समाधान भी होगा, सुविधाएं भी मिलेंगी - केशव प्रसाद मौर्य
उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने जनता दर्शन कार्यक्रम आयोजित किया
जन समस्याओं के समाधान हेतु तय की जाय, जवाबदेहीहर व्यक्ति की हर समस्या का हर सम्भव किया जायेगा निदान
उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने जनता दर्शन में फरियादियों की समस्याओं का त्वरित समाधान करने का आश्वासन दिया।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि समस्याओं के समाधान हेतु जवाबदेही तय की जाए और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
भूमि विवाद, अवैध कब्जे और उत्पीड़न जैसे मामलों को गंभीरता से हल करने के लिए कड़ी कार्रवाई करने का आदेश दिया।
कार्यक्रम में विभिन्न जिलों से आये सैकड़ों फरियादियों ने अपनी समस्याएं साझा कीं, जिनमें भूमि विवाद, स्वास्थ्य, शिक्षा, और सड़क निर्माण शामिल थे।
उप मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों से दूरभाष पर वार्ता करते हुए समाधान के लिए दिशा-निर्देश दिए।
लखनऊ : 23 दिसम्बर 2024: उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य ने 23 दिसम्बर 2024 को अपने कैम्प कार्यालय 7- कालिदास मार्ग पर आयोजित जनता दर्शन कार्यक्रम में उपस्थित फरियादियों को भरोसा दिलाया कि सरकार उनकी हर समस्या का समाधान करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक फरियादी की समस्या का त्वरित और संतुष्टिपूर्ण समाधान किया जाए। इसके साथ ही, उन्होंने यह भी सुनिश्चित किया कि जन समस्याओं के समाधान में कोई लापरवाही न हो और समयबद्ध तरीके से उनका निस्तारण किया जाए।
श्री मौर्य ने कहा कि समस्याओं का समाधान करने के लिए संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए और जहां जरूरत हो, कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने विशेष रूप से भूमि विवाद, अवैध कब्जे, उत्पीड़न और दुर्घटनाओं से संबंधित मामलों को गंभीरता से निपटाने का निर्देश दिया। उन्होंने फरियादियों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं को सुना और अधिकारियों को त्वरित निदान हेतु दिशा-निर्देश दिए।
कार्यक्रम में शामिल लोगों ने विभिन्न मुद्दों जैसे भूमि विवाद, अवैध कब्जे, शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास आवंटन, अतिक्रमण हटाने, सड़क निर्माण, विद्युत समस्या, उत्पीड़न आदि से संबंधित समस्याओं को उठाया। उप मुख्यमंत्री ने इन मामलों में शामिल अधिकारियों से बातचीत करते हुए हर जिले में त्वरित और प्रभावी समाधान सुनिश्चित करने के लिए जरूरी कदम उठाने की बात कही। विशेष रूप से भूमि विवादों को लेकर उन्होंने जिलाधिकारियों को राजस्व और पुलिस विभाग के अधिकारियों की संयुक्त टीम बनाकर मौके पर जाकर समाधान करने की निर्देश दिए।
महाकुंभ 2025 में नागालैंड के मुख्यमंत्री को न्योता, पूरी दुनिया में भारत की सांस्कृतिक एकता का संदेश भेजेगा आयोजन
उत्तर प्रदेश सरकार ने महाकुंभ 2025 के आयोजन में नागालैंड के मुख्यमंत्री को न्योता भेजा।
आयुष मंत्री डॉ. दयाशंकर मिश्र और ऊर्जा मंत्री श्री सोमेन्द्र तोमर ने दीमापुर में शिष्टाचार मुलाकात की।
महाकुंभ 2025 संगम नगरी प्रयागराज में आयोजित होगा, जिसमें श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षा और ठहरने की सर्वोत्तम व्यवस्था की जाएगी।
यह आयोजन भारत की सांस्कृतिक विविधता और एकता का संदेश पूरे विश्व में पहुंचाएगा।
महाकुंभ को डिजिटल रूप में आयोजित किया जाएगा, जो भारतीय संस्कृति को समग्र रूप से प्रस्तुत करेगा।
लखनऊ, 23 दिसम्बर 2024: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के निर्देश पर आयुष मंत्री डॉ. दयाशंकर मिश्र दयालु और ऊर्जा राज्य मंत्री श्री सोमेन्द्र तोमर ने महाकुंभ 2025 के आयोजन में नागालैंड के मुख्यमंत्री श्री नेफियू रियो को आमंत्रित किया। यह विशेष आयोजन 12 वर्षों बाद संगम नगरी प्रयागराज में आयोजित होने जा रहा है, जो न केवल धार्मिक दृष्टि से बल्कि सांस्कृतिक और आध्यात्मिक दृष्टिकोण से भी अत्यंत महत्व रखता है। यह अवसर भारत और दुनिया भर के लाखों श्रद्धालुओं के लिए एक भव्य और दिव्य अनुभव प्रदान करेगा।
यह शिष्टाचार मुलाकात दीमापुर में संपन्न हुई, जहां दोनों मंत्रियों ने नागालैंड के मुख्यमंत्री श्री नेफियू रियो को महाकुंभ-2025 के आयोजन के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने मुख्यमंत्री रियो को विश्वास दिलाया कि इस महाकुंभ में श्रद्धालुओं के लिए उच्चतम स्तर की सुविधाओं की व्यवस्था की जाएगी। डॉ. दयाशंकर मिश्र ने इसे “डिजिटल महाकुंभ” करार देते हुए कहा कि यह आयोजन न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण होगा, बल्कि भारतीय संस्कृति, दर्शन, और आध्यात्मिकता का वैश्विक स्तर पर एक महान प्रचारक बनकर सामने आएगा। यह महाकुंभ भारत की सांस्कृतिक विविधता और एकता का प्रतीक है, जो दुनियाभर में भारतीय संस्कृति के महत्व को उजागर करेगा।
महाकुंभ 2025 में संगम के तट पर लाखों श्रद्धालु स्नान करेंगे, ध्यान लगाएँगे, और अपने जीवन को धन्य करेंगे। इस आयोजन में भक्तों को उच्चस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था, यात्रा, ठहरने, और स्नान की सुविधाएँ दी जाएँगी। आयुष मंत्री डॉ. दयाशंकर मिश्र ने कहा कि इस महाकुंभ के आयोजन में कोई कसर नहीं छोड़ी जा रही है और यह एक अद्भुत आयोजन होने वाला है। उन्होंने इसे “वसुधैव कुटुम्बकम” और “सर्वे भवन्तु सुखिनः” के आदर्शों को आगे बढ़ाने का एक माध्यम बताया, जो पूरी दुनिया में शांति और समृद्धि का संदेश भेजेगा।
इस दौरान ऊर्जा और वैकल्पिक ऊर्जा राज्य मंत्री श्री सोमेन्द्र तोमर ने महाकुंभ के महत्व को समझाते हुए इसे हमारे समाज की विविधता को एक सूत्र में बांधने वाला पर्व बताया। उन्होंने कहा कि यह आयोजन हमारे समाज को एकजुट करता है और हमारी आध्यात्मिक धरोहर को प्रगाढ़ करता है। यह हमें हमारे पूर्वजों की दी गई आस्था और धरोहर से जुड़ने का अवसर प्रदान करता है। साथ ही, उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की दृष्टि के तहत और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के मार्गदर्शन में महाकुंभ के आयोजन की तैयारियाँ युद्धस्तर पर चल रही हैं।
इस शिष्टाचार मुलाकात के बाद दोनों मंत्रियों ने दीमापुर में प्रेस कांफ्रेंस आयोजित की और रोड शो के जरिए नागालैंड के लोगों को महाकुंभ 2025 में आने के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि यह एक ऐतिहासिक अवसर है, और हम चाहते हैं कि पूरे देश और दुनिया से लोग इस धार्मिक और आध्यात्मिक आयोजन का हिस्सा बनें।
महाकुंभ 2025: एक ऐतिहासिक और दिव्य आयोजन
महाकुंभ 2025 का आयोजन संगम नगरी प्रयागराज में होने जा रहा है, और यह भारत का सबसे बड़ा धार्मिक समागम साबित होने वाला है। यह 12 वर्षों में एक बार होता है और लाखों श्रद्धालु इसमें भाग लेने के लिए आते हैं। इसके द्वारा न केवल धार्मिक आस्थाएँ प्रगाढ़ होती हैं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक धरोहर भी पूरी दुनिया में फैलती है। इस महाकुंभ के आयोजन में जल, ऊर्जा, सुरक्षा और अन्य व्यवस्थाओं को उच्चतम स्तर पर सुनिश्चित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य न केवल भारतीयों को जोड़ना है, बल्कि दुनिया भर के लोगों को भारत की विविधता, संस्कृति, और आध्यात्मिकता के बारे में जागरूक करना है।
महाकुंभ के महत्व पर ध्यान केंद्रित करते हुए मंत्री द्वय का संदेश
इस प्रेस कांफ्रेंस और रोड शो के दौरान मंत्री डॉ. दयाशंकर मिश्र और श्री सोमेन्द्र तोमर ने महाकुंभ के महत्व को विस्तार से समझाया। डॉ. दयालु ने महाकुंभ को भारत के सांस्कृतिक धरोहर के रूप में प्रस्तुत किया और इसे एक दिव्य अनुभव बताया। उन्होंने कहा कि यह महाकुंभ न केवल एक धार्मिक आयोजन होगा, बल्कि यह भारतीय संस्कृति का वैश्विक स्तर पर प्रचार करेगा। यह आयोजन “अनेकता में एकता” का सबसे बड़ा उदाहरण बनेगा। वहीं, श्री सोमेन्द्र तोमर ने महाकुंभ को भारतीय समाज की एकता, विविधता, और आध्यात्मिकता का प्रतीक बताया और इसे आस्था का पर्व करार दिया।
प्रयागराज में महाकुंभ के लिए नगर विकास मंत्री एके शर्मा ने किया स्वच्छता महाकुंभ अभियान का शुभारंभ
शहरी विकास मंत्री एके शर्मा ने 7 दिवसीय स्वच्छता महाकुंभ अभियान की शुरुआत की।
महाकुंभ में 40 करोड़ से अधिक लोग शामिल होंगे, इसके लिए प्रयागराज में कई विकास कार्य किए गए हैं।
केंद्र सरकार ने प्रयागराज महाकुंभ के लिए 2100 करोड़ रुपये की सहायता दी है।
मंत्री एके शर्मा ने शहर को स्वच्छ और भव्य बनाने के लिए नगर निगम के प्रयासों को सराहा।
महापौर श्री उमेश गणेश केसरवानी ने स्वच्छता महाकुंभ में जनता से बढ़-चढ़ कर भाग लेने की अपील की।
प्रयागराज में महाकुंभ के लिए नगर विकास मंत्री एके शर्मा ने किया स्वच्छता महाकुंभ अभियान का शुभारंभ
प्रयागराज, 23 दिसंबर 2024: शहरी और नगर विकास मंत्री एके शर्मा ने प्रयागराज में महाकुंभ के आयोजन से पहले शहीद चंद्रशेखर आजाद पार्क में स्वच्छता महाकुंभ अभियान का शुभारंभ किया। इस मौके पर उन्होंने अधिकारियों, पार्षदों और शहरवासियों से अपील की कि महाकुंभ का आयोजन अब कुछ ही दिनों में होने वाला है और हमें सब मिलकर इसे लल्लनटॉप बनाना है। श्री शर्मा ने इस अवसर पर स्वच्छता प्रयाग प्रीमियर लीग की ट्रॉफी का अनावरण भी किया और प्रतिस्पर्धा में भाग लेने वाले छात्रों का उत्साहवर्धन किया।
मंत्री श्री शर्मा ने कहा कि महाकुंभ के लिए पहले भी प्रयास किए गए थे, लेकिन इस बार जो काम हो रहे हैं, वे बहुत ही स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने बताया कि पिछले डेढ़ साल से प्रयागराज में महाकुंभ की तैयारियों के लिए कई बड़े कार्य किए जा रहे हैं, और इस दौरान करीब 15 हजार करोड़ रुपये के कार्य चल रहे हैं। उन्होंने कहा कि नगर निगम स्वच्छता के क्षेत्र में लगातार मेहनत कर रहा है और इसके प्रयासों को सफल बनाने के लिए प्रयागराजवासी एकजुट होकर काम करें।
श्री शर्मा ने यह भी बताया कि केंद्र सरकार ने प्रयागराज महाकुंभ के आयोजन के लिए 2100 करोड़ रुपये दिए हैं और राज्य सरकार भी अपना सहयोग दे रही है। इसके अलावा, शहर में चल रही 7000 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि महाकुंभ क्षेत्र में नए घाटों का निर्माण किया गया है, डेढ़ लाख शौचालय बनाए गए हैं और गंगा किनारे पहली बार गाड़ी से दिव्य दर्शन की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।
स्वच्छता महाकुंभ अभियान के बारे में बात करते हुए मंत्री ने कहा कि यह अभियान 7 दिनों तक चलेगा, जिसमें प्रदेश के सभी नगर निगमों से मशीनें और मैनपावर बुलवाए गए हैं। आगामी 10 दिनों में इस सफाई अभियान के जरिए प्रयागराज को दुनिया के सबसे सुंदर और भव्य नगरों में से एक बनाया जाएगा। मंत्री ने सभी नागरिकों से अपील की कि वे इस अभियान में सक्रिय भाग लें और अपने कर्तव्यों को समझते हुए शहर को स्वच्छ बनाए रखने में योगदान दें।
कार्यक्रम में महापौर उमेश गणेश केसरवानी ने भी अपनी बात रखी। उन्होंने नगर निगम की पूरी टीम की सराहना करते हुए कहा कि प्रयागराज को स्वच्छता के सर्वोत्तम शिखर तक पहुंचाने के लिए सभी अधिकारी और कर्मचारी दिन-रात मेहनत कर रहे हैं। महापौर ने शहरवासियों से अपील की कि वे स्वच्छता महाकुंभ में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लें, ताकि तीर्थयात्री और पर्यटक यह कह सकें कि उन्होंने भारत में ऐसा कोई नगर नहीं देखा।
कार्यक्रम में विधायक हर्ष वाजपेयी, फूलपुर विधायक दीपक पटेल, नगर आयुक्त चंद्र मोहन गर्ग और अन्य गणमान्य लोग भी उपस्थित थे। इस दौरान मंत्री एके शर्मा ने अपना व्यक्तिगत अनुभव भी साझा किया और बताया कि प्रयागराज उनका दूसरा घर है, जहां उन्होंने 1980 से 1988 तक शिक्षा प्राप्त की थी और कुछ समय यहां के विश्वविद्यालय में छात्रों को पढ़ाया भी था।
राष्ट्रहित के विमर्श पर कार्य करती है "राष्ट्रधर्म" पत्रिका
राष्ट्रधर्म मासिक पत्रिका के विशेषांक ‘विकसित भारत’ का विमोचन समारोह आयोजित।
स्वान्तरंजन ने विकसित भारत के लिए “पंच परिवर्तन” की आवश्यकता पर जोर दिया।
2013-14 से 2022-23 के बीच 25 करोड़ भारतीय गरीबी रेखा से बाहर आए।
उत्तर प्रदेश विधान परिषद के सभापति ने ‘राष्ट्रधर्म’ को ज्ञान, स्वच्छता और समरसता का वाहक बताया।
कार्यक्रम में राष्ट्रधर्म संपादक मंडल और अन्य गणमान्य व्यक्तियों को सम्मानित किया गया।
राष्ट्रहित के विमर्श पर कार्य करती है “राष्ट्रधर्म” पत्रिका
लखनऊ, 23 दिसम्बर 2024: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय प्रचारक प्रमुख स्वान्त रंजन ने कैसरबाग स्थित कला मण्डपम् में आयोजित राष्ट्रधर्म मासिक पत्रिका के विशेषांक ‘विकसित भारत’ के विमोचन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि विकसित भारत का निर्माण तभी संभव है जब हम सबको साथ लेकर चलें। इस दिशा में समाज को भी अपनी भूमिका निभानी होगी। ‘स्व’ के प्रति जागरूकता की बात करते हुए उन्होंने कहा कि बाहरी आक्रमणों ने हमारे देश पर गहरा प्रभाव डाला और समाज आत्मकेंद्रित व असंगठित हो गया। हालांकि, संघ के 100 वर्षों के अथक प्रयासों के कारण समाज जागरूक और संगठित हो रहा है। राम मंदिर आंदोलन को इसी जागरूकता का प्रतीक बताया गया।
स्वान्त रंजन ने 2013-14 से 2022-23 के बीच 25 करोड़ भारतीयों के गरीबी रेखा से बाहर आने का उल्लेख करते हुए कहा कि राष्ट्र जागरण का यह आंदोलन केवल राम मंदिर तक सीमित नहीं था, बल्कि इसका उद्देश्य समाज का समग्र उत्थान करना था। जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटाना भी इसी प्रयास का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि भारत का विकास दूसरों को पीछे छोड़कर नहीं, बल्कि सबको साथ लेकर चलने से होगा। साथ ही उन्होंने समग्र विकास के लिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी पर बल दिया।
विकसित भारत के लिए “पंच परिवर्तन” की अहम भूमिका
स्वान्त रंजन ने भारत को विकसित करने के लिए पंच परिवर्तनों की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने ‘स्व’ पर बल देते हुए कहा कि हमें अपने मूल को पहचानना होगा। नागरिक कर्तव्यों के बारे में बात करते हुए उन्होंने आत्मानुशासन का पालन करने और समाज निर्माण में सकारात्मक भूमिका निभाने की अपील की।
परिवार की भूमिका को रेखांकित करते हुए उन्होंने कुटुंब प्रबोधन की बात की, जिसमें परिवार के सदस्यों के बीच एकता और मिलजुल कर रहने की परंपरा को बढ़ावा देने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यह प्रथा आज खतरे में है, लेकिन इसे बचाए रखना हमारी संस्कृति को संरक्षित रखने के लिए अनिवार्य है।
पर्यावरण संरक्षण को अनिवार्य बताते हुए उन्होंने सिंगल यूज प्लास्टिक के त्याग और कुंभ मेले में पॉलीथीन का प्रयोग न करने जैसे कदमों पर जोर दिया। उन्होंने समाज में समरसता को बढ़ावा देने की अपील की और बताया कि संघ इन विषयों पर गॉंव-गॉंव जाकर जागरूकता फैलाएगा। यह पंच परिवर्तन – ‘स्व’, ‘नागरिक कर्तव्य’, ‘कुटुंब प्रबोधन’, ‘पर्यावरण संरक्षण’ और ‘सामाजिक समरसता’ – विकसित भारत के लिए अत्यंत आवश्यक हैं।
पत्रिका जन-जन तक पहुंचनी चाहिए
कार्यक्रम की अध्यक्षता उत्तर प्रदेश विधान परिषद के सभापति कुंवर मानवेन्द्र सिंह ने की। उन्होंने कहा कि विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा जब यह ज्ञान, ध्यान, सुरक्षा और स्वच्छता के क्षेत्रों में अग्रणी बनेगा। ‘राष्ट्रधर्म’ का यह विशेषांक इस दिशा में प्रेरणा और मार्गदर्शन प्रदान करेगा। उन्होंने लैंगिक और जातीय भेदभाव को खत्म करने और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक सबकी पहुंच सुनिश्चित करने की अपील की। उन्होंने कहा कि यह पत्रिका समाज के हर वर्ग तक पहुंचनी चाहिए ताकि यह राष्ट्र निर्माण के विचारों को और अधिक व्यापक रूप में फैला सके।
राष्ट्रधर्म पत्रिका के संपादक प्रो. ओमप्रकाश पांडेय ने कहा कि पत्रिका का दायित्व है कि समाज के घटनाक्रम को सभी के समक्ष प्रस्तुत किया जाए। उन्होंने बताया कि ‘राष्ट्रधर्म’ हमेशा से देश के मुद्दों और राष्ट्रीय हितों के विमर्श पर कार्य करती आ रही है। वहीं, राष्ट्रधर्म प्रकाशन लिमिटेड के प्रबंधक डॉ. पवनपुत्र बादल ने कहा कि पत्रिका 1947 से देशहित और राष्ट्रहित के विमर्श पर कार्य करती आ रही है। उन्होंने यह भी बताया कि इस विशेषांक का उद्देश्य भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प को सशक्त करना है।
कार्यक्रम के अंत में राष्ट्रधर्म संपादक मंडल के सदस्यों, कहानीकार नीलम राकेश, मदनमोहन पांडेय और अन्य गणमान्य व्यक्तियों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन निदेशक डॉ. ओमप्रकाश सिंह ने किया। इस अवसर पर साहित्यकार, पत्रकार और विभिन्न क्षेत्रों के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में प्रमुख उपस्थित व्यक्तित्व:
इस कार्यक्रम में राष्ट्रधर्म पत्रिका के निदेशक मनोजकांत, प्रभारी निदेशक सर्वेशचन्द्र द्विवेदी, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रो. राजशरण शाही, डॉ. अशोक दुबे, अभिनव भार्गव, रामजी भाई, विश्व हिन्दू परिषद के प्रांत संगठन मंत्री विजय प्रताप सहित साहित्यकार, पत्रकार और समाज के विभिन्न क्षेत्रों के गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
यूपी एटीएस की बड़ी कार्रवाई: कूटरचित दस्तावेजों के सहारे भारतीय नागरिक बनकर रह रहे बांग्लादेशी दंपत्ति गिरफ्तार
यूपी एटीएस ने सिराज और उसकी पत्नी हलीमा को अलीगढ़ से पकड़ा।
दोनों ने कूटरचित दस्तावेजों से भारतीय नागरिकता प्राप्त कर कई देशों की यात्रा की।
सिराज ने भारत में प्रवेश के लिए बेनाफुल बॉर्डर पर दलालों की मदद ली।
बीएनएस और विदेशी अधिनियम की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया।
इस घटना से राष्ट्रीय सुरक्षा को प्रभावित करने वाले अवैध नेटवर्क की सक्रियता उजागर हुई।
लखनऊ, 23 दिसम्बर, 2024: उत्तर प्रदेश एटीएस (एंटी टेररिस्ट स्क्वाड) ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए अलीगढ़ से एक बांग्लादेशी दंपत्ति को गिरफ्तार किया है। यह दंपत्ति फर्जी दस्तावेजों के सहारे भारतीय नागरिक बनकर देश में रह रहा था। पकड़े गए व्यक्ति की पहचान सिराज के रूप में हुई है, जो बांग्लादेश के फरीदपुर जिले के साउथ कालामरिधा थाना क्षेत्र का रहने वाला है। सिराज की पत्नी हलीमा भी इस कार्रवाई के दौरान गिरफ्तार की गई।
एटीएस की जांच में यह खुलासा हुआ कि सिराज ने दलालों की मदद से बेनाफुल बॉर्डर के जरिए भारत में अवैध तरीके से प्रवेश किया था। उसने भारतीय दस्तावेज जैसे आधार कार्ड और पासपोर्ट बनवाकर खुद को भारतीय नागरिक साबित किया। इतना ही नहीं, इन फर्जी दस्तावेजों के सहारे सिराज ने सऊदी अरब, बांग्लादेश और दुबई जैसे देशों की यात्रा भी की। उसकी पत्नी हलीमा ने भी भारतीय पासपोर्ट के जरिए कई बार बांग्लादेश की यात्रा की है।
एटीएस ने दंपत्ति के खिलाफ बीएनएस की धारा 318(4), 336(3), 337, 339, 340(2), और विदेशी अधिनियम 14, 14(A) के तहत मुकदमा दर्ज किया है। यह कार्रवाई दलालों के नेटवर्क और उनकी अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
एटीएस की टीम ने यह भी बताया कि यह मामला केवल फर्जी दस्तावेजों तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे राष्ट्रीय सुरक्षा को भी गंभीर खतरा हो सकता है। इस प्रकार की घटनाएं यह संकेत देती हैं कि दलालों का नेटवर्क न केवल देश के भीतर बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सक्रिय है। एटीएस अब इस मामले की गहराई से जांच कर रही है और इसमें शामिल अन्य लोगों की पहचान की कोशिश कर रही है।