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प्रयागराज महाकुंभ-2025: उत्तर प्रदेश सरकार की तैयारियों में हर पहलू को ध्यान में रखा गया, मोहाली में प्रयागराज महाकुंभ-2025 के रोड शो में शामिल हुए उत्तर प्रदेश के तीन मंत्री

प्रयागराज महाकुंभ-2025: उत्तर प्रदेश सरकार की तैयारियों में हर पहलू को ध्यान में रखा गया, मोहाली में प्रयागराज महाकुंभ-2025 के रोड शो में शामिल हुए उत्तर प्रदेश के तीन मंत्री
प्रयागराज महाकुंभ-2025: उत्तर प्रदेश सरकार की तैयारियों में हर पहलू को ध्यान में रखा गया, मोहाली में प्रयागराज महाकुंभ-2025 के रोड शो में शामिल हुए उत्तर प्रदेश के तीन मंत्री
प्रयागराज महाकुंभ-2025: उत्तर प्रदेश सरकार की तैयारियों में हर पहलू को ध्यान में रखा गया, मोहाली में प्रयागराज महाकुंभ-2025 के रोड शो में शामिल हुए उत्तर प्रदेश के तीन मंत्री
  • उत्तर प्रदेश सरकार ने मोहाली में महाकुंभ-2025 के प्रचार के लिए भव्य रोड शो आयोजित किया।
  • मोहाली में प्रयागराज महाकुंभ-2025 के रोड शो में शामिल हुए उत्तर प्रदेश के गन्ना विकास एवं चीनी मिल मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी, होमगार्ड्स नागरिक सुरक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मवीर प्रजापति और राज्य मंत्री कृषि, कृषि शिक्षा एवं कृषि अनुसंधान बलदेव सिंह ओलख।
  • महाकुंभ-2025 में लगभग 45 करोड़ श्रद्धालुओं के आने की संभावना, सभी व्यवस्थाएं डिजिटल और आधुनिक होंगी।
  • महाकुंभ को स्वच्छ, स्वस्थ, सुरक्षित और हरित बनाने के लिए सरकार ने कई योजनाएं बनाई हैं।
  • 44 घाटों पर पुष्प वर्षा, रिवर फ्रंट का विकास, और स्मार्ट पार्किंग जैसी सुविधाओं की व्यवस्था की जाएगी।
  • उत्तर प्रदेश सरकार ने महाकुंभ के दौरान तकनीकी विधियों से श्रद्धालुओं की हेड काउंटिंग की व्यवस्था की है।

लखनऊ, 30 दिसम्बर, 2024: उत्तर प्रदेश सरकार ने आगामी महाकुंभ-2025 के आयोजन के लिए व्यापक तैयारियों की घोषणा की है। राज्य सरकार का उद्देश्य इस महाकुंभ को न केवल भारत बल्कि पूरे विश्व में भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिकता का एक प्रमुख प्रतीक बनाना है। इस दिशा में, उत्तर प्रदेश के गन्ना विकास एवं चीनी मिल मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी, होमगार्ड्स और नागरिक सुरक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मवीर प्रजापति और राज्य मंत्री कृषि, कृषि शिक्षा एवं कृषि अनुसंधान बलदेव सिंह ओलख ने मोहाली में एक भव्य रोड शो का आयोजन किया। इस रोड शो का उद्देश्य महाकुंभ-2025 की तैयारियों को व्यापक रूप से प्रचारित करना था और पंजाब के नागरिकों को इस ऐतिहासिक आयोजन में भाग लेने के लिए प्रेरित करना था।

महाकुंभ-2025 की महत्वाकांक्षी तैयारियां:

रोड शो के बाद आयोजित पत्रकार वार्ता में श्री लक्ष्मी नारायण चौधरी ने महाकुंभ-2025 की तैयारी और उसके उद्देश्य को लेकर कई महत्वपूर्ण बातें साझा की। उन्होंने कहा कि महाकुंभ, भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिकता, और सामाजिक समरसता का प्रतीक है, और यह आयोजन भारत की विविधता में एकता का अद्वितीय उत्सव है। उन्होंने यह भी बताया कि इस बार महाकुंभ-2025 और भी दिव्य और भव्य होगा।

उनके अनुसार, महाकुंभ-2025 में लगभग 45 करोड़ श्रद्धालुओं, साधु-संतों, कल्पवासियों, और पर्यटकों के आने की संभावना है। इन तैयारियों में उत्तर प्रदेश सरकार ने पूरी तरह से समयबद्ध तरीके से समुचित प्रबंध किए हैं।

स्वच्छ, सुरक्षित और डिजिटल महाकुंभ का संकल्प:

लक्ष्मी नारायण चौधरी ने महाकुंभ-2025 को एक स्वच्छ, सुरक्षित, और डिजिटल आयोजन बनाने के लिए कई योजनाओं की घोषणा की। उन्होंने बताया कि यह महाकुंभ सिंगल यूज प्लास्टिक से मुक्त होगा, और मेला क्षेत्र को पर्यावरण के अनुकूल बनाने के लिए विशेष कदम उठाए गए हैं। इसके तहत, करीब 400 स्कूलों के प्रधानाचार्यों के साथ स्वच्छता पर बैठकें आयोजित की गई हैं। 4 लाख बच्चों और प्रयागराज की पांच गुना जनसंख्या तक स्वच्छ महाकुंभ का संदेश पहुंचाया जाएगा। इसके अतिरिक्त, “हर घर दस्तक” अभियान के तहत सिंगल यूज प्लास्टिक मुक्त अभियान को घर-घर पहुंचाने की योजना है।

श्री चौधरी ने यह भी बताया कि महाकुंभ-2025 को हरियाली से भरने के लिए पूरे प्रयागराज में तीन लाख पौधों का रोपण किया गया है, और इन पौधों का संरक्षण उत्तर प्रदेश सरकार करेगी।

स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिए विशेष व्यवस्थाएं:

महाकुंभ-2025 के आयोजन को एक स्वस्थ महाकुंभ बनाने के लिए स्वास्थ्य देखभाल की व्यापक व्यवस्था की गई है। इस उद्देश्य के लिए विशेषज्ञ चिकित्सकों की एक बड़ी टीम तैनात की गई है। मेला क्षेत्र में 100 बेड का एक अस्पताल बनाया गया है, और 20 बेड के दो और 8 बेड के छोटे अस्पताल भी तैयार किए गए हैं। इसके अलावा, परेड ग्राउंड और अरैल में 10-10 बेड के दो आईसीयू भी बनाए गए हैं। इन अस्पतालों में 24 घंटे डॉक्टरों की तैनाती रहेगी और मरीजों के लिए अलग-अलग वार्ड, डिलीवरी रूम और इमरजेंसी वार्ड भी तैयार किए गए हैं।

डिजिटल महाकुंभ और तकनीकी व्यवस्थाएं:

महाकुंभ-2025 को एक डिजिटल महाकुंभ बनाने के लिए राज्य सरकार ने अत्याधुनिक तकनीकी व्यवस्थाएं लागू की हैं। इसमें महाकुंभ की वेबसाइट, ऐप, एआई चैटबॉट, क्यूआर कोड आधारित पास, बहुभाषीय डिजिटल खोया-पाया केंद्र, और स्वचालित राशन आपूर्ति प्रणाली जैसी सुविधाएं शामिल हैं। इसके साथ ही, ड्रोन आधारित निगरानी और आपदा प्रबंधन प्रणाली भी तैयार की गई है।

महाकुंभ के आयोजन स्थल की सभी व्यवस्थाओं को एकीकृत कंट्रोल कमांड सेंटर के माध्यम से नियंत्रित किया जाएगा, जिससे प्रशासन को भीड़-भाड़ और अन्य व्यवस्थाओं पर नज़र रखने में मदद मिलेगी।

स्मार्ट पार्किंग और जल आपूर्ति की व्यवस्था:

महाकुंभ के आयोजन के दौरान पार्किंग की समस्या से श्रद्धालुओं को न जूझना पड़े, इसके लिए 101 स्मार्ट पार्किंग बनाई गई हैं। इन पार्किंग स्थलों पर प्रतिदिन पांच लाख वाहन पार्क किए जा सकेंगे। इसके अतिरिक्त, महाकुंभ में शुद्ध पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी और इंट्रीग्रेटेड कंट्रोल कमांड सेंटर के माध्यम से जल आपूर्ति और अन्य व्यवस्थाओं पर नजर रखी जाएगी।

44 घाटों पर पुष्प वर्षा और रिवर फ्रंट का विकास:

महाकुंभ के दौरान 44 घाटों पर हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा की जाएगी, जिससे श्रद्धालुओं को एक दिव्य अनुभव मिलेगा। इसके साथ ही, गंगा के किनारे रिवर फ्रंट का भी विकास किया गया है, जो संगम से नागवासुकी मंदिर तक फैला होगा। इस रिवर फ्रंट का निर्माण मुंबई की मरीन ड्राइव की तर्ज पर किया गया है।

हेड काउंटिंग और सुरक्षा के लिए तकनीकी उपाय:

महाकुंभ-2025 में श्रद्धालुओं की संख्या बहुत बड़ी होगी, इसलिए राज्य सरकार ने श्रद्धालुओं की हेड काउंटिंग के लिए तकनीकी उपायों को अपनाया है। इसमें एट्रिब्यूट आधारित खोज, आरएफआईडी रिस्ट बैंड, और मोबाइल ऐप द्वारा लोकेशन ट्रैकिंग जैसी विधियों का इस्तेमाल किया जाएगा। इन तकनीकी उपायों से महाकुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं की सही संख्या का अनुमान और उनका प्रबंधन किया जा सकेगा।

महाकुंभ की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक भूमिका:

इस अवसर पर, होमगार्ड्स और नागरिक सुरक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मवीर प्रजापति ने कहा कि महाकुंभ केवल एक मेला नहीं, बल्कि भारत की अनेकता में एकता का प्रतीक है। यह पर्व भारतीय समाज की सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक एकता का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत करता है।

राज्य मंत्री बलदेव सिंह ओलख ने भी महाकुंभ के सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और पारंपरिक महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने यह भी बताया कि उत्तर प्रदेश की डबल इंजन सरकार महाकुंभ-2025 के आयोजन को ऐतिहासिक और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण बनाने के लिए कृतसंकल्प है।

प्रयागराज महाकुंभ-2025 के आयोजन की तैयारियां उत्तर प्रदेश सरकार की प्रतिबद्धता और महाकुंभ के महत्व को प्रदर्शित करती हैं। यह महाकुंभ न केवल भारत की सांस्कृतिक धरोहर का प्रतिनिधित्व करेगा, बल्कि पूरी दुनिया में भारतीय संस्कृति की ताकत और एकता का संदेश भी देगा।

महाकुम्भ 2025: मुख्य स्नान पर्वों के दिन प्रयागराज रेलवे स्टेशनों पर अलग-अलग होंगे एंट्री और एग्जिट के रास्ते

महाकुम्भ 2025: मुख्य स्नान पर्वों के दिन प्रयागराज रेलवे स्टेशनों पर अलग-अलग होंगे एंट्री और एग्जिट के रास्ते
महाकुम्भ 2025: मुख्य स्नान पर्वों के दिन प्रयागराज रेलवे स्टेशनों पर अलग-अलग होंगे एंट्री और एग्जिट के रास्ते
महाकुम्भ 2025: मुख्य स्नान पर्वों के दिन प्रयागराज रेलवे स्टेशनों पर अलग-अलग होंगे एंट्री और एग्जिट के रास्ते
  • महाकुम्भ के दौरान ट्रेन से आने वाले यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा पर डबल इंजन सरकार का फोकस
  • प्रयागराज रेल मण्डल के सभी स्टेशनों से प्रवेश और निकास के लिए जारी किया गया एंट्री और एग्जिट प्लान
  • श्रद्धालुओं को उनके गंतव्य स्टेशन के मुताबिक अलग-अलग कलर कोड के आश्रय स्थलों में रुकवाया जाएगा

महाकुम्भनगर, 30 दिसंबर 2024: महाकुम्भ 2025 को लेकर प्रयागराज रेल मण्डल ने अपनी लगभग सभी तरह की प्लानिंग और तैयारियां पूरी कर ली हैं। इसके साथ ही मुख्य स्नान पर्वों जैसे मकर संक्रांति, मौनी अमावस्या, वसंत पंचमी और माघी पूर्णिमा के दिन आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या के हिसाब से प्रयागराज रेल मण्डल के सभी स्टेशनों पर एंट्री और एक्जिट के प्लान तैयार कर लिए गए हैं। स्टेशन परिसर में श्रद्धालुओं को किसी तरह की अफरा-तफरी और समस्याओं से बचाने के लिए एंट्री और एग्जिट के अलग-अलग रास्ते बनाए गए हैं। मालूम हो कि अनुमान के मुताबिक महाकुम्भ में आने वाले 45 करोड़ श्रद्धालुओं में से लगभग 10 करोड़ श्रद्धालु ट्रेन से प्रयागराज आएंगे। महाकुम्भ को सफल बनाने के लिए डबल इंजन की सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों के क्रम में प्रयागराज रेल मण्डल अनुमान के हिसाब से महाकुम्भ के दौरान 3000 मेला स्पेशल ट्रेनों के साथ लगभग 13000 ट्रेनें चलाने की योजना पर काम कर रहा है।

सभी स्टेशनों पर अलग-अलग एंट्री और एग्जिट की व्यवस्था
महाकुम्भ के मुख्य स्नान पर्वों पर प्रयागराज रेल मण्डल के स्टेशनों पर एंट्री और एक्जिट प्लान के बारे में जन संपर्क अधिकारी अमित सिंह ने बताया कि मुख्य स्नान पर्वों के दिन प्रयागराज जंक्शन में एंट्री या प्रवेश केवल सिटी साइड, प्लेटफोर्म नं.-1 की ओर से दिया जाएगा और एक्जिट सिविल लाइंस साइड की ओर से ही होगा। अनारक्षित यात्रियों कों दिशावार, उनके गन्तव्य स्टेशन के हिसाब से यात्री आश्रय स्थलों के माध्यम से सही ट्रेन और उसके प्लेटफॉर्म की ओर ले जाया जाएगा। वहीं आरक्षित या पहले से रिजर्वेशन कराये हुए यात्रियों को प्रयाराज जंक्शन के सिटी साइड से गेट नंबर 5 से अलग से प्रवेश कराया जाएगा। इसी तरह नैनी जंक्शन पर प्रवेश केवल स्टेशन रोड से दिया जाएगा और निकास केवल मालगोदाम की ओर दूसरे प्रवेश द्वार से होगा। प्रयागराज छिवकी स्टेशन पर प्रवेश केवल प्रयागराज-मिर्जापुर राजमार्ग को जोड़ने वाले सीओडी मार्ग से तो निकास केवल जीईसी नैनी रोड की ओर से कराया जाएगा।

सूबेदारगंज, रामबाग और प्रयाग संगम स्टेशन का एंट्री और एक्जिट प्लान
इसी तरह, सूबेदारगंज स्टेशन में स्नान पर्वों के दिन प्रवेश केवल झलवा, कौशाम्बी रोड की ओर से और एक्जिट केवल जी.टी. रोड की ओर ही होगा। प्रयाग जंक्शन में एंट्री केवल चैथम लाइन, प्लेटफोर्म नं.-1 की ओर से तो एक्जिट रामप्रिया रोड, प्लेटफॉर्म नं.- 4 की ओर से होगी। लेकिन आरक्षित या रिजर्व्ड यात्रियों को सहसों मार्ग से द्वितीय प्रवेश द्वार की ओर से ही प्रवेश दिया जायेगा। तो वहीं फाफामऊ स्टेशन में प्रवेश केवल द्वितीय प्रवेश द्वार, प्लेटफॉर्म नं.-4 की ओर और निकास केवल फाफामऊ बाजार की ओर से होगा और प्रयागराज रामबाग स्टेशन में यात्रियों को प्रवेश केवल हनुमान मन्दिर चौराहा की ओर से मुख्य प्रवेश द्वार से दिया जाएगा और निकास केवल लाउदर रोड की ओर से होगा। इसके अलावा प्रयागराज संगम स्टेशन, दारागंज लगभग मेला क्षेत्र में ही होने के कारण मुख्य स्नान पर्वों के दिन बंद रहेगा।

गंतव्य स्टेशन की दिशा के मुताबिक आश्रय स्थल से होगी निकासी
महाकुम्भ में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए प्रयागराज के सभी स्टेशनों पर 3000 से 4000 यात्रियों के रुकने की व्यवस्था के आश्रय स्थल बनाए गए हैं। इन यात्री स्थलों में श्रद्धालुओं को उनके गंतव्य स्टेशन क मुताबिक अलग-अलग कलर कोड के आश्रय स्थलों में रुकवाया जाएगा। अनरिजर्वड या अनारक्षित टिकट की व्यवस्था यात्री आश्रय स्थलों में बने टिकट काउंटर, ए.टी.वी.एम या मोबाइल टिकटिंग के रूप में रहेगी। तो वही रिजर्वड या आरक्षित यात्रियों को उनकी ट्रेन आने के 30 मिनट पहले ही प्लेटफॉर्म पर जाने की अनुमति दी जाएगी। प्रयागराज रेल मण्डल भीड़ के अतिरिक्त दबाव को सही ढंग से मैनेज करने के सभी उपाय कर रहा है ताकि मेले मे किसी भी तरह की अप्रिय घटना से बचा जा सके।

सीएम योगी के नेतृत्व में उद्योग और रोजगार के नए युग की ओर अग्रसर उत्तर प्रदेश

सीएम योगी के नेतृत्व में उद्योग और रोजगार के नए युग की ओर अग्रसर उत्तर प्रदेश
सीएम योगी के नेतृत्व में सीएम योगी के नेतृत्व में उद्योग और रोजगार के नए युग की ओर अग्रसर उत्तर प्रदेश
सीएम योगी के नेतृत्व में उद्योग और रोजगार के नए युग की ओर अग्रसर उत्तर प्रदेश
  • श्रम सुधारों और सामाजिक कल्याण की दिशा में हुए व्यापक बदलाव
  • उद्योगों को त्वरित और पारदर्शी सेवाएं प्रदान करने के लिए “वन टाइम रजिस्ट्रेशन” की सुविधा
  • ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में सुधार के लिए 7 प्रमुख श्रम कानूनों में हुआ संशोधन और सरलीकरण
  • उद्योगों की पंजीकरण और अनुदान में डिजिटल प्रक्रियाओं का विस्तार
  • महिला सशक्तिकरण पर विशेष जोर दे रही योगी सरकार

लखनऊ, 30 दिसंबर 2024: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन के क्षेत्र में नए मानदंड स्थापित कर रहा है। योगी सरकार का लक्ष्य प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था में बदलना है और इसके लिए कई महत्वाकांक्षी परियोजनाएं प्रारंभ की गई हैं। योगी सरकार ने न केवल औद्योगिक क्षेत्रों में बल्कि श्रम सुधारों और सामाजिक कल्याण की दिशा में भी व्यापक बदलाव किए हैं, बल्कि प्रदेश को व्यापार और निवेश के लिए एक आकर्षक गंतव्य भी बनाया है।

औद्योगिक सुधार और रोजगार नीति से प्रदेश में बना अनुकूल वातावरण
योगी सरकार ने रोजगार सृजन और उद्योगों के लिए एक अनुकूल वातावरण बनाने के लिए कई सुधार किए हैं। उद्योगों को त्वरित और पारदर्शी सेवाएं प्रदान करने के लिए ‘वन टाइम रजिस्ट्रेशन’ की सुविधा शुरू की गई है। इसके तहत व्यापारियों और उद्यमियों को अनेक प्रक्रियाओं से मुक्त किया गया है। महिला श्रमिकों को प्रोत्साहन देने के लिए विशेष योजनाएं शुरू की गई हैं। पॉटरी, कारपेट, पीतल, और ताला उद्योग में महिला श्रमिकों को रोजगार के विशेष अवसर दिए गए हैं। इन योजनाओं ने न केवल महिला श्रमिकों की भागीदारी बढ़ाई है, बल्कि उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त भी बनाया है। आईटी और वस्त्र उद्योगों में कामकाजी घंटों को 8 से बढ़ाकर 12 किया गया है। इससे कार्यदक्षता और उत्पादकता में वृद्धि हुई है। साथ ही, टेक्सटाइल और अन्य उद्योगों में स्थायी रोजगार अनुबंध की अनुमति दी गई है। इसके परिणामस्वरूप रोजगार के नए अवसर सृजित हुए हैं।

प्रदेश में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में हुआ सुधार
योगी सरकार ने 2017 से अब तक 7 प्रमुख श्रम कानूनों में संशोधन और सरलीकरण किया है। इन सुधारों के कारण उत्तर प्रदेश ने 2022 में “टॉप अचीवर” की श्रेणी में स्थान प्राप्त किया। बिजनेस रिफॉर्म एक्शन प्लान (BRAP) के तहत 2018 में प्रदेश का स्थान 14वां था, जो अब दूसरे स्थान पर पहुंच गया है। इन सुधारों ने न केवल औद्योगिक निवेश को बढ़ावा दिया है, बल्कि प्रदेश को एक आर्थिक हब के रूप में विकसित करने की दिशा में एक मजबूत आधार भी तैयार किया है। सरकार ने छोटे और मझोले उद्योगों (एमएसएमई) को भी विशेष ध्यान दिया है, जो राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं।

योगी सरकार ने श्रम कानूनों को बनाया सरल और पारदर्शी
‘श्रमिक कल्याण योजना’ के तहत उत्तर प्रदेश में श्रमिकों को स्वास्थ्य, आवास, और शिक्षा में सुविधाएं दी जा रही हैं। महिला श्रमिकों के लिए विशेष योजनाएं लागू की गई हैं, जिनसे उनकी आर्थिक और सामाजिक स्थिति में सुधार हुआ है। इन प्रयासों ने श्रमिकों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने में मदद की है। सरकार ने श्रम कानूनों को सरल और पारदर्शी बनाया है। अब श्रमिक और नियोक्ता दोनों के लिए नियमों का पालन करना आसान हो गया है। इससे श्रम विवादों की संख्या में कमी आई है और उद्योगों की उत्पादकता में वृद्धि हुई है।

उद्योगों की पंजीकरण और अनुदान में डिजिटल प्रक्रियाओं का विस्तार
योगी सरकार ने डिजिटल प्रक्रियाओं का विस्तार किया है। उद्योगों की पंजीकरण और अनुदान प्रक्रियाओं को पूरी तरह से ऑनलाइन कर दिया गया है। इस पहल ने उद्योगों के लिए समय और लागत की बचत की है। इसके अलावा, छोटे व्यापारियों के लिए विशेष कर योजनाएं लागू की गई हैं, जिससे उन्हें आर्थिक प्रोत्साहन मिला है। योगी सरकार ने ‘वन नेशन, वन टैक्स’ के सिद्धांत को बढ़ावा देने के लिए गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) को प्रभावी ढंग से लागू किया है। यह व्यापारियों के लिए कराधान प्रक्रिया को सरल बनाता है और व्यापार करने में आसानी प्रदान करता है।

औद्योगिक प्रगति की दिशा में योगी सरकार ने बढ़ाया कदम
उत्तर प्रदेश सरकार ने रोजगार और औद्योगिक विकास के लिए विभिन्न परियोजनाएं शुरू की हैं। इनमें टेक्सटाइल, आईटी, और मैन्युफैक्चरिंग हब्स शामिल हैं। सरकार ने छोटे और मध्यम उद्योगों को भी बढ़ावा दिया है, जिससे रोजगार के अवसर बढ़े हैं। इन हब्स के माध्यम से हजारों युवाओं को रोजगार मिला है। इसके साथ ही, सरकार ने विदेशी निवेश को आकर्षित करने के लिए भी कई उपाय किए हैं। उत्तर प्रदेश अब वैश्विक स्तर पर एक प्रमुख औद्योगिक केंद्र बनने की ओर अग्रसर है।

महिला सशक्तिकरण पर विशेष जोर दे रही योगी सरकार
योगी सरकार ने महिला श्रमिकों को विशेष प्राथमिकता दी है। उन्हें आर्थिक रूप से सक्षम बनाने और उनके लिए सुरक्षित कार्यस्थलों का निर्माण करने पर जोर दिया गया है। पॉटरी और वस्त्र उद्योग जैसे पारंपरिक क्षेत्रों में महिलाओं को अधिक अवसर दिए गए हैं। इसके अलावा, महिलाओं के लिए विशेष कौशल विकास कार्यक्रम भी चलाए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का उद्देश्य उत्तर प्रदेश को न केवल औद्योगिक रूप से सशक्त बनाना है, बल्कि इसे आत्मनिर्भर भारत अभियान का मुख्य केंद्र बनाना है। टेक्सटाइल हब और अन्य औद्योगिक परियोजनाएं इस दृष्टिकोण को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

औद्योगिक और आर्थिक विकास के माध्यम से सामाजिक विकास की दिशा में आगे बढ़ते हुए सरकार ने रोजगार सृजन, महिला सशक्तिकरण और डिजिटल प्रक्रियाओं के विस्तार पर जोर दिया है। योगी सरकार द्वारा किए गए ये प्रयास प्रदेश को आर्थिक, औद्योगिक, और सामाजिक रूप से मजबूत बना रहे हैं। श्रम कानूनों में सुधार, डिजिटल प्रक्रियाओं का विस्तार, और महिला श्रमिकों के लिए विशेष योजनाएं, यह सभी पहल प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के मार्ग पर अग्रसर कर रही हैं।

पीएम मोदी के डिजिटल महाकुम्भ के विजन को सीएम योगी कर रहे साकार: उत्तर प्रदेश के 76वें जनपद को रिकॉर्ड समय में नागरिक सुविधाओं के साथ बसाने में जुटी योगी सरकार

पीएम मोदी के डिजिटल महाकुम्भ के विजन को सीएम योगी कर रहे साकार: उत्तर प्रदेश के 76वें जनपद को रिकॉर्ड समय में नागरिक सुविधाओं के साथ बसाने में जुटी योगी सरकार
पीएम मोदी के डिजिटल महाकुम्भ के विजन को सीएम योगी कर रहे साकार: उत्तर प्रदेश के 76वें जनपद को रिकॉर्ड समय में नागरिक सुविधाओं के साथ बसाने में जुटी योगी सरकार
पीएम मोदी के डिजिटल महाकुम्भ के विजन को सीएम योगी कर रहे साकार: उत्तर प्रदेश के 76वें जनपद को रिकॉर्ड समय में नागरिक सुविधाओं के साथ बसाने में जुटी योगी सरकार
  • डिजिटल स्वरूप में भूमि आवंटन एवं सुविधा देने में दिखाई दे रही “डिजिटल महाकुम्भ” की बानगी
  • “महाकुम्भ भूमि एवं सुविधा आवंटन” की साइट पर एक क्लिक में मिल रहीं भूमि और सुविधाएं
  • कुम्भ 2019 में 5500 से अधिक संस्थाओं का सम्पूर्ण विवरण एवं उनके आवंटन का किया गया था डिजिटलाइज़ेशन
  • सरकारी, आपातकालीन, सुरक्षा, सामजिक और धार्मिक समेत 10 हजार से अधिक संस्थाओं को सुविधाओं के साथ किया गया भूमि आवंटन
  • मानसून के पहले और बाद में ड्रोन सर्वेक्षण कर जमीन की टोपोग्राफी और भू-भाग का सटीक नक्शा तैयार किया गया
  • 2019 कुम्भ में शामिल रहीं संस्थाओं के आवेदनों को भी इस बार किया गया है स्वीकार
  • आवेदक अपनी जमीन और सुविधाओं को ऑनलाइन देख सकता है

महाकुम्भ नगर, 30 दिसंबर 2024: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के डिजिटल महाकुम्भ के विज़न को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ महाकुम्भ 2025 में साकार कर रहे हैं। योगी सरकार उत्तर प्रदेश के नए 76वें जनपद “महाकुम्भ नगर” को रिकॉर्ड समय में सभी नागरिक सुविधाओं के साथ बसा रही है। महाकुम्भ 2025 में पहली बार मेला को बसाने का काम डिजिटल तरीके से किया जा रहा है। “महाकुम्भ भूमि एवं सुविधा आवंटन” की साइट पर भूमि और सुविधाएं एक क्लिक में मिल रही हैं। प्रयागराज मेला प्राधिकरण मेले में जमीन आवंटन और मूलभूत सुविधाओं के काम में विभागों की जवाबदेही के साथ पूरी पारदर्शिता बरत रही है जिससे ऑनलाइन आवेदन के साथ ही आवेदक अपनी जमीन और मेला में सरकार द्वारा दी जाने वाली सुविधाओं का स्टेटस ऑनलाइन कभी भी देख सकता है। कुम्भ 2019 में 5500 से अधिक संस्थाओं का सम्पूर्ण विवरण एवं उनके आवंटन का डिजिलाइज़ेशन किया गया है। इस बार पूरे मेला में 10 हजार से अधिक संस्थाओं का भूमि आवंटन किया जा रहा है, जिसमें सरकारी, आपातकालीन, सामजिक और धार्मिक संस्थाए शामिल हैं। सरकार की इस पारदर्शी व्यवस्था से साधु-संतों और संस्थाओं का काम बिना कतार में लगे आसानी से और जल्द हो रहा है।

गूगल मैप्स पर मुख्य स्थानों को मिली जगह
महाकुम्भ सनातन के धार्मिक अनुष्ठानों का महायज्ञ है। अमृत काल में लग रहे अमृत महोत्सव महाकुम्भ में आस्था की डुबकी लगाने के लिए 40 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के प्रयागराज आने का अनुमान है। वहीं लाखों लोग महाकुम्भ के दौरान यहां कल्पवास करेंगे। अपर मेला अधिकारी विवेक चतुर्वेदी ने बताया कि कुम्भ मेला के लिए 25 सेक्टर में फैले 4000 हेक्टेयर क्षेत्र का लेआउट जीआईएस आधारित नक्शे का उपयोग करके तैयार किया गया है। मॉनसून के पहले और बाद में ड्रोन सर्वेक्षण कर जमीन की टोपोग्राफी और भू-भाग का सटीक नक्शा तैयार किया गया है। सर्वेक्षणों के माध्यम से हाई -रिजॉल्यूशन के नक्शे, जीआईएस बेस लेयर और 0.5 सेमी की एक्युरेसी के साथ जियो-रेफरेंस कैड फाइल तैयार की गई। प्रमुख सार्वजनिक उपयोगिताओं और अन्य आपातकालीन मुख्य स्थानों को श्रद्धालुओं के लिए गूगल मैप्स पर उपलब्ध कराया गया है। इसमें मुख्य रूप से आपातकालीन सेवाएं, थाने, चौकियां, कमांड एंड कंट्रोल सेंटर, अस्पताल, पार्किंग क्षेत्र, फूड कोर्ट, वेंडिंग ज़ोन, शौचालय, पांटून ब्रिज, सड़क इत्यादि शामिल हैं।

​सुविधा पर्चियों का किया गया डिजिटलाइजेशन​
प्रयागराज मेला प्राधिकरण ने पारदर्शिता बरतने और सभी को अवसर देने के लिए जो संस्थाएं कुम्भ 2019 में मेला का हिस्सा रहीं हैं उनके भी आवेदनों को स्वीकार किया है। इसके लिए मेला प्राधिकरण ने स्थानीय ​और राष्ट्रीय समाचार पत्रों में व्यापक प्रचार किया है और पोर्टल पर 29 अक्टूबर 2024 से 12 नवंबर 2024 तक आवेदन प्राप्त किए। भूमि और सुविधा आवंटन के लिए कुम्भ 2019 के डेटा का विश्लेषण किया गया और जमीन आवंटन के लिए तय नियमों के अनुसार कार्य किया गया। आवेदनों के विश्लेषण, प्राधिकरण द्वारा आवंटन और स्वीकृति के बाद, डिजिटाइज्ड सुविधा पर्चियां बनाई गईं। मेला प्राधिकरण द्वारा संस्था को दी गई सुविधा पर्ची को वेंडर ऑनलाइन देख सकते हैं और संस्था को दी गई सुविधा को उनके समन्वय के साथ फोटो के साथ अपडेट कर सकते हैं। डिजिटल और ऑनलाइन सुविधा की सबसे बड़ी पारदर्शिता ये है कि आवेदक जब चाहे अपने जमीन के आवंटन संबंधित जानकारी और सुविधा का अपडेट देख सकता है और कमियों पर अपनी आपत्ति जता सकता है। श्रद्धालुओ की सुविधा और उनके कामों को जल्दी निपटाने के लिए मेला प्रशासन की मदद के लिए बड़ी तादात में “कुम्भ फ़ेलो”तैनात किये गए हैं।

डिजिटलाइजेशन के प्रमुख बिंदु और लाभ

  • आवेदनों की सम्पूर्ण जानकारी का डाटा डिजिटलाईज़ेशन और आवेदन की स्थिति की लाइव ट्रैकिंग के साथ आवंटन
  • समयबद्ध स्थापना के लिए सुविधा पर्चियों से संबंधित विक्रेताओं और सरकारी विभागों में स्वचालित ऑटोमेटेड डाटा फ्लो
  • सुविधाओं की स्थापना के फोटोग्राफिक साक्ष्य के साथ सत्यापन के लिए थर्ड पार्टी इंस्पेक्शन और सत्यापन समिति मॉडल
  • प्रयागराज मेला प्राधिकरण, कस्टमाइज़्ड एमआईएस रिपोर्ट और व्यापक संस्था विश्लेषण, यह सॉफ्टवेयर प्रयागराज मेला प्राधिकरण को संस्थाओं के प्रतिनिधियों द्वारा न्यूनतम कतार और भौतिक नियुक्तियों के साथ भूमि और सुविधा आवंटन को समय पर पूरा करने में सक्षम बनाएगा।

ढाई साल से जुटे अधिकारी
महाकुम्भ की तैयारियों की नींव लगभग ढाई साल पहले पढ़ चुकि थी। जिसको लेकर प्रसाशनिक अधिकारी लगातार जुटे रहें हैं । जिसकी ज़मीन अब पूरी तरह से तैयार हो गई है। महाकुम्भ में श्रद्धालुओ की श्रद्धा को देखते हुए सरकार महाकुम्भ को दिव्य भव्य और सुरक्षित बना रही है। महाकुम्भ 2013 की तुलना में महाकुम्भ 2025 में क्षेत्रफल दोगुना हो गया है। वहीं सेक्टर की संख्या 18 से 25 और जाने की संख्या 7 से बढ़कर कर 10 हो गई है।

‘कुम्भ’ के बाद अब महाकुम्भ में जन्मी ‘गंगा’: महाकुम्भ के परेड स्थित सेंट्रल हॉस्पिटल में पहली कन्या ने लिया जन्म

'कुम्भ' के बाद अब महाकुम्भ में जन्मी 'गंगा': महाकुम्भ के परेड स्थित सेंट्रल हॉस्पिटल में पहली कन्या ने लिया जन्म
'कुम्भ' के बाद अब महाकुम्भ में जन्मी 'गंगा': महाकुम्भ के परेड स्थित सेंट्रल हॉस्पिटल में पहली कन्या ने लिया जन्म
'कुम्भ' के बाद अब महाकुम्भ में जन्मी 'गंगा': महाकुम्भ के परेड स्थित सेंट्रल हॉस्पिटल में पहली कन्या ने लिया जन्म
  • चिकित्सकों की टीम ने बांदा की महिला की सकुशल संपन्न कराई डिलीवरी
  • एक दिन पहले ही कौशांबी निवासी महिला को हुई थी पुत्र रत्न की प्राप्ति
  • महाकुम्भ की शुरुआत से पहले ही सेंट्रल हॉस्पिटल दे रहा अपनी सेवाएं

महाकुम्भनगर, 30 दिसंबर 2024: महाकुम्भ की विधिवत शुरुआत से पहले ही महाकुम्भनगर में स्थापित सेंट्रल हॉस्पिटल ने अपनी सेवाएं देना शुरू कर दिया है। इसी क्रम में सोमवार को लगातार दूसरे दिन हॉस्पिटल में एक महिला की डिलीवरी संपन्न कराई गई। खास बात ये है कि महिला ने कन्या को जन्म दिया है जो महाकुम्भ में हॉस्पिटल में जन्मीं पहली बेबी गर्ल है। इसीलिए हॉस्पिटल और परिजनों की सहमित से इसका नाम गंगा रखा गया है। इस बेबी गर्ल का जन्म डॉ. गौरव दुबे के नेतृत्व में चिकित्सकों की टीम ने कुशलतापूर्वक संपन्न कराया। इससे पहले रविवार को डॉक्टर दुबे की टीम ने महाकुम्भ में पहले बेबी बॉय की डिलीवरी कराई, जिसे कुम्भ नाम दिया गया था।

बांदा से आई है महिला
महाकुम्भनगर के सेंट्रल हॉस्पिटल में नोडल चिकित्सा स्थापना डॉ गौरव दुबे ने बताया कि सेंट्रल हॉस्पिटल में सोमवार को पहली कन्या ने जन्म लिया है। डॉ गौरव के साथ डॉ प्रमिला और डॉ पोंशी की टीम ने अपराह्न 12 बजकर 08 मिनट पर कन्या की सकुशल डिलीवरी संपन्न कराई। उन्होंने बताया कि बांदा जिले की निवासी शिवकुमारी और राजेल महाकुम्भ में जन्मी कन्या को मां गंगा का आशीर्वाद मान रहे हैं। इसी वजह से कन्या का नाम भी गंगा रखा गया है। डॉक्टर गौरव दुबे के अनुसार कन्या का वजन 2.8 किलो नापा गया है। उन्होंने बताया कि जच्चा और बच्चा दोनों स्वस्थ हैं और अस्पताल में दोनों की अच्छे से देखभाल की जा रही है। इससे पहले, रविवार सायं अस्पताल में बालक का भी जन्म हुआ था जो महाकुम्भ में पहली डिलीवरी थी।

रविवार को हुई थी पहली डिलीवरी
उन्होंने बताया कि रविवार को कौशांबी निवासी 20 वर्षीय महिला सोनम को पुत्र रत्न की प्राप्ति हुई थी। सेंट्रल हॉस्पिटल में डॉक्टर गौरव के नेतृत्व में डॉक्टर नूपुर और डॉक्टर वर्तिका ने यह डिलीवरी संपन्न कराई थी। मां और बेटा पूरी तरह स्वस्थ हैं। रविवार को 20 वर्षीय सोनम अपने पति राजा के साथ यहां पहुंची थी। यह परिवार महाकुम्भ मेला क्षेत्र में काम की तलाश में आया है। सोनम को अस्पताल लाए जाने पर तेज प्रसव पीड़ा हो रही थी। महिला डॉक्टरों ने परीक्षण किया और उसे भर्ती कर लिया।

सेंट्रल अस्पताल में लेबर रूम से लेकर आईसीयू तक की व्यवस्था
महाकुम्भ में करोड़ों लोगों की आमद को देखते हुए योगी सरकार ने यहां स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर खास प्रबंध किए हैं। मेला क्षेत्र में परेड स्थित सेंट्रल अस्पताल में 100 बेड का सेंट्रल अस्पताल निर्मित हो गया है और कई दिनों से क्रियाशील है। महाकुम्भ के केंद्रीय अस्पताल में ओपीडी समेत सामान्य वार्ड से लेकर प्रसव केंद्र और आईसीयू की व्यवस्था की जा चुकी है। इसमें बड़ी संख्या में लोगों का इलाज भी होने लगा है। इसी क्रम में अस्पताल ने अब तक दो डिलीवरी कराने में भी सफलता प्राप्त की है।