भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कुवैत की दो दिवसीय यात्रा समाप्त कर के वापस भारत वापस आ चुके हैं। पीएम मोदी की ये यात्रा कई मायनों में अहम मानी जा रही है। पीएम मोदी ने रविवार को कुवैत के अमीर शेख मेशाल अल-अहमद अल-जबर अल-सबा के साथ व्यापक वार्ता की है। इसके साथ ही भारत और कुवैत ने अपने रिश्तों को रणनीतिक साझेदारी के रूप में विस्तारित कर लिया है। आइए जानते हैं कि दोनों देशों के बीच किन मुद्दों पर समझौता हुआ है।
अमीर के साथ शानदार बैठक- पीएम मोदी
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कुवैत के अमीर ने वार्ता में सूचना प्रौद्योगिकी, औषधि, फिनटेक, बुनियादी ढांचे और सुरक्षा क्षेत्र में संबंधों को बढ़ावा देने पर जोर दिया है। पीएम मोदी ने ट्वीट कर के जानकारी दी है कि कुवैत के अमीर के साथ उनकी वार्ता काफी अच्छी रही है। पीएम मोदी ने कहा- “कुवैत के महामहिम अमीर शेख मेशाल अल-अहमद अल-जबर अल सबा के साथ शानदार बैठक हुई।”
43 साल बाद किसी भारतीय पीएम की यात्रा
पीएम मोदी 43 वर्षों में पहले ऐसे भारतीय पीएम हैं जिन्होंने कुवैत की यात्रा की है। इससे पहले साल 1981 में भारत की तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने कुवैत की यात्रा की थी। अपनी कुवैत यात्रा को लेकर पीएम मोदी ने कहा- “हमारे देशों के बीच घनिष्ठ संबंधों के अनुरूप हमने अपनी साझेदारी को रणनीतिक स्तर तक बढ़ाया है तथा मैं आशावादी हूं कि आने वाले समय में हमारी दोस्ती और भी अधिक विकसित होगी।’’
भारत और कुवैत के बीच व्यापार
खाड़ी देश कुवैत भारत के शीर्ष व्यापारिक साझेदारों में से एक है और दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार वित्त वर्ष 2023-24 में 10.47 अरब अमेरिकी डॉलर रहा है। बता दें कि कुवैत भारत का छठा सबसे बड़ा कच्चा तेल आपूर्तिकर्ता है। भारत का कुवैत को निर्यात भी पहली बार दो अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया है।
गुरदासपुर पुलिस चौकी पर ग्रेनेड हमले के आरोपी थे तीनों आतंकी
यूपी पुलिस और पंजाब पुलिस के जॉइंट ऑपरेशन में बड़ी सफलता
लखनऊ, 23 दिसम्बर 2024: उत्तर प्रदेश के पीलीभीत में एक बड़ी आतंकी साजिश नाकाम हो गई है। खालिस्तानी कमांडो फोर्स के तीन खूंखार आतंकियों को यूपी पुलिस और पंजाब पुलिस के जॉइंट ऑपरेशन में मार गिराया गया। ये आतंकी हाल ही में पंजाब के गुरदासपुर जिले में पुलिस चौकी पर हुए ग्रेनेड हमले के आरोपी थे। पुलिस को लंबे समय से इनकी तलाश थी।
कैसे हुआ ऑपरेशन?
शनिवार की सुबह खुफिया एजेंसियों से सूचना मिली थी कि पंजाब में गुरदासपुर पुलिस चौकी पर हमला करने वाले तीन आतंकी पीलीभीत के पूरनपुर इलाके में छिपे हुए हैं। इस सूचना के बाद यूपी पुलिस ने तुरंत पंजाब पुलिस के साथ संपर्क किया और दोनों राज्यों की पुलिस ने मिलकर एक संयुक्त ऑपरेशन की योजना बनाई।
पुलिस ने पूरनपुर कोतवाली क्षेत्र में संदिग्ध स्थान पर घेराबंदी की। जैसे ही पुलिस ने आतंकियों को आत्मसमर्पण करने को कहा, आतंकियों ने फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए गोलियां चलाईं। करीब आधे घंटे तक चली मुठभेड़ में तीनों आतंकी मारे गए।
मुठभेड़ का स्थान और घटनाक्रम
मुठभेड़ पीलीभीत जिले के पूरनपुर कोतवाली क्षेत्र के एक सुनसान इलाके में हुई। बताया जा रहा है कि आतंकी पूरनपुर में छिपकर आगे की योजना बना रहे थे। पुलिस ने इन्हें घेरने के लिए पहले इलाके की घेराबंदी की और सटीक योजना के तहत ऑपरेशन को अंजाम दिया।
मारे गए आतंकियों की पहचान
मुठभेड़ में मारे गए तीनों आतंकियों की पहचान इस प्रकार है:
1. गुरविंदर सिंह – निवासी गुरदासपुर, पंजाब
2. वीरेंद्र सिंह उर्फ रवि – निवासी गुरदासपुर, पंजाब
3. जसप्रीत सिंह उर्फ प्रताप सिंह – निवासी गुरदासपुर, पंजाब
तीनों आतंकी पंजाब के गुरदासपुर जिले से ताल्लुक रखते थे और हाल ही में हुए गुरदासपुर पुलिस चौकी पर ग्रेनेड हमले में शामिल थे।
आतंकियों के पास से बरामद हथियार और गोलाबारूद
मुठभेड़ के बाद आतंकियों के पास से भारी मात्रा में हथियार और गोलाबारूद बरामद किया गया है। पुलिस को घटनास्थल से जो सामग्री मिली है, उसमें शामिल हैं:
•दो एके-47 राइफल्स
•दो ग्लॉक पिस्टल्स
•भारी मात्रा में कारतूस और मैगजीन
यह बरामदगी इस बात का संकेत है कि आतंकी किसी बड़ी साजिश को अंजाम देने की फिराक में थे।
घायलों को अस्पताल ले जाया गया, मृत घोषित
मुठभेड़ के दौरान आतंकियों को गोली लगी थी। पुलिस ने घायल आतंकियों को तत्काल पूरनपुर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने तीनों को मृत घोषित कर दिया।
प्रशासन का बयान और सुरक्षा एजेंसियों का अलर्ट
मुठभेड़ के बाद यूपी पुलिस के अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक़ मारे गए तीनों आतंकी खालिस्तानी कमांडो फोर्स से जुड़े थे। ये आतंकी पंजाब में कई आतंकी गतिविधियों में शामिल रहे हैं और लंबे समय से पुलिस के रडार पर थे।
पंजाब पुलिस के अनुसार, इन आतंकियों ने हाल ही में गुरदासपुर पुलिस चौकी पर ग्रेनेड हमला कर वहां के सुरक्षा बलों को निशाना बनाया था। इस हमले के बाद से ही ये फरार थे और लगातार अपनी लोकेशन बदल रहे थे।
खुफिया एजेंसियां अलर्ट पर
इस मुठभेड़ के बाद यूपी और पंजाब की खुफिया एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं। सुरक्षा बलों को राज्य के विभिन्न संवेदनशील इलाकों में तैनात किया गया है ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।
यूपी के पीलीभीत में हुई इस मुठभेड़ ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि यूपी पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां किसी भी आतंकी साजिश को सफल नहीं होने देंगी। खालिस्तानी आतंकियों का सफाया करना सुरक्षा बलों के लिए एक बड़ी सफलता है और इससे प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत होगी।
सोशल मीडिया पर छाया यूपी सीएम ऑफिस का 'एक्स' हैंडल
छह मिलियन (60 लाख) हुई फॉलोअर्स की संख्या
सभी सोशल मीडिया साइट्स पर काफी सक्रिय हैं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
लखनऊ, 22 दिसंबर 2024: यूपी की 25 करोड़ जनता के साथ ही देश में भी योगी आदित्यनाथ की लोकप्रियता दिनोदिन काफी तेजी से बढ़ रही है। जनता से संवाद और उनकी समस्याओं को सुनकर निराकरण में योगी आदित्यनाथ काफी आगे रहते हैं। इसके साथ ही सोशल मीडिया पर भी उनकी जबर्दस्त सक्रियता रहती है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री कार्यालय के आधिकारिक ‘एक्स’ अकाउंट (CM Office, GoUP) पर भी फॉलोअर्स की संख्या में काफी वृद्धि हुई है। रविवार को यह संख्या छह मिलियन (60 लाख) पहुंच गई है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निजी ‘एक्स’ अकाउंट पर फॉलोअर्स की संख्या 30.9 मिलियन (3.09 करोड़), इंस्टाग्राम पर फॉलोअर्स की संख्या 13.1 मिलियन (1.31 करोड़) है। इसी क्रम में रविवार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री कार्यालय के आधिकारिक ‘एक्स’ अकाउंट पर फॉलोअर्स की संख्या छह मिलियन (60 लाख) पहुंच गई है।
योगी आदित्यनाथ के व्हाट्सऐप चैनल पर 35.36 लाख से अधिक फॉलोअर्स हैं। उल्लेखनीय है कि देश के सबसे बड़े आबादी वाले राज्य उत्तर प्रदेश में 2017 में सरकार बनने के बाद सीएम योगी ने जिस तरह राज्य में विकास और सुशासन के साथ-साथ कानून और व्यवस्था में व्यापक सुधार किए, उससे उनकी लोकप्रियता नए मुकाम पर पहुंच गई है।
आमजन से संवाद के लिए जाने जाते हैं योगी योगी आदित्यनाथ आमजन से संवाद के लिए जाने जाते हैं। वे किसी भी सार्वजनिक कार्यक्रम में एक तरफ बच्चों से मुखातिब होकर प्यार लुटाते हैं तो दूसरी तरफ ‘जनता दर्शन’ में आए लोगों की समस्याओं को उनके पास जाकर सुनते भी हैं और निराकरण के लिए अधिकारियों को निर्देशित भी करते हैं। योगी आदित्यनाथ नियमित रूप से पार्टी के कार्यकर्ता, पदाधिकारियों व जनप्रतिनिधियों से उनके क्षेत्र को लेकर संवाद स्थापित करते हैं तो सोशल मीडिया के माध्यम से आई शिकायतों को भी संज्ञान में लेकर निस्तारण के लिए संबंधित अफसरों को निर्देश देते हैं।
महाकुम्भ 2025: महाकुम्भ के दौरान मेला क्षेत्र में सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने की तैयारी, उपकरणों की खरीद पर मेला प्राधिकरण की ओर से खर्च किए जाएंगे 45 से 50 लाख रुपए
चालित करने के लिए आवश्यक प्रशिक्षण भी पूरा कर लिया जाएगा, आधुनिक उपकरणों से सुनिश्चित होगी स्वच्छता
मैनुअल वॉक-बिहाइंड स्वीपिंग मशीन और बैटरी ऑपरेटेड वैक्यूम टाइप लिटर पिकर का होगा उपयोग
आधुनिक उपकरणों के माध्यम से श्रद्धालुओं को साफ और हरित वातावरण की होगी अनुभूति
महाकुम्भ नगर, 22 दिसंबर 2024: महाकुम्भ 2025 में आने वाले देश-विदेश के श्रद्धालुओं, पर्यटकों और स्नानार्थियों को स्वच्छ और सुविधाजनक वातावरण प्रदान करने के लिए आधुनिक स्वच्छता उपकरणों का उपयोग किया जाएगा। इसके लिए प्रयागराज मेला प्राधिकरण की ओर से तैयारी कर ली गई है और मेला शुरू होने से पूर्व इन आधुनिक उपकरणों को तैनात कर दिया जाएगा। इन उपकरणों की खरीद पर 45 से 50 लाख खर्च की संभावना है। इन उपकरणों में 10 मैनुअल वॉक-बिहाइंड स्वीपिंग मशीन और 2 बैटरी ऑपरेटेड वैक्यूम टाइप लिटर पिकर शामिल हैं। यह कदम न केवल महाकुम्भ को स्वच्छता प्रदान करेगा, बल्कि श्रद्धालुओं को एक साफ और हरित वातावरण भी प्रदान करेगा।
बिना धूल उड़ाए प्रभावी ढंग से होगी सफाई महाकुम्भ 2025 के अवसर पर देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं, पर्यटकों एवं स्नानार्थियों को बेहतर सुविधा और अनुभूति के दृष्टिगत मेला क्षेत्र के पक्के घाटों, फुटपाथों, सड़कों तथा विभिन्न सार्वजनिक स्थलों की साफ-सफाई के लिए कॉम्पैक्ट मैनुअल स्वीपिंग मशीन का उपयोग किया जाएगा। पर्यावरण-अनुकूल उपकरण के रूप में, यह ईंधन या बिजली की आवश्यकता के बिना संचालित होता है जिससे इसके पर्यावरणीय प्रभाव को कम करने में मदद मिलती है। मशीन को मैन्युअल रूप से संचालित किया जाता है, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि यह धूल उड़ाए बिना प्रभावी ढंग से सफाई करती है। इसका एर्गोनोमिक डिजाइन उपयोग के दौरान कम्फर्ट सुनिश्चित करता है, जबकि सड़कों की सफाई में इसकी दक्षता, इसे संचालित करना और रखरखाव करना आसान बनाती है। यह उपकरण स्वच्छता कर्मियों को अपने कार्यों को अधिक कुशलतापूर्वक और प्रभावी ढंग से करने के साथ-साथ स्वच्छ और हरित वातावरण में योगदान करने के लिए सक्षम बनाता है।
बैटरी चालित मशीन उठाएगी कूड़ा इसके साथ ही साफ सफाई के लिए बैटरी चालित वैक्यूम टाइप लिटर पिकर भी मेला क्षेत्र में शामिल किया जाएगा। यह कूड़ा बीनने वाली मशीन एक बैटरी चालित, राइड-ऑन कम वॉक-अलॉन्ग पावर-सक्शन वैक्यूम मशीन है जिसे कूड़े और मलबे के संग्रह के लिए डिजाइन किया गया है। यह मेले में विभिन्न सतहों को प्रभावी ढंग से साफ करेगा। इसका कॉम्पैक्ट आकार इसे मेला क्षेत्र के किसी भी क्षेत्र में आसानी से संचालित करने की अनुमति देता है। यह उन्नत, पर्यावरण अनुकूल उपकरण वाहन से जुड़ा हुआ है, जो मैन्युअल श्रम की आवश्यकता के बिना उत्कृष्ट गतिशीलता और संचालन प्रदान करता है। इसकी शक्तिशाली वैक्यूम कार्यक्षमता अपशिष्ट पदार्थों की त्वरित, संपूर्ण और प्रभावी सफाई सुनिश्चित करती है, जबकि इसकी टिकाऊ बैटरी शक्ति पर्यावरणीय प्रभाव को कम करने और कार्बन एमिशन को कम करने में मदद करती है।
मेला से पूर्व स्वच्छताकर्मियों को दिया जाएगा प्रशिक्षण मेला क्षेत्र की सफाई के लिए इन उपकरणों की खरीद पर लगभग 45-50 लाख का खर्च होने की संभावना है। यह खर्च प्रयागराज मेला प्राधिकरण द्वारा किया जाएगा। प्राधिकरण की बोर्ड मीटिंग में इनकी खरीद की मंजूरी प्रदान कर दी गई है। विशेष कार्याधिकारी मेला, आकांक्षा राना ने बताया कि मुख्यमंत्री जी की मंशा के अनुरूप स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। स्वच्छता कर्मियों को और सशक्त बनाने के लिए इन अत्याधुनिक मशीनों को डिप्लॉय किया जा रहा है। मेला शुरू होने से पूर्व ये मशीनें यहां पहुंच जाएंगी और इनको संचालित करने के लिए आवश्यक प्रशिक्षण भी पूरा कर लिया जाएगा।
गोरखपुर के विकास की ब्रांडिंग का अवसर होगा खिचड़ी मेला: सीएम योगी
मुख्यमंत्री ने की मकर संक्रांति पर गोरखनाथ मंदिर में लगने वाले विश्व प्रसिद्ध खिचड़ी मेले की तैयारियों की समीक्षा
25 दिसंबर तक पूरी कर लें खिचड़ी मेले की सभी तैयारियां
गोरखपुर/लखनऊ, 22 दिसंबर 2024: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि मकर संक्रांति से महाशिवरात्रि तक चलने वाला खिचड़ी मेला गोरखपुर के विकास की ब्रांडिंग का भी महत्वपूर्ण अवसर होगा। प्रशासन का प्रयास होना चाहिए कि मेले में जो भी श्रद्धालु आएं वह गोरखपुर के प्रति अविस्मरणीय सकारात्मक छवि अपने मन में संजो कर जाएं। उन्होंने निर्देशित किया कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा और सहूलियत को लेकर जिन भी विभागों को जिम्मेदार दी गई है, वे अपनी सभी तैयारियां हरहाल में 25 दिसंबर तक पूरी कर लें।
सीएम योगी रविवार शाम, गोरखनाथ मंदिर में मकर संक्रांति पर लगने वाले विश्व प्रसिद्ध पारंपरिक खिचड़ी मेले की तैयारियों की समीक्षा कर रहे थे। गोरखनाथ मंदिर के सभाकक्ष में अधिकारियों के साथ हुई बैठक में विभिन्न विभागों की तरफ से खिचड़ी मेला को लेकर की जा रही तैयारियों की जानकारी लेने के बाद कहा कि उन्होंने कहा कि खिचड़ी मेले से न सिर्फ पूर्वी उत्तर प्रदेश वरन बिहार, नेपाल से लगायत देश-दुनिया के सनातन मतावलंबियों की आस्था जुड़ी है। इसके दृष्टिगत मेले में सभी बुनियादी सुविधाओं की व्यवस्था की जाए जिससे मेले में आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराई जा सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गोरखपुर में आए सकारात्मक बदलाव की ब्रांडिंग खिचड़ी मेले भी दिखनी चाहिए। इसके लिए सुरक्षा और सभी सुविधाओं पर पूरा ध्यान होना चाहिए। पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था, यातायात प्रबंधन के अलावा श्रद्धालुओं के आवागमन के लिए सुदृढ़ सड़कों, शौचालय, साफ सफाई, अलाव, लंगर आदि की भी व्यवस्था में कोई कोताही नहीं होनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने खिचड़ी मेला को प्लास्टिक फ्री इवेंट बनाने के लिए निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि मेला परिसर में कई जगहों पर जूता चप्पल रखने के भी इंतजाम होने चाहिए। उन्होंने कहा कि यह भी ध्यान रखा जाए कि खिचड़ी मेले में आने वाला कोई भी श्रद्धालु खुले में न सोये, उसे निकट के रैन बसेरों में सम्मानपूर्वक आवासित कराया जाए। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सभी रैन बसेरों में पर्याप्त बिस्तर, कंबल तथा सफाई आदि की व्यवस्था बेहतर हो। इसके साथ ही मेले में लग रहे झूलों की सुरक्षा की समय रहते परख कर ली जाए। पुलिस को सुरक्षा और सतर्कता पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि मेले के समय वाहन पार्किंग स्थल में खड़े हों, वाहन स्टैण्ड पर प्रकाश एंव साफ सफाई की व्यवस्था हो।
सीएम योगी ने कहा कि खिचड़ी मेला के लिए श्रद्धालुओं को गांव-गांव तक परिवहन की सुविधा उपलब्ध कराई जाए। परिवहन विभाग इसके लिए रोडवेज बसों के पर्याप्त इंतजाम सुनिश्चित करे। साथ ही रेलवे प्रशासन अलग अलग स्टेशनों से मेला स्पेशल ट्रेनों का संचलन कराएगा। गोरखपुर स्टेशन व बस स्टेशन से इलेक्ट्रिक सिटी बसों की सुविधा उपलब्ध कराई जाए। इन सुविधाओं की जानकारी भी अभी से लोगों को दी जाए। सीएम योगी ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग को मेला के दौरान विशेष तौर पर अलर्ट रहना होगा। मेला परिसर में हेल्थ कैम्प भी लगाया जाए।
गोरखपुर में डबल डेकर बस चलाने पर हो विचार : मुख्यमंत्री खिचड़ी मेले की तैयारियों की समीक्षा करने के साथ ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में जारी विकास परियोजनाओं की प्रगति भी जानी और स्मार्ट सिटी बनाने की दिशा में किए जाने वाले अन्य संभावित कार्यों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि गोरखपुर में डबल डेकर बसों के चलाने की संभावना पर भी विचार किया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने शहर में पार्किंग की समस्या के समाधान के लिए जीडीए, नगर निगम, प्रशासन और पुलिस को समन्वित कार्ययोजना बनाने के लिए निर्देशित करते हुए कहा कि जहां भी पार्किंग की जरूरत है वहां पार्किंग बनाएं और जहां मल्टीलेवल पार्किंग की जरूरत हो, उसके लिए जमीन चिन्हित करें। उन्होंने कहा कि यह भी सुनिश्चित किया जाए कि नाबालिकों के हाथ में वाहनों की कमान न हो। मुख्यमंत्री ने फोरेस्ट्ररी यूनिवर्सिटी की प्रक्रियात्मक प्रगति के साथ जटायु संरक्षण केंद्र के संचालन की भी जानकारी ली। उन्होंने सभी सड़क परियोजनाओं को समयबद्ध व गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूर्ण करने और सुचारू विद्युत आपूर्ति के भी निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने रोड प्रोजेक्ट की समीक्षा के दौरान कहा कि सड़क के किनारे के नालों को कवर्ड कराएं ताकि उनका इस्तेमाल फुटपाथ के रूप में हो सके।
ग्राम पंचायत स्तर पर खेल व सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं को जोड़ें गोरखपुर महोत्सव से : सीएम योगी बैठक के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आगामी 10 से 12 जनवरी तक होने वाले गोरखपुर महोत्सव की तैयारियों की जानकारी भी ली। इस दौरान उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों के सहयोग से ग्राम पंचायत, न्याय पंचायत तथा विकास खण्ड स्तर पर खेल व सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं का आयोजन कर इसे गोरखपुर महोत्सव से जोड़ें। साथ ही महोत्सव में गोरखपुर के इतिहास और विकास की प्रदर्शनी भी लगाई जाए।
महाकुंभ के दृष्टिगत बनेंगे तीन अस्थायी रैन बसेरे समीक्षा बैठक के दौरान नगर आयुक्त ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को बताया कि प्रयागराज महाकुंभ के दृष्टिगत गोरखपुर शहर में 14 स्थायी रैन बेसरों के अलावा तीन नए अस्थायी रैन बसेरे बनाए जाएंगे। ये रैन बसेरे रेलवे और बस स्टेशन के पास होंगे ताकि प्रयागराज जाने वाले श्रद्धालुओं को विशेष सुविधा उपलब्ध हो। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इन रैन बसेरे में सुविधा के साथ सुरक्षा की भी पूरी व्यवस्था हो। पर्याप्त संख्या में महिला पुलिस की ड्यूटी भी रहे।
समीक्षा बैठक में पीडब्ल्यूडी, नगर निगम, पुलिस, बिजली विभाग, स्वास्थ्य विभाग, आपूर्ति विभाग, वन विभाग व वन निगम, पूर्वोत्तर रेलवे, परिवहन और सूचना विभाग ने खिचड़ी मेला को लेकर अपनी तैयारियों से मुख्यमंत्री को अवगत कराया। बैठक में महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, एडीजी जोन डॉ. केएस प्रताप, कमिश्नर अनिल ढींगरा, आईजी आनंद कुलकर्णी, जिलाधिकारी कृष्णा करुणेश, नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल, जीडीए उपाध्यक्ष आनंद वर्द्धन समेत प्रशासन, पुलिस, पीडब्ल्यूडी, बिजली, स्वास्थ्य समेत कई विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।