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सियोल: South Korea Plane Crash, मृतकों की संख्या बढ़कर 167 से अधिक हुई

 दक्षिण कोरिया के भीषण विमान हादसे में मौतों का आंकड़ा अब 179 पहुंच गया है। विमान में कुल 181 यात्री सवार थे। इसमें से सिर्फ 2 लोग ही जीवित बच सके हैं। उनकी हालत भी गंभीर बनी हुई है। यह हादसा साउथ कोरिया के मुआन हवाई अड्डे पर रविवार को उस वक्त हुआ, जब विमान का लैंडिंग गियर उतरते फेल हो गया और अचानक वह दीवार की फेंसिंग से टकरा गया। इससे यात्री विमान में आग लग गई। इस घटना में कम से कम 167 लोगों की मौत हो गई। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

अधिकारियों ने बताया कि यह देश में अब तक हुए सबसे वीभत्स हवाई हादसों में से एक है। देश की राष्ट्रीय अग्निशमन एजेंसी ने बताया कि बचाव दल मुआन शहर स्थित इस हवाई अड्डे पर ‘जेजू एयर’ यात्री विमान से लोगों को निकालने की कोशिश में जुटा हुआ है। विमान में 181 यात्री सवार थे। परिवहन मंत्रालय ने बताया कि विमान 15 वर्ष पुराना बोइंग 737-800 जेट था, जो बैंकॉक से लौट रहा था और दुर्घटना स्थानीय समयानुसार सुबह नौ बजकर तीन मिनट पर हुई। अग्निशमन एजेंसी ने बताया कि आग लगने की घटना में कम से कम 167 लोगों की मौत हो गई। एजेंसी के मुताबिक, मृतकों की संख्या और बढ़ने की आशंका है क्योंकि घटना के करीब छह घंटे बाद भी विमान में सवार बाकी लोग लापता हैं।

टक्कर के बाद आग का गोला बन गया विमान

बचाव दल ने दो लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला, जो चालक दल के सदस्य थे। स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि वे होश में हैं। अग्निशमन एजेंसी ने आग पर काबू पाने के लिए दमकल की 32 गाड़ियों और कई हेलीकॉप्टर तैनात किए। एजेंसी के मुताबिक, करीब 1,560 अग्निशमन कर्मी, पुलिस अधिकारी, सैनिक और अन्य अधिकारी भी घटनास्थल पर हैं। वाईटीएन टेलीविजन द्वारा प्रसारित एक फुटेज में ‘जेजू एयर’ विमान हवाई पट्टी पर फिसलकर एक कंक्रीट की दीवार से टकराता हुआ दिखता है। अन्य स्थानीय टीवी चैनलों द्वारा प्रसारित वीडियो में विमान से काले धुएं का गुबार निकलता दिखा। मुआन अग्निशमन केंद्र के प्रमुख ली जियोंग-ह्योन ने संवाददाताओं से कहा कि विमान पूरी तरह से नष्ट हो गया है और मलबे के बीच केवल ‘टेल असेंबली’ ही पहचानी जा सकती है।

हादसे की वजहों की हो रही जांच

ली ने बताया कि कर्मचारी दुर्घटना के कारणों के बारे में विभिन्न संभावनाओं की जांच कर रहे हैं। इसमें विमान के पक्षियों से टकराने के पहलू की भी जांच की जा रही है। परिवहन मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया कि संचार रिकॉर्ड के उनके शुरुआती आकलन से पता चला कि हवाई अड्डे के नियंत्रण टॉवर ने विमान को उतरने से कुछ समय पहले पक्षियों के टकराने की चेतावनी जारी की और पायलट को एक अलग क्षेत्र में उतरने की अनुमति दी। अधिकारियों ने कहा कि पायलट ने दुर्घटना से पहले संकट संकेत भेजा था। परिवहन मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी जू जोंग-वान ने बताया कि कर्मचारियों ने विमान के ब्लैक बॉक्स से फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर को निकाल लिया है और ‘कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डिंग’ उपकरण की तलाश की जा रही है। मुआन में आपातकालीन अधिकारियों ने कहा कि विमान के ‘लैंडिंग गियर’ में खराबी आ गई थी।

मलयालम अभिनेता दिलीप शंकर का हुआ निधन, होटल में शव मिला ; जांच में जुटी पुलिस

मलयालम अभिनेता दिलीप शंकर रविवार सुबह तिरुवनंतपुरम के एक होटल के कमरे में मृत पाए गए। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ‘चप्पा कुरिशु’ और ‘नॉर्थ 24 कैथम’ जैसी फिल्मों में काम कर चुके अभिनेता ने अपनी मौत से दो दिन पहले होटल में चेक इन किया था। कथित तौर पर कमरे से दुर्गंध आने के बाद होटल के कर्मचारियों ने दरवाजा खोला। अभिनेता को होटल के कमरे के फर्श पर पड़ा पाया गया, जिससे उनकी अचानक मौत की तत्काल जांच की गई। शुरुआती रिपोर्टों से पता चलता है कि शंकर की मौत में किसी साजिश का कोई संकेत नहीं है।

शंकर के असामयिक निधन से मलयालम मनोरंजन उद्योग को झटका लगा है। अभिनेता को आखिरी बार धारावाहिक ‘पंचाग्नि’ में चंद्रसेनन की भूमिका में देखा गया था और हाल ही में उन्हें ‘अम्मायरियाथे’ में अपने किरदार पीटर के लिए प्रशंसा मिली थी। उनकी ‘पंचाग्नि’ की सह-कलाकार सीमा जी नायर ने अपना दुख व्यक्त करने के लिए सोशल मीडिया का सहारा लिया। उन्होंने अपने नोट में लिखा, ‘आपने मुझे पांच दिन पहले फोन किया था, लेकिन मैं तब आपसे ठीक से बात नहीं कर पाई थी.’

पुलिस मौत की जांच कर रही है

एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, ‘पंचाग्नि’ के डायरेक्टर ने बताया कि शंकर गंभीर बीमारी से पीड़ित थे और उनका इलाज चल रहा था। हालांकि, बीमारी का विवरण अभी भी अज्ञात है। पुलिस ने अभिनेता के आकस्मिक निधन की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों द्वारा अभी तक मौत के कारण का पता नहीं लगाया जा सका है।

हेल्थ अपडेट :ब्लड शुगर 400 तक भी पहुंच सकता है कम, बस इन दो जूस का करें सेवन

 खराब लाइफस्टाइल और गलत खानपान की वजह से डायबिटीज की बीमारी काफी बढ़ गई है। ज्यादातर लोगों में ब्लड शुगर लेवल हाई देखने को मिल रहा है। खराब सेहत भी डायबिटीज के जिम्मेदार हो सकती है। अगर आप भी डायबिटीज से पीड़ित हैं, तो आप अपने डाइट में इन दो जूस को जरुर एड ऑन करें। ऐसा करने से आपका हाई ब्लड शुगर लेवल भी कम होने लगेगा। ऐसे में ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करना भी काफी जरुरी है।

आंवला और करेले का जूस पिएं

 ब्लड शुगर कंट्रोल के लिए आंवला और करेले का जूस पीना काफी प्रभावी माना जाता है। इस जूस के सेवन से शुगर लेवल नियंत्रित किया जा सकता है। इसके सेवन से कई हेल्द के फायदे भी मिलते हैं। आंवला में विटामिन-सी और एंटी ऑक्सीडेंट होते हैं, जो अग्न्याशय को सक्रिय करते हैं और इंसुलिन उत्पादन भी बढ़ाते हैं। दूसरी ओर करेला में पाया जाता है चारेंटिन और पॉलीपेप्टाइड P ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित करते हैं। करेला इंसुलिन को बढ़ाता है, जिससे शरीर को ग्लूकोज का बेहतर उपयोग होता है।

डिटॉक्स करता है जूस

इस जूस के सेवन से लिवर-किडर को स्वास्थ बनाएं रखता है और इसे डिटॉक्स करने में भी ये जूस फायदेमंद है। इसके साथ ही करेला एसिडिटी में फायदेमंद होता है, जो पाचन ठीक रखता है।

हेल्थ बेनिफिट्स : अगर यूरिक एसिड कंट्रोल करना है, तो अपनी डाइट में ये फल जरूर शामिल करें

यूरिक एसिड के बारे में बहुत से लोगों को जानकारी नहीं होती है, लेकिन यह आपके स्वास्थ्य में बहुत बड़ा बदलाव ला सकता है। इसे आपका शरीर स्वाभाविक रूप से तब बनाता है जब वह प्यूरीन को तोड़ता है, जो कुछ खाद्य पदार्थों और पेय पदार्थों में पाया जाता है। जबकि थोड़ा यूरिक एसिड होना पूरी तरह से सामान्य है, लेकिन जब यूरिक एसिड बहुत अधिक होने लगता है तो इससे गठिया या गुर्दे की पथरी जैसी हेल्थ प्रोब्लम्स हो सकती हैं।

इसलिए, यूरिक एसिड को कण्ट्रोल में रखने के लिए सबसे जरूरी होता है कि आप अपनी डाइट में कुछ बदलाव करें। आपको ना केवल अपने खानपान पर नजर रखने की जरूरत होती है, बल्कि आपको अपनी डाइट में कुछ फलों को भी जरूर शामिल करना चाहिए। चेरी, साइट्रस और बेरी जैसे फल न केवल टेस्टी होते हैं बल्कि आपके यूरिक एसिड को नियंत्रित रखने में भी मदद करते हैं। तो चलिए आज इस लेख में हम आपको कुछ ऐसे ही फलों के बारे में बता रहे हैं, जो यूरिक एसिड को कण्ट्रोल करने में मदद कर सकते हैं-

चेरी

यूरिक एसिड को कम करने के लिए आपको चेरी को अपनी डाइट में जरूर शामिल करना चाहिए। इसमें एंथोसायनिन जैसे एंटीऑक्सीडेंट और कंपाउंड पाया जाता है, जो यूरिक एसिड और सूजन को कम करने में मदद करते हैं। अध्ययनों से यह भी पता चलता है कि वे गाउट अटैक के रिस्क को भी कम कर सकते हैं।

खट्टे फल 

सर्दियों में लोग खट्टे फलों का सेवन अधिक करते हैं। संतरे और नींबू जैसे खट्टे फल विटामिन सी से भरपूर होते हैं और यूरिक एसिड के लेवल को कम करने में मदद करते हैं। आप चाहें तो अपनी डेली डाइट में नींबू पानी को शामिल करें।

बेरीज

बेरीज जैसे स्ट्रॉबेरी व ब्लूबेरी आदि को डाइट में कई अलग-अलग तरीकों से डाइट में शामिल किया जा सकता है। बेरीज कई तरह से पोषक तत्वों से भरपूर होती है। इतना ही नहीं, एंटीऑक्सीडेंट और विटामिन सी रिच होने के कारण यह यूरिक एसिड और सूजन को कम करने में भी मददगार है।

विंटर टिप्स : सर्दियों में रात को सोने से पहले पैर के तलवों पर घी लगाएं, इन समस्याओं से मिलेगा राहत

सर्दियों के दौरान रात को सोने से पहले पैर के तलवों पर घी को मलना काफी फायदेमंद हो सकता है। आमतौर पर सर्दी के समय कब्ज से लेकर ज्वाइंच पेन जैसी कई सारी समस्याएं होने लगती है। अब इनसे निपटने के लिए आप इस उपाय को जरुर कर सकते हैं। इसलिए रोजाना रात को सोने से पहले घी की कुछ बूंदे को उंगालियों पर लेकर तलवों की मसाज करनी चाहिए। इसे हथेली की मदद से तब तक रगड़ें, जब तक कि हथेली गर्म न हो जाए। आइए आपको इसके फायदे बताते हैं।

कब्ज की समस्या दूर होगी

बार-बार कब्ज की समस्या जूझ रहे लोगों को कई बार कब्ज की दवाएं खानी पड़ती हैं, लेकिन फिर भी पेट साफ नहीं होता है। ऐसे लोगों को तलवों पर घी रब करके सोना चाहिए। इसकी मदद से क्रॉनिक कब्ज और हमेशा रहने वाली कब्ज से भी राहत मिलती है।

ज्वाइंट्स पेन में आराम

विंटर सीजन के दौरान ज्यादातर लोगों को जोड़ों में दर्द बना रहता है। पैर के दर्द के साथ ही कंध में दर्द और जकड़न से परेशान रहते हैं। अगर रात को आप भी तलवे पर घी लगाकर मलते हैं, तो ये सारे ज्वाइंट्स स्टिमुलेट होते हैं और दर्द कम होता है।

ब्लड सर्कुलेशन बढ़ाता है

रात को सोने से पहले पैरों के तलवों में घी लगाने से ब्लड सर्कुलेशन भी कम हो जाता है। तलवों पर देसी घी रगड़ने से ब्लड वेसल्स की सिकुड़न दूर होकर ब्लड सर्कुलेशन बढ़ने में मदद मिलती है।

नींद अच्छी आती है

जिन लोगों को नींद नहीं आती है और बेचैनी का शिकार हो रखें, उन लोगों की रात में बार-बार नींद खुल जाती है, तो ऐसे में आप तलवे पर घी मलकर लगा के सोना चाहिए।

शरीर में वात दोष बैलेंस करता है

आयुर्वेंद में बताया गया है कि बीमारियों के लिए तीन चीजें जिम्मेदार है। वो हैं, वात, पित्त और कफ। इन तीन में से जब भी जिस चीज की मात्रा बढ़ती है, तो अलग-अलग बीमारियां होने लगती है। इसलिए पैर के तलवों पर घी से मालिश करने से वात बैलेंस में रहता है।