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स्पोर्ट्स अपडेट :स्टार खिलाड़ी की टीम में वापसी, फैंस के लिए बड़ी खुशखबरी

भारतीय क्रिकेट टीम इस समय ऑस्ट्रेलिया दौरे पर 5 मैचों की टेस्ट सीरीज खेल रही है जबकि भारत में घरेलू क्रिकेट का दौर जारी है। घरेलू क्रिकेट में इस समय जय हजारे ट्रॉफी खेली जा रही है, जिसमें टीम इंडिया के कई बड़े नाम शिरकत कर रहे हैं। इस टूर्नामेंट का 21 दिसंबर से आगाज हुआ था और अब 1 हफ्ता बीत जाने के बाद स्टार भारतीय खिलाड़ी की इस टूर्नामेंट में एंट्री होने जा रही है। ये स्टार खिलाड़ी है हार्दिक पांड्या जो 28 दिसंबर से बड़ौदा की ओर से  50 ओवर के टूर्नामेंट में खेलते नजर आएंगे।

हार्दिक के भाई क्रुणाल पंड्या की अगुआई वाली बड़ौदा टीम फिलहाल हैदराबाद में है और शनिवार को उनका मुकाबला बंगाल से होगा। बड़ौदा घरेलू वनडे प्रतियोगिता में अब तक दो मैच खेल चुकी हैं और दोनों में उसे जीत मिली है। बड़ौदा ने पहले राउंड मैच में त्रिपुरा और फिर दूसरे राउंड मैच में केरल को मात दी। बंगाल के साथ होने वाला मैच पांच दिन के अंतराल के बाद उनका तीसरा राउंड मैच होगा। बड़ौदा क्रिकेट एसोसिएशन (BCA) के सचिव अजीत लेले ने शुक्रवार रात क्रिकबज से कहा कि उनके कुछ निजी मुद्दे थे और इसी वजह से वे पहले कुछ मैचों के लिए उपलब्ध नहीं थे। वे हैदराबाद पहुंच गए हैं और कल खेलेंगे।

घरेलू क्रिकेट में दिखेगा पांड्या का जलवा

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) और अजीत अगरकर की अगुआई वाली राष्ट्रीय चयन समिति ने यह स्पष्ट कर दिया है कि हर क्रिकेटर को घरेलू प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेना होगा, जब तक कि आराम की सलाह न दी जाए या छूट न दी जाए। पिछले साल अक्टूबर में वर्ल्ड कप के दौरान टखने में चोट लगने के बाद से पांड्या ने एक भी 50 ओवर मैच नहीं खेला है। पिछले 14 महीनों में पांड्या ने 38 मैच खेले हैं, जिसमें सभी T20 मैच रहे। उन्होंने T20I के अलावा IPL मैच और सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी (SMT) में शिरकत की।

चैंपियंस ट्रॉफी से पहले दम दिखाने का मौका

विजय हजारे ट्रॉफी 2024-25 में पांड्या की भागीदारी बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि चैंपियंस ट्रॉफी (फरवरी-मार्च में) होने वाली है। संभावना है कि हैदराबाद में भी चयनकर्ता उन पर नजर रखेंगे। 31 साल के हार्दिक पांड्या हाल ही में सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में खेलते नजर आए थे, जिसमें उनकी टीम बड़ौदा ने सेमीफाइनल तक का सफर तय किया था। उन्होंने सात मैचों में 246 रन बनाने के अलावा 6 विकेट अपनी झोली में डाले थे।

न्यूयॉर्क: World Year Ender 2024 भारत-अमेरिका संबंधों के लिए कैसा रहा यह साल, और ट्रंप की वापसी से क्या होंगे प्रभाव?

 वर्ष 2024 भारत-अमेरिका के रिश्तों के लिहाज से काफी खास रहा। इस साल अमेरिका में कई नाटकीय घटनाक्रम भी देखने को मिले। साल 2024 में अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव का ऐलान हुआ। राष्ट्रपति जो बाइडेन ने रिपब्लिकन उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ राष्ट्रीय स्तर पर प्रसारित बहस में खराब प्रदर्शन के बाद राष्ट्रपति पद के लिए अपनी दावेदारी छोड़ दी। इसके साथ ही कड़वाहट और आरोप-प्रत्यारोप से भरे चुनाव प्रचार के दौरान ट्रंप दो बार किए गए जानलेवा हमलों में बाल-बाल बच गए।

आखिरकार डेमोक्रेटिक पार्टी की ओर से ट्रंप के मुकाबले उपराष्ट्रपति कमला हैरिस को उम्मीदवार बनाया गया। मगर 78 वर्षीय डोनाल्ड ट्रंप ने चुनाव में भारतीय मूल की कमला हैरिस को हराकर इतिहास रच दिया। इसके साथ ही 4 साल के अंतराल के बाद व्हाइट हाउस में उनकी दोबारा वापसी ने डेमोक्रेटिक पार्टी और इसके लाखों समर्थकों के सपनों को चकनाचूर कर दिया, जो देश में पहली महिला राष्ट्रपति देखने की उम्मीद कर रहे थे।

132 साल बाद ट्रंप ने दोहराया इतिहास

करीब 132 साल पहले राष्ट्रपति पद छोड़ने के चार साल बाद दोबारा इस पद पर काबिज होने वाले ग्रोवर क्लीवलैंड के बाद ऐसी उपलब्धि हासिल करने वाले ट्रंप अमेरिका के दूसरे राष्ट्रपति बन गए। उन्होंने अपने देश के इतिहास को 132 सालों बाद दोहरा दिया। अब ऐसे समय में जब बाइडेन प्रशासन व्हाइट हाउस छोड़ने की तैयारी कर रहा है, एक अधिकारी ने कहा कि भारत व अमेरिका के संबंध “बेहद मजबूत स्थिति” में हैं और पर्यवेक्षकों को उम्मीद है कि राष्ट्रपति के तौर पर ट्रंप के आगामी कार्यकाल में द्विपक्षीय संबंधों को द्विदलीय समर्थन मिलता रहेगा।

2024 के अंत में भारत-अमेरिका रिश्तों में आईं चुनौतियां

साल 2024 के अंत में दोनों देशों के रिश्तों में कई नई चुनौतियां देखने को मिलीं। मगर फिर भी संबंध स्थिर बने रहे। अमेरिका में एक सिख अलगाववादी की हत्या का प्रयास किए जाने से संबंधित अभियोग जारी होने, भारतीय अरबपति गौतम अदाणी से जुड़े मामले को लेकर और ट्रंप द्वारा भारतीय आयात पर उच्च शुल्क लगाने की धमकी के मद्देनजर गुजर रहा साल का आखिरी वक्त भी चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। दुनिया के सबसे पुराने लोकतंत्र (अमेरिका) में चुनाव से पहले दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र (भारत) के मतदाताओं ने ऐतिहासिक तीसरे कार्यकाल के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को वोट दिया।

मोदी-ट्रंप की दोस्ती लाएगी रंग

पीएम मोदी ने अपने “मित्र” ट्रंप – जो अमेरिकी इतिहास में राष्ट्रपति चुने जाने वाले सबसे उम्रदराज व्यक्ति हैं – को उनकी “ऐतिहासिक” जीत पर बधाई दी और कहा कि वह भारत-अमेरिका के बीच समग्र वैश्विक एवं रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के लिए तत्पर हैं। मोदी के राष्ट्रपति बाइडेन और ट्रंप दोनों के साथ संबंध मजबूत रहे हैं। जून 2023 और सितंबर 2024 के बीच मोदी और बाइडेन दोनों ने अपने देशों में एक-दूसरे की मेजबानी की। ये यात्राएं द्विपक्षीय संबंधों की मजबूत प्रगति को रेखांकित करती हैं। जून 2023 में, बाइडेन ने वाशिंगटन में मोदी की राजकीय यात्रा की मेजबानी की और फिर सितंबर में अमेरिकी राष्ट्रपति जी-20 शिखर सम्मेलन के लिए नई दिल्ली की यात्रा पर पहुंचे। इसके बाद जून 2024 में दोनों नेताओं की मुलाकात इटली में जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान हुई।

पीएम मोदी ने डेलावेयर में क्वाड शिखर सम्मेलन में लिया हिस्सा

जी-7 के तीन महीने बाद पीएम मोदी डेलावेयर के विलमिंगटन में बाइडेन के घर पर आयोजित क्वाड नेताओं के चौथे शिखर सम्मेलन के लिए अमेरिका पहुंचे। शिखर सम्मेलन के इतर द्विपक्षीय बैठक के बाद बाइडेन ने कहा कि “भारत के साथ अमेरिका की साझेदारी इतिहास में किसी भी समय की तुलना में अधिक मजबूत, घनिष्ठ और अधिक गतिशील है।” रिश्तों में हालांकि उतार-चढ़ाव भी बना रहा। वर्ष 2023 में बाइडन प्रशासन ने जहां भारतीय नागरिक निखिल गुप्ता पर अमेरिकी धरती पर सिख अलगाववादी गुरपतवंत सिंह पन्नू की हत्या का प्रयास करने संबंधी साजिश में शामिल होने का आरोप लगाया, तो अक्टूबर 2024 में पूर्व भारतीय सरकारी कर्मचारी विकास यादव पर भी अमेरिकी अधिकारियों द्वारा इस कथित साजिश में शामिल होने का आरोप लगाया गया।

गौतम अदाणी पर आरोपों से रिश्तों में आई तल्खी

नवंबर में, अमेरिकी प्रतिभूति और विनिमय आयोग ने कारोबारी गौतम अदाणी और उनके भतीजे सागर अदाणी के साथ-साथ एज्यूर पावर ग्लोबल लिमिटेड के कार्यकारी अधिकारी सिरिल कैबनेस पर 25 करोड़ अमेरिकी डॉलर की रिश्वतखोरी से संबंधित आरोप लगाया था। समानांतर कार्रवाई में, न्यूयॉर्क के पूर्वी जिले के अमेरिकी अटॉर्नी कार्यालय ने गौतम और सागर अदाणी तथा अन्य के खिलाफ आपराधिक आरोपों को उजागर किया। आपराधिक अभियोग में विनीत एस.जैन, रंजीत गुप्ता, रूपेश अग्रवाल, सिरिल कैबनेस, सौरभ अग्रवाल और दीपक मल्होत्रा ​​पर भी आरोप लगाए गए। भारत ने कहा कि यह एक कानूनी मामला है, जिसमें निजी कंपनियां और व्यक्ति तथा अमेरिकी न्याय विभाग शामिल हैं। ऐसे मामलों में स्थापित प्रक्रियाएं और कानूनी रास्ते हैं जिनका पालन किया जाएगा।

ट्रंप के साथ रिश्तों में और मजबूती की उम्मीद

ट्रंप प्रशासन के दौरान यह मामला कैसे आगे बढ़ता है यह देखने वाली बात होगी। ट्रंप ने अपने प्रशासन में भारतीयों मूल के कई लोगों को शामिल किया है। सरकारी कार्यदक्षता विभाग (डीओजीई) के लिए विवेक रामास्वामी, राष्ट्रीय खुफिया निदेशक के रूप में तुलसी गब्बार्ड, एफबीआई के निदेशक के रूप में काश पटेल, नागरिक अधिकारों के लिए सहायक अटॉर्नी जनरल के रूप में हरमीत के. ढिल्लों, राष्ट्रीय स्वास्थ्य संस्थान के निदेशक के रूप में जय भट्टाचार्य और कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर वरिष्ठ नीति सलाहकार के रूप में श्रीराम कृष्णन उन भारतीय-अमेरिकियों में शामिल हैं जिनके ट्रंप 2.0 प्रशासन में प्रमुख भूमिका निभाने की उम्मीद है।

अधिकारियों के नजरिये से कैसे रहने वाले हैं दोनों देशों में भविष्य में संबंध

अभियोगों पर एक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी ने कहा कि अमेरिका-भारत संबंध ‘‘अधिक जटिल, अधिक विविधतापूर्ण और अधिक गहन होते जा रहे हैं। यह हमेशा ऐसा मामला है कि दोनों पक्षों के सामने चुनौतियां आएंगी और महत्वपूर्ण बात यह है कि हम उनसे कैसे निपटते हैं।’’ ट्रंप अपने दूसरे कार्यकाल के लिए व्हाइट हाउस में लौटने की तैयारी कर रहे हैं। हाल में उन्होंने कुछ अमेरिकी उत्पादों के आयात पर नयी दिल्ली द्वारा लगाए गए “उच्च शुल्क” के जवाब में पारस्परिक शुल्क लगाने की बात कही, जिसने काफी ध्यान आकर्षित किया है। निवर्तमान बाइडन प्रशासन ने कहा है कि उसे उम्मीद है कि जनवरी में सत्ता हस्तांतरण के बाद भी भारत-अमेरिका संबंध मजबूत बने रहेंगे।

बर्लिन न्यूज़: जर्मनी के राष्ट्रपति ने संसद को भंग कर दिया, जानें इसके पीछे की पूरी कहानी

 जर्मनी के राष्ट्रपति फ्रैंक-वाल्टर स्टीनमीयर ने देश की संसद को भंग कर दिया है। राष्ट्रपति ने यह ऐलान समयपूर्व चुनाव कराने कराने के मद्देनजर किया है। ऐसे में अब 23 फरवरी को समय से पहले चुनाव कराने की तैयारी शुरू हो गई है। उन्होंने आज शुक्रवार को जर्मनी की संसद को भंग करने का आदेश दिया। इसके बाद आगे की विधिक कार्यवाही शुरू हो गई है। राष्ट्रपति फ्रैंक-वाल्टर स्टीनमीयर ने चांसलर ओलाफ स्कोल्ज़ के सत्तारूढ़ गठबंधन के पतन के मद्देनजर शुक्रवार को संसद को भंग करने और 23 फरवरी को नए चुनाव कराने का आदेश दिया।

बता दें कि जर्मनी के राष्ट्रपति फ्रैंक-वाल्टर स्टीनमीयर ने चांसलर ओलाफ शोल्ज की गठबंधन सरकार के विश्वासमत हारने के मद्देनजर शुक्रवार को संसद को भंग करने और 23 फरवरी को चुनाव कराने का आदेश दिया। शोल्ज 16 दिसंबर को विश्वास मत हार गए थे और अब अल्पमत सरकार का नेतृत्व कर रहे हैं। शोल्ज की तीन पार्टियों वाली गठबंधन सरकार छह नवंबर को तब संकट में घिर गई, जब उन्होंने जर्मनी की स्थिर अर्थव्यवस्था को पुनर्जीवित करने के तरीके पर विवाद के कारण अपने वित्त मंत्री को बर्खास्त कर दिया था।

संसद भंग होने के 60 दिनों के अंदर होंगे चुनाव

इस घटना के बाद इसके बाद कई प्रमुख दलों के नेता इस बात पर सहमत हुए कि संसदीय चुनाव मूल योजना से सात महीने पहले, 23 फरवरी को कराए जाने चाहिए। चूंकि द्वितीय विश्व युद्ध के बाद का संविधान ‘बुंडेस्टैग’ (संसद) को खुद को भंग करने की अनुमति नहीं देता है, इसलिए यह स्टीनमीयर पर निर्भर था कि वह संसद को भंग करके चुनाव करवाते हैं या नहीं। यह निर्णय लेने के लिए उनके पास 21 दिन थे। संसद भंग होने के बाद, देश में चुनाव 60 दिनों के भीतर होने चाहिए।

Nepal Best Tourist Places: नेपाल की बेमिसाल खूबसूरती आपको कर देगी मंत्रमुग्ध, इन स्थानों की सैर जरूर करें आप

हिमालय की गोद में बसा नेपाल एक छोटा सा देश है। नेपाल में हर कदम पर प्रकृति की बेजोड़ सुंदरता और सांस्कृतिक धरोहर का अद्वितीय संगम है। नेपाल सिर्फ पर्वतारोहियों के लिए स्वर्ग नहीं है, बल्कि यह सांस्कृतिक पर्यटकों, वन्यजीव प्रेमियों के लिए भी बेहद खास है। अगर आप सुकून का एहसास लेना चाहते हैं, तो आपको एक बार नेपाल जरूर आना चाहिए। नेपाल के धार्मिक स्थलों का अनुभव हर पर्यटक के लिए अविस्मरणीय साबित होता है। ऐसे में अगर आप भी नेपाल घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको नेपाल के कुछ प्रमुख पर्यटन स्थल के बारे में बताने जा रहे हैं।

काठमांडू

नेपाल की राजधानी काठमांडू अपनी सांस्कृतिक धरोहर और समृद्ध इतिहास के लिए जाना जाता है। यहां पर आप स्वयंभूनाथ मंदिर, पशुपतिनाथ मंदिर, दरबार स्क्वायर आदि को एक्सप्लोर कर सकते हैं।

स्वयंभूनाथ (मंकी टेम्पल)

यह बौद्ध स्तूप काठमांडू की एक पश्चिम पहाड़ी पर स्थित है। स्वयंभूनाथ को UNESCO विश्व धरोहर स्थल घोषित किया गया है। यह बौद्ध स्तूप अपने अद्वितीय वास्तुकला और मनोहारी दृश्य के लिए जाना जाता है।

पशुपतिनाथ मंदिर

पशुपतिनाथ मंदिर हिंदू धर्म का प्रमुख स्थल है। यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित है। यह मंदिर बागमती नदी के किनारे स्थित है और पशुपतिनाथ मंदिर धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व की धरोहर है।

दरबार स्क्वायर

बता दें कि दरबार स्क्वायर काठमांडू का एक ऐतिहासिक स्थान है। यह जगह राजसी महलों, मंदिरों और आंगनों का संग्रह है। वहीं इसको भी UNESCO द्वारा विश्व धरोहर स्थल घोषित किया गया है।

पोखरा

पोखरा, नेपाल का दूसरा सबसे बड़ा शहर है। पोखरा अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए पर्यटकों के लिए फेमस है। यह जगह ट्रैकर्स और पर्वतारोहियों के लिए एक प्रमुख आधार है।

फेवा झील

पोखरा के केंद्र में स्थित फेवा झील की सुंदरता देखने लायक है। आप यहां पर बोटिंग का आनंद ले सकते हैं।

सरणकोट

सरणकोट से अन्नपूर्णा और धौलागिरी पर्वत श्रृंखला का अविस्मरणी दृश्य देखकर आप हैरान रह जाएंगे। यह जगह सूर्योदय और सूर्यास्त के लिए काफी फेमस है।

ब्रेकिंग न्यूज़ :भूकंप के झटकों से कांपी इस भारतीय राज्य की धरती, जानें कितनी मापी गई तीव्रता

भारत समेत दुनियाभर के विभिन्न हिस्सों में बीते कुछ समय से भूकंप की घटनाएं बढ़ गई हैं। इस कारण लोगों में अक्सर खौफ का माहौल रहने लगा है। शुक्रवार को एक बार फिर से भारत के एक प्रदेश में भूकंप के झटकों से धरती हिल गई है। दरअसल, शुक्रवार को केंद्रशासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। आइए जानते हैं कि ये भूकंप कितनी तीव्रता का था और इसका केंद्र कहां था।

कितनी रही भूकंप की तीव्रता?

नेशनल सेंटर फोर सिस्मोलॉजी की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, रिक्टर स्केल पर जम्मू कश्मीर में आए इस भूकंप की तीव्रता 4 मापी गई है। इस भूकंप का केंद्र प्रदेश के बारामूला जिले में जमीन से 10 किलोमीटर नीचे था। दी गई जानकारी की मुताबिक, ये भूकंप शुक्रवार 27 दिसंबर 2024 को रात के 9 बजकर 6 मिनट पर आया है। अब तक क्षेत्र से जानमाल के नुकसान की कोई खबर सामने नहीं आई है।

हरियाणा में भी आया था भूकंप

इससे पहले बुधवार को हरियाणा में भूकंप के झटकों ने लोगों को दहला दिया था। राज्य में दोपहर 12 बजकर 30 मिनट पर लोगों को भूकंप के झटके लगे थे। इस भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 3.5 मापी गई थी। वहीं, इससे पहले गुजरात के कच्छ जिले में सोमवार को सुबह 3.7 तीव्रता का भूकंप आया था।  सात दिसंबर को जिले में आए भूकंप की तीव्रता 3.2 दर्ज की गई थी। पिछले महीने 18 नवंबर को भी कच्छ में चार तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया था।

क्यों आते हैं भूकंप?

भूकंप की घटनाएं हाल के दिनों में काफी बढ़ गई हैं। दरअसल, हमारी धरती के भीतर 7 टेक्टोनिक प्लेट्स हैं। ये प्लेट्स लगातार अपने स्थान पर घूमते रहती हैं। हालांकि, कभी-कभी इनमें टकराव या घर्षण भी होता है। इसी कारण धरती पर भूकंप की घटनाएं देखने को मिलती हैं।