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उत्तरप्रदेश: सूचना विभाग के सेवानिवृत्त कार्मिकों के सम्मान में आयोजित हुआ विदाई समारोह, दी गई भावपूर्ण विदाई

उत्तरप्रदेश: सूचना विभाग के सेवानिवृत्त कार्मिकों के सम्मान में आयोजित विदाई समारोह
उत्तरप्रदेश: सूचना विभाग के सेवानिवृत्त कार्मिकों के सम्मान में आयोजित विदाई समारोह
उत्तरप्रदेश: सूचना विभाग के सेवानिवृत्त कार्मिकों के सम्मान में आयोजित विदाई समारोह
  • मंगलवार को लखनऊ में सूचना विभाग ने सेवानिवृत्त कर्मचारियों के सम्मान में विदाई समारोह का आयोजन किया।
  • उप निदेशक प्रभात शुक्ल, फिल्म निर्माण अधिकारी दिनेश कुमार पाण्डेय, लेखाकार गुरुसरन सिंह चावला समेत सात कर्मचारियों को भावपूर्ण विदाई दी गई।
  • विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने शॉल ओढ़ाकर और स्मृति चिन्ह भेंटकर कर्मचारियों को सम्मानित किया।
  • सेवानिवृत्त कर्मचारियों के कार्यकाल की सराहना करते हुए उन्हें भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी गईं।
  • समारोह में वित्त एवं लेखा अधिकारी संजय सिंह और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे और कर्मचारियों को सम्मानित किया।

लखनऊ, 31 दिसम्बर 2024: प्रदेश के सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के सेवानिवृत्त होने पर मंगलवार को पं. दीनदयाल उपाध्याय सभागार में एक भावपूर्ण विदाई समारोह का आयोजन किया गया। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य विभाग के सेवानिवृत्त कर्मचारियों के योगदान को सम्मानित करना और उनके वर्षों तक किए गए सेवा कार्य के प्रति आभार व्यक्त करना था। समारोह में विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों और कर्मचारियों ने मिलकर सेवानिवृत्त कर्मियों को उनके उत्कृष्ट कार्यकाल के लिए श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके उज्जवल भविष्य की कामना की।

समारोह में प्रमुख रूप से विभाग के उच्चाधिकारियों और कर्मचारियों ने सेवानिवृत्त कर्मियों को शॉल ओढ़ाकर और स्मृति चिन्ह भेंटकर उनका सम्मान किया। इस मौके पर विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने सेवानिवृत्त कर्मचारियों की मेहनत, लगन और उनके कार्यकाल में दिए गए योगदान की सराहना की।

समारोह में सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों में शामिल थे:

  • प्रभात शुक्ल (उप निदेशक),
  • दिनेश कुमार पाण्डेय (फिल्म निर्माण अधिकारी),
  • गुरुसरन सिंह चावला (लेखाकार),
  • वीरेन्द्र कुमार तिवारी (ज्येष्ठ लेखा परीक्षक),
  • शिव प्रसाद कुशवाहा (प्रधान सहायक),
  • राजेश कुमार (कनिष्ठ न्यूजरील कैमरामैन),
  • अरविन्द सिंह (चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी)।

इन कर्मचारियों को उनके दशकों पुराने कार्यकाल के बाद, विभाग की तरफ से आभार व्यक्त करते हुए विदाई दी गई। समारोह के दौरान सभी वरिष्ठ अधिकारियों ने उनके कार्यकाल को याद करते हुए उनके योगदान की सराहना की और भविष्य के लिए उन्हें स्वास्थ्य, समृद्धि और खुशी की शुभकामनाएं दीं।

समारोह में उपस्थित प्रमुख व्यक्तित्वों में वित्त एवं लेखा अधिकारी संजय सिंह, संयुक्त निदेशक दिनेश कुमार गुप्ता, उप निदेशक राम मनोहर त्रिपाठी, और सहायक निदेशक सतीश चंद्र भारती शामिल थे। इन सभी वरिष्ठ अधिकारियों ने सेवानिवृत्त कर्मचारियों को शॉल पहनाकर उनका सम्मान किया और स्मृति चिन्ह भेंट किए।

समारोह के दौरान आयोजित भाषणों में विभाग के अधिकारियों ने कहा कि, “सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने विभाग के लिए जो योगदान दिया, वह न केवल काबिले तारीफ है, बल्कि उनके अनुभवों से आने वाली पीढ़ी को बहुत कुछ सीखने को मिलेगा। इन कर्मचारियों ने विभाग की मजबूती में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।”

समारोह का समापन सेवानिवृत्त कर्मचारियों के उज्जवल भविष्य के लिए शुभकामनाओं के साथ हुआ। इस समारोह ने न केवल सेवानिवृत्त कर्मचारियों के योगदान को सम्मानित किया, बल्कि सूचना विभाग की कार्यप्रणाली की मजबूती और कर्मचारी भलाई के प्रति उनके समर्पण को भी दर्शाया।

यह विदाई समारोह विभाग के कर्मचारियों के साथ बिताए गए समय की यादों को ताजगी देने वाला था और यह एक प्रतीक था कि विभाग अपने कर्मचारियों के योगदान को महत्व देता है, चाहे उनका कार्यकाल समाप्त हो चुका हो। ऐसे आयोजनों से न केवल सेवानिवृत्त कर्मचारियों का मनोबल बढ़ता है, बल्कि यह नई पीढ़ी के लिए एक प्रेरणा का स्रोत भी बनता है

महाकुंभ 2025: श्रद्धालुओं की सेवा में जुटे देशभर के मेडिकल संस्थान, उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा- श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य का ध्यान रखना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता

महाकुंभ 2025: श्रद्धालुओं की सेवा में जुटे देशभर के मेडिकल संस्थान
महाकुंभ 2025: श्रद्धालुओं की सेवा में जुटे देशभर के मेडिकल संस्थान
महाकुंभ 2025: श्रद्धालुओं की सेवा में जुटे देशभर के मेडिकल संस्थान
  • सोमवार को ओपीडी में इलाज प्रदान किया गया, 35 मरीज भर्ती हुए।
  • पारस, वात्सल्य, अमृता और श्री मधुसूदन संस्थान सहित कई संस्थान सेवाएं दे रहे हैं।
  • सेक्टर-1 और सेक्टर-11 में 20-20 बेड के अस्पताल संचालित।
  • 100 बेड के अस्पताल में ऑपरेशन और जांच की सुविधा।
  • डिप्टी सीएम ने स्वास्थ्य सुविधाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता बताया।

    लखनऊ, 31 दिसंबर 2024: महाकुंभ 2025 में देशभर के मेडिकल संस्थानों का संगम देखने को मिल रहा है। श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की स्वास्थ्य समस्या का तुरंत समाधान मिल सके, इसके लिए व्यापक स्तर पर चिकित्सा सुविधाओं का इंतजाम किया गया है। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक की पहल पर विभिन्न मेडिकल संस्थान महाकुंभ में स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर रहे हैं।

    स्वास्थ्य सुविधाओं का व्यापक नेटवर्क

    महाकुंभ में सेक्टरवार अस्पतालों का संचालन किया जा रहा है। इनमें ओपीडी, भर्ती, और विशेषज्ञ चिकित्सा जैसी सुविधाएं शामिल हैं। सोमवार को ओपीडी में 848 मरीजों को देखा गया, जिनमें से 35 मरीजों को भर्ती किया गया। भर्ती मरीजों का उच्च स्तरीय इलाज विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम द्वारा किया जा रहा है।

    मेडिकल संस्थानों का योगदान

    कई प्रतिष्ठित संस्थान महाकुंभ में अपनी सेवाएं प्रदान कर रहे हैं:

    • पारस हॉस्पिटल (कानपुर) और वात्सल्य हॉस्पिटल (प्रयागराज): सेक्टर-18 में 10 बेड का अस्पताल संचालित कर रहे हैं।
    • यूनाइटेड इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज: सेक्टर-8 में 10 बेड का अस्पताल संचालित कर रहा है।
    • अमृता इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (हरियाणा) और श्री मधुसूदन साईं इंस्टीट्यूट (कर्नाटक): स्वास्थ्य सेवाओं में योगदान दे रहे हैं।

    संक्रामक रोग अस्पताल की विशेष व्यवस्था

    महाकुंभ में संक्रामक बीमारियों से निपटने के लिए दो विशेष अस्पताल बनाए गए हैं:

    • सेक्टर-1 और सेक्टर-11 में 20-20 बेड का संक्रामक रोग अस्पताल।
    • उल्टी, दस्त, और ठंड से पीड़ित मरीजों का तत्काल इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है।

    सेंट्रल और सब-सेंट्रल अस्पतालों की भूमिका

    • 100 बेड का सेंट्रल हॉस्पिटल (सेक्टर-2): यहां पैथोलॉजी जांच से लेकर ऑपरेशन तक की सुविधाएं मौजूद हैं।
    • दो सब-सेंट्रल हॉस्पिटल (25-25 बेड): कुंभ क्षेत्र में विभिन्न स्थानों पर संचालित किए जा रहे हैं।

    डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक का संदेश

    डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहा, “महाकुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य का ध्यान रखना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस पहल से रोगियों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे श्रद्धालु बिना किसी बाधा के आध्यात्मिक अनुभव ले सकें।”

    मुख्यमंत्री ने प्रयागराज में किया प्रदेश के पहले एमएसडब्ल्यू आधारित बायो सीएनजी प्लांट का निरीक्षण, योगी ने कहा- नगरीय वेस्ट के निस्तारण का मॉडल है नैनी का यह प्लांट

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    • सुरक्षित होगा संगम स्नान, महाकुम्भ में संगम जाने का सबसे सहज मार्ग होगा स्टील ब्रिज: मुख्यमंत्री
    • स्वच्छ प्रयागराज- सुव्यवस्थित महाकुम्भ की परिकल्पना को साकार करेगा बायो सीएनजी प्लांट: मुख्यमंत्री
    • प्रयागराज पहुंचे मुख्यमंत्री ने संगम ऐरावत घाट और संगम नोज घाट का निरीक्षण कर किया त्रिवेणी पूजन
    • किले के समीप तैयार हो रहे वीआईपी घाट का किया औचक निरीक्षण, बड़े हनुमान जी का किया दर्शन
    • फाफामऊ में गंगा नदी पर स्टील ब्रिज निर्माण का कार्य पूर्णता की ओर, मुख्यमंत्री ने किया निरीक्षण
    • ‘वेस्ट टू वेल्थ’ का बेहतरीन उदाहरण है बायो सीएनजी प्लांट, 200 व्यक्तियों को रोजगार मिला, 56700 टन वार्षिक कार्बन उत्सर्जन में आएगी कमी

    प्रयागराज, 31 दिसंबर 2024: स्वच्छ और सुव्यवस्थित महाकुम्भ की परिकल्पना के साथ नैनी में प्रदेश का पहला एमएसडब्ल्यू बायो सीएनजी प्लांट क्रियाशील होने को तैयार है। मंगलवार को महाकुम्भ की तैयारियों को परखने प्रयागराज पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बायो सीएनजी प्लांट का निरीक्षण किया। इस विशेष अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बायो प्लांट स्वच्छ प्रयागराज- सुव्यवस्थित महाकुम्भ के संकल्प की दिशा में एक प्रयास है, जो महाकुम्भ के बाद भी प्रयागराज नगर के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगा। प्रदेश में म्युनिसिपल सॉलिड वेस्ट आधारित इस पहले सीएनजी प्लांट से 200 परिवारों को रोजगार भी मिला है। पीपीपी मॉडल पर संचालित होने वाले इस प्लांट का अवलोकन करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के ‘वेस्ट टू वेल्थ’ की अवधारणा को साकार करता यह प्लांट आरएनजी (नवीकरणीय प्राकृतिक गैस) परियोजना, अत्याधुनिक और नवीनतम तकनीक के साथ नगर निगम के ठोस कचरे को बायोगैस में संसाधित करने के लिए सबसे उन्नत और कुशल सुविधाओं में से एक है। अधिकारियों ने बताया कि नगर निगम द्वारा संचालित इस परियोजना के अंतर्गत प्रयागराज शहर में घरों, होटल-रेस्टोरेंट्स और मंदिरों से हर दिन निकलने वाले औसतन 200 टन गीले कचरे से लगभग 21500 किलो बायो CNG और 209 टन जैविक खाद बनेगी। प्लांट की कुल क्षमता 343 टन प्रति दिन उत्पादन की है। हर दिन प्लांट से 21.5 टन बायो CNG के साथ 109 टन ठोस जैविक खाद और 100 टन तरल जैविक खाद बनेगी। इससे 56700 टन वार्षिक कार्बन उत्सर्जन में कमी आ सकेगी।

    एक दिनी दौरे पर प्रयागराज पहुंचे मुख्यमंत्री ने फाफामऊ में गंगा नदी पर निर्माणाधीन सिक्सलेन पुल के विकल्प के रूप में बन रहे स्टील ब्रिज का भी निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बार के महाकुम्भ में यह स्टील ब्रिज तीर्थयात्रियों और पर्यटकों के लिए संगम तक आवागमन का सबसे सहज साधन होगा। स्टील ब्रिज से पश्चिमी उत्तर प्रदेश, अयोध्या, गोरखपुर, लखनऊ, दिल्ली, उत्तराखंड, राजस्थान की ओर से महाकुम्भ में आने वाले श्रद्धालुओं के वाहनों को काफी सहूलियत मिलेगी। उन्हें नगर में नहीं जाना पड़ेगा। गंगा किनारे रिवर फ्रंट रोड से ये वाहन सीधे महाकुम्भ मेला में प्रवेश कर सकेंगे। भारत सरकार के सौजन्य से बन रहे इस स्टील ब्रिज के लोड टेस्टिंग का काम भी पूरा हो गया है। लगभग 450 मीटर लंबे दो लेन के इस स्टील ब्रिज में 4500 टन लोहे का प्रयोग हुआ है। इसके लिए तीन किमी की एप्रोच रोड का भी निर्माण कराया गया है।

    इससे पहले स्नान घाटों की तैयारियों को परखने के क्रम में मुख्यमंत्री ने संगम ऐरावत घाट और संगम नोज घाट का भी निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि हर एक तीर्थयात्री का स्नान सुरक्षित हो, इसके लिए व्यवस्थाओं में कोई कमी नहीं होनी चाहिए। महाकुम्भ को सिंगल यूज प्लास्टिक फ्री रखा जा रहा है, कैरी बैग से लेकर होर्डिंग-बैनर तक कहीं भी प्लास्टिक नहीं, जो कुछ होगा सब बायोडीग्रेडेबल होगा। इसे लेकर जागरूकता भी बढ़ाई जाए। घाट प्रबंधन और श्रद्धालुओं के सहयोग के लिए 05 हजार कुम्भ सेवा मित्र की तैनाती की गई है। इनका विधिवत प्रशिक्षण भी कराया जाए। मुख्यमंत्री ने किले के समीप तैयार हो रहे वीआईपी घाट का भी निरीक्षण किया और यहीं से त्रिवेणी संगम पहुंचकर संगम-पूजन भी किया और फिर बड़े हनुमान जी का दर्शन भी किया।

    महाकुम्भ-2025 की समीक्षा बैठक के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने की पत्रकार वार्ता, योगी बोले- आतिथ्य सेवा के साथ स्वच्छता का भी उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करेगा प्रयागराज

    आतिथ्य सेवा के साथ स्वच्छता का भी उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करेगा प्रयागराजः सीएम योगी
    आतिथ्य सेवा के साथ स्वच्छता का भी उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करेगा प्रयागराजः सीएम योगी
    आतिथ्य सेवा के साथ स्वच्छता का भी उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करेगा प्रयागराजः सीएम योगी
    • प्रयागराज वासियों से की अपील, महाकुम्भ 2025 को 2019 कुम्भ से भी बड़ा अवसर बताया
    • प्रयागराज में 200 से अधिक सड़कों के साथ ही सिटी का हुआ सौंदर्यीकरणः सीएम योगी
    • हर पार्किंग स्थल पर चौकी और पब्लिक एड्रेस सिस्टम की होगी व्यवस्थाः मुख्यमंत्री
    • शेप ले चुका मेला, 7000 से अधिक संस्थाओं के लिए डेढ़ लाख से अधिक टेंट की व्यवस्थाः सीएम
    • सबसे बड़े आध्यात्मिक और धार्मिक समागम को अपनी आंखों से देखना चाहती है दुनियाः मुख्यमंत्री
    • मुख्य स्नान के दिन नहीं होगा कोई प्रोटोकॉल, पूज्य संतों और श्रद्धालुओं पर होगी पुष्प वर्षाः योगी

    महाकुम्भ नगर, 31 दिसंबर 2024: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को प्रयागराज में महाकुम्भ के दृष्टिगत समीक्षा बैठक के बाद पत्रकार वार्ता में एक बार फिर प्रयागवासियों से आतिथ्य सेवा के साथ ही महाकुम्भ के दौरान स्वच्छता का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करने की अपील की। उन्होंने नव वर्ष की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आप सबके सहयोग से महाकुम्भ को पूरी भव्यता के साथ यहां पर आयोजित करने का गौरव न सिर्फ डबल इंजन सरकार को बल्कि प्रयागराज वासियों को भी प्राप्त होने जा रहा है। प्रयागराज वासियों से अपील होगी कि स्वच्छता और आतिथ्य सेवा का जो उदाहरण उन्होने 2019 कुम्भ में प्रस्तुत किया है, उससे अच्छा अवसर इस बार उनके सामने आ रहा है। इस बार भी हमारा प्रयागराज आतिथ्य सेवा के साथ-साथ स्वच्छता का भी एक उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करेगा।

    प्रयागराज सिटी का कायाकल्प लगभग पूरा
    प्रयागराज मेला प्राधिकरण स्थित आईसीसीसी सभागार में समीक्षा बैठक करने के बाद सीएम योगी ने पत्रकारों के साथ संवाद किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि प्रकृति और परमात्मा की कृपा से, भगवान प्रयागराज, द्वादश माधव और मां गंगा और मां यमुना की कृपा से महाकुम्भ का यह आयोजन सकुशल संपन्न हों, इसके लिए आज यहां बैठक की गई है। उन्होंने बताया कि प्रयागराज सिटी का कायाकल्प लगभग पूरा हो चुका है। 200 से अधिक सड़कों का निर्माण हुआ है। इन्हें सिंगल से डबल लेन, डबल लेन से फोर लेन, फोरलेन से सिक्स लेन बनाया जा चुका है। 14 फ्लाईओवर या आरओबी में से 13 कंप्लीट हो गए हैं और एक फाइनल स्टेज की तरफ बढ़ रहा है। सिटी के अंदर सौंदर्यीकरण के कई कार्य किए गए हैं। सिटी के अंदर यह भी व्यवस्था की गई है कि रेलवे स्टेशनों पर भी होल्डिंग एरिया हों और उसके बाहर भी। उन्होंने कहा कि मेला प्राधिकरण ने यहां पर लगभग 5000 एकड़ क्षेत्रफल में प्रयागराज को जोड़ने वाले मार्गों पर संगम से 2 से 5 किलोमीटर की दूरी पर पार्किंग स्पेस भी चिन्हित करके उन्हें सक्रिय कर दिया है। हर पार्किंग स्थल पर चौकी भी होगी, सुरक्षा की पुख्ता व्यवस्था भी होगी और पब्लिक एड्रेस सिस्टम भी होगा।

    देश और दुनिया प्रयागराज कुम्भ में आने के लिए उत्सुक
    उन्होंने बताया कि 2019 में पहली बार पांटून ब्रिज की संख्या को बढ़ाकर 22 किया गया था, जिसे इस बार महाकुम्भ को देखते हुए 30 कर दिया गया है। इसमें 28 बनकर तैयार हो गए हैं और दो अगले तीन-चार दिन के अंदर बनकर तैयार होंगे। 12 किलोमीटर का अस्थाई घाट यहां पर तैयार किया जा रहा है और सभी लगभग तैयार हैं। अरैल की ओर भी एक पक्का घाट बन रहा है, जिसे अगले दो-तीन दिन के अंदर कंप्लीट कर लिया जाएगा। चेकर्ड प्लेट यहां पर लगभग 530 किलोमीटर के दायरे में बिछाई जा चुकी है और इसी प्रकार से शुद्ध पेयजल के लिए 450 किलोमीटर की पाइलाइन बिछाई जा चुकी है। उन्होंने कहा कि मेला लगभग अपना शेप ले चुका है। 7000 से अधिक संस्थाएं अब तक आ चुकी हैं। डेढ़ लाख से अधिक टेंट की व्यवस्था मेला प्राधिकरण की ओर से की गई है। देश और दुनिया प्रयागराज कुम्भ में आने के लिए उत्सुक है। लोग उत्तर प्रदेश और देश के इस सबसे बड़े आध्यात्मिक और धार्मिक समागम को अपनी आंखों से देखना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि 144 वर्ष के बाद महाकुम्भ का यह मुहूर्त आ रहा है और इसके लिए हर प्रकार की व्यवस्थाएं डबल इंजन सरकार यहां युद्धस्तर पर कर रही है।

    मुख्य स्नान पर नहीं होगा कोई भी प्रोटोकॉल
    सीएम योगी ने कहा कि 13 जनवरी को पौष पूर्णिमा का पहला स्नान यहां पर संपन्न होगा। मकर संक्रांति यानी 14 जनवरी को दूसरा स्नान होगा जो अमृत स्नान भी होगा। 29 जनवरी को मौनी अमावस्या का स्नान होगा, जो मुख्य स्नान में से एक है, जिसमें सबसे ज्यादा भीड़ आएगी। हमारा अनुमान है कि इस दिन 6 से 8 करोड़ श्रद्धालु यहां पर आएंगे और उस अमृत स्नान में सहभागी बनेंगे। यह एक बहुत पवित्र मुहूर्त भी होगा। 3 फरवरी बसंत पंचमी है, फिर 12 फरवरी और 26 फरवरी, यह दो अतिरिक्त स्नान समेत यहां पर कुल छह स्नान होने हैं। मुख्य स्नान के दिन कोई भी प्रोटोकॉल नहीं होगा। उन्होंने कहा कि प्रमुख स्नान के अवसर पर पूज्य संतों के लिए, श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए पुष्प वर्षा की व्यवस्था भी रहेगी।

    महाकुम्भ 2025: नए साल पर ‘स्टेटस’ सिंबल बना महाकुम्भ

    महाकुम्भ 2025: नए साल पर 'स्टेटस' सिंबल बना महाकुम्भ
    महाकुम्भ 2025: नए साल पर 'स्टेटस' सिंबल बना महाकुम्भ
    महाकुम्भ 2025: नए साल पर 'स्टेटस' सिंबल बना महाकुम्भ
    • वॉट्सएप स्टेटस से लेकर एक्स, इंस्टाग्राम और फेसबुक रील पर तेजी से लोकप्रिय हो रहीं महाकुम्भ की रील्स
    • मीडिया ही नहीं, बल्कि सोशल मीडिया पर भी महाकुम्भ आयोजन को लेकर बढ़ता जा रहा क्रेज
    • बच्चे, पुरुष, महिलाओं और बुजुर्गों समेत हर वर्ग महाकुम्भ की रील्स और स्टेटस कर रहा शेयर

    महाकुम्भनगर, 31 दिसंबर 2024: नए साल पर महाकुम्भ लोगों का स्टेटस सिंबल बन गया है। बच्चे हों, पुरुष हों या फिर महिलाएं, महाकुम्भ सभी की पहली पसंद बन चुका है। सोशल मीडिया पर एक्टिव लोग अपने स्टेटस पर महाकुम्भ से जुड़ी रील्स और वीडियोज को शेयर कर रहे हैं। महाकुम्भ का क्रेज इस कदर है कि सोशल मीडिया पर महाकुम्भ से संबंधित रील्स और वीडियोज तेजी से वायरल भी हो रहे हैं।

    मेले के सौंदर्यीकरण से लोग प्रभावित
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस बार के महाकुम्भ को दिव्य और भव्य बनाने का संकल्प लिया है। इसके लिए यहां प्रयागराज में युद्धस्तर पर कार्य हो रहे हैं। घाटों और सड़कों के सौंदर्यीकरण के साथ ही बड़े पैमाने पर पांटून ब्रिज बनाने का कार्य प्रगति पर है। सभी 25 के 25 सेक्टर्स में शिविरों का निर्माण हो रहा है। पूरा मेला क्षेत्र रात के समय 67 हजार से ज्यादा लाइट्स से दमक रहा है। सोशल मीडिया पर एक्टिव सामान्य लोग हों या फिर इंफ्लुएंसर्स, सभी मेला क्षेत्र के इस सौंदर्य को अपने कैमरों में कैद कर रहे हैं और फिर इन वीडियोज की रील्स बनाकर इन्हें सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों के साथ शेयर किया जा रहा है। इन्हीं वीडियोज और रील्स को लोग अपने वाट्सएप, फेसबुक समेत अन्य सोशल मीडिया टूल्स पर स्टेटस के रूप में भी सेव कर रहे हैं।

    तेजी से बढ़ रहे हैं व्यूज
    वॉट्सएप स्टेटस से लेकर एक्स, इंस्टाग्राम और फेसबुक रील्स पर महाकुम्भ सबसे ज्यादा लोकप्रिय हो रहा है। महाआयोजन करीब आते देख लोग तरह तरह के ऑडियो और वीडियो अपने सोशल मीडिया पर डाल रहे हैं। इसे अपने परिवार के साथ दोस्तों और करीबियों के साथ विदेशों तक खूब शेयर भी कर रहे हैं। सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर्स के अनुसार इस समय लोग महाकुम्भ की इमेज,ऑडियो और वीडियो को काफी पसंद कर रहे हैं। यहां जो तैयारियां चल रही हैं वो वाकई बहुत अद्भुत हैं। इसकी वजह से हर कोई महाकुम्भ के विषय में अधिक से अधिक जानना और सुनना चाहता है। महाकुम्भ से जुड़े वीडियोज और रील्स के व्यूज बहुत तेजी से बढ़ते हैं, इसीलिए बड़ी संख्या में इंफ्लुएंसर्स यहां आकर विभिन्न माध्यमों से रील्स और वीडियोज बनाकर उन्हें सोशल मीडिया पर शेयर कर रहे हैं।

    ऑनलाइन पेमेंट कंपनियां भी भव्य महाकुम्भ का कर रहीं प्रचार
    ऑनलाइन पेमेंट कंपनियां भी भव्य महाकुम्भ के प्रचार में जुट गई हैं। इसकी झलक उनके बारकोड स्कैनर में दिखाई दे रही है। पेटीएम समेत कई कंपनियों ने वेंडर्स को नए बारकोड स्कैनर वितरित किए हैं, जिसमें भव्य महाकुम्भ की ब्रांडिंग की गई है। इस स्कैनर में बारकोड के ऊपर बड़े अक्षरों में भव्य महाकुम्भ लिखा हुआ है। स्कैनर में शंख बजाते साधु, मंदिर, स्नान करती महिला, टेंट, संगम, गंगा में तैरते दीप, पांटून ब्रिज, बोट, दही जलेबी और सेल्फी लेते श्रद्धालुओं को दिखाया गया है। इस बार पीएम मोदी और सीएम योगी इस बार महाकुम्भ को भव्य महाकुम्भ बनाने के लिए संकल्पित है और इसी दिशा में उसके प्रयास आगे बढ़ते दिख रहे हैं।