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लोक सभा अध्यक्ष ने नव वर्ष 2025 पर देशवासियों को दी शुभकामनाएं

लोक सभा अध्यक्ष ने नव वर्ष 2025 पर देशवासियों को दी शुभकामनाएं
लोक सभा अध्यक्ष ने नव वर्ष 2025 पर देशवासियों को दी शुभकामनाएं
लोक सभा अध्यक्ष ने नव वर्ष 2025 पर देशवासियों को दी शुभकामनाएं
  • देश की लोक सभा के अध्यक्ष ओम बिरला ने देशवासियों को नववर्ष 2025 की शुभकामनाएं दीं।
  • उन्होंने संविधान पढ़ने और उसके आदर्शों को अपनाने का आग्रह किया।
  • प्रत्येक नागरिक से राष्ट्र के विकास के लिए सोचने और प्रयास करने का आह्वान किया।
  • अधूरे संकल्पों को नए जोश के साथ आरंभ करने की प्रेरणा दी।
  • देशवासियों के सुख, स्वास्थ्य और समृद्धि की कामना की।

    नई दिल्ली, 31 दिसंबर 2024: लोक सभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला ने नव वर्ष 2025 की पूर्व संध्या पर देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए एक प्रेरणादायक संदेश जारी किया। उन्होंने देशवासियों से नए साल में संविधान अध्ययन का संकल्प लेने और देश की उन्नति में योगदान देने का आग्रह किया।

    लोक सभा अध्यक्ष ओम बिरला का संदेश:

    अपने संदेश में लोक सभा अध्यक्ष ने देशवासियों के उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए कहा:

    “आप सभी को नववर्ष 2025 की हार्दिक बधाई। नया साल आपके जीवन में नई खुशियां और उमंग लेकर आए। इस वर्ष अपने संकल्प पूरे करने के लिए पूरे उत्साह के साथ प्रयास करें।”

    उन्होंने आगे कहा कि यह वर्ष देश में “संविधान उत्सव” के रूप में मनाया जा रहा है। इस अवसर पर उन्होंने नागरिकों से संविधान पढ़ने, उसके आदर्शों और मूल्यों को अपनाने की अपील की।

    श्री बिरला ने राष्ट्र की प्रगति को प्राथमिकता देने की बात पर जोर देते हुए कहा कि हर व्यक्ति को अपनी योजनाओं में राष्ट्र के उत्थान का विचार करना चाहिए। उन्होंने बीते वर्ष के अधूरे संकल्पों को पूरे उत्साह के साथ फिर से आरंभ करने की प्रेरणा दी।

    संदेश के अंत में उन्होंने सभी के स्वास्थ्य, समृद्धि और सुखमय जीवन की कामना करते हुए कहा:

    “यह नववर्ष आपके जीवन में शांति, सुख और समृद्धि लेकर आए। आप सभी को नववर्ष की अनेक शुभकामनाएं। जय हिंद।”

    हर तीर्थयात्री-हर पर्यटक की सुरक्षा और सुविधा हमारी शीर्ष प्राथमिकता: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

    हर तीर्थयात्री-हर पर्यटक की सुरक्षा और सुविधा हमारी शीर्ष प्राथमिकता: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
    हर तीर्थयात्री-हर पर्यटक की सुरक्षा और सुविधा हमारी शीर्ष प्राथमिकता: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
    हर तीर्थयात्री-हर पर्यटक की सुरक्षा और सुविधा हमारी शीर्ष प्राथमिकता: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
    • पूजनीय अखाड़ों, महामंडलेश्वर, खालसा, दंडीबाड़ा, खाकचौक एवं अन्य संस्थाओं को भूमि आवंटन पूरा
    • अखाड़ों और संत गणों से सतत संवाद-संपर्क बनाए रखें मेला प्रबंधन से जुड़े अधिकारी, संतों की भावनाओं का करें यथोचित सम्मान: मुख्यमंत्री
    • महाकुम्भ से पहले अतिक्रमण मुक्त हो प्रयागराज, अभियान चलाकर करें कार्यवाही: मुख्यमंत्री
    • फर्जी वेबसाइट/एप बनाकर ठगने की सूचनाओं पर मुख्यमंत्री सख्त, कहा यह दुस्साहस, पुलिस करे कठोर कार्रवाई
    • प्रयागराज पहुंचे मुख्यमंत्री ने की महाकुम्भ की तैयारियों की समीक्षा
    • आपदा प्रबंधन, साइबर सुरक्षा, अग्निशमन, घाट सुरक्षा और आपातकालीन चिकित्सा तंत्र को और पुख्ता किया जाना आवश्यक: मुख्यमंत्री
    • मुख्यमंत्री का आह्वान, सब मिलकर स्वच्छ प्रयागराज- स्वच्छ महाकुम्भ के लिए करें प्रयास
    • सभी 06 प्रमुख स्नान पर्वों पर तीर्थयात्रियों पर होगी पुष्पवर्षा: मुख्यमंत्री
    • 05 जनवरी से प्रारंभ करें शटल बसें, बस चालकों को लगातार 08 घंटे से अधिक ड्यूटी नहीं: मुख्यमंत्री
    • महाकुम्भ में एक्टिव रहेगा एंटी ड्रोन सिस्टम, साइबर सुरक्षा के खतरों से निटपने के पुख्ता इंतजाम के लिए मुख्यमंत्री ने दिए निर्देश
    • प्रयागराज की ओर आने वाले सभी मार्गों पर ट्रैफिक प्रबंधन के हों व्यवस्थित प्रबन्ध
    • स्ट्रीट वेंडर, ऑटो-ई रिक्शा चालकों के कराएं पुलिस सत्यापन, इंटेलिजेंस और मजबूत करें
    • भारत की संस्कृति और परंपरा से चिढ़ने वाले लोग महाकुम्भ को लेकर कर रहे दुष्प्रचार, मिले करारा जवाब: मुख्यमंत्री
    • मेला क्षेत्र के सभी 25 सेक्टरों में राशन वितरण के लिए 05 गोदाम 125 राशन की दुकानें हो रहीं स्थापित

    प्रयागराज, 31 दिसंबर 2024: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महाकुम्भ में प्रत्येक तीर्थयात्री और पर्यटक की सुरक्षा और सुविधा को सरकार की शीर्ष प्राथमिकता बताया है। उन्होंने कहा है कि महाकुम्भ में कोई भारतीय हो या विदेशी, प्रवासी भारतीय हो या प्रयागराजवासी, बिना भेदभाव सबकी सुरक्षा-सबकी सुविधा सुनिश्चित करना हमारी जिम्मेदारी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि महाकुम्भ के दौरान आपदा प्रबंधन, साइबर सुरक्षा, अग्निशमन, घाट सुरक्षा और आपातकालीन चिकित्सा तंत्र को और पुख्ता किया जाना आवश्यक है। सुरक्षा से जुड़ी सभी एजेंसियों को 24×7 एक्टिव रहना होगा। इंटेलिजेंस को और मजबूत करने पर बल देते हुए मुख्यमंत्री ने महाकुम्भ के दौरान एंटी ड्रोन सिस्टम के प्रभावी इस्तेमाल के निर्देश भी दिए हैं। यही नहीं, मुख्यमंत्री ने महाकुम्भ की थीम पर चल रहीं फर्जी वेवसाइट और एप के चिन्हांकन और कार्रवाई के साथ साथ आमजन को इस बारे में जागरूक करने की जरूरत बताई है। उन्होंने निर्देश दिए हैं कि कतिपय अराजक संगठनों/व्यक्तियों द्वारा महाकुम्भ के नाम पर फर्जीवाड़ा कर वसूली करने का दुस्साहस किया जा रहा है, पुलिस द्वारा ऐसे लोगों को चिन्हित कर कड़ी कार्रवाई की जाए।

    मंगलवार को महाकुम्भ की तैयारियों की समीक्षा करने प्रयागराज पहुंचे मुख्यमंत्री ने एक-एक कर सभी विभागों से उनके कार्यों की प्रगति का विवरण लिया। मुख्यमंत्री ने सभी स्ट्रीट वेंडर, ऑटो रिक्शा चालकों, ई-रिक्शा चालकों के पुलिस सत्यापन तेजी से पूरा करने के निर्देश भी दिये, साथ ही प्रयागराज की ओर आने वाले सभी अंतर्जनपदीय मार्गों पर ट्रैफिक प्रबंधन के व्यवस्थित प्रबंध करने के निर्देश दिए। उन्होंने सोशल मीडिया, डिजिटल मीडिया पर फेक न्यूज पर कड़ाई से लगाम लगाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय संस्कृति और परंपरा से चिढ़ने वाले लोग महाकुम्भ को लेकर दुष्प्रचार कर रहे हैं, उन्हें यथोचित जवाब दिया जाना चाहिए।

    मेलाधिकारी विजय किरण आनंद ने मुख्यमंत्री को बताया कि सभी पूजनीय अखाड़ों, महामंडलेश्वर, खालसा, दंडीबाड़ा, खाकचौक एवं अन्य संस्थाओं को भूमि आवंटन का कार्य पूर्ण हो गया है, जबकि प्रयागवाल व अन्य नई संस्थाओं को आवंटन का कार्य जारी है। सभी की आवश्यकताओं के अनुरूप संसाधन भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस पर संतुष्टि जताते हुए कहा कि पूजनीय अखाड़ों, साधु-संतों की भावनाओं का यथोचित सम्मान किया जाना चाहिए। मेला प्रबंधन से जुड़े अधिकारी संतों से सतत-संपर्क-संवाद बनाये रखें। मुख्यमंत्री ने अगले तीन दिन में अरैल क्षेत्र में नया स्नान घाट तैयार करने के निर्देश दिए। बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा करीब 550 शटल बसें महाकुम्भ में चलाई जानी हैं, इन्हें 05 जनवरी से क्रियाशील कर दिया जाए। किसी चालक/परिचालक को लगातार 08 घंटे से अधिक की ड्यूटी न दी जाए। इसके अलावा, दिव्यांग, बुजुर्ग और महिलाओं के आवागमन के लिए अतिरिक्त प्रबंध भी किए जाएं। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सभी 06 प्रमुख स्नान पर्वों पर हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा की जाएगी, इस संबंध में सभी प्रबंध कर लिए जाएं।

    अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि महाकुम्भ के लिए तैनात पूरा पुलिस बल और सभी सफाई कर्मचारी 03 जनवरी तक प्रयागराज में मुस्तैद हो जाएंगे। सभी डॉक्टरों, पैरामेडिकल स्टाफ की तैनाती हो गई है। इसी तरह अब तक 28 पांटून पुल, 520 किमी चकर्ड मार्ग, 610 साइनेज, पेयजल के लिए 494.30 किमी डीआईपी लाइन, 304 किमी जीआईपी लाइन, 4270 पेयजल स्टैंड पोस्ट, 176 किमी से अधिक ड्रेनेज निकासी लाइन, 54700 स्ट्रीट लाइट, 173 किमी एचटी लाइन, 1280 किमी एलटी लाइन, 206 बिजली सब स्टेशन की स्थापना की जा चुकी है। इसी तरह, स्वरूपरानी नेहरू अस्पताल, सप्रू (बेली) अस्पताल, मोतीलाल नेहरू अस्पताल, डफरिन और प्राइवेट चिकित्सालयों में अब तक 3305 बेड मेला के लिए आरक्षित किए जा चुके हैं। 1200 वर्गमी जेटी भी तैयार हो चुकी है। वहीं सभी रिवर फ्रंट रोड तैयार हैं। थीमेटिक लाइटिंग के लिए 3339 पोल, फ़साड के लिए 07 स्थान, 90 हजार से अधिक शौचालय इंस्टाल किये जा चुके हैं। मुख्यमंत्री ने अवशेष कार्यों को तय समय सीमा के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए। स्वच्छ महाकुम्भ-स्वच्छ प्रयागराज की परिकल्पना को साकार करने के लिए मुख्यमंत्री ने सभी प्रयागराज वासियों, संतगणों, आम नागरिकों से सहयोग का आह्वान किया है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि महाकुम्भ से पहले पूरा प्रयागराज अतिक्रमण मुक्त हो, इसके लिए अभियान चलाकर कार्यवाही की जाए।

    ऊर्जा विभाग विद्युत उपभोक्ताओं के लिए चला रहा एकमुश्त समाधान योजना, बकाया बिलों के समाधान का सुनहरा अवसर है “ओटीएस योजना”

    ऊर्जा विभाग विद्युत उपभोक्ताओं के लिए चला रहा एकमुश्त समाधान योजना, बकाया बिलों के समाधान का सुनहरा अवसर है "ओटीएस योजना"
    ऊर्जा विभाग विद्युत उपभोक्ताओं के लिए चला रहा एकमुश्त समाधान योजना, बकाया बिलों के समाधान का सुनहरा अवसर है "ओटीएस योजना"
    ऊर्जा विभाग विद्युत उपभोक्ताओं के लिए चला रहा एकमुश्त समाधान योजना, बकाया बिलों के समाधान का सुनहरा अवसर है "ओटीएस योजना"
    • पंजीकरण अनिवार्य: उपभोक्ताओं को योजना का लाभ लेने के लिए पंजीकरण कराना होगा।
    • सरचार्ज में छूट: एकमुश्त भुगतान करने पर उपभोक्ताओं को अधिकतम 80% तक की छूट मिलेगी।
    • किस्तों की सुविधा: एकमुश्त भुगतान के साथ किस्तों में भुगतान का विकल्प भी उपलब्ध।
    • किसानों के लिए राहत: निजी नलकूप के बकाया बिलों पर विशेष छूट।
    • राजस्व वृद्धि: पहले चरण में सरकार को 1372.09 करोड़ रुपये राजस्व प्राप्त हुआ।
    ऊर्जा विभाग विद्युत उपभोक्ताओं के लिए चला रहा एकमुश्त समाधान योजना, बकाया बिलों के समाधान का सुनहरा अवसर है "ओटीएस योजना"
    ऊर्जा विभाग विद्युत उपभोक्ताओं के लिए चला रहा एकमुश्त समाधान योजना, बकाया बिलों के समाधान का सुनहरा अवसर है “ओटीएस योजना”

    लखनऊ, 31 दिसम्बर 2024: उत्तर प्रदेश सरकार के ऊर्जा विभाग ने उपभोक्ताओं को बकाया विद्युत बिलों पर सरचार्ज में छूट प्रदान करने के लिए एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस) शुरू की है। इस योजना का उद्देश्य बकाया विद्युत बिलों को निपटाने के साथ उपभोक्ताओं को राहत देना है। यह योजना तीन चरणों में संचालित हो रही है। योजना का पहला चरण 31 दिसंबर 2024 को समाप्त हो चुका है, जबकि दूसरा चरण 1 जनवरी से 15 जनवरी 2025 तक चलेगा। अंतिम चरण 16 जनवरी से 31 जनवरी 2025 तक लागू रहेगा।

    योजना की मुख्य विशेषताएं

    1. पंजीकरण प्रक्रिया: उपभोक्ता अपने नजदीकी विद्युत केंद्रों, विभागीय खंड कार्यालयों, कैश काउंटरों, जनसेवा केंद्रों, या विभागीय वेबसाइट www.uppcl.org पर लॉगिन करके पंजीकरण करा सकते हैं। पंजीकरण के समय 30 सितंबर 2024 तक के विद्युत बिलों के मूल बकाए का 30 प्रतिशत जमा करना अनिवार्य है।
    2. सरचार्ज में छूट:
      • 1 किलोवाट भार तक के घरेलू उपभोक्ताओं को एकमुश्त भुगतान पर 80% तक की छूट मिलेगी।
      • 1 किलोवाट से अधिक भार वाले उपभोक्ताओं को एकमुश्त भुगतान पर 50% तक की छूट दी जाएगी।
      • किस्तों में भुगतान करने पर सरचार्ज में 40-65% तक की छूट उपलब्ध है।
    3. वर्गीकृत लाभ: घरेलू, वाणिज्यिक, निजी संस्थान, औद्योगिक और स्थायी विच्छेदित उपभोक्ता इस योजना के अंतर्गत आते हैं।
    4. नेवर पेड और लॉन्ग अनपेड उपभोक्ता: इस श्रेणी के उपभोक्ताओं को योजना का लाभ दिलाने के लिए विशेष प्रोत्साहन दिया गया है।
    5. कलेक्शन डेटा: योजना के पहले चरण में 17,20,651 उपभोक्ताओं ने लाभ लिया। इस दौरान सरकार ने 1372.09 करोड़ रुपये राजस्व प्राप्त किया।

    योजना के लाभ और प्रक्रिया

    ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने बताया कि इस योजना के तहत उपभोक्ता एकमुश्त भुगतान या किस्तों में भुगतान का विकल्प चुन सकते हैं। एकमुश्त भुगतान करने वाले उपभोक्ताओं को अधिकतम छूट का लाभ मिलेगा। योजना का लाभ लेने के लिए नवीनतम बिजली बिल और मोबाइल नंबर आवश्यक हैं। यदि पंजीकरण के बाद उपभोक्ता तय समय सीमा में भुगतान नहीं करता, तो उसे योजना का लाभ नहीं मिलेगा और अधिभार बढ़ा दिया जाएगा।

    सरचार्ज में छूट का वर्गीकरण:

    उपभोक्ता श्रेणीभार/बकाया सीमाएकमुश्त भुगतान पर छूट (%)किस्तों में भुगतान पर छूट (%)
    घरेलू (1 किलोवाट तक)≤ ₹500080%65%
    घरेलू (1 किलोवाट तक)> ₹500060%50%
    घरेलू (1 किलोवाट से अधिक), वाणिज्यिक, निजी संस्थानसभी भार50%40%

    किसानों के लिए विशेष प्रावधान

    किसानों के निजी नलकूप के लिए 31 मार्च 2023 तक के बकाया विद्युत बिलों पर छूट जारी है। पंजीकरण प्रक्रिया पहले से चालू है और किसानों को सरचार्ज में छूट का लाभ दिया जा रहा है।

    योजना का उद्देश्य और अपील

    मंत्री श्री शर्मा ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर यह योजना उपभोक्ताओं के हित में लागू की गई है। उन्होंने उपभोक्ताओं से अपील की है कि योजना का लाभ उठाने के लिए जल्दी से पंजीकरण कराएं और बकाया बिलों का निपटारा करें।

    मुख्य बिंदु:

    • पंजीकरण अनिवार्य: उपभोक्ताओं को योजना का लाभ लेने के लिए पंजीकरण कराना होगा।
    • सरचार्ज में छूट: एकमुश्त भुगतान करने पर उपभोक्ताओं को अधिकतम 80% तक की छूट मिलेगी।
    • किस्तों की सुविधा: एकमुश्त भुगतान के साथ किस्तों में भुगतान का विकल्प भी उपलब्ध।
    • किसानों के लिए राहत: निजी नलकूप के बकाया बिलों पर विशेष छूट।
    • राजस्व वृद्धि: पहले चरण में सरकार को 1372.09 करोड़ रुपये राजस्व प्राप्त हुआ।

    एकमुश्त समाधान योजना 2024-25 उपभोक्ताओं के लिए बकाया विद्युत बिलों का निपटारा करने और सरचार्ज में छूट का लाभ उठाने का एक सुनहरा अवसर है। यह योजना न केवल आर्थिक राहत प्रदान करती है, बल्कि उपभोक्ताओं को भविष्य में बेहतर विद्युत सेवाओं का आश्वासन भी देती है।

    1 जनवरी को दुनिया भर के शेयर बाजार रहेंगे बंद, खुशियां फैलाना भारत की जिम्मेदारी: समीर अरोड़ा

    1 जनवरी को दुनिया भर के शेयर बाजार रहेंगे बंद, खुशियां फैलाना भारत की जिम्मेदारी: समीर अरोड़ा
    1 जनवरी को दुनिया भर के शेयर बाजार रहेंगे बंद, खुशियां फैलाना भारत की जिम्मेदारी: समीर अरोड़ा
    1 जनवरी को दुनिया भर के शेयर बाजार रहेंगे बंद, खुशियां फैलाना भारत की जिम्मेदारी: समीर अरोड़ा
    • दुनिया भर के अधिकांश शेयर बाजार 1 जनवरी 2025 को बंद रहेंगे, लेकिन भारत का बाजार खुलेगा।
    • हीलियोस कैपिटल के संस्थापक समीर अरोड़ा ने भारतीय ट्रेडर्स से इस दिन सकारात्मक कारोबार की अपील की।
    • सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर अरोड़ा ने इसे खुशियां फैलाने का दिन बताया।
    • भारतीय बाजार का संचालन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की आर्थिक ताकत को दर्शाएगा।
    • बाजार में सकारात्मकता और स्थिरता पूरे वर्ष के लिए एक मजबूत शुरुआत का संकेत दे सकती है।

      नई दिल्ली, 31 दिसंबर, 2024: नए साल के पहले दिन यानी 1 जनवरी, 2025 को, दुनिया भर के अधिकतर शेयर बाजार बंद रहेंगे। यह दिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नए साल का जश्न मनाने और छुट्टी के रूप में जाना जाता है। हालांकि, भारत का शेयर बाजार इस दिन खुला रहेगा और सामान्य दिनों की तरह कारोबार करेगा। इस विशेष अवसर पर, हीलियोस कैपिटल के संस्थापक और मशहूर फंड मैनेजर समीर अरोड़ा ने भारतीय निवेशकों और ट्रेडर्स को प्रेरणादायक संदेश दिया है।

      समीर अरोड़ा का संदेश:

      समीर अरोड़ा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, “चूंकि भारत कल खुलने वाला इकलौता (या कुछ में से एक) शेयर बाजार है, इसलिए कल दुनिया भर में खुशियां फैलाना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है।” उनके इस संदेश को व्यापक रूप से शेयर किया जा रहा है।

      उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय बाजार के लिए यह एक अनूठा अवसर है, जहां वैश्विक बाजारों की अनुपस्थिति में, निवेशक और ट्रेडर्स अपने सकारात्मक प्रदर्शन के जरिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय को प्रेरित कर सकते हैं।

      भारत के लिए अनूठा अवसर:

      जब दुनिया भर के बाजार बंद रहेंगे, भारतीय शेयर बाजार का खुला रहना इसे एक खास पहचान देता है। यह न केवल भारत की आर्थिक स्थिरता का प्रतीक है, बल्कि यह एक मौका है जब भारतीय बाजार अपनी वैश्विक पहचान को और मजबूत कर सकता है।

      1 जनवरी को शेयर बाजार में कारोबार सामान्य रूप से जारी रहेगा। इस दिन निवेशकों की रणनीति और बाजार का प्रदर्शन आने वाले पूरे वर्ष के लिए एक संदेश हो सकता है।

      शेयर बाजार में सकारात्मकता की उम्मीद:

      अधिकांश विशेषज्ञों और विश्लेषकों का मानना है कि भारतीय बाजार इस दिन सकारात्मक रुख अपनाएगा। यह न केवल घरेलू निवेशकों के लिए बल्कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए भी एक संदेश होगा कि भारत आर्थिक और बाजार के दृष्टिकोण से मजबूत स्थिति में है।

      बाजार में स्थिरता बनाए रखना और नए साल की शुरुआत सकारात्मक रूप से करना पूरे वर्ष के लिए निवेशकों का मनोबल बढ़ा सकता है।

      अंतरराष्ट्रीय ट्रेडर्स के लिए संदेश:

      इस दिन भारतीय बाजार का संचालन अंतरराष्ट्रीय निवेशकों और ट्रेडर्स को भी आकर्षित कर सकता है। समीर अरोड़ा का यह संदेश इस बात को रेखांकित करता है कि भारत को न केवल अपने घरेलू निवेशकों बल्कि वैश्विक व्यापारिक समुदाय के लिए भी उदाहरण प्रस्तुत करना चाहिए।

      शेयर बाजार संचालन का महत्व:

      1 जनवरी को भारतीय शेयर बाजार का खुला रहना यह दर्शाता है कि भारत हर स्थिति में आर्थिक गतिविधियों को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। इस अवसर पर, निवेशक न केवल अपने पोर्टफोलियो का विस्तार कर सकते हैं, बल्कि बाजार की नई संभावनाओं का भी पता लगा सकते हैं। बाजार विशेषज्ञ मानते हैं कि नए साल की पहली तिमाही में बाजार के प्रदर्शन की दिशा तय करने में 1 जनवरी का दिन महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

      1 जनवरी, 2025, भारत के लिए न केवल एक नया साल शुरू करने का अवसर है, बल्कि अपनी आर्थिक स्थिरता और बाजार की मजबूती को दिखाने का भी एक विशेष मौका है। समीर अरोड़ा का प्रेरणादायक संदेश न केवल ट्रेडर्स को बल्कि आम निवेशकों को भी नए साल के सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। इस दिन का प्रदर्शन आने वाले दिनों के लिए उम्मीदों और विश्वास को और मजबूत कर सकता है।

      किसी भी व्यक्ति को खुले आसमान के नीचे न सोने दिया जाए: प्रमुख सचिव राजस्व एवं राहत आयुक्त

      किसी भी व्यक्ति को खुले आसमान के नीचे न सोने दिया जाए: प्रमुख सचिव राजस्व एवं राहत आयुक्त
      किसी भी व्यक्ति को खुले आसमान के नीचे न सोने दिया जाए: प्रमुख सचिव राजस्व एवं राहत आयुक्त
      किसी भी व्यक्ति को खुले आसमान के नीचे न सोने दिया जाए: प्रमुख सचिव राजस्व एवं राहत आयुक्त
      • मुख्यमंत्री के निर्देश पर अब तक 1240 रैन बसेरों की स्थापना और 3 लाख से अधिक कंबलों का वितरण।
      • नगर निगम द्वारा रैन बसेरों की सूची स्क्रीन पर प्रदर्शित करने के निर्देश।
      • रैन बसेरों में अलाव, रोशनी और स्वच्छता की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की गई।
      • महिलाओं की सुरक्षा के लिए विशेष प्रबंध।
      • टेक्नोलॉजी के माध्यम से अलाव और राहत कार्यों की मॉनिटरिंग।

        लखनऊ, 31 दिसंबर, 2024: उत्तर प्रदेश में शीतलहर के व्यापक प्रभाव को देखते हुए, प्रदेश सरकार ने रैन बसेरों की व्यवस्थाओं को मजबूत बनाने और जरूरतमंदों को हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए कदम उठाए हैं। प्रमुख सचिव राजस्व पी. गुरू प्रसाद और राहत आयुक्त भानुचन्द्र गोस्वामी ने मंगलवार को लखनऊ के जियामऊ, 1090 चौराहा, कैसरबाग और चारबाग बस अड्डे पर स्थापित रैन बसेरों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने यह सुनिश्चित करने के लिए निर्देश दिए कि किसी भी परिस्थिति में कोई भी व्यक्ति खुले आसमान के नीचे न सोये।

        निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य:

        निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने रैन बसेरों में उपलब्ध सुविधाओं की गहन जांच की और जरूरतमंदों को कंबल वितरित किए। प्रमुख सचिव ने स्पष्ट किया कि रैन बसेरों का संचालन पूरी संवेदनशीलता के साथ किया जाए। उन्होंने कहा कि शीतलहर के दौरान जरूरतमंदों की सहायता के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे। मुख्यमंत्री के निर्देश पर प्रदेश भर में 1240 रैन बसेरों और आश्रय स्थलों को विकसित किया गया है।

        प्रमुख सचिव पी. गुरू प्रसाद ने कहा, “नगर निगम और प्रशासन से जुड़े अधिकारियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि इस कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही न हो।” उन्होंने यह भी बताया कि अब तक प्रदेश भर में तीन लाख से अधिक कंबल वितरित किए जा चुके हैं।

        राहत आयुक्त के निर्देश:

        राहत आयुक्त भानुचन्द्र गोस्वामी ने रैन बसेरों और आश्रय स्थलों में व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि:

        • रैन बसेरों में स्वच्छता और ठंड से बचाव के पर्याप्त संसाधन सुनिश्चित किए जाएं।
        • जिलाधिकारी स्वयं जाकर रैन बसेरों में रह रहे लोगों से बात करें और उनकी समस्याओं का समाधान करें।
        • जरूरतमंदों को समय पर कंबल उपलब्ध कराए जाएं।
        • किसी भी असहाय, निराश्रित या जरूरतमंद व्यक्ति को खुले आसमान के नीचे न रहने दिया जाए।

        प्रमुख निर्देश:

        1. आश्रय स्थलों में पर्याप्त सुविधाएं: रैन बसेरों में पर्याप्त रोशनी, स्वच्छता और ठंड से बचने के लिए अलाव की समुचित व्यवस्था की जाए।
        2. महिलाओं की सुरक्षा: रैन बसेरों में महिलाओं की सुरक्षा के लिए विशेष प्रबंध किए जाएं और वहां पर्याप्त प्रकाश की व्यवस्था हो।
        3. जानकारी का प्रचार-प्रसार: प्रत्येक जोन में रैन बसेरों की विस्तृत जानकारी प्रदर्शित की जाए और नगर निगम द्वारा स्थापित स्क्रीन पर रैन बसेरों की सूची भी प्रदर्शित की जाए। इससे जरूरतमंदों को आसानी से रैन बसेरों की जानकारी मिल सकेगी।
        4. मॉनिटरिंग की व्यवस्था: जल रहे अलाव की टेक्नोलॉजी के माध्यम से मॉनिटरिंग की जा रही है। यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि हर स्थान पर अलाव जल रहे हों।
        5. कंट्रोल रूम की सक्रियता: राहत आयुक्त कार्यालय में कंट्रोल रूम के माध्यम से रैन बसेरों, अलाव और कंबल वितरण पर सीधे संवाद किया जा रहा है। इस फीडबैक के आधार पर जहां भी कमियां पाई जा रही हैं, उन्हें तत्काल दूर किया जा रहा है।

        निरीक्षण के दौरान अधिकारी:

        निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त इंद्रजीत सिंह, अपर नगर आयुक्त और अधिशासी अभियंता सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि ठंड से बचाव की सभी व्यवस्थाएं प्रभावी ढंग से लागू की जाएं और जरूरतमंदों को हर संभव सहायता प्रदान की जाए।

        मुख्यमंत्री की पहल:

        मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रदेश के सभी जनपदों को ठंड से निपटने के लिए पर्याप्त बजट दिया गया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश में किसी भी व्यक्ति को ठंड के कारण कठिनाई न हो।