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पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के निधन पर पीएम मोदी ने भावुक संदेश दिया, क्या कहा जानें

भारत के पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह का निधन हो गया है। मनमोहन सिंह को गुरुवार को तबीयत बिगड़ने के बाद दिल्ली एम्स में भर्ती कराया गया था। रात को 9 बजकर 51 मिनट पर पूर्व प्रधानमंत्री का निधन हो गया। डॉ. मनमोहन सिंह के निधन पर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत अनेक नेता उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं। आइए जानते हैं कि पूर्व पीएम डॉ. मनमोहन सिंह के निधन पर पीएम मोदी समेत एनडीए नेताओं ने क्या कहा है।

क्या बोले पीएम मोदी?

पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के निधन पर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा- “भारत अपने सबसे प्रतिष्ठित नेताओं में से एक डॉ. मनमोहन सिंह जी के निधन पर शोक मना रहा है। साधारण परिवार से उठकर वह एक प्रतिष्ठित अर्थशास्त्री बने। उन्होंने वित्त मंत्री सहित विभिन्न सरकारी पदों पर कार्य किया और वर्षों तक हमारी आर्थिक नीति पर एक मजबूत छाप छोड़ी। संसद में वो काफी व्यावहारिक थे। हमारे प्रधानमंत्री के रूप में, उन्होंने लोगों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए व्यापक प्रयास किए।”

पीएम मोदी ने साझा की पुरानी यादें

पीएम मोदी ने डॉक्टर मनमोहन सिंह के साथ पुरानी यादों को भी साझा किया। उन्होंने लिखा- “जब डॉ. मनमोहन सिंह जी प्रधानमंत्री थे और मैं गुजरात का मुख्यमंत्री था तब मेरे और उनके बीच नियमित बातचीत होती थी। हम शासन से संबंधित विभिन्न विषयों पर व्यापक विचार-विमर्श करते थे। उनकी बुद्धिमत्ता और विनम्रता सदैव झलकती रहती थी। दुख की इस घड़ी में मेरी संवेदनाएं डॉ. मनमोहन सिंह जी के परिवार, उनके दोस्तों और अनगिनत प्रशंसकों के साथ हैं। ॐ शांति।”

उन्हें हमेशा याद किया जाएगा- राष्ट्रपति मुर्मू

देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा- “पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह जी उन बहुत कम राजनेताओं में से एक थे, जिन्होंने शिक्षा और प्रशासन की दुनिया में भी समान सहजता से काम किया। सार्वजनिक कार्यालयों में अपनी विभिन्न भूमिकाओं में, उन्होंने भारतीय अर्थव्यवस्था में सुधार के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया। उन्हें राष्ट्र के प्रति उनकी सेवा, उनके बेदाग राजनीतिक जीवन और उनकी अत्यंत विनम्रता के लिए हमेशा याद किया जाएगा। उनका निधन हम सभी के लिए बहुत बड़ी क्षति है। मैं भारत के सबसे महान सपूतों में से एक को आदरपूर्वक श्रद्धांजलि अर्पित करती हूं और उनके परिवार, दोस्तों और प्रशंसकों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करती हूं।”

अमित शाह ने जताया दुख

पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के निधन पर गृह मंत्री अमित शाह ने कहा- “पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह जी के निधन की सूचना अत्यंत दुःखद है। भारतीय रिजर्व बैंक में गवर्नर से लेकर देश के वित्त मंत्री और प्रधानमंत्री के रूप में डॉ. मनमोहन सिंह जी ने देश की शासन व्यवस्था में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई। दुःख की इस घड़ी में उनके परिजनों व समर्थकों के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूँ। वाहेगुरु जी उनकी आत्मा को सद्गति प्रदान करें और उनके परिवारजनों को यह दुःख सहने की शक्ति दें।”

जेपी नड्डा ने जताया शोक

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने कहा- “पूर्व प्रधानमंत्री एवं अर्थशास्त्री मनमोहन सिंह जी का निधन देश के लिए बहुत बड़ी क्षति है। वह एक दूरदर्शी राजनेता और भारतीय राजनीति के दिग्गज थे । सार्वजनिक सेवा में अपने उल्लेखनीय करियर के दौरान, उन्होंने लगातार वंचितों के कल्याण के लिए आवाज उठाई। उनके नेतृत्व ने सभी दलों में प्रशंसा और सम्मान अर्जित किया। मनमोहन सिंह जी की विरासत राष्ट्र निर्माण के लिए पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी। उनके परिवार, दोस्तों और प्रशंसकों के प्रति मेरी संवेदना। ॐ शांति।

गहरा दुख हुआ- राजनाथ सिंह

भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने लिखा- “भारत के पूर्व प्रधान मंत्री डॉ.मनमोहन सिंह जी के निधन से गहरा दुख हुआ। उन्होंने कठिन समय के दौरान भारत की अर्थव्यवस्था के पुनर्निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनकी सेवा और बुद्धिमत्ता के लिए उनका व्यापक सम्मान किया जाता था। भारत की प्रगति में उनके योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा। उनके परिवार और प्रशंसकों के प्रति मेरी संवेदना। ओम शांति!

सीएम योगी क्या बोले?

यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने लिखा- “पूर्व प्रधानमंत्री एवं प्रख्यात अर्थशास्त्री डॉ. मनमोहन सिंह जी का निधन अत्यंत दुःखद एवं भारतीय राजनीति की अपूरणीय क्षति है। वित्त मंत्री और प्रधानमंत्री के रूप में उन्होंने देश की शासन व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन किया। उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि! प्रभु श्री राम से प्रार्थना है कि दिवंगत पुण्यात्मा को सद्गति एवं उनके शोकाकुल परिजनों व समर्थकों को यह अथाह दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करें।”

मनमोहन सिंह जी का निधन दुःखद- नीतीश कुमार

बिहार के पूर्व सीएम नीतीश कुमार ने कहा- “देश के पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह जी का निधन दुःखद। वे एक कुशल राजनेता एवं अर्थशास्त्री थे। उनके नेतृत्व में भारत की अर्थव्यवस्था को नई दिशा मिली। डॉ॰ मनमोहन सिंह जी का निधन भारतीय राजनीति के लिए अपूरणीय क्षति है। ईश्वर से दिवंगत आत्मा की चिर शांति के लिए प्रार्थना है।

नितिन गडकरी ने जताया शोक

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने भी डॉ. मनमोहन सिंह के निधन पर शोक व्यक्त किया है। उन्होंने लिखा- “देश के पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह जी के निधन का समाचार सुनकर अतीव दु:ख हुआ। देश के वित्तमंत्री के रूप में भारत की अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने का कार्य उन्होंने किया। उच्चशिक्षित होने के साथ साथ विनम्र, शालीन, संवेदनशील और देश के प्रति समर्पित ऐसा उनका व्यक्तित्व था। भाजपा अध्यक्ष के रूप में कई बार उनसे वार्तालाप करने का अवसर मिला। उनमें सदैव देश को आगे बढ़ाने की सोच थी। ये देश डॉ. मनमोहन सिंह जी को कभी भूल नही सकता। ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें और परिजनों को संबल दे। ॐ शांति।”

मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने किया ट्वीट

पूर्व प्रधान मंत्री डॉ. मनमोहन सिंह जी के निधन से, हमने एक महान विद्वान, अर्थशास्त्री और राजनेता खो दिया है। भारत के आर्थिक सुधारों में उनके योगदान, 10 वर्षों तक प्रधान मंत्री के रूप में हमारे देश की सेवा, को हमेशा याद रखा जाएगा। उन्हें मेरी भावभीनी श्रद्धांजलि। उनके परिवार, दोस्तों और प्रशंसकों के प्रति गहरी संवेदना। ॐ शांति !

रमन सिंह क्या बोले?

छत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम रमन सिंह ने कहा- “देश के पूर्व प्रधानमंत्री और विद्वान अर्थशास्त्री श्री #ManmohanSingh जी के निधन समाचार से व्यथित हूँ। वित्तमंत्री और प्रधानमंत्री जैसे पदों पर रहकर उन्होंने राष्ट्र की सेवा में जो योगदान दिया, उसे भुलाया नहीं जा सकता है। उनका निधन भारतीय राजनीति के लिए अपूरणीय क्षति है। मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूँ कि उनकी दिवंगत आत्मा को शांति एवं शोक संतप्त परिजनों व समर्थकों को धैर्य और संबल प्रदान करें।”

पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के निधन पर यूपी की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल व सीएम योगी समेत मंत्रियों व विधायक ने जताया शोक

पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के निधन पर यूपी की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल व सीएम योगी समेत मंत्रियों व विधायक ने जताया शोक
पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के निधन पर यूपी की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल व सीएम योगी समेत मंत्रियों व विधायक ने जताया शोक
पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के निधन पर यूपी की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल व सीएम योगी समेत मंत्रियों व विधायक ने जताया शोक
  • यूपी की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल और सीएम योगी आदित्यनाथ ने डॉ. मनमोहन सिंह के निधन पर शोक व्यक्त किया।
  • राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने डॉ. सिंह के योगदान को याद करते हुए उनके परिवार के प्रति संवेदना प्रकट की।
  • सीएम योगी ने शोक संदेश में डॉ. सिंह को भारतीय राजनीति की अपूरणीय क्षति बताया और उनकी राजनीतिक भूमिका की सराहना की।
  • यूपी के मंत्रियों व विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने भी शोक व्यक्त करते हुए दिवंगत आत्मा की शांति की प्रार्थना की और शोक संतप्त परिवारजनों को धैर्य प्रदान करने की कामना की।
  • डॉ. मनमोहन सिंह का निधन भारतीय राजनीति और अर्थव्यवस्था के लिए अपूरणीय क्षति है, और उनके योगदान को हमेशा याद किया जाएगा।

लखनऊ, 26 दिसम्बर 2024: देश के पूर्व प्रधानमंत्री और प्रख्यात अर्थशास्त्री डॉ. मनमोहन सिंह के निधन पर उत्तर प्रदेश में गहरा शोक व्याप्त हो गया है। राज्यपाल आनंदी बेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस दुखद घटना पर शोक व्यक्त किया है, साथ ही प्रदेश सरकार के विभिन्न मंत्रियों व विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने भी शोक व्यक्त किया।

राज्यपाल ने व्यक्त की गहरी शोक संवेदना: उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल जी ने भारत के पूर्व प्रधानमंत्री श्री मनमोहन सिंह के निधन पर गहरा दुःख व्यक्त किया है। अपने शोक संदेश में राज्यपाल ने कहा कि श्री मनमोहन सिंह जी का निधन राजनीति के क्षेत्र में एक बड़ी क्षति है। राज्यपाल ने ईश्वर से उनकी आत्मा की शांति की कामना करते हुए शोक संतप्त परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है।

सीएम योगी ने व्यक्त की गहरी शोक संवेदना: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने शोक संदेश में कहा कि डॉ. मनमोहन सिंह का निधन भारतीय राजनीति की अपूरणीय क्षति है। उन्होंने कहा कि डॉ. सिंह ने प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री के रूप में देश के शासन व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिससे भारत को एक मजबूत आर्थिक स्थिति मिली। योगी आदित्यनाथ ने शांति की कामना करते हुए दिवंगत आत्मा की सद्गति और शोक संतप्त परिवार के लिए धैर्य की प्रार्थना की।

मंत्रियों ने व्यक्त की गहरी शोक संवेदना: इसके अलावा, राज्य के मंत्रियों ने भी शोक व्यक्त किया। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री राकेश सचान, उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय, और अन्य मंत्रियों जैसे आशीष पटेल, दारा सिंह चौहान, कपिल देव अग्रवाल, गुलाब देवी, नरेंद्र कश्यप, दिनेश प्रताप सिंह, सुरेश राही और रजनी तिवारी ने डॉ. मनमोहन सिंह के निधन पर शोक व्यक्त किया और उनके योगदान को याद करते हुए ईश्वर से उनकी आत्मा की शांति की प्रार्थना की। उन्होंने शोक संतप्त परिवारजनों के प्रति संवेदना भी व्यक्त की और उन्हें यह कठिन समय सहन करने की शक्ति प्रदान करने की कामना की।

डॉ. राजेश्वर सिंह ने व्यक्त की गहरी शोक संवेदना: यूपी की राजधानी लखनऊ की सरोजनीनगर विधानसभा से विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने शोक व्यक्त करते हुए कहा कि “पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह जी के निधन की खबर से गहरा दुख हुआ है। वे एक सम्मानित राजनेता और महान अर्थशास्त्री थे। डॉ. सिंह ने भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर, वित्त सचिव और वित्त मंत्री के रूप में कार्य किया और 1990 के दशक में भारत की अर्थव्यवस्था को पुनर्जीवित करने में अहम भूमिका निभाई और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उन्होंने भारत की वित्तीय स्थिति को मजबूती दी और वैश्विक आर्थिक मंच पर देश को एक प्रमुख स्थान दिलाने में योगदान दिया।

मेरी संवेदनाएं उनके परिवार और प्रियजनों के साथ हैं।
ॐ शांति।”

डॉ. मनमोहन सिंह का निधन भारतीय राजनीति और अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ी क्षति है, जिसे भारतीय जनमानस कभी नहीं भूल पाएगा। उनका योगदान देश के आर्थिक सुधारों और सामाजिक विकास में अमूल्य रहेगा।

पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह का निधन: 92 वर्ष की आयु में देश ने खोया महान नेता

पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह का निधन: 92 वर्ष की आयु में देश ने खोया महान नेता
पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह का निधन: 92 वर्ष की आयु में देश ने खोया महान नेता
पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह का निधन: 92 वर्ष की आयु में देश ने खोया महान नेता
  • भारत के पूर्व प्रधानमंत्री और आर्थिक सुधारों के जनक डॉ. मनमोहन सिंह का 92 वर्ष की आयु में निधन हुआ।
  • डॉ. सिंह ने 1991 में वित्त मंत्री के रूप में आर्थिक उदारीकरण की नीतियां लागू कीं, जिससे भारतीय अर्थव्यवस्था को नई दिशा मिली।
  • उन्होंने 2004 से 2014 तक भारत के प्रधानमंत्री के रूप में दो कार्यकाल पूरे किए और कई सामाजिक कल्याण योजनाएं शुरू कीं।
  • स्वास्थ्य समस्याओं से जूझते हुए, गुरुवार को एम्स में उन्होंने अंतिम सांस ली, जिससे देशभर में शोक की लहर दौड़ गई।
  • केंद्र सरकार ने उनके सम्मान में दो दिनों के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की, और प्रमुख नेताओं ने उनकी उपलब्धियों को सराहा।

नई दिल्ली, 26 दिसम्बर 2024: भारत के पूर्व प्रधानमंत्री और आर्थिक सुधारों के जनक माने जाने वाले डॉ. मनमोहन सिंह का 92 वर्ष की आयु में निधन हो गया। गुरुवार शाम को सांस लेने में तकलीफ और बेचैनी महसूस होने पर उन्हें दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में भर्ती कराया गया था, जहां उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन से देशभर में शोक की लहर दौड़ गई है।

डॉ. मनमोहन सिंह का जीवन शिक्षा और सेवा के लिए प्रेरणादायक रहा। 26 सितंबर 1932 को अविभाजित भारत के पंजाब प्रांत के गाह गांव (अब पाकिस्तान) में जन्मे डॉ. सिंह ने पंजाब विश्वविद्यालय, चंडीगढ़ से स्नातक की डिग्री प्राप्त की। इसके बाद कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र में स्नातकोत्तर और ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय से डॉक्टरेट की डिग्री हासिल की। शिक्षा पूरी करने के बाद उन्होंने दिल्ली स्कूल ऑफ इकनॉमिक्स में प्रोफेसर के रूप में सेवाएं दीं। भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर और भारत सरकार के मुख्य आर्थिक सलाहकार जैसे महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया। अंतरराष्ट्रीय संगठनों के साथ उनके जुड़ाव ने भारतीय आर्थिक नीति को सशक्त बनाने में बड़ी भूमिका निभाई।

डॉ. मनमोहन सिंह का राजनीतिक सफर उनके कार्यों और उपलब्धियों से प्रेरणादायक है। 1991 में, उन्होंने वित्त मंत्री के रूप में कार्य करते हुए उदारीकरण और वैश्वीकरण की नीतियों को लागू किया। इन नीतियों ने भारतीय अर्थव्यवस्था को नई दिशा दी और देश को आर्थिक प्रगति के पथ पर अग्रसर किया। 2004 से 2014 तक, उन्होंने भारत के प्रधानमंत्री के रूप में दो कार्यकाल पूरे किए। उनके कार्यकाल की प्रमुख उपलब्धियों में नरेगा योजना की शुरुआत, खाद्य सुरक्षा योजना का कार्यान्वयन, और अंतरराष्ट्रीय संबंधों में मजबूती शामिल हैं।

डॉ. मनमोहन सिंह का स्वास्थ्य पिछले कुछ वर्षों से अस्थिर रहा। 1990 और 2006 में उनकी बाईपास सर्जरी हुई थी। 2021 में कोविड संक्रमण के बाद उनकी श्वसन संबंधी समस्याएं बढ़ गईं। गुरुवार शाम को सांस लेने में तकलीफ की शिकायत के बाद उन्हें एम्स में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टर्स की तमाम कोशिशों के बावजूद उन्होंने अंतिम सांस ली।

उनके निधन पर पूरे देश में शोक की लहर है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनके योगदान को याद करते हुए गहरी संवेदना व्यक्त की। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उनकी सादगी और ईमानदारी की प्रशंसा की। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने उन्हें “सच्चा राष्ट्रनिर्माता” बताया। राहुल गांधी ने उन्हें “देश के सबसे महान सपूतों में से एक” बताते हुए कहा, “उनका जीवन सादगी और सेवा का प्रतीक था।” सोनिया गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, और उनके पति रॉबर्ट वाड्रा ने भी गहरा दुःख व्यक्त किया।

आम जनता ने उन्हें एक सादगीपूर्ण नेता और कुशल प्रशासक के रूप में याद किया। सोशल मीडिया पर उनके योगदान को लेकर भावुक संदेश साझा किए जा रहे हैं।

डॉ. मनमोहन सिंह द्वारा शुरू की गई आर्थिक नीतियां भारत को वैश्विक स्तर पर एक मजबूत अर्थव्यवस्था के रूप में स्थापित करने में सफल रहीं। उनके सादगीपूर्ण जीवन और नैतिक मूल्यों को राजनीति में एक आदर्श माना जाता है। उनकी नीतियों और जीवन से आने वाली पीढ़ियां प्रेरणा लेती रहेंगी।

डॉ. मनमोहन सिंह का जीवन सादगी, सेवा और समर्पण का प्रतीक था। उनके निधन से देश ने एक महान नेता और अद्वितीय अर्थशास्त्री को खो दिया है। उनकी विरासत हमेशा हमारे साथ रहेगी।

महाकुम्भ 2025: वैदिक संस्कृति के ध्वज वाहक श्री शंभू पंचअग्नि अखाड़े का महाकुम्भ क्षेत्र में हुआ भव्य प्रवेश, प्रवेश यात्रा में वैदिक संस्कृति और प्रतीकों की दिखी झलक

महाकुम्भ 2025: वैदिक संस्कृति के ध्वज वाहक श्री शंभू पंचअग्नि अखाड़े का महाकुम्भ क्षेत्र में हुआ भव्य प्रवेश, प्रवेश यात्रा में वैदिक संस्कृति और प्रतीकों की दिखी झलक
महाकुम्भ 2025: वैदिक संस्कृति के ध्वज वाहक श्री शंभू पंचअग्नि अखाड़े का महाकुम्भ क्षेत्र में हुआ भव्य प्रवेश, प्रवेश यात्रा में वैदिक संस्कृति और प्रतीकों की दिखी झलक
महाकुम्भ 2025: वैदिक संस्कृति के ध्वज वाहक श्री शंभू पंचअग्नि अखाड़े का महाकुम्भ क्षेत्र में हुआ भव्य प्रवेश, प्रवेश यात्रा में वैदिक संस्कृति और प्रतीकों की दिखी झलक
  • ब्रह्मचारियों के अखाड़े में दिखा महाकुम्भ का वैभव
  • हाथी, घोड़े और ऊंट में सवार संतों पर जगह जगह स्थानीय लोगों और महाकुम्भ प्रशासन ने किया स्वागत
  • माफिया अतीक के आतंक वाले इलाके में छावनी प्रवेश यात्रा पर की गई पुष्प वर्षा, स्थानीय लोग बोले योगी जी के शासन में ही यह संभव

महाकुंभ नगर, 26 दिसंबर 2024: महाकुम्भ नगर में भक्ति और अध्यात्म की धारा प्रवाहित हो रही है। एक एक करके महा कुम्भ क्षेत्र में सनातन धर्म के सभी 13 अखाड़ों का प्रवेश हो रहा है। संन्यासियों के तीसरे अखाड़े श्री शंभू पंच दशनाम अग्नि अखाड़े ने छावनी क्षेत्र में प्रवेश किया। शहर के बीचों बीच से होकर गुजरी इस भव्य छावनी प्रवेश यात्रा का स्थानीय लोगों ने जगह-जगह पुष्प वर्षा से स्वागत किया।

अग्नि अखाड़े की छावनी प्रवेश यात्रा में दिखी वैदिक संस्कृति और प्रतीकों की झलक

महा कुम्भ नगर में अखाड़ा सेक्टर में गुरुवार को तीसरे संन्यासी अखाड़े का भी प्रवेश हो गया। श्री शंभू पंच अग्नि अखाड़े ने पूरी भव्यता के साथ छावनी क्षेत्र में प्रवेश किया । अनंत माधव स्थित अग्नि अखाड़े के स्थानीय मुख्यालय से आरम्भ हुई इस भव्य छावनी प्रवेश यात्रा में वैदिक संस्कृति और प्रतीकों की झलक देखने को मिली। शंख ध्वनि और डमरू की थाप पर वैदिक मंत्रोच्चार ने यात्रा में वैदिक युग की अनुभूति प्रदान की। हाथी , घोड़े और ऊंट के काफिले पर सवार संतों के दर्शन के लिए पूरा शहर उमड़ पड़ा। अग्नि अखाड़े के राष्ट्रीय महामंत्री सोमेश्वरानंद ब्रह्मचारी ने बताया कि प्रवेश यात्रा में पांच महामंडलेश्वर और आचार्य महामंडलेश्वर के अलावा अखाड़े के हजारों संत और वेद विद्यार्थी शामिल हुए।

सबसे लंबी प्रवेश यात्रा में संतों के दर्शन के लिए उमड़ा शहर

अग्नि अखाड़े की छावनी प्रवेश यात्रा अब तक सम्पन्न हुई सभी अखाड़ों की छावनी प्रवेश यात्रा में सबसे लंबी थी। चौफटका के अनंत माधव मंदिर से छावनी क्षेत्र पहुंची संतों की इस यात्रा ने 13 किलोमीटर का सफर तय किया। महा मंडलेश्वरों के रथों की सवारियों को देखने के लिए जैसे रास्तों में पूरा शहर उमड़ पड़ा। इस यात्रा आधा दर्जन ऊंट, 15 घोड़े, 60 रथ की व्यवस्था की गई है। फूलों के भव्य सिंहासन पर सवार संतों की सवारियों से पूरा क्षेत्र महक उठा।

माफिया अतीक अहमद के क्षेत्र से गुजरी यात्रा में जमकर हुई पुष्प वर्षा

अग्नि अखाड़े की प्रवेश यात्रा का एक तिहाई मार्ग ऐसा था जो शहर पश्चिमी में आता है। यहां एक वक्त माफिया अतीक अहमद का आतंक था जिसमें इस तरह की भव्य शोभा यात्राओं का आयोजन लोगों के लिए एक दिवास्वप्न होता था। जिस समय यह यात्रा उस इलाके से गुजरी तब स्थानीय लोगों ने गुलाब की पंखुड़ियों से पूरे मार्ग को पाट दिया। स्थानीय नागरिक रघुनाथ साहू बताते हैं कि पूज्य संतो की इस भव्य यात्रा के दर्शन दशकों बाद हुए हैं। योगी जी का शासन न होता तो यह पुण्य अवसर भी इस क्षेत्र के लोगों को देखने को न मिलता।

“नये भारत का नया उत्तर प्रदेश” इकोनॉमिक ग्रोथ के साथ नये रोजगार भी उपलब्ध कराएगा: सीएम योगी

"नये भारत का नया उत्तर प्रदेश" इकोनॉमिक ग्रोथ के साथ नये रोजगार भी उपलब्ध कराएगा: सीएम योगी
"नये भारत का नया उत्तर प्रदेश" इकोनॉमिक ग्रोथ के साथ नये रोजगार भी उपलब्ध कराएगा: सीएम योगी
"नये भारत का नया उत्तर प्रदेश" इकोनॉमिक ग्रोथ के साथ नये रोजगार भी उपलब्ध कराएगा: सीएम योगी
  • मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रोजगार सृजन के लिए अधिकारियों के साथ बैठक की और युवाओं को योग्यता के अनुसार समयबद्ध रोजगार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
  • सीएम ने वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी बनाने के कार्यों को गति देने के लिए विषय विशेषज्ञों का सहयोग लेने की बात की।
  • यूपीएसआरटीसी की बसों की संख्या बढ़ाने और नए रूट तैयार करने के निर्देश दिए गए।
  • महाकुम्भ में रोजगार, कौशल विकास, ज्ञान और तकनीक पर विषय विशेषज्ञों द्वारा विचार-विमर्श कराया जाएगा।
  • सीएम ने कहा कि प्रदेश के युवाओं को उद्यमिता के लिए प्रेरित करने के लिए कौशल विकास कार्यक्रमों को प्रभावी बनाना आवश्यक है।
  • सीएम ने अधिकारियों को विभिन्न संस्थानों के प्रतिनिधियों को सीएम डैशबोर्ड का निरीक्षण कराने के दिये निर्देश

लखनऊ, 26 दिसंबर 2024: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को अपने सरकारी आवास पर रोजगार सृजन काे लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस अवसर पर सीएम के समक्ष विभिन्न विभागाें के अधिकारियों एवं संस्थान के प्रतिनिधियों ने रोजगार सृजन की संभावनाओं और योजनाओं का प्रस्तुतिकरण किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को अपने-अपने विभाग में ठोस कार्य योजना के अनुरुप रोजगार सृजन के निर्देश दिये। साथ वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी बनाने के कार्यों को और गति देने के लिए विषय विशेषज्ञों का सहयोग भी लिया जाए। इससे नये भारत का नया उत्तर प्रदेश इकोनॉमिक ग्रोथ के साथ नये रोजगार के अवसर उपब्लध कराने में अहम भूमिका निभाएगा।

सीएम द्वारा हर तीन माह में वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी के कार्यों की जा रही समीक्षा

बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश के युवाओं को उनकी योग्यता और कौशल के अनुसार समयबद्ध तरीके से रोजगार उपलब्ध कराना प्रदेश सरकार की प्राथमिकता में शामिल है। ऐसे में स्थानीय संसाधनों का उपयोग करते हुए ज्यादा से ज्यादा रोजगार के अवसर तैयार किये जाएं। उन्होंने अधिकारियों को युवाओं को उद्यमिता की ओर प्रेरित करने के लिए कौशल विकास के कार्यक्रमों को और प्रभावी बनाने के निर्देश दिये। प्रदेश सरकार उत्तर प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी बनाने के लिए सेक्टरवाइज कार्य कर रही है। इसके लिए 10 सेक्टर में बांटकर कार्य किये जा रहे हैं। वहीं इन सेक्टर्स के साथ प्रदेश के सभी विभागों को इंटीग्रेट किया गया। इन कार्यों की समीक्षा हर तीन में मुख्यमंत्री जी द्वारा स्वयं की जाती है तथा हर माह संबंधित मंत्री द्वारा समीक्षा की जाती है। वहीं 15 दिन में विभाग के प्रशासनिक प्रमुख द्वारा किये जा रहे कार्यों की समीक्षा की जाती है। सीएम ने कहा कि वन ट्रिलियन डाॅलर इकोनॉमी बनाने के कार्यों की सीएम डैशबोर्ड द्वारा निगरानी की जा रही है। उन्होंने विभिन्न संस्थानाओं के प्रतिनिधियों को सीएम डैशबोर्ड का निरीक्षण का आग्रह किया ताकि उन्हे प्रदेश सरकार की कार्यशैली से अवगत कराया जा सके। सीएम ने वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी के कार्यों और रोजगार सृजन की संभावनाओं को बढ़ाने की दिशा में विषय विशेषज्ञों का सहयोग भी लेने की आवश्यकता पर बल दिया।

यूपीएसआरटीसी की बसों की संख्या बढ़ाने के साथ तैयार किये जाएं नये रूट

सीएम ने कहा कि मेडिकल, एजुकेशन, पर्यटन, निर्माण एवं विनिर्माण में सबसे ज्यादा रोजगार के अवसर की संभावनाएं हैं। ऐसे में इस पर विशेष ध्यान दिया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रयागराज महाकुम्भ-25 हमारे लिये प्रदेश की छवि को देश और दुनिया के सामने रखने का बेहतर अवसर है। महाकुम्भ धर्म, अध्यात्म और संस्कृति का समागम है। इस समागम से जुड़ने के लिए दुनिया लालायित है। महाकुम्भ में रोजगार, कौशल विकास, ज्ञान व तकनीक पर विचार विमर्श होना चाहिये। इससे रोजगार सृजन की संभावनाओं और वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी के कार्यों को नयी दिशा मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा हर जनपद में सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल बनाने की दिशा में आगे बढ़ना होगा तथा टेलीमेडिसिन के कार्यों को और गति देनी होगी। सीएम ने यूपीएसआरटीसी की बसों की संख्या और नये रूट तैयार करने के निर्देश दिये।