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पाकिस्तान की सैन्य अदालत द्वारा इमरान समर्थकों को सजा सुनाए जाने पर अमेरिका ने नाराजगी जताई

सैन फ्रांसिस्को: पाकिस्तान की एक सैन्य अदालत द्वारा 25 पाकिस्तानी नागरिकों को सजा सुनाए जाने पर चिंता व्यक्त करते हुए अमेरिका ने कहा कि इन अदालतों में न्यायिक स्वतंत्रता, पारदर्शिता और उचित प्रक्रिया की गारंटी का अभाव है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता मैथ्यू मिलर ने कहा, ‘‘पाकिस्तान में नौ मई 2023 को हुए विरोध-प्रदर्शनों में भाग लेने के लिए पाकिस्तान की एक सैन्य अदालत द्वारा पाकिस्तानी नागरिकों को सजा सुनाए जाने से अमेरिका बेहद चिंतित है। इन सैन्य अदालतों में न्यायिक स्वतंत्रता, पारदर्शिता और उचित प्रक्रिया की गारंटी का अभाव है।’’

ट्रंप के करीबी ने भी दी प्रतिक्रिया 

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, ‘‘अमेरिका, पाकिस्तानी अधिकारियों से पाकिस्तान के संविधान में निहित निष्पक्ष सुनवाई और उचित प्रक्रिया के अधिकार का सम्मान करने का लगातार आह्वान करता आ रहा है।’’ हालांकि, अमेरिका के नव-निर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक करीबी सहयोगी रिचर्ड ग्रेनेल ने कहा कि यह आह्वान देरी से किया गया है और कमजोर है। रिचर्ड ग्रेनेल ने कहा, ‘‘आपने बहुत देरी कर दी। आपके आह्वान में वो जोर नहीं दिखता। इमरान खान को रिहा किया जाए।’’

‘इमरान खान को रिहा करने का समय आ गया है’

ग्रेनेल ने 2020 में ट्रंप के अधीन राष्ट्रीय खुफिया विभाग के कार्यवाहक निदेशक के रूप में काम किया और वह 2018 से 2020 तक जर्मनी में अमेरिकी राजदूत भी रहे हैं। भारतीय-अमेरिकी सांसद रो खन्ना ने इमरान खान की रिहाई को लेकर ग्रेनेल की मांग पर सहमति जताई। खन्ना ने कहा, ‘‘मैं रिचर्ड ग्रेनेल से सहमत हूं। इमरान खान को रिहा करने और पाकिस्तान के लोगों को नए लोकतांत्रिक चुनाव कराने की अनुमति देने का समय आ गया है।’’

यह भी जानें

पाकिस्तानी नागरिकों को सजा सुनाए जाने पर चिंता व्यक्त करते हुए ब्रिटेन के विदेश मंत्रालय ने कहा कि “सैन्य अदालतों में नागरिकों पर मुकदमा चलाने में पारदर्शिता, स्वतंत्र जांच का अभाव है और यह निष्पक्ष सुनवाई के अधिकार को कमजोर करता है।” वहीं, इस फैसले पर यूरोपीय संघ का भी बयान सामने आया है। यूरोपीय संघ ने कहा कि सजा नागरिक एवं राजनीतिक अधिकारों पर अंतर्राष्ट्रीय अनुबंध के तहत पाकिस्तान की प्रतिबद्धताओं से मेल नहीं खातीं हैं।

Israel Killed Hamas Leader Ismail Haniyeh:इजरायल ने हमास नेता इस्माइल हानिया की हत्या की थी, बड़ा खुलासा सामने आया

इजरायल के रक्षा मंत्री काट्ज ने पहली बार हमास नेता इस्माइल हानिया की हत्या की जिम्मेदारी ली है। रक्षा मंत्री ने पुष्टि की है कि इजरायल ने हमास के शीर्ष नेता हानिया की ईरान में हत्या कर दी थी। इजरायल के रक्षा मंत्री ने यमन में हूती विद्रोहियों को भी चेतावनी दी है।  काट्ज ने हूती नेतृत्व के खिलाफ भी इसी तरह की कार्रवाई करने की बात कही है।

ईरान में हुई थी इस्माइल हानिया की हत्या

रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने पहली बार इस्माइल हानिया की हत्या को स्वीकार किया है। हानिया इसी साल जुलाई में ईरान में एक विस्फोट में मारा गया था। इस्माइल हानिया की मौत के बाद माना जा रहा था कि विस्फोट के पीछे इजरायल का हाथ था। हालांकि, अभी तक इस पर खुलकर किसी ने कुछ भी नहीं कहा था। अब काट्ज के बयान से साफ है कि हानिया इजरायल के निशाने पर था।

हूती विद्रोहियों का होगा अंत

सोमवार को एक भाषण में रक्षा मंत्री काट्ज ने कहा कि हूती विद्रोहियों का भी ऐसा ही अंत होगा। उन्होंने यह भी कहा कि इजरायल ने हमास और हिजबुल्लाह के अन्य नेताओं को मार डाला है, सीरिया के बशर असद को उखाड़ फेंकने में मदद की है और ईरान के एंटी एयरक्राफ्ट सिस्टम को नष्ट कर दिया है।

क्या बोले इजरायल के रक्षा मंत्री

इजरायल के रक्षा मंत्री ने कहा कि हम हूतियों के रणनीतिक बुनियादी ढांचे पर हमला करेंगे और नेतृत्व का सिर काट देंगे। उन्होंने पिछले इजरायली हमलों में मारे गए हमास और हिजबुल्लाह नेताओं का जिक्र करते हुए कहा कि जैसा हमने तेहरान, गाजा और लेबनान में हानिया, सिनवार और नसरल्लाह के साथ किया था, वैसे ही हम होदेदा और सना में भी करेंगे।

हूतियों ने इजरायल पर किए हैं हमले

इस बीच यहां यह भी बता दें कि, ईरान समर्थित हूतियों ने इजरायल पर मिसाइलों और ड्रोन से हमले किए हैं। हाल ही में एक मिसाइल तेल अवीव में गिरी था और इस हमले में कम से कम 16 लोग घायल हो गए थे। इजरायल ने भी यमन में यूतियों के ठिकानों को निशाना बनाते हुए कई हमले किए हैं।

केजीएमयू माइक्रोबायोलॉजी विभाग ने 38वें स्थापना दिवस पर “वायरल हेपेटाइटिस उन्मूलन” पर व्याख्यान के साथ मनाया विशेष आयोजन

केजीएमयू माइक्रोबायोलॉजी विभाग ने 38वें स्थापना दिवस पर "वायरल हेपेटाइटिस उन्मूलन" पर व्याख्यान के साथ मनाया विशेष आयोजन
केजीएमयू माइक्रोबायोलॉजी विभाग ने 38वें स्थापना दिवस पर "वायरल हेपेटाइटिस उन्मूलन" पर व्याख्यान के साथ मनाया विशेष आयोजन
केजीएमयू माइक्रोबायोलॉजी विभाग ने 38वें स्थापना दिवस पर "वायरल हेपेटाइटिस उन्मूलन" पर व्याख्यान के साथ मनाया विशेष आयोजन
  • 38वें स्थापना दिवस पर केजीएमयू माइक्रोबायोलॉजी विभाग ने भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया।
  • डॉ. एकता गुप्ता ने “वायरल हेपेटाइटिस उन्मूलन” पर प्रेरक व्याख्यान दिया।
  • मुख्य अतिथि कुलपति प्रोफेसर सोनिया नित्यनंद ने विभाग की उपलब्धियों की सराहना की।
  • विभाग की वार्षिक रिपोर्ट और न्यूजलेटर का विमोचन किया गया।
  • 10 वर्षों से अधिक सेवा देने वाले कर्मचारियों और विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को सम्मानित किया गया।

लखनऊ, 24 दिसंबर 2024: किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) के माइक्रोबायोलॉजी विभाग ने अपने 38वें स्थापना दिवस पर भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया। यह कार्यक्रम सेल्बी हॉल में आयोजित हुआ, जिसमें शिक्षाविदों, पूर्व छात्रों, रेजिडेंट्स, कर्मचारियों और चिकित्सा क्षेत्र के अन्य विशेषज्ञों ने भाग लिया। विभाग ने अपनी समृद्ध विरासत, शिक्षा, अनुसंधान और रोगी देखभाल में उल्लेखनीय योगदान को गर्व के साथ प्रस्तुत किया।

प्रमुख आकर्षण: वायरल हेपेटाइटिस उन्मूलन पर प्रेरक व्याख्यान

कार्यक्रम की मुख्य विशेषता “भारत से वायरल हेपेटाइटिस का उन्मूलन” विषय पर प्रेरक व्याख्यान रही। इसे दिल्ली के इंस्टीट्यूट ऑफ लिवर एंड बिलियरी साइंसेज में क्लीनिकल वायरोलॉजी विभाग की प्रमुख डॉ. एकता गुप्ता ने प्रस्तुत किया। डॉ. गुप्ता ने इस गंभीर स्वास्थ्य समस्या पर अपनी गहन विशेषज्ञता साझा की और इसके समाधान के लिए ठोस रणनीतियों पर चर्चा की। उनका संबोधन उपस्थित लोगों के लिए बेहद प्रेरणादायक और जानकारीपूर्ण रहा।

उपस्थित प्रमुख अतिथि और विभागीय नेतृत्व

कार्यक्रम में प्रोफेसर सोनिया नित्यनंद, कुलपति, केजीएमयू, ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। साथ ही, प्रोफेसर अपजीत कौर, प्रोकुलपति, विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं।
विभाग की प्रमुख और डीन (अकादमिक्स), प्रोफेसर अमिता जैन ने विभाग की वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की, जिसमें विभाग की उपलब्धियों, शोध कार्यों और रोगी देखभाल में उनके योगदान को रेखांकित किया गया।

विभागीय उपलब्धियां और सम्मान समारोह

विभाग ने अपनी वार्षिक न्यूजलेटर का विमोचन किया, जिसमें विभाग की उल्लेखनीय गतिविधियों, शोध उपलब्धियों और एंटीबायोग्राम्स जैसी महत्वपूर्ण जानकारियों को साझा किया गया।
इसके साथ ही, 10 वर्षों से अधिक सेवा देने वाले अनुबंध और प्रोजेक्ट स्टाफ को नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।

प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कार वितरण

विश्व एंटीमाइक्रोबियल रेसिस्टेंस अवेयरनेस वीक 2024 के दौरान आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को भी सम्मानित किया गया। इन प्रतियोगिताओं में पोस्टर, स्किट, शॉर्ट वीडियो, अगर आर्ट और फेस पेंटिंग शामिल थे।

दिवंगत प्रोफेसर आशा माथुर को विशेष श्रद्धांजलि

विभाग ने अपने पूर्व विभागाध्यक्ष दिवंगत प्रोफेसर आशा माथुर की स्मृति में विशेष श्रद्धांजलि अर्पित की। उनके परिवार ने भी कार्यक्रम में भाग लिया और उनके योगदान की यादें साझा कीं।

कुलपति का संबोधन और विभाग की प्रशंसा

मुख्य अतिथि, प्रोफेसर सोनिया नित्यनंद, कुलपति, केजीएमयू, ने सभा को संबोधित किया। उन्होंने माइक्रोबायोलॉजी के क्षेत्र में विभाग की अनमोल भूमिका की सराहना की और इसके उच्च मानकों और समर्पण के प्रति आभार व्यक्त किया।

उपस्थित प्रमुख शिक्षाविद और आयोजन समिति

कार्यक्रम में प्रोफेसर अशोक चंद्रा (सेवानिवृत्त), प्रोफेसर विमला वेंकटेश, प्रोफेसर गोपा बनर्जी, प्रोफेसर आर.के. गर्ग, प्रोफेसर प्रशांत गुप्ता, प्रोफेसर यू.एस. सिंह, प्रोफेसर सुरेश बाबू, प्रोफेसर जे.डी. रावत, प्रोफेसर विनीता मित्तल, प्रोफेसर सुरेश कुमार, प्रोफेसर अमित आर्य, डॉ. पारुल, डॉ. सुरुचि, डॉ. श्रुति सहित कई प्रमुख व्यक्तित्व उपस्थित रहे।
इस आयोजन को प्रोफेसर आर.के. कल्याण और डॉ. शीतल वर्मा (प्रो. जे.जी.आर.) ने कुशलता से आयोजित किया।

लखनऊ व नोएडा के स्मारक 115 करोड़ रूपये की लागत से संवरेंगे

लखनऊ व नोएडा के स्मारक 115 करोड़ रूपये की लागत से संवरेंगे
लखनऊ व नोएडा के स्मारक 115 करोड़ रूपये की लागत से संवरेंगे
लखनऊ व नोएडा के स्मारक 115 करोड़ रूपये की लागत से संवरेंगे
  • लखनऊ विकास प्राधिकरण की अध्यक्ष/मण्डलायुक्त डाॅ0रोशन जैकब ने स्मारक समिति के अधिकारियों के साथ बैठक करके कार्यों की समीक्षा की।
  • इस वर्ष 50 करोड़ रूपये की लागत से कराये गये मरम्मत व सौंदर्यीकरण के कार्य, शेष कार्यों के लिए 65 करोड़ रूपये की धनराशि स्वीकृत की गयी।

लखनऊ, 24 दिसम्बर 2025: लखनऊ विकास प्राधिकरण की अध्यक्ष/मण्डलायुक्त डाॅ0 रोशन जैकब ने स्मारकों के रख-रखाव के सम्बंध में मंगलवार को प्राधिकरण व स्मारक समिति के अधिकारियों के साथ बैठक की। जिसमें प्राधिकरण के उपाध्यक्ष व स्मारक समिति के सदस्य सचिव प्रथमेश कुमार, अपर सचिव ज्ञानेन्द्र वर्मा व संयुक्त सचिव सुशील प्रताप सिंह समेत अन्य लोग उपस्थित रहे।

इस दौरान उन्होंने गोमती नगर स्थित डाॅ0 भीमराव अम्बेडकर सामाजिक परिवर्तन स्थल, पुरानी जेल रोड स्थित मान्यवर श्री कांशीराम जी स्मारक स्थल व नोएडा स्थित राष्ट्रीय दलित प्रेरणा स्थल में किये जा रहे मरम्मत व सौंदर्यीकरण के कार्यों की समीक्षा की। इसमें पाया गया कि इस वर्ष लगभग 50 करोड़ रूपये की लागत से मरम्मत, लाइटिंग व सौंदर्यीकरण के कार्य कराये गये हैं। इसके अलावा 65 करोड़ रूपये की लागत से अन्य कार्य किये जाने हैं, जिसके लिए धनराशि स्वीकृत की जा चुकी है।

बैठक में लखनऊ विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष व स्मारक समिति के सदस्य सचिव प्रथमेश कुमार ने बताया कि गोमती नगर स्थित डाॅ0 भीमराव अम्बेडकर सामाजिक परिवर्तन स्थल में लगभग 20 करोड़ रूपये की लागत से महापुरूषों की मूर्तियों, हाथी दीर्घा, स्तूप के बीमों में आयी दरारों, परिसर में लगे सैंड स्टोन व ग्रेनाइट आदि पत्थरों, सड़क व लाइटों की मरम्मत, पेन्टिंग व पाॅलिश आदि का कार्य कराया गया है। इसके अलावा मुख्य स्मारक की दीवारों पर आये काले धब्बों की सफाई, सिलिकाॅन कोटिंग व अन्य जगहों पर वाॅटर प्रूफिंग का कार्य कराने के साथ म्यूजिकल फाउंटेन को सही कराकर संचालित करा दिया गया है। यहां कई अन्य कार्य भी कराये जाने हैं, जिसके लिए अलग से 33 करोड़ रूपये की धनराशि स्वीकृत करने का कार्य किया जा रहा है।

इसी तरह पुरानी जेल रोड स्थित मान्यवर श्री कांशीराम जी स्मारक स्थल में 25 करोड़ रूपये की लागत से मरम्मत व सौंदर्यीकरण के कार्य कराये जा रहे हैं। जिसमें मुख्य गुम्बद के छत में आयी दरारों व जल रिसाव को ठीक करने का कार्य पूरा होने वाला है। वहीं, परिसर की लाइटों के रख-रखाव, पेन्टिंग, पाॅलिश, सिलिकाॅन कोटिंग व वाॅटर प्रूफिंग का कार्य भी पूर्ण करा दिया गया है। इसके अलावा 25 करोड़ रूपये की लागत से प्रस्तावित कार्यों के लिए धनराशि स्वीकृत की जा रही है।

इसके अलावा नोएडा स्थित राष्ट्रीय दलित प्रेरणा स्थल, ग्रीन गार्डेन में लगभग 03 करोड़ रूपये की लागत से पत्थरों की मरम्मत, सफाई, पेन्टिंग व फ्लोरिंग आदि के कार्य कराये गये हैं। इसके अलावा अन्य प्रस्तावित कार्यों के लिए लगभग 04 करोड़ रूपये स्वीकृत किये गये हैं। इस पर मण्डलायुक्त ने निर्देश दिये कि पुराने अवशेष कार्यों को जल्द से जल्द पूर्ण करा लिया जाए। उन्होंने कहा कि स्मारकों में एक बार पुनः निरीक्षण कर लिया जाए। इसमें मरम्मत आदि के कराये जाने वाले जो भी अन्य जरूरी कार्य हैं, उन्हें भी प्रस्ताव में शामिल करते हुए काम शुरू करवाया जाए।

अटल संदेश यात्रा और सभा: अटल जी के विचारों से सरोजनीनगर हुआ ओत-प्रोत

अटल संदेश यात्रा और सभा: अटल जी के विचारों से सरोजनीनगर हुआ ओत-प्रोत
अटल संदेश यात्रा और सभा: अटल जी के विचारों से सरोजनीनगर हुआ ओत-प्रोत
अटल संदेश यात्रा और सभा: अटल जी के विचारों से सरोजनीनगर हुआ ओत-प्रोत
  • अटल जी के जन्मदिवस की पूर्व संध्या पर सरोजनीनगर में भव्य अटल संदेश यात्रा और अटल सभा का आयोजन।
  • यात्रा में ढोल-नगाड़ों और गाजे-बाजे के बीच बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
  • विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने अटल जी की ‘विकास दर्शन’ और सरोजनीनगर के विकास की योजनाओं को क्षेत्रवासियों के बीच साझा किया।
  • नववर्ष के कैलेंडर वितरित किए गए, और तारा शक्ति रसोई के माध्यम से पौष्टिक भोजन की व्यवस्था की गई।
  • अटल चौक पर 100 दीपों से अटल जी को श्रद्धांजलि अर्पित की गई, कार्यक्रम में भाजपा कार्यकर्ता और क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।

लखनऊ, सरोजनीनगर, 24 दिसम्बर 2024: भारत रत्न और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई के जन्मदिवस की पूर्व संध्या पर सरोजनीनगर विधानसभा के ग्राम माती में भव्य अटल संदेश यात्रा और अटल सभा का आयोजन किया गया। यह आयोजन भाजपा विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह के नेतृत्व में हुआ, जिसमें क्षेत्रवासियों, भाजपा कार्यकर्ताओं और डॉ. राजेश्वर सिंह की टीम ने बड़ी संख्या में भाग लिया। यह आयोजन अटल जी के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने और सरोजनीनगर के विकास को एक नई दिशा देने का महत्वपूर्ण अवसर था।

अटल संदेश यात्रा की शुरुआत ढोल-नगाड़ों और गाजे-बाजे के साथ हुई, जिसमें बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। यात्रा में लोग भारत माता की जय और अटल जी अमर रहें के नारे लगाते हुए पूरे मार्ग में चल रहे थे। इस दौरान वातावरण देशभक्ति से सराबोर था, और हर कोई अटल जी के विचारों और कार्यों की सराहना कर रहा था। यात्रा के समापन पर अटल सभा का आयोजन किया गया, जहां अटल बिहारी वाजपेई की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया गया। यह श्रद्धांजलि अटल जी के योगदान और उनकी विचारधारा के प्रति सम्मान को प्रकट करने का एक तरीका था।

विकास दर्शन रथ और अटल विचारधारा पर चर्चा

सभा में विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने ‘सरोजनीनगर विकास दर्शन रथ’ के माध्यम से अटल बिहारी वाजपेई के व्यक्तित्व को लेकर एक विशेष वीडियो फिल्माया, जिसे सभा में उपस्थित लोगों को दिखाया गया। इस वीडियो में अटल जी की विचारधारा और उनके योगदान को विस्तार से बताया गया। डॉ. राजेश्वर सिंह ने सभा में उपस्थित लोगों से सरोजनीनगर के विकास से संबंधित सुझाव प्राप्त किए और उन्हें विकास योजनाओं से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि अटल जी की नीतियों और विचारों के आधार पर सरोजनीनगर में कई महत्वपूर्ण विकास कार्य चल रहे हैं और आगे भी इन योजनाओं को लागू किया जाएगा।

इसके साथ ही, क्षेत्रवासियों को नववर्ष का कैलेंडर भेंट कर शुभकामनाएं दी गईं। इस अवसर पर तारा शक्ति रसोई के माध्यम से सभी उपस्थित लोगों के लिए पौष्टिक भोजन की व्यवस्था की गई, ताकि हर किसी को इस आयोजन का लाभ मिले और उन्हें अटल जी के विचारों के साथ-साथ शारीरिक और मानसिक पोषण भी मिल सके।

कार्यक्रम में गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति

इस कार्यक्रम में माती ग्राम प्रधान रामसागर यादव, खटोला ग्राम प्रधान संतोष कुमार, भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा के जिलाध्यक्ष रविंदर कुमार, अधिवक्ता अरुण कुमार मिश्रा, सपेरा समाज के प्रतिनिधि सूरज नाथ सपेरा और क्षेत्रीय भाजपा पदाधिकारियों के साथ-साथ बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित रहे। इन सभी की उपस्थिति ने इस कार्यक्रम को और भी भव्य और यादगार बना दिया।

अटल चौक पर दीप जलाकर श्रद्धांजलि अर्पित की गई

अटल जी के जन्मदिवस की पूर्व संध्या पर एक और महत्वपूर्ण आयोजन सुशांत गोल्फ सिटी स्थित अटल चौक पर हुआ, जहां 100 दीपों से अटल जी को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में पार्टी कार्यकर्ताओं और स्थानीय नागरिकों ने अटल जी की प्रतिमा के समक्ष दीप जलाए और उन्हें श्रद्धांजलि दी। यह आयोजन न केवल अटल जी के विचारों और आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने का एक माध्यम बना, बल्कि यह सरोजनीनगर की विकास यात्रा में एक और महत्वपूर्ण अध्याय जोड़ने वाला कदम साबित हुआ।

समाप्ति: अटल जी के आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने का अभियान

यह आयोजन न केवल अटल बिहारी वाजपेई के विचारों और आदर्शों को जीवित रखने का एक महत्वपूर्ण अवसर था, बल्कि सरोजनीनगर के विकास में एक और महत्वपूर्ण कदम भी साबित हुआ। इस कार्यक्रम के माध्यम से न केवल अटल जी की विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाया गया, बल्कि यह सुनिश्चित किया गया कि सरोजनीनगर में विकास के नए द्वार खुलेंगे और क्षेत्रवासियों की भागीदारी से यह क्षेत्र एक नई दिशा में आगे बढ़ेगा।