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Bollywood Updates :स्टाइलिश गाउन में नीता अंबानी ने बिखेरा जादू, परियों जैसी अदाओं और किलर लुक्स से आकर्षित किए दिल

अंबानी परिवार पर हर किसी की निगाहें टिकी रहती हैं। आखिर उनके सेलिब्रेशन होते ही इतने ग्रैंड हैं। कोई त्योहार हो है या फिर कोई ग्लैमरस इवेंट लोग अंबानी फैमिली के लेडीज और उनके फैशन स्टाइल को देखने के लिए बेताब रहते हैं। हर बार अंबानी लेडीज अपने स्टाइल से सितारों को मात देती हैं और लोगों का दिल जीतने में कामयाब होती हैं। नए साल के जश्न के दौरान भी ऐसा ही देखने को मिला। राधिका मर्चेंट से लेकर नीता अंबानी तक सभी अंबानी बहुएं ग्लैमरस अवतार में नजर आईं। खास तौर पर लोगों की निगाहें नीता अंबानी पर रुक गईं। उन्होंने अपने लुक्स से एक बार फिर लोगों को हैरत में डाल दिया। नीता के न्यू ईयर लुक ने हर किसी को उन्हें बार-बार देखने पर मजबूर कर दिया।

कुछ इस अंदाज में नजर आईं नीता अंबानी

नीता अंबानी ने एक ग्रैंड न्यू ईयर पार्टी जामनगर में होस्ट की थी। इस खास मौके पर वो परियों की तरह तैयार हुईं। नए साल के आगाज के लिए नीता अंबानी ने ग्रे कलर का हैवी गाउन गैरी किया। लंबी ट्रेल वाले इस गाउन के नेक पर स्टोन वर्क किया गया था। इसके साथ ही उन्होंने मैचिंग स्टोल कैरी किया था। इस स्टोल की मदद से वो सर्दी को मात दे रही थीं। इस आउटफिट में नीता अंबानी का एक वीडियो भी सामने आया है जिसमें वो सीढ़ियों से उतरती और वॉक करती हुई नजर आ रही हैं। स्टाइलिश गाउन को फ्लॉन्ट करते हुए नीता अंबानी काफी खूबसूरत लग रही हैं। उनके इस अंदाज की तारीफें करते लोग नहीं थक रहे हैं।

यहां देखें वीडियो

लोगों का रिएक्शन

सामने आए नीता अंबानी के वीडियो को देखने के बाद एक शख्स ने लिखा, ‘इन पर उम्र का कोई असर ही नहीं हो रहा है।’ वहीं एक और शख्स ने लिखा, ‘नीता अंबानी बहुओं पर भी भारी पड़ती हैं।’ एक अन्य शख्स ने लिखा, ‘नीता का स्टाइल हर किसी पर भारी है।’ कई लोगों ने नीता अंबानी की तुलना बॉलीवुड की हीरोइनों से की। वैसे बता दें, नीता अंबानी तीनों बच्चों की शादियों के बाद भी खुद को काफी फिट रखती हैं। अपने लुक्स का भी वो खास ख्याल रखती हैं। इस बार भी नीता अंबानी का स्टाइल और अंदाज न्यू ईयर को स्पेशन बनाने के लिए काफी था।

IND vs AUS: भारत के खिलाफ डेब्यू करने वाला 31 वर्षीय धाकड़ ऑलराउंडर कौन है? जानें खतरनाक रिकॉर्ड

IND vs AUS: बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी 2024-25 में मेजबान ऑस्ट्रेलिया 4 टेस्ट मैचों के बाद 2-1 से आगे चल रही है और अब उसकी नजरें सिडनी में खेले जाने वाले टेस्ट मैच पर लगी हैं। इस मैच में ऑस्ट्रेलिया जीत के लिए जाएगी ताकि BGT के साथ-साथ वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल का टिकट भी पक्का किया जा सके। ऐसे में ऑस्ट्रेलियन टीम ने सिडनी टेस्ट के लिए अपनी धाकड़ प्लेइंग इलेवन का ऐलान कर दिया है। ऑस्ट्रेलिया ने खराब फॉर्म से जूझ रहे ऑलराउंडर मिचेल मार्श को बाहर का रास्ता दिखा दिया है। उनकी जगह टीम में 31 साल के धाकड़ ऑलराउंडर की एंट्री हुई है। ये धाकड़ ऑलराउंडर सिडनी में अपना टेस्ट डेब्यू करेगा।

ऑस्ट्रेलिया ने सिडनी टेस्ट के लिए प्लेइंग इलेवन में पहली बार जिस ऑलराउंडर को जगह दी है, वो हैं ब्यू वेबस्टर। घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन करने का इनाम ब्यू वेबस्टर को टेस्ट डेब्यू के रुप में मिलने जा रहा है। वेबस्टर ऑस्ट्रेलियाई घरेलू क्रिकेट एक जाना-माना नाम है। वह एक मीडियम पेसर हैं और कमाल की बल्लेबाजी करने के लिए जाने जाते हैं।

फर्स्ट क्लास क्रिकेट में बेहतरीन रिकॉर्ड

तस्मानियाई ऑलराउंडर वेबस्टर ने मार्च 2022 से फर्स्ट क्लास क्रिकेट में 57.1 की औसत से रन बनाए हैं, जबकि 31.7 की औसत से 81 विकेट भी झटके हैं। पिछले साल 31 साल के वेबस्टर वेस्टइंडीज के दिग्गज सर गारफील्ड सोबर्स के बाद शेफील्ड शील्ड सीजन में 900 रन बनाने और 30 विकेट लेने वाले पहले खिलाड़ी बने थे। इस सीरीज से पहले उन्होंने मैके में पहले चार दिवसीय मैच में भारत ए के खिलाफ ऑस्ट्रेलिया ए के लिए नाबाद अर्धशतक बनाया और मेलबर्न मैच की दूसरी पारी में तीन विकेट अपने नाम किए। ओवरऑल फर्स्ट क्लास क्रिकेट करियर पर नजर डालें तो वेबस्टर ने 93 फर्स्ट क्लास मैच खेले हैं। इस दौरान उनके बल्ले से 5297 रन आए हैं। उनका औसत 37.83 का रहा है। वहीं, गेंदबाजी करते हुए 148 विकेट अपने नाम किए हैं।

भारत के खिलाफ पांचवें टेस्ट के लिए ऑस्ट्रेलिया की प्लेइंग इलेवन: सैम कोंस्टास, उस्मान ख्वाजा, मार्नस लाबुशेन, स्टीव स्मिथ, ट्रैविस हेड, ब्यू वेबस्टर, एलेक्स कैरी (विकेट कीपर), पैट कमिंस (कप्तान), मिचेल स्टार्क, नाथन लियोन, स्कॉट बोलैंड।

बेंगलुरूः रॉबिन उथप्पा को कर्नाटक हाई कोर्ट से बड़ी राहत, गिरफ्तारी पर लगाई रोक

कर्नाटक हाई कोर्ट ने पूर्व क्रिकेटर रॉबिन उथप्पा को कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) जमा में कथित अनियमितताओं से जुड़े मामले में उनके खिलाफ जारी गिरफ्तारी वारंट पर रोक लगाते हुए अंतरिम राहत दी है। उथप्पा द्वारा वारंट और संबंधित वसूली नोटिस को चुनौती देने वाली याचिका दायर करने के बाद अवकाश पीठ की अध्यक्षता कर रहे न्यायमूर्ति सूरज गोविंदराज ने आदेश जारी किया।

बेंगलुरू पुलिस ने चार दिसंबर को क्षेत्रीय पीएफ आयुक्त के निर्देशों के आधार पर 21 दिसंबर को गिरफ्तारी वारंट जारी किया था, जिसमें सेंटॉरस लाइफस्टाइल ब्रांड्स में निदेशक के रूप में उथप्पा की पूर्व भूमिका से जुड़े बकाया की वसूली की मांग की गई थी।

क्या है पूरा मामला

आरोपों में कहा गया है कि कंपनी ने कर्मचारियों के वेतन से पीएफ अंशदान काट लिया, लेकिन उस अंशदान को जमा करने में वह विफल रही, जिसके परिणामस्वरूप 23.36 लाख रुपये का बकाया रह गया। उथप्पा ने 2018 से मई 2020 में अपने इस्तीफे तक कंपनी के निदेशक के रूप में कार्य किया। सुनवाई के दौरान उथप्पा की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता प्रभुलिंग नवदगी ने दलील दी कि क्रिकेटर कंपनी के संस्थापक कृष्णदास थंडनंद हवड़े के साथ अपने समझौते के अनुसार, उनके मुवक्किल कंपनी के दिन-प्रतिदिन के कार्यों में शामिल नहीं थे। नवदगी ने जोर देकर कहा कि ईपीएफ अधिनियम के तहत उथप्पा को ‘‘नियोक्ता’’ के रूप में जवाबदेह नहीं ठहराया जा सकता है।

उथप्पा की कानूनी टीम ने आगे स्पष्ट किया कि उन्होंने 2020 में आधिकारिक तौर पर अपने निदेशक पद से इस्तीफा दे दिया था और अधिकारियों को अपने प्रस्थान की सूचना दी थी। वकीलों ने इस बात पर जोर दिया कि उथप्पा ने उन्हें दिए गए ऋण का भुगतान न करने के लिए कंपनी के खिलाफ कानूनी कार्यवाही शुरू की थी।

उथप्पा का बयान

एक सार्वजनिक बयान में उथप्पा ने दोहराया कि कंपनी के साथ उनकी भागीदारी पूरी तरह से वित्तीय थी और इसके प्रबंधन या निर्णय लेने की प्रक्रियाओं में उनकी कोई भूमिका नहीं थी। हाई कोर्ट के अंतरिम आदेश ने न केवल गिरफ्तारी वारंट पर रोक लगा दी, बल्कि क्रिकेटर को अस्थायी राहत प्रदान करते हुए मामले से संबंधित आगे की कार्यवाही को भी निलंबित कर दिया। आने वाले हफ्तों में मामले की आगे की सुनवाई होने की उम्मीद है।

IND vs AUS: ऑस्ट्रेलिया में होगा ऐतिहासिक पल, सिडनी में बुमराह रचेंगे ऐसा कारनामा जो भारतीय क्रिकेट में पहले कभी नहीं हुआ

भारतीय टीम भले ही ऑस्ट्रेलियाई सरजमीं पर बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी 2024-25 में संघर्ष कर रही हो लेकिन टीम इंडिया के उपकप्तान जसप्रीत बुमराह शानदार गेंदबाजी से कहर बरपा रहे हैं। मेलबर्न में खेले गए बॉक्सिंग डे टेस्ट में भारतीय टीम को 184 रनों से हार का सामना करना पड़ा। इस मैच में भी बुमराह अकेले ऐसे भारतीय खिलाड़ी रहे जिन्होंने अपने प्रदर्शन में कोई कसर नहीं छोड़ी। बुमराह ने बॉक्सिंग डे टेस्ट की दोनों पारियों में कुल मिलाकर 9 विकेट अपनी झोली में किए, जिसमें एक 5 विकेट हॉल भी शामिल था। इस सीरीज में बुमराह पहले ही मैच से शानदार फॉर्म में हैं और अब तक खेले गए 4 टेस्ट मैचों की 8 पारियों में कुल 30 विकेट अपने नाम कर चुके हैं।

बुमराह की खतरनाक फॉर्म 

जसप्रीत बुमराह बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी 2024-25 में सबसे ज्यादा विकेट चटकाने वाले गेंदबाज हैं।  उनके आसपास भी कोई अन्य गेंदबाज नहीं है। इस सीरीज में दूसरे सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले पैट कमिंस के खाते में भी 20 विकेट दर्ज हैं। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि बुमराह कितने खतरनाक गेंदबाज हैं। बीजीटी में 4 मैच खेले जा चुके हैं और टीम इंडिया 1-2 से पिछड़ रही है। बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में हार से बचने के लिए भारतीय टीम को किसी भी हाल में 5वां और आखिरी टेस्ट मैच अपने नाम करना होगा, जो सिडनी के ऐतिहासिक क्रिकेट ग्राउंड पर खेला जाएगा।

बुमराह जिस शानदार फॉर्म में हैं, उसे देखते हुए उनका सिडनी टेस्ट में बड़ा मुकाम हासिल करना लगभग तय माना जा रहा है। दरअसल, बुमराह सिडनी टेस्ट में 2 विकेट लेते ही भारत के बाहर एक टेस्ट सीरीज में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज बन जाएंगे। अभी ये रिकॉर्ड बिशन सिंह बेदी के नाम पर है।

भारत के बाहर एक टेस्ट सीरीज में भारत के लिए सबसे ज्यादा विकेट

    • 31 – बिशन सिंह बेदी, ऑस्ट्रेलिया 1977/78
    • 28 – बीएस चंद्रशेखर, ऑस्ट्रेलिया 1977/78
    • 27 – सुभाष गुप्ते, वेस्टइंडीज 1952/53
    • 26 – जसप्रीत बुमराह, ऑस्ट्रेलिया 2024/25

बुमराह के पास एक टेस्ट सीरीज में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले भारतीय तेज गेंदबाज बनने का भी शानदार मौका है। इसके लिए उन्हें सिर्फ 3 और विकेट की दरकार है। एक टेस्ट सीरीज में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले भारतीय तेज गेंदबाज कपिल देव हैं। उन्होंने साल 1979 में पाकिस्तान के खिलाफ 32 विकेट लेने का बड़ा कारनामा किया था।

एक टेस्ट सीरीज में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले भारतीय तेज गेंदबाज

    • 32 – कपिल देव बनाम पाकिस्तान,1979
    • 30 – जसप्रीत बुमराह बनाम ऑस्ट्रेलिया,2024*
    • 29 – कपिल देव बनाम वेस्टइंडीज,1983
    • 28 – कपिल देव बनाम ऑस्ट्रेलिया,1979

सिडनी टेस्ट में बुमराह अगर दोनों पारियों में कुल मिलाकर 6 विकेट और चटकाने में कामयाब हो जाते हैं, तो वह एक टेस्ट सीरीज में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले भारतीय गेंदबाज बन जाएंगे। यानी 51 साल 10 महीने से चला आ रहा रिकॉर्ड ध्वस्त होने की कगार पर है।अभी यह रिकॉर्ड बीएस चंद्रशेखर के नाम हैं, जिन्होंने 1972-73 में इंग्लैंड के खिलाफ 5 मैचों की टेस्ट सीरीज में 35 विकेट चटकाने का कमाल किया था।

भारत और पाकिस्तान ने एक-दूसरे को परमाणु ठिकानों की जानकारी क्यों दी ? जानें इसकी होने की वजह

भारत और पाकिस्तान के बीच बीते लंबे समय से राजनयिक रिश्ते तनाव भरे रहे हैं। हालांकि, दोनों देशों ने बुधवार को बड़ा कदम उठाते हुए एक दूसरे के परमाणु ठिकानों की जानकारी का आदान प्रदान किया है। भारत के विदेश मंत्रालय ने इस बारे में अपडेट साझा किया है। बताया गया है कि भारत और पाकिस्तान ने एक द्विपक्षीय समझौते के तहत अपने परमाणु प्रतिष्ठानों की लिस्ट एक दूसरे को सौंपी है। आइए जानते हैं कि क्या है ये पूरा मामला।

परमाणु प्रतिष्ठानों पर हमले को रोकने को समझौता

दरअसल, भारत और पाकिस्तान ने तीन दशक से भी ज्यादा समय से जारी सिलसिले को बरकार रखा है। विदेश मंत्रालय ने जानकारी दी है कि दोनों देशों के बीच ये समझौता इसलिए किया गया था ताकि परमाणु प्रतिष्ठानों पर हमले को रोका जा सके। जानकारी दी गई है कि नयी दिल्ली और इस्लामाबाद के बीच राजनयिक माध्यम से इस लिस्ट को एक-दूसरे को सौंपा गया है।

1992 को हुआ था पहला आदान प्रदान

भारत और पाकिस्तान के बीच परमाणु प्रतिष्ठानों की लिस्ट का आदान-प्रदान ऐसे समय में हुआ है जब दोनों देशों के बीच कश्मीर मुद्दे के साथ-साथ सीमा पार आतंकवाद को लेकर तनाव बना हुआ है। विदेश मंत्रालय ने कहा- “यह दोनों देशों के बीच ऐसी सूचियों का लगातार 34वां आदान-प्रदान है। इस सूची का पहला आदान-प्रदान एक जनवरी, 1992 को हुआ था।”

जानें इस पूरे समझौते के बारे में

अपने देशों में स्थित परमाणु प्रतिष्ठानों की लिस्ट एक दूसरे को सौंपने के लिए भारत और पाकिस्तान के बीच साल 1988 में 31 दिसंबर को समझौता हुआ था। हालांकि, इस समझौते को 27 जनवरी, 1991 को लागू किया गया। इस समझौते के तहत दोनों देशों के बीच, हर साल 1 जनवरी को अपने-अपने परमाणु प्रतिष्ठानों के बारे में एक-दूसरे को सूचना देने का प्रावधान है। इससे पहले 33 बार दोनों देश ये लिस्ट एक दूसरे कौ सौंप चुके हैं।