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वॉशिंगटन: क्या कनाडा जल्द बनेगा अमेरिका का 51वां राज्य? डोनाल्ड ट्रंप के प्रस्ताव ने मचाई हलचल

 कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो के इस्तीफे के कुछ ही घंटों बाद अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बयान देकर पूरी दुनिया में हलचल मचा दी। ट्रंप ने ट्रूडो के इस्तीफे के बाद सोमवार को कनाडा को अमेरिका का 51वां राज्य बनाने की अपनी पेशकश को एक बार फिर दोहरा दिया। 53 साल के ट्रूडो ने सोमवार को अपने पद से इस्तीफा देने की घोषणा कर दी। उनको यह कदम इसलिए उठाना पड़ा क्योंकि उनकी बढ़ती अलोकप्रियता के बीच उनकी सत्तारूढ़ लिबरल पार्टी ने उन पर दबाव डालना शुरू कर दिया था।

ट्रुडो से मुलाकात के बाद कही थी ये बात

बता दें कि कनाडा में इस साल आम चुनाव होने हैं। ट्रूडो ने कहा कि जब तक पार्टी नया नेता नहीं चुन लेती, तब तक वह प्रधानमंत्री पद पर बने रहेंगे। इससे पहले 2017 से 2021 तक अमेरिका का राष्ट्रपति रहने के दौरान 78 वर्षीय ट्रंप और ट्रूडो के बीच रिश्ते कभी भी सामान्य नहीं रहे। बीते साल 5 नवंबर को चुनावी जीत मिलने के बाद ट्रंप ने अपने आवास मार-ए-लागो में ट्रूडो से मिलने के बाद से ही कनाडा को अमेरिका का 51वां राज्य बनाने की बात कह रहे हैं। उसके बाद से उन्होंने कई बार अपने सोशल मीडिया पोस्ट पर इसका जिक्र किया है जिससे पता चलता है कि वह जल्द से जल्द ऐसा करना चाहते हैं।

‘ट्रुडो को पता था, इसलिए इस्तीफा दिया’

Truth सोशल पर ट्रंप ने कहा, ‘कनाडा में बहुत से लोग 51वां राज्य बनना पसंद करेंगे। अमेरिका अब बड़े पैमाने पर व्यापार घाटा और सब्सिडी बर्दाश्त नहीं कर पाएगा, जबकि कनाडा को इसकी सख्त जरूरत है। जस्टिन ट्रूडो को यह बात पता थी, इसलिए उन्होंने इस्तीफा दे दिया। अगर कनाडा अमेरिका में शामिल हो जाता है, तो कोई टैरिफ नहीं होगा, टैक्स बहुत कम हो जाएंगे, और वे रूसी और चीनी जहाजों के खतरे से पूरी तरह सुरक्षित होंगे जो लगातार उन्हें घेरे रहते हैं। अगर हम साथ मिल जाते हैं तो यह कितना महान देश बनेगा!!!’

ट्रंप ने कनाडा को दी हुई है धमकी

कनाडा की बात करें तो उसकी ओर से ट्रंप के ऑफर पर कुछ खास प्रतिक्रिया नहीं आई है। ट्रंप ने धमकी दी है कि कनाडा अगर अमेरिका के साथ अपनी दक्षिणी सीमा से अवैध ड्रग्स और अवैध प्रवासियों के प्रवाह को रोकने में नाकाम रहता है तो वह कनाडा से होने वाले आयात पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगा देंगे। कुछ पोस्ट में ट्रंप ने ट्रूडो का मजाक उड़ाते हुए उन्हें ‘गवर्नर ऑफ द ग्रेट स्टेट ऑफ कनाडा’ भी कहा।

स्पोर्ट्स न्यूज़ :अफगानिस्तान ने शानदार रिकॉर्ड बनाया , टेस्ट क्रिकेट में ऑस्ट्रेलिया के बाद ऐसा करने वाली पहली टीम बनी

अफगानिस्तान की क्रिकेट टीम ने पिछले कुल सालों में इंटरनेशनल मंच पर काफी शानदार प्रदर्शन किया है। पिछले साल खेले गए टी20 वर्ल्ड कप में उनकी टीम ने सेमीफाइनल तक क्वालीफाई किया था। वाइट बॉल क्रिकेट में अब उनकी टीम को कमजोर समझना किसी भी अन्य टीम के लिए बड़ी भूल होगी। इन सबके बीच अफगानिस्तान ने रेड बॉल यानी कि टेस्ट क्रिकेट में भी धीरे-धीरे अपनी पकड़ को मजबूत बनाना शुरू कर दिया है। अफगानिस्तान की टीम ने हाल ही में जिम्बाब्वे का दौरा किया। जहां टी20, वनडे और टेस्ट सीरीज खेली गई। टी20 और वनडे सीरीज के बाद अफगानिस्तान ने टेस्ट सीरीज भी अपने नाम कर लिया। इस टेस्ट सीरीज में मिली जीत के कारण उनकी टीम ने दो बड़े रिकॉर्ड अपने नाम कर लिए हैं।

अफगानिस्तान ने बनाया ये रिकॉर्ड

जिम्बाब्वे के खिलाफ अफगानिस्तान ने पहला टेस्ट मैच ड्रॉ किया था, लेकिन उस मुकाबले के बाद उनकी टीम ने अपने प्लान में कुछ बदलाव किया और दूसरे टेस्ट मैच को 72 रनों से जीता। इस जीत के साथ ही उनकी टीम ने इस सीरीज को 1-0 के अंतर से अपने नाम कर लिया। यह अफगानिस्तान का 11वां टेस्ट मैच था। उन्होंने कुल 11 टेस्ट मैचों में 4 जीत हासिल की है। जो कि किसी भी टीम द्वारा शुरुआती 11 टेस्ट मैच में दूसरी सबसे ज्यादा जीत है। इस लिस्ट में पहले स्थान पर ऑस्ट्रेलिया की टीम का नाम है। उन्होंने शुरुआती 11 टेस्ट मैच में छह जीत हासिल की थी।

ऐसा करने वाली पहली एशियाई टीम

अफगानिस्तान ने इस सीरीज के दौरान एक ऐसा भी रिकॉर्ड बनाया है जिससे उन्होंने सभी एशियाई टीम को पछाड़ दिया है। दरअसल अफगानिस्तान की टीम ने अब तक सभी टेस्ट सीरीज या मैच एशिया में ही खेले थे। यह पहला मौका था जब उनकी टीम ने एशिया के बाहर कोई टेस्ट सीरीज खेली। उन्होंने अपने पहले ही बार में जीत हासिल कर ली। इसी के साथ अफगानिस्तान एशिया के बाहर पहली टेस्ट सीरीज जीतने वाली पहली एशियाई टीम भी बन गई। भारत, पाकिस्तान और श्रीलंका जैसी बड़ी टीमों ने भी इस मुकाम को टेस्ट क्रिकेट में हासिल नहीं किया था।

सरोजनीनगर स्पोर्ट्स लीग: विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह का यह अनूठा प्रयास हजारों युवा खिलाड़ियों के सपनों को दे रहा है पंख

  • कड़ाके की सर्दी पर भारी पड़ रहा है सरोजनीनगर स्पोर्टस लीग का रोमांच
  • क्रिकेट चैंपियनशिप के 5वें सप्ताह में भी मैदान पर दिखी क्रिकेट टीमों की जोरदार टक्कर
  • पहला मैच: राधेलाल साहू विद्या मंदिर ने सेंट जोसेफ स्कूल को 2 विकेट से हराकर रोमांचक जीत दर्ज की।
  • दूसरा मैच: आदर्श इंडिया मॉन्टेसरी इंटर कॉलेज ने सेंट टेरेसा को 92 रनों से मात देकर शानदार प्रदर्शन किया।
  • तीसरा मैच: कर्नल एसएन मिश्रा ओबीई मेमोरियल स्कूल को वॉकओवर मिला, क्योंकि सेंट एन्स कॉन्वेंट स्कूल समय पर मैदान नहीं पहुंचा।
  • चौथा मैच: पीजेंट डे एकेडमी इंटर कॉलेज ने न्यू पब्लिक कॉलेज को 7 विकेट से हराकर प्रभावशाली जीत दर्ज की।

लखनऊ: सरोजनीनगर के विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह द्वारा शुरू की गई सरोजनीनगर स्पोर्ट्स लीग क्षेत्र में खेल और खिलाड़ियों को प्रोत्साहन देने का एक बड़ा मंच बन चुकी है। छठे चरण के तहत चल रही क्रिकेट चैंपियनशिप में 160 से अधिक स्कूल और क्लब की टीमों के 2500 से ज्यादा खिलाड़ी भाग ले रहे हैं। कड़ाके की सर्दी और शीतलहर के बावजूद खिलाड़ियों का उत्साह और रोमांच देखते ही बन रहा है। अब तक लीग के 47 मैचों का सफल आयोजन हो चुका है।

सोमवार को कानपुर रोड स्थित जय जगत पार्क में सरोजनीनगर स्पोर्ट्स लीग के रोमांचक मुकाबले हुए। पहले मैच में राधेलाल साहू विद्या मंदिर ने सेंट जोसेफ स्कूल को 2 विकेट से हराकर जीत दर्ज की। दूसरे मैच में आदर्श इंडिया मॉन्टेसरी इंटर कॉलेज ने सेंट टेरेसा को 92 रनों के बड़े अंतर से हराया। तीसरे मैच में सेंट एन्स कॉन्वेंट स्कूल के समय पर न पहुंचने के कारण कर्नल एसएन मिश्रा ओबीई मेमोरियल स्कूल को वॉकओवर मिला। दिन के आखिरी मुकाबले में पीजेंट डे एकेडमी इंटर कॉलेज ने शानदार प्रदर्शन करते हुए न्यू पब्लिक कॉलेज को 7 विकेट से हराकर अगले दौर में प्रवेश किया।

मैच के बाद विजेता और उपविजेता टीमों को विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह की ओर से ट्रॉफी और खिलाड़ियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। खिलाड़ियों ने इस आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि यह लीग उन्हें अपनी प्रतिभा दिखाने और भविष्य बनाने का बेहतरीन अवसर प्रदान कर रही है।

डॉ. सिंह ने कहा, “यह लीग युवाओं को एक मजबूत मंच प्रदान कर उनके कौशल को निखारने का काम कर रही है। हमारा उद्देश्य इन खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाना है, जिससे वे सरोजनीनगर का नाम रोशन करें। सरोजनीनगर स्पोर्ट्स लीग ने खेलों के प्रति युवाओं का उत्साह बढ़ाया है और ठंड के इस मौसम में भी उनका जोश मिसाल कायम कर रहा है।

आस्था और सेवा का संगम: डॉ. राजेश्वर सिंह द्वारा संचालित राम रथ श्रवण अयोध्या यात्रा, रतौली के श्रद्धालुओं को कराया अयोध्या दर्शन, जनसुनवाई के लिए डिप्टीगंज-हरिहरपुर में लगा “आपका विधायक-आपके द्वार” का 102वां शिविर

  • 36वीं राम रथ यात्रा के तहत रतौली गाँव के श्रद्धालुओं को अयोध्या दर्शन कराया गया।
  • यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं के लिए भोजन, नाश्ता और प्रसाद की व्यवस्था की गई।
  • श्रद्धालुओं ने हनुमानगढ़ी, राम मंदिर, दशरथ महल सहित प्रमुख स्थलों के दर्शन किए।
  • डिप्टीगंज, हरिहरपुर में 102वां जन सुनवाई शिविर आयोजित कर जनसमस्याओं का समाधान किया गया।
  • डिप्टीगंज में 57वें गर्ल्स यूथ क्लब का गठन कर खिलाड़ियों को स्पोर्ट्स किट दी गई।

लखनऊ:उत्तरप्रदेश की राजधानी लखनऊ की सरोजनीनगर विधानसभा से जनप्रिय विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह द्वारा बुजुर्गों और महिलाओं के लिए चलाई जा रही राम रथ श्रवण अयोध्या यात्रा श्रद्धा, सेवा और संस्कृति का अद्भुत उदाहरण है। रविवार को डॉ. सिंह ने रतौली गाँव से 36वीं रामरथ यात्रा का संचालन किया, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने अयोध्या धाम के दर्शन किए।

आस्था और सेवा का पुनीत प्रयास

रविवार तड़के घने कोहरे और ठंड के बावजूद रतौली गाँव की महिलाएँ, बुजुर्ग और बच्चे राम रथ यात्रा में भाग लेने के लिए इकट्ठे हुए। विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह की टीम ने सभी श्रद्धालुओं का पटका पहनाकर स्वागत किया और उन्हें बस में बैठाया। जय श्रीराम के उद्घोष के साथ यात्रा का शुभारंभ हुआ।

करीब 180 किलोमीटर की यात्रा के दौरान चाय, नाश्ते से लेकर भोजन और प्रसाद तक की व्यवस्था विधायक की टीम द्वारा की गई। श्रद्धालुओं ने हनुमानगढ़ी, राम मंदिर, दशरथ महल, कनक भवन और राम की पैड़ी जैसे धार्मिक स्थलों के दर्शन किए।

अधिकांश यात्रियों के लिए यह भव्य राम मंदिर के दर्शन का पहला अवसर था। श्रद्धालुओं ने भावुक होकर विधायक डॉ. सिंह का आभार व्यक्त किया। इस मौके पर डॉ. सिंह ने कहा,
“हर वृद्धजन को आराध्य प्रभु श्रीराम के दिव्य आशीर्वाद का अनुभव कराना मेरे लिए सौभाग्य की बात है। यह सेवा निरंतर जारी रहेगी।”

102वां ‘आपका विधायक-आपके द्वार’ जन सुनवाई शिविर

डिप्टीगंज, हरिहरपुर में विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह द्वारा 102वां ‘आपका विधायक – आपके द्वार’ जन सुनवाई शिविर आयोजित किया गया। इस शिविर में क्षेत्रवासियों की विभिन्न समस्याओं को सुना गया और समाधान का प्रयास किया गया।

सम्मान और प्रोत्साहन:

‘गांव की शान पहल’ के तहत मेधावी छात्रों को साइकिल, घड़ी और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।

इक्षा सिंह (80.2%), यशवर्धन चतुर्वेदी (79%) – इंटरमीडिएट में सर्वोच्च अंक

रूचि यादव (87.84%), प्रियंका सिंह (79.5%) – हाईस्कूल में सर्वोच्च अंक

विधायक डॉ. सिंह ने विभिन्न सामाजिक कार्यकर्ताओं और क्षेत्रीय नागरिकों को अंगवस्त्र प्रदान कर सम्मानित किया।

खेलों को बढ़ावा: 57वां गर्ल्स यूथ क्लब गठन

डिप्टीगंज में डॉ. राजेश्वर सिंह ने 57वें गर्ल्स यूथ क्लब का गठन किया। क्लब को कैरम, वॉलीबॉल, फुटबॉल और क्रिकेट जैसी स्पोर्ट्स किट दी गईं। डॉ. सिंह ने कहा,
“खेल गतिविधियों से युवाओं का सर्वांगीण विकास होता है और यह समाज को नई दिशा प्रदान करता है।”

निःशुल्क भोजन सेवा – ताराशक्ति रसोई

शिविर के दौरान ताराशक्ति निःशुल्क रसोई के माध्यम से ग्रामीणों को ताजा और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया गया।

समाजसेवा की मिसाल

यह शिविर संवाद, सम्मान और समस्याओं के समाधान के लिए डॉ. सिंह की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इस आयोजन में मंडल अध्यक्ष मोहित तिवारी, पार्षद बृजमोहन शर्मा, शिव कुमार सिंह, पूनम सिंह सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

डॉ. राजेश्वर सिंह का प्रयास क्षेत्र की सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक प्रगति की दिशा में निरंतर जारी है।

Travel Tiips: कान्हा नेशनल पार्क मे सुंदर वन्यजीव अभ्यारण्यों में से एक है।

कान्हा राष्ट्रीय उद्यान, मध्यप्रदेश के बालाघाट और मंडला जिलों में स्थित एक प्रमुख राष्ट्रीय उद्यान है। यह भारत के सबसे प्रसिद्ध और सुंदर वन्यजीव अभ्यारण्यों में से एक है। कान्हा न केवल अपनी प्राकृतिक सुंदरता और वन्यजीवों के लिए प्रसिद्ध है, बल्कि यह भारतीय उपमहाद्वीप के सबसे बड़े बाघ संरक्षण क्षेत्रों में भी शामिल है। यह उद्यान 940 वर्ग किलोमीटर से अधिक क्षेत्र में फैला हुआ है और भारतीय वन्यजीव प्रेमियों के लिए एक अद्वितीय गंतव्य स्थल है।

कान्हा राष्ट्रीय उद्यान का इतिहास

कान्हा नेशनल पार्क की स्थापना 1955 में की गई थी। शुरुआत में इसका क्षेत्रफल लगभग 300 वर्ग किलोमीटर था, जिसे बाद में बढ़ाकर वर्तमान में लगभग 940 वर्ग किलोमीटर कर दिया गया। यह पार्क मुख्य रूप से बाघों और अन्य वन्यजीवों की प्रजातियों के संरक्षण के लिए स्थापित किया गया था। कन्हा को “बाघों का घर” भी कहा जाता है क्योंकि यह बाघों की सबसे बड़ी आबादी वाले क्षेत्रों में से एक है। यह पार्क 1973 में भारत सरकार के प्रोजेक्ट टाइगर के तहत एक संरक्षित क्षेत्र के रूप में घोषित किया गया था।

कान्हा के प्रमुख आकर्षण

बाघ (Royal Bengal Tiger): कान्हा का प्रमुख आकर्षण बाघ है। यहां बाघों की अच्छी संख्या पाई जाती है, और पर्यटकों को बाघों को उनके प्राकृतिक आवास में देखने का अद्वितीय अनुभव मिलता है।

संगठित सफारी: कान्हा नेशनल पार्क में जीप सफारी और हाथी सफारी की व्यवस्था है, जिससे पर्यटक जंगल के भीतर जाकर वन्यजीवों का करीबी से अवलोकन कर सकते हैं। यह सफारी वाइल्डलाइफ फोटोग्राफरों और जीव-जंतुओं के प्रेमियों के लिए एक आदर्श अनुभव है।

जंगल का दृश्य: कान्हा नेशनल पार्क अपनी भव्य हरियाली, घने जंगलों, और खुले घास के मैदानों के लिए प्रसिद्ध है। यहां की प्राकृतिक सुंदरता और शांत वातावरण दर्शनीय है।

बर्ड वॉचिंग: कान्हा पार्क में पक्षियों की 300 से अधिक प्रजातियाँ पाई जाती हैं। यह स्थल बर्ड वॉचिंग के शौकिनों के लिए स्वर्ग जैसा है। यहां आपको विभिन्न प्रकार के रंग-बिरंगे और दुर्लभ पक्षी देखने को मिल सकते हैं।

कान्हा और बांधवगढ़ का कनेक्शन: कन्हा पार्क का एक हिस्सा बांधवगढ़ नेशनल पार्क से जुड़ा हुआ है, जो इसे एक विशेष क्षेत्र बनाता है जहाँ वन्यजीवों की प्रजातियाँ आपस में घुलमिल जाती हैं।

कान्हा के वन्यजीव

कान्हा राष्ट्रीय उद्यान में बाघों के अलावा अन्य कई महत्वपूर्ण वन्यजीवों की प्रजातियाँ पाई जाती हैं, जिनमें प्रमुख हैं:

सिंह (Leopard): बाघों के अलावा, कन्हा में तेंदुआ भी देखने को मिलते हैं, जो इस क्षेत्र के जंगलों में अपने शिकार की तलाश में घूमते रहते हैं।

सियार और लकड़बग्घा (Wild Dogs and Jackals): इन जंगली कुत्तों का झुंड अक्सर जंगल में शिकार करते हुए देखा जा सकता है।

हिरण (Deer): कान्हा में विभिन्न प्रकार के हिरण, जैसे कि स्पॉटेड डियर (चitals), सांभर, और मुर्राह हिरण, बहुतायत में पाए जाते हैं।

भालू (Sloth Bear): भालू भी कान्हा के जंगलों में देखे जाते हैं और उनकी उपस्थिति इस क्षेत्र की जैव विविधता को दर्शाती है।

काले भालू (Black Bear): कान्हा में काले भालू भी पाए जाते हैं, जो जंगल के भीतर विचरण करते हैं।

नदी के किनारे और झीलें: कान्हा में कई छोटी-बड़ी झीलें और नदियाँ हैं, जो वन्यजीवों के लिए पानी का मुख्य स्रोत हैं।

कान्हा राष्ट्रीय उद्यान का मौसम

कान्हा में मौसम विविधतापूर्ण है, जो प्रत्येक सत्र में जंगल की सुंदरता और वन्यजीवों की गतिविधियों को बदलता रहता है:

गर्मी का मौसम (मार्च से जून): गर्मी के दौरान कन्हा का तापमान बहुत बढ़ सकता है, लेकिन यही समय होता है जब जंगल के पशु-पक्षी पानी की तलाश में अपने क्षेत्र के विभिन्न हिस्सों में विचरण करते हैं, जिससे सफारी के दौरान अधिक जानवर देखने को मिलते हैं।

मानसून (जुलाई से सितंबर): मानसून में बारिश के कारण जंगल में हरियाली बढ़ जाती है, और यह वन्यजीवों के लिए प्रजनन का समय होता है। हालांकि, बारिश के कारण सफारी का सफर सीमित हो सकता है।

सर्दी (नवंबर से फरवरी): सर्दियों में मौसम सुहावना होता है, जो सफारी के लिए आदर्श है। यह समय पक्षियों और जानवरों के अवलोकन के लिए भी सर्वोत्तम होता है।

कान्हा कैसे पहुंचे

वायु मार्ग: कन्हा का नजदीकी हवाई अड्डा जबलपुर है, जो लगभग 160 किलोमीटर दूर है। यहां से टैक्सी द्वारा कन्हा पहुंचा जा सकता है।

रेल मार्ग: जबलपुर और कटंगी रेलवे स्टेशन कन्हा के सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन हैं। ये स्टेशन प्रमुख शहरों से अच्छी तरह जुड़े हुए हैं।

सड़क मार्ग: कान्हा राष्ट्रीय उद्यान सड़क मार्ग से प्रमुख शहरों जैसे कि जबलपुर, नागपुर और भोपाल से जुड़ा हुआ है। टैक्सी और बस द्वारा कान्हा पहुंचने की सुविधा उपलब्ध है।

कान्हा राष्ट्रीय उद्यान एक अद्वितीय स्थल है जहाँ प्रकृति, वन्यजीवों और साहसिक गतिविधियों का अद्भुत संगम होता है। यह एक बेहतरीन स्थान है, जहाँ वन्यजीव प्रेमी, फोटोग्राफर, और साहसिक यात्रा के शौकिन प्राकृतिक सौंदर्य और वन्यजीवों का पूरा अनुभव ले सकते हैं। कान्हा का पर्यटन न केवल रोमांचक है, बल्कि यह हमें हमारे पर्यावरण और वन्यजीवों के संरक्षण के महत्व को भी समझाता है।