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लखनऊ: हरिहरपुर में सरकारी भूमि पर अवैध कब्जों पर मंडलायुक्त का सख्त रुख, लेकिन कब हटेगा हरिहरपुर के ही खसरा संख्या 329, 330 और 331 पर हाल ही में हुआ अवैध कब्जा

लखनऊ: हरिहरपुर में सरकारी भूमि पर अवैध कब्जों पर मंडलायुक्त का सख्त रुख, लेकिन कब हटेगा हरिहरपुर के ही खसरा संख्या 329, 330 और 331 पर हाल ही में हुआ अवैध कब्जा
लखनऊ: हरिहरपुर में सरकारी भूमि पर अवैध कब्जों पर मंडलायुक्त का सख्त रुख, लेकिन कब हटेगा हरिहरपुर के ही खसरा संख्या 329, 330 और 331 पर हाल ही में हुआ अवैध कब्जा
लखनऊ: हरिहरपुर में सरकारी भूमि पर अवैध कब्जों पर मंडलायुक्त का सख्त रुख, लेकिन कब हटेगा हरिहरपुर के ही खसरा संख्या 329, 330 और 331 पर हाल ही में हुआ अवैध कब्जा
  • हरिहरपुर में सरकारी भूमि पर अवैध कब्जों की जांच और सख्त कार्रवाई।
  • गाटा संख्या 636, 505, 513, 504 पर कब्जे के दोषियों के खिलाफ एफआईआर के आदेश।
  • डीपीएस स्कूल के पास अधिग्रहित जमीन पर हो रहे अवैध निर्माण की शिकायतों का निस्तारण लंबित।
  • सरकारी भूमि पर कब्जों की निगरानी और संरक्षित करने के निर्देश।
  • भूमाफिया मुक्त प्रदेश की नीति को सख्ती से लागू करने पर जोर।

लखनऊ, 30 दिसंबर 2024: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी की मंशा के तहत प्रदेश में सरकारी जमीनों को अवैध कब्जों से मुक्त कराने के लिए एक व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में मंडलायुक्त डॉ. रोशन जैकब ने सरोजनी नगर तहसील के हरिहरपुर गांव का दौरा कर सरकारी भूमि पर हुए अवैध कब्जों का जायजा लिया। उन्होंने मौके पर अवैध कब्जों की स्थिति का निरीक्षण कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।

ग्राम सभा हरिहरपुर में गाटा संख्या 636 पर प्रॉपर्टी डीलर गुड्डा देवी द्वारा अवैध प्लॉटिंग किए जाने पर मंडलायुक्त ने एफआईआर दर्ज कराने के आदेश दिए। वहीं, गाटा संख्या 505, 513 और 504 पर फ्रेंड्स कॉलोनी द्वारा किए गए कब्जों को लेकर भी फ्रेंड्स कॉलोनी के प्रोपराइटर के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया गया। मंडलायुक्त ने सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि अगर भविष्य में इन जमीनों पर दोबारा कब्जा पाया गया, तो दोषियों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

भूमि संरक्षण और सर्वेक्षण पर जोर
मंडलायुक्त ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी सरकारी भूमि की पैमाइश, जीएस मैपिंग और जीरो टैगिंग की प्रक्रिया में तेजी लाएं। चिन्हित भूमि को अवैध कब्जों से मुक्त कराकर उसका संरक्षण सुनिश्चित करें और वहां पर सरकारी स्वामित्व का बोर्ड लगवाएं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भूमि संरक्षण के लिए नगर निगम और राजस्व विभाग की संयुक्त टीमें नियमित रूप से निरीक्षण करें और अवैध कब्जों की शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर समाधान करें।

डीपीएस स्कूल के पास अवैध निर्माण
हरिहरपुर के अवध विहार चौकी क्षेत्र में डीपीएस स्कूल के पीछे स्थित खसरा संख्या 329, 330 और 331 पर अवैध बाउंड्री वॉल का निर्माण हो रहा है। यह जमीन 2008 में उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद द्वारा अधिग्रहित की गई थी। इसके बावजूद, भूमाफियाओं द्वारा वहां कब्जे की कोशिश जारी है। पीड़ित ने बताया कि इस जमीन पर कब्जा हटाने के लिए कई बार शिकायतें की गईं, लेकिन अब तक प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।

भूमाफिया मुक्त प्रदेश की नीति
मंडलायुक्त ने कहा कि सरकारी भूमि पर कब्जों को हटाने के लिए प्रदेश सरकार की भूमाफिया मुक्त नीति के तहत कार्रवाई तेज की जा रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि सरकारी जमीन पर कब्जा करने वालों और उन्हें संरक्षण देने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासनिक लापरवाही पर सवाल
हरिहरपुर में हो रही इन अवैध गतिविधियों ने प्रशासनिक तंत्र और उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सरकारी अधिग्रहण के बावजूद जमीनों पर कब्जे और अवैध निर्माण यह संकेत देते हैं कि भूमाफियाओं और प्रशासन के बीच मिलीभगत हो सकती है।

हरिहरपुर गांव का मामला प्रदेश में भूमि संरक्षण की आवश्यकता और भूमाफिया के खिलाफ कठोर कार्रवाई की अनिवार्यता को उजागर करता है। योगी सरकार के भूमाफिया मुक्त प्रदेश के संकल्प को साकार करने के लिए सभी संबंधित विभागों को तत्परता से काम करना होगा। सरकारी जमीनों को अवैध कब्जों से मुक्त कराना और दोषियों को कड़ी सजा देना ही इस समस्या का स्थायी समाधान हो सकता है।

लखनऊ के मोती महल लॉन में श्रीराम कथा का चौथा दिन: कथावाचक स्वामी राघवाचार्य जी ने दी प्रेरणादायक शिक्षा, बोले- भगवान के दर्शन दुर्लभ नहीं, लालसा का होना जरूरी

लखनऊ के मोती महल लॉन में श्रीराम कथा का चौथा दिन: कथावाचक स्वामी राघवाचार्य जी ने दी प्रेरणादायक शिक्षा, बोले- भगवान के दर्शन दुर्लभ नहीं, लालसा का होना जरूरी
लखनऊ के मोती महल लॉन में श्रीराम कथा का चौथा दिन: कथावाचक स्वामी राघवाचार्य जी ने दी प्रेरणादायक शिक्षा, बोले- भगवान के दर्शन दुर्लभ नहीं, लालसा का होना जरूरी
लखनऊ के मोती महल लॉन में श्रीराम कथा का चौथा दिन: कथावाचक स्वामी राघवाचार्य जी ने दी प्रेरणादायक शिक्षा, बोले- भगवान के दर्शन दुर्लभ नहीं, लालसा का होना जरूरी
  • स्वामिश्री राघवाचार्य जी महाराज ने भगवान के दर्शन की सच्ची लालसा के महत्व पर जोर दिया।
  • यज्ञ के महत्व और भगवान के रक्षक एवं विनाशक स्वरूप का उल्लेख किया।
  • संतों को समाज की विशेष विभूति बताते हुए उनके जनसामान्य में मार्गदर्शन की भूमिका पर प्रकाश डाला।
  • कथा स्थल पर 2 जनवरी को विशाल संत सम्मेलन का आयोजन प्रस्तावित।
  • कथा में राज्यसभा सांसद एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा, पूर्व सांसद धनंजय सिंह, गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता समेत कई अन्य विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति रही।

लखनऊ: राजधानी के मोती महल लॉन में चल रही श्रीराम कथा के चौथे दिन, श्रीरामलला सदन अयोध्या के पीठाधीश्वर स्वामिश्री राघवाचार्य जी महाराज ने उपस्थित श्रद्धालुओं को गहन आध्यात्मिक विचारों से ओतप्रोत किया। उन्होंने अपने प्रवचनों में भगवान के दर्शन की लालसा के महत्व पर विशेष जोर देते हुए कहा, “भगवान के दर्शन दुर्लभ नहीं हैं, लेकिन दर्शन की सच्ची लालसा दुर्लभ है। जब हमारी आत्मा भगवान के लिए तड़पने लगती है, तभी उनकी कृपा बरसती है।” उन्होंने गोपियों के उदाहरण से समझाया कि जब उनकी लालसा ने रुदन का रूप लिया, तब भगवान ने उनके संग रास रचाया।

उन्होंने भक्त श्री बिन्दु जी का उल्लेख करते हुए कहा, “उल्फत नशे का जिस दिन सच्चा सुरूर होगा, परमात्मा उसी दिन हाजिर जरूर होगा।”

यज्ञ का महत्व और भगवान का स्वरूप

स्वामी राघवाचार्य जी ने यज्ञ के महत्व को विस्तारित करते हुए कहा कि भगवान यज्ञ के रक्षक भी हैं और विनाशक भी। वह विश्व कल्याण के उद्देश्य से किए गए यज्ञों की रक्षा करते हैं, जबकि तामसिक यज्ञों का विध्वंस कराते हैं। उन्होंने भगवान को यज्ञपति, यजमान, यज्ञ के अंग, और यज्ञ के साधन के रूप में वर्णित किया। उन्होंने कहा, “प्रजापिता ब्रह्मा ने यज्ञ के साथ प्रजा का सृजन किया। यज्ञीय जीवन जीने से मानव जीवन उन्नत और पवित्र होता है।”

सत्य और धर्म का महत्व

महर्षि वशिष्ठ का उदाहरण देते हुए स्वामी जी ने बताया कि राम वहीं वास करते हैं, जहां सत्य और धर्म है। उन्होंने राम को सत्यनारायण और सत्य का पर्याय बताया।

संतों की भूमिका

स्वामिश्री राघवाचार्य ने संतों को धरती की विशेष विभूति बताते हुए कहा कि संतों के चरणों में तीर्थ निवास करते हैं। संत समाज को जनकल्याण के लिए आम जनता के बीच जाकर मार्गदर्शन करने का आवाहन किया। उन्होंने कहा कि यदि संत और आध्यात्मिक गुरु सक्रिय रूप से समाज में कार्य करें, तो वैचारिक, सामाजिक और पारिवारिक जीवन को सुदृढ़ बनाया जा सकता है।

विशेष आयोजन और उपस्थित अतिथि

कथा संयोजक डॉ. सप्तर्षि मिश्र ने बताया कि आगामी 2 जनवरी को कथा स्थल पर एक विशाल संत सम्मेलन आयोजित होगा। अयोध्याधाम से पधारे जगद्गुरु रामानंदाचार्य स्वामी ओम प्रपन्नाचार्य जी महाराज ने भी आज की कथा में अपने आशीर्वचन दिए।

चौथे दिन की कथा के यजमान धनंजय सिंह (पूर्व सांसद), आदेश सिंह (एडवोकेट) और अनिल उपाध्याय (केयर टेक्स) ने व्यास पूजन किया।

कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा, श्याम बिहारी गुप्ता (अध्यक्ष, गौ सेवा आयोग), आचार्य आलोक दीक्षित, पंकज तिवारी (कांग्रेस जिलाध्यक्ष, रायबरेली), आदेश यादव, सुनील मिश्रा, राघवेंद्र शुक्ला, विनय सिंह, रमन बाजपेयी, मनोज त्रिपाठी, सुशील शर्मा, संजय श्रीवास्तव, सुशील पांडेय, और लक्ष्मी नारायण मिश्र सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे।

101वां “आपका विधायक-आपके द्वार” जनसंवाद शिविर में असरखेड़ा (कूडाईंटगांव) के ग्रामीणों ने रखी प्रमुख समस्याएँ, गहरवारा पहुंची डॉ. राजेश्वर सिंह की सरोजनीनगर विकास दर्शन रथ यात्रा

rajeshwar singh
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  • गांव की शान : विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह द्वारा असरखेड़ा (कूडाईंटगांव) के 4 मेधावियों को साइकिल प्रदान कर किया सम्मानित
  • खेल संस्कृति को बढ़ावा: कूडाईंटगांव असरखेड़ा में डॉ. राजेश्वर सिंह द्वारा 56वें गर्ल्स यूथ क्लब का गठन
  • सरोजनीनगर में संवाद, सम्मान और समाधान के साथ जनसेवा का कीर्तिमान रच रहा ‘आपका​ विधायक-आपके द्वार’ जनसंवाद शिविर
  • डॉ. राजेश्वर सिंह की विकास दर्शन रथ यात्रा पहुँची गहरवारा, क्षेत्र के विकास के लिए नई योजनाओं का खाका प्रस्तुत
  • ग्रामीणों से मिले विकास सुझाव, विधायक राजेश्वर सिंह की यात्रा ने बढ़ाई उत्साह की लहर
  • डॉ. राजेश्वर सिंह के मुताबिक समग्र विकास, अटल विश्वास का दर्पण है सरोजनीनगर विकास दर्शन रथ यात्रा
  • उन्होने कार्यक्रम की विशेषता बताते हुए कहा कि जनता और सरकार के बीच मजबूत कड़ी है ‘आपका विधायक-आपके द्वार’ जन संवाद शिविर

लखनऊ: सरोजनीनगर से भाजपा विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह द्वारा सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ ग्रामीणों को उनके द्वार तक पहुंचाने तथा मेधावियों व गाँव के वरिष्ठ नागरिकों को सम्मानित करने के उद्देश से शुरू की गयी ‘आपका विधायक – आपके द्वार’ जन संवाद शिविर की साप्ताहिक पहल 100 से अधिक आयोजनों का कीर्तिमान स्थापित कर चुकी है। रविवार को सरोजनीनगर विधानसभा क्षेत्र के कूडाईंटगांव, मजरा असरखेड़ा में 101वें ‘आपका विधायक – आपके द्वार’ जनसुनवाई शिविर का सफल आयोजन किया गया। इस शिविर में सैकड़ों ग्रामीणों ने भाग लिया और अपनी समस्याओं एवं सुझावों को साझा किया। शिविर के दौरान ग्रामवासियों ने आवास, स्ट्रीट व सोलर लाइट, निराश्रित महिला पेंशन और किसान सम्मान निधि से संबंधित 30 से अधिक आवेदन प्रस्तुत किए। इन सभी समस्याओं पर विधायक की टीम द्वारा प्रभावी कार्रवाई का आश्वासन दिया गया। शिविर के दौरान ‘गाँव की शान’ पहल के तहत गाँव के होनहार विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने केसतत संकल्प क्रम में इंटरमीडिएट परीक्षा में सर्वोच्च अंक प्राप्त करने वाले 2 मेधावियों अनामिका सिंह (79.8%), नैतिक पाल (71.8%) तथा हाईस्कूल परीक्षा में सबसे ज्यादा अंक लाने वाले 2 मेधावियों मोहिनी (79.17%) और धीरज पाल (72.17%) को साइकिल, दीवार घड़ी एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।

डॉ. राजेश्वर सिंह द्वारा खेल गतिविधियों को प्रोत्साहित करने तथा युवाओं को खेल संसाधन उपलब्ध कराने के क्रम में लगातर यूथ क्लबों की स्थापना भी की जा रही है, रविवार को आपका विधायक – आपके द्वार जन सुनवाई शिविर के दौरान 56 वें गर्ल्स यूथ क्लब का गठन कर कैरम, वॉलीबॉल, फुटबॉल आदि खेलों की स्पोर्ट्स किट प्रदान की गयी। शिविर के दौरान ग्राम प्रधान राम चन्द्र, सकरा प्रधान दिलीप मौर्या, बूथ अध्यक्ष बाबू पाल, समूह अध्यक्ष मधु सिंह, रेखा, गीता, सखी सोनी वर्मा एवं विमला, तथा वरिष्ठ नागरिक छोटे लाल एवं भगवती को अंग वस्त्र देकर सम्मानित किया गया। शिविर के दौरान सभी उपस्थित क्षेत्रवासियों को विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह द्वारा शुरू की गयी ताराशक्ति निःशुल्क रसोई के माध्यम से ताजा एवं पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया गया।

गहरवारा पहुंची डॉ. राजेश्वर सिंह की विकास दर्शन रथयात्रा, उत्साहित नजर आये ग्रामीण

सरोजनीनगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह द्वारा विधानसभा क्षेत्र में संचालित विकास योजनाओं का लाभ ग्रामीण क्षेत्रों के अंतिम छोर तक पहुंचाने, हर लाभार्थी को योजनओं से जोड़ने तथा जनता से विकास सम्बंधित सुझाव प्राप्त करने के उद्देश्य से ‘सरोजनीनगर विकास दर्शन रथ यात्रा’ संचालित है। रविवार को ग्राम पंचायत गहरवारा के मजरा रेवारी पहुंची यात्रा का ग्राम प्रधान के नेतृत्व में ग्रामीणों ने भव्य स्वागत किया। जनसंघ के समय के कार्यकर्ता, आपातकाल में 19 महीने जेल काटने वाले वरिष्ठ भाजपा नेता एवं बूथ अध्यक्ष विजय कुमार द्विवेदी को सम्मानित कर यात्रा की शुरुआत हुई।

इस दौरान विधायक की टीम द्वारा क्षेत्र में कराये जा रहे कार्यों का उल्लेख करते हुए बताया गया कि सरोजनीनगर में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए 140 से अधिक सिलाई सेंटर खुलवाए गए, तारा शक्ति निःशुल्क रसोई के माध्यम से प्रतिदिन 400 जरुरत मंदों को ताजा, पौष्टिक भोजन उपलब्ध करवाया जा रहा है। डॉ. राजेश्वर सिंह के प्रयासों से अब तक मुख्यमंत्री रहत कोष से 700 से अधिक जरुरतमंदों को 15 करोड़ से अधिक की सहायता राशि उपलब्ध करवाई गयी, लखनऊ विश्व विद्यालय के कृषि संकाय, अंग्रेजी एवं विदेशी भाषा विश्वविद्यालय कैम्पस के लिए भूमि आवंटन, नीवा में आईटीआई की स्थापना, लातीफनगर में गर्ल्स डिग्री कॉलेज भवन के भवन के पुनर्निर्माण के लिए धनराशी स्वीकृत करवाई गयी। इस दौरान उपस्थित ग्रामीणों ने क्षेत्र के विकास सम्बंधित सुझावों से भी विधायक की टीम को अवगत कराया।

यात्रा के दौरान ग्राम प्रधान गहरवारा शिव कुमार, पूर्व ब्लाक प्रमुख राम विलास, अजय सिंह यादव, सोनू यादव, अर्मेंद्र सिंह चौहान, अजीत कुमार यादव, विजय कुमार, संतराम, सुरेन्द्र रावत, समूह सखी आशा, सरस्वती, आरती यादव, आरती सिंह, कोमल यादव, अमर सिंह यादव, मनोज पाल, नीरज मौर्या, पिंटू राजपूत, सुनीत रावत, शैलेन्द्र यादव, मुनेश्वर गौतम, बब्लू शर्मा एवं अन्य ग्रामवासी मौजूद रहे।

लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट ने की इमरजेंसी मॉक ड्रिल, नए साल के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद

लखनऊ: पुलिस कमिश्नर, लखनऊ आईपीएस अमरेंद्र कुमार सेंगर के निर्देशन में लखनऊ पुलिस लगातार सक्रिय नजर आ रही है। सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए डीसीपी साउथ आईपीएस निपुण अग्रवाल के नेतृत्व में प्लासियो मॉल में इमरजेंसी मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया।

हाल ही में हुई फायरिंग की घटना और आगामी नए साल की तैयारियों के मद्देनजर पुलिस ने कानून-व्यवस्था को लेकर सतर्कता बढ़ा दी है। इसी क्रम में एसीपी गोसाईंगंज आईपीएस किरन यादव ने राजधानी की सड़कों पर कानून-व्यवस्था का जायजा लिया।

मॉक ड्रिल के दौरान पास के तीनों थानों की सेकंड मोबाइल, पीआरबी और पॉलीगॉन को कंट्रोल रूम से बुलाया गया। इस अभ्यास में थाना कैंट, गोसाईंगंज और गोमती नगर विस्तार की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट का यह कदम नए साल के दौरान शहरवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए उठाया गया है।

सनातन धर्म और श्रीराम कथा का महत्व: मोती महल लान में आयोजित तीसरे दिन की विस्तृत रिपोर्ट

सनातन धर्म और श्रीराम कथा का महत्व: मोती महल लान में आयोजित तीसरे दिन की विस्तृत रिपोर्ट
सनातन धर्म और श्रीराम कथा का महत्व: मोती महल लान में आयोजित तीसरे दिन की विस्तृत रिपोर्ट
सनातन धर्म और श्रीराम कथा का महत्व: मोती महल लान में आयोजित तीसरे दिन की विस्तृत रिपोर्ट
  • स्वामी राघवाचार्य जी ने कहा, “राम ही सभी आत्माओं की आत्मा हैं और उनके बिना कोई गति नहीं है।”
  • सनातन धर्म वेदों पर आधारित है और इसके नियामक वेद ही हैं, जो जीवन के आदर्श हैं।
  • स्वामी जी ने योग को व्यायाम से ऊपर उठाकर आत्मा के परमात्मा से मिलन का साधन बताया।
  • भगवान राम के चार प्रकार के भक्त होते हैं: आर्त, जिज्ञासु, अर्थार्थी और ज्ञानी।
  • श्रीराम कथा महोत्सव में स्वामी करपात्री जी महाराज के नाम पर बने द्वार श्रद्धालुओं को आकर्षित कर रहे हैं।

लखनऊ, 28 दिसम्बर 2024: मोती महल लान में चल रही श्रीराम कथा के तीसरे दिन अयोध्या से आए प्रख्यात रामकथा मर्मज्ञ स्वामी राघवाचार्य जी महाराज ने भगवान श्रीराम के जीवन, उनके आदर्श और सनातन धर्म के महत्व पर गहन विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म का आधार वेद हैं और यह धर्म पूरी तरह से वैदिक सिद्धांतों पर आधारित है। वेद ही सनातन धर्म के नियामक हैं और इसका पालन करने से ही जीवन में शांति, समृद्धि और आत्मिक उन्नति संभव है।

स्वामी जी ने अपने प्रवचन की शुरुआत भगवान श्रीराम के अद्भुत चरित्र और उनके महत्व को समझाने से की। उन्होंने कहा, “जो सबको अपने में रमण कराए उसका नाम राम है। और, जो सबमें रमण करे उसका नाम है राम।” उनका यह कथन इस अर्थ में था कि भगवान श्रीराम केवल हमारे जीवन के मार्गदर्शक ही नहीं हैं, बल्कि वह प्रत्येक आत्मा के भीतर निवास करते हैं। उनका अस्तित्व सर्वव्यापी है और उनके बिना कोई भी तत्व अस्तित्व में नहीं रह सकता। भगवान श्रीराम अनंत आनंद के सिंधु हैं, जो सभी की प्रेरणा, भोग और भोग्य हैं। उन्होंने यह भी कहा कि श्रीराम की पूजा और भक्ति जीवन का सर्वोत्तम उद्देश्य है और उनके बिना कोई गति संभव नहीं है।

स्वामी राघवाचार्य जी ने ‘अंतर्यामी’ शब्द का महत्व भी स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि अंतर्यामी वह परमात्मा है जो सभी जीवों के भीतर बैठकर उनका नियमन करता है। वह हर समय हमारे भीतर होते हुए भी हम उन्हें बाहरी चकाचौंध और व्यस्तताओं के कारण पहचान नहीं पाते। उन्होंने यह भी बताया कि भगवान ने हमें यह अनमोल मानव जीवन दिया है, जिसका उद्देश्य भगवान की भक्ति और धर्म के पालन में समर्पित होना चाहिए।

योग का महत्व:

स्वामी राघवाचार्य जी ने आज के समय में योग के महत्व पर भी विशेष प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भारतीय ऋषियों ने शरीर, मन और आत्मा के संतुलन के लिए योग को जीवन का अभिन्न हिस्सा माना है। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि आजकल जिसे हम योग कहते हैं, वह केवल व्यायाम तक सीमित हो गया है, जबकि योग एक दिव्य साधना है, जो आत्मा को परमात्मा से जोड़ने का मार्ग है। उन्होंने कहा कि अष्टांग योग – यम, नियम, आसन, प्राणायाम, प्रत्याहार, ध्यान, धारणा और समाधि – जीवन को सही दिशा देने के लिए आवश्यक हैं।

स्वामी जी ने कहा कि “हमें योग को केवल व्यायाम से ऊपर उठाकर उसकी वास्तविकता को समझना होगा।” योग केवल शरीर को स्वस्थ रखने के लिए नहीं है, बल्कि यह हमारे मानसिक, भावनात्मक और आत्मिक संतुलन को बनाए रखने का एक शक्तिशाली उपकरण है। योग का वास्तविक उद्देश्य आत्मा का परमात्मा से मिलन है, और इसका अंतिम फल समाधि है, जो आत्मा की सर्वोच्च अवस्था है।

भगवान राम और उनके भक्त:

स्वामी राघवाचार्य जी ने रामकथा में भगवान श्रीराम के भक्तों का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि भगवान के भक्तों के चार प्रमुख प्रकार होते हैं: आर्त (जो कष्ट से जूझ रहे हैं), जिज्ञासु (जो ज्ञान प्राप्ति की इच्छा रखते हैं), अर्थार्थी (जो भौतिक सुखों की इच्छा रखते हैं) और ज्ञानी (जो भगवान को सर्वोच्च प्रेम और ज्ञान से समझते हैं)। स्वामी जी ने लक्ष्मण को भगवान राम की आत्मा के रूप में प्रस्तुत किया और कहा कि लक्ष्मण वह हैं जो भगवान राम के साथ हर परिस्थिति में होते हैं और उनका मार्गदर्शन करते हैं।

उन्होंने यह भी बताया कि ज्ञानी भक्त वे होते हैं जो भगवान को अपनी आत्मा से भी प्रिय मानते हैं और उनका प्रेम व भक्ति केवल बाहरी आडंबरों तक सीमित नहीं रहती, बल्कि यह परमात्मा के साथ एक गहरे संबंध में बदल जाती है।

धर्म सम्राट स्वामी करपात्री जी महाराज और रामकथा द्वार:

श्रीराम कथा सेवा समिति के सहसंयोजक एवं मंच समन्वयक डॉ. सप्तर्षि मिश्र ने जानकारी दी कि इस कथा महोत्सव में समाजसेवी, न्यायधीश और गणमान्य लोग भाग ले रहे हैं। विशेष रूप से, धर्म सम्राट स्वामी करपात्री जी महाराज के नाम पर बनाए गए द्वार दर्शकों को आकर्षित कर रहे हैं। इन द्वारों ने सभी श्रद्धालुओं को श्रीराम कथा के प्रति और अधिक आकर्षित किया है।

कथा के आयोजन में आज के व्यास पूजन के मुख्य यजमान एडवोकेट शिव कुमार सिंह और एडवोकेट संजीव पाण्डेय थे। इसके अलावा, समाजसेवी महेश गुप्ता, न्यायाधीश अनुपमा श्रीवास्तव, डॉ. राकेश शुक्ल, मनोज मिश्र, धर्मेन्द्र कुमार गुप्ता, आचार्य देव और अन्य प्रमुख लोग भी उपस्थित थे।

कथा का समापन:

डॉ. सप्तर्षि मिश्र ने कथा के समापन की जानकारी देते हुए बताया कि कथा का समापन 2 जनवरी को विशाल संत सम्मेलन के साथ होगा, जिसमें बड़े संख्या में संत महात्मा और श्रद्धालु भाग लेंगे। यह सम्मेलन श्रीराम कथा के पवित्र संदेश को समाज में और अधिक प्रसारित करने के लिए आयोजित किया जा रहा है।

स्वामी राघवाचार्य जी के प्रवचन ने कथा में उपस्थित सभी श्रद्धालुओं को भगवान श्रीराम के अद्भुत चरित्र, योग के महत्व और सनातन धर्म के सिद्धांतों की गहरी समझ प्रदान की। उनका यह संदेश सभी के जीवन में एक दिव्य मार्गदर्शन के रूप में कार्य करेगा।