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Women Health Benefits: महिलाओं के लिए ये सुपरफूड्स हैं वरदान, आज से ही अपनी डाइट में शामिल करें

महिलाएं पूरे परिवार का ख्याल रखती हैं। महिलाएं घरों में सभी के खानपान से लेकर सेहत तक का ध्यान रखती हैं। लेकिन कई बार वह अपने सेहत और जरूरतों को पीछे छोड़ देती हैं। वहीं महिलाएं हल्के-फुल्के बुखार या सेहत से जुड़ी छोटी-मोटी परेशानियों को भी नजरअंदाज कर देती हैं। लेकिन ऐसा करना आपकी सेहत के लिए अच्छा नहीं है। महिलाओं को अपने स्वास्थ्य का पूरा ध्यान रखना चाहिए। ऐसा इसलिए भी क्योंकि महिलाओं का शरीर थोड़ा सा अधिक जटिल होता है और उम्र के अलग-अलग पड़ाव पर उनके शरीर को कई बदलावों से गुजरना पड़ता है। इसलिए महिलाओं को अपनी थोड़ी एक्स्ट्रा केयर भी करनी चाहिए।

बता दें कि टीनएज से लेकर मेनोपॉज तक हार्मोनल बदलावों का असर भी महिलाओं की सेहत पर देखने को मिलता है। ऐसे में आप अपनी सेहत का ख्याल रखने के लिए अपनी डाइट में कुछ हेल्दी चाजों को शामिल कर सकती हैं। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको कुछ ऐसे सुपरफूड्स के बारे में बताने जा रहे हैं, जिन्हें आपको अपनी डाइट में जरूर शामिल करना चाहिए।

आंवला

हेल्थ एक्सपर्ट की मानें, तो महिलाओं को अपनी डाइट में आंवला जरूर शामिल करना चाहिए। आंवला में विटामिन सी भरपूर मात्रा में पाया जाता है। ऐसे में इसका सेवन करने से शरीर को ताकत मिलती है और इसमें मौजूद एंटी-ऑक्सीडेंट्स से बाल और स्किन हेल्दी रहते हैं। यह शरीर में आयरन के अब्जॉर्बशन में भी मदद करता है और इससे शरीर में हार्मोनल बैलेंस बना रहता है। वहीं आंवला खाने से पीरियड्स नियमित आते हैं। साथ ही यह फर्टिलिटी में भी सुधार करता है।

किशमिश

किशमिश में मैग्नीशियम, पोटैशियम, विटामिन डी और कैल्शियम पाया जाता है। यह हड्डियों को मजबूती देते हैं और इसमें आयरन की पर्याप्त मात्रा पाई जाती है। ऐसे में इसका सेवन करने से खून की कमी दूर होती है औऱ शरीर में ताकत भर जाती है। किशमिश में एंटी-ऑक्सीडेंट्स और फाइबर की भरपूर मात्रा पाई जाती है। यह डाइजेशन में सुधार करती है औऱ पीरियड्स से जुड़ी समस्या भी दूर होती है। किशमिश का सेवन करने से एजिंग के साइन्स कम होते हैं। आप रात में 5 किशमिश पानी में भिगो दें और फिर अगली सुबह खाली पेट इसका सेवन करें।

शतावरी

आयुर्वेदिक हर्ब शतावरी महिलाओं के लिए काफी लाभकारी होती है। इसका सेवन करने से हार्मोनल बैलेंस बना रहता है और फर्टिलिटी में भी सुधार होता है। यह पीरियड्स से जुड़ी समस्याओं को दूर कर स्ट्रेस को कम करता है। वहीं इसके सेवन से मेनोपॉज के लक्षणों को भी मैनेज किया जा सकता है। लेकिन शतावरी का सेवन सीमित मात्रा में करना चाहिए।

घी 

घी हमारी सेहत के लिए फायदेमंद होता है और इसमें कई विटामिन्स होते है, जो शरीर के हार्मोनल बैलेंस को बनाए रखने में सहायता करते हैं। घी में मौजूद गुण कब्ज की समस्या को दूर करते हैं औऱ यह प्रेग्नेंसी में भी फायदा करता है। देसी घी का सेवन करने से हड्डियों को मजबूती मिलती है और फर्टिलिटी में भी सुधार होता है। देसी घी एंटी-एजिंग की तरह काम करता है औऱ गट हेल्थ के लिए फायदेमंद होता है।

अखरोट

बता दें कि महिलाओं के लिए अखरोट काफी फायदेमंद होता है। अखरोट में ओमेगा-3 फैटी एसिड्स पाया जाता है, जो इंफ्लेमेशन को कम करता है। अखरोट दिमाग की शक्ति को बढ़ाता है और इसका सेवन करने से नींद अच्छी आती है और हमारे शरीर को ताकत भी मिलती है। अखरोट शरीर में हैप्पी हार्मोन को बढ़ाता है और इसको खाने से त्वचा भी हेल्दी रहती है।

हेल्थ अपडेट: क्या चाय सच में सेहत के लिए फायदेमंद है? यूएस FDA ने दी हरी झंडी

ज्यादातर घरों सुबह की शुरुआत चाय से होती है। भारत में सबसे ज्यादा चाय पी जाती है लेकिन अब विदेशों में भी चाय पीने का क्रेज देखने को मिल रहा है। लोग अदरक, लौंग और इलायची वाली चाय पीते है सबकी अपनी-अपनी पसंद है। लेकिन कुछ लोग मानते हैं कि चाय पीना सेहत के लिए हानिकारक होता है। हालिए में यूएस फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) ने चाय को हरी झंडी देकर उसे हेल्दी बताया है।

चाय को बताया हेल्दी ड्रिंक

दरअसल, नॉर्थ ईस्टर्न टी एसोसिएशन (NETA) और इंडियन टी एसोसिएशन (ITA) ने यूएस FDA द्वारा कैमेलिया साइनेंसिस से बनने वाली चाय को हेल्दी बताया है। एफडीए द्वारा चाय के न्यूट्रिएंट कंटेट को लेकर भी एक अपडेट जारी किया है। एफडीए द्वारा चाय को एक हेल्दी ड्रिंक के तौर मान्यता दी गई है। ताकि लोग इसके भ्रामक दावे को समझ लें। वहीं, कैमेलिया साइनेंसिस से बनी चाय अब हेल्दी डेजिदनेशन के दायरे में आ गई है।

एक दिन में कितनी बार चाय पी सकते हैं

हेल्थ एक्सपर्ट ने बताया है कि चाय को अगर सीमित मात्रा में पिएं तो आपके लिए काफी हेल्दी हो सकती है। इसके लिए आप 300 मिलीग्राम या 150 मिली कप चाय पी सकते हैं। आपको बता दें कि दिनभर में सिर्फ एक से दो चाय पी सकते हैं। इससे अधिक चाय आप पीते हैं तो आपके लिए नुकसानदायक है।

Isaac Newton Birthday: महान वैज्ञानिक न्यूटन के जन्म से जुड़ी एक दिलचस्प बात, उनकी मृत्यु भी है एक रहस्य

आइजैक न्यूटन का जन्म 4 जनवरी 1643 को हुआ था। न्यूटन से जुड़ा सेब गिरने का किस्स और गति के नियम के बारे में तो बहुत लोग जानते हैं, लेकिन उन्होंने दुनिया को कई और बातों से भी अवगत करवाया था। न्यूटन एक गणितज्ञ, भौतिकविद, खगोलविद के साथ महान वैज्ञानिक भी थे। न्यूटन को यूं तो उनके गुरुत्वाकर्षण और गति के नियमों के लिए जाना जाता है, लेकिन उनकी बहुत सारी खोजें और आविष्कारों ने दुनिया में आमूलचूल परिवर्तन ला दिया था। तो चलिए जानते हैं न्यूटन के जीवन और खोज से जुड़ी दिलचस्प बातें।

न्यूटन के जन्मदिन को लेकर दिलचस्प तथ्य

न्यूटन के बारे में एक दिलचस्प तथ्य यह है कि उनके दो जन्मदिवस थे। दरअसल, उनकी जन्मतिथियों में दस दिन का अंतर उनके दौर में प्रचलित कैलेंडरों के कारण पैदा हुआ था। चार जनवरी के अलावा न्यूटन का जन्मदिन 25 दिसंबर को भी आता है। मजेदार बात यह है कि न्यूटन भी इंग्लैंड में अपना जन्मदिन 25 दिसंबर को ही मानते थे जबकि इंग्लैंड के बाहर उनका जन्मदिन 4 जनवरी को था।

ये है जन्मदिवस आधिकारिक तारीख 

न्यूटन का जन्म इंग्लैंड में वूल्सथोर्पे के मैनोर हाउस में हुआ था। उस समय इंग्लैंड में यूरोप से अलग जूलियन कैलेंडर का उपयोग होता था, जिसके मुताबिक न्यूटन 25 दिसंबर 1642 को पैदा हुए थे। वहीं, यूरोप में उस समय ग्रिगोरियन कैलेंडर अपना चुका था जिसका इसका इस्तेमाल आज किया जाता है। इस हिसाब से न्यूटन 4 जनवरी 1643 को पैदा हुए थे। यही तारीख बाद में आधिकारिक तौर पर उनकी जन्मतिथि मानी गई।

विज्ञान में नए युग की हुई शुरुआत

यूं तो न्यूटन के सिद्धांत के पहले भी गुरुत्व की अवधारणा मौजूद थी लेकिन न्यूटन के सिद्धांतों ने गुरुत्वाकर्षण को सौर्वभौमिकता प्रदान कर दुनिया भर में तहलका मचा दिया था। इससे भी बड़ी बात थी पूरे विज्ञान में मूलभूत परिवर्तन। इसीलिए माना जाता है कि न्यूटन ने विज्ञान में एक नए युग की शुरुआत की।

बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे न्यूटन

न्यूटन ने कैल्क्युलस का आविष्कार कर गणित को एक नई शाखा प्रदान की। इसके अलावा न्यूटन रिफ्लेक्टिंग टेलीस्कोप बनाने वाले पहले व्यक्ति थे। उन्होंने ही सबसे पहले सफेद प्रकाश को प्रिज्म के जरिए रंगों का स्पैक्ट्रम दिखाया था, जो आधुनिक खगोलविज्ञान का आधार स्तंभ है। कम लोग जानते हैं कि न्यूटन की रसायन शास्त्र में गहरी रुचि थी और उससे भी ज्यादा उन्हें अल्कैमी रोचक लगती थी। उन्होंने रसायनशास्त्र पर बहुत से लेख छोड़े और अल्कैमी पर बहुत सारे प्रयोग भी किए। न्यूटन ने एक बड़े लेखक भी थे।

न्यूटन की मौत का रहस्य

न्यूटन की मौत नए कैलेंडर के अनुसार 31 मार्च 1727 को हुई थी जो पुराने कैलेंडर के अनुसार 20 मार्च 1727 की तारीख मानी जाती है। बताया जाता है कि वो सोते समय मरे थे और उनकी मृत्यु के  बाद उनके शरीर में बहुत सारा पारा मिला था। चूंकि, पारे का अल्केमी से गहरा नाता बताया जाता है, उनकी मौत को अल्केमी से भी जोड़ने का प्रयास किया गया। न्यूटन अपने अंतिम वर्षों में मानसिक स्वास्थ्य से भी जूझते दिखे, वो निराशा के शिकार हो गए थे लोगों से मिलना जुलना बंद कर दिया था। न्यूटन का अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान के साथ हुआ था।

बॉलीवुड अपडेट :16 फिल्मों में निभाया देवी का किरदार, ग्लैमरस रोल्स में भी किया कमाल, और बाद में बनीं बॉलीवुड की मां

बॉलीवुड की मशहूर ऑन स्क्रीन मां और दिवंगत अभिनेत्री निरूपा रॉय का जन्म 4 जनवरी, 1931 को गुजरात के वलसाड में हुआ था। आज उनकी 93वीं जयंती है। वह कई फिल्मों में नजर आ चुकी और सुपर स्टार अमिताभ बच्चन सहित कई नायकों की ऑन स्क्रीन मां के रूप में प्रसिद्ध हुईं, जिसके कारण उन्हें ‘बॉलीवुड की मां’ कहा जाता था। फिल्मों में ‘मां’ के रोल के लिए फेमस रहीं निरूपा रॉय ने अपने फिल्मी करियर की शुरुआत गुजराती फिल्मों से की। अपने पांच दशक लंबे करियर में उन्होंने लगभग 300 फिल्मों में एक्टिंग की। फिल्मों में आने से पहले निरूपा का असली नाम कांता चौहान था।

बॉलीवुड की मां थीं धार्मिक फिल्मों की ‘रानी’

निरूपा रॉय का नाम सुन उनकी ममता से लेकर मासूम चेहरा तक, सभी के आंखों के सामने आ जाता है। लेकिन, ‘बॉलीवुड की मां’ बन फेमस हुई निरूपा के ग्लैमरस अवतार भी कभी चर्चा में रहे हैं। मां के रोल में निरूपा रॉय को तो हर किसी ने देखा है, लेकिन बहुत कम लोगों को पता है कि उन्होंने 16 फिल्मों में देवी का किरदार भी निभाया था, जिसके कारण लोग उन्हें सच में देवी मान कर पूजा करने लगे थे। हिंदी सिनेमा की दिग्गज अभिनेत्री निरूपा रॉय को 50 के दशक की धार्मिक फिल्मों की ‘रानी’ माना जाता था। सिनेमा जगत और फैंस के लिए सबसे दुखद बात ये थी कि निरूपा राय का 13 अक्टूबर 2004 को निधन हो गया और 4 जनवरी को उनके जन्मदिन पर फिल्म इंडस्ट्री उन्हें खास अंदाज में श्रद्धांजलि देते हैं।

किरदार ही बन गया असली पहचान

‘दीवार’ और ‘अमर अकबर एंथनी’ सहित कई फिल्मों में अमिताभ बच्चन की मां के रूप में निरूपा रॉय को कोई नहीं भूल सकते हैं। वहीं कई फिल्मों में बतौर मेन लीड ग्लैमरस रोल से लोगों को अपना दीवाना बना चुकी निरूपा ने फिल्म इंडस्ट्री में आने के बाद अपना नाम बदल लिया। उनकी इस शानदार सफलता के पीछे उनके पति का हाथ था। पति के कहने पर निरूपा ने पहली गुजराती फिल्म ‘रनकदेवी’ की थी। वहीं ‘हमारी मंजिल’ उनकी पहली हिंदी फिल्म थी। 1953 में रिलीज हुई बिमल राय की ‘दो बीघा जमीन’ उनके लिए मील का पत्थर साबित हुई। 90के दशक के में रिलीज हुई फिल्म ‘लाल बादशाह’ में वो आखिरी बार अमिताभ बच्चन की मां के किरदार में नजर आई थी। निरूपा राय निधन के बाद भी अपने किरदारों के लिए ही जानी जाती है।

बिगबॉस न्यूज़: पति की एंट्री के साथ ही श्रुतिका अर्जुन से हुई चूक! कंटेस्टेंट्स ने संभाला मामला

‘बिग बॉस 18’ का 03 जनवरी 2025 का एपिसोड काफी इमोशनल और ड्रामा से भरा हुआ रहा है। फैमिली वीक ने कंटेस्टेंट्स के चेहरों पर मुस्कान ला दी है। होस्ट सलमान खान का मोस्ट पॉपुलर रियलिटी शो जैसे-जैसे अपने फिनाले के करीब पहुंच रहा है। कंटेस्टेंट्स फिनाले तक पहुंचने के लिए काफी मेहनत करते नजर आ रहे हैं। सभी कंटेस्टेंट्स के परिवार के सदस्य उनसे मिलने पहुंचे। इस दौरान श्रुतिका अर्जुन ने जैसे ही अपने पति को घर में एंट्री करते देखा तो आउट ऑफ कंट्रोल हो गई और बिग बॉस के मना करने के बाद गलती कर बैठीं। इसके बाद जो हुआ वह जान आपको बहुत खुशी होने वाली है।

श्रुतिका ने पति के लिए तोड़ा बिग बॉस का नियम

बिग बॉस ने श्रुतिका से घर में अर्जुन के आने पर फ़्रीज रहने को कहा था। हालांकि, सभी को पता था कि वह अपने पति को देख बेकाबू हो जाएगी। वह बिग बॉस से बिना आदेश लिए ही अपने पति को कसकर गले लगा लेती है। वे एक-दूसरे से मिलने के बाद भावुक हो जाते हैं। बाद में, सभी घरवाले अर्जुन से मिलते हैं। इसके बाद बिग बॉस बोलते है कि अब राशन तो नहीं मिलने वाला है तो विवियन और करणवीर कहते हैं कि इसलिए हमने इस बात की जिम्मेदारी नहीं ली थी। ऐसे में सभी बच जाते हैं। वहीं श्रुतिका का पति कहता है कि वह चुम दरंग से बहुत जलता है क्योंकि वह उसकी पत्नी के बहुत करीब है।

करण वीर की बहन की हुई एंट्री

बिग बॉस 18 के घर में करण वीर मेहरा की बहन की भी एंट्री देखने को मिलती है। उसे देखकर उसकी आंखों में आंसू आ जाते हैं। वह शिल्पा शिरोडकर से कहती है कि वह करण को अपने लिए कुछ करने के लिए कहे।

चुम दरंग की मां ने करण की तारीफ

चुम दरंग की मां घर में आती है और अपनी बेटी से मिलती है। दोनों को इस दौरान इमोशनल होते हुए देखा जाता है। बाद में, वह करण वीर मेहरा से मिलती है। वे एक-दूसरे के साथ कुछ मजेदार पल बिताते दिखाई देते हैं।

मां के सामने रो पड़ी कशिश कपूर

कशिश ने अपनी मां के साथ घर के अनुभवों के बारे में बातचीत की। कशिश कपूर ने अपनी निराशा व्यक्त करते हुए कहा, ‘हमें पता है हम टॉप 5 में नहीं होंगे चाहे कितने भी योग्य हों। हम नहीं होंगे टॉप में। यहां राजा का बेटा ही राजा बनता है। पूरी दुनिया ऐसी ही है। चाणक्य नीति एक बार ही चली थी चाणक्य के टाइम पे।’