओम पाण्डेय सहित कई पार्टी पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि व कार्यकर्ता मौजूद रहे।

महाकुम्भ-2025: संस्कृति विभाग के अंतर्गत उत्तर प्रदेश संग्रहालय निदेशालय द्वारा की जाएगी मूर्तियों की स्थापना, फाइबर रेजिन द्वारा निर्मित 30 भव्य कलाकृतियों से दमक उठेगा महाकुम्भ मेला क्षेत्र

महाकुम्भ-2025: संस्कृति विभाग के अंतर्गत उत्तर प्रदेश संग्रहालय निदेशालय द्वारा की जाएगी मूर्तियों की स्थापना, फाइबर रेजिन द्वारा निर्मित 30 भव्य कलाकृतियों से दमक उठेगा महाकुम्भ मेला क्षेत्र
महाकुम्भ-2025: संस्कृति विभाग के अंतर्गत उत्तर प्रदेश संग्रहालय निदेशालय द्वारा की जाएगी मूर्तियों की स्थापना, फाइबर रेजिन द्वारा निर्मित 30 भव्य कलाकृतियों से दमक उठेगा महाकुम्भ मेला क्षेत्र
महाकुम्भ-2025: संस्कृति विभाग के अंतर्गत उत्तर प्रदेश संग्रहालय निदेशालय द्वारा की जाएगी मूर्तियों की स्थापना, फाइबर रेजिन द्वारा निर्मित 30 भव्य कलाकृतियों से दमक उठेगा महाकुम्भ मेला क्षेत्र
  • सिलिकॉन के सांचे से तैयार कुल 60 फाइबर रेजिन शिल्पों का होगा निर्माण
  • 30 शिल्प महाकुम्भ मेला क्षेत्र में और 30 शिल्प उत्तर प्रदेश संग्रहालय निदेशालय में होंगी प्रदर्शित
  • यमुना, गंगा, सरस्वती, कार्तिकेय, वीणाधर शिव, इंद्र, गजलक्ष्मी, गरुणासीन विष्णु समेत विभिन्न देवी-देवताओं की भव्य मूर्तियों की स्थापना का मार्ग होगा प्रशस्त
  • 5 जनवरी तक शिल्पों के निर्माण का कार्य होगा पूरा, महाकुम्भ से पहले सभी शिल्पों की हो जाएगी स्थापना

महाकुम्भनगर, 20 दिसंबर 2024: संगमनगरी के तौर पर प्रख्यात तीर्थराज प्रयागराज में महाकुम्भ-2025 के आयोजन को दिव्य व भव्य बनाने में योगी सरकार द्वारा कोई कसर नहीं छोड़ी जा रही है। सीएम योगी के विजन अनुसार, पूरे शहर में सौंदर्यीकरण की विभिन्न परियोजनाओं को पूरा कर लिया गया है तथा बहुत सी परियोजनाओं के अंतिम चरण का कार्य जारी है। इसी क्रम में, सीएम योगी की मंशा के अनुरूप 30 भव्य फाइबर रेजिन कलाकृतियों की स्थापना महाकुम्भ मेला क्षेत्र में की जाने की योजना है जिस पर संस्कृति विभाग के अंतर्गत उत्तर प्रदेश संग्रहालय निदेशालय द्वारा कार्य शुरू कर दिया गया है। योजना के अनुसार, कुल 60 फाइबर रेजिन कलाकृतियों का निर्माण किया जाएगा जिनमें से 30 मेला क्षेत्र में प्रदर्शित होंगे, जबकि 30 अन्य को उत्तर प्रदेश संग्रहालय निदेशालय में प्रदर्शित किया जाएगा। इन शिल्पों में विशेषतौर पर देवी-देवताओं तथा उनकी विभिन्न मुद्राएं व प्रसंग समेत अन्य पौराणिक व ऐतिहासिक पात्रों की आकर्षक छवियों को साकार किया जाएगा।

विभिन्न आकर के शिल्पों का होगा निर्माण
उत्तर प्रदेश संग्रहालय निदेशालय द्वारा इन शिल्पों के निर्माण, स्थापना व प्रदर्शन को लेकर निर्मित विस्तृत कार्ययोजना के अनुसार 10 गुणा 6 से लेकर 49 गुणा 17 इंच तक की कलाकृतियों का निर्माण प्रक्रिया के अंतर्गत किया जाएगा। इसमें सबसे छोटे शिल्प के तौर पर माता गंगा का शिल्प तथा सबसे बड़े शिल्प के तौर पर 90 गुणा 50 इंच के सिंहनाद अवलोकितेश्वर शिल्प का निर्माण किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, यमुना, सरस्वती, सप्त मातृका व वीणाधर शिव, नृत्य करते गणपति, श्रीहरि विष्णु, उमा-महेश्वर, कार्तिकेय, तारा, पद्मपाणि, इंद्र व शचि, नेमिनाथ, गजलक्ष्मी, गरुणासीन विष्णु, रावणानुग्रह, शिव, भिक्षाटन शिव, विष्णु, शिव-पार्वती व गंगा, हरिहर, बलराम व कृष्ण, अग्नि, सूर्य, मनकुंवर बुद्ध तथा महाकुम्भ पर जारी होने वाले विशिष्ट सिक्कों की प्रतिकृति संबंधी शिल्पों के निर्माण व स्थापना के कार्य को पूरा किया जाएगा।

10 जनवरी तक होगी स्थापना
शिल्पों के निर्माण व स्थापना के कार्यों को दो चरणो में पूरा किया जाएगा। पहले चरण में 60 शिल्पों के निर्माण कार्य को 5 जनवरी तक पूरा कर लेने का लक्ष्य है जबकि अन्य 10 जनवरी तक मेला की शुरुआत से पूर्व ही इनमें से 30 शिल्पों को महाकुम्भ मेला क्षेत्र में स्थापना के साथ अन्य 30 कलाकृतियों को उत्तर प्रदेश संग्रहालय निदेशालय को हस्तांतरित कर दिया जाएगा। इन सभी शिल्पों को फाइबर व सिलिकॉन मॉडलिंग के जरिए निर्मित किया जाएगा जो कि वास्तविक लगने के साथ ही उच्च गुणवत्तापूर्ण टिकाऊ पदार्थ से निर्मित होंगे। इस कार्य को पूरा करने के लिए उत्तर प्रदेश संग्रहालय निदेशालय द्वारा कार्यदायी संस्था के निर्धारण की प्रक्रिया जारी है जिसे जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा।

हरित महाकुम्भ 2025: महाकुम्भ में पुराने वृक्षों और वन्य जीवों का होगा संरक्षण, चलाया जाएगा रेस्क्यू ऑपरेशन

महाकुंभ-2025, हरित महाकुम्भ 2025: महाकुम्भ में पुराने वृक्षों और वन्य जीवों का होगा संरक्षण, चलाया जाएगा रेस्क्यू ऑपरेशन
हरित महाकुम्भ 2025: महाकुम्भ में पुराने वृक्षों और वन्य जीवों का होगा संरक्षण, चलाया जाएगा रेस्क्यू ऑपरेशन
महाकुंभ-2025, हरित महाकुम्भ 2025: महाकुम्भ में पुराने वृक्षों और वन्य जीवों का होगा संरक्षण, चलाया जाएगा रेस्क्यू ऑपरेशन
  • पूरे प्रदेश में 100 से अधिक वर्षों वाले वृक्षों के संरक्षण के लिए चलेगा ऑपरेशन शतकवीर
  • रोड, पार्किंग स्थल, टेंट क्षेत्र में लगे पुराने वृक्षों को किया जाएगा अपग्रेड
  • सीएम योगी के निर्देश पर वन्य जीवों को उनके स्थल तक पहुंचाने के लिए वन विभाग ने तैयार किया प्लान

महाकुम्भनगर, 20 दिसम्बर 2024: महाकुम्भ में पहली बार श्रद्धालुओं के साथ साथ वन्य जीवों और वन वनस्पतियों के भी हितों का ध्यान रखा जा रहा है। इसके अंतर्गत पुराने वृक्षों और वन्य जीवों के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन चलाए जाने की तैयारी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर 100 से अधिक वर्ष की आयु पूरी कर चुके वृक्षों के संरक्षण की योजना बनाई गई है। इसके अंतर्गत रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर पुरातन वृक्षों को संरक्षित किया जाएगा। इसके अलावा सीएम के निर्देश पर वन्य जीवों को उनके प्रवाह स्थल तक पहुंचाने के लिए वन विभाग ने एक स्पेशल प्लान बनाया है। दूसरी ओर श्रद्धालुओं की सुविधा के मद्देनजर रोड, पार्किंग स्थल, टेंट क्षेत्र आदि में लगे पुराने वृक्षों को अपग्रेड करने का भी काम किया जा रहा है, जिससे देश दुनिया से महाकुम्भनगर आने वाले लोग इन प्राणवायु के दाता का महात्म प्रत्यक्ष रूप से देख सकें।

इस तरह चलेगा अभियान
महाकुम्भनगर में बड़ी तादात में 100 से अधिक वर्ष के वृक्ष हैं। इनको संरक्षित करने के लिए पूरे प्रदेश में योगी सरकार विशेष ध्यान दे रही है। इसी क्रम में प्रयागराज में वन विभाग ने अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। इन वृक्षों का घेरा बनाकर उन्हें मजबूती दी जाएगी। इसके साथ ही उनके चारो तरफ मजबूत पक्की चौकी बनाए जाने की योजना है, जिससे पेड़ मजबूती से टिका रहे।

श्रद्धालुओं से भी वन्य जीवों की सुरक्षा का इंतजाम
संगम क्षेत्र में स्थित पुराने वृक्षों की सुरक्षा पर वन विभाग का विशेष जोर है। इसके अलावा श्रद्धालुओं के आवागमन को सुलभ बनाने के लिए पेड़ों की कटाई-छटाई भी बड़े पैमाने पर की जा रही है। इसके साथ ही पेड़ों के सौंदर्यीकरण का काम भी प्रमुखता से किया जा रहा है। वहीं, मेला क्षेत्र में वन्य जीवों की सुरक्षा और उनके रेस्क्यू का कार्य भी किया जा रहा है। इस परियोजना के लिए 20 लाख रुपए का बजट प्रस्तावित है। इसमें वन्य जीवों से श्रद्धालुओं की भी सुरक्षा प्रदान करना तथा वन्य जीवों को उनके प्रवाह स्थल तक पहुंचाए जाने का कार्य प्रमुख हैं।

शुद्ध जल, शुद्ध वायु और पॉलिथीन मुक्त महाकुम्भ के लिए आगे आए संत
प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर इस बार महाकुम्भ में श्रद्धालुओं को शुद्ध जल, शुद्ध वायु और पॉलिथीन मुक्त वातावरण मिलने जा रहा है। प्रदेश के वन एवं पर्यावरण मंत्री डॉ अरुण कुमार सक्सेना ने बताया कि इस बार का महाकुम्भ पूरी तरह पॉलिथीन मुक्त रहेगा। श्रद्धालु शुद्ध जल और शुद्ध वायु का यहां पर पूरा आनंद ले सकेंगे। मुख्यमंत्री के निर्देश पर इस अभियान के लिए साधु संतों का पूरा सहयोग लिया जा रहा है। इसके अलावा इस बार साधु संतों के साथ साथ श्रद्धालुओं से भी प्रसाद और फूल पॉलीथिन में नहीं लाने का आह्वान किया है।

महाकुम्भ 2025: पुण्य कमाने के लिए सैकड़ों संस्थाएं, हर श्रद्धालु को मिलेगा भरपेट भोजन

mahakumbh 2025महाकुम्भ 2025: पुण्य कमाने के लिए सैकड़ों संस्थाएं, हर श्रद्धालु को मिलेगा भरपेट भोजन
महाकुम्भ 2025: पुण्य कमाने के लिए सैकड़ों संस्थाएं, हर श्रद्धालु को मिलेगा भरपेट भोजन
mahakumbh 2025महाकुम्भ 2025: पुण्य कमाने के लिए सैकड़ों संस्थाएं, हर श्रद्धालु को मिलेगा भरपेट भोजन
  • महाकुम्भ 2025 में 8,000 से 10,000 संस्थाएं निशुल्क भंडारे आयोजित करेंगी।
  • अक्षय पात्र, इस्कॉन और ओम नमः शिवाय जैसी संस्थाएं प्रमुख भंडारे चला रही हैं।
  • महाकुम्भ में 24 घंटे चलने वाले भंडारे, जैसे रघुवंश सेवा संकल्प ट्रस्ट और मां रेवा फाउंडेशन द्वारा आयोजित।
  • प्रशासन ने फेयर प्राइस शॉप्स की व्यवस्था की है, जिससे श्रद्धालुओं को सस्ती दरों पर खाद्य सामग्री मिलेगी।
  • महाकुम्भ में भंडारे की शुरुआत पहले ही हो चुकी है, और यह आयोजन पूरे महाकुम्भ के दौरान जारी रहेगा।

महाकुम्भ, सनातन धर्म का सबसे बड़ा और प्रतिष्ठित आयोजन, 2025 में प्रयागराज में आयोजित होने जा रहा है। इस बार 13 जनवरी से शुरू होने वाले इस महा धार्मिक समागम में अनुमानित 40 से 45 करोड़ श्रद्धालु दुनिया भर से आएंगे। ये श्रद्धालु त्रिवेणी संगम में स्नान करने और पुण्य अर्जित करने के लिए यहां पहुंचेंगे। महाकुम्भ का धार्मिक महत्व अत्यधिक है, और इसमें स्नान के साथ-साथ दान का भी विशेष महत्व है। खासतौर पर अन्न दान को अत्यधिक पुण्यकारी माना जाता है। इस महान आयोजन में श्रद्धालु न केवल अपनी आस्थाओं को प्रकट करेंगे, बल्कि कई सामाजिक और धार्मिक संस्थाएं भी पुण्य कमाने के उद्देश्य से अपनी सेवाएं देंगी, विशेष रूप से निशुल्क भोजन वितरण के माध्यम से।

सैकड़ों संस्थाएं महाकुम्भ में भंडारों और लंगरों का आयोजन करने के लिए पहले ही तैयार हो चुकी हैं। इन भंडारों के माध्यम से महाकुम्भ में आने वाले हर श्रद्धालु को मुफ्त में भरपेट भोजन मिलेगा। अक्षय पात्र, इस्कॉन, ओम नमः शिवाय जैसी प्रमुख संस्थाएं इस कार्य में प्रमुख रूप से भाग ले रही हैं, और पहले ही उन्होंने अपने भंडारे शुरू कर दिए हैं। इन संस्थाओं का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि महाकुम्भ के दौरान कोई भी श्रद्धालु भूखा न रहे, और सभी को शुद्ध और उत्तम भोजन मिल सके।

प्रयागराज के मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत के अनुसार, इस वर्ष महाकुम्भ में लगभग 8,000 से 10,000 संस्थाओं के आने की संभावना है, जिनमें से अधिकांश संस्थाएं महाकुम्भ के दौरान भंडारे आयोजित करेंगी। इन संस्थाओं में विभिन्न धर्मों और पंथों के लोग शामिल होंगे, जो महाकुम्भ के धार्मिक समागम को और भी विविधता और समृद्धि प्रदान करेंगे। मेला प्रशासन भी इन संस्थाओं को आवश्यक सुविधाएं प्रदान कर रहा है, ताकि वे अपने कार्य को प्रभावी रूप से चला सकें।

इन भंडारों के आयोजन से यह सुनिश्चित होगा कि महाकुम्भ में आने वाले श्रद्धालु भूखे न रहें। प्रशासन ने इस उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए फेयर प्राइस शॉप्स की व्यवस्था भी की है, जहां श्रद्धालुओं को सस्ती दरों पर खाद्य सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी। इस व्यवस्था से यह सुनिश्चित होगा कि छोटे बजट वाले श्रद्धालुओं को भी आवश्यकता की चीजें सस्ते मूल्य पर मिल सकें।

महाकुम्भ में शुरू हुए कई भंडारों में से एक प्रमुख आयोजन अखिल भारतीय पंचतेरह त्यागी खाकचौक (राम संतोष दास जी महाराज) द्वारा किया जा रहा है। इस भंडारे का आयोजन 1 दिसंबर से शुरू किया गया था और यह पूरे महाकुम्भ के दौरान चलता रहेगा। महंत गोपाल दास जी के अनुसार, उनके भंडारे में आने वाले हर श्रद्धालु को निशुल्क भोजन दिया जाएगा। सुबह 9 बजे से रात 9 बजे तक यह भंडारा चलेगा, और श्रद्धालुओं को सुबह 4 बजे से चाय भी प्रदान की जाएगी। इसी तरह, जूना अखाड़े का अन्न भंडारा सेक्टर 20 में 25 दिसंबर से शुरू हो जाएगा।

श्री हिंगलाज मठ, मृत्युंजय पुरी के माध्यम से भी भंडारे का आयोजन किया जा रहा है, जो सुबह 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक और फिर शाम 4 बजे से 8 बजे तक चलेगा। महंत सत्यगिरि ने बताया कि उनका भंडारा पूरे महाकुम्भ के दौरान चलता रहेगा और यह निरंतर सभी श्रद्धालुओं को भरपेट भोजन प्रदान करेगा। रघुवंश सेवा संकल्प ट्रस्ट, अयोध्या द्वारा आयोजित किया जा रहा भंडारा 24 घंटे चलेगा, और यह महाकुम्भ के दौरान आने वाले हर श्रद्धालु को अन्न प्रसाद देने का प्रयास करेगा। इसी प्रकार, मध्य प्रदेश का मां रेवा फाउंडेशन भी 45 दिनों तक चलने वाला 24 घंटे का भंडारा आयोजित करेगा, जिसे ‘अनन्य अन्न क्षेत्र’ के नाम से जाना जाएगा। यहां पर सभी श्रद्धालु 45 दिनों तक अन्न प्रसाद ग्रहण कर सकेंगे।

इस प्रकार, महाकुम्भ 2025 न केवल धार्मिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि इस आयोजन के माध्यम से समाज के विभिन्न तबकों द्वारा सामाजिक और सामूहिक दायित्वों को निभाया जाएगा। विभिन्न संस्थाओं द्वारा चलाए जा रहे भंडारे महाकुम्भ के इस भव्य और पुण्यकारी आयोजन की एक महत्वपूर्ण विशेषता बन चुके हैं।