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हेल्थ टिप्स: Stress and Weight Gain, स्ट्रेस के कारण भी बढ़ सकता है आपका वजन, जानिए कैसे।

आज के समय में हर व्यक्ति किसी ना किसी तरह के स्ट्रेस से गुजर रहा है। यह तो हम सभी जानते हैं कि स्ट्रेस का विपरीत असर हमारी सेहत पर पड़ता है। लेकिन बहुत कम लोगों को इस बात की जानकारी है कि अत्यधिक स्ट्रेस की वजह से वजन बढ़ना भी शुरू हो जाता है। अक्सर हमें इस बात का अहसास नहीं होता है लेकिन स्ट्रेस हमारे खान-पान की आदतों पर प्रभाव डालता है। मूड अपसेट होने पर अक्सर हम कंफर्ट फूड की तरफ भागते हैं, जो अक्सर काफी शुगरी व फ्राइड होता है।

दरअसल, जब आप दबाव में होते हैं, तो कोर्टिसोल जैसे स्ट्रेस हार्मोन सक्रिय हो जाते हैं, जिससे आपको कंफर्ट फूड की लालसा होती है। तो चलिए आज इस लेख में हम आपको बता रहे हैं कि स्ट्रेस किस तरह से आपके वजन पर नेगेटिव असर डाल सकता है-

करने लगते हैं इमोशनल ईटिंग

जब हम स्ट्रेस में होते हैं तो उस दौरान अक्सर हमें स्नैकिंग की इच्छा होती है। हम खुद को कंफर्ट और हैप्पी फील करवाने के लिए इमोशनल ईटिंग शुरू कर देते हैं। जिसकी वजह से हम अक्सर ज़्यादा कैलोरी, शुगरी या फैटी फूड खाना शुरू कर देते हैं। यह हमें कुछ वक्त के लिए तो अच्छा महसूस कराता है लेकिन वास्तव में इससे वजन बढ़ने लगती है।

मेटाबॉलिज्म होने लगता है स्लो

जब आप स्ट्रेस में होते हैं तो इससे कोर्टिसोल लेवल बढ़ने लगता है और समय के साथ कोर्टिसोल का उच्च स्तर आपके मेटाबॉलिज्म को स्लो कर सकता है। इसका सीधा मतलब यह है कि आपके शरीर पर फैट जमा होना शुरू कर हो जाता है। खासतौर से, फैट पेट के आस-पास बढ़ने लगता है, जिससे आप कुछ समय में ही पहले से अधिक मोटे हो जाते हैं।

ब्लड शुगर पर पड़ता है असर

स्ट्रेस आपके शरीर में शुगर को प्रोसेस करने के तरीके को प्रभावित करता है। वास्तव में, कोर्टिसोल आपके ब्लड शुगर लेवल को एकदम से स्पाइक और क्रैश कर सकता है, जिससे ऊर्जा में कमी आती है और मिठाई या फास्ट फूड आदि खाने की लालसा अधिक होती है। इसकी वजह से भी आपका वजन धीरे-धीरे बढ़ने लगता है।

Unhealthy Foods Update : किचन में पाई जाने वाली इन चीजों को खाने से बीमारी हो सकती है , जानिए एक्सपर्ट की राय।

आजकल के अनहेल्दी खानपान की वजह से हमारा शरीर गंभीर बीमारियों की चपेट में आ जाता है। हालांकि कई बार लोगों को लगता है कि वह हेल्दी खा रहे हैं और इसके बाद भी उनको बीमारी घेर लेती है। लेकिन आपको बता दें कि आप जिन चीजों को हेल्दी समझकर खाते हैं, असल में यदि रोजाना उनका सेवन किया जाए तो हमारा शरीर बीमारियों का घर बन जाएगा। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको उन चीजों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिनका सेवन करने से आपको बचना चाहिए। अगर आप रोजाना इन चीजों का सेवन करते हैं, तो वह दिन दूर नहीं, जब आप हार्ट, बीपी, शुगर और कमजोर इम्यूनिटी का शिकार हो जाएंगे।

रिफाइंड ऑयल

आजकल सभी के किचन में रिफाइंड तेल मिल जाएगा। लेकिन यह सेहत के लिए अच्छा नहीं होता है। रिफाइंड तेल में ट्रांस फैट होता है, जो सेहत के लिए हानिकारक होता है। यह फैट शरीर में कोलेस्ट्रॉल का लेवल बढ़ा सकता है और दिल की बीमारियों के जोखिम का कारण बन सकता है। रिफाइंड तेल की जगह आप ऑलिव ऑयल या फिर सरसों के तेल का इस्तेमाल कर सकते हैं। इन दोनों में ही मोनोसैचुरेटेड और पॉलीअनसैचुरेटेड फैट्स पाया जाता है, जो दिल की सेहत के लिए अच्छा होता है।

पैक्ड सॉस और जैम

हम सभी लोगों के घर में सॉस और जैम का इस्तेमाल किया जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इसका आपकी सेहत पर गंभीर असर हो सकता है। क्योंकि इसमें ज्यादा शक्कर और प्रिजर्वेटिव्स होते हैं, जो शरीर में शुगर का लेवल बढ़ा सकते हैं। ऐसे में आप पैक्ड सॉस और जैम की जगह धनिया की चटनी का सेवन कर सकते हैं। यह न सिर्फ स्वादिष्ट होती है, बल्कि सेहत के लिए भी अच्छी होती है। धनिया में एंटी-ऑक्सीडेंट्स और विटामिन सी पाया जाता है, जो शरीर के लिए फायदेमंद साबित होता है।

डीप फ्राइड फूड

शाम के समय अक्सर हम सभी नाश्ते में डीप फ्राइड या फिर तले हुए फूड खाते हैं। यह हमारे शरीर के लिए काफी हानिकारक होते हैं। इनका सेवन करने से आपका वेट बढ़ सकता है और बीपी की शिकायत हो सकती है। वहीं आपको हाई कोलेस्ट्रॉल की समस्या भी हो सकती है। ऐसे में आप शाम के समय नट्स या सीड्स का सेवन कर सकते हैं। बादाम, अखरोट और कद्दू के बीज जैसे मेवे स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होते हैं। यह प्रोटीन, हेल्दी फैट्स और फाइबर से भरपूर होते हैं। जो आपके शरीर को एनर्जी देते हैं और दिल की सेहत का भी ख्याल रखते हैं। वहीं यह डाइजेशन में सुधार करते हैं और वेट लॉस में भी मददगार होते हैं।

फ्रूट जूस

हम में से बहुत सारे लोग फ्रूट जूस को अपनी डाइट में शामिल करते हैं या फिर रूटीन का हिस्सा बनाते हैं। हम सभी इसको हेल्दी समझते हैं, लेकिन इस जूस में पोषक तत्व और फाइबर गायब होते हैं। साथ ही इसमें शुगर की मात्रा भी अधिक होती है, जो ब्लड शुगर के लेवल को अचानक से बढ़ा सकती है। फ्रूट जूस पीने के बजाय आप साबूत फल का सेवन कर सकते हैं। क्योंकि फलों में फाइबर और अन्य पोषक तत्व भी होते हैं, जो ब्लड शुगर को कंट्रोल करते हैं।

Bollywood News :‘डिप्रेशन से जूझ चुकीं आलिया भट्ट की बहन शाहीन, अब प्यार मिला तो बाहों में आईं नजर ।

कपूर और भट्ट फैमिली एक साथ नए साल का जश्न मनाती नजर आई। इस खास मौके के लिए उन्होंने थाइलैंड को अपना हॉलीडे डेस्टिनेशन चुना। दोनों परिवार के बीच कमाल का तालमेल देखने को मिला। अब इस फैमिली वेकेशन की काफी चर्चा हो रही है। परिवार का हर सदस्य इस वेकेशन पर मस्ती करता नजर आया और सोशल मीडिया पर इनकी तस्वीरें छाई रहीं। रिद्धिमा कपूर से लेक नीतू कपूर और आलिया भट्ट से लेकर सोनी राजदान ने इस वेकेशन की झलकियां फैंस के साथ साझा की। अब बारी है शाहीन भट्ट की। रविवार की शाम उन्होंने भी इस शानदार छुट्टी की तस्वीरें दुनियां को दिखा दी हैं, जिससे लोगों की नजरें ही नहीं हट रही हैं। इन तस्वीरों के बीच ही लोगों को शाहीन की लाइफ की बड़ी अपडेट मिल गई है और लोगों का कहना है कि नए साल के साथ ही शाहीन की लाइफ में प्यार की एंट्री हुई है।

शाहीन को मिला प्यार

जी हां, शाहीन ने कई तस्वीरें साझा की हैं और इन तस्वीरों में वो अपनी लाइफ के स्पेशल शख्स के साथ नजर आ रही हैं। शाहीन की आखिरी तस्वीर ने हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींचा है। लंबे समय तक डिप्रेशन में रहने वाली शाहीन भट्ट की इस तस्वीर को देखने के बाद जाहिर हो रहा है कि उनकी लाइफ में बड़े बदलाव आए हैं और अब लव ऑफ लाइफ के आने के साथ उनकी जिंदगी खुशहाल हो गई है। आखिरी तस्वीर में उन्हें बोट की सवारी करते देखा जा सकता है। इस तस्वीर में वो अपने मिस्ट्री मैन के साथ बाहों में नजर आ रही हैं। इतना ही नहीं एक फैमिली फोटो में भी उनका अंदाज बदला-बदला दिखा। वो इस तस्वीर में भी इसी शख्स को हग किए दिख रही हैं। सफेद शर्ट में नजर आ रहे इस शख्स के बारे में अभी ज्यादा जानकारी तो सामने नहीं आई है, लेकिन दोनों की नजदीकियां उनके बीच पक रही खिचड़ी को बयां कर रही है।

लोगों को हुआ धोखा

फिलहाल आखिरी तस्वीरें देखने के बाद लोगों को धोखा हुआ कि ये शख्स रणबीर कपूर के दोस्त और निर्देशक अयान मुखर्जी है, लेकिन ऐसा नहीं है। सफेद शर्ट के चलते लोगों को लगा कि शाहीन, अयान की बाहों में हैं, लेकिन फिर लोगों का ये धोखा फैमिली फोटो देखने के साथ ही क्लियर हुआ। एक शख्स ने लिखा, ‘आखिर शाहीन भट्ट को प्यार मिल ही गया, ये तो अयान मुखर्जी है और मैं दोनों के लिए खुश हूं।’ इस पर रिएक्ट करते हुए एक यूजर ने बताया, ‘नहीं ये अयान नहीं हैं शायद, पीछे वाली तस्वीरों में देखें ये शख्स कोई और ही है।’ इस तरह कई लोगों को लगा कि शाहीन अयान के साथ हैं, लेकिन फिर उनकी आंखों पर पड़ा भ्रम का पर्दा किसी दूसरे यूजर ने हटा दिया।

लिखा खुशहाल पोस्ट

बता दें इन तस्वीरों को साझा करते हुए शाहीन भट्ट ने अपने इंस्टाग्राम पर थाइलैंड वेकेशन की कई तस्वीरें पोस्ट करते हुए कैप्शन लिखा, ‘मुझे उम्मीद है कि आपका साल शानदार रहेगा, आप मजेदार और बिल्कुल हटके वाले सपने देखेंगे, आप कुछ ऐसा बनाएंगे जो आपके बनने से पहले अस्तित्व में नहीं आया, लोग आपसे प्यार करेंगे और आपको पसंद करेंगे और बदले में आपको प्यार करने वाले और पसंद करने वाले मिलेंगे। सबसे महत्वपूर्ण बात (क्योंकि मुझे लगता है कि दुनिया में अभी और अधिक दयालुता और अधिक बुद्धिमत्ता होनी चाहिए) कि जब आपको जरूरत होगी तो आप बुद्धिमान बनेंगे और आप हमेशा दयालु रहेंगे।’

डिप्रेशन में थी शाहीन

बता दें, शाहीन भट्ट ने लंबे वक्त तक डिप्रेशन का सामना किया। इस बारे में उन्होंने अपनी किताब में भी काफी कुछ लिखा। आलिया भट्ट ने भी अपनी बहन के डिप्रेशन के बारे में बात की थी और बताया कि वो किस तरह परेशान रहा करती थीं। शाहीन ने खुलासा किया था कि उन्हें 12 साल की उम्र से ही डिप्रेशन की बीमारी है, ऐसा कोई भावनात्मक सपोर्ट न मिलने की वजह से हुआ।

Canada Breaking News : प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देंगे जस्टिन ट्रूडो, जल्द हो सकता है आधिकारिक ऐलान।

कनाडा से बड़ी राजनीतिक खबर सामने आ रही है। जानकारी के मुताबिक, अपने ही देश में भारी राजनीतिक दवाब झेल रहे कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो इस्तीफा देने जा रहे हैं। रिपोर्ट्स की मानें तो जस्टिन ट्रूडो कनाडा के पीएम पद से आज सोमवार या फिर इस हफ्ते के भीतर ही इस्तीफा देने वाले हैं। बता दें कि जस्टिन ट्रूडो के कार्यकाल में कनाडा के रिश्ते भारत समेत कई अन्य देशों से खराब हुए हैं। भारत के लिहाज से ये अच्छी खबर मानी जा रही है।

उप प्रधानमंत्री दे चुकीं इस्तीफा

हाल के समय में कनाडा में जस्टिन ट्रूडो के नेतृत्व वाली सरकार की लोकप्रियता लगताार गिर रही है। इससे पहले ट्रूडो सरकार की सबसे ताकतवर मंत्री और उप प्रधानमंत्री क्रिस्टिया फ्रीलैंड ने भी इस्तीफा दे दिया था। इस इस्तीफे को ट्रूडो के लिए तगड़ा झटका माना जा रहा था। वह देश की वित्त मंत्री का पद भी संभाल रही थीं।

ट्रंप ने उड़ाया था ट्रूडो का मजाक

अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी हाल ही में कनाडा के पीएम जस्टिन ट्रूडो का मजाक उड़ाया था। ट्रंप ने ट्रूडो को कनाडा का गवर्नर कहा था। डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रूडो को पेशकश की थी कि वह कनाडा को अमेरिका का 51वां राज्य बना दें। दरअसल, डोनाल्ड ट्रंप ने ऐलान किया है कि अगर कनाडा सरकार वहां से अमेरिका आने वाले अवैध प्रवासियों और अवैध मादक पदार्थों के प्रवाह को रोकने में विफल रहती है तो कनाडा पर 25 प्रतिशत शुल्क (कर) लगाया जाएगा। ट्रूडो ने इस पर चिंता जताते हुए कहा था कि इस तरह के शुल्क से कनाडा की अर्थव्यवस्था बर्बाद हो जाएगी।

दरअसल, कनाडा में बुधवार को लिबरल पार्टी के कॉकस का आयोजन होगा। इससे पहले ही जस्टिन ट्रूडो के इस्तीफे का ऐलान हो सकता है। अब तक ये बात स्पष्ट नहीं है कि ट्रूडो अंतरिम नेता के रूप में बने रहेंगे या नहीं, जबकि लिबरल पार्टी नए नेतृत्व की तलाश कर रही है। बीते साल दिसंबर में जस्टिन ट्रूडो सरकार की प्रमुख सहयोगी एनडीपी के नेता जगमीत सिंह ने कहा था कि वह अल्पमत लिबरल सरकार को गिराने के लिए एक प्रस्ताव पेश करेंगे।

टोक्यो न्यूज़ :नागासाकी परमाणु बम हमले के जीवित बचे शिगेमी फुकाहोरी का हुआ निधन।

 जापान के नागासाकी में 1945 में परमाणु बम हमले में बाल-बाल बचे शिगेमी फुकाहोरी का निधन हो गया है। वह 93 साल के थे।  शिगेमी फुकाहोरी ने परमाणु हथियारों के विरुद्ध मुहिम भी चलाया था। उराकामी कैथोलिक गिरजाघर ने रविवार को बताया कि फुकोहोरी ने तीन जनवरी को दक्षिण-पश्चिम जापान के एक अस्पताल में अंतिम सांस ली। वह पिछले साल आखिरी दिन तक इस गिरजाघर में तकरीबन रोजाना प्रार्थना करते थे। स्थानीय मीडिया ने बताया कि उनकी मृत्यु अधिक उम्र के कारण हुई।

हमले के समय केवल 14 साल के थे फुकाहोरी

अमेरिका ने जब 9 अगस्त, 1945 को नागासाकी पर बम गिराया था तब फुकाहोरी केवल 14 साल के थे। उस घटना में हजारों लोगों की मौत हो गयी थी। उससे तीन दिन पहले हिरोशिमा पर परमाणु हमला किया गया था जिसमें 140000 लोगों की मौत हो गयी थी।

शिपयार्ड में काम करते थे फुकाहोरी

परमाणु हमले के कुछ दिनों बाद जापान ने आत्मसमर्पण कर दिया था और फिर द्वितीय विश्वयुद्ध खत्म हुआ था। फुकाहोरी बम गिराए जाने के स्थान से लगभग तीन किलोमीटर दूर एक शिपयार्ड में काम करते थे। वह सालों तक उस घटना के बारे में बात नहीं कर सके, न केवल उन दर्दनाक यादों के कारण, बल्कि इसलिए भी कि उस समय वह कितने असहाय महसूस करते थे।

करीब 15 साल पहले स्पेन की यात्रा के दौरान एक ऐसे व्यक्ति से मिलने के बाद वह और अधिक मुखर हो गये, जिसने 1937 में स्पेन गृहयुद्ध के दौरान ग्वेर्निका पर बमबारी का अनुभव किया था। वह व्यक्ति भी तब 14 साल का था। आपस में अनुभव साझा करने के बाद फुकाहोरी खुलकर अपनी बात रखने लगे।

मदद के लिए अपना हाथ बढ़ाया तो..

फुकाहोरी ने 2019 में जापान के नेशनल ब्रॉडकास्टर एनएचके से कहा, ‘‘जिस दिन बम गिरा, मैंने मदद के लिए एक आवाज सुनी। जब मैं उसके पास गया और अपना हाथ बढ़ाया, तो (मैंने देखा कि) उस व्यक्ति की त्वचा पिघल गई। मुझे अब भी याद है कि तब कैसा महसूस हुआ था।’’ वह अक्सर यह उम्मीद करते हुए विद्यार्थियों को संबोधित करते थे कि वे ‘शांति की मुहिम को आगे बढ़ायेंगे।