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राज्यपाल से राजभवन, लखनऊ में प्रमुख समाचार-पत्रों एवं प्रमुख इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के प्रतिनिधियों ने प्रेस संवाद कार्यक्रम में मुलाकात की

राज्यपाल से राजभवन, लखनऊ में प्रमुख समाचार-पत्रों एवं प्रमुख इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के प्रतिनिधियों ने प्रेस संवाद कार्यक्रम में मुलाकात की
राज्यपाल से राजभवन, लखनऊ में प्रमुख समाचार-पत्रों एवं प्रमुख इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के प्रतिनिधियों ने प्रेस संवाद कार्यक्रम में मुलाकात की
राज्यपाल से राजभवन, लखनऊ में प्रमुख समाचार-पत्रों एवं प्रमुख इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के प्रतिनिधियों ने प्रेस संवाद कार्यक्रम में मुलाकात की
  • महाकुम्भ में श्रद्धालुओं की साइबर सुरक्षा के लिए 56 साइबर योद्धा तैनात किए गए हैं, और एसएसपी महाकुम्भनगर द्वारा डिजिटल महाकुम्भ की पूरी मॉनिटरिंग की जा रही है।
  • मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर महाकुम्भनगर के सभी थानों में स्पेशल साइबर हेल्प डेस्क बनाई जा रही है, जिसमें एक्सपर्ट तैनात किए गए हैं।
  • श्रद्धालुओं को जागरूक करने के लिए मेला क्षेत्र और कमिश्नरेट में 40 वीएमडी (वैरिएबल मैसेजिंग डिस्प्ले) लगाए जाएंगे।
  • महाकुम्भ साइबर थाना बनाया गया है, जो फर्जी वेबसाइटों और ऑनलाइन ठगी के खिलाफ कार्रवाई करेगा, और श्रद्धालुओं को सुरक्षा उपायों के बारे में जागरूक करेगा।
  • साइबर ठगों के खिलाफ विशेष एक्शन लिया जाएगा, और ऑनलाइन सुरक्षा के लिए मोबाइल साइबर टीम भी सक्रिय रहेगी।
राज्यपाल से राजभवन, लखनऊ में प्रमुख समाचार-पत्रों एवं प्रमुख इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के प्रतिनिधियों ने प्रेस संवाद कार्यक्रम में मुलाकात की
राज्यपाल से राजभवन, लखनऊ में प्रमुख समाचार-पत्रों एवं प्रमुख इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के प्रतिनिधियों ने प्रेस संवाद कार्यक्रम में मुलाकात की

लखनऊ, 26 दिसंबर 2024 – उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने आज राजभवन, लखनऊ में प्रमुख समाचार-पत्रों और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के प्रतिनिधियों से संवाद किया। इस अवसर पर पत्रकारों ने राज्यपाल से विभिन्न मुद्दों पर सवाल किए, और राज्यपाल ने अपनी विचारशील और स्पष्ट उत्तरों के माध्यम से संवाद को एक सार्थक दिशा दी। इस संवाद कार्यक्रम में अनौपचारिक चर्चा का भी दौर चला, जिससे विभिन्न विषयों पर विचारों का आदान-प्रदान हुआ।

राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के प्रमुख विचार:

1. शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार:

राज्यपाल जी ने प्रदेश के विश्वविद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए किए जा रहे निरंतर प्रयासों पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों में शिक्षा को रोजगारपरक बनाने के लिए कई कदम उठाए जा रहे हैं। इसके साथ ही, उन्होंने विश्वविद्यालयों में शोध और नवाचार को बढ़ावा देने की बात की, ताकि विद्यार्थी केवल प्रमाण पत्र प्राप्त करने तक सीमित न रहें, बल्कि उनकी शिक्षा उनकी करियर की दिशा को भी बेहतर बनाये। राज्यपाल जी ने यह भी बताया कि प्रदेश के विश्वविद्यालय अब राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं और इस दिशा में निरंतर सुधार हो रहा है।

2. राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर विश्वविद्यालयों का प्रदर्शन:

राज्यपाल जी ने उत्तर प्रदेश के विश्वविद्यालयों के प्रदर्शन पर गर्व जताया और बताया कि नैक और एनआईआरएफ रैंकिंग में प्रदेश के विश्वविद्यालय अब उत्कृष्ट स्थान पर पहुंच रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि विश्वविद्यालयों द्वारा डिजिलॉकर जैसी डिजिटल पहल को अपनाया जा रहा है, जिससे विद्यार्थियों का समय और धन बच रहा है, और डिग्रियां ऑनलाइन उपलब्ध हो रही हैं।

3. उच्च शिक्षा को रोजगारपरक बनाना:

राज्यपाल जी ने उच्च शिक्षा को रोजगारपरक बनाने के लिए किए जा रहे निरंतर प्रयासों को रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार छात्रों को बेहतर मार्गदर्शन प्रदान करने के लिए कई कदम उठा रही है। उच्च शिक्षा के क्षेत्र में इस समय कई महत्वपूर्ण योजनाएं लागू की जा रही हैं, जो विद्यार्थियों को रोजगार से जोड़ने में सहायक हो रही हैं।

4. महिलाओं की भागीदारी में वृद्धि:

आर्गेनिक खेती के क्षेत्र में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी की बात करते हुए राज्यपाल जी ने बताया कि प्रदेश में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कई कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। आर्गेनिक खेती में महिलाओं का योगदान न केवल उनके परिवार के लिए बल्कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था के लिए भी फायदेमंद साबित हो रहा है। यह एक अहम पहल है, जो समाज में महिलाओं की भूमिका को मजबूत बनाती है।

5. समाज की भलाई के लिए निरंतर प्रयास:

राज्यपाल जी ने अपनी भूमिका को समाज की भलाई के लिए एक मंच के रूप में देखा। उन्होंने कहा कि राजभवन को एक ऐसा प्लेटफार्म माना जाता है जहां से शिक्षा, स्वास्थ्य, और जनसेवा के महत्वपूर्ण मुद्दों पर सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है। अनुशासन और समर्पण के साथ किए गए कार्यों से ही समाज में सकारात्मक बदलाव संभव हो सकता है, और राज्यपाल जी ने इसे अपनी प्राथमिकता माना है।

6. गुजरात मॉडल और यूपी मॉडल में अंतर:

गुजरात और उत्तर प्रदेश के विकास मॉडल की तुलना करते हुए राज्यपाल जी ने कहा कि दोनों राज्यों के भौगोलिक और सामाजिक परिस्थितियां अलग हैं। उन्होंने कहा कि गुजरात मॉडल ने अपनी अलग पहचान बनाई है, लेकिन उत्तर प्रदेश में भी तेजी से प्रगति हो रही है। राज्यपाल जी ने यह बताया कि यूपी में शिक्षा, स्वास्थ्य, और पर्यटन के क्षेत्र में सुधार हो रहा है, और प्रदेश की विविधता तथा स्थानीय संसाधनों का सही उपयोग इसे और अधिक प्रभावी बना रहा है।

7. टीबी मुक्त अभियान:

राज्यपाल जी ने ‘टीबी मुक्त अभियान’ की सफलता की चर्चा की, जो पहले मध्य प्रदेश में लागू हुआ था और अब उत्तर प्रदेश में भी सफलतापूर्वक चल रहा है। उन्होंने बताया कि इस अभियान को प्रधानमंत्री जी द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर लागू करने की घोषणा की गई है, जिससे टीबी से पीड़ित लोगों को बेहतर इलाज मिल रहा है और इस बीमारी के उन्मूलन में मदद मिल रही है।

8. महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य के लिए विशेष प्रयास:

राज्यपाल जी ने प्रदेश में महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य के लिए किए जा रहे प्रयासों को भी साझा किया। उन्होंने बताया कि आंगनवाड़ी केंद्रों को सशक्त बनाने और बच्चों को भिक्षावृत्ति से मुक्त कर स्कूलों में दाखिला दिलाने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसके साथ ही, सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए टीकाकरण अभियान और महिलाओं के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने की बात की गई।

9. राजभवन के नवाचार:

राज्यपाल जी ने राजभवन में हो रहे नवाचारों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि राजभवन में शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक उत्थान के लिए कई नए कार्यक्रम शुरू किए गए हैं, जो प्रदेश के विकास में योगदान कर रहे हैं। इनमें डिजिटल पहलें, विश्वविद्यालयों की रैंकिंग सुधारने, और पाठ्यक्रम में समानता सुनिश्चित करने के प्रयास शामिल हैं।

संवाद कार्यक्रम का समापन:

कार्यक्रम की शुरुआत अपर मुख्य सचिव डॉ. सुधीर महादेव बोबडे के स्वागत भाषण से हुई, जिन्होंने बताया कि यह संवाद राज्यपाल जी की पहल पर आयोजित किया गया है, जिसका उद्देश्य प्रदेश में उच्च शिक्षा, स्वास्थ्य, और सामाजिक सुधारों की जानकारी साझा करना था। इसके साथ ही, उन्होंने राजभवन द्वारा किए गए कई महत्वपूर्ण प्रयासों, जैसे टीबी मरीजों के लिए पोषण सामग्री और देखभाल कार्यक्रम, सर्वाइकल कैंसर टीकाकरण अभियान, और महिलाओं के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने की जानकारी दी।

समाप्ति पर राज्यपाल जी ने पत्रकारों को ‘लोकहित के मुखर स्वर’ और ‘हमारा राजभवन’ जैसी पुस्तकों और त्रैमासिक पत्रिका ‘उमंग’ का उपहार दिया। इसके बाद, सभी पत्रकारों ने राजभवन का भ्रमण किया और वहां किए गए नवाचारों के बारे में जानकारी प्राप्त की।

इस संवाद कार्यक्रम ने राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल के स्पष्ट और प्रेरणादायक उत्तरों के माध्यम से प्रदेश में हो रहे सकारात्मक बदलावों को उजागर किया। यह कार्यक्रम प्रदेश के सामाजिक, शैक्षिक, और स्वास्थ्य सुधारों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का प्रतीक बनकर सामने आया।

डिजिटल महाकुम्भ: सीएम योगी के निर्देश पर महाकुम्भ में साइबर सुरक्षा का विशेष इंतजाम, महाकुम्भ में श्रद्धालुओं की सुरक्षा करेंगे 56 स्पेशल साइबर योद्धा

डिजिटल महाकुम्भ: सीएम योगी के निर्देश पर महाकुम्भ में साइबर सुरक्षा का विशेष इंतजाम, महाकुम्भ में श्रद्धालुओं की सुरक्षा करेंगे 56 स्पेशल साइबर योद्धा
डिजिटल महाकुम्भ: सीएम योगी के निर्देश पर महाकुम्भ में साइबर सुरक्षा का विशेष इंतजाम, महाकुम्भ में श्रद्धालुओं की सुरक्षा करेंगे 56 स्पेशल साइबर योद्धा
डिजिटल महाकुम्भ: सीएम योगी के निर्देश पर महाकुम्भ में साइबर सुरक्षा का विशेष इंतजाम, महाकुम्भ में श्रद्धालुओं की सुरक्षा करेंगे 56 स्पेशल साइबर योद्धा
  • महाकुम्भनगर में सभी थानों में बनाई जा रही स्पेशल साइबर हेल्प डेस्क
  • साइबर पेट्रोलिंग के लिए तैनात किए गए एक्सपर्ट, वीएमडी पर फिल्म के माध्यम से श्रद्धालुओं को किया जाएगा जागरूक
  • महाकुम्भनगर पुलिस का साइबर ठगों के खिलाफ बड़े एक्शन का प्लान तैयार

महाकुम्भनगर, 26 दिसम्बर 2024: महाकुम्भ में श्रद्धालुओं की साइबर सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए हैं। यहां देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए महाकुम्भनगर में 56 साइबर योद्धा तैनात किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर डिजिटल महाकुम्भ की पूरी मॉनिटरिंग खुद एसएसपी महाकुम्भनगर के द्वारा की जा रही है। साइबर सुरक्षा की विशेष योजना के तहत साइबर ठगों के खिलाफ बड़ा एक्शन प्लान तैयार किया गया है।

मुख्यमंत्री योगी के निर्देश पर महाकुम्भनगर के सभी थानों में एक स्पेशल साइबर हेल्प डेस्क बनाई जा रही है, जिसमें साइबर पेट्रोलिंग के लिए एक्सपर्ट तैनात किए गए हैं। मेला के साथ ही पूरे प्रयागराज ने वीएमडी पर फिल्म के साथ ही सोशल मीडिया के माध्यम से भी श्रद्धालुओं को जागरूक किया जा रहा है। इसके लिए बाकायदा एआई, एक्स, फेसबुक और गूगल का विधिवत उपयोग किया जा रहा है।

श्रद्धालुओं के लिए 40 वीएमडी मेला क्षेत्र और 40 कमिश्नरेट में लगेंगे

महाकुम्भनगर में तकरीबन 45 करोड़ श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है। इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं को जागरूक करने के लिए योगी सरकार ने प्रिंट, डिजिटल और सोशल मीडिया हर प्लेटफार्म का प्रयोग करने का फैसला किया है। इसी योजना के तहत पूरे मेला क्षेत्र और कमिश्नरेट में जगह-जगह वैरिएबल मैसेजिंग डिस्प्ले (वीएमडी) लगाने की तैयारी पूरी कर ली गई है। इस योजना के तहत 40 वैरिएबल मैसेजिंग डिस्प्ले मेला क्षेत्र और 40 कमिश्नरेट में लगाए जा रहे हैं, जिन पर साइबर सिक्योरिटी को लेकर श्रद्धालु जनों को जागरूक किया जाएगा, ताजी वो साइबर ठगों से सावधान रहें।

फर्जी वेबसाइटों की सूचना पर तुरंत एक्शन लेगा साइबर थाना

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरुप पहली बार दिव्य और भव्य के साथ-साथ डिजिटल महाकुम्भ की योजना तैयार की गई है। जिसके तहत पहली बार बेहद हाईटेक इंतजाम किए जा रहे हैं। यहां देश-विदेश से आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं को जागरूक करने के अलावा उन्हें एआई, डार्क वेबसाइट और सोशल मीडिया स्कैमर्स से बचाने के लिए महाकुम्भ साइबर थाना बनाया गया है। इसका उद्देश्य महाकुम्भ में श्रद्धालुओं की ऑनलाइन सुरक्षा का इंतजाम पुख्ता करना है। साइबर ठगों के फर्जी लिंक के हथियार महाकुम्भ में पूरी तरह नेस्तनाबूद कर दिए जाएंगे। यहां काम करने वाली प्रदेश के चुनिंदा एक्सपर्ट की टीम ने फिलहाल लगभग 50 वेबसाइटों को अपने रडार पर लेकर उनके खिलाफ कार्यवाही भी शुरू कर दी है। इसके अलावा ऑनलाइन सुरक्षा के लिए मोबाइल साइबर टीम भी सक्रिय कर दी गई है, जो श्रद्धालुओं को बड़े पैमाने पर जागरूक करने का काम भी कर रही है। महाकुम्भ मेले से संबंधित जानकारी के लिए 1920 नंबर भी जारी किया गया है। इसके साथ-साथ सरकारी वेबसाइट (जिनमें gov.in लगा हो) का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके अलावा फर्जी वेबसाइटों की सूचना भी यहां थाने में दी जा सकती है, जिस पर साइबर थाना तुरंत कार्यवाही करेगा। इसके साथ साथ ठगों का ऐसा गिरोह जो एआई, फेसबुक, एक्स या इंस्टाग्राम के माध्यम से लोगों से पैसे मांगते हैं, उन पर भी साइबर एक्सपर्ट नजर रख रहे हैं। शिकायत मिलते ही उन पर प्रभावी कार्यवाही की जाएगी। इनके अलावा फर्जी वेबसाइट और लिंक के जरिए धोखाधड़ी करने वालों पर भी सख्ती की जाएगी।

एसएसपी महाकुम्भ राजेश द्विवेदी ने बताया कि सभी 56 थानों में साइबर हेल्प डेस्क स्थापित किए जा रहे हैं। साइबर ठगों से सावधान रखने को पूरे मेला क्षेत्र में वीएमडी पर फिल्म चलकर लोगों को जागरूक किया जाएगा।

सीएम योगी के दृढ़ संकल्प की नजीर है गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे, अब लखनऊ से गोरखपुर की दूरी होगी मात्र साढ़े तीन घंटे की

सीएम योगी के दृढ़ संकल्प की नजीर है गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे
सीएम योगी के दृढ़ संकल्प की नजीर है गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे
सीएम योगी के दृढ़ संकल्प की नजीर है गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे
  • गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे का 98 प्रतिशत कार्य पूरा, वाहनों का आवागमन शुरू।
  • 91.35 किमी लंबा एक्सप्रेसवे 7283.28 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा है।
  • इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के निर्माण से कृषि, वाणिज्य, पर्यटन और उद्योगों को मिलेगा बढ़ावा।
  • एक्सप्रेसवे से संबंधित क्षेत्रों में सामाजिक और आर्थिक विकास की संभावनाएं बढ़ेंगी।

    गोरखपुर, 26 दिसंबर 2024: जहां सामान्य सड़क बनाना भी चुनौतीपूर्ण था, वहां योगी सरकार ने गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे का निर्माण करके एक मिसाल कायम की है। यह एक्सप्रेसवे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दृढ़ संकल्प का प्रतीक बन चुका है, जो प्रदेश के रोड इंफ्रास्ट्रक्चर को नया आकार दे रहा है। इस एक्सप्रेसवे का निर्माण गोरखपुर से लेकर आजमगढ़ के बीच किया गया है और इसके उद्घाटन के लिए नए साल में तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। इस एक्सप्रेसवे से गोरखपुर, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, लखनऊ, आगरा और दिल्ली के बीच यातायात को सुविधाजनक बनाने में मदद मिलेगी।

    गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे का अब तक 98 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है, और वाहनों का आवागमन भी शुरू हो चुका है। एक्सप्रेसवे की कुल लंबाई 91.35 किमी है और इसकी अनुमानित लागत 7283.28 करोड़ रुपये है, जिसमें भूमि अधिग्रहण पर व्यय शामिल है। गोरखपुर, अम्बेडकरनगर, संतकबीरनगर और आजमगढ़ जैसे जिलों को सीधे तौर पर लाभ मिल रहा है। यह एक्सप्रेसवे न केवल यात्रियों को तेज और सुगम यात्रा अनुभव देगा, बल्कि संबंधित क्षेत्रों के सामाजिक और आर्थिक विकास को भी बढ़ावा देगा।

    चुनौतियों के बावजूद निर्माण में सफलता

    गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे का निर्माण अत्यंत चुनौतीपूर्ण था, क्योंकि गोरखपुर में अधिकांश क्षेत्र लो लैंड है, जहां सामान्य सड़कें भी हर साल क्षतिग्रस्त हो जाती थीं। इस क्षेत्र में मिट्टी भराई का कार्य करना एक बड़ी चुनौती थी। लेकिन, सीएम योगी आदित्यनाथ के दिशा-निर्देशों पर प्रशासन ने इस चुनौती को सफलतापूर्वक पूरा किया। अब, जबकि अधिकांश काम पूरा हो चुका है, अधिकारियों का उत्साह साफ दिखाई दे रहा है, क्योंकि इस परियोजना ने न केवल तकनीकी चुनौतियों को पार किया है, बल्कि क्षेत्रीय विकास में भी एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है।

    सुगम यातायात और विकास का रास्ता

    गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे का उद्घाटन होने के बाद, गोरखपुर से लखनऊ तक यात्रा में महज साढ़े तीन घंटे का समय लगेगा, जो पहले की तुलना में काफी कम है। इसके अलावा, यह एक्सप्रेसवे दिल्ली, आगरा, और अन्य प्रमुख शहरों से भी जुड़ जाएगा, जिससे लंबी दूरी की यात्रा को सुगम बनाने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही, इस एक्सप्रेसवे की कनेक्टिविटी से वाहनों की ईंधन खपत में बचत, समय की बचत, और पर्यावरणीय प्रदूषण में कमी भी संभव होगी।

    इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के रूप में विकास

    गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे के साथ एक इंडस्ट्रियल कॉरिडोर का निर्माण भी हो रहा है, जो कृषि, वाणिज्य, पर्यटन, और उद्योगों की आय को बढ़ावा देगा। यह कॉरिडोर प्रदेश के विभिन्न उत्पादन इकाइयों, विकास केंद्रों और कृषि उत्पादन क्षेत्रों को राष्ट्रीय राजधानी से जोड़ने में सहायक होगा। इस एक्सप्रेसवे से जुड़ी कनेक्टिविटी इन क्षेत्रों में सामाजिक और आर्थिक विकास का रास्ता खोलने के साथ ही प्रदेश के लिए एक नया आर्थिक अवसर उत्पन्न करेगी।

    केंद्रीय मंत्री अमित शाह से यूपी के मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने की भेंट: व्यापारियों और उद्यमियों की समस्याओं के समाधान पर की विस्तृत चर्चा

    केंद्रीय मंत्री अमित शाह से यूपी के मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने की भेंट: व्यापारियों और उद्यमियों की समस्याओं के समाधान पर की विस्तृत चर्चा
    केंद्रीय मंत्री अमित शाह से यूपी के मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने की भेंट: व्यापारियों और उद्यमियों की समस्याओं के समाधान पर की विस्तृत चर्चा
    केंद्रीय मंत्री अमित शाह से यूपी के मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने की भेंट: व्यापारियों और उद्यमियों की समस्याओं के समाधान पर की विस्तृत चर्चा
    • कपिल देव अग्रवाल ने केंद्रीय मंत्री अमित शाह से मुजफ्फरनगर के उद्यमियों की समस्याओं पर चर्चा की।
    • जीएसटी पंजीकरण, रिटर्न फाइलिंग, और टैक्स भुगतान की प्रक्रिया को सरल बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
    • जीएसटी सेवाओं की बेहतर उपलब्धता के लिए सुविधा केंद्रों की संख्या बढ़ाने की अपील की।
    • व्यापारियों और उद्यमियों को सुगम और सरल प्रक्रिया से जोड़ने के लिए केंद्र-राज्य सहयोग की आवश्यकता पर बल दिया।
    • मुजफ्फरनगर के सर्वांगीण विकास और अन्य राजनीतिक मुद्दों पर भी विस्तृत चर्चा की गई।

    लखनऊ/नई दिल्ली, 26 दिसंबर 2024: उत्तर प्रदेश सरकार के व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास और उद्यमशीलता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और मुजफ्फरनगर विधायक कपिल देव अग्रवाल ने आज केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। इस भेंट के दौरान, उन्होंने प्रदेश और विशेष रूप से मुजफ्फरनगर के व्यापारियों और उद्यमियों की समस्याओं पर गहन चर्चा की। मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने केंद्रीय मंत्री से अपील की कि व्यापारियों और उद्यमियों को आने वाली जीएसटी संबंधित कठिनाइयों और विसंगतियों का समाधान शीघ्रता से किया जाए, ताकि व्यापारियों को किसी भी तरह की असुविधा का सामना न करना पड़े।

    मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने मुख्य रूप से सेंट्रल जीएसटी और स्टेट जीएसटी विभागों से संबंधित समस्याओं का जिक्र करते हुए कहा कि मुजफ्फरनगर के उद्यमियों को जीएसटी पंजीकरण, रिटर्न फाइलिंग, टैक्स भुगतान और अन्य संबंधित प्रक्रियाओं में गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने इस मुद्दे का समाधान निकालने के लिए केंद्रीय मंत्री से ठोस कदम उठाने का आग्रह किया।

    इसके अलावा, मंत्री ने जीएसटी सेवाओं की बेहतर उपलब्धता के लिए सुविधा केंद्रों की संख्या बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि व्यापारियों और उद्यमियों को जीएसटी से संबंधित कार्यों में सरलता और सुगमता प्रदान करने के लिए सरकार को कदम उठाने चाहिए। इसके साथ ही, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि केंद्र और राज्य सरकार के बीच समन्वय को मजबूत करना होगा, ताकि व्यापारियों और उद्यमियों को हर स्तर पर आवश्यक सहायता मिल सके।

    कपिल देव अग्रवाल ने आगे कहा कि व्यापारियों और उद्यमियों की परेशानियों का समाधान उनके लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह न केवल उनके व्यक्तिगत लाभ के लिए, बल्कि पूरे क्षेत्र के आर्थिक विकास के लिए भी जरूरी है। यदि व्यापारियों को सरकारी प्रक्रियाओं से जुड़ी समस्याओं का समाधान मिल जाए, तो यह न केवल व्यापारिक माहौल को बेहतर बनाएगा, बल्कि मुजफ्फरनगर जैसे जिलों में रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।

    इसके अतिरिक्त, मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने मुजफ्फरनगर के सर्वांगीण विकास पर भी केंद्रीय मंत्री से विस्तृत चर्चा की। उन्होंने इस दौरान विभिन्न राजनीतिक मुद्दों पर भी बातचीत की, जिनका असर प्रदेश के विकास पर पड़ सकता है। मंत्री ने मुजफ्फरनगर के विभिन्न क्षेत्रों में विकास कार्यों को तेज करने और उनकी गुणवत्ता में सुधार की आवश्यकता को प्रमुखता से रखा।

    इस मुलाकात के दौरान, कपिल देव अग्रवाल ने यह भी कहा कि व्यापारियों और उद्यमियों के लिए सरल और सुविधाजनक प्रक्रिया को सुनिश्चित करने के लिए सभी संबंधित एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता है। उन्होंने यह भी अपील की कि जीएसटी से संबंधित योजनाओं को लागू करते समय व्यापारियों को प्रत्येक कदम पर उचित मार्गदर्शन मिलना चाहिए, ताकि उन्हें किसी भी प्रकार की कानूनी या प्रशासनिक जटिलताओं का सामना न करना पड़े।

    लखनऊ: मोती महल लॉन में श्रीराम कथा का शुभारंभ, प्रथम दिन भक्त और भगवान के अनोखे संबंध पर राघवाचार्य जी महाराज का प्रवचन

    लखनऊ: मोती महल लॉन में श्रीराम कथा का शुभारंभ, प्रथम दिन भक्त और भगवान के अनोखे संबंध पर राघवाचार्य जी महाराज का प्रवचन
    लखनऊ: मोती महल लॉन में श्रीराम कथा का शुभारंभ, प्रथम दिन भक्त और भगवान के अनोखे संबंध पर राघवाचार्य जी महाराज का प्रवचन
    लखनऊ: मोती महल लॉन में श्रीराम कथा का शुभारंभ, प्रथम दिन भक्त और भगवान के अनोखे संबंध पर राघवाचार्य जी महाराज का प्रवचन
    • मोती महल लॉन, लखनऊ में श्रीराम कथा महोत्सव का शुभारंभ, स्वामी राघवाचार्य जी महाराज ने भक्त और भगवान के अद्भुत संबंध पर प्रकाश डाला।
    • स्वामी राघवाचार्य जी ने कहा कि भगवान भक्त के वश में होते हैं, जब भक्त की भक्ति पराकाष्ठा को पार कर जाती है।
    • कथा में नारद की भूमिका पर चर्चा करते हुए स्वामी जी ने कहा कि नारद जिसे मिलते हैं, वह भगवान से मिलते हैं।
    • वेदों और आर्ष ग्रंथों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए स्वामी जी ने कहा कि इनका पठन गुरमुख से करना चाहिए।
    • श्रीराम कथा महोत्सव के पहले दिन यजमानों में समाजसेवी अजय बाजपेई, पूर्व सांसद प्रियंका रावत और अन्य प्रमुख लोग उपस्थित रहे।

      लखनऊ, 26 दिसंबर 2024: राजधानी के मोती महल लॉन में आयोजित श्रीराम कथा महोत्सव के पहले दिन अयोध्या धाम से आए प्रख्यात कथा मर्मज्ञ स्वामी राघवाचार्य जी महाराज ने भक्त और भगवान के अद्भुत संबंध पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, “भगवान भक्त के वश में होते हैं। जब भक्त की भक्ति पराकाष्ठा को पार कर जाती है, तो परमेश्वर उसकी हर इच्छा को पूरा करने के लिए तत्पर होते हैं।”

      नारद की महिमा और भारतीय संस्कृति पर प्रकाश

      स्वामी जी ने श्रीराम कथा में देवर्षि नारद की भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि नारद जिसे मिलते हैं, उसे भगवान अवश्य प्राप्त होते हैं। उन्होंने भारतीय संस्कृति में दान परंपरा की महत्ता बताते हुए कहा कि कथा का आयोजन एक महादानी व्यक्ति का कार्य है, क्योंकि इसके माध्यम से हजारों-लाखों लोग लाभान्वित होते हैं।

      वेदों और आर्ष ग्रंथों का महत्व

      कथा व्यास राघवाचार्य जी महाराज ने वेदों के महत्व पर चर्चा करते हुए कहा कि वेदों का पठन गुरमुख से करना चाहिए। उन्होंने बताया कि पुराण, रामायण, रामचरितमानस, और श्रीमद्भगवद्गीता, वेदों का विस्तार हैं। उन्होंने भगवती सीता और श्रीराम के यशस्वी पुत्र कुश और लव के जीवन वृत्तांत पर भी प्रकाश डाला।

      सीता जी का चरित्र और रामायण की महिमा

      स्वामी जी ने पुरुषोत्तम श्रीराम और भगवती सीता के यशस्वी पुत्रों कुश और लव का जीवन वृतांत भी सुनाया और कहा कि कुश और लव ने श्रीराम जी को सीताजी का महान चरित्र पद्य शैली में सुनाया था। वह सीता कथा इतिहास में अमर हो गई। कथा व्यास राघवाचार्य जी महाराज ने कहा कि विदेह जनक के कुल में उत्पन्न नारियों में सीताजी का चरित्र सर्वश्रेष्ठ है और रामायण ग्रंथ उसका प्रत्यक्ष प्रतिपादन है।

      आयोजन का विवरण

      कथा आयोजन का नेतृत्व संजीव पांडेय और डॉ. सप्तर्षि मिश्र कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि सात दिवसीय श्रीराम कथा महोत्सव में हर दिन हजारों श्रद्धालु कथा श्रवण के लिए उपस्थित हो रहे हैं। आज के यजमानों में समाजसेवी अजय बाजपेई, पूर्व सांसद प्रियंका रावत, पूर्व मंत्री डॉ. अशोक बाजपेई, शिव कुमार सिंह, सतीश अवस्थी, सुनील मिश्र, मनोज राय, डीजीसी क्रिमिनल मनोज त्रिपाठी, राजेश शर्मा, अखिलेश जायसवाल, जीतू यादव, कुलदीप नारायण मिश्र, और अन्नू मिश्र पार्षद आदि मौजूद रहे।

      अगले दिन का कार्यक्रम

      श्रीराम कथा का अगला सत्र कल अपराह्न 3 बजे से प्रारंभ होगा, जिसमें श्रीराम के जीवन और आदर्शों पर विस्तृत चर्चा होगी। श्रद्धालु बड़ी संख्या में कथा श्रवण के लिए उपस्थित होने की संभावना है।

      यह कथा महोत्सव भगवान श्रीराम और भगवती सीता के आदर्श जीवन के माध्यम से श्रद्धालुओं को प्रेरणा देने का एक महत्वपूर्ण आयोजन है।