Home Blog Page 1037

स्पोर्ट्स अपडेट IND vs AUS: पैट कमिंस ऐतिहासिक उपलब्धि से एक कदम दूर, 2 साल में चौथा बड़ा खिताब जीतने का मौका

बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफा का जब पिछले महीने आगाज हुआ था तो किसी ने भी नहीं सोचा था कि टीम इंडिया सीरीज साल खत्म होते-होते 1-2 से पिछड़ जाएगी। पर्थ में जसप्रीत बुमराह की कप्तानी में शानदार जीत दर्ज करने वाली टीम इंडिया का आगाज 5 मैचों की टेस्ट सीरीज में धमाकेदार रहा। टीम इंडिया ने 295 रनों से जीत दर्ज करते हुए सीरीज में 1-0 की बढ़त बनाई लेकिन फिर भारतीय टीम जीत की पटरी से उतर गई। एडिलेड टेस्ट में 10 विकेट से हार झेलने के बाद टीम इंडिया को गाबा टेस्ट में ड्रॉ का सामना करना पड़ा औ अब भारत ने मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड के ऐतिहासिक मैदान पर महत्वपूर्ण बॉक्सिंग डे टेस्ट मैच 184 रन से गंवा दिया। ऐसे में अब टीम इंडिया के वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) फाइनल की रेस से बाहर होने का खतरा मंडराने लगा है। फाइनल में क्वालीफाई करने के लिए भारत को सिडनी में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ आखिरी टेस्ट हर हाल में जीतना होगा और फिर अगले साल शुरुआत में ऑस्ट्रेलिया की टीम जब श्रीलंका का दौरा करेगी तो वहां उसकी हार और सीरीज के 0-0 से ड्रॉ की उम्मीद करनी होगी।

भारत पर मंडराया बड़ा खतरा

भारतीय टीम को अगर लगातार तीसरी बार वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में जगह बनानी है तो उसे सिडनी टेस्ट किसी भी सूरत में अपने नाम करते हुए बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी को अपने पास बरकरार रखना होगा। हालांकि ऑस्ट्रेलिया की शानदार फॉर्म को देखने हुए ऐसा होता कम ही नजर आ रहा है। पैट कमिंस की अगुवाई में ऑस्ट्रेलियन टीम शानदार प्रदर्शन कर रही है। अगर ऑस्ट्रेलिया की टीम सिडनी टेस्ट जीतती है तो वह लगभग 10 साल बाद बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी अपने नाम करने में कामयाब होगी। ऑस्ट्रेलिया ने आखिरी बार 2014-25 में बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी जीती थी।

चौथे बड़े खिताब पर नजरें

पैट कमिंस ने बतौर कप्तान पिछले 2 साल में शानदार प्रदर्शन किया है। जून 2023 के बाद से वह लगातार खिताब जीतते नजर आ रहे हैं। कमिंस की कप्तानी में ही ऑस्ट्रेलिया ने जून 2023 में फाइनल में भारत को हराकर पहली बार वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप का खिताब अपने नाम किया था और फिर अगले महीने एशेज सीरीज को बरकार रखने में सफल रही थी। इसके बाद नवंबर 2023 में ऑस्ट्रेलिया ने कमिंस की कप्तानी में 2023 वर्ल्ड कप का खिताब जीता था। तब फाइनल में ऑस्ट्रेलिया ने मेजबान टीम इंडिया को करारी शिकस्त दी थी। और अब कमिंस के पास पहली बार अपनी कप्तानी में बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी (BGT) जीतने का शानदार मौका होगा।

कश्मीर की यात्रा होगी और भी आसान! दिल्ली से श्रीनगर मात्र 13 घंटे में पहुंचे , जल्द शुरू होगी वंदे भारत ट्रेन

रेलवे की ओर से भारत के विभिन्न क्षेत्रों को कश्मीर घाटी से जोड़ने के लिए बीते लंबे समय से कनेक्टिविटी पर काम किया जा रहा है। नए साल में देश के लोगों को बड़ा तोहफा मिल सकता है। दिल्ली से श्रीनगर को सीधा जोड़ने वाली रेल लाइन जनवरी में शुरू होने की संभावना है। इस रूट पर वंदे भारत जैसी ट्रेनों को भी चलाने की तैयारी की जा रही है। वंदे भारत ट्रेन दिल्ली से श्रीनगर तक 800 किलोमीटर का सफर 13 घंटे से भी कम समय में तय करेगी। जानकारी के मुताबिक, इसे लेकर ट्रायल जारी है।

पीएम मोदी करेंगे सफर

जानकारी के मुताबिक, भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी दिल्ली से श्रीनगर जाने वाली पहली वंदे भारत एक्सप्रेस में सफर करेंगे। जानकारी के मुताबिक, उद्घाटन वाले दिन पीएम मोदी ट्रेन में यात्रा करेंगे। उम्मीद की जा रही है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 26 जनवरी 2025 को वंदे भारत श्रीनगर-दिल्ली ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे।

32 सालों से चल रहा था काम

कश्मीर रेलवे प्रोजेक्ट पर पिछले 32 सालों से काम हो रहा है। इस बीच रेलवे को ऊंचे-ऊंचे पहाड़ों को चीर कर टनल और ट्रैक बनाने जैसे बड़े चैलेंज का सामना करना पड़ा है। इतना ही नहीं इस ट्रैक पर दुनिया का सबसे खूबसूरत और ऊंचा चिनाब पुल बनाना कोई आसान काम नहीं था, लेकिन यह सब रेलवे ने मुमकिन कर दिखाया है। अब तक मिली जानकारी के मुताबिक, नई दिल्ली-श्रीनगर वंदे भारत स्लीपर ट्रेन अंबाला कैंट जंक्शन, लुधियाना जंक्शन, कठुआ, जम्मू तवी, श्री माता वैष्णो देवी कटरा, संगलदान और बनिहाल सहित कुछ प्रमुख स्टेशनों पर ही रुकेगी।

5 ट्रेनों की सौगात देंगे पीएम

इतना ही नहीं। जानकारी के मुताबिक, पीएम मोदी जनवरी में 5 नई आधुनिक ट्रेनों की सौगात देने जा रहे हैं। पीएम मोदी दिल्ली और कश्मीर को जोड़ने वाली 5 नई ट्रेन लॉन्च करेंगे। ये ट्रेनें नई टेक्नोलॉजी और डिजाइन के साथ बनी है। ये ट्रेनें कश्मीर के मौसम को ध्यान मे रखते हुए ऑनबोर्ड हीटिंग सिस्टम से भी लैस होंगी।

Weather Update :नए साल पर कैसा रहेगा मौसम? यूपी-हरियाणा समेत इन राज्यों के लिए जारी हुआ विशेष अलर्ट

उत्तर भारत के कई राज्य ठंड की चपेट में हैं। पहाड़ों में बर्फबारी का दौर चल रहा है। पिछले दिनों हुई बारिश के बाद अब उत्तर भारत के कई हिस्सों में शीतलहर (Cold Wave) चल रही है। दिल्ली, एनसीआर, हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, हिमाचल, उत्तराखंड और पंजाब और इसके आसपास के क्षेत्रों में शीतलहर का प्रकोप जारी है। तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है।

दिल्ली में और बढ़ेगी ठिठुरन

मौसम विभाग ने बताया कि नए साल यानी 1 जनवरी को सुबह और शाम के समय घना कोहरा रहेगा। दिन के समय शीतलहर चलेगी। इन स्थितियों के कारण दृश्यता और दिन के तापमान में कमी आएगी। इसके चलते नए साल में कड़ाके की ठंड पड़ेगी। दिल्ली में और भी ज्यादा ठिठुरन बढ़ने वाली है।

इन राज्यों में छाएगा घना कोहरा

मौसम विभाग ने 31 दिसंबर (मंगलवार) को हरियाणा और चंडीगढ़ में शीतलहर की चलने की संभावना जताई है। हालांकि, उसने कहा कि शीतलहर 1 जनवरी तक पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उत्तरी मध्य प्रदेश के कुछ इलाकों में फैल जाएगी। हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब के इन इलाकों में मंगलवार देर रात से लेकर एक जनवरी तक घना कोहरा छाया रहेगा।

2 जनवरी तक बनी रहेगी ऐसी स्थिति

इनके अलावा ओडिशा, असम, मेघालय और अन्य पूर्वोत्तर राज्यों में भी 31 दिसंबर तक कोहरा छाया रहेगा। उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, राजस्थान, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 1 जनवरी तक घना कोहरा छाया रहेगा। हालांकि, हिमाचल प्रदेश में 2 जनवरी तक ऐसी ही स्थिति बनी रहेगी।

दिल्ली की वायु गुणवत्ता में हुआ थोड़ा सुधार

सोमवार की सुबह दिल्ली में बहुत कम तापमान दर्ज किया गया। सफदरजंग इलाके में अधिकतम तापमान 15 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 5 डिग्री कम है, जबकि पालम में 13 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो मौसमी औसत से 7 डिग्री कम है। मौसम विभाग ने कहा कि ऐसी स्थिति में भी दिल्ली की वायु गुणवत्ता में थोड़ा सुधार हुआ है।

नई दिल्ली:ISRO एक बार फिर इतिहास रचने को तैयार, PSLV-C60 SpaDeX मिशन के जरिए करेगा 2 उपग्रहों का प्रक्षेपण

 स्पेस टेक्नोलॉजी सेक्टर में कई चमत्कार कर चुका इसरो आज फिर एक नया इतिहास रचने जा रहा है। इसरो ने अपने PSLV-C60 SpaDeX मिशन को लॉन्च कर दिया है। इसरो इस मिशन को लॉन्च करने के लिए दो उपग्रहों का इस्तेमाल कर रहा है। इनका नाम चेजर और टारगेट है। इनका वजन 220 किलो होगा।

ये मिशन भारत के लिए किसी ऐतिहासिक मौके से कम नहीं है। क्योंकि अगर यह मिशन सफल होता है, तो रूस, अमेरिका और चीन के बाद भारत दुनिया का चौथा ऐसा देश बन जाएगा जिसके पास स्पेस में डॉकिंग करने की टेक्नोलॉजी होगी। स्पैडेक्स की टेक्नोलॉजी अभी सिर्फ और सिर्फ तीन देशों के पास है।

इस मिशन की कामयाबी पर ही भारत का चंद्रयान-4 मिशन निर्भर

इस मिशन की कामयाबी पर ही भारत का चंद्रयान-4 मिशन निर्भर है, जिसमें चंद्रमा की मिट्टी के सैंपल पृथ्वी पर लाए जाएंगे। चंद्रयान-4 मिशन को 2028 में लॉन्च किया जा सकता है।

SpaDeX का मतलब क्या है?

SpaDeX का मतलब है, स्पेस डॉकिंग एक्सपेरिमेंट। इस मिशन में पीएसएलवी-सी 60 से छोड़े जाने वाले दो छोटे अंतरिक्ष यान की डॉकिंग की जाएगी। डॉकिंग का मतलब होता है स्पेस में दो अंतरिक्ष यानों या सैटेलाइट को जोड़ना और अनडॉकिंग का मतलब है अंतरिक्ष में रहते हुए इन दोनों को अलग करना।

इसरो अपने मिशन से ऐसा करने की तकनीक का प्रदर्शन करेगा। इस मिशन को लॉन्च करने के बाद इन्हें डॉकिंग के जरिए जोड़ने और अनडॉकिंग की प्रॉसेस से अलग-अलग करने का प्रयोग किया जाएगा। इस मिशन का लक्ष्य है कि चेजर अपने टार्गेट का पीछा करे। ये प्रक्रिया भविष्य के बड़े लक्ष्यों को हासिल करने में अहम साबित हो सकती है। भारत 2035 तक अपना अंतरिक्ष स्टेशन स्थापित करना चाहता है और आज का मिशन इसके लिए बेहद महत्वपूर्ण है।

बता दें कि अंतरिक्ष में ‘डॉकिंग’ प्रौद्योगिकी की तब जरूरत होती है, जब साझा मिशन उद्देश्यों को हासिल करने के लिए कई रॉकेट प्रक्षेपित करने की जरूरत होती है। इसरो के मुताबिक, स्‍पाडेक्‍स मिशन के तहत दो छोटे अंतरिक्ष यान (प्रत्येक का वजन लगभग 220 किग्रा) पीएसएलवी-सी60 द्वारा स्वतंत्र रूप से और एक साथ, 55 डिग्री झुकाव पर 470 किमी वृत्ताकार कक्षा में प्रक्षेपित किये जाएंगे, जिसका स्थानीय समय चक्र लगभग 66 दिन का होगा।

दीर अल-बला:गाजा में दिल दहलाने वाला मंजर: ‘हाइपोथर्मिया’ से एक और मासूम की हुई मौत, हालात जानकर रह जाएंगे स्तब्ध

 गाजा पट्टी में ‘हाइपोथर्मिया’ से एक और शिशु की मौत हो गई है। गाजा पट्टी में लगभग 15 महीने के युद्ध से विस्थापित हुए हजारों फलस्तीनी लोग सर्दियों से बचने के लिए टेंटों में रहने को मजबूर हैं। स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, हाल के सप्ताहों में ठंड से तीन शिशुओं की मौत पहले ही हो चुकी है। ‘हाइपोथर्मिया’ एक ऐसी स्थिति है जिसमें मानव शरीर का तापमान 35 डिग्री सेल्सियस (96 एफ) से नीचे चला जाता है।

पिता ने क्या कहा?

बीस दिन के जोमा अल-बत्रन के पिता येहिया ने बताया कि रविवार को जब वो जगो तो बच्चे का सिर बर्फ की तरह ठंडा मिला। बच्चे के जुड़वां भाई अली को अल-अक्सा शहीद अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया है। पिता ने बताया कि जुड़वा बच्चों का जन्म समय से एक महीने पहले हुआ था और उन्हें अस्पताल की नर्सरी में सिर्फ एक दिन ही रखा गया था। उन्होंने बताया कि वो तंबू में रहते हैं और रात में तापमान नियमित रूप से 10 डिग्री सेल्सियस (50 डिग्री फारेनहाइट) से नीचे चला जाता है। अल-बत्रन ने कहा, ‘‘हम आठ लोग हैं और हमारे पास केवल चार कंबल हैं।’’

छात्रा को मारी गई गोली

इस बीच फलस्तीन में वेस्ट बैंक के अशांत उत्तरी शहर जेनिन में एक फलस्तीनी छात्रा की उसके घर में गोली मारकर हत्या कर दी गई। पत्रकारिता की छात्रा शता अल-सब्बाग (22) के परिवार ने दावा किया कि फलस्तीनी सुरक्षा बलों के एक कर्मी ने उसकी उस समय हत्या कर दी, जब वह अपनी मां और दो छोटे बच्चों के साथ थी। उन्होंने कहा कि उस समय क्षेत्र में कोई आतंकवादी नहीं था। फलस्तीनी सुरक्षा बलों की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि उसे आतंकवादियों ने गोली मारी थी।

हमास ने भी दिया बयान

एक बयान में मृतक छात्रा अल-सब्बाग के परिवार ने फलस्तीनी सुरक्षा बलों पर आरोप लगाया कि वो “दमनकारी बन गए हैं जो अपने ही लोगों के सम्मान की रक्षा करने और (इजरायली) कब्जे के खिलाफ खड़े होने के बजाय उनके खिलाफ आतंकवादी कृत्यों को अंजाम दे रहे हैं।’’ हमास आतंकवादी समूह ने भी सुरक्षा बलों को दोषी ठहराया और गोलीबारी की निंदा की। हमास ने कहा कि अल-सब्बाग उसके एक लड़ाके की बहन थी, जो पिछले वर्ष इजरायली सैनिकों के साथ लड़ाई में मारा गया था।