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उत्तर प्रदेश के आलू का भुवनेश्वर में विपणन: बायर-सेलर मीट का सफल आयोजन

उत्तर प्रदेश के आलू का भुवनेश्वर में विपणन: बायर-सेलर मीट का सफल आयोजन
उत्तर प्रदेश के आलू का भुवनेश्वर में विपणन: बायर-सेलर मीट का सफल आयोजन
उत्तर प्रदेश के आलू का भुवनेश्वर में विपणन: बायर-सेलर मीट का सफल आयोजन
  • उत्तर प्रदेश सरकार ने आलू बायर-सेलर मीट के आयोजन से किसानों की आय में वृद्धि की योजना बनाई।
  • 19 दिसम्बर, 2024 को उड़ीसा की राजधानी में आलू बायर-सेलर मीट का सफलतापूर्वक आयोजन हुआ।
  • उत्तर प्रदेश के आलू उत्पादकों और उड़ीसा के व्यापारियों के बीच बड़ा व्यापारिक अनुबंध संपन्न।
  • देश के कुल उत्पादन का प्रमुख हिस्सा उत्तर प्रदेश में उत्पादित होता है, जो इसे आलू व्यापार का केंद्र बनाता है।
  • इस आयोजन से उत्तर प्रदेश के आलू उत्पादकों और उड़ीसा के व्यापारियों के बीच दीर्घकालिक व्यापारिक संबंध स्थापित हुए।

लखनऊ, 23 दिसम्बर, 2024: किसानों की आय बढ़ाने और उत्तर प्रदेश में उत्पादित आलू के विपणन को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से प्रदेश सरकार द्वारा विभिन्न राज्यों में आलू बायर-सेलर मीट का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में उड़ीसा की राजधानी भुवनेश्वर में 19 दिसम्बर, 2024 को एक विशेष आलू बायर-सेलर मीट का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के आलू उत्पादकों और उड़ीसा के व्यापारियों ने भाग लेकर व्यापारिक सहयोग को मजबूती प्रदान की।

हाफेड के प्रबन्ध निदेशक, श्री अंजनी कुमार श्रीवास्तव ने जानकारी देते हुए बताया कि इस आयोजन का नेतृत्व अपर मुख्य सचिव, उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण के कुशल मार्गदर्शन में हुआ। इस मीट के दौरान उत्तर प्रदेश के आलू उत्पादकों और भुवनेश्वर के व्यापारियों के बीच लगभग 8,800 मीट्रिक टन आलू का व्यापारिक अनुबंध सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

भुवनेश्वर में आयोजित इस मीट के दौरान उड़ीसा सरकार के प्रतिनिधियों ने प्रदेश में आलू की कमी पर प्रकाश डाला और उत्तर प्रदेश के आलू उत्पादकों से बड़ी मात्रा में आलू खरीदने में रुचि व्यक्त की। इस कार्यक्रम के माध्यम से दोनों राज्यों के व्यापारियों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित हुआ। यह आयोजन न केवल वर्तमान वर्ष बल्कि भविष्य के लिए भी उत्तर प्रदेश के आलू उत्पादकों को उड़ीसा के बाजारों में एक स्थायी और लाभप्रद मंच प्रदान करेगा।

आंकड़ों के अनुसार, देश के कुल आलू उत्पादन का 30-35% हिस्सा उत्तर प्रदेश में होता है, जो लगभग 240 लाख टन प्रतिवर्ष है। प्रबन्ध निदेशक ने बताया कि हाफेड द्वारा पिछले वर्षों में भी इसी प्रकार के कार्यक्रम आयोजित किए गए थे, जिनका सकारात्मक परिणाम यह हुआ कि प्रदेश के आलू उत्पादकों को अब बाजार में बेहतर कीमतें मिल रही हैं।

इस महत्वपूर्ण मीटिंग में उड़ीसा सरकार की ओर से निदेशक उद्यान श्री निखिल पवन कल्यान, महाप्रबंधक एग्रीकल्चर मार्केटिंग बोर्ड श्रीमती दमयंती, सहायक निदेशक उद्यान, उत्तर प्रदेश के प्रगतिशील आलू उत्पादक और उड़ीसा के प्रमुख व्यापारी उपस्थित रहे।

महाकुम्भ 2025: त्रिपुरा में मंत्री आशीष पटेल और कपिल देव अग्रवाल का भव्य रोड शो

महाकुम्भ 2025: त्रिपुरा में मंत्री आशीष पटेल और कपिल देव अग्रवाल का भव्य रोड शो
महाकुम्भ 2025: त्रिपुरा में मंत्री आशीष पटेल और कपिल देव अग्रवाल का भव्य रोड शो
महाकुम्भ 2025: त्रिपुरा में मंत्री आशीष पटेल और कपिल देव अग्रवाल का भव्य रोड शो
  • त्रिपुरा की राजधानी अगरतला में मंत्री आशीष पटेल और कपिल देव अग्रवाल ने महाकुंभ 2025 का प्रचार करते हुए भव्य रोड शो किया।
  • महाकुंभ 2025 में लगभग 45 करोड़ तीर्थयात्रियों के आने की उम्मीद, आयोजन 13 जनवरी से 26 फरवरी के बीच होगा।
  • आयोजन को स्वच्छ, हरित और डिजिटल बनाने के लिए विशेष तैयारियां की गई हैं।
  • सुरक्षा के लिए सात स्तरीय सुरक्षा चक्र, सीसीटीवी निगरानी और स्वास्थ्य सेवाओं की विस्तृत व्यवस्था की गई है।
  • प्रयागराज के ऐतिहासिक मंदिरों और स्थलों का जीर्णोद्धार कर सांस्कृतिक गौरव को पुनर्जीवित किया गया।

अगरतला/लखनऊ, 23 दिसंबर 2024: योगी सरकार द्वारा आयोजित प्रयागराज महाकुंभ 2025 के निमंत्रण अभियान के अंतर्गत त्रिपुरा की राजधानी अगरतला में भव्य रोड शो का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के प्राविधिक शिक्षा एवं उपभोक्ता मामले मंत्री आशीष पटेल और व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने नेतृत्व किया।

रोड शो के दौरान दोनों मंत्रियों ने महाकुंभ के महत्व, तैयारियों और ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना को रेखांकित किया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में 13 जनवरी से 26 फरवरी 2025 तक आयोजित होने वाले इस ऐतिहासिक आयोजन के लिए त्रिपुरा के नागरिकों को आमंत्रित किया।

महाकुंभ 2025 की तैयारियां और महत्व

महाकुंभ 2025, जो विश्व का सबसे बड़ा आध्यात्मिक समागम होगा, में 45 करोड़ से अधिक तीर्थयात्रियों के आने की संभावना है। इसे भव्य और दिव्य बनाने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने विशेष प्रयास किए हैं।

महाकुंभ के आयोजन में स्वच्छता, सुरक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं को प्राथमिकता दी गई है। इसके साथ ही, डिजिटल टेक्नोलॉजी का व्यापक उपयोग सुनिश्चित किया गया है। मेला क्षेत्र में डेढ़ लाख से अधिक शौचालय और 5,000 यूरिनल बनाए गए हैं। पर्यावरण को संरक्षित रखने के लिए सिंगल-यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध लगाया गया है और तीन लाख पौधों का रोपण किया गया है।

डिजिटल टेक्नोलॉजी और पर्यावरणीय पहल

महाकुंभ 2025 को डिजिटल रूप में पेश करने के लिए सरकार ने कई कदम उठाए हैं। महाकुंभ की वेबसाइट, मोबाइल ऐप और 11 भाषाओं में एआई आधारित चैटबॉट विकसित किए गए हैं। मेला क्षेत्र में डिजिटल खोया-पाया केंद्र, आईसीटी आधारित निगरानी प्रणाली और गूगल मैप इंटीग्रेशन जैसी सुविधाएं प्रदान की गई हैं।

पर्यावरणीय पहल के तहत, मेला क्षेत्र में प्लास्टिक के उपयोग पर प्रतिबंध और स्वच्छता के लिए विशेष जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। ‘पेंट माई सिटी’ अभियान के अंतर्गत प्रयागराज को 35 लाख वर्गफुट से अधिक क्षेत्र में वॉल पेंटिंग के माध्यम से सजाया गया है।

सुरक्षा और स्वास्थ्य सुविधाएं

महाकुंभ के दौरान तीर्थयात्रियों की सुरक्षा के लिए सात स्तरीय सुरक्षा चक्र और 2,750 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। स्वास्थ्य सुविधाओं के तहत परेड ग्राउंड में 100 बेड का अस्पताल और 10-10 बेड के कई अन्य अस्पताल बनाए गए हैं। इन अस्पतालों में विशेषज्ञ डॉक्टरों, नर्सों और मेडिकल स्टाफ की तैनाती की गई है।

सांस्कृतिक धरोहर और ऐतिहासिक स्थलों का जीर्णोद्धार

महाकुंभ के दौरान प्रयागराज के ऐतिहासिक मंदिरों, जैसे नागवासुकी मंदिर, द्वादश माधव मंदिर और अलोपशंकरी मंदिर का जीर्णोद्धार किया गया है। साथ ही, अक्षयवट, पातालपुरी और भारद्वाज मंदिर जैसे स्थलों को संरक्षित और सुसज्जित किया गया है। ये प्रयास प्रयागराज के सांस्कृतिक गौरव को पुनर्जीवित करने के लिए किए गए हैं।

यात्रियों की सुविधा के लिए व्यापक प्रबंध

महाकुंभ के दौरान तीर्थयात्रियों की सुविधा के लिए 101 स्मार्ट पार्किंग स्थलों का निर्माण किया गया है, जो प्रतिदिन पांच लाख वाहनों को समायोजित कर सकेंगे। 1,249 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन और 56,000 कनेक्शनों के माध्यम से पूरे मेला क्षेत्र में शुद्ध पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित की गई है।

उत्तर प्रदेश पिछड़ा वर्ग राज्य आयोग द्वारा विभिन्न शिकायतों पर सुनवाई, कई प्रकरणों का निस्तारण

उत्तर प्रदेश पिछड़ा वर्ग राज्य आयोग द्वारा विभिन्न शिकायतों पर सुनवाई, कई प्रकरणों का निस्तारण
उत्तर प्रदेश पिछड़ा वर्ग राज्य आयोग द्वारा विभिन्न शिकायतों पर सुनवाई, कई प्रकरणों का निस्तारण
उत्तर प्रदेश पिछड़ा वर्ग राज्य आयोग द्वारा विभिन्न शिकायतों पर सुनवाई, कई प्रकरणों का निस्तारण
  • उत्तर प्रदेश पिछड़ा वर्ग राज्य आयोग ने विभिन्न जनपदों से प्राप्त शिकायतों पर सुनवाई की।
  • ममता यादव के मामले में वेतन एरियर न मिलने पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
  • अनुपस्थित अधिकारियों पर नाराजगी जताते हुए उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई के आदेश।
  • जाति प्रमाण पत्र और दिव्यांग प्रमाण पत्र जैसे मामलों का निस्तारण किया गया।
  • बागपत पुलिस के खिलाफ फर्जी मुकदमे की शिकायत पर निष्पक्ष जांच के निर्देश।

लखनऊ, 23 दिसंबर 2024: उत्तर प्रदेश पिछड़ा वर्ग राज्य आयोग के अध्यक्ष राजेश वर्मा ने सोमवार को इंदिरा भवन स्थित आयोग कार्यालय में विभिन्न जनपदों से प्राप्त शिकायतों पर सुनवाई की। इस सुनवाई के दौरान आयोग ने कई महत्वपूर्ण मामलों पर निर्णय लिया और संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया। अध्यक्ष ने शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया और अनुपस्थित अधिकारियों के प्रति नाराजगी जाहिर की।

ममता यादव बनाम जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, लखनऊ

ममता यादव की शिकायत पर आयोग ने सुनवाई की, जिनकी पुत्री स्वर्गीय अलका यादव, प्राथमिक विद्यालय काकोरी में सहायक अध्यापिका थीं और कोविड काल में उनकी मृत्यु हो गई थी। शिकायत में सातवें वेतन आयोग के एरियर की दूसरी किस्त छह वर्ष बीतने के बावजूद जारी न होने की बात कही गई। आयोग ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी की अनुपस्थिति पर नाराजगी जताई और उच्च अधिकारियों को इस मामले में कार्रवाई करने का निर्देश दिया।

शिव कुमार बनाम उपजिलाधिकारी, रामसनेहीघाट, बाराबंकी

शिव कुमार के मामले में उपजिलाधिकारी और अन्य अधिकारियों की अनुपस्थिति को गंभीरता से लिया गया। अध्यक्ष ने इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए और गृह विभाग को इस संबंध में पत्र लिखने का निर्णय लिया।

रेखा देवी बनाम उपजिलाधिकारी, सीतापुर

रेखा देवी के जाति प्रमाण पत्र जारी करने में देरी के मामले में आयोग ने सुनवाई की। उपजिलाधिकारी सीतापुर ने दो वर्षों के बाद प्रमाण पत्र जारी किया। इस देरी के लिए लेखपाल गुफरान को जिम्मेदार ठहराते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।

रामजी के पुत्र का दिव्यांग प्रमाण पत्र

रामजी के पुत्र को दिव्यांग प्रमाण पत्र जारी करने में देरी के मामले में मुख्य चिकित्साधिकारी ने सुनवाई के दौरान संबंधित सहायक को कार्य से हटा दिया। इस मामले का निस्तारण कर दिया गया।

दीपक कुमार बनाम बागपत पुलिस

दीपक कुमार ने बागपत पुलिस पर फर्जी मुकदमे में फंसाने का आरोप लगाया। आयोग ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक, बागपत को निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए और जांच को दूसरे क्षेत्राधिकारी को सौंप दिया।

लाखन सिंह बनाम जिलाधिकारी, सीतापुर

लाखन सिंह के अवैध कब्जा मामले में उपजिलाधिकारी, महमूदाबाद ने आयोग को बताया कि कब्जा हटा दिया गया है। आयोग ने इस प्रकरण को निस्तारित कर दिया।

सुनवाई में अनुपस्थित अधिकारियों पर कड़ी नाराजगी

अध्यक्ष राजेश वर्मा ने सुनवाई के दौरान अनुपस्थित अधिकारियों पर सख्त नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि वे शिकायतों का निस्तारण समय पर सुनिश्चित करें और आयोग को इसकी जानकारी दें। आयोग ने स्पष्ट किया कि भविष्य में इस प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रोजगार मेले के अंतर्गत 71,000 से अधिक युवाओं को नियुक्ति पत्र वितरित किए

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रोजगार मेले के अंतर्गत 71,000 से अधिक युवाओं को नियुक्ति पत्र वितरित किए
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रोजगार मेले के अंतर्गत 71,000 से अधिक युवाओं को नियुक्ति पत्र वितरित किए
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रोजगार मेले के अंतर्गत 71,000 से अधिक युवाओं को नियुक्ति पत्र वितरित किए

लखनऊ और प्रयागराज में भी हुआ रोजगार मेलों का आयोजन

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रोजगार मेले के अंतर्गत 71,000 से अधिक युवाओं को नियुक्ति पत्र वितरित किए।
  • लखनऊ में केंद्रीय मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने 1,300 युवाओं को नियुक्ति पत्र प्रदान किए और रोजगार के लिए AI व डिजिटल तकनीकों पर जोर दिया।
  • प्रयागराज में केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल ने 697 युवाओं को नियुक्ति पत्र प्रदान कर स्टार्टअप और महिला सशक्तिकरण योजनाओं की सराहना की।
  • प्रधानमंत्री ने पारदर्शी नियुक्ति प्रक्रिया और 10 लाख स्थायी सरकारी नौकरियां देने का उल्लेख किया।
  • युवाओं के सशक्तिकरण के लिए ‘मेक इन इंडिया’, ‘स्टार्टअप इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ जैसी योजनाओं का योगदान।

नई दिल्ली/लखनऊ/प्रयागराज, 23 दिसम्बर 2024: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 23 दिसंबर 2024 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से देश के 45 स्थानों पर आयोजित रोजगार मेलों को संबोधित किया और 71,000 से अधिक युवाओं को केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों और संगठनों में नियुक्ति पत्र वितरित किए। उन्होंने इस पहल को भारत के विकास और युवाओं को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। प्रधानमंत्री ने युवाओं के लिए इसे एक नई शुरुआत और वर्षों की मेहनत का फल करार दिया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले 10 वर्षों में सरकारी नौकरियां प्रदान करने में पारदर्शिता और निष्पक्षता को प्राथमिकता दी गई है। उन्होंने बताया कि पिछले डेढ़ वर्षों में लगभग 10 लाख स्थायी सरकारी नौकरियां दी गई हैं। रोजगार मेले जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से भारत के युवाओं की प्रतिभाओं का सही दिशा में उपयोग हो रहा है। श्री मोदी ने देश को 2047 तक एक विकसित राष्ट्र बनाने के लिए युवाओं की क्षमता और नेतृत्व को महत्वपूर्ण बताया।

प्रधानमंत्री ने “मेक इन इंडिया”, “आत्मनिर्भर भारत”, “स्टार्टअप इंडिया”, और “डिजिटल इंडिया” जैसी पहलों के जरिए रोजगार और आर्थिक विकास को प्रोत्साहन देने का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत आज दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था और तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम है।

लखनऊ में रोजगार मेला

लखनऊ के सीआरपीएफ ग्रुप सेंटर, बिजनौर में आयोजित रोजगार मेले में केंद्रीय राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने 1,300 युवाओं को नियुक्ति पत्र वितरित किए। उन्होंने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार युवाओं को रोजगार देने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने पीएम इंटर्नशिप योजना का उल्लेख किया, जिसके तहत अगले पांच वर्षों में लगभग 1 करोड़ युवाओं को इंटर्नशिप और प्रशिक्षण का अवसर मिलेगा।

श्री सिंह ने “स्किल इंडिया मिशन” के तहत अब तक 1.3 करोड़ लोगों को प्रशिक्षण देने और भारतीय कौशल संस्थान की स्थापना की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डेटा एनालिटिक्स और अन्य उन्नत तकनीकों में प्रशिक्षित किया जा रहा है ताकि रोजगार के अधिक अवसर उत्पन्न हो सकें।

प्रयागराज में रोजगार मेला

प्रयागराज में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल ग्रुप सेंटर में आयोजित रोजगार मेले में केंद्रीय राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने 697 युवाओं को नियुक्ति पत्र वितरित किए। उन्होंने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि रोजगार मेलों की यह पहल भारत को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि देश की युवा शक्ति के माध्यम से आगामी 25 वर्षों में भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य पूरा किया जाएगा।

श्रीमती पटेल ने कहा कि भारत आज स्टार्टअप्स के मामले में विश्व का तीसरा सबसे बड़ा देश है। उन्होंने महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए चल रही योजनाओं और स्वयं सहायता समूहों की सराहना की, जिनसे 10 करोड़ महिलाएं आत्मनिर्भर बन रही हैं। उन्होंने युवाओं को अपनी क्षमता बढ़ाने और नई चीजें सीखने की प्रेरणा दी।

महाकुंभ 2025: उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय और राज्यमंत्री कारागार सुरेश राही ने झारखंडवासियों को रोड शो के जरिए महाकुंभ का दिया निमंत्रण

उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय और राज्यमंत्री कारागार सुरेश राही ने झारखंडवासियों को रोड शो के जरिए महाकुंभ का दिया निमंत्रण
उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय और राज्यमंत्री कारागार सुरेश राही ने झारखंडवासियों को रोड शो के जरिए महाकुंभ का दिया निमंत्रण
उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय और राज्यमंत्री कारागार सुरेश राही ने झारखंडवासियों को रोड शो के जरिए महाकुंभ का दिया निमंत्रण
  • उच्च शिक्षा मंत्री और राज्यमंत्री कारागार ने रांची में रोड शो और प्रेस वार्ता कर झारखंडवासियों को महाकुंभ 2025 में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया।
  • महाकुंभ 2025 का आयोजन 13 जनवरी से 26 फरवरी 2025 तक गंगा, यमुना और सरस्वती के संगम तट पर होगा।
  • मेले को स्वच्छ और हरित बनाने के लिए डेढ़ लाख शौचालय, सिंगल-यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध, और तीन लाख पौधे लगाने की व्यवस्था की गई है।
  • सात स्तरीय सुरक्षा चक्र, 2,750 सीसीटीवी कैमरे, एआई आधारित निगरानी प्रणाली, 100 बेड के अस्पताल और आईसीयू की सुविधा उपलब्ध है।

रांची/लखनऊ, 23 दिसंबर 2024: प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय और राज्यमंत्री कारागार सुरेश राही ने रांची में भव्य रोड शो एवं प्रेस वार्ता का आयोजन कर झारखंडवासियों को महाकुंभ 2025 में भाग लेने का आमंत्रण दिया। उन्होंने बताया कि यह ऐतिहासिक आयोजन 13 जनवरी से 26 फरवरी 2025 तक गंगा, यमुना और सरस्वती के संगम तट पर होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में इसे दिव्य, भव्य और पर्यावरण अनुकूल बनाने के लिए विशेष तैयारियां की जा रही हैं।

मंत्री योगेंद्र उपाध्याय और सुरेश राही ने झारखंडवासियों से आग्रह किया कि वे महाकुंभ 2025 में भाग लेकर न केवल आध्यात्मिक अनुभव प्राप्त करें, बल्कि भारतीय संस्कृति और परंपराओं को करीब से जानने का अवसर भी प्राप्त करें।

महाकुंभ 2025 को स्वच्छ और हरित बनाने के लिए पूरे मेला क्षेत्र में डेढ़ लाख से अधिक शौचालय बनाए गए हैं, सिंगल-यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध लगाया गया है, और पर्यावरण संरक्षण के लिए तीन लाख पौधे लगाए गए हैं। श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए सात स्तरीय सुरक्षा चक्र, 2,750 सीसीटीवी कैमरे और अत्याधुनिक एआई आधारित निगरानी प्रणाली का उपयोग होगा। स्वास्थ्य सुविधाओं के तहत 100 बेड का अस्पताल और आईसीयू की व्यवस्था की गई है।

महाकुंभ के दौरान प्रयागराज को सजाने के लिए ‘पेंट माई सिटी’ अभियान चलाया गया है, जिसमें 35 लाख वर्गफुट क्षेत्र में वॉल पेंटिंग की गई है। तीर्थयात्रियों की सुविधा के लिए 101 स्मार्ट पार्किंग स्थल और 1,249 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन बिछाई गई है। डिजिटल खोया-पाया केंद्र और गूगल मैप इंटीग्रेशन जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं।