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लखनऊ: सरोजनीनगर में अनवरत जारी है जन संवाद, जनप्रिय विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने सुनीं जनसमस्याएं, मेधावियों को टैब देकर किया सम्मानित

लखनऊ: सरोजनीनगर में अनवरत जारी है जन संवाद, जनप्रिय विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने सुनीं जनसमस्याएं, मेधावियों को टैब देकर किया सम्मानित
लखनऊ: सरोजनीनगर में अनवरत जारी है जन संवाद, जनप्रिय विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने सुनीं जनसमस्याएं, मेधावियों को टैब देकर किया सम्मानित
लखनऊ: सरोजनीनगर में अनवरत जारी है जन संवाद, जनप्रिय विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने सुनीं जनसमस्याएं, मेधावियों को टैब देकर किया सम्मानित
  • डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा- सहज संवाद से संभव है जन समस्याओं का प्रभावी समाधान।
  • डॉ. राजेश्वर सिंह ने पराग चौराहा, आशियाना में जन संवाद कार्यक्रम आयोजित कर क्षेत्रवासियों की समस्याएं सुनीं।
  • इंटरमीडिएट और हाईस्कूल टॉपर्स को टैबलेट देकर मेधावी छात्रों को सम्मानित किया गया।
  • तारा शक्ति केंद्रों और रण बहादुर सिंह डिजिटल शिक्षा केंद्रों की स्थापना पर चर्चा की गई।
  • कल्ली पश्चिम की रंजना सिंह को उनके नए ब्रांड पटसन इंडिया के लिए शुभकामनाएं दी गईं।
  • सरोजनीनगर को आदर्श विधानसभा बनाने के लिए क्षेत्रवासियों से सहयोग का आह्वान किया गया।
लखनऊ: सरोजनीनगर में अनवरत जारी है जन संवाद, जनप्रिय विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने सुनीं जनसमस्याएं, मेधावियों को टैब देकर किया सम्मानित
लखनऊ: सरोजनीनगर में अनवरत जारी है जन संवाद, जनप्रिय विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने सुनीं जनसमस्याएं, मेधावियों को टैब देकर किया सम्मानित

लखनऊ, 20 दिसम्बर 2024: सरोजनीनगर विधानसभा क्षेत्र के विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने शुक्रवार को पराग चौराहा, आशियाना में आयोजित जन संवाद कार्यक्रम के दौरान क्षेत्रवासियों की समस्याएं सुनीं और उनके समाधान का भरोसा दिलाया। जन संवाद में सैकड़ों की संख्या में क्षेत्रवासी शामिल हुए, जिन्होंने अपनी व्यक्तिगत और सामूहिक समस्याओं को विधायक के समक्ष रखा। त्वरित समाधान की प्रक्रिया से आवेदकों के चेहरे पर संतोष की झलक साफ दिखाई दी।

जन संवाद के दौरान क्षेत्रीय विकास के कई सुझाव प्राप्त हुए। इसमें तारा शक्ति केंद्रों एवं रण बहादुर सिंह डिजिटल शिक्षा और युवा सशक्तिकरण केंद्रों की स्थापना के प्रस्ताव विशेष चर्चा का विषय रहे। इन योजनाओं का उद्देश्य सरोजनीनगर क्षेत्र को शैक्षिक और सामाजिक स्तर पर सशक्त बनाना है।

कार्यक्रम में मेधावी छात्र-छात्राओं को प्रोत्साहित करने की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए डॉ. सिंह ने इंटरमीडिएट और हाईस्कूल के टॉपर्स को टैबलेट देकर सम्मानित किया। इंटरमीडिएट परीक्षा में 91.6% अंक प्राप्त करने वाली वंशिका शंखवार (अंबेडकर पुरम, तेलीबाग), 92% अंक प्राप्त करने वाली आयुषी सिंह (बनी), और हाईस्कूल परीक्षा में 97% अंक हासिल करने वाली अनुराधा दुबे (पराग चुंगी) को विशेष रूप से सम्मानित किया गया।

डॉ. सिंह ने इस अवसर पर तारा शक्ति केंद्र कल्ली पश्चिम को ऊंचाईयों पर ले जाने वाली रंजना सिंह को उनके नए ब्रांड पटसन इंडिया की सफलता के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि यह केंद्र महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता का प्रतीक बन रहा है।

अपने संबोधन में विधायक ने कहा, “जन अभिनंदन और जन संवाद से ही जन समस्याओं के समाधान की सिद्धि संभव है।” उन्होंने सरोजनीनगर विधानसभा को आदर्श विधानसभा बनाने के अपने लक्ष्य को दोहराते हुए क्षेत्रवासियों से इस दिशा में सहयोग देने का आह्वान किया।

Winter Superfood: रोजाना 1 गाजर का सेवन मौसमी बीमारियों से बचाएगा और कैंसर का खतरा भी घटाएगा

अगर आप हर मौसम में हेल्दी और फिट रहना चाहते हैं, तो सबसे अच्छा और आसान तरीका है कि आप उस मौसम की फल और सब्जियों का सेवन करें। अगर आप उस मौसम के सुपरफूड्स का सेवन करते हैं, तो बीमारियां आपके आसपास भी नहीं फटकेंगी। सर्दियों का एक ऐसा ही सुपरफूड गाजर है। यह एक रूट वेजिटेबल है, जोकि 900 ईस्वी के आसपास सबसे पहले अफगानिस्तान में उगाया गया था।

वैसे तो गाजर पीला, नारंगी, सफेद और लाल रंग का होता है। लेकिन शुरूआती दिनों में यह पीले या बैंगनी रंग का होता है। मिडिल ईस्ट में 15वीं या 16वीं शताब्दी के आसपास नारंगी गाजर डेवलप किया गया। गाजर में विटामिन A, C और K भरपूर मात्रा में पाया जाता है। इसमें कैल्शियम, आयरन, जिंक, पोटेशियम और कॉपर जैसे जरूरी मिनरल्स पाए जाते हैं। वहीं गाजर कार्बोहाइड्रेट और फाइबर का भी अच्छा स्त्रोत माना जाता है। इसका रोजाना सेवन करने से आंखों की रोशनी तेज होती है, वेट मैनेजमेंट में मदद मिलती है और कैंसर का जोखिम कम होता है।

गाजर की न्यूट्रिशनल वैल्यू

गाजर में 86% से लेकर 95% तक पानी पाया जाता है। वहीं बाकी के अन्य 10% हिस्से में कार्बोहाइड्रेट पाया जाता है। इसमें प्रोटीन और फैट भी होता है, लेकिन इसकी मात्रा काफी कम होती है।

विटामिन और मिनरल्स से भरपूर है गाजर

गाजर में कई तरह के विटामिन्स और मिनरल्स पाए जाते हैं। इसी वजह से यह सेहत के लिए फायदेमंद होता है। हालांकि अधिकतर लोग ऐसा समझते हैं कि गाजर में विटामिन A पाया जाता है। जबकि इसमें विटामिन A, विटामिन C और विटामिन B6 भी बहुत ज्यादा होता है।

बेहद फायदेमंद है गाजर

बता दें कि गाजर एक ऐसी सब्जी है, जिसमें कैलोरी बहुत कम मात्रा में पाई जाती है और इसकी न्यूट्रिशनल वैल्यू ज्यादा होती है। गाजर में जरूरी विटामिन, मिनरल्स और एंटीऑक्सिडेंट की मौजूद होते हैं। ऐसे में इसका सेवन करने से इम्यूनिटी मजबूत होती है। वहीं अपने खास न्यूट्रिशनल वैल्यू की वजह से इसको खाने से किडनी, लिवर और हार्ट की सेहत अच्छी रहती है।

गाजर खाने के फायदे

ब्लड शुगर कंट्रोल में रहता है।

आंखों की रोशनी तेज होती है।

ब्लड प्रेशर कंट्रोल में रहता है।

हार्ट हेल्थ इंप्रूव होती है।

कब्ज की समस्या दूर होगी।

वेट मैनेजमेंट में मदद मिलेगी।

कम होगा कैंसर का जोखिम।

स्किन हेल्दी रहती है।

इम्यून सिस्टम मजबूत होता है।

ब्रेन फंक्शनिंग और याददाश्त बेहतर होती है।

रोज कितनी गाजर खाएं

एक स्वस्थ व्यक्ति को दिन में 1-2 गाजर का सेवन करना चाहिए। वहीं बच्चे पूरे दिन में 1 गाजर खा सकते हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि एक गाजर करीब 125 ग्राम से 200 ग्राम की होती है। अगर आप प्रतिदिन 125 ग्राम गाजर का सेवन करते हैं, तो आपके शरीर को जरूरत के हिसाब से विटामिन A का 100% से ज्यादा हिस्सा मिल जाता है।

भारतीय बल्लेबाज ने युवराज जैसा अद्भुत कारनामा कर दिखाया, T20I में सबसे तेज अर्धशतक जड़कर रचा नया इतिहास

युवराज सिंह के नाम करीब सालों तक T20I क्रिकेट में सबसे तेज अर्धशतक का रिकॉर्ड रहा। युवराज ने महज 12 गेंदों पर इंग्लैंड के खिलाफ T20I में सबसे तेज अर्धशतक जड़ने का रिकॉर्ड बनाया था जो पिछले साल नेपाल के दीपेन्द्र सिंह ऐरी ने तोड़ा। दीपेंद्र ने महज 9 गेंदों पर सबसे तेज T20I अर्धशतक जड़ने का कारनामा किया। युवराज सिंह का सबसे तेज T20I अर्धशतक का रिकॉर्ड भले ही टूट गया हो लेकिन जब भी सबसे तेज अर्धशतक का जिक्र होता है तो सबसे पहले जेहन में युवी का नाम ही आता है। ऐसा ही कुछ भारत की धाकड़ बल्लेबाज ऋचा घोष ने वेस्टइंडीज के खिलाफ तीसरे T20I में कर दिखाया है।

ऋचा घोष ने वेस्टइंडीज के खिलाफ महज 18 गेंदों पर अर्धशतक जड़ दिया। इस तरह उन्होंने महिला T20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 18 गेंद में सबसे तेज अर्धशतक के वर्ल्ड रिकॉर्ड की बराबरी कर ली। ऋचा घोष से पहले न्यूजीलैंड की सोफी डिवाइन और ऑस्ट्रेलिया की फोएबे लिचफील्ड के सबसे तेज अर्धशतक का रिकॉर्ड बनाया था। दोनों ने 18-18 गेंदों पर ये बड़ा कारनामा किया था। ऋचा अब महिला क्रिकेट में संयुक्त रूप से सबसे तेज T20 अंतरराष्ट्रीय अर्धशतक जड़ने वाली महिला क्रिकेटर बन गई हैं।

WT20I में सबसे तेज अर्धशतक

  • 18 गेंदें: ऋचा घोष बनाम वेस्टइंडीज, 2024
  • 18 गेंदें: फोबे लिचफील्ड बनाम वेस्टइंडीज, 2023
  • 18 गेंदें: सोफी डिवाइन बनाम भारत, 2015

टीम इंडिया ने खड़ा किया अपना सबसे बड़ा स्कोर

21 साल की ऋचा ने 21 गेंदों पर 5 छक्के और तीन चौकों की मदद से 54 रनों की धमाकेदार पारी खेली जिसकी बदौलत टीम इंडिया अपना स्कोर 200 के पार पहुंचाने में सफल रही। इस तरह टीम इंडिया ने T20I में अपना सबसे बड़ा स्कोर 217/4 बना डाला। इससे पहले टीम इंडिया का T20 फॉर्मेट में सबसे बड़ा स्कोर 201/5 रन था जो इसी साल जुलाई में बनाया था। भारत को इस विशाल स्कोर तक पहुंचाने में ऋचा घोष के अलावा स्मृति मंधाना का भी अहम योगदान रहा जिन्होंने सीरीज के लगातार तीसरे मैच में अर्धशतक जड़ने का बड़ा कारनामा किया। इस दौरान उन्होंने T20I क्रिकेट में 500 चौके पूरे करने का रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया।

Health Tips: 30 की उम्र के बाद इन जांचों को जरूर करवाएं, बीमारियों से बचने और लंबे समय तक स्वस्थ रहने के लिए।

अगर आप गंभीर बीमारियों से खुद का बचाव करना चाहते हैं, तो इसका सबसे अच्छा तरीका है कि शरीर के लक्षणों पर गंभीरता से ध्यान दें। आजकल कम उम्र में ही लोगों में क्रोनिक बीमारियों का खतरा बढ़ता जा रहा है। ऐसे में आपको अपने स्वास्थ्य के प्रति पहले अलर्ट हो जाना चाहिए। वहीं समय पर बीमारी का पता लगाने के लिए जरूरी है कि आप नियमित रूप से डॉक्टर की सलाह लेते रहें। वहीं जिन लोगों को पहले से कोई स्वास्थ्य समस्या है, उनको अधिक सावधानी बरतनी चाहिए।

हेल्थ एक्सपर्ट कहते हैं, अच्छी सेहत पाने और बीमारियों से खुद का बचाव करने के लिए सभी लोगों को कुछ प्रकार की जांच कराते रहना चाहिए। भले ही आप स्वस्थ और सेहतमंद हैं, लेकिन फिर भी 30 की उम्र के बाद से आप हर महीने ये 2 जाचें जरूर करानी चाहिए।

नियमित रूप से कराएं जांच

हेल्थ एक्सपर्ट के अनुसार, आजकल जिस तरह की लाइफस्टाइल और डाइट में गड़बड़ी देखी जा रही है। इस कारण सभी उम्र के लोगों को स्वास्थ्य जोखिम हो गया है। हालिया आंकड़ों की बात की जाए, तो 20 से कम उम्र वाले लोगों को भी हाई ब्लड प्रेशर, मोटापा और हाई ब्लड शुगर जैसी बीमारियां हो रही हैं। यह शरीर के कई अंगों को प्रभावित कर सकती हैं। ऐसे में आप इन स्वास्थ्य समस्याओं पर निरंतर ध्यान देकर इसको बढ़ने से रोक सकते हैं। इसके लिए आप नियमित ब्लड प्रेशर और ब्लड शुगर की जांच कराते रहें।

ब्लड शुगर की जांच

बता दें कि ब्लड शुगर की जांच कराते रहना डायबिटीज के लिए सबसे जरूरी है। वहीं जिन लोगों को पहले से टाइप 1 या टाइप 2 डायबिटीज है या इंसुलिन लेते हैं। उनको डॉक्टर नियमित जांच की सलाह दे सकते हैं। आप घर पर ही ग्लूकोज मीटर से ब्लड शुगर के लेवल को चेक कर सकते हैं।

हेल्थ एक्सपर्ट कहते हैं कि जिन लोगों के पेरेंट्स को डायबिटीज की समस्या रही है। उन लोगों को 30 की उम्र के बाद से हर महीने ग्लूकोज मीटक से और हर 6 महीने के अंतराल पर HbA1c की जांच करानी चाहिए।

ब्लड प्रेशर की जांच

ब्लड प्रेशर के लेवल पर भी ध्यान देते रहना जरूरी है। क्योंकि ब्लड प्रेशर का लेवल अनियंत्रित होने से आंख, हार्ट और किडनी को खतरा हो सकता है। वहीं जिन लोगों के पेरेंट्स या परिवार में किसी को पहले से हाई ब्लड प्रेशर या हार्ट संबंधी समस्या रही है, तो इन लोगों को ज्यादा सावधानी बरतनी चाहिए।

अगर आप ब्लड प्रेशर की दवा लेते हैं, तो इसकी रीडिंग को एक-दो दिन के अंतराल पर नोट करते रहें। वहीं अगर आपको ब्लड प्रेशर की समस्या नहीं है, तो आपको हर महीने इसकी जांच करवानी चाहिए।

जानिए क्या कहते हैं एक्सपर्ट

हेल्थ एक्सपर्ट की मानें, तो यदि ब्लड शुगर और ब्लड प्रेशर को कंट्रोल कर लिया जाए, तो गंभीर और जानलेवा स्वास्थ्य समस्याओं के खतरे को कम किया जा सकता है। इसलिए एक नियमित अंतराल पर हार्ट, शुगर और आंखों की जांच कराते रहना चाहिए। वहीं अगर फैमिली में पहले से किसी को ब्लड प्रेशर, डायबिटीज या हार्ट संबंधी समस्या रही है, तो आपको अधिक सतर्क रहना चाहिए।

टेस्ट सीरीज के लिए स्क्वाड में 7 अनकैप्ड खिलाड़ियों को मिली जगह, टीम चयन पर उठे सवाल

ZIM vs AFG: टेस्ट क्रिकेट को हर टीम गंभीरता से लेती है क्योंकि ये खेल का सबसे पुराना और प्रतिष्ठित फॉर्मेट है। यही वजह है कि जब भी कोई टीम टेस्ट सीरीज के लिए अपने स्क्वाड का ऐलान करता है तो मजबूत और अनुभवी खिलाड़ियों को चुनने की कोशिश करती है। हालांकि एक टीम ऐसी भी है जिसने नए चेहरों पर भरोसा जताते हुए अपनी टेस्ट स्क्वाड में 1-2 नहीं बल्कि एक दर्जन से ज्यादा अनकैप्ड खिलाड़ियों को शामिल कर लिया है। ये टीम है जिम्बाब्वे जिसने अफगानिस्तान के खिलाफ आगामी दो मैचों की टेस्ट सीरीज के लिए अपने स्क्वाड का ऐलान कर दिया है। जिम्बाब्वे की टेस्ट टीम में सात अनकैप्ड खिलाड़ियों को मौका दिया गया है।  इनमें बल्लेबाज बेन कुरेन, जॉनथन कैंपबेल, विकेटकीपर-बल्लेबाज तदीवानाशे मारुमानी, न्याशा मायावो, तेज गेंदबाज ट्रेवर ग्वांडू, ताकुदज़वा चटैरा और न्यूमैन न्यामहुरी शामिल हैं।

जिम्बाब्वे और अफगानिस्तान के बीच 2 मैचों की टेस्ट सीरीज का आगाज 26 दिसंबर को होगा। जिम्बाब्वे क्रिकेट के लिए ये एक महत्वपूर्ण अवसर होगा क्योंकि मेजबान टीम 28 वर्षों में अपने घरेलू मैदान पर अपना पहला बॉक्सिंग डे टेस्ट आयोजित करेगी। पिछली बार जिम्बाब्वे ने 1996 में इंग्लैंड के खिलाफ हरारे स्पोर्ट्स क्लब में घरेलू बॉक्सिंग डे टेस्ट खेला था, जो ड्रॉ रहा था। इसके बाद से जिम्बाब्वे ने केवल 2000 में न्यूजीलैंड और 2017 में साउथ अफ्रीका के खिलाफ विदेश में बॉक्सिंग डे टेस्ट खेला है।

सीरीज का शेड्यूल 

अफगानिस्तान के खिलाफ 26 से 30 दिसंबर के बीच पहला टेस्ट मैच खेलने के बाद जिम्बाब्वे 2 से 6 जनवरी के बीच अपने पहले नए साल के टेस्ट मैच की मेजबानी करेगा। इस साल जुलाई में बेलफास्ट में आयरलैंड के खिलाफ एकमात्र मैच टेस्ट मैच खेलने के बाद यह जिम्बाब्वे का 2024 का दूसरा टेस्ट होगा। इसके बाद जिम्बाब्वे सीधा मई 2025 में इंग्लैंड के खिलाफ नॉटिंघम में 4 दिन का टेस्ट मैच खेलेगी।

अफगानिस्तान के खिलाफ जिम्बाब्वे की टेस्ट टीम इस प्रकार है: क्रेग एर्विन (कप्तान), बेन कुरेन, ब्रायन बेनेट, जॉनाथन कैंपबेल, ताकुद्जवा चैटैरा, जॉयलॉर्ड गुम्बी, ट्रेवर ग्वांडू, ताकुदज़्वानाशे कैटानो, तदिवानाशे मारुमनी, ब्रैंडन मावुता, न्याशा मायावो, ब्लेसिंग मुजारबानी, डायोन मायर्स, रिचर्ड नगारवा, न्यूमैन न्यामुरी, सिकंदर रजा, सीन विलियम्स।