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UPSTF ने आरओ/एआरओ परीक्षा प्रश्नपत्र लीक प्रकरण में दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया

UPSTF ने परीक्षा प्रश्नपत्र लीक प्रकरण में दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया
UPSTF ने परीक्षा प्रश्नपत्र लीक प्रकरण में दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया
UPSTF ने परीक्षा प्रश्नपत्र लीक प्रकरण में दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया
  • दो अभियुक्त गिरफ्तार: एसटीएफ ने प्रश्नपत्र लीक मामले में रजनीश कुमार और धर्मेंद्र सेठ को पकड़ा।
  • भोपाल में षड्यंत्र: अभियुक्तों ने होटल में प्रश्नपत्र हल करवाकर अभ्यर्थियों को दिए।
  • 12-15 लाख का सौदा: प्रश्नपत्र लीक के लिए बड़ी रकम का लेन-देन हुआ।
  • मुख्य संचालक पहले गिरफ्तार: गिरोह के मुखिया संदीप पांडे को जून 2024 में गिरफ्तार किया जा चुका है।
  • कानूनी कार्रवाई जारी: अभियुक्तों पर आईपीसी और आईटी एक्ट की धाराओं के तहत मामला दर्ज।

लखनऊ, 23 दिसंबर 2024: उत्तर प्रदेश पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने समीक्षा अधिकारी/सहायक समीक्षा अधिकारी (प्रारंभिक) परीक्षा-2023 के प्रश्नपत्र लीक मामले में दो अभियुक्तों को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। यह परीक्षा 11 फरवरी 2024 को उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) द्वारा आयोजित की गई थी। शिकायत मिलने पर प्रश्नपत्र लीक मामले की जांच एसटीएफ को सौंपी गई थी, जिसमें रजनीश कुमार और धर्मेंद्र सेठ को गिरफ्तार किया गया।

अभियुक्तों का विवरण

गिरफ्तार अभियुक्तों में रजनीश कुमार पुत्र राजनाथ राम, निवासी ग्राम बीबीपुर कदीम, थाना तहबरपुर, जनपद आजमगढ़, और धर्मेंद्र सेठ पुत्र राम अचल सेठ, निवासी मोहल्ला रमकियान, कस्बा सिरसा, थाना मेजा, जनपद प्रयागराज शामिल हैं। इन दोनों पर परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र सोशल मीडिया पर वायरल करने का आरोप है।

गिरफ्तारी और बरामदगी

धर्मेंद्र सेठ को कानपुर नगर के वजरिया थाना क्षेत्र में हरसहाय जगदंबा इंटर कॉलेज के पास से 22 दिसंबर 2024 को शाम 4:45 बजे गिरफ्तार किया गया, जबकि रजनीश कुमार को उसी दिन गोरखपुर एसटीएफ कार्यालय के पास दोपहर 3:45 बजे पकड़ा गया। गिरफ्तार अभियुक्तों के पास से दो मोबाइल फोन बरामद हुए हैं, जिनका उपयोग प्रश्नपत्र के लीक होने में किया गया था।

प्रश्नपत्र लीक का पूरा षड्यंत्र

एसटीएफ की जांच के अनुसार, परीक्षा के पहले प्रश्नपत्र सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था, जिसके बाद राज्य सरकार ने परीक्षा को रद्द कर एसटीएफ को जांच सौंपी। पूछताछ में खुलासा हुआ कि अभियुक्तों ने भोपाल के आनंद नगर स्थित होटल कमल पैलेस में प्रश्नपत्र लीक का षड्यंत्र रचा था।
धर्मेंद्र और रजनीश 8 फरवरी 2024 की रात प्रयागराज से भोपाल पहुंचे थे। होटल के कमरे में संदीप पांडे और उसके सहयोगियों ने उन्हें समीक्षा अधिकारी/सहायक समीक्षा अधिकारी परीक्षा का सामान्य अध्ययन और हिंदी का प्रश्नपत्र दिया। यह प्रश्नपत्र गूगल के माध्यम से हल करवाया गया और अभियुक्तों को याद करने के लिए उत्तर दिए गए। शाम को सभी प्रश्नपत्र वापस ले लिए गए और परीक्षा देने के निर्देश दिए गए।

अभियुक्तों ने यह भी बताया कि प्रश्नपत्र के लिए 12-15 लाख रुपये की डील हुई थी। इस गिरोह के मुख्य संचालक संदीप पांडे और अन्य सदस्यों को पहले ही 23 जून 2024 को एसटीएफ ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।

कानूनी कार्यवाही

गिरफ्तार अभियुक्तों के खिलाफ प्रयागराज के सिविल लाइंस थाने में मामला दर्ज किया गया है। उनके खिलाफ आईपीसी की धाराएं 419 (प्रतिरूपण द्वारा धोखाधड़ी), 420 (धोखाधड़ी), 465, 467, 468, 471 (जालसाजी), 120बी (आपराधिक षड्यंत्र), 34 (साझा मंशा) और 201 (सबूत नष्ट करना) के साथ-साथ उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम 1998 की धाराएं 3/4/9/10 और आईटी एक्ट की धारा 66 लगाई गई हैं। मामले की जांच एसटीएफ अधिकारी निरीक्षक अंजनी कुमार पांडे द्वारा की जा रही है।

एसटीएफ की बड़ी सफलता

एसटीएफ के अधिकारियों ने कहा कि यह गिरफ्तारी परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता लाने और भविष्य में ऐसे अपराधों पर रोक लगाने के प्रयासों का हिस्सा है। जांच टीम ने अभियुक्तों को पकड़ने के लिए गहन अभिसूचना और प्रभावी कार्य योजना का उपयोग किया।

यह मामला प्रशासनिक परीक्षा प्रणाली में सुरक्षा और पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

उत्तर प्रदेश एसटीएफ की बड़ी कामयाबी: बांदा से 80 लाख रुपये का गांजा बरामद, दो तस्कर गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश एसटीएफ की बड़ी कामयाबी: 80 लाख रुपये का गांजा बरामद, दो तस्कर गिरफ्तार
उत्तर प्रदेश एसटीएफ की बड़ी कामयाबी: 80 लाख रुपये का गांजा बरामद, दो तस्कर गिरफ्तार
उत्तर प्रदेश एसटीएफ की बड़ी कामयाबी: 80 लाख रुपये का गांजा बरामद, दो तस्कर गिरफ्तार
  • बरामदगी: 2.10 क्विंटल गांजा, महिंद्रा पिकअप वाहन और एक मोबाइल फोन।
  • गिरफ्तार आरोपी: मनोज मिश्रा (बहराइच) और असलम (बरेली)।
  • गांजा की कीमत: बाजार में 80 लाख रुपये।
  • तस्करी का तरीका: वाहनों में विशेष कैविटी बनाकर गांजे को छिपाया जाता था।
  • मुकदमा दर्ज: एनडीपीएस एक्ट की धाराओं के तहत मामला पंजीकृत।

    लखनऊ, 23 दिसम्बर 2024: उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले गिरोह के दो सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार कर बड़ी कामयाबी हासिल की है। 23 दिसंबर 2024 को बांदा जिले के नवाबगंज टैंक तिराहे के पास एक महिंद्रा पिकअप वाहन से 2.10 क्विंटल गांजा बरामद किया गया। इस गांजे की बाजार में अनुमानित कीमत लगभग 80 लाख रुपये बताई जा रही है।

    गिरफ्तारी का विवरण

    गिरफ्तार किए गए तस्करों की पहचान मनोज कुमार मिश्रा (चंद्रावा, थाना विशेष्वरगंज, जनपद बहराइच) और असलम (देवचरा, तहसील आंवला, थाना भमौरा, जनपद बरेली) के रूप में हुई है। इनके पास से एक महिंद्रा पिकअप वाहन (नंबर UP-46-T-1797), 2.10 क्विंटल गांजा और एक मोबाइल फोन बरामद हुआ।

    कार्रवाई कैसे हुई?

    एसटीएफ को काफी समय से जानकारी मिल रही थी कि उड़ीसा से अवैध मादक पदार्थ लाकर उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में सप्लाई करने वाले गिरोह सक्रिय हैं। एसटीएफ के वरिष्ठ अधिकारियों ने टीमों को इस पर काम करने का निर्देश दिया था। इसी क्रम में डीएसपी शैलेश प्रताप सिंह के नेतृत्व में निरीक्षक जय प्रकाश राय और उनकी टीम ने बांदा जिले में अपराधियों की गतिविधियों पर नजर रखी।

    23 दिसंबर की सुबह एसटीएफ टीम को सूचना मिली कि एक महिंद्रा पिकअप वाहन, जिसमें गांजा लदा हुआ है, बांदा से होते हुए बरेली की ओर जा रहा है। सूचना पाकर टीम ने बांदा जिले के नवाबगंज टैंक तिराहे के पास वाहन को रोका। वाहन की तलाशी में पिकअप के केबिन के पीछे बनी विशेष कैविटी में गांजा छिपा हुआ मिला। मौके पर ही दोनों तस्करों को गिरफ्तार कर लिया गया।

    पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे

    गिरफ्तार तस्करों ने पूछताछ में बताया कि वे उड़ीसा के उमरकोट इलाके से गांजा लाकर उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में ऊंचे दामों पर बेचते हैं। तस्करी के लिए उनके गिरोह ने वाहनों में विशेष कैविटी बनवा रखी थी, ताकि मादक पदार्थों को छिपाया जा सके। इस गिरोह में अन्य सदस्य भी शामिल हैं, जिनमें हरीश कुमार गुप्ता उर्फ मोनू और यूसुफ अंसारी प्रमुख हैं।

    तस्करों ने यह भी स्वीकार किया कि वे हर सफल डिलीवरी पर 15-15 हजार रुपये का इनाम लेते हैं। मुनाफे को आपस में बांटने के बाद इसे अन्य कार्यों में लगाया जाता है। गिरफ्तार आरोपियों ने यह भी बताया कि वे कई वर्षों से उड़ीसा से गांजे की तस्करी कर रहे हैं और उत्तर प्रदेश के जिलों में सप्लाई करते आ रहे हैं।

    तस्करी का नेटवर्क

    गिरोह उड़ीसा के उमरकोट क्षेत्र से गांजा लाकर प्रयागराज और बरेली जैसे बड़े शहरों में पहुंचाता था। गांजे को विशेष रूप से तैयार वाहनों में छिपाकर लाया जाता था। गिरोह के सदस्य इस कारोबार से भारी मुनाफा कमा रहे थे।

    आगे की कार्रवाई

    गिरफ्तार अभियुक्तों के खिलाफ बांदा जिले के कोतवाली नगर थाने में एनडीपीएस एक्ट की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। स्थानीय पुलिस अब इस गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों की तलाश में जुट गई है। साथ ही इस नेटवर्क को जड़ से खत्म करने के लिए एसटीएफ और स्थानीय पुलिस मिलकर काम कर रही है।

    एसटीएफ की यह कार्रवाई मादक पदार्थों की तस्करी पर एक बड़ी चोट है। इस ऑपरेशन से न केवल तस्करी के नेटवर्क का खुलासा हुआ है, बल्कि इसके पीछे के संगठित गिरोह को बेनकाब करने में भी मदद मिली है। एसटीएफ और पुलिस की यह संयुक्त कार्रवाई समाज में नशा तस्करों के खिलाफ सख्त संदेश है।

    उत्तरप्रदेश परिवहन विभाग एवं सेव लाइफ फाउंडेशन के मध्य MoU का विस्तार, सड़क सुरक्षा जागरूकता और दुर्घटना रोकथाम के लिए जारी रहेंगे संयुक्त प्रयास

    उत्तरप्रदेश परिवहन विभाग एवं सेव लाइफ फाउंडेशन के मध्य MoU का विस्तार
    उत्तरप्रदेश परिवहन विभाग एवं सेव लाइफ फाउंडेशन के मध्य MoU का विस्तार
    उत्तरप्रदेश परिवहन विभाग एवं सेव लाइफ फाउंडेशन के मध्य MoU का विस्तार
    • उत्तर प्रदेश परिवहन विभाग और सेव लाइफ फाउंडेशन के बीच मौजूदा समझौते की अवधि बढ़ाई गई।
    • यमुना एक्सप्रेसवे और एनएच-19 पर सेव लाइफ फाउंडेशन के प्रयासों से दुर्घटनाओं में 22% की कमी दर्ज की गई।
    • पीयूष तिवारी, केपी सिंह, पुष्पसेन सत्यार्थी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी कार्यक्रम में शामिल हुए।
    • सरकार सड़क दुर्घटनाओं को कम करने और सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के लिए दृढ़ संकल्पित है।
    • सड़क सुरक्षा जागरूकता और दुर्घटना रोकथाम के लिए संयुक्त प्रयास जारी रहेंगे।

    लखनऊ, 23 दिसंबर 2024: उत्तर प्रदेश सरकार सड़क सुरक्षा को प्राथमिकता देने के लिए लगातार कार्य कर रही है। इसी क्रम में आज परिवहन निगम के सभागार कक्ष में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए उत्तर प्रदेश परिवहन विभाग और नई दिल्ली स्थित सेव लाइफ फाउंडेशन के बीच मौजूदा समझौता ज्ञापन (MoU) की अवधि का विस्तार किया गया। इस कदम का मुख्य उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना और सड़क सुरक्षा के स्तर को और सुदृढ़ करना है।

    इस अवसर पर परिवहन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों और सेव लाइफ फाउंडेशन के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में कार्यक्रम आयोजित किया गया। सेव लाइफ फाउंडेशन के संस्थापक श्री पीयूष तिवारी ने अपने संबोधन में कहा कि सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए प्रवर्तन एजेंसियों, स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य संबंधित विभागों की सामूहिक भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि सेव लाइफ फाउंडेशन ने यमुना एक्सप्रेसवे और एनएच-19 (आगरा-इटावा-चकेरी क्षेत्र) जैसे महत्वपूर्ण सड़कों पर सड़क सुरक्षा को बेहतर बनाने के लिए अनेक प्रभावी उपाय किए हैं। इन उपायों के परिणामस्वरूप सड़क दुर्घटनाओं में 22% की कमी दर्ज की गई है।

    कार्यक्रम में उपस्थित प्रमुख हस्तियां: कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश परिवहन विभाग के विशेष सचिव श्री केपी सिंह, अपर परिवहन आयुक्त (सड़क सुरक्षा) श्री पीएस सत्यार्थी, और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

    अपर परिवहन आयुक्त (सड़क सुरक्षा) पुष्पसेन सत्यार्थी ने बताया कि सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश सरकार और सेव लाइफ फाउंडेशन के बीच पिछले कुछ वर्षों में हुई साझेदारी ने महत्वपूर्ण परिणाम दिए हैं। उन्होंने कहा, “हम सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने और लोगों को सुरक्षित यात्रा का अनुभव प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह MoU सड़क सुरक्षा अभियान को और सशक्त बनाने में मदद करेगा।”

    सेव लाइफ फाउंडेशन के प्रयास: सेव लाइफ फाउंडेशन ने अपने कार्यकाल के दौरान कई नवाचारों और प्रभावी उपायों के माध्यम से सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने में सफलता हासिल की है। संगठन द्वारा प्रशिक्षित बचावकर्मियों और त्वरित प्रतिक्रिया टीमों ने सड़क दुर्घटनाओं के मामलों में जीवन बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

    उत्तर प्रदेश सरकार की प्रतिबद्धता: उत्तर प्रदेश सरकार सड़क सुरक्षा को लेकर अत्यधिक गंभीर है। परिवहन विभाग द्वारा दुर्घटना संभावित क्षेत्रों की पहचान की गई है और इन क्षेत्रों में बेहतर प्रवर्तन उपायों, जागरूकता अभियानों और बुनियादी ढांचे में सुधार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सेव लाइफ फाउंडेशन के साथ यह साझेदारी इस दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम है।

    भविष्य की योजनाएं: साझेदारी के तहत आने वाले वर्षों में सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियानों को और तेज किया जाएगा। दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में निरंतर निगरानी और सुधार के लिए संयुक्त प्रयास किए जाएंगे। उत्तर प्रदेश सरकार और सेव लाइफ फाउंडेशन सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में अनुसंधान और विकास कार्यों को भी बढ़ावा देंगे।

    पंचायतीराज मंत्री द्वारा आल इंडिया टीचर्स एसोसिएशन मदारिसे अरबिया के साथ बैठक और जीरो पावर्टी योजना की समीक्षा

    पंचायतीराज मंत्री द्वारा आल इंडिया टीचर्स एसोसिएशन मदारिसे अरबिया के साथ बैठक और जीरो पावर्टी योजना की समीक्षा
    पंचायतीराज मंत्री द्वारा आल इंडिया टीचर्स एसोसिएशन मदारिसे अरबिया के साथ बैठक और जीरो पावर्टी योजना की समीक्षा
    पंचायतीराज मंत्री द्वारा आल इंडिया टीचर्स एसोसिएशन मदारिसे अरबिया के साथ बैठक और जीरो पावर्टी योजना की समीक्षा
    • पंचायतीराज मंत्री 24 दिसम्बर को आल इंडिया टीचर्स एसोसिएशन मदारिसे अरबिया की मांगों पर चर्चा करेंगे।
    • बैठक में ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती विश्वविद्यालय से मदरसों को संबद्ध करने की मांग पर विचार किया जाएगा।
    • छठे वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू करने पर भी समीक्षा की जाएगी।
    • शिक्षक/कर्मचारी सेवा सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए उपायों पर चर्चा होगी।
    • 24 दिसम्बर को जीरो पावर्टी योजना के बारे में समीक्षा बैठक अलीगंज स्थित निदेशालय में होगी।

    लखनऊ, 23 दिसम्बर 2024: उत्तर प्रदेश के पंचायतीराज एवं अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री कल, 24 दिसम्बर 2024 को आल इंडिया टीचर्स एसोसिएशन मदारिसे अरबिया के पदाधिकारियों के साथ विधानभवन स्थित अपने कार्यालय कक्ष में बैठक करेंगे। इस बैठक में संगठन द्वारा प्रस्तुत 30 सूत्रीय मांगों पर चर्चा की जाएगी।

    गौरतलब है कि 11 दिसम्बर 2024 को आल इंडिया टीचर्स एसोसिएशन मदारिसे अरबिया ने उत्तर प्रदेश के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री से मिलकर अपनी कई महत्वपूर्ण मांगें प्रस्तुत की थीं। इनमें प्रमुख मांगें थीं, जैसे ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय से उ0प्र0 मदरसा शिक्षा परिषद द्वारा मान्यता प्राप्त काबिल/फाजिल मदरसों को संबद्ध करना, छठी वेतन समिति की सिफारिशों को लागू करना, और शिक्षक/कर्मचारियों की सेवा सुरक्षा को सुदृढ़ बनाना। इस बैठक का उद्देश्य इन मुद्दों की समीक्षा कर उनका समाधान निकालने का प्रयास करना है, ताकि मदरसों में शिक्षा और कर्मचारियों की स्थिति में सुधार हो सके।

    इसके अलावा, मंत्री श्री राजभर 24 दिसम्बर को अलीगंज स्थित निदेशालय में जीरो पावर्टी योजना के संदर्भ में एक समीक्षा बैठक आयोजित करेंगे। इस बैठक में निदेशालय स्तर और जनपदीय स्तर के सभी अधिकारियों के साथ योजना की प्रगति और प्रभावी कार्यान्वयन पर चर्चा की जाएगी।

    डॉ. राजेश्वर सिंह की 35वीं रामरथ श्रवण अयोध्या यात्रा: शारदा नगर के राम भक्तों के लिए एक दिव्य अनुभव

    डॉ. राजेश्वर सिंह की 35वीं रामरथ श्रवण अयोध्या यात्रा: शारदा नगर के राम भक्तों के लिए एक दिव्य अनुभव
    डॉ. राजेश्वर सिंह की 35वीं रामरथ श्रवण अयोध्या यात्रा: शारदा नगर के राम भक्तों के लिए एक दिव्य अनुभव
    डॉ. राजेश्वर सिंह की 35वीं रामरथ श्रवण अयोध्या यात्रा: शारदा नगर के राम भक्तों के लिए एक दिव्य अनुभव
    • रामरथ श्रवण अयोध्या यात्रा हर महीने दो बार सरोजनीनगर के श्रद्धालुओं को निःशुल्क अयोध्या दर्शन का अवसर प्रदान करती है।
    • यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को भोजन, जलपान, स्वास्थ्य सुविधाएं और दर्शन की व्यवस्था की जाती है, ताकि वे यात्रा का पूर्ण आनंद ले सकें।
    • यात्रा की शुरुआत डॉ. राजेश्वर सिंह की माँ तारा सिंह की प्रेरणा से 27 सितंबर 2022 को हुई थी, जो अब समाज में श्रद्धा और विश्वास का प्रतीक बन चुकी है।
    • अयोध्या में प्रमुख मंदिरों में दर्शन और प्रसाद, श्रीरामचरितमानस और अंग वस्त्र प्रदान किए जाते हैं, ताकि श्रद्धालु इसे एक दिव्य अनुभव मानें।
    • डॉ. राजेश्वर सिंह का मानना है कि वृद्धजन समाज की धरोहर हैं और उनका सम्मान करना एक जनप्रतिनिधि का सर्वोपरि कर्तव्य है।

    लखनऊ, 23 दिसम्बर 2024: राजधानी लखनऊ की सरोजनीनगर विधानसभा से जनप्रिय भा.ज.पा. विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह द्वारा संचालित रामरथ श्रवण अयोध्या यात्रा न केवल एक धार्मिक यात्रा का रूप ले चुकी है, बल्कि यह समाज में एकता, श्रद्धा और भक्ति की अद्वितीय मिसाल भी बन गई है। यह यात्रा सरोजनीनगर के श्रद्धालुओं के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर बन चुकी है, विशेष रूप से उन वृद्धजन, महिलाओं और समाज के अन्य वर्गों के लिए जो प्रभु श्रीराम के दर्शन के लिए अपनी इच्छाओं और आस्थाओं को साकार करने का सपना देखते हैं। हर माह में दो बार आयोजित की जाने वाली यह यात्रा न केवल धार्मिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने वाली एक प्रेरणादायक पहल भी है।

    सोमवार को रजनी खंड, शारदा नगर से 35वीं रामरथ श्रवण अयोध्या यात्रा का आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भाग लिया। यात्रा में हर उम्र के लोग, खासकर बुजुर्ग और महिलाएं, उत्साह के साथ शामिल हुए। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं के चेहरे पर आस्था और भक्ति की गहरी छाप देखी गई, जो अयोध्या में राम जन्मभूमि मंदिर और अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों के दर्शन के प्रति उनकी प्रबल अभिलाषा को स्पष्ट रूप से दर्शाती थी। यात्रा का हर पल एक दिव्य अनुभव था, जिसमें हर श्रद्धालु को आध्यात्मिक शांति और संतोष का अहसास हुआ। यह यात्रा सिर्फ एक धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि एक आध्यात्मिक अनुभूति बन चुकी है, जो श्रद्धालुओं के दिलों में श्रद्धा और विश्वास को प्रगाढ़ करती है।

    यात्रा के दौरान की गई व्यवस्थाएं:

    डॉ. राजेश्वर सिंह की टीम ने यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की हर आवश्यकता का विशेष ध्यान रखा। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं के लिए यात्रा मार्ग में भोजन, जलपान, और स्वास्थ्य सुविधाओं का समुचित प्रबंध किया गया था, ताकि किसी भी श्रद्धालु को यात्रा के दौरान कोई असुविधा न हो। उनके स्वागत में बसों में बैठने से लेकर उन्हें अयोध्या पहुंचने तक हर प्रकार की सुविधा का ध्यान रखा गया। यात्रा के दौरान, अयोध्या में प्रमुख मंदिरों, जैसे राम जन्मभूमि मंदिर, हनुमानगढ़ी, कनक भवन और अन्य मंदिरों में दर्शन की व्यवस्था की गई, ताकि श्रद्धालुओं को इन पवित्र स्थलों का दर्शन आसानी से हो सके। इसके अलावा, प्रत्येक श्रद्धालु को प्रसाद, श्रीरामचरितमानस और अंग वस्त्र प्रदान किए गए, जो उन्हें श्रद्धा और सम्मान का प्रतीक बने।

    रामरथ श्रवण अयोध्या यात्रा की शुरुआत:

    यह निःशुल्क बस सेवा 27 सितंबर 2022 को डॉ. राजेश्वर सिंह की माँ तारा सिंह की प्रेरणा से शुरू की गई थी। डॉ. सिंह का मानना था कि समाज में वृद्धजन एक अमूल्य धरोहर होते हैं और उनका सम्मान करना हम सभी का कर्तव्य है। इस विचार के साथ ही उन्होंने इस यात्रा की शुरुआत की, ताकि अधिक से अधिक वृद्धजन और अन्य श्रद्धालु प्रभु श्रीराम के दर्शन कर सकें। इस यात्रा ने न केवल धार्मिक रूप से बल्कि सामाजिक एकता और सांस्कृतिक समरसता को भी बढ़ावा दिया है। आज यह यात्रा सरोजनीनगर परिवार के लिए एक आस्था, विश्वास और समर्पण का प्रतीक बन चुकी है, जो समाज के सभी वर्गों को एकजुट करती है।

    डॉ. राजेश्वर सिंह का संदेश:

    इस यात्रा के संदर्भ में डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा, “हमारी समाज के वृद्धजन समाज की धरोहर हैं और उनका सम्मान करना एक जनप्रतिनिधि का सर्वोपरि कर्तव्य है। प्रभु श्रीराम के असीम आशीर्वाद और सरोजनीनगर के लोगों के अपार स्नेह और समर्थन से यह रामरथ श्रवण अयोध्या यात्रा निरंतर जारी रहेगी, ताकि हर वृद्धजन को प्रभु श्रीराम का आशीर्वाद प्राप्त हो सके। यह यात्रा न केवल धार्मिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह समर्पण, एकता और विश्वास का भी एक अद्वितीय उदाहरण प्रस्तुत करती है।” उनके इस संदेश में यह स्पष्ट होता है कि इस यात्रा का उद्देश्य केवल धार्मिक यात्रा करना नहीं, बल्कि समाज के हर वर्ग को एक साथ लाकर समाज में सामाजिक समरसता और आध्यात्मिक जागरूकता का प्रसार करना है।

    समाज में यात्रा का प्रभाव:

    रामरथ श्रवण अयोध्या यात्रा अब सिर्फ एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि एक आध्यात्मिक अनुभव बन चुकी है, जो सरोजनीनगर के लोगों को एकजुट करती है। यह यात्रा श्रद्धा, विश्वास और समर्पण का प्रतीक है, जो हर श्रद्धालु को प्रभु श्रीराम के प्रति आस्था को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का अवसर प्रदान करती है। यह न केवल धार्मिक रूप से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह एक सामाजिक आंदोलन की तरह समाज के विभिन्न वर्गों को जोड़ने का कार्य भी कर रही है। इस यात्रा से जहां एक ओर लोग धार्मिक आस्था से जुड़ रहे हैं, वहीं दूसरी ओर यह समाज में सामाजिक समरसता और एकता को भी मजबूत कर रही है।