Home Blog Page 1058

श्रद्धेय अटल बिहारी बाजपेयी के जन्मशती के अवसर पर यात्रियों को परिवहन निगम का तोहफा

श्रद्धेय अटल बिहारी बाजपेयी के जन्मशती के अवसर पर यात्रियों को परिवहन निगम का तोहफा
श्रद्धेय अटल बिहारी बाजपेयी के जन्मशती के अवसर पर यात्रियों को परिवहन निगम का तोहफा
श्रद्धेय अटल बिहारी बाजपेयी के जन्मशती के अवसर पर यात्रियों को परिवहन निगम का तोहफा
  • अटल बिहारी बाजपेयी के जन्मशती पर परिवहन निगम ने वातानुकूलित बसों के किरायों में लगभग 20% की कमी की।
  • 25 दिसम्बर से 3X2 जनरथ/शताब्दी बस का किराया 1.63 रुपये प्रति किमी से घटकर 1.45 रुपये प्रति किमी हो जाएगा।
  • 2X2 जनरथ बस का किराया 1.93 रुपये प्रति किमी से घटकर 1.60 रुपये प्रति किमी हो जाएगा।
  • किराए में कमी से यात्रियों को आरामदायक और किफायती यात्रा का अनुभव मिलेगा, साथ ही निगम की आय में वृद्धि की संभावना है।
  • शीतकाल में अधिक से अधिक यात्रियों को वातानुकूलित आरामदायक यात्रा प्रदान करने का उद्देश्य।

लखनऊ, 24 दिसम्बर 2024: भारत रत्न और पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय अटल बिहारी बाजपेयी के जन्मशती के अवसर पर उत्तर प्रदेश परिवहन निगम ने प्रदेशवासियों को एक विशेष तोहफा दिया है। परिवहन निगम द्वारा वातानुकूलित जनरथ और शताब्दी बस सेवाओं के किरायों में लगभग 20 प्रतिशत तक की कमी की घोषणा की गई है। इस पहल का उद्देश्य शीतकाल में अधिक से अधिक यात्रियों को किफायती और आरामदायक वातानुकूलित यात्रा का लाभ पहुंचाना है।

वातानुकूलित बस सेवाओं में किराये में कमी:
परिवहन निगम ने वातानुकूलित बसों के किराए में कमी की घोषणा की है, जो यात्रियों के लिए सुखद और किफायती यात्रा का अवसर प्रदान करेगी। यह निर्णय विशेष रूप से शीतकाल के दौरान लिया गया है, जब लोग अधिक यात्रा करते हैं और आरामदायक यात्रा की तलाश में रहते हैं। निगम का लक्ष्य यह है कि अधिक से अधिक लोग वातानुकूलित बस सेवाओं का उपयोग करें और उन्हें राहत मिले।

नवीन किराया दरें:
परिवहन मंत्री के अनुसार, 25 दिसम्बर 2024 से लागू होने वाली नई किराया दरों के अनुसार, वातानुकूलित 3X2 जनरथ और शताब्दी बसों का किराया 1.63 रुपये प्रति किमी प्रति यात्री के बजाय अब 1.45 रुपये प्रति किमी प्रति यात्री होगा। इस दर में लगभग 11 प्रतिशत की कमी की गई है। इसके अलावा, 2X2 जनरथ बसों का किराया 1.93 रुपये प्रति किमी की बजाय 1.60 रुपये प्रति किमी होगा, जो लगभग 17 प्रतिशत की कमी को दर्शाता है।

आर्थिक दृष्टिकोण:
यह कदम निगम के लिए भी लाभकारी सिद्ध होगा क्योंकि इससे निगम की एसी बसों की लोड फैक्टर में वृद्धि होने की उम्मीद है। लोड फैक्टर का मतलब है कि अधिक से अधिक सीटों को भरने के साथ-साथ निगम की आय में भी वृद्धि होगी। कम किराए पर अधिक यात्री यात्रा करेंगे, जिससे निगम को बेहतर वित्तीय परिणाम प्राप्त होंगे। इस प्रकार, यह कदम परिवहन निगम के लिए आर्थिक रूप से भी फायदेमंद होगा।

यात्रियों को लाभ:
इस बदलाव का सीधा लाभ यात्रियों को मिलेगा। शीतकाल में विशेष रूप से अधिक लोग लंबी यात्राओं के लिए बाहर जाते हैं और वे आरामदायक और ठंडी यात्रा की तलाश में होते हैं। अब उन्हें वातानुकूलित बसों में यात्रा करने के लिए कम किराए पर बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इससे यात्रियों की यात्रा का अनुभव और भी आरामदायक बनेगा।

आशा और प्रभाव:
परिवहन मंत्री ने इस कदम को प्रदेश की जनता के लिए एक सकारात्मक कदम बताते हुए कहा कि इससे न केवल यात्रा का खर्च कम होगा, बल्कि वातानुकूलित बसों का उपयोग भी बढ़ेगा। इससे यात्रा करने वाले अधिक लोग निगम की सेवाओं का लाभ उठाएंगे, जिससे निगम की प्रतिष्ठा भी बढ़ेगी। इसके अलावा, यह कदम श्रद्धेय अटल बिहारी बाजपेयी के प्रति सम्मान और उनकी जयंती के अवसर पर प्रदेशवासियों को एक उपहार के रूप में प्रस्तुत किया गया है।

सम्भावित प्रभाव:
यह कदम प्रदेश के नागरिकों के लिए राहत लेकर आएगा, क्योंकि अब यात्रियों को सस्ती और आरामदायक यात्रा उपलब्ध होगी। इसके साथ ही, परिवहन निगम की व्यवसायिक गतिविधियों को भी बल मिलेगा। शीतकाल के दौरान जब यात्री अधिक संख्या में यात्रा करते हैं, यह कदम निगम की क्षमता और आय को बढ़ाने में सहायक होगा।

सीएम योगी ने अपने आवास पर पत्रकारों से की बातचीत कर कांग्रेस के दोहरे चरित्र पर साधा निशाना, योगी बोले- आंबेडकर विरोधी है कांग्रेस की फितरत: सीएम योगी आदित्यनाथ

सीएम योगी के नेतृत्व में उद्योग और रोजगार के नए युग की ओर अग्रसर उत्तर प्रदेश
सीएम योगी के नेतृत्व में सीएम योगी के नेतृत्व में उद्योग और रोजगार के नए युग की ओर अग्रसर उत्तर प्रदेश
सीएम योगी के नेतृत्व में उद्योग और रोजगार के नए युग की ओर अग्रसर उत्तर प्रदेश
  • योगी ने कहा- नेहरू नहीं चाहते थे कि बाबा साहेब संविधान समिति का हिस्सा बनें
  • कांग्रेस ने हमेशा बाबा साहेब को अपमानित किया: सीएम
  • समाजवादी पार्टी पर भी बरसे सीएम, बोले- कांग्रेस जैसा ही इतिहास समाजवादी पार्टी का भी
  • सपा नेताओं ने कन्नौज के कॉलेज से हटाया था बाबा साहेब का नाम: मुख्यमंत्री
  • एनडीए सरकार की योजनाओं का हिस्सा बने दलित व वंचित: योगी

लखनऊ, 24 दिसंबर 2024: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को अपने सरकारी आवास पर पत्रकारों से बातचीत के दौरान कांग्रेस और अन्य पार्टियों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की फितरत हमेशा आंबेडकर विरोधी रही है। ये समाज काे विभाजित करने के लिए राजनीति करना चाहते हैं। सीएम ने कहा कि कांग्रेस का इतिहास दलितों को वंचित रखना रहा है। तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू नहीं चाहते थे कि बाबा साहेब संविधान समिति का हिस्सा बनें। यूपीए सरकार में बाबा साहेब के चित्र को नेहरू द्वारा कोड़े मारते दिखाया गया था। इसके लिए तत्कालीन मानव संसाधन मंत्री कपिल सिब्बल को माफ़ी मांगनी पड़ी थी।

नेहरू को मुसलमानों की चिंता थी, दलित और वंचित की नहीं
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कांग्रेस ने बाबा साहेब को चुनाव हराया था। कांग्रेस नहीं चाहती थी कि बाबा साहेब लोकसभा में जाएं। कांग्रेस ने कभी भी बाबा साहेब के परिनिर्वाण के बाद स्मारक नहीं बनने दिया। बाबा साहेब ने इस्तीफा देते समय कांग्रेस पर आरोप लगाया था कि कांग्रेस और नेहरू को वंचितों-दलितों की नहीं, मुसलमान की चिंता है। वंचितों और दलितों के लिए आंदोलन को आगे बढ़ाने वाले बाबा साहेब को लोकसभा की किसी समिति का सदस्य नहीं बनाया गया। उन्होंने कहा कि देश की आजादी के आंदोलन, संविधान निर्माण और स्वतंत्र भारत में बाबा साहेब डॉॅ. भीमराव आंबेडकर का बड़ा योगदान था। वह भारत माता के महान सपूत थे। उन्होंने विपरीत परिस्थितियों में तमाम प्रकार के सामाजिक बंधनों का सामना करते हुए उच्च शिक्षा अर्जित की। उन्होंने अर्थव्यवस्था और कानून के क्षेत्र में दुनिया की सर्वश्रेष्ठ डिग्री अर्जित की। उन्होंने भारत को अपने उस ज्ञान से आलोकित करने में अपनी पूरी ताकत लगाई।

कांग्रेस जैसा ही इतिहास समाजवादी पार्टी का भी: सीएम
सीएम ने कहा कि यूपीए सरकार के प्रधानमंत्री ने भी कहा था कि देश के संसाधन पर पहला अधिकार मुसलमान का है। सीएम ने पूछा कि क्या वंचित-दलित का नहीं है? कांग्रेस जैसा इतिहास ही समाजवादी पार्टी का है। कन्नौज में बाबा साहब आंबेडकर के नाम पर बने कॉलेज से उनका नाम हटा दिया गया। सहारनपुर मेडिकल कॉलेज से नाम हटा दिया गया। उन्होंने कहा कि गृहमंत्री अमित शाह के आधे-अधूरे बयान को पेश कर राजनीति की जा रही है। कांग्रेस और सपा ने गफलत पैदा करने का प्रयास किया है। सपा सरकार के समय सुपर सीएम ने बाबा साहेब पर क्या कहा था, यह किसी से छिपा नहीं है। राहुल गांधी बताएं कि क्या संसद में बीजेपी सांसद पर हमला संवैधानिक माना जाएगा। कांग्रेस और सपा को देश की जनता से माफी मांगनी चाहिए। इनके कृत्य सफल नहीं होंगे। जनता उन्हे बार-बार ख़ारिज कर चुकी है, आगे भी खारिज करेगी। हम सब जानते हैं कि देश की आजादी के आंदोलन और संविधान निर्माण ने बाबा साहेब का बड़ा योगदान था। सीएम ने कहा कि भारत के संविधान शिल्पी के रूप में भारत वासी बाबा साहेब का सम्मान करते हैं। बाबा साहेब के सपनों का भारत बनाने के लिए बीजेपी ने ईमानदारी से काम किया है।

बीजेपी ने बाबा साहेब से जुड़े स्थलों को बनाया पंच तीर्थ, दलित और वंचितों को सरकार की योजना का हिस्सा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि श्रद्धेय अटल जी की सरकार हो या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चलने वाली बीजेपी सरकार, सभी ने बाबा साहेब को सम्मान देकर उनके प्रति श्रद्धा और सम्मान का भाव रखा। बाबा साहेब से जुड़े स्थलों को पंच तीर्थ बनाया। उनकी स्मृति को सदैव के लिए जीवंत बनाया है। सीएम योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चलने वाली एनडीए सरकार में दलित और वंचित सरकार की योजना का हिस्सा बना है। डबल इंजन सरकार की शौचालय, पीएम आवास, नि:शुल्क राशन, आयुष्मान योजना सहित अन्य सभी योजनाओं से दलित वर्ग को लाभ मिल रहा है। हमारी सरकार बाबा साहेब से प्रेरणा लेकर उनके मूल्य व आदर्श से समर्पित होकर काम कर रही है। वहीं कांग्रेस का इतिहास-दलित और वंचित को उनके अधिकार से वंचित करने का रहा है।

दलितों और वंचितों का अपमान करना ही कांग्रेस का रहा है इतिहास
सीएम ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अनुसूचित जाति, जनजाति और अन्य वंचित तबके को शासन की सभी प्रकार की सुविधाओं से आच्छादित किया जा रहा है। भारतीय जनता पार्टी बाबा साहेब के मूल्यों के प्रति समर्पित होकर कार्य कर रही है। वहीं दूसरी ओर कांग्रेस, जिसका इतिहास देश के अंदर भारत के दलितों और वंचितों का अपमान करना है। इनका इतिहास तुष्टिकरण के आधार पर दलितों और वंचितों को उनके अधिकारों से पूरी तरह राेकने के कुत्सित चेष्टा का हिस्सा रहा है। कांग्रेस ने तुष्टिकरण के आधार पर देश को विभाजन के कतार पर पहुंचने का कार्य भी किया है।

अटल जी का जीवन और विचारधारा पूरे देश के लिए प्रेरणा स्रोत है- रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह

अटल जी का जीवन और विचारधारा पूरे देश के लिए प्रेरणा स्रोत है- रक्षा मंत्री
अटल जी का जीवन और विचारधारा पूरे देश के लिए प्रेरणा स्रोत है- रक्षा मंत्री
अटल जी का जीवन और विचारधारा पूरे देश के लिए प्रेरणा स्रोत है- रक्षा मंत्री
  • अटल जी की कार्यशैली और निर्णयों की पूरी दुनिया कायल थी- राजनाथ सिंह
  • मुझे उनके साथ एक अभिभावक का स्नेह और मंत्रिमंडल में सहकर्मी के रूप में काम करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ- राजनाथ सिंह
  • सीएम योगी की कार्यशैली की भी रक्षा मंत्री ने सराहना की

लखनऊ, 24 दिसंबर 2024: भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी जी के जन्म शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित ‘अटल युवा महाकुंभ’ के उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अटल जी के अद्वितीय व्यक्तित्व और उनके साथ जुड़ी स्मृतियों को साझा किया। इस अवसर पर उन्होंने अटल जी की महानता का स्मरण करते हुए प्रदेश के विकास में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रयासों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि अटल जी का जीवन और विचारधारा आज भी प्रेरणा के स्रोत हैं।

रक्षा मंत्री ने अपने संबोधन में कहा, “श्रध्येय अटल जी का व्यक्तित्व इतना विराट था कि उनकी कार्यशैली और निर्णयों की पूरी दुनिया कायल थी। लखनऊ अटल जी के दिल में बसता था और यहां के लोग उन्हें उतनी ही गहराई से जानते और समझते थे।” उन्होंने अटल जी के जीवन के अनेक प्रसंगों को याद करते हुए उनकी हाजिरजवाबी और सहजता का जिक्र किया। उन्होंने पाकिस्तान दौरे के दौरान अटल जी के चर्चित जवाब को याद करते हुए कहा, “एक महिला पत्रकार ने जब उनसे कहा कि मैं आपसे शादी करना चाहती हूं, बशर्ते आप मुझे मुंह दिखाई में कश्मीर दें, तो अटल जी ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया, ‘मैं तैयार हूं, अगर आप दहेज में पूरा पाकिस्तान दें।’ इस जवाब ने उनकी चतुराई और सहजता को पूरी दुनिया के सामने प्रस्तुत किया।”

रक्षा मंत्री ने अटल जी के साथ अपने व्यक्तिगत अनुभवों को साझा करते हुए कहा, “मुझे उनके साथ एक अभिभावक का स्नेह और मंत्रिमंडल में सहकर्मी के रूप में काम करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। उनकी सरकार जब एक वोट से गिरी, तब उनके ऐतिहासिक भाषण ने लोकतंत्र और देशप्रेम की नई परिभाषा गढ़ी। उन्होंने कहा था, ‘सरकारें आएंगी-जाएंगी, पार्टियां बनेंगी-बिगड़ेंगी, लेकिन यह देश और इसका लोकतंत्र अमर रहना चाहिए।’ यह उनकी दूरदर्शिता और सिद्धांतवाद का प्रमाण था।”

कार्यक्रम में बच्चों द्वारा अटल जी के जीवन पर प्रस्तुत की गई झांकियों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की रक्षा मंत्री ने भरपूर सराहना की। उन्होंने इसे नई पीढ़ी के लिए प्रेरणादायक बताते हुए कहा, “अटल जी के विचार और योगदान आज भी युवाओं के लिए पथ प्रदर्शक हैं।”

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व की प्रशंसा करते हुए रक्षा मंत्री ने कहा, “आज उत्तर प्रदेश विकास के हर पैमाने पर देश के अन्य राज्यों से आगे खड़ा है। सीएम योगी के कुशल नेतृत्व और अथक प्रयासों ने यूपी को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है। यह प्रदेश अटल जी के सपनों का साकार रूप बनता जा रहा है।”

अटल जी के प्रति देश-प्रदेश के अनुराग व प्रेम को व्यक्त करते हैं ‘युवा कुम्भ’ जैसे आयोजनः सीएम योगी

अटल जी के प्रति देश-प्रदेश के अनुराग व प्रेम को व्यक्त करते हैं 'युवा कुम्भ' जैसे आयोजनः सीएम योगी
अटल जी के प्रति देश-प्रदेश के अनुराग व प्रेम को व्यक्त करते हैं 'युवा कुम्भ' जैसे आयोजनः सीएम योगी
अटल जी के प्रति देश-प्रदेश के अनुराग व प्रेम को व्यक्त करते हैं 'युवा कुम्भ' जैसे आयोजनः सीएम योगी
  • मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ‘अटल युवा महाकुम्भ’ का शुभारंभ किया।
  • कार्यक्रम ‘कदम से कदम मिलाकर चलना होगा’ थीम पर अटल जी के जन्म शताब्दी वर्ष पर आयोजित किया गया।
  • मुख्यमंत्री ने अटल जी की काव्य रचनाओं को याद करते हुए युवाओं को प्रेरित किया।
  • कार्यक्रम में बच्चों को चॉकलेट वितरित की गई और निबंध व भाषण प्रतियोगिताओं में पुरस्कार दिए गए।
  • इस आयोजन में उपमुख्यमंत्री, राज्यसभा सांसद और अन्य प्रमुख जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

    लखनऊ, 24 दिसंबर 2024: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को लखनऊ के केडी सिंह बाबू स्टेडियम में आयोजित ‘अटल युवा महाकुम्भ’ का शुभारंभ किया। इस कार्यक्रम में रक्षा मंत्री और लखनऊ के सांसद राजनाथ सिंह भी उनके साथ उपस्थित थे। यह आयोजन ‘भारत रत्न’ अटल बिहारी वाजपेयी जी के जन्म शताब्दी वर्ष के अवसर पर आयोजित किया गया। कार्यक्रम का मुख्य थीम ‘कदम से कदम मिलाकर चलना होगा’ था, जो अटल जी के जीवन और कार्यों को श्रद्धांजलि देने के उद्देश्य से रखा गया था।

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने उद्घाटन भाषण में इस आयोजन को अटल जी के प्रति देश और प्रदेश के लोगों के अनमोल प्रेम और सम्मान का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि ‘युवा कुम्भ’ जैसे आयोजनों से अटल जी की स्मृतियों को जीवंत किया जाता है। इस कार्यक्रम के माध्यम से, अटल जी की काव्य रचनाओं, उनके विचारों और उनके जीवन के प्रेरणादायक पहलुओं को समर्पित किया जा रहा है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि यह आयोजन कुम्भ की परंपरा से भी जुड़ा हुआ है, जो भारतीय संस्कृति और सनातन धर्म का अभिन्न हिस्सा है। कुम्भ भारत की पहचान है और इसकी परंपराएं हमें एकता, समानता और भाईचारे का संदेश देती हैं। योगी आदित्यनाथ ने यह भी कहा कि इस ‘युवा कुम्भ’ के जरिए हम अटल जी की यादों को ताजा कर रहे हैं, साथ ही युवाओं को यह प्रेरणा दे रहे हैं कि अगर हम सब मिलकर कदम से कदम मिलाकर चलें, तो हम अपने लक्ष्य को प्राप्त कर सकते हैं।

    ‘अटल युवा महाकुम्भ’ का आयोजन अटल जी की काव्य रचनाओं और उनके विचारों को केंद्रित कर किया गया। मुख्यमंत्री ने अटल जी की प्रसिद्ध कविता ‘कदम मिलाकर चलना होगा’ का उल्लेख करते हुए कहा कि यह कविता युवाओं के लिए एक प्रेरणा है। उन्होंने कहा कि यह आयोजन उन बच्चों और युवाओं के लिए है जो अटल जी की प्रेरणा से अपने जीवन को उत्कृष्ट बनाने के लिए समर्पित हैं।

    इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने बच्चों से संवाद किया और उन्हें चॉकलेट वितरित की। साथ ही, निबंध और भाषण प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बच्चों को पुरस्कृत किया गया। मुख्यमंत्री ने सभी प्रतिभागियों को अपनी शुभकामनाएं देते हुए कहा कि अगर युवा पीढ़ी अपने प्रयासों में ईमानदारी और कड़ी मेहनत से लगे तो वह किसी भी लक्ष्य को प्राप्त कर सकती है।

    भारत की सनातन धर्म परंपरा और कुम्भ का संदर्भ

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कुम्भ के महत्व पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि कुम्भ भारत की पहचान है और यह सनातन धर्म, आध्यात्मिकता, और एकता का प्रतीक है। कुम्भ का आयोजन हर 12 साल में होता है और यह लाखों श्रद्धालुओं के एकत्र होने का स्थल बनता है। अगले साल, प्रयागराज में आयोजित होने वाला कुम्भ महासमागम भारत की सांस्कृतिक धरोहर का एक महत्वपूर्ण हिस्सा होगा, जो 13 जनवरी से 26 फरवरी तक आयोजित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने इस महासमागम के आयोजन का भी उल्लेख किया और कहा कि इस युवा कुम्भ ने अटल जी की स्मृतियों को ताजा किया है, जिससे उनकी प्रेरणाएं आने वाली पीढ़ी के लिए महत्वपूर्ण बनती हैं।

    कार्यक्रम में प्रमुख नेता और जनप्रतिनिधि भी उपस्थित रहे

    कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, राज्यसभा सांसद डॉ. दिनेश शर्मा, महापौर सुषमा खर्कवाल, विधान परिषद सदस्य डॉ. महेंद्र सिंह, इंजी. अवनीश सिंह, पवन सिंह चौहान, विधायक डॉ. नीरज बोरा, योगेश शुक्ल, अमरेश कुमार, ओपी श्रीवास्तव, जय देवी, पूर्व मंत्री मोहसिन रजा और अन्य प्रमुख नेता भी उपस्थित रहे। इन सभी ने आयोजन की सफलता की कामना करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का धन्यवाद किया।

    कुम्भ के सांस्कृतिक महत्व पर जोर

    सीएम योगी ने इस आयोजन के माध्यम से कुम्भ के सांस्कृतिक और आध्यात्मिक महत्व को उजागर किया। उन्होंने कहा कि कुम्भ भारत की एकता और अखंडता का प्रतीक है, और यह भारत की आध्यात्मिक ऊर्जा का सर्वोत्तम उदाहरण प्रस्तुत करता है। यह आयोजन समाज को एकता, समानता, और राष्ट्रीय अखंडता के लिए प्रेरित करता है।

    युवाओं के लिए प्रेरणा

    कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं को प्रेरित करना था। सीएम योगी ने युवाओं से आग्रह किया कि वे अटल जी के जीवन से प्रेरणा लें और अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए समर्पण और परिश्रम से काम करें। साथ ही, उन्होंने कहा कि “कदम मिलाकर चलने” से ही किसी भी संघर्ष को पार किया जा सकता है और यही अटल जी का संदेश था।

    ‘अटल युवा महाकुम्भ’ न केवल अटल बिहारी वाजपेयी जी के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित करने का एक जरिया था, बल्कि यह युवाओं को उनके सपनों को सच करने के लिए प्रेरित करने का एक महत्वपूर्ण कदम था। इस आयोजन ने यह साबित कर दिया कि अटल जी की विचारधारा और उनके जीवन के मूल्य आज भी हर युवा के लिए मार्गदर्शन का स्रोत हैं।

    भारत निर्वाचन आयोग का जवाब: महाराष्ट्र और झारखंड चुनाव में INCP की शंकाओं का समाधान

    भारत निर्वाचन आयोग का जवाब: महाराष्ट्र और झारखंड चुनाव में INCP की शंकाओं का समाधान
    भारत निर्वाचन आयोग का जवाब: महाराष्ट्र और झारखंड चुनाव में INCP की शंकाओं का समाधान
    भारत निर्वाचन आयोग का जवाब: महाराष्ट्र और झारखंड चुनाव में INCP की शंकाओं का समाधान
    • भारत निर्वाचन आयोग ने महाराष्ट्र और झारखंड विधानसभा चुनावों में INCP की शंकाओं का समाधान किया।
    • मतदान प्रतिशत में अंतर स्वाभाविक है, आयोग ने इसे सही ठहराया।
    • मतदाता सूची का अद्यतन पारदर्शी और भागीदारीपूर्ण प्रक्रिया है।
    • सभी मतदान आंकड़े फॉर्म 17C में दर्ज होते हैं और उम्मीदवारों को सौंपे जाते हैं।
    • आयोग ने FAQ जारी किया, जिसमें मतदान प्रक्रिया की शंकाओं का समाधान किया गया।

    लखनऊ, 24 दिसम्बर 2024: भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने हाल ही में हुए महाराष्ट्र और झारखंड विधानसभा चुनावों में इंडियन नेशनल कांग्रेस पार्टी (INCP) द्वारा उठाई गई शंकाओं का स्पष्ट और विस्तार से उत्तर दिया। आयोग ने मतदाता सूची में नाम जोड़ने और घटाने की प्रक्रिया, मतदान प्रतिशत (VTR) से संबंधित शंकाओं और अन्य आरोपों पर भी सटीक जवाब दिया।

    भारत निर्वाचन आयोग ने निर्वाचन प्रक्रिया को पूरी तरह से पारदर्शी और नियम आधारित बताते हुए कहा कि मतदान प्रतिशत और मतदाता सूची के अद्यतन में किसी प्रकार की गड़बड़ी या हेरफेर की संभावना नहीं है। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि मतदान के बाद प्रतिशत और अंतिम आंकड़ों में अंतर स्वाभाविक है, क्योंकि मतदान केंद्रों से डेटा संकलन और सत्यापन में समय लगता है।

    1. मतदाता सूची में अद्यतन: भारत निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया कि मतदाता सूची का अद्यतन पारदर्शी और भागीदारीपूर्ण प्रक्रिया है, जिसमें राजनीतिक दलों और आम जनता की पूरी भागीदारी सुनिश्चित की जाती है।

    2. मतदान प्रतिशत (VTR): आयोग ने कहा कि शाम 5 बजे तक जारी किए गए मतदान प्रतिशत और अंतिम मतदान आंकड़ों में अंतर पूरी तरह स्वाभाविक है, क्योंकि आंकड़ों का सत्यापन रात 11:45 बजे तक जारी रहता है।

    3. फॉर्म 17C का महत्व: मतदान के बाद सभी आंकड़े फॉर्म 17C में दर्ज होते हैं और इसे उम्मीदवारों के अधिकृत एजेंटों को सौंपा जाता है, जो पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और सुरक्षित बनाता है।

    4. FAQs द्वारा समाधान: भारत निर्वाचन आयोग ने मतदाता सूची और मतदान प्रक्रिया पर विस्तृत FAQ जारी किया है, जिसमें मतदाता सूची में नाम जोड़ने और हटाने की प्रक्रिया पर सभी शंकाओं का समाधान दिया गया है।

    5. राजनीतिक दलों की भूमिका: आयोग ने “रोल टू पोल” प्रक्रिया में राजनीतिक दलों की सक्रिय भागीदारी को सुनिश्चित किया है, और 60 उदाहरण प्रस्तुत किए हैं जहां दलों को चुनावी प्रक्रिया के विभिन्न चरणों में शामिल किया गया है।

    भारत निर्वाचन आयोग का स्पष्ट बयान: भारत निर्वाचन आयोग ने भरोसा जताया है कि अब इंडियन नेशनल कांग्रेस पार्टी के पास कोई भी शंका नहीं रहनी चाहिए, क्योंकि उन्हें विस्तार से प्रक्रियाओं के बारे में जानकारी दी गई है। आयोग ने यह भी पुष्टि की है कि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी के लिए कोई जगह नहीं है और सभी प्रक्रियाएं पूरी तरह से सुरक्षित और पारदर्शी हैं।

    यह खबर भारत निर्वाचन आयोग की स्थिरता, पारदर्शिता और निष्पक्षता की पुष्टि करती है, जो भारतीय लोकतंत्र की मजबूती को दर्शाती है।