जलकल नगर निगम लखनऊ द्वारा जलकर एवं स्वेज इंडिया के कार्यों की समीक्षा बैठक
लखनऊ, 28 दिसम्बर 2024: जलकल नगर निगम लखनऊ द्वारा आयोजित एक समीक्षा बैठक में महापौर ने जलकल विभाग एवं स्वेज इंडिया के कार्यों का गहन मूल्यांकन किया। इस बैठक में अपर नगर आयुक्त ललित कुमार, महाप्रबंधक जलकल कुलदीप सिंह, स्वेज इंडिया के डायरेक्टर राजेश मटपाल, अश्वनी डोगरा सहित जलकल विभाग के सभी अधिशासी अभियंता और स्वेज इंडिया के क्षेत्रीय सुपरवाइजर भी मौजूद रहे। इस बैठक में स्वेज इंडिया को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए, जिनमें सीवर सफाई मशीनों की संख्या बढ़ाने, आइजीआरएस शिकायतों का निस्तारण गुणवत्ता पूर्वक करने, स्मार्ट सिटी के माध्यम से प्राप्त शिकायतों का समाधान करने, और मैनहोल की मरम्मत 24 घंटे के अंदर सुनिश्चित करने की बातें शामिल हैं। इसके अलावा, जलकल विभाग को शहर में चल रहे विकास कार्यों की गुणवत्ता और समय सीमा को सुनिश्चित करने का निर्देश भी दिया गया। गंदे पानी की शिकायतों का निस्तारण 24 घंटे में और 15 वित्त की धनराशि से नलकूपों के कार्यों की शीघ्रता से समाप्ति की आवश्यकता भी जताई गई। महापौर ने यह भी कहा कि ग्रीष्म ऋतु के दौरान पेयजल समस्याओं की तैयारी अभी से कर ली जाए, ताकि नागरिकों को किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े।
स्वेज इंडिया को दिए गए प्रमुख निर्देश:
सीवर सफाई मशीनों की संख्या बढ़ाई जाए और जोनल तैनाती की व्यवस्था की जाए।
आइजीआरएस और स्मार्ट सिटी शिकायतों का निस्तारण गुणवत्ता पूर्वक किया जाए।
सीवर डिजल्टिंग का कार्य योजना बनाई जाए।
मैनहोल की मरम्मत हर हाल में 24 घंटे के अंदर की जाए।
सीवर शिकायतों का निस्तारण 24 घंटे के अंदर न करने पर स्वेज इंडिया के बिलों में कटौती की जाए।
जलकल विभाग को दिए गए प्रमुख निर्देश:
जलकल विभाग के विकास कार्यों की गुणवत्ता और समय सीमा सुनिश्चित की जाए।
सीवेज पंपिंग स्टेशन एवं एसटीपी का औचक निरीक्षण किया जाएगा।
पेयजल एवं सीवर संबंधित कार्यों की रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए।
गंदे पानी की प्राप्त शिकायतों का निस्तारण 24 घंटे के अंदर कराया जाए।
ग्रीष्म ऋतु के लिए पेयजल समस्याओं की तैयारी की जाए।
दिल्ली: सीएम योगी ने विशिष्ट अतिथियों को महाकुम्भ-2025 के लिए आमंत्रित किया
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दिल्ली में भाजपा नेताओं और अन्य विशिष्ट व्यक्तियों से मुलाकात की और उन्हें महाकुम्भ 2025 के लिए आमंत्रित किया।
सीएम योगी ने पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, और मिजोरम के राज्यपाल जनरल वीके सिंह को निमंत्रण दिया।
सीएम योगी ने सभी विशिष्ट अतिथियों को महाकुम्भ के प्रतीक चिन्ह, कलश, साहित्य और नववर्ष का कैलेंडर भेंट किया।
महाकुम्भ 2025 का आयोजन 13 जनवरी से 26 फरवरी तक प्रयागराज में होगा, जिसमें लाखों श्रद्धालुओं के भाग लेने की उम्मीद है।
सीएम योगी ने महाकुम्भ की तैयारियों और आयोजन की महत्ता पर जोर देते हुए सभी का सहयोग मांगा।
नई दिल्ली, 28 दिसंबर 2024: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नेतृत्व वाली भारतीय जनता पार्टी (भा.ज.पा.) के शीर्ष नेताओं और अन्य महत्वपूर्ण राजनीतिक हस्तियों से मुलाकात की और उन्हें आगामी महाकुम्भ 2025 के आयोजन में आमंत्रित किया। यह महाकुम्भ प्रयागराज में 13 जनवरी से 26 फरवरी 2025 तक आयोजित किया जाएगा, जो विश्वभर के हिंदू धर्मावलंबियों और श्रद्धालुओं के लिए एक महत्वपूर्ण धार्मिक और सांस्कृतिक अवसर है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भारतीय राजनीति के कई प्रमुख व्यक्तित्वों से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात की, जिनमें भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और मिजोरम के राज्यपाल जनरल वीके सिंह शामिल थे।
विशिष्ट नेताओं से मुलाकात
सीएम योगी आदित्यनाथ ने सबसे पहले मिजोरम के राज्यपाल जनरल (रिटायर्ड) वीके सिंह से यूपी सदन में मुलाकात की और उन्हें महाकुम्भ में आने का निमंत्रण दिया। इसके बाद, उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से उनके सरकारी आवास पर मुलाकात की और उन्हें भी महाकुम्भ 2025 में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया।
इसके बाद मुख्यमंत्री ने दिल्ली के अन्य प्रमुख नेताओं से मिलकर उनका समय लिया। उन्होंने गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से उनके सरकारी आवास पर मुलाकात की और उन्हें महाकुम्भ में सम्मिलित होने का निमंत्रण दिया। इन मुलाकातों के दौरान मुख्यमंत्री योगी ने न केवल निमंत्रण पत्र प्रदान किए, बल्कि महाकुम्भ के प्रतीक चिन्ह, कलश, संबंधित साहित्य और नववर्ष के कैलेंडर व डायरी भी भेंट की, जो महाकुम्भ के आयोजन की महत्ता और उसके धार्मिक महत्व को दर्शाते हैं।
महाकुम्भ 2025 के आयोजन की महत्ता
महाकुम्भ, जो हिंदू धर्म में सबसे बड़े और महत्वपूर्ण धार्मिक आयोजनों में से एक माना जाता है, प्रयागराज में हर 12 वर्षों में आयोजित होता है। इस आयोजन का उद्देश्य न केवल धर्मिक और आध्यात्मिक उन्नति है, बल्कि यह एक सामाजिक और सांस्कृतिक मंच के रूप में भी कार्य करता है, जहाँ लाखों श्रद्धालु गंगा, यमुन और सरस्वती के संगम में स्नान करते हैं। इस बार महाकुम्भ 13 जनवरी से 26 फरवरी तक आयोजित होगा और लाखों लोग इसमें भाग लेंगे।
सीएम योगी आदित्यनाथ का कहना है कि महाकुम्भ का आयोजन न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि देश और दुनिया भर के हिंदू धर्मावलंबियों के लिए एक ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व रखता है। इसके जरिए भारत की सांस्कृतिक धरोहर को वैश्विक स्तर पर प्रचारित किया जा सकेगा।
मुख्यमंत्री योगी का आभार
सीएम योगी आदित्यनाथ ने अपने एक्स (पूर्व में ट्विटर) हैंडल पर इन मुलाकातों की तस्वीरें साझा करते हुए कहा कि वह इन सभी महानुभावों का आभार व्यक्त करते हैं जिन्होंने उन्हें समय दिया और महाकुम्भ 2025 के लिए निमंत्रण स्वीकार किया। उन्होंने यह भी कहा कि महाकुम्भ के आयोजन को सफल बनाने के लिए योगी सरकार के मंत्रीगण और अन्य राजनीतिक नेतृत्व पूरी तरह से समर्पित हैं और वे अन्य राज्यों में जाकर आम जनता और विशेष रूप से धार्मिक और सांस्कृतिक हस्तियों को महाकुम्भ में सम्मिलित होने के लिए आमंत्रित कर रहे हैं।
महाकुम्भ की तैयारी
महाकुम्भ की तैयारियों के बारे में मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने इस आयोजन को भव्य और सफल बनाने के लिए सभी आवश्यक इंतजाम किए हैं। इसमें सुरक्षा, यातायात, और श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सुविधाएं सुनिश्चित की जा रही हैं। इसके साथ ही राज्य सरकार की ओर से सामाजिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की भी योजना बनाई जा रही है, ताकि महाकुम्भ का आयोजन सिर्फ धार्मिक दृष्टिकोण से ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक दृष्टिकोण से भी यादगार बने।
सीएम योगी ने कहा कि महाकुम्भ 2025 का आयोजन उत्तर प्रदेश की संस्कृति, धार्मिक विविधता और आध्यात्मिक समृद्धि को प्रदर्शित करने का एक अहम अवसर है, और इसे सफल बनाने के लिए सभी का सहयोग अनिवार्य है।
महाकुम्भ में तैनात हुआ अत्याधुनिक मल्टी डिजास्टर रिस्पांस व्हीकल, आपदाओं से निपटने में होगा कारगर
महाकुम्भ में फायर सेफ्टी के लिए विक्टिम लोकेशन कैमरे के साथ मल्टी डिजास्टर रिस्पांस व्हीकल को भी किया गया डेप्लॉय
आधुनिक उपकरणों से लैस व्हीकल प्राकृतिक आपदा से लेकर सड़क दुर्घटना तक किसी तरह की भी आपदा से निपटने में सक्षम
10 से 20 टन क्षमता वाले लिफ्टिंग बैग के जरिए मलबे के नीचे दबे लोगों को आसानी से बाहर निकालने में सक्षम है वाहन
डेढ़ टन तक की भारी वस्तुओं को उठाने और स्थानांतरित करने के लिए इसमें फिट की गई हैं विशेष आधुनिक मशीनें
महाकुम्भनगर, 28 दिसंबर 2024: महाकुम्भ 2025 की तैयारियों के बीच एक और बड़ी पहल की गई है। अब महाकुम्भ के विशाल आयोजन में किसी भी प्रकार की आपदा से निपटने के लिए अत्याधुनिक मल्टी डिजास्टर रिस्पांस व्हीकल को मैदान में उतारा गया है। इस वाहन में कई आधुनिक सुविधाएं और उपकरण शामिल हैं, जो आपात स्थिति में लोगों की जान बचाने और आपदा प्रबंधन को आसान बनाने में मदद करेंगे।
विक्टिम लोकेशन कैमरा से भी लैस है व्हीकल
महाकुम्भ के नोडल और मुख्य अग्निशमन अधिकारी प्रमोद शर्मा के अनुसार यह वाहन विभिन्न अत्याधुनिक उपकरणों से लैस है, जो प्राकृतिक आपदाओं से लेकर सड़क दुर्घटनाओं तक, हर परिस्थिति में उपयोगी साबित होंगे। 10 से 20 टन क्षमता वाले लिफ्टिंग बैग के जरिए वाहन मलबे के नीचे दबे लोगों को आसानी से बाहर निकालने में सक्षम है। यही नहीं, डेढ़ टन तक की भारी वस्तुओं को उठाने और स्थानांतरित करने के लिए इसमें विशेष मशीनें फिट की गई हैं। आपदा के दौरान मजबूत मलबे को काटने और फैलाने के लिए वाहन में विशेष टूल्स उपलब्ध हैं। इसके साथ ही, यह विक्टिम लोकेशन कैमरा से भी लैस है जो मलबे या ध्वस्त संरचनाओं में फंसे लोगों को खोजने में अत्यंत मददगार है। उन्होंने बताया कि इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के संचालन के लिए इनबिल्ट जनरेटर की सुविधा है, जो कठिन परिस्थितियों में भी काम करेगा। इसके अतिरिक्त वाहन में रेस्क्यूवर की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कई प्रकार के प्रोटेक्टिव इक्विपमेंट्स रखे गए हैं। इसमें लाइफ जैकेट, लाइफ रिंग, रेस्क्यू कांटा और लाइफ बाय जैसे उपकरण हैं जो इसे और उपयोगी बनाते हैं। अग्नि आपदाओं के दौरान तापमान की सही जानकारी के लिए वाहन में टेंपरेचर मेजरिंग डिवाइस उपलब्ध है।
आपदाओं से निपटने में मिलेगी मजबूती
उन्होंने बताया कि इस मल्टी डिजास्टर रिस्पांस व्हीकल की तैनाती के बाद महाकुम्भ के दौरान संभावित आपदाओं से निपटने में प्रशासन को काफी मदद मिलेगी। यह वाहन न केवल कुम्भ मेले के लिए, बल्कि अन्य आपदा प्रबंधन अभियानों के लिए भी उपयोगी साबित होगा। उन्होंने बताया कि महाकुम्भ के दौरान इस अत्याधुनिक व्हीकल के उपयोग से आपदा प्रबंधन को मजबूती मिलेगी और महाकुम्भ जैसे बड़े आयोजन में लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक बड़ी उपलब्धि होगी।
डिप्टी सीएम बृजेश पाठक के नेतृत्व में 2024 में उत्तर प्रदेश स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख उपलब्धियां
एम्स की तर्ज पर पीजीआई का विकास: नए विभाग खुलेंगे और चिकित्सकों की सुरक्षा के लिए विशेष प्रबंध।
टीबी रोगियों की नोटिफिकेशन में रिकॉर्ड: उत्तर प्रदेश ने 6.25 लाख मरीजों को नोटिफाई किया।
स्वास्थ्य सेवाओं में एआई तकनीक: टेली मेडिसिन में सुधार और गर्भवती महिलाओं को निशुल्क अल्ट्रासाउंड।
महाकुंभ 2025 की तैयारियां: 100 बेड का अस्पताल स्थापित और डॉक्टरों की तैनाती।
राज्य चिकित्सा महाविद्यालयों का सशक्तिकरण: 14 महाविद्यालयों में उपकरणों की खरीद के लिए 1,51,47,30,350 रुपये आवंटित।
लखनऊ, 28/12/2024: उत्तर प्रदेश में वर्ष 2024 स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धियों का वर्ष रहा। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के नेतृत्व में राज्य सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती प्रदान करने और आम जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए कई बड़े कदम उठाए। प्रदेश में एम्स की तर्ज पर पीजीआई के विकास से लेकर आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत पंजीकरण में रिकॉर्ड कायम किया गया। स्वास्थ्य विभाग की इन उपलब्धियों ने उत्तर प्रदेश को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई है। आइए, जानते हैं इन उपलब्धियों के बारे में विस्तार से।
एम्स की तर्ज पर पीजीआई का विकास
राज्य सरकार ने एम्स की तर्ज पर पीजीआई को विकसित करने की दिशा में कार्य शुरू कर दिया है। नए विभाग खोले जाएंगे, जिससे चिकित्सा सेवाओं में सुधार होगा। साथ ही चिकित्सकों की सुरक्षा के लिए विशेष प्रबंध किए जा रहे हैं। यह पहल उत्तर प्रदेश को चिकित्सा क्षेत्र में नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी।
ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार
अयोध्या के रुदौली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में दंत रोगियों के इलाज के लिए डेंटल यूनिट की स्थापना की गई है। इसके लिए 5.82 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई। यह यूनिट दांतों की सभी बीमारियों का मुफ्त इलाज उपलब्ध कराएगी, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी।
राज्य चिकित्सा महाविद्यालयों का सशक्तिकरण
प्रदेश के 14 स्वशासी चिकित्सा महाविद्यालयों में चिकित्सकीय उपकरणों की खरीद के लिए 1,51,47,30,350 रुपये का प्रावधान किया गया। प्रत्येक महाविद्यालय को प्रशासनिक फर्नीचर, बेड और अन्य सुविधाओं के लिए धन आवंटित किया गया। इन सुधारों से मरीजों को गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधाएं प्राप्त होंगी।
टीबी रोगियों की संख्या में ऐतिहासिक नोटिफिकेशन
राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के तहत उत्तर प्रदेश ने 6.25 लाख से अधिक टीबी मरीजों को नोटिफाई कर देश में एक रिकॉर्ड कायम किया। लखनऊ में 28,283 और आगरा में 27,231 मरीजों का नोटिफिकेशन किया गया। यह उपलब्धि राज्य सरकार की क्षय रोग उन्मूलन के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
स्वास्थ्य सेवाओं में एआई तकनीक का उपयोग
उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को तकनीकी रूप से उन्नत करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) तकनीक का उपयोग शुरू किया गया है। टेली मेडिसिन सेवाओं में सुधार और गर्भवती महिलाओं को निशुल्क अल्ट्रासाउंड सुविधा प्रदान करने के लिए आईआईटी कानपुर, एसबीआई और फिक्की के साथ समझौता किया गया। यह पहल चिकित्सा सेवाओं में एक नई क्रांति लाएगी।
स्वास्थ्य सेवाओं का सुदृढ़ीकरण और भविष्य की योजनाएं
डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए पांच साल का ब्लू प्रिंट तैयार किया है। इसके तहत स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाने के लिए बीएमजीएफ के साथ समझौता किया गया। यह योजना आने वाले वर्षों में राज्य के स्वास्थ्य क्षेत्र को और अधिक मजबूत करेगी।
बरेली और प्रयागराज में सीटी स्कैन सुविधा
स्वास्थ्य सुविधाओं को विस्तार देते हुए बरेली और प्रयागराज में सीटी स्कैन की सुविधा शुरू की गई। इन मशीनों का उद्घाटन डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने ऑनलाइन किया। इसके साथ ही प्रदेश के 71 जिलों में पीपीपी मॉडल पर सीटी स्कैन मशीनें स्थापित की गईं।
फैजुल्लागंज में संयुक्त चिकित्सालय की स्थापना
लखनऊ के फैजुल्लागंज क्षेत्र में 50 बेड के संयुक्त चिकित्सालय की नींव रखी गई। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने इस निर्माण कार्य का शुभारंभ किया। इस अस्पताल के निर्माण से आसपास के क्षेत्रों के लोगों को बेहतरीन चिकित्सा सेवाएं प्राप्त होंगी।
अस्पतालों में अग्निशमन सुरक्षा
प्रदेश के सभी अस्पतालों में अग्निशमन सुरक्षा को मजबूत किया गया है। नियमित मॉक ड्रिल और अत्याधुनिक उपकरणों से अस्पतालों को लैस किया गया है। इस पहल से मरीजों और कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी।
महाकुंभ 2025 के लिए स्वास्थ्य तैयारियां
महाकुंभ 2025 के लिए स्वास्थ्य विभाग ने व्यापक तैयारियां की हैं। परेड स्थल पर 100 बेड का अस्थायी अस्पताल स्थापित किया गया है। इस अस्पताल में 28 श्रेणियों के कुल 231 चिकित्सकों की तैनाती की गई है।
आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन
आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत उत्तर प्रदेश में 4.7 करोड़ पंजीकरण किए गए। इनमें से 1.24 करोड़ पंजीकरण अकेले यूपी में हुए। देशभर में सबसे अधिक ओपीडी पंजीकरण वाले 25 अस्पतालों में 15 उत्तर प्रदेश के हैं। यह उपलब्धि राज्य के स्वास्थ्य तंत्र की मजबूती को दर्शाती है।
अन्य महत्वपूर्ण उपलब्धियां
मेडिकल शिक्षा का विस्तार: प्रदेश के पांच मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस की पढ़ाई को मंजूरी दी गई।
टीबी ट्रेनिंग सेंटर: लखनऊ और गोरखपुर में स्टेट टीबी ट्रेनिंग डेमोंस्ट्रेशन सेंटर की स्थापना की घोषणा।
फेफड़ा प्रत्यारोपण की सुविधा: केजीएमयू में फेफड़ा प्रत्यारोपण की सुविधा शुरू करने के लिए केंद्र सरकार से वार्ता जारी।
मस्कुलर डिस्ट्रॉफी के लिए योजना: मस्कुलर डिस्ट्रॉफी से निपटने के लिए विशेष समिति का गठन किया गया।
लखनऊ: सुशांत गोल्फ सिटी थाने की पुलिस ने मॉल के बाहर मारपीट व फायरिंग कर दहशत फैलाने वाले तीन शातिर आरोपियों को दबोचा, शेष की तलाश जारी
लखनऊ पुलिस ने प्लासियो मॉल के बाहर फायरिंग की घटना में शामिल तीन शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया।
दो खोखा कारतूस, एक स्विफ्ट कार (UP 66 L 3561) और एक मोटरसाइकिल (UP 70 FC 7812) बरामद।
पुलिस ने गोल चक्कर ट्रिपल आईटी एचसीएल के पास चेकिंग अभियान चलाकर आरोपियों को पकड़ा।
गिरफ्तार आरोपियों में अमित तिवारी (बस्ती), अभिषेक जैसवार और पवन मौर्य (प्रयागराज) शामिल।
जनता से संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी देकर कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करने की अपील।
लखनऊ, 28 दिसंबर 2024: पुलिस कमिश्नरेट लखनऊ के दक्षिणी जोन के अंतर्गत थाना सुशांत गोल्फ सिटी पुलिस ने प्लासियो मॉल के बाहर हुई फायरिंग की घटना में शामिल तीन शातिर आरोपियों को गिरफ्तार कर बड़ी कामयाबी हासिल की है। पुलिस ने उनके कब्जे से दो खोखा कारतूस, एक स्विफ्ट कार (UP 66 L 3561), और एक मोटरसाइकिल (UP 70 FC 7812) भी बरामद की है। यह गिरफ्तारी पुलिस की सक्रियता और कुशलता का परिचायक है।
पुलिस कमिश्नरेट लखनऊ के दक्षिणी ज़ोन के पुलिस उपायुक्त का बयान
मामले की विस्तृत जानकारी देते हुए दक्षिणी ज़ोन के पुलिस उपायुक्त आईपीएस निपुण अग्रवाल ने बताया कि डीसीपी साऊथ निपुण अग्रवाल ने बताया कि कल रात्रि लगभग 1:30 बजे थाना सुशांत गोल्फ सिटी के अंतर्गत पडने वाले पलासियो मॉल के बाहर कुछ व्यक्ति आये जो कि मॉल में अपना बर्थडे मनाने हेतु प्रवेश करने का प्रयास कर रहे थे। इस पर माल के गार्ड ने उनको रोकने का प्रयास किया, इसके बाद उन्होंने माल के गार्ड एवं कर्मचारियों के साथ मारपीट की और हवाई फायरिंग करके वहां से भाग गए। जिस पर तत्काल ही पुलिस ने सुशंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत कर तीन लोगों की गिरफ्तारी कर ली गई है, शेष अभियुक्तों की गिरफ्तारी कर आवश्यक वैधानिक कार्यवाही की जा रही है।
घटना का पूरा विवरण
दिनांक 28 दिसंबर 2024 को प्लासियो मॉल के बाहर अज्ञात व्यक्तियों द्वारा फायरिंग की घटना हुई थी। इस घटना को लेकर थाना सुशांत गोल्फ सिटी में मुकदमा संख्या 686/2024, धारा 191(2)/109/352/351(2) बीएनएस के तहत मामला पंजीकृत किया गया। घटना के बाद से ही पुलिस ने संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की चेकिंग अभियान तेज कर दिया।
मुखबिर से मिली सूचना पर पुलिस टीम ने गोल चक्कर ट्रिपल आईटी एचसीएल के पास चेकिंग अभियान के दौरान तीन संदिग्ध व्यक्तियों को पकड़ा। जांच में यह पाया गया कि ये तीनों ही आरोपी प्लासियो मॉल के बाहर फायरिंग की घटना में संलिप्त थे।
गिरफ्तार अभियुक्तों का विवरण
अमित तिवारी (46 वर्ष): निवासी आवास विकास कॉलोनी, थाना कोतवाली, जिला बस्ती।
अभिषेक जैसवार (28 वर्ष): निवासी शिवकुटी, थाना शिवकुटी, जिला प्रयागराज।
पवन मौर्य (23 वर्ष): निवासी शिवकुटी, थाना शिवकुटी, जिला प्रयागराज।
बरामदगी का विवरण
दो खोखा कारतूस (0.32 बोर)।
एक स्विफ्ट कार (UP 66 L 3561)।
एक मोटरसाइकिल (UP 70 FC 7812)।
आपराधिक इतिहास और जांच
थाना सुशांत गोल्फ सिटी में पंजीकृत मुकदमे संख्या 686/2024 के अनुसार, अभियुक्तों के खिलाफ फायरिंग से संबंधित धाराओं में मामला दर्ज है। पुलिस जांच में इन आरोपियों के आपराधिक इतिहास की गहनता से छानबीन की जा रही है।
पुलिस की तत्परता और कार्यवाही
पुलिस टीम ने मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए महज कुछ घंटों में आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई थाना सुशांत गोल्फ सिटी पुलिस की कुशल रणनीति और त्वरित निर्णय क्षमता का नतीजा है। अभियुक्तों को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में पेश किया गया है, जहां से उन्हें रिमांड पर भेजा गया।
पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका
लखनऊ पुलिस ने इस कार्रवाई के माध्यम से अपराधियों को कड़ा संदेश दिया है कि कानून और व्यवस्था के साथ खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। इस सफल अभियान को अंजाम देने वाली पुलिस टीम में थाना सुशांत गोल्फ सिटी के अधिकारियों और कर्मचारियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनकी सक्रियता और त्वरित कार्यवाही से न केवल तीन शातिर अपराधियों को पकड़ा गया, बल्कि भविष्य में होने वाली संभावित घटनाओं को भी रोका जा सका।
पुलिस ने जनता से अपील की है कि यदि उन्हें किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिलती है, तो वे तुरंत पुलिस को सूचित करें। यह घटना लखनऊ पुलिस की तत्परता और उनकी जांच प्रक्रिया की पारदर्शिता को दर्शाती है। अपराधियों के खिलाफ इस तरह की सख्त कार्रवाई से न केवल अपराधियों में भय का माहौल बनेगा, बल्कि आम जनता का पुलिस पर विश्वास भी बढ़ेगा।