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समय से हो विश्वविद्यालयों का निर्माण, गुणवत्ता का अनिवार्य रूप से हो पालनः मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

समय से हो विश्वविद्यालयों का निर्माण, गुणवत्ता का अनिवार्य रूप से हो पालनः मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
समय से हो विश्वविद्यालयों का निर्माण, गुणवत्ता का अनिवार्य रूप से हो पालनः मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
समय से हो विश्वविद्यालयों का निर्माण, गुणवत्ता का अनिवार्य रूप से हो पालनः मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
  • मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को तीन नए विश्वविद्यालयों (मां पाटेश्वरी विवि बलरामपुर, मां विंध्यवासिनी विवि मीरजापुर व गुरु जंभेश्वर विवि मुरादाबाद) के भवन निर्माण की प्रगति, कर्मचारियों की व्यवस्था व संचालन के संबंध में की समीक्षा बैठक, दिए आवश्यक निर्देश
  • विश्वविद्यालय, स्थानीय प्रशासन, कार्यदायी संस्था की संयुक्त टीम बनाकर नियमित रूप से कराई जाए निर्माण कार्यों की समीक्षाः मुख्यमंत्री
  • कार्य की गति बढ़ाई जाए, हर 15दिन में कार्यों की समीक्षा करे उच्च शिक्षा विभागः मुख्यमंत्री
  • निर्माणाधीन विश्वविद्यालयों में जल्द सुनिश्चित कराई जाए नियमित कर्मचारियों की तैनातीः मुख्यमंत्री
  • तैयार कराए जाएं विश्वविद्यालय का लोगो, सूत्रवाक्य व कुलगीतः मुख्यमंत्री

लखनऊ, 30 दिसंबर 2024: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को तीन नए विश्वविद्यालयों (मां पाटेश्वरी विवि बलरामपुर, मां विंध्यवासिनी विवि मीरजापुर व गुरु जंभेश्वर विवि मुरादाबाद) के भवन निर्माण की प्रगति, कर्मचारियों की व्यवस्था व संचालन के संबंध में समीक्षा बैठक की। मुख्यमंत्री ने कुलपतियों से वहां कराए जा रहे निर्माण कार्यों की वास्तविक स्थिति की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने कुलपतियों से कहा कि निर्माण कार्य समय से हो। इसमें गुणवत्ता का हर हाल में ध्यान रखा जाए।

कमेटी बनाकर निर्माण कार्य की समय-समय पर की जाए समीक्षा
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि निर्माण कार्य चरणबद्ध तरीके से कराए जाएं। पहले चरण में एकेडमिक व प्रशासनिक भवन का निर्माण कराया जाए। द्वितीय चरण में कुलपति, फैकल्टी व गेस्ट हाउस तथा तीसरे चरण में छात्रावास के निर्माण की कार्रवाई की जाए। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन, कार्यदायी संस्था व स्थानीय प्रशासन की कमेटी बनाकर निर्माण कार्य की समय-समय पर समीक्षा की जाए। कुलपति प्रतिदिन या दो दिन में निर्माण कार्यों का अवलोकन करते रहें। यह सुनिश्चित हो कि कार्य गुणवत्ता पूर्ण हो और समय से हो।

उच्च शिक्षा विभाग द्वारा हर 15 दिन में की जाए मॉनीटरिंग
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि हर 15 दिन पर उच्च शिक्षा विभाग से इसकी मॉनीटरिंग की जाए। कार्य में किसी भी बाधा की स्थिति में कुलपति जिलाधिकारी-प्रमुख सचिव से संवाद स्थापित करें। निर्माण कार्य में किसी भी परिवर्तन के लिए शासन से संपर्क करें। शासन स्तर से कार्यदायी संस्थाओं को इसके लिए दिशा-निर्देश दिए जाएं। उच्च शिक्षा विभाग के मंत्रीगण भी समय-समय पर इन विश्वविद्यालयों में हो रहे निर्माण कार्यों का निरीक्षण करें।

विश्वविद्यालयों को उपलब्ध कराए जाएं मैनपॉवर
मुख्यमंत्री ने उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि निर्माणाधीन विश्वविद्यालयों में नियमित कर्मचारियों की जल्द से जल्द नियुक्ति की जाए, जिससे अन्य कार्य भी सुगमता से संचालित हो पाएं। इनके लिए अस्थायी व्यवस्था भी तत्काल मुहैया कराई जाए। मुख्यमंत्री जी ने कुलपतियों को आवासीय समेत अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।

कुलपतियों के बीच स्थापित हो संवाद, एक-दूसरे का करें सहयोग
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि निर्माणाधीन विश्वविद्यालयों के कमांड एरिया में आने वाले महाविद्यालयों की संबद्धता की औपचारिकताओं से जुड़ी कार्रवाई जल्द पूर्ण कर ली जाएं। निर्माणाधीन विश्वविद्यालयों के कुलपति अन्य विश्वविद्यालयों के कुलपतियों के साथ बैठक करें और उनका भी सहयोग लें।

विश्वविद्यालय का लोगो, कुलगीत व सूत्रवाक्य तैयार कराए जाएं
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि विश्वविद्यालय का लोगो, सूत्रवाक्य व कुलगीत तैयार कराए जाएं। इसके लिए विश्वविद्यालय-महाविद्यालय स्तर पर प्रतियोगिताएं भी आयोजित हों। कुलगीत के निर्माण में विद्वानों की भी मदद ली जाए। इसे वहां की पौराणिकता व उक्त जनपद के विरासत को ध्यान में रखकर बनाया जाए। कुलगीत के माध्यम से विरासत के प्रति गौरव का भाव भी जागृत हो। विश्वविद्यालय स्थापित होने के बाद वहां से किसी भी अतिथि को दिए जाने वाले उपहार में लोगो का उपयोग अनिवार्य रूप से हो।

बैठक में उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय, राज्यमंत्री रजनी तिवारी व कई विश्वविद्यालयों के कुलपति भी मौजूद रहे।

दिल्ली में प्रयागराज महाकुंभ-2025 के लिए भव्य रोड शो

दिल्ली में प्रयागराज महाकुंभ-2025 के लिए भव्य रोड शो
दिल्ली में प्रयागराज महाकुंभ-2025 के लिए भव्य रोड शो
दिल्ली में प्रयागराज महाकुंभ-2025 के लिए भव्य रोड शो
  • प्रयागराज महाकुंभ-2025 के रोड शो का दिल्ली में आयोजन।
  • 45 करोड़ तीर्थयात्रियों और पर्यटकों के आगमन की संभावना।
  • सिंगल-यूज प्लास्टिक मुक्त और पर्यावरण के अनुकूल महाकुंभ का संकल्प।
  • महाकुंभ: भारतीय संस्कृति और सामाजिक समरसता का प्रतीक।
  • 120 गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति में रोड शो का सफल आयोजन।
  • डिजिटल और आधुनिक सुविधाओं के साथ दिव्य और भव्य आयोजन।
  • हर घर दस्तक अभियान के तहत स्वच्छता और प्लास्टिक मुक्त का संदेश।
दिल्ली में प्रयागराज महाकुंभ-2025 के लिए भव्य रोड शो
दिल्ली में प्रयागराज महाकुंभ-2025 के लिए भव्य रोड शो

दिल्ली/लखनऊ, 30 दिसंबर 2024 — उत्तर प्रदेश सरकार प्रयागराज महाकुंभ-2025 को भारतीय संस्कृति और एकता का वैश्विक प्रतीक बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी उद्देश्य से दिल्ली में एक भव्य रोड शो आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना और आबकारी एवं मद्य निषेध राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नितिन अग्रवाल ने हिस्सा लिया। इस आयोजन का उद्देश्य महाकुंभ को एक अद्वितीय धार्मिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक आयोजन के रूप में विश्व पटल पर प्रस्तुत करना था।

महाकुंभ: भारतीय संस्कृति का वैश्विक प्रतीक

उत्तरप्रदेश के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने इस आयोजन को भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक चेतना का प्रतीक बताते हुए दिल्ली के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना, मुख्यमंत्री सुश्री आतिशी और दिल्लीवासियों को प्रयागराज महाकुंभ-2025 में आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार इस आयोजन को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ऐतिहासिक बनाने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है। महाकुंभ का आयोजन “एक भारत, श्रेष्ठ भारत” की भावना को साकार करता है।

प्रेस वार्ता के दौरान श्री खन्ना ने कहा, “महाकुंभ भारत की सांस्कृतिक विरासत का जीवंत उदाहरण है। प्रयागराज महाकुंभ-2025 में 45 करोड़ तीर्थयात्रियों और पर्यटकों के आगमन की संभावना है। इस आयोजन को प्लास्टिक मुक्त और पर्यावरण के अनुकूल बनाने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। यह आयोजन न केवल आध्यात्मिकता का केंद्र है बल्कि यह आर्थिक और सामाजिक समरसता को भी बढ़ावा देता है।”

स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण पर जोर

महाकुंभ-2025 को सिंगल-यूज प्लास्टिक मुक्त बनाने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश सरकार ने कई अभियान शुरू किए हैं:

  • मेला क्षेत्र में सिंगल-यूज प्लास्टिक के उपयोग को पूरी तरह समाप्त करने के लिए सख्त नियम लागू किए गए हैं।
  • दोना-पत्तल विक्रेताओं की दुकानों का आवंटन सुनिश्चित किया गया है, ताकि पर्यावरण अनुकूल विकल्प उपलब्ध हो सकें।
  • 400 स्कूल प्रधानाचार्यों के साथ स्वच्छता बैठकों का आयोजन किया गया। इन बैठकों में महाकुंभ के दौरान स्वच्छता और पर्यावरण सुरक्षा के महत्व को समझाया गया।
  • 4 लाख बच्चों और नागरिकों तक स्वच्छ महाकुंभ का संदेश पहुंचाने के लिए विशेष जागरूकता अभियान चलाए गए।
  • “हर घर दस्तक” अभियान के तहत प्लास्टिक मुक्त महाकुंभ का संदेश घर-घर पहुंचाया जा रहा है।

अनेकता में एकता का संदेश

उत्तरप्रदेश के आबकारी एवं मद्य निषेध राज्य मंत्री नितिन अग्रवाल ने महाकुंभ को भारत की अनेकता में एकता का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा, “महाकुंभ केवल स्नान का पर्व नहीं, बल्कि यह भारतीय संस्कृति के मूल्यों का जयघोष है। यह पर्व सामाजिक समरसता और आध्यात्मिक चेतना का अद्वितीय उदाहरण है।”

उन्होंने आगे कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार इस आयोजन को विश्व पटल पर एक अद्वितीय धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन के रूप में प्रस्तुत कर रही है। यह आयोजन न केवल भारतीय संस्कृति के अनुयायियों के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि यह विश्वभर के लोगों को भारतीय संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने का माध्यम भी है।”

महाकुंभ-2025 के लिए सरकार की योजनाएँ

  1. अत्याधुनिक सुविधाएँ: महाकुंभ-2025 के लिए सरकार ने तीर्थयात्रियों के लिए विशेष इंतजाम किए हैं। मेला क्षेत्र में जल, स्वच्छता, स्वास्थ्य सेवाएं और परिवहन की बेहतर व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं।
  2. डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर: तीर्थयात्रियों के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म की सुविधा प्रदान की जाएगी, जिसमें रजिस्ट्रेशन, मार्गदर्शन और सूचनाएं ऑनलाइन उपलब्ध होंगी।
  3. आवास की व्यवस्था: साधु-संतों, कल्पवासियों और तीर्थयात्रियों के लिए मेला क्षेत्र में अस्थाई आवासों का निर्माण किया गया है।
  4. सुरक्षा: महाकुंभ के दौरान सुरक्षा के लिए विशेष बल तैनात किए जाएंगे। ड्रोन और सीसीटीवी के माध्यम से मेला क्षेत्र की निगरानी की जाएगी।
  5. पर्यावरण संरक्षण: महाकुंभ को पर्यावरण अनुकूल बनाने के लिए विशेष कदम उठाए गए हैं, जिनमें ग्रीन जोन की स्थापना और सौर ऊर्जा का उपयोग शामिल है।

गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति

दिल्ली में आयोजित इस रोड शो में लगभग 120 गणमान्य व्यक्तियों ने हिस्सा लिया। इनमें प्रमुख मीडिया संस्थानों के वरिष्ठ पत्रकार, ट्रैवल एंड टूर ऑपरेटर, ट्रैवल ब्लॉगर, इंफ्लूएंसर और क्षेत्र के कुछ उद्योगपति शामिल थे। इस आयोजन ने महाकुंभ-2025 के प्रति जागरूकता और उत्साह को बढ़ावा दिया।

उत्तरप्रदेश परिवहन मंत्री के निर्देश पर महाकुंभ के लिए लखनऊ में अस्थायी बस अड्डे और रैन बसेरे की तैयारियां, जिलाधिकारी ने दिए अहम निर्देश

उत्तरप्रदेश परिवहन मंत्री के निर्देश पर महाकुंभ के लिए लखनऊ में अस्थायी बस अड्डे और रैन बसेरे की तैयारियां, जिलाधिकारी ने दिए अहम निर्देश
उत्तरप्रदेश परिवहन मंत्री के निर्देश पर महाकुंभ के लिए लखनऊ में अस्थायी बस अड्डे और रैन बसेरे की तैयारियां, जिलाधिकारी ने दिए अहम निर्देश
उत्तरप्रदेश परिवहन मंत्री के निर्देश पर महाकुंभ के लिए लखनऊ में अस्थायी बस अड्डे और रैन बसेरे की तैयारियां, जिलाधिकारी ने दिए अहम निर्देश
  • जिलाधिकारी सूर्य पाल गंगवार ने स्मृति उपवन, आशियाना को अस्थायी प्राइवेट बस अड्डे के रूप में तैयार करने के निर्देश दिए।
  • आगामी महाकुंभ के लिए स्मृति उपवन पर 100 बेड वाले रैन बसेरे की व्यवस्था की जाएगी।
  • यात्रियों की सुविधा के लिए स्मृति उपवन पर सचल शौचालय और एम्बुलेंस की व्यवस्था की जाएगी।
  • प्रयागराज और अयोध्या रूट पर स्थित पेट्रोल पम्पों के शौचालयों को अपग्रेड करने के निर्देश दिए गए।
  • बैठक में मुख्य विकास अधिकारी और अन्य विभागीय अधिकारी भी उपस्थित रहे, जो इन व्यवस्थाओं के क्रियान्वयन पर काम करेंगे।

लखनऊ, 30 दिसंबर 2024: आगामी महाकुंभ के दृष्टिगत परिवहन मंत्री ने प्राइवेट बसों के सुरक्षित और सुगम संचालन के लिए प्रत्येक जनपद में अस्थायी बस अड्डे बनाने के निर्देश दिए थे। इसी के अंतर्गत आज, 30 दिसंबर 2024 को जिलाधिकारी सूर्य पाल गंगवार की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में आगामी महाकुंभ के लिए यात्रा की सुरक्षा और सुगमता पर विशेष ध्यान दिया गया।

स्मृति उपवन को अस्थायी बस अड्डा बनाने के निर्देश
बैठक में जिलाधिकारी श्री गंगवार ने स्मृति उपवन, आशियाना को प्राइवेट बसों के अस्थायी अड्डे के रूप में तैयार करने के निर्देश दिए। इस स्थान पर यात्रियों के लिए कम से कम 100 बेड वाले रैन बसेरे की भी व्यवस्था की जाएगी। इसके अलावा, यात्रियों की सुविधा के लिए सचल शौचालय और एक एम्बुलेंस की व्यवस्था की जाएगी।

अस्थायी रैन बसेरे की व्यवस्था
नगर निगम के अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि स्मृति उपवन के आस-पास लखनऊ के प्रसिद्ध खानपान के स्टॉल भी लगाए जाएं, ताकि यात्रियों को भोजन की सुविधाएं मिल सकें। इसके साथ ही रेलवे स्टेशन और बस स्टेशन पर भी अतिरिक्त अस्थायी रैन बसेरे की व्यवस्था की जाएगी।

पेट्रोल पम्पों पर शौचालयों का अपग्रेडेशन
जिलाधिकारी ने प्रयागराज और अयोध्या रूट पर स्थित सभी पेट्रोल पम्पों के स्वामियों को निर्देशित किया कि उनके शौचालयों को तत्काल अपग्रेड किया जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि वहां सभी मूलभूत सुविधाएं जैसे साफ शौचालय, वाशबेसिन और पेयजल की व्यवस्था उपलब्ध हो।

सफाई व्यवस्था और निगरानी
पेट्रोल पम्प संचालकों को यह भी निर्देशित किया गया कि प्रत्येक शौचालय में एक सफाई कर्मी की ड्यूटी लगाई जाए, और संबंधित कर्मचारियों की जानकारी, साथ ही शौचालयों की फोटो और वीडियो रिपोर्ट उपलब्ध कराई जाए।

बैठक में शामिल अधिकारी
इस बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अजय जैन, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व राकेश सिंह, अपर जिलाधिकारी प्रशासन शुभी सिंह, उप जिलाधिकारी मोहनलालगंज, आरटीओ, एआरटीओ, नगर निगम और लोक निर्माण विभाग सहित कई अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

नगर विकास मंत्री ने प्रयागराज में स्वच्छता महाभियान में झाड़ू लगाकर किया श्रमदान

नगर विकास मंत्री ने प्रयागराज में स्वच्छता महाभियान में झाड़ू लगाकर किया श्रमदान
नगर विकास मंत्री ने प्रयागराज में स्वच्छता महाभियान में झाड़ू लगाकर किया श्रमदान
नगर विकास मंत्री ने प्रयागराज में स्वच्छता महाभियान में झाड़ू लगाकर किया श्रमदान
  • नगर विकास मंत्री ने महाकुंभ 2025 के लिए प्रयागराज में स्वच्छता महाभियान में भाग लिया और स्वयं सफाई कार्य किया।
  • स्वच्छता महायज्ञ में सफाई मित्रों की महत्वपूर्ण भूमिका और उनकी सशक्तिकरण हेतु उन्हें सम्मानित किया गया।
  • 3500 सफाई मित्रों की टीम, 5000 डस्टबिन और 1.5 लाख शौचालयों की व्यवस्था से कुंभ क्षेत्र को स्वच्छ बनाया जाएगा।
  • महाकुंभ 2025 को एक भव्य, दिव्य और अलौकिक आयोजन बनाने के लिए विभिन्न विकास कार्यों को पूरा किया गया है।
  • मंत्री ने प्लास्टिक मुक्त अभियान चलाया और लोगों से अपने आसपास की सफाई बनाए रखने की अपील की।

लखनऊ, 30 दिसम्बर, 2024: उत्तर प्रदेश के नगर विकास और ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने सोमवार को प्रयागराज में महाकुंभ 2025 के आयोजन से पूर्व स्वच्छता महाभियान की शुरुआत की। इस अभियान के तहत उन्होंने प्रयागराज शहर के प्रमुख स्थानों पर सफाई कार्य में अपनी भागीदारी निभाते हुए खुद झाड़ू लगाकर श्रमदान किया। मंत्री ने यह संदेश दिया कि स्वच्छता केवल सरकारी प्रयासों से नहीं, बल्कि नागरिकों की सक्रिय भागीदारी से संभव है। इस अभियान को तेज करने का उद्देश्य महाकुंभ 2025 के आयोजन से पहले कुंभ तीर्थ क्षेत्र को स्वच्छ, सुरक्षित और पवित्र बनाना है।

कुंभ तीर्थ क्षेत्र में स्वच्छता का महत्व: श्री शर्मा ने कार्यक्रम के दौरान कहा कि प्रदेश सरकार का संकल्प है कि महाकुंभ 2025 के दौरान आने वाले श्रद्धालुओं और तीर्थयात्रियों को एक सुरक्षित, स्वच्छ और पवित्र वातावरण दिया जाएगा। प्रयागराज में चल रहे स्वच्छता महाभियान के तहत नगर के सभी 100 वार्डों में सफाई कार्य किया जा रहा है, जिससे कुंभ क्षेत्र को एक आदर्श नगर के रूप में प्रस्तुत किया जा सके।

मंत्री ने इस अवसर पर गंगा के दशाश्वमेघ घाट पर आयोजित स्वच्छता कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि महाकुंभ 2025 केवल धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहर का प्रतीक नहीं होगा, बल्कि यह आधुनिक और विकसित भारत का भी प्रतीक बनेगा। उन्होंने कहा, “महाकुंभ 2025 हमारे सांस्कृतिक विरासत, अध्यात्मिकता और परंपरा का उत्सव होगा। इस आयोजन के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और यह आयोजन अद्वितीय और दिव्य होगा।”

स्वच्छता महायज्ञ में भागीदारी: स्वच्छता अभियान को लेकर उन्होंने लोगों से अपील की कि वे इसे एक महायज्ञ के रूप में लें और इसमें अपनी आहुती दें। उन्होंने कहा कि इस सफाई अभियान में नगर विकास विभाग की भूमिका महत्वपूर्ण है, क्योंकि महाकुंभ में यह विभाग नोडल विभाग है। उन्होंने मां गंगा, यमुना, सरस्वती, तीर्थराज प्रयाग और भगवान हनुमान से आशीर्वाद लेकर इस अभियान को सफल बनाने की प्रार्थना की।

सफाई मित्रों का सम्मान और सशक्तिकरण: मंत्री ने 1200 सफाई मित्रों को सुरक्षा किट वितरित कर उनका सम्मान किया। इसके अलावा, कार्यक्रम में कलाकारों द्वारा नुक्कड़ नाटक और स्वच्छता गीतों के माध्यम से लोगों को सफाई के प्रति जागरूक किया गया। सफाई मित्रों को विशेष सम्मान देने के लिए श्री शर्मा ने कहा कि महाकुंभ के दौरान सफाई कार्यों में उनकी भूमिका अहम होगी। 2019 में अर्धकुंभ के दौरान प्रधानमंत्री जी ने सफाई मित्रों के सम्मान में उनके चरण धोए थे और इस बार भी उनकी मेहनत को सलाम किया गया।

महाकुंभ 2025 के लिए तैयारियां: मंत्री ने महाकुंभ 2025 के लिए किए गए विकास कार्यों का जिक्र किया, जिसमें 5000 डस्टबिन का स्थान पर स्थापना, 1.5 लाख शौचालय और चेंजिंग रूम जैसी सुविधाओं का निर्माण शामिल है। उन्होंने कहा कि महाकुंभ क्षेत्र को साफ और सुंदर बनाए रखने के लिए 3500 सफाई मित्रों का योगदान लिया जा रहा है।

इसके अतिरिक्त, प्रशासन ने कुंभ क्षेत्र के सभी 30 प्लाटून ब्रिज तैयार कर लिए हैं। मंत्री ने कहा कि पिछले डेढ़ वर्षों में प्रयागराज में 15,000 करोड़ रुपये की योजनाओं का कार्य पूरा हुआ है, जिनमें केंद्र सरकार और राज्य सरकार की परियोजनाएं शामिल हैं। उन्होंने बताया कि 8000 करोड़ रुपये की परियोजनाओं के तहत रेलवे स्टेशन, राष्ट्रीय राजमार्ग, एयरपोर्ट जैसे विकास कार्य किए गए हैं, जबकि राज्य सरकार ने गंगा घाटों का निर्माण, सड़कों का चौड़ीकरण और नालियों का निर्माण किया है।

सफाई की शपथ और प्लास्टिक मुक्त अभियान: स्वच्छता कार्यक्रम के दौरान श्री शर्मा ने सभी नागरिकों से स्वच्छता की शपथ भी दिलाई। उन्होंने कहा कि सफाई को लेकर यह हमारी जिम्मेदारी है कि हम अपने आसपास के वातावरण को साफ रखें। मंत्री ने प्रशासन को निर्देश दिए कि सभी दुकानों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों, ठेलिया और खोमचे वालों के सामने डस्टबिन रखवाए जाएं, ताकि गंदगी न फैले। साथ ही, उन्होंने लोगों से प्लास्टिक का उपयोग न करने और कागज और कपड़े के थैले का इस्तेमाल करने की अपील की।

उन्होंने कहा कि यदि लोग सफाई के प्रति जागरूक होंगे, तो शहर का माहौल स्वच्छ रहेगा और यह हमारे आने वाली पीढ़ियों के लिए भी एक अच्छा उदाहरण बनेगा। श्री शर्मा ने विशेष रूप से मां गंगा, यमुना, सरस्वती और संगम क्षेत्र में फूल माला और पूजा सामग्री न फेंकने की अपील की, ताकि जलाशयों और घाटों की सफाई बनी रहे।

महाकुंभ की भव्यता और व्यवस्थाएं: मंत्री ने महाकुंभ 2025 के लिए किए गए विकास कार्यों का जिक्र करते हुए कहा कि इस बार महाकुंभ का आयोजन अत्यधिक भव्य और अलौकिक होगा। उन्होंने कहा, “महाकुंभ के अमृत कलश से अमृत पान करने के लिए मनुष्यों के साथ-साथ देवी-देवता, गंधर्व, किन्नर, पशु-पक्षी सभी यहां आते हैं। हमें दुनिया को यह दिखाना है कि हम इस महान आयोजन की पूरी व्यवस्था और सफाई को भी उत्कृष्ट रूप से कर सकते हैं।”

इस अवसर पर महापौर गणेश केसरवानी, प्रमुख सचिव नगर विकासअमृत अभिजात, विशेष सचिव अमित सिंह, नगर आयुक्त चंद्र मोहन गर्ग और अपर निदेशक असलम अंसारी भी उपस्थित रहे।

उद्यान विभाग: तकनीकी सलाहकार समिति बैठक में औद्यानिक योजनाओं के सफल संचालन हेतु लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय

तकनीकी सलाहकार समिति बैठक में औद्यानिक योजनाओं के सफल संचालन हेतु लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय
तकनीकी सलाहकार समिति बैठक में औद्यानिक योजनाओं के सफल संचालन हेतु लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय
तकनीकी सलाहकार समिति बैठक में औद्यानिक योजनाओं के सफल संचालन हेतु लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय
  • उच्च गुणवत्ता के F1 बीजों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी।
  • किसानों के बीच रासायनिक कीटनाशकों के संतुलित उपयोग के लिए दिशा-निर्देश तैयार किए जाएंगे।
  • एनबीआरआई के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर कर फूलों की खेती को बढ़ावा दिया जाएगा।
  • सब्जी उत्पादन की उन्नत तकनीकों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
  • सब्जी उत्पादन में कीट और रोगों से बचाव के उपायों के लिए कृषि विश्वविद्यालयों से परामर्श लिया जाएगा।

लखनऊ, 30 दिसंबर 2024: उत्तर प्रदेश में उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग द्वारा संचालित विभिन्न औद्यानिक योजनाओं और कार्यक्रमों के सफल संचालन, आधुनिक तकनीकों के उपयोग और देश-विदेश में हो रहे अनुसंधान एवं नवाचारों के लाभ किसानों तक पहुँचाने के उद्देश्य से तकनीकी सलाहकार समिति की बैठक का आयोजन किया गया। यह बैठक कृषि उत्पादन आयुक्त श्रीमती मोनिका एस. गर्ग की अध्यक्षता में हुई। बैठक में प्रदेश में औद्यानिक फसलों के क्षेत्र विस्तार, रासायनिक कीटनाशकों के नियंत्रित उपयोग, फूलों की खेती को बढ़ावा देने, और किसानों के लिए तकनीकी प्रशिक्षण कार्यक्रमों के आयोजन सहित कई महत्वपूर्ण पहलुओं पर चर्चा की गई।

संकर बीजों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी

बैठक में सर्वप्रथम प्रदेश में औद्यानिक फसलों के क्षेत्र विस्तार पर चर्चा की गई। इसके अंतर्गत निर्णय लिया गया कि प्रदेश में उच्च गुणवत्ता वाले संकर (F1) बीजों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। यह बीज विशेष रूप से प्रदेश की जलवायु और मृदा के अनुरूप होंगे, जिससे किसानों को बेहतर उपज मिल सके। इसके लिए वाराणसी स्थित भारतीय शाकभाजी अनुसंधान संस्थान (आईआईवीआर), अयोध्या के नरेन्द्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एएनडीयूएटी) और लखनऊ स्थित केंद्रीय उपोष्ण बागवानी संस्थान (सीआईएसएच) से उन्नत प्रजातियों की सूची और बीजों की उपलब्धता की जानकारी प्राप्त की जाएगी। इन संस्थानों से विभाग को आवश्यकतानुसार बीजों की मांग प्रेषित करने का निर्देश दिया गया।

संकर बीजों के उपयोग से किसानों को बेहतर पैदावार मिल सकेगी, जो उनकी आय में वृद्धि करेगा और प्रदेश में औद्यानिक उत्पादों की गुणवत्ता में भी सुधार होगा।

रासायनिक कीटनाशकों के नियंत्रित उपयोग को बढ़ावा दिया जाएगा

बैठक में एक और महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया कि रासायनिक कीटनाशकों के संतुलित और नियंत्रित उपयोग को बढ़ावा दिया जाएगा। इसके लिए लखनऊ के आरसीआईपीएमसी (Regional Centre for Integrated Pest Management in Crops) के संयुक्त निदेशक डॉ. जी.पी. सिंह को दिशा-निर्देश तैयार करने का निर्देश दिया गया। ये दिशा-निर्देश किसानों को प्रभावी ढंग से बताए जाएंगे ताकि रासायनिक कीटनाशकों का उपयोग जरूरत के हिसाब से और पर्यावरण के अनुकूल तरीके से किया जा सके। इससे न केवल कृषि उत्पादन पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा, बल्कि पर्यावरण की रक्षा भी होगी।

रासायनिक कीटनाशकों के अत्यधिक और अव्यवस्थित उपयोग से पर्यावरण और मानव स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ता है। इस कदम से किसानों को कीटनाशकों का उचित उपयोग करने के तरीके बताए जाएंगे, जिससे कृषि में स्थिरता और पारिस्थितिकीय संतुलन बना रहेगा।

फूलों की खेती को बढ़ावा देने के लिए एनबीआरआई के साथ समझौता

बैठक में फूलों की खेती को बढ़ावा देने के लिए एक अहम कदम उठाने की बात भी सामने आई। एनबीआरआई, लखनऊ के निदेशक डॉ. ए.के. शासने ने जानकारी दी कि संस्थान द्वारा प्रदेश में 12 विभिन्न क्लस्टरों में फूलों की खेती की जा रही है। इस योजना के अंतर्गत गुलाब, गेंदा और ग्लैडियोलस जैसी फूलों की उन्नत किस्मों की खेती की जाएगी।

बैठक में एनबीआरआई के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर करने का निर्णय लिया गया। इस समझौते से किसानों को उच्च गुणवत्ता वाली रोपण सामग्री प्राप्त होगी, जिससे उनके उत्पादकता में वृद्धि होगी। इसके साथ ही, किसानों के आय स्रोतों में भी सुधार होगा। फूलों की खेती को बढ़ावा देने से न केवल स्थानीय बाजार में फूलों की आपूर्ति बढ़ेगी, बल्कि निर्यात के अवसर भी सृजित होंगे।

उन्नत सब्जी उत्पादन तकनीकों और आम के निर्यात को बढ़ावा

बैठक में सब्जी उत्पादन की उन्नत तकनीकों को किसानों तक पहुँचाने की योजना भी बनाई गई। इसके लिए आईआईवीआर, वाराणसी और सीआईएसएच, लखनऊ के साथ समन्वय स्थापित किया जाएगा, ताकि किसानों को नई तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जा सके। इसके अलावा, प्रदेश में आम के निर्यात को बढ़ावा देने के लिए भी प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

बदलते मौसम और कीटों के बढ़ते खतरे को देखते हुए, कृषि विश्वविद्यालयों और शोध संस्थानों से कीटों और रोगों की रोकथाम के उपायों पर परामर्श प्राप्त किया जाएगा। इसके जरिए किसानों को मौसम की अनियमितताओं और कीटों के हमले से बचाव के उपाय बताए जाएंगे, जिससे उनकी फसलें सुरक्षित रहेंगी और उनकी उत्पादकता पर सकारात्मक असर पड़ेगा।

बैठक में शामिल विशेषज्ञ और अधिकारी

इस बैठक में अनेक प्रमुख अधिकारी और विशेषज्ञ भी शामिल हुए, जिनमें सचिव कृषि श्री अनुराग यादव, विशेष सचिव उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग श्री ओ.पी. वर्मा, निदेशक डॉ. वी.बी. द्विवेदी, निदेशक कृषि डॉ. जितेन्द्र कुमार तोमर, सीआईएसएच के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. सुशील शुक्ला, आईआईवीआर वाराणसी के डॉ. अनंत बहादुर सिंह और अन्य अधिकारी शामिल थे। इन अधिकारियों ने औद्यानिक परियोजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए अपने सुझाव दिए और किसानों के लाभ के लिए विभिन्न योजनाओं पर विचार-विमर्श किया।

यह बैठक प्रदेश में औद्यानिक योजनाओं के क्रियान्वयन को अधिक प्रभावी बनाने के लिए महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। उच्च गुणवत्ता वाले संकर बीजों की उपलब्धता, रासायनिक कीटनाशकों का नियंत्रित उपयोग, फूलों की खेती को बढ़ावा देना, और सब्जी उत्पादन के लिए उन्नत तकनीकों का प्रचार सभी मिलकर प्रदेश के किसानों की आय को बढ़ाने में मदद करेंगे।