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सीएम योगी की पहल रंग लाई: उत्तर प्रदेश में वन और वृक्ष आवरण की ऐतिहासिक वृद्धि

सीएम योगी की पहल रंग लाई: उत्तर प्रदेश में वन और वृक्ष आवरण की ऐतिहासिक वृद्धि
सीएम योगी की पहल रंग लाई: उत्तर प्रदेश में वन और वृक्ष आवरण की ऐतिहासिक वृद्धि
सीएम योगी की पहल रंग लाई: उत्तर प्रदेश में वन और वृक्ष आवरण की ऐतिहासिक वृद्धि
  • आईएसएफआर 2023 रिपोर्ट के अनुसार, उत्तर प्रदेश में 559 वर्ग किमी. वन और वृक्ष आवरण में वृद्धि हुई है।
  • 36.80 करोड़ पौधरोपण करके उत्तर प्रदेश ने हरित क्रांति की दिशा में नया रिकॉर्ड बनाया।
  • झांसी, अमरोहा, इटावा, कानपुर नगर और बिजनौर वन वृद्धि में शीर्ष जिलों में शामिल रहे।
  • योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में 210 करोड़ से अधिक पौधे साढ़े सात वर्षों में लगाए गए।
  • भारत का कुल वन एवं वृक्ष आवरण 8,27,357 वर्ग किमी है, जिसमें उत्तर प्रदेश दूसरे स्थान पर है।

लखनऊ, 21 दिसम्बर 2024: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने हरित क्रांति की दिशा में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। 2024 में प्रकाशित भारत वन स्थिति रिपोर्ट (आईएसएफआर) 2023 के अनुसार, राज्य में 559 वर्ग किमी. वन और वृक्ष आवरण में वृद्धि दर्ज की गई है। इस उपलब्धि ने उत्तर प्रदेश को देशभर में दूसरा स्थान दिलाया है, जबकि छत्तीसगढ़ 684 वर्ग किमी की वृद्धि के साथ शीर्ष पर है। मुख्यमंत्री योगी ने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “एक पेड़ मां के नाम” आह्वान और भारतीय दर्शन “माता भूमिः पुत्रोऽहं पृथिव्याः” के प्रति लोगों के जुड़ाव का प्रतिफल बताया।

36.80 करोड़ पौधरोपण का रिकॉर्ड

उत्तर प्रदेश ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में पिछले साढ़े सात वर्षों में 210 करोड़ से अधिक पौधे लगाए हैं। इस वर्ष 20 जुलाई को 36.51 करोड़ पौधे एक ही दिन में लगाकर राज्य ने इतिहास रच दिया। 30 सितंबर तक यह संख्या 36.80 करोड़ से अधिक हो चुकी थी। इस अभियान की सफलता ने उत्तर प्रदेश को वन और वृक्ष आवरण के मामले में शीर्ष राज्यों की सूची में ला खड़ा किया है। मुख्यमंत्री योगी ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए वन विभाग, प्रकृति प्रेमियों और प्रदेशवासियों को बधाई दी।

आईएसएफआर 2023 की मुख्य विशेषताएं

भारतीय वन सर्वेक्षण (एफएसआई), देहरादून द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट के अनुसार, उत्तर प्रदेश के वन और वृक्ष आवरण का कुल क्षेत्रफल 23,996.72 वर्ग किमी (राज्य के भौगोलिक क्षेत्र का 9.96%) है। 2021 की तुलना में, राज्य में 559.19 वर्ग किमी. की वृद्धि हुई है, जो इसे दूसरे स्थान पर लाती है।

वनावरण स्थिति 2023:

  • अति सघन वन: 2,688.73 वर्ग किमी
  • मध्यम सघन वन: 4,001.41 वर्ग किमी
  • खुला वन: 8,355.66 वर्ग किमी
  • कुल वनावरण: 15,045.80 वर्ग किमी (6.24%)
  • वृक्षावरण: 8,950.92 वर्ग किमी (3.72%)

2021 की तुलना में सुधार

2021 में उत्तर प्रदेश का कुल वनावरण और वृक्षावरण 23,437.53 वर्ग किमी (राज्य का 9.73%) था। अति सघन वन, मध्यम सघन वन और खुला वन सभी श्रेणियों में सुधार हुआ है, जिससे कुल वनावरण और वृक्षावरण में 559.19 वर्ग किमी की वृद्धि हुई।

2021 के आंकड़े:

  • अति सघन वन: 2,655.29 वर्ग किमी
  • मध्यम सघन वन: 3,995.53 वर्ग किमी
  • खुला वन: 8,276.55 वर्ग किमी
  • कुल वनावरण: 14,927.37 वर्ग किमी (6.20%)
  • वृक्षावरण: 8,510.16 वर्ग किमी (3.53%)

शीर्ष वृद्धि वाले जिले

उत्तर प्रदेश के वन आवरण में वृद्धि के लिए झांसी, अमरोहा, इटावा, कानपुर नगर और बिजनौर जैसे जिलों का विशेष योगदान रहा है।

जिलेवार वृद्धि (एकड़ में):

  1. झांसी: 8,597
  2. अमरोहा: 7,769
  3. इटावा: 7,127
  4. कानपुर नगर: 6,249
  5. बिजनौर: 3,343

इन जिलों में पौधरोपण अभियानों और जनसहभागिता ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

भारत वन स्थिति रिपोर्ट 2023 के राष्ट्रीय आंकड़े

भारत का कुल वन एवं वृक्ष आवरण 8,27,357 वर्ग किमी है, जो देश के भौगोलिक क्षेत्र का 25.17% है। इसमें वन आवरण 7,15,343 वर्ग किमी (21.76%) और वृक्ष आवरण 1,12,014 वर्ग किमी (3.41%) शामिल है।

शीर्ष राज्य:

  • छत्तीसगढ़: 684 वर्ग किमी
  • उत्तर प्रदेश: 559.19 वर्ग किमी
  • ओडिशा: 558.57 वर्ग किमी
  • राजस्थान: 394.46 वर्ग किमी
  • झारखंड: 286.96 वर्ग किमी

सीएम योगी का विजन

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट के माध्यम से इस उपलब्धि पर खुशी जाहिर की। उन्होंने लिखा, “नया उत्तर प्रदेश ‘हरित उत्तर प्रदेश’ बनने की दिशा में तीव्रता से अग्रसर है। आईएसएफआर 2023 के अनुसार उत्तर प्रदेश में हुई 559 वर्ग किमी की वन और वृक्ष आवरण की ऐतिहासिक वृद्धि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के आह्वान ‘एक पेड़ मां के नाम’ और भारतीय दर्शन ‘माता भूमिः पुत्रोऽहं पृथिव्याः’ भाव से उत्तर प्रदेश वासियों के जुड़ाव का प्रतिफल है।” उन्होंने इस अभियान से जुड़े सभी लोगों को बधाई दी और इसे मानवता के कल्याण को समर्पित बताया।

सरोजनीनगर स्पोर्ट्स लीग: यूपी के चर्चित और लोकप्रिय विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह के नेतृत्व में युवाओं को नई पहचान

सरोजनीनगर स्पोर्ट्स लीग: डॉ. राजेश्वर सिंह के नेतृत्व में युवाओं को नई पहचान
सरोजनीनगर स्पोर्ट्स लीग: डॉ. राजेश्वर सिंह के नेतृत्व में युवाओं को नई पहचान
सरोजनीनगर स्पोर्ट्स लीग: डॉ. राजेश्वर सिंह के नेतृत्व में युवाओं को नई पहचान
  • सरोजनीनगर स्पोर्ट्स लीग के छठे चरण का सफल आयोजन: 200+ टीमों ने भाग लेकर क्रिकेट चैंपियनशिप को सफल बनाया।
  • खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहन: डॉ. राजेश्वर सिंह युवाओं को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मंच पर पहचान दिलाने के लिए प्रतिबद्ध।
  • चार रोमांचक मुकाबले: एलपीएस साउथ सिटी, अवध कॉलेजिएट, कमल दिल्ली पब्लिक स्कूल, और एलआरएसएस बांथरा ने शानदार प्रदर्शन किया।
  • युवाओं के शारीरिक और मानसिक विकास पर जोर: खेलों के माध्यम से युवा पीढ़ी को सशक्त बनाने का प्रयास।
  • सरोजनीनगर बना खेल प्रतिभाओं का हब: खेल संस्कृति को बढ़ावा देकर क्षेत्रीय युवाओं को नई उड़ान दी जा रही है।
सरोजनीनगर स्पोर्ट्स लीग: डॉ. राजेश्वर सिंह के नेतृत्व में युवाओं को नई पहचान
सरोजनीनगर स्पोर्ट्स लीग: डॉ. राजेश्वर सिंह के नेतृत्व में युवाओं को नई पहचान

लखनऊ, 21 दिसम्बर 2024: सरोजनीनगर में खेल महोत्सव ने युवाओं को एक नई दिशा दी है। विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह की दूरदर्शी सोच और नेतृत्व में सरोजनीनगर स्पोर्ट्स लीग का छठा चरण सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस लीग का उद्देश्य क्षेत्रीय खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करना और उन्हें राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाना है। डॉ. सिंह का विजन है कि सरोजनीनगर को एक खेल हब के रूप में विकसित किया जाए, जहां युवाओं को उत्कृष्टता के लिए प्रेरित किया जा सके।

क्षेत्रीय खेल प्रतिभाओं के लिए अनूठा मंच

सरोजनीनगर स्पोर्ट्स लीग के छठे चरण में 200 से अधिक इंटर स्कूल और इंटर क्लब टीमों ने भाग लिया। इस आयोजन ने स्थानीय युवाओं को अपनी खेल प्रतिभा प्रदर्शित करने का एक अनूठा मंच प्रदान किया है। प्रतियोगिता के दौरान खिलाड़ियों और दर्शकों का उत्साह चरम पर था। लीग ने न केवल स्थानीय खिलाड़ियों के लिए अवसर पैदा किए बल्कि खेलों के प्रति क्षेत्र में जागरूकता और रुचि को भी बढ़ावा दिया।

चार मुकाबलों का शानदार प्रदर्शन

शनिवार को आयोजित चार रोमांचक मुकाबलों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। पहले मैच में नेशनल पब्लिक स्कूल और एलपीएस साउथ सिटी के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली। एलपीएस साउथ सिटी ने 39 रनों से जीत दर्ज की। दूसरे मुकाबले में कोल्विन पब्लिक स्कूल और अवध कॉलेजिएट के बीच जोरदार संघर्ष हुआ, जिसमें अवध कॉलेजिएट ने 52 रनों से बाजी मारी।

तीसरे मुकाबले में कमल दिल्ली पब्लिक स्कूल और स्टारलिंग इंटर कॉलेज के बीच मुकाबला तय था, लेकिन स्टारलिंग इंटर कॉलेज की टीम समय पर मैदान पर नहीं पहुंच सकी। इसके कारण कमल दिल्ली पब्लिक स्कूल को वॉकओवर मिला। दिन का अंतिम और चौथा मुकाबला एलआरएसएस बांथरा और सैक्रेड हार्ट स्कूल के बीच हुआ, जिसमें एलआरएसएस बांथरा ने 12 रनों से रोमांचक जीत हासिल की।

डॉ. राजेश्वर सिंह की सोच और प्रतिबद्धता

डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा, “युवाओं को शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत बनाने के लिए खेलों का विशेष महत्व है। सरोजनीनगर स्पोर्ट्स लीग हमारी प्रतिबद्धता का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य क्षेत्रीय प्रतिभाओं को निखारना और उन्हें भविष्य में राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय मंचों तक ले जाना है।”

उनका मानना है कि खेल केवल मनोरंजन का साधन नहीं है, बल्कि यह युवाओं को अनुशासन, सहयोग और आत्मनिर्भरता का पाठ भी सिखाता है। उनकी इस पहल ने सरोजनीनगर में खेल संस्कृति को नई ऊर्जा प्रदान की है। स्थानीय युवाओं के जोश और जनता के समर्थन ने यह साबित कर दिया है कि क्षेत्र में खेलों का एक नया युग प्रारंभ हो चुका है।

सरोजनीनगर: खेल प्रतिभाओं की नर्सरी

सरोजनीनगर स्पोर्ट्स लीग ने इस क्षेत्र को खेल प्रतिभाओं की नर्सरी के रूप में स्थापित करने का मार्ग प्रशस्त किया है। यह पहल न केवल युवाओं को नए अवसर प्रदान कर रही है, बल्कि सरोजनीनगर को खेलों के मानचित्र पर एक महत्वपूर्ण स्थान पर भी स्थापित कर रही है।

डॉ. राजेश्वर सिंह के नेतृत्व में इस तरह के आयोजन क्षेत्र के विकास की दिशा में एक मील का पत्थर साबित हो रहे हैं। उनकी दूरदर्शी सोच और अथक प्रयास ने यह सुनिश्चित किया है कि सरोजनीनगर के युवा अपनी खेल प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकें और अपने भविष्य को बेहतर बना सकें।

लखनऊ: जिलाधिकारी की अध्यक्षता में सम्पूर्ण समाधान दिवस का आयोजन, जिले भर में प्राप्त 562 शिकायतों में से 144 का तुरंत निस्तारण

लखनऊ: जिलाधिकारी की अध्यक्षता में सम्पूर्ण समाधान दिवस का आयोजन, जिले भर में प्राप्त 562 शिकायतों में से 144 का तुरंत निस्तारण
लखनऊ: जिलाधिकारी की अध्यक्षता में सम्पूर्ण समाधान दिवस का आयोजन, जिले भर में प्राप्त 562 शिकायतों में से 144 का तुरंत निस्तारण
लखनऊ: जिलाधिकारी की अध्यक्षता में सम्पूर्ण समाधान दिवस का आयोजन, जिले भर में प्राप्त 562 शिकायतों में से 144 का तुरंत निस्तारण
  • 562 प्रकरणों में से 144 का मौके पर निस्तारण: जनपद की सभी तहसीलों में आयोजित समाधान दिवस में कुल 562 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 144 का तुरंत निस्तारण किया गया।
  • सरोजनीनगर में 57 प्रकरणों का निस्तारण: तहसील सरोजनीनगर में 150 शिकायतें दर्ज हुईं, जिनमें से 57 का मौके पर निस्तारण किया गया।
  • गुणवत्तापूर्ण निस्तारण पर जोर: जिलाधिकारी ने अधिकारियों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
  • दंडात्मक कार्रवाई की चेतावनी: निस्तारण में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
  • विभागवार शिकायतों का विवरण: पुलिस से 75, राजस्व से 314, विकास से 42, समाज कल्याण से 19, और चिकित्सा से 1 शिकायत प्राप्त हुई।

लखनऊ, 21 दिसंबर 2024 – तहसील सरोजनीनगर में जिलाधिकारी श्री सूर्य पाल गंगवार की अध्यक्षता में सम्पूर्ण समाधान दिवस का सफल आयोजन किया गया। जनपद की पांचों तहसीलों में आयोजित इस कार्यक्रम में कुल 562 प्रकरण प्राप्त हुए, जिनमें से 144 प्रकरणों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। तहसील सरोजनीनगर में कुल 150 प्रकरण प्राप्त हुए, जिनमें से 57 प्रकरणों का मौके पर निस्तारण किया गया।

जिलाधिकारी ने समाधान दिवस में प्राप्त शिकायतों के त्वरित और समयबद्ध निस्तारण पर जोर देते हुए सभी अधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण प्राथमिकता होनी चाहिए और इसे एक सप्ताह के भीतर सुनिश्चित किया जाए। यदि किसी प्रकरण का निस्तारण संभव नहीं है तो उसका कारण स्पष्ट रूप से दर्ज किया जाए और शिकायतकर्ता को अवगत कराया जाए।

प्रमुख निर्देश और कार्रवाई

जिलाधिकारी ने इस बात पर बल दिया कि शिकायतों का निस्तारण केवल त्वरित नहीं बल्कि गुणवत्तापूर्ण होना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि निस्तारण में लापरवाही या गुणवत्ता की कमी पाई जाती है तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

समाधान दिवस में तहसील सदर में 36 में से 12, मलिहाबाद में 79 में से 12, बीकेटी में 150 में से 36, और मोहनलालगंज में 147 में से 27 प्रकरणों का निस्तारण मौके पर किया गया। शेष प्रकरणों को समयबद्ध निस्तारण के लिए संबंधित विभागों को सौंपा गया।

प्राप्त शिकायतों का विवरण

समाधान दिवस के दौरान कुल 562 प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए। इनमें पुलिस से संबंधित 75, राजस्व और पुलिस संयुक्त रूप से 5, राजस्व 314, विकास 42, शिक्षा 1, समाज कल्याण 19, चिकित्सा 1 और अन्य 105 शिकायतें शामिल थीं।

अधिकारियों को निर्देश

जिलाधिकारी ने सभी जिला स्तरीय अधिकारियों को निर्देश दिया कि बार-बार आने वाले प्रकरणों का गंभीरता से संज्ञान लिया जाए और उनकी तहकीकात कर त्वरित निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। समाधान दिवस में उप जिलाधिकारी डॉ. सचिन वर्मा, तहसीलदार, पुलिस, समाज कल्याण और अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

महाकुंभ 2025: लखनऊ से प्रयागराज के मार्ग सजेंगे विशेष लाइटिंग और सौंदर्यीकरण से

महाकुंभ 2025: लखनऊ से प्रयागराज के मार्ग सजेंगे विशेष लाइटिंग और सौंदर्यीकरण से
महाकुंभ 2025: लखनऊ से प्रयागराज के मार्ग सजेंगे विशेष लाइटिंग और सौंदर्यीकरण से
महाकुंभ 2025: लखनऊ से प्रयागराज के मार्ग सजेंगे विशेष लाइटिंग और सौंदर्यीकरण से
  • लखनऊ से प्रयागराज जाने वाले मार्गों पर विशेष डेकोरेटिव लाइटिंग की व्यवस्था होगी।
  • मुख्य सड़कों पर वार्म वाइट, दिया, नमस्ते और बटरफ्लाई थीम की रोशनी लगाई जाएगी।
  • वॉल पेंटिंग, साइनेज और सड़कों की मरम्मत जैसे कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी।
  • अवैध अतिक्रमण हटाने और डेड पोल व झूलते तारों को ठीक करने के निर्देश।
  • मण्डलायुक्त ने सभी कार्यों को उच्च गुणवत्ता और समयबद्ध तरीके से पूरा करने पर जोर दिया।

लखनऊ, 21 दिसंबर 2024: महाकुंभ 2025 के आयोजन को ध्यान में रखते हुए, लखनऊ से प्रयागराज जाने वाले मार्गों और चौराहों को विशेष रूप से सजाने की योजना तैयार की जा रही है। इस संदर्भ में मण्डलायुक्त डॉ. रोशन जैकब की अध्यक्षता में आयुक्त कार्यालय कक्ष में एक प्रस्तुतीकरण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में लखनऊ विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार, नगर निगम के मुख्य अभियंता महेश वर्मा, लोक निर्माण विभाग के अधिकारी और संबंधित कंसल्टेंसी फर्मों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

बैठक में लखनऊ के प्रमुख मार्गों और चौराहों की सजावट के लिए तैयार की गई कार्य योजना का गहन विश्लेषण किया गया। योजना में डेकोरेटिव लाइटिंग, वॉल पेंटिंग, साइनेज, हॉर्टिकल्चर, और सड़कों की मरम्मत जैसे विभिन्न पहलुओं को शामिल किया गया। मण्डलायुक्त ने निर्देश दिया कि सभी कार्य उच्च गुणवत्ता और एकरूपता के साथ पूरे किए जाएं। उन्होंने कहा कि महाकुंभ का यह आयोजन न केवल प्रयागराज, बल्कि लखनऊ के लिए भी एक गौरव का क्षण है। यह मौका शहर को सुंदर और आकर्षक बनाने का है, ताकि श्रद्धालु यहां से गुजरते हुए सुखद अनुभव कर सकें।

प्रमुख निर्देश और कार्य योजनाएँ:

  1. सड़कों का सौंदर्यीकरण: प्रमुख सड़कों को चौड़ा करने, फुटपाथों की मरम्मत और निर्माण कार्य सुनिश्चित करने के लिए निर्देश दिए गए।
  2. डेकोरेटिव लाइटिंग: लखनऊ के मुख्य मार्गों पर वार्म वाइट, दिया, नमस्ते और बटरफ्लाई थीम पर आधारित डेकोरेटिव लाइटिंग लगाई जाएगी।
  3. साइनबोर्ड और वॉल पेंटिंग्स: शहर के प्रमुख स्थलों पर नए साइनेज बोर्ड लगाए जाएंगे और दीवारों पर आकर्षक पेंटिंग्स बनाई जाएंगी।
  4. अतिक्रमण हटाना: सड़कों और चौराहों पर अवैध अतिक्रमण हटाने और डेड पोल व झूलते तारों को ठीक करने की कार्यवाही की जाएगी।
  5. ब्लैक टॉप का विस्तार: सड़कों की ब्लैक टॉपिंग की गुणवत्ता में सुधार किया जाएगा।

भव्य स्वागत की तैयारी:

महाकुंभ 2025 के दौरान लाखों श्रद्धालु लखनऊ से प्रयागराज की यात्रा करेंगे। इसके लिए शहर के मार्गों को विशेष रूप से सजाया जाएगा। डेकोरेटिव लाइटिंग, वॉल पेंटिंग, और सुचारू यातायात प्रबंधन के माध्यम से लखनऊ शहर को एक आकर्षक अनुभव प्रदान करने की तैयारी की जा रही है।

मण्डलायुक्त ने सभी अधिकारियों से समयबद्ध और मानकों के अनुसार कार्य पूरा करने के निर्देश दिए। यह आयोजन न केवल महाकुंभ की भव्यता को बढ़ाएगा, बल्कि लखनऊ की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान को भी सुदृढ़ करेगा।

प्रयागराज महाकुंभ 2025: ए0के0 शर्मा ने की तैयारियों की समीक्षा और दिए निर्देश

प्रयागराज महाकुंभ 2025: ए0के0 शर्मा ने की तैयारियों की समीक्षा और दिए निर्देश
प्रयागराज महाकुंभ 2025: ए0के0 शर्मा ने की तैयारियों की समीक्षा और दिए निर्देश
प्रयागराज महाकुंभ 2025: ए0के0 शर्मा ने की तैयारियों की समीक्षा और दिए निर्देश
  • प्रयागराज महाकुंभ 2025 की तैयारियों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश।
  • शहर और मेला क्षेत्र में साफ-सफाई, स्वच्छता और विद्युत सुरक्षा सुनिश्चित करने पर जोर।
  • महापौर और सभासदों को सक्रिय भूमिका निभाने और व्यवस्थापन कार्यों में योगदान करने का आग्रह।
  • व्यापारिक प्रतिष्ठानों, सामाजिक संस्थाओं और सरकारी भवनों की स्वच्छता और सुंदरीकरण को प्रोत्साहित किया जाए।
  • 31 दिसंबर तक सभी बुनियादी सुविधाओं और तैयारियों को पूरा करने की सख्त समय-सीमा तय।

लखनऊ, 21 दिसंबर 2024: उत्तर प्रदेश के नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री श्री ए0के0 शर्मा ने प्रयागराज में आयोजित होने वाले महाकुंभ 2025 की तैयारियों का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने महाकुंभ को दिव्य, भव्य, सुरक्षित और स्वच्छ बनाने के लिए समयबद्ध तरीके से कार्यों को पूर्ण करने का निर्देश दिया। शनिवार को जल निगम फील्ड हॉस्टल ‘संगम’ लखनऊ में आयोजित वर्चुअल बैठक में उन्होंने नगर विकास, विद्युत, जल निगम और नगर निगम प्रयागराज के अधिकारियों के साथ प्रगति की समीक्षा की।

श्री शर्मा ने कहा कि प्रयागराज शहर के 100 वार्डों और कुंभ मेला क्षेत्र में साफ-सफाई, स्वच्छता, और सुंदरीकरण के कार्य अगले 10 दिनों में पूरे किए जाएं। उन्होंने जोर देकर कहा कि शहर में कहीं भी मलबा, कूड़ा-कचरा या गंदगी न दिखे। सभी कार्यों में मैनपॉवर और मशीन का पूर्ण उपयोग हो और कार्मिकों की टीम बनाकर कार्य किया जाए।

विद्युत सुरक्षा और स्वच्छता पर विशेष जोर मंत्री ने विद्युत विभाग को निर्देश दिया कि मेला क्षेत्र और शहर में विद्युत सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा जाए। खुले ट्रांसफार्मरों पर जाली लगाकर सेफगार्डिंग कराई जाए और ट्रांसफार्मरों के आसपास होर्डिंग या पेड़ों की शाखाएं न हों। साथ ही, जिन क्षेत्रों में प्रकाश की आवश्यकता है, वहां व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

महापौर और सभासदों की भूमिका पर जोर बैठक में श्री शर्मा ने महापौर प्रयागराज श्री गणेश केसरवानी से अनुरोध किया कि महाकुंभ 2025 में प्रयागराज को एक नए और वैश्विक स्तर के शहर के रूप में प्रस्तुत करने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएं। उन्होंने सभी सभासदों से अपने-अपने वार्डों में सफाई, सुंदरीकरण और व्यवस्थापन कार्यों पर सक्रिय भूमिका निभाने को कहा।

व्यवसायिक प्रतिष्ठानों और सामाजिक संस्थाओं का योगदान श्री शर्मा ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि शहर के प्रमुख मार्गों के किनारे स्थित दुकानों, व्यापारिक प्रतिष्ठानों और मकानों की साफ-सफाई, रंगाई-पुताई और लाइटिंग जैसे कार्यों को प्रोत्साहित किया जाए। उन्होंने सरकारी भवनों और संस्थानों के लिए संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश जारी करने को कहा।

महाकुंभ में बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित करें मंत्री ने जोर देकर कहा कि महाकुंभ में आने वाले तीर्थयात्रियों को स्वच्छ वातावरण मिले। शहर और मेला क्षेत्र में धूल और प्रदूषण न हो। श्रद्धालुओं के लिए स्वच्छ पेयजल, साफ-सुथरे शौचालय, और डस्टबिन की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। कूड़ा उठाने वाली गाड़ियों का नियमित संचालन हो।

कार्य पूर्ण करने की समय-सीमा श्री शर्मा ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि नगर विकास, जल निगम और विद्युत विभाग के सभी कार्य 31 दिसंबर 2024 तक पूर्ण कर लिए जाएं। महाकुंभ ड्यूटी में तैनात सभी कर्मियों को समय पर उपस्थिति दर्ज कराने के निर्देश दिए गए। अनुपस्थित कर्मियों के खिलाफ 23 दिसंबर तक सख्त कार्रवाई की जाएगी।

बैठक में प्रमुख अधिकारियों की उपस्थिति बैठक में महापौर प्रयागराज गणेश केसरवानी, प्रमुख सचिव नगर विकास अमृत अभिजात, एमडी यूपीपीसीएल पंकज कुमार, निदेशक नगरीय निकाय अनुज कुमार झा, एमडी पूर्वांचल शंभू कुमार, मेलाधिकारी प्रयागराज और नगर आयुक्त प्रयागराज सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।