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राष्ट्रीय पुनर्निर्माण के लिए लोगों में राष्ट्रवादी चिंतन को जगाना बहुत जरूरी है-केशव प्रसाद मौर्य

राष्ट्रीय पुनर्निर्माण के लिए लोगों में राष्ट्रवादी चिंतन को जगाना बहुत जरूरी है-केशव प्रसाद मौर्य
राष्ट्रीय पुनर्निर्माण के लिए लोगों में राष्ट्रवादी चिंतन को जगाना बहुत जरूरी है-केशव प्रसाद मौर्य
राष्ट्रीय पुनर्निर्माण के लिए लोगों में राष्ट्रवादी चिंतन को जगाना बहुत जरूरी है-केशव प्रसाद मौर्य
  • डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने बरेली में एबीवीपी के 65वें अधिवेशन को संबोधित किया।
  • उन्होंने राष्ट्रीय पुनर्निर्माण के लिए राष्ट्रवादी चिंतन को फैलाने की आवश्यकता पर बल दिया।
  • एबीवीपी के मुख्य उद्देश्य की चर्चा करते हुए, मौर्य ने संगठन के निरंतर कार्यों की सराहना की।
  • उप मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों की कला प्रदर्शनी का अवलोकन किया और उनकी रचनात्मकता की सराहना की।
  • बरेली में आयोजित रक्तदान शिविर में रक्त दान करने वाले कार्यकर्ताओं को सम्मानित किया और सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए प्रेरित किया।

लखनऊ, 24 दिसम्बर 2024: उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने आज बरेली में आयोजित अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ब्रज प्रान्त के 65वें अधिवेशन को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि विद्यार्थी परिषद युवा शक्ति के राष्ट्रवादी स्वर का प्रतिनिधि संगठन है और राष्ट्रीय पुनर्निर्माण के लिए लोगों में राष्ट्रवादी चिंतन को जगाना बहुत आवश्यक है। उन्होंने यह भी कहा कि एबीवीपी का मुख्य उद्देश्य यही है, और यह संगठन लंबे समय से इसे पूरी ईमानदारी से पूरा करने के लिए लगातार काम कर रहा है।

अपने संबोधन के दौरान श्री मौर्य ने विद्यार्थियों से अपील की कि वे समाज में राष्ट्रवाद और राष्ट्रीय एकता की भावना को प्रबल बनाने में अपनी भूमिका निभाएं। उन्होंने बताया कि एबीवीपी ने अपनी स्थापना से ही भारतीय संस्कृति, शिक्षा और राष्ट्रवाद को प्राथमिकता दी है, और इसके द्वारा किया जा रहा काम देश की उज्जवल भविष्य के निर्माण में योगदान दे रहा है।

इसके बाद, उप मुख्यमंत्री ने बरेली में आयोजित छात्र-छात्राओं की कला प्रदर्शनी का अवलोकन किया, जिसमें विद्यार्थियों की चित्रकला और रचनात्मकता को प्रदर्शित किया गया था। श्री मौर्य ने प्रदर्शनी की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजनों से छात्रों की प्रतिभा और कौशल को सही मंच मिलता है, जिससे उनका आत्मविश्वास बढ़ता है।

इसके अतिरिक्त, उप मुख्यमंत्री ने बरेली में राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. अरुण कुमार सक्सेना जी के आवास पर आयोजित विशाल रक्तदान शिविर का भी दौरा किया। इस शिविर में रक्त दान करने वाले कार्यकर्ताओं को सम्मानित किया गया और समाज में सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को बढ़ावा देने के लिए रक्तदाताओं को प्रेरित किया गया। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजनों से समाज में समर्पण और सेवा की भावना का प्रसार होता है।

इस कार्यक्रम में एबीवीपी के राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री एस. बालकृष्ण, महापौर उमेश गौतम, क्षेत्रीय अध्यक्ष दुर्विजय शाक्य सहित अन्य जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति रही।

उत्तरप्रदेश: पंचायतीराज मंत्री की अध्यक्षता में विभागीय समीक्षा बैठक सम्पन्न, शत-प्रतिशत प्रगति सुनिश्चित करने के निर्देश

उत्तरप्रदेश: पंचायतीराज मंत्री की अध्यक्षता में विभागीय समीक्षा बैठक सम्पन्न, शत-प्रतिशत प्रगति सुनिश्चित करने के निर्देश
उत्तरप्रदेश: पंचायतीराज मंत्री की अध्यक्षता में विभागीय समीक्षा बैठक सम्पन्न, शत-प्रतिशत प्रगति सुनिश्चित करने के निर्देश
उत्तरप्रदेश: पंचायतीराज मंत्री की अध्यक्षता में विभागीय समीक्षा बैठक सम्पन्न, शत-प्रतिशत प्रगति सुनिश्चित करने के निर्देश
  • पंचायतीराज मंत्री ओमप्रकाश राजभर की अध्यक्षता में विभागीय योजनाओं की समीक्षा बैठक।
  • सरकारी योजनाओं की प्रगति सुनिश्चित करने के लिए समयसीमा और लक्षित प्रगति पर जोर।
  • “जीरोपावर्टी-उत्तर प्रदेश” योजना का सर्वेक्षण 31 दिसम्बर तक पूर्ण किया जाएगा।
  • सीएसआर फंड की मदद से निर्धनतम परिवारों की स्थिति में सुधार लाने की योजना।
  • 02 अक्टूबर 2025 तक प्रदेश को गरीबी मुक्त करने का लक्ष्य और सर्वेक्षण कार्य की तीव्रता।

लखनऊ, 24 दिसम्बर, 2024 – प्रदेश के पंचायतीराज, अल्पसंख्यक कल्याण, मुस्लिम वक्फ और हज मंत्री श्री ओमप्रकाश राजभर की अध्यक्षता में आज लोहिया भवन में पंचायतीराज निदेशालय के सभागार में एक महत्वपूर्ण विभागीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में प्रदेश के समस्त मण्डल/जनपद स्तरीय अधिकारियों के साथ विभागीय योजनाओं की गहन समीक्षा की गई। श्री राजभर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी योजनाओं को समयबद्ध तरीके से निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष शत-प्रतिशत प्रगति सुनिश्चित की जाए।

बैठक में श्री राजभर ने यह भी कहा कि विभागीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए सरकारी वाहन भत्ते की व्यवस्था को सुलभ और कारगर बनाना जरूरी है। इससे अधिकारियों को क्षेत्र भ्रमण में किसी भी प्रकार की समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा, जिससे योजनाओं का कार्यान्वयन सुचारू रूप से हो सकेगा। उन्होंने अधिकारियों से यह सुनिश्चित करने की अपील की कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में निरंतर यात्रा कर योजनाओं की प्रगति पर नजर रखें और उसकी निगरानी करें।

श्री राजभर ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि जिन अधिकारियों ने योजनाओं में अच्छा प्रदर्शन किया है, उन्हें प्रोत्साहित किया जाए, जबकि जिन अधिकारियों ने अपेक्षित प्रगति नहीं की है, उन्हें आवश्यक सहायता प्रदान कर उनकी कार्यप्रणाली को सुधारने के उपाय किए जाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि कोई अधिकारी अपनी जिम्मेदारी से विमुख रहता है या योजनाओं को पूरा करने में लापरवाही बरतता है तो उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

बैठक की द्वितीय पाली में, श्री राजभर की उपस्थिति में प्रदेश के समस्त पंचायत सहायकों के साथ एक वेबिनार आयोजित किया गया, जिसमें पंचायत सहायकों के कार्यों पर चर्चा की गई और उनकी समस्याओं का समाधान तलाशने के प्रयास किए गए। वेबिनार में मुख्य सचिव कार्यालय के वरिष्ठ सलाहकार श्री संदीप मांझी ने प्रदेश की महत्वाकांक्षी योजना “जीरोपावर्टी-उत्तर प्रदेश” पर विस्तृत चर्चा की। श्री राजभर ने इस योजना के उद्देश्यों और लाभार्थियों की चयन प्रक्रिया को लेकर अधिकारियों से उचित मार्गदर्शन देने की अपील की।

महत्वाकांक्षी “जीरोपावर्टी-उत्तर प्रदेश” योजना का सर्वेक्षण
श्री राजभर ने बताया कि प्रदेश में गरीबी के स्तर को कम करने और गरीब परिवारों को सरकारी योजनाओं का लाभ देने के लिए “जीरोपावर्टी-उत्तर प्रदेश” योजना लागू की गई है। इस योजना के तहत 31 दिसम्बर 2024 तक शत-प्रतिशत सर्वेक्षण पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। श्री राजभर ने कहा कि सर्वेक्षण का कार्य तेजी से चल रहा है और इसे पूरा करने के लिए विभागीय अधिकारियों द्वारा निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों से यह सुनिश्चित करने को कहा कि इस सर्वेक्षण में कोई भी गरीब परिवार छूट न जाए और सभी परिवारों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचे।

योजना के तहत चिन्हित परिवारों को गरीबों के लिए उपलब्ध सरकारी योजनाओं का लाभ प्रदान किया जाएगा, जैसे कि आवास, शिक्षा, चिकित्सा, भोजन, वस्त्र, और सतत् आय की व्यवस्था। श्री राजभर ने कहा कि इन योजनाओं को लागू करने में सरकारी फंड के साथ-साथ सीएसआर फंड की भी मदद ली जाएगी ताकि गरीबों की स्थिति में सुधार लाया जा सके।

चिन्हित परिवारों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने का लक्ष्य
श्री राजभर ने कहा कि प्रदेश में गरीबी का समाधान बहुआयामी प्रक्रिया है। इसके लिए योजनाओं को एकीकृत किया जाएगा और विशेष रूप से उन परिवारों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा जो कच्चे मकानों में रहते हैं, जिनके पास भूमि नहीं है, और जो दिहाड़ी मजदूरी पर निर्भर हैं। सर्वेक्षण में चिन्हित परिवारों को प्राथमिकता दी जाएगी और उनकी स्थिति में सुधार के लिए कार्य किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत, गरीब परिवारों के चयन में आवासहीन, भूमिहीन और दैनिक मजदूरी करने वाले परिवारों को प्राथमिकता दी जाएगी। इन परिवारों का सर्वेक्षण मोबाइल ऐप के माध्यम से किया जा रहा है। प्रत्येक परिवार का आधार, बैंक खाता और फोटोग्राफ मोबाइल ऐप पर अपलोड किया जाएगा, ताकि सत्यापन प्रक्रिया भी आसानी से की जा सके।

सर्वेक्षण प्रक्रिया की पारदर्शिता
सर्वेक्षण का कार्य पंचायत सहायकों, रोजगार सेवकों, बीसी सखियों, एस.एच.जी. आदि द्वारा किया जा रहा है। इस कार्य में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए मॉप-अप मोबाइल ऐप का उपयोग किया जा रहा है, जो प्रत्येक परिवार के चयन और सत्यापन की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाएगा। इसके बाद, परिवारों का चयन ग्राम पंचायत समिति के द्वारा डिजिटल प्लेटफॉर्म पर किया जाएगा, ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी से बचा जा सके। सभी चयनित परिवारों की सूची सार्वजनिक स्थलों पर प्रदर्शित की जाएगी ताकि सामान्य जन इसे देख सकें और कोई आपत्ति उठाई जा सके।

पंचायतीराज मंत्री का पंचायत सहायकों से संवाद
श्री राजभर ने पंचायत सहायकों से अपील की कि वे इस योजना के सफल क्रियान्वयन में सक्रिय भागीदारी निभाएं। पंचायत सहायकों की भूमिका इस योजना में विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि वे अपने-अपने गांवों के निवासी होते हैं और गांव के निर्धनतम परिवारों की स्थिति को बेहतर ढंग से समझ सकते हैं। उन्होंने पंचायत सहायकों से कहा कि इस योजना के तहत गरीब परिवारों को लाभ दिलाने में उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने पंचायत सहायकों की समस्याओं का समाधान भी किया और उनके मानदेय भुगतान के बारे में निर्देश दिए कि अगले 15 दिनों के भीतर सभी लंबित भुगतान सुनिश्चित किए जाएं।

इस बैठक में श्री राजभर ने यह स्पष्ट किया कि प्रदेश सरकार गरीबी उन्मूलन के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है और सभी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए हर स्तर पर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार ने प्रदेश को गरीबी मुक्त बनाने के लिए एक ठोस योजना बनाई है, जिसमें प्रत्येक पंचायत और ग्राम स्तर पर कार्य किया जा रहा है। अब यह अधिकारियों और पंचायत सहायकों की जिम्मेदारी है कि वे इस उद्देश्य को सफलतापूर्वक पूरा करने में अपना योगदान दें।

बैठक में अन्य उपस्थित अधिकारी
इस बैठक में पंचायतीराज निदेशक अटल कुमार राय, अपर निदेशक राजकुमार, संयुक्त निदेशक आर0एस0 चौधरी, उप निदेशक ए0के0 शाही, योगेन्द्र कटियार, राघवेन्द्र कुमार द्विवेदी, एस0एन0 सिंह सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

महाकुंभ 2025 का हरियाणा के राज्यपाल को निमंत्रण: औद्योगिक विकास मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता नन्दी और राज्य मंत्री जसवंत सिंह सैनी की मुलाकात

महाकुंभ 2025 का हरियाणा के राज्यपाल को निमंत्रण: औद्योगिक विकास मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता नन्दी और राज्य मंत्री जसवंत सिंह सैनी की मुलाकात
महाकुंभ 2025 का हरियाणा के राज्यपाल को निमंत्रण: औद्योगिक विकास मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता नन्दी और राज्य मंत्री जसवंत सिंह सैनी की मुलाकात
महाकुंभ 2025 का हरियाणा के राज्यपाल को निमंत्रण: औद्योगिक विकास मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता नन्दी और राज्य मंत्री जसवंत सिंह सैनी की मुलाकात
  • उत्तर प्रदेश सरकार के औद्योगिक विकास मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता नन्दी और राज्य मंत्री जसवंत सिंह सैनी ने हरियाणा के राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय को महाकुंभ 2025 का निमंत्रण दिया।
  • महाकुंभ 2025 में हरियाणा की सहभागिता से आयोजन को और गौरवमयी बनाया जाएगा, और यह भारतीय संस्कृति और एकता का अद्वितीय उत्सव होगा।
  • चंडीगढ़ में आयोजित भव्य रोड शो के दौरान महाकुंभ 2025 के महत्व और तैयारियों से लोगों को अवगत कराया गया।
  • महाकुंभ 2025 में लगभग 45 करोड़ श्रद्धालुओं की भागीदारी की संभावना, सुरक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं।
  • महाकुंभ 2025 को डिजिटल, स्वच्छ, और पर्यावरणीय दृष्टि से हरित बनाने के लिए कई उपाय किए गए हैं।

लखनऊ, 24 दिसम्बर 2024: उत्तर प्रदेश सरकार के औद्योगिक विकास मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता नन्दी और राज्य मंत्री जसवंत सिंह सैनी ने आज चंडीगढ़ स्थित राजभवन में हरियाणा के राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय से मुलाकात की और उन्हें महाकुंभ 2025 में आमंत्रित किया। यह महाकुंभ 13 जनवरी से 26 फरवरी 2025 तक प्रयागराज के पावन संगम तट पर आयोजित किया जाएगा। इस आयोजन में भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक स्तर पर प्रदर्शित किया जाएगा।

महाकुंभ 2025 के मुख्य पहलू:

  • महाकुंभ 2025 का आयोजन 13 जनवरी से 26 फरवरी तक प्रयागराज में होगा।
  • राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय को महाकुंभ में भाग लेने के लिए औद्योगिक विकास मंत्री नन्दी और राज्य मंत्री सैनी ने आमंत्रित किया।
  • चंडीगढ़ में आयोजित रोड शो में महाकुंभ के महत्व को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया गया।
  • महाकुंभ 2025 के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवाएं, और स्वच्छता के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं।
  • महाकुंभ में लगभग 45 करोड़ श्रद्धालुओं के आने की संभावना है, और यह भारत की सांस्कृतिक एकता को बढ़ावा देगा।

महाकुंभ के लिए हरियाणा की भूमिका:
मंत्री नन्दी ने राज्यपाल से बातचीत करते हुए कहा कि महाकुंभ 2025 का आयोजन न केवल एक धार्मिक अवसर है, बल्कि यह भारतीय संस्कृति और एकता का अद्वितीय उत्सव होगा। इस आयोजन में हरियाणा के लोगों की सक्रिय भागीदारी से आयोजन को और अधिक गौरवमयी और प्रभावशाली बनाया जाएगा।

रोड शो का आयोजन:
हरियाणा की राजधानी चंडीगढ़ में एक भव्य रोड शो आयोजित किया गया, जिसमें नागरिकों, धार्मिक संगठनों और सांस्कृतिक समूहों ने हिस्सा लिया। इस रोड शो ने महाकुंभ 2025 के महत्व और इसके आध्यात्मिक, सांस्कृतिक पहलुओं को जन-जन तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

तैयारी और सुविधाओं पर जोर:
मंत्री नन्दी ने महाकुंभ 2025 की तैयारियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह आयोजन तकनीकी दृष्टि से अत्याधुनिक और सुविधाजनक होगा। उत्तर प्रदेश सरकार ने श्रद्धालुओं के लिए कई उपाय किए हैं, जैसे डिजिटल ऐप्स, वेबसाइट, सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवाएं, और स्वच्छता।

महाकुंभ 2025 का महत्व:
महाकुंभ 2025 विश्व का सबसे बड़ा आध्यात्मिक समागम होगा, जिसमें अनुमानित 45 करोड़ श्रद्धालु भाग लेंगे। इस आयोजन के माध्यम से प्रयागराज को एक नया स्वरूप मिलेगा, और शहर के ऐतिहासिक मंदिरों एवं स्थलों का जीर्णोद्धार किया जाएगा।

महाकुम्भ-2025 के दौरान मेला क्षेत्र एवं शहर में निर्बाध विद्युत आपूर्ति हेतु ऊर्जा विभाग की व्यापक तैयारी

महाकुम्भ-2025 के दौरान मेला क्षेत्र एवं शहर में निर्बाध विद्युत आपूर्ति हेतु ऊर्जा विभाग की व्यापक तैयारी
महाकुम्भ-2025 के दौरान मेला क्षेत्र एवं शहर में निर्बाध विद्युत आपूर्ति हेतु ऊर्जा विभाग की व्यापक तैयारी
महाकुम्भ-2025 के दौरान मेला क्षेत्र एवं शहर में निर्बाध विद्युत आपूर्ति हेतु ऊर्जा विभाग की व्यापक तैयारी
  • महाकुम्भ-2025 के दौरान मेला क्षेत्र में 182 किलोमीटर एचटी और 1405 किलोमीटर एलटी लाइन का निर्माण किया जाएगा।
  • विद्युत आपूर्ति के लिए 7 पारेषण उपकेन्द्र और 14 33/11 केवी उपकेन्द्रों का उपयोग किया जाएगा।
  • स्वचलित आरएमयू द्वारा विद्युत व्यावधान पर 30 सेकेंड में सामान्य आपूर्ति की जाएगी।
  • समस्त विद्युत लाइनों की गार्डिंग की गई है और शार्ट सर्किट से आग की घटनाओं को रोकने के लिए कंड्यूक्ट पाइप का उपयोग किया जाएगा।
  • शहर और मेला क्षेत्र में 10 किलोमीटर लंबी शिरोपरि विद्युत लाइनों को भूमिगत किया जाएगा और हाईब्रिड सोलर लाइट्स का प्रयोग किया जाएगा।

लखनऊ, 24 दिसम्बर 2024: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में 13 जनवरी, 2025 से प्रारम्भ हो रहे महाकुम्भ-2025 में लाखों श्रद्धालुओं और पर्यटकों की भागीदारी को ध्यान में रखते हुए ऊर्जा विभाग ने मेला क्षेत्र और शहरी क्षेत्र में निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए विस्तृत और बहुआयामी तैयारी की है। यह आयोजन न केवल आस्था और संस्कृति का प्रतीक है, बल्कि यह धार्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। ऐसे में आयोजन स्थल पर सभी व्यवस्थाओं को सर्वोत्तम बनाए रखना, विशेष रूप से विद्युत आपूर्ति की स्थिरता, अनिवार्य है।

मेला क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार

महाकुम्भ-2025 के दौरान मेला क्षेत्र में कुल 182 किलोमीटर लंबी उच्च तापीय (एचटी) लाइन और 1405 किलोमीटर लंबी निम्न तापीय (एलटी) लाइन का निर्माण किया जा रहा है। यह सुनिश्चित करने के लिए कि मेला क्षेत्र में किसी भी स्थान पर विद्युत आपूर्ति में कोई व्यवधान न हो, इन लाइनों को मजबूती से जोड़ा जाएगा और हर क्षेत्र में विद्युत का प्रवाह सशक्त रूप से बनाए रखा जाएगा।

इसके अलावा, मेला क्षेत्र के विभिन्न स्थानों पर निर्बाध विद्युत आपूर्ति के लिए वैकल्पिक स्रोत भी सुनिश्चित किए गए हैं। इस व्यवस्था के तहत 07 पारेषण उपकेन्द्रों और 14 33/11 केवी उपकेन्द्रों से विद्युत आपूर्ति की जाएगी। यह पारेषण उपकेन्द्र किसी भी असामान्य स्थिति में विद्युत आपूर्ति की क्षमता को बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण हैं।

महाकुम्भ के दौरान विद्युत आपूर्ति में किसी भी प्रकार की विघ्नता को तुरंत ठीक करने के लिए स्वचलित रिमोट मेंटेनेंस यूनिट (आरएमयू) स्थापित किए गए हैं। इन स्वचलित आरएमयू की सुविधा से, किसी भी विद्युत व्यवधान की स्थिति में केवल 30 सेकंड में आपूर्ति सामान्य कर दी जाएगी, जिससे श्रद्धालुओं और पर्यटकों को किसी भी असुविधा का सामना नहीं करना पड़ेगा।

विद्युत सुरक्षा पर विशेष ध्यान

महाकुम्भ में करोड़ों श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए, ऊर्जा विभाग ने विद्युत सुरक्षा के मामलों में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। समस्त एचटी और एलटी लाइनों की गार्डिंग की गई है और एचटी एवं एलटी पोल की उचित तरीके से अर्थिंग की गई है, जिससे कोई भी दुर्घटना की संभावना कम हो।

इसके अलावा, कैम्पों और मेला क्षेत्र में वायरिंग के लिए कंड्यूक्ट पाइप का इस्तेमाल किया जाएगा, जिससे शार्ट सर्किट के कारण किसी भी प्रकार की आग लगने की घटनाओं को पूरी तरह रोका जा सके। मेला क्षेत्र में विद्युत सुरक्षा संबंधी सावधानियों के बारे में विशेष साइनेज भी लगाए गए हैं और पम्पलेट का वितरण किया जा रहा है, जिससे श्रद्धालु और पर्यटक विद्युत सुरक्षा के प्रति जागरूक हो सकें।

सोलर लाइट्स का नवीन प्रयोग

महाकुम्भ-2025 में ऊर्जा के उपयोग को प्रभावी और पर्यावरण के अनुकूल बनाने के लिए ऊर्जा विभाग ने एक नया कदम उठाया है। इस बार महाकुम्भ के आयोजन में हाईब्रिड सोलर स्ट्रीट लाइट्स का प्रयोग किया जा रहा है। इन लाइट्स का उद्देश्य ऊर्जा की खपत में कमी लाना है, जिससे न केवल खर्च में कमी आएगी बल्कि पर्यावरण पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।

इसके साथ ही, मेला क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति की निरंतरता सुनिश्चित करने के लिए जहां नेटवर्क नहीं पहुंचता है, वहां डीजी सेट से चलने वाली हाई मास्ट लाइट्स का भी प्रयोग किया जाएगा। यह व्यवस्था विद्युत आपूर्ति में किसी भी प्रकार की रुकावट को रोकने में मदद करेगी।

शहरी क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति का सुदृढ़ीकरण

महाकुम्भ के आयोजन का प्रभाव केवल मेला क्षेत्र तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि प्रयागराज शहर में भी विद्युत आपूर्ति को सुदृढ़ बनाने के लिए महत्वपूर्ण कार्य किए गए हैं। शहरी क्षेत्र में निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए 1067.87 लाख रुपये की लागत से 33/11 केवी न्यू बेली उपकेन्द्र का निर्माण किया गया है, जो म्योहॉल और बेली क्षेत्र के लगभग 15,000 नागरिकों को निर्बाध विद्युत आपूर्ति प्रदान करेगा।

इसके अतिरिक्त, शहर में विद्युत आपूर्ति की स्थिरता बढ़ाने के लिए 33 केवी की लिंक लाइन का निर्माण किया गया है। साथ ही, शहर के अति महत्वपूर्ण स्थानों और मार्गों पर 98 नए 11/0.4 केवी परिवर्तक लगाए गए हैं। इन परिवर्तकों के स्थान पर पहले के अतिभारित परिवर्तकों को हटाया गया और विभिन्न क्षमता वाले 250 केवीए परिवर्तकों की स्थापना की गई है।

महाकुम्भ और अखाड़ों की पेशवाई के रास्ते में आने वाली विद्युत लाइनों और पोलों को बेहतर बनाने के लिए 75 नए परिवर्तक और पोल की पेंटिंग का काम भी पूरा कर लिया गया है। इसके अतिरिक्त, महाकुम्भ के महत्वपूर्ण मार्गों पर 36 परिवर्तकों को प्लिंथ से हटाकर 75 नग 250 केवीए परिवर्तक स्थापित किए गए हैं।

महत्वपूर्ण कार्यों की पूरी जानकारी

  1. एचटी और एलटी लाइनों का विस्तार: 182 किलोमीटर एचटी और 1405 किलोमीटर एलटी लाइनों का निर्माण किया गया।
  2. रिमोट मेंटेनेंस यूनिट (आरएमयू): 30 सेकेंड में विद्युत आपूर्ति को सामान्य करने के लिए स्वचलित आरएमयू लगाए गए।
  3. सुरक्षा उपाय: शार्ट सर्किट से आग रोकने के लिए कंड्यूक्ट पाइप द्वारा वायरिंग, विद्युत लाइनों की गार्डिंग, और पोल की अर्थिंग।
  4. सोलर लाइट्स का प्रयोग: हाईब्रिड सोलर स्ट्रीट लाइट्स की स्थापना से ऊर्जा की खपत में कमी।
  5. शहरी क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति: 33/11 केवी उपकेन्द्र का निर्माण और 98 नए परिवर्तकों की स्थापना से शहरी क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति की स्थिरता।

महाकुम्भ-2025 के आयोजन के लिए ऊर्जा विभाग की तैयारियां अत्यंत विस्तृत और विविध हैं। इन कार्यों के माध्यम से महाकुम्भ क्षेत्र और प्रयागराज शहर में विद्युत आपूर्ति की निरंतरता और सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी, जिससे इस पवित्र पर्व के आयोजन में कोई विघ्न न आए और श्रद्धालु और पर्यटक बिना किसी समस्या के अपना अनुभव साझा कर सकें।

लखनऊ: मोती महल लान में श्री राम कथा महोत्सव की पत्रकार वार्ता आयोजित

लखनऊ: मोती महल लान में श्री राम कथा महोत्सव की पत्रकार वार्ता आयोजित
लखनऊ: मोती महल लान में श्री राम कथा महोत्सव की पत्रकार वार्ता आयोजित
लखनऊ: मोती महल लान में श्री राम कथा महोत्सव की पत्रकार वार्ता आयोजित
  • मोती महल लान स्थित भारत सेवा संस्थान कार्यालय में पत्रकार वार्ता आयोजित हुई।
  • अध्यक्षता पूर्व सांसद डॉ. अशोक बाजपेई ने की।
  • संयोजन संजीव पांडेय, पूर्व महामंत्री सेंट्रल बार एसोसिएशन ने किया।
  • पत्रकार वार्ता में श्री राम कथा महोत्सव की विस्तृत जानकारी दी गई।
  • आयोजन समिति के विभिन्न पदाधिकारियों ने अपने विचार साझा किए।

लखनऊ, 24 दिसंबर 2024: मोती महल लान स्थित भारत सेवा संस्थान कार्यालय में एक भव्य पत्रकार वार्ता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व सांसद डॉ. अशोक बाजपेई ने की, जबकि संयोजन का कार्यभार संजीव पांडेय, पूर्व महामंत्री सेंट्रल बार एसोसिएशन, ने संभाला।

डॉ. बाजपेई ने घोषणा की कि 25 दिसंबर 2024 से 2 जनवरी 2025 तक मोती महल लान में श्री राम कथा महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। महोत्सव का शुभारंभ 25 दिसंबर को प्रातः 11:00 बजे हनुमान सेतु मंदिर प्रांगण से वरुण कलश यात्रा के साथ होगा। इस यात्रा में माताएं और बहनें कलश लेकर शामिल होंगी, जबकि गुरुकुल के ऋषि कुमार और बटुक गण संकीर्तन करते हुए शोभायात्रा का हिस्सा बनेंगे। वरुण कलश में 27 कूपों, समस्त तीर्थों, और महानदियों का जल समाहित किया जाएगा।

दोपहर 1:00 बजे से श्रद्धेय अजय याज्ञनिक जी महाराज के मुखारविंद से सुंदरकांड का पाठ होगा। यह आयोजन श्री हनुमान जी के विशेष भाव के साथ किया जाएगा। इसके बाद, 26 दिसंबर को मध्याह्न 1:00 से 5:00 बजे तक स्वामी श्री राघवाचार्य जी महाराज श्री राम कथा का प्रवचन करेंगे। कथा का समापन 1 जनवरी 2025 को होगा।

महोत्सव के अंतिम दिन, 2 जनवरी को, भारत के विविध तीर्थों जैसे काशी, हरिद्वार, वृंदावन, इंद्रप्रस्थ दिल्ली, और अयोध्या से संतों का आगमन होगा। प्रमुख संतों में शामिल हैं:

  1. जगद्गुरु रामानुजाचार्य स्वामी श्री वासुदेवाचार्य जी महाराज।
  2. पूज्य महामंडलेश्वर स्वामी श्री प्रखर जी महाराज।
  3. समर्थ श्री त्रंबकेश्वर चैतन्य जी महाराज।
  4. जगद्गुरु स्वामी श्री देवादित्यानंद सरस्वती जी महाराज।
  5. ब्रह्मचारी गुण प्रकाश चैतन्य जी महाराज।

इन संतों के दर्शन और प्रवचन से नए वर्ष में नई ऊर्जा का संचार होगा।

  • आयोजन का स्थान और समय: मोती महल लान, 25 दिसंबर 2024 से 2 जनवरी 2025।
  • शुभारंभ: हनुमान सेतु मंदिर से वरुण कलश यात्रा।
  • मुख्य आकर्षण:
    • सुंदरकांड पाठ: श्रद्धेय अजय याज्ञनिक जी महाराज।
    • श्री राम कथा प्रवचन: स्वामी श्री राघवाचार्य जी महाराज।
    • संतों के प्रवचन और दर्शन।
  • समापन: 2 जनवरी 2025, संतों के आशीर्वचन के साथ।

पत्रकार वार्ता में श्री राम कथा आयोजन समिति के स्वागताध्यक्ष, मोतीलाल मेमोरियल सोसायटी के महामंत्री राजेश सिंह जी एवं भारत सेवा संस्थान के महामंत्री डॉ. जे.एन. मिश्रा ने अपने विचार प्रस्तुत किए। श्री राम कथा महोत्सव के संयोजक आचार्य डॉ. सप्तर्षि मिश्र और वरिष्ठ अधिवक्ता संजीव पांडेय ने आयोजन की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह श्री राम कथा संस्कार परक, आनंददायक और सभी प्रकार के संशयों को मिटाने वाली होगी।