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बिग बॉस 18 न्यूज़ : टिकट टू फिनाले जीतने के बावजूद यह कंटेस्टेंट नहीं बन सका फाइनलिस्ट

‘बिग बॉस 18’ में टिकट टू फिनाले टास्क कराया गया। टिकट टू फिनाले की दावेदारी पेश करते तीन घर वाले नजर आए। इस गेम के दौरान घर का माहौल बदल गया। खूब तमाशों के बीच ये टास्क पूरा किया गया। इसके बाद दो सदस्यों की दावेदारी तय हुई और उनके बीच फाइनल खेल खेला गया। घर वाले इस खेल के लिए काफी उत्साहित नजर आए। इसके लिए एक अंडे वाले टास्क को चुना गया। रजत दलाल अंडावाले बने। श्रुतिका अर्जुन और चाहत पांडे इस खेल के संचालक रहे। ये तीनों ही कंटेस्टेंट बाहर होने के लिए नॉमिनेट किए गए हैं। दावा किया जा रहा है कि अगले हफ्ते डबल एविक्शन होगा, जिसमें से दो सदस्य बेघर हो जाएंगे। ऐसे में खतरे की दो तलवारें लटक रही हैं।

शुरू हुआ खेल

‘बिग बॉस 18’ के घर में बचे सभी कंटेस्टेंट्स को गार्डन एरिया में एक जगह पर इकट्ठा किया जाता है। दूसरी ओर थोड़ी ही दूरी पर एक अंडे की टोकरी रखी गई। तीन नॉमिनेटेड सदस्यों को छोड़कर बाकी के घरवालों ने अपनी दावेदारी पेश की। उन्हें दौड़ लगाकर उस डलिया तक पहुंचना था और फिर अंडे निकालकर उसे रजत दलाल को देने थे। इसके बाद उस पर नाम लिखना था। इस खेल में शिल्पा शुरू में ही बाहर हो गईं, विवियन, करण और अविनाश ही तेजी से भागकर पहले अंडे तक पहुंच सके।

करण ने दिया बलिदान

करण वीर मेहरा खेल में भले ही शानदार थे, लेकिन उन्होंने अंडे पर अपना नहीं बल्कि चुम दरांग का नाम लिखवाया। उन्होंने पांच राउंड में सात अंडे निकाले थे और विवियन ने भी कुल 7 अंडों निकाले और उन पर अपना नाम दर्ज कराया। अविनाश ने 3 अंडे हासिल किए थे। ऐसे में वो दूसरे राउंड का हिस्सा नहीं बन पाए। इसी खेल के बीच ही करण को धक्का भी लगता है। विवियन उसे धक्का देते नजर आते हैं, जिससे वो गिर जाता है। इसके बाद वो फेर तरीके से खेल खेलने के लिए कहता है। अविनाश भी इस दौरान उस पर बिफर जाते हैं और कहते हैं कि वो तभी तक फेयर रहेंगे जब तक वो फेयर रहेगा। इस पर करण कहते हैं कि अविनाश यही पर तू बिग बॉस हार गया।

नहीं मिला पहला फाइनलिस्ट

वैसे इस विवाद के बाद अगला राउंड शुरू होता है। इसमें विवियन और चुम हिस्सा लेते हैं। दोनों को इस बार अलग-अलग रंग की ईंट इकट्ठा करनी थी। जहां विवियन के हिस्से गोल्डन रंग की ईंट आती हैं तो वहीं चुम को सिल्वर कलर की ईंट मिलती हैं। खेल ऐसा था कि जो ज्यादा ईंट इकट्ठा कर सकेगा वो जीत जाएगा। ऐसे में चुम के पास कम ईंट इकट्ठा हो सकीं और विवियन ज्यादा ईंट जमाकर के खेल जीत लिया। इसके बाद भी वो फेयर के जाल में उलझ गए। टास्क जीत लेने के बाद भी विवियन ने टिकट टू फिनाले लेने से मना कर दिया। उन्होंने कहा कि वो खेल के दौरान अग्रेसिव रहे इसलिए टिकट टू फिनाले नहीं लेंगे। ऐसे में चुम को टिकट टू फिनाले का ऑफर मिला, जिसे उन्होंने भी ठुकरा दिया। ऐसे में कोई भी फिनाले वीक में नहीं पहुंच सका। अभी भी शो को अपना पहला फाइनलिस्ट नहीं मिला है।

सरोजनीनगर विधानसभा: विधायक डॉक्टर राजेश्वर सिंह ने किया बंथरा में 3.25 करोड़ की लागत से बने कल्याण मंडप का लोकार्पण

सरोजनीनगर विधानसभा: विधायक डॉक्टर राजेश्वर सिंह ने किया बंथरा में 3.25 करोड़ की लागत से बने कल्याण मंडप का लोकार्पण
सरोजनीनगर विधानसभा: विधायक डॉक्टर राजेश्वर सिंह ने किया बंथरा में 3.25 करोड़ की लागत से बने कल्याण मंडप का लोकार्पण
सरोजनीनगर विधानसभा: विधायक डॉक्टर राजेश्वर सिंह ने किया बंथरा में 3.25 करोड़ की लागत से बने कल्याण मंडप का लोकार्पण
  • बंथरा में 3.25 करोड़ की लागत से ‘कल्याण मंडप’ सामुदायिक केंद्र का निर्माण और लोकार्पण।
  • डॉ. राजेश्वर सिंह ने 1500 जरूरतमंदों को कम्बल वितरित किए और बंथरा के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्धता जताई।
  • भौकापुर में बहुउद्देशीय अन्नपूर्णा भवन का लोकार्पण और सार्वजनिक वितरण प्रणाली की पारदर्शिता की जांच।
  • हनुमान मंदिर जीर्णोद्धार और बारात घर निर्माण के लिए निधि से योगदान का आश्वासन।
  • प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत सभी ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान और सिलाई केंद्रों की स्थापना।

लखनऊ: प्रदेश की राजधानी लखनऊ के सरोजनीनगर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले नगर पंचायत बंथरा में मंगलवार को एक महत्वपूर्ण विकास कार्य का शुभारंभ हुआ। सरोजनीनगर के लोकप्रिय विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने पं. दीन दयाल उपाध्याय वार्ड में नव निर्मित ‘कल्याण मंडप’ सामुदायिक केंद्र का लोकार्पण किया। इस सामुदायिक केंद्र का निर्माण मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रेरणा से मुख्यमंत्री नगर सृजन योजना के तहत 3.25 करोड़ रुपये की लागत से किया गया है।

इस अवसर पर बंथरा की चेयरमैन रामावती भी मौजूद थीं। लोकार्पण के बाद, डॉ. सिंह ने कम्बल वितरण अभियान का शुभारंभ किया। इस अभियान के तहत 1500 जरूरतमंदों को कम्बल वितरित किए गए। डॉ. सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि बंथरा के समग्र विकास के प्रति उनकी प्रतिबद्धता अटूट है। उन्होंने बताया कि बंथरा को आकांक्षी नगर योजना में सम्मिलित कर त्वरित विकास कार्यों के लिए 2 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्राप्त की गई है। इसके अलावा, सड़कों, नालियों और सीसी रोड के निर्माण के लिए 4 करोड़ रुपये की स्वीकृति दिलाई गई है। डॉ. सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री राहत कोष से सरोजनीनगर में अब तक 15 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता राशि इलाज के लिए प्रदान की गई है। उन्होंने बताया कि पिछले साढ़े तीन साल में 650 से अधिक सड़कों का निर्माण और सुदृढ़ीकरण किया गया है, जिससे क्षेत्र की आधारभूत संरचना में सुधार हुआ है।

भौकापुर में अन्नपूर्णा भवन का लोकार्पण

डॉ. राजेश्वर सिंह ने मंगलवार को भौकापुर में बहुउद्देशीय अन्नपूर्णा भवन का भी लोकार्पण किया। इस भवन का निर्माण मनरेगा योजना के तहत किया गया है और इसका उद्देश्य खाद्यान्न भंडारण और वितरण के लिए एक सार्वजनिक स्थान प्रदान करना है। अन्नपूर्णा भवन उचित दर की दुकानों के संचालन के साथ-साथ हॉल, प्रतीक्षालय और जनसेवा केंद्र जैसी सुविधाएं भी प्रदान करेगा। लोकार्पण के दौरान, डॉ. सिंह ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए राशन कार्ड धारकों को स्वयं राशन वितरित किया। उन्होंने ग्राम प्रधान के अनुरोध पर हनुमान मंदिर के जीर्णोद्धार के लिए 50 हजार रुपये और बारात घर के निर्माण के लिए अपनी निधि से 5 लाख रुपये देने का आश्वासन दिया।

डॉ. सिंह ने ब्लॉक प्रमुख के सहयोग से सड़कों के निर्माण, 10 स्ट्रीट लाइट लगाने और श्मशान घाट के निर्माण का भी आश्वासन दिया। इसके साथ ही, उन्होंने गाँव के प्राइमरी स्कूल में झूले लगवाने का आश्वासन भी दिया। उन्होंने बताया कि अब तक 65 स्कूलों में झूले लगवाए जा चुके हैं और शेष स्कूलों में भी यह सुविधा जल्द ही उपलब्ध कराई जाएगी।

युवा खिलाड़ियों का सम्मान

डॉ. राजेश्वर सिंह ने मंडल स्तरीय खेल प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले भटगांव के युवा खिलाड़ी समीर रावत को सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में कानून का राज स्थापित हुआ है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश की बेटियां पढ़ाई करके नित नई ऊँचाइयों को छू रही हैं और युवाओं के सपने साकार हो रहे हैं।

डॉ. सिंह ने कहा कि प्रदेश में युवाओं को बिना किसी भेदभाव के योग्यता के आधार पर नौकरियां मिल रही हैं। उन्होंने यह भी बताया कि पिछले सात साल में 7 लाख से अधिक युवाओं को विभिन्न विभागों में नौकरियां मिली हैं। युवाओं को उद्यम के लिए प्रेरित किया जा रहा है और उन्हें सस्ती दरों पर लोन भी उपलब्ध कराया जा रहा है।

प्रधानमंत्री आवास योजना और अन्य विकास कार्य

डॉ. राजेश्वर सिंह ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत सरोजनीनगर के सभी ग्रामीणों की पेंशन और आवास की समस्याओं का समाधान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि फ्री बिजली, पेयजल और राशन जैसी सुविधाएं सभी जरुरतमंदों को प्रदान की जा रही हैं। इस दौरान विधायक ने सार्वजानिक वितरण प्रणाली का अवलोकन भी किया। विधायक ने स्वयं अपने सामने राशन कार्ड धारक को राशन दिलवाकर योजना की पारदर्शिता का अवलोकन किया। अन्नपूर्णा भवनों का निर्माण योगी सरकार की महत्वाकांक्षी परियोजना है जिसका उद्देश्य हॉल, प्रतीक्षालय और जनसेवा केंद्र जैसी सुविधाओं के साथ उचित दर की दुकानों के संचालन के लिए खाद्यान्न भण्डारण एवं वितरण के लिए सार्वजानिक भवन प्रदान करना है। विधायक ने कहा कि 1500 से अधिक सिलाई मशीन उपलब्ध कराकर 140 सिलाई केंद्रों की शुरुआत की गई है। तारा शक्ति निःशुल्क रसोई प्रतिदिन 4000 जरुरतमंदों को भोजन उपलब्ध करा रही है।

यह पौधा बुढ़ापे को दूर भगाएगा! इन बीमारियों से मिलेगा छुटकारा, केवल 7 दिन सेवन करें और फिर देखें चमत्कार

प्राचीन काल से ही भारत में कई पेड़-पौधों का इस्तेमाल बीमारियों के इलाज के लिए किया जाता है। दरअसल, ये पौधे अपने औषधीय गुणों के लिए जाने जाते हैं। जिनका इस्तेमाल जिक्र आयुर्वेद और चरक सहिचा ङी किया गया है। इन्हीं पौधा में से एक है सत्यानाशी, जो स्वास्थ्य समस्याओं के इलाज के लिए रामबाण सिद्द होगा।

सत्यानाशी के पौधे को देसी औषधियों के रुप में इस्तेमाल किया जाता है। क्योंकि इस पौधे के हर एक हिस्से के अलग-अलग फायदे देता है। बता दें कि, सत्यानाशी का फूलस पत्ते, तना और जड़ सभी में औषधीय गुण पाए जाते हैं, जो सेहत को बेहतर बनाएं रखता है। चलिए आपको इसके फायदे बताते हैं।

अध्ययनों से पता चला है इसके कई स्वास्थ्य लाभ है

यूएस नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इन्फॉर्मेशन (NCBI) की रिपोर्ट के अनुसार, सत्यानाशी के पौधे में कई गुण होते हैं, जो हेल्थ को बेहतर बनाता है। इसका इस्तेमाल दुनिया भर में कई तरह की दवाइयां बनाने में किया जाता है।

 संक्रमणों को रोकता है सत्यानाशी

सत्यानाशी का पौधा कई तरह की दवाइयां बनाने में प्रयोग किया जाता है। सत्यानाशी का पौधा कई तरह के संक्रमणों को रोकने में मदद करता है। मेटाबॉलिक विकारों से राहत दिलाने की क्षमता रखता है। इसके तने और पत्तियों में मेथनॉलिक होता है, जो सेहत को बेहतर बनाने में संजीवनी से कम नहीं है।

कई हेल्थ समस्याओं को दूर करता 

यह पौधा डायबिटीज को नियंत्रित करता है, बांइपन की समस्या को दूर करता है और  सत्यानाशी फंगल रोधी गुणों के लिए भी जाना जाता है। ऐसा माना जाता है कि इसके पत्तों के अर्क से बांझपन के इलाज में मदद करता है। बता दें कि, इस पौधे का प्रयोग 2000 से ज्यादा सालों से कई बीमारियों के इलाज के लिए किया जा रहा है। इस पौधे में मौजूद ल्कलॉइड, फ्लेवोनोइड, ग्लाइकोसाइड, टेरपेनोइड और फेनोलिक्स जैसे शक्तिशाली तत्व है, जो बेहतरीन लाभ देते हैं।

बुढ़ापे में जवान बना देगा यह पौधा

वैज्ञानिकों ने माना है कि सत्यानाशी के तने और पत्तियों के अर्क में शक्तिशाली एंटीफंगल गुण होते हैं। बॉडी को मजबूत बनाता है यह पौधा। सत्यानाशी में एंटी-एजिंग गुण होते हैं, जो लोगों को लंबे समय तक जवान बनाए रखता है।

 लेकिन इस बात का ध्यान रखें कि पौधे का सेवन डॉक्टर की सलाह के बिना नहीं करना चाहिए।

Sports News : WTC 2025 फाइनल जीतने पर टेम्बा बावुमा बनाएंगे वर्ल्ड रिकॉर्ड, बनेंगे ऐसा करने वाले पहले कप्तान

वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप 2025 के फाइनल के लिए मंच पूरी तरह से तैयार हो गया है। साउथ अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया के बीच यह फाइनल मुकाबला खेला जाएगा। जिसका आयोजन 11 जून से लॉर्ड्स में किया जाना है। साउथ अफ्रीका WTC 2025 के फाइनल में जाने वाली पहली टीम थी। साउथ अफ्रीका ने टेम्बा बावुमा की कप्तानी में फाइनल के लिए पहली बार क्वालीफाई किया है। जहां गत चैंपियन ऑस्ट्रेलिया से उनका सामना होगा। इन सबके बीच टेम्बा बावुमा के पास एक वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने का शानदार मौका है, लेकिन इस रिकॉर्ड को बनाने के लिए उन्हें अपनी कप्तानी में साउथ अफ्रीका के फाइनल मैच में जीत दिलानी होगी।

वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने का मौका

टेम्बा बावुमा की कप्तानी में साउथ अफ्रीका की टीम ने पिछले कुल समय में कमाल का प्रदर्शन किया है। यही कारण है कि उनकी टीम आज फाइनल खेलने के लिए तैयार है। इसी बीच उनकी टीम अगर फाइनल मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया को बावुमा की कप्तानी में हरा देती है तो, वह बिना एक भी मैच हारे लगातार सबसे ज्यादा मैच जीतने वाले टेस्ट कप्तान बन जाएंगे। फिलहाल बावुमा की कप्तानी में साउथ अफ्रीका ने 9 टेस्ट मैचों में 8 जीत हासिल की है, वहीं एक मैच ड्रॉ रहा है। बिना हारे लगातार सबसे ज्यादा मैच जीतने के मामले में बावुमा के साथ ऑस्ट्रेलिया के वारविक आर्मस्ट्रांग का नाम भी शामिल है। वारविक आर्मस्ट्रांग ने भी साल 1902 से 1921 तक लगातार 8 मैच बतौर कप्तान जीते थे। अगर बावुमा फाइनल में ऑस्ट्रेलिया को हरा देते हैं तो यह लगातार उनकी 9वीं जीत होगी। जो कि आज तक किसी भी कप्तान ने नहीं जीता है।

टेस्ट क्रिकेट में बिना हारे कप्तान के तौर पर सबसे ज्यादा जीत

  1. वारविक आर्मस्ट्रांग (ऑस्ट्रेलिया) – 8 जीत, 2 ड्रॉ (1902-1921)
  2. टेम्बा बावुमा (दक्षिण अफ्रीका) – 8 जीत, 1 ड्रॉ (2023-2025)
  3. ब्रायन क्लोज (इंग्लैंड) – 6 जीत, 1 ड्रॉ (1949-1976)
  4. चार्ल्स फ्राई (इंग्लैंड) – 4 जीत, 2 ड्रॉ (1896-1912)
  5. अजिंक्य रहाणे (भारत) – 4 जीत, 2 ड्रॉ (2017-2021)

बावुमा का टेस्ट करियर

टेम्बा बावुमा एक अच्छा कप्तान होने के साथ-साथ एक शानदार बल्लेबाज भी हैं। उनके टेस्ट करियर पर एक नजर डालें तो, उन्होंने साउथ अफ्रीका के लिए 63 टेस्ट मैचों की 108 पारियों में 3606 रन बनाए हैं। उन्होंने इस दौरान 4 शतक और 24 अर्धशतक भी जड़ा है। साउथ अफ्रीका को लंबे समय से आईसीसी ट्रॉफी का इंतजार है। इस इंतजार को बावुमा जून 2025 में उनके लिए खत्म कर सकते हैं। बावुमा जिस भी टेस्ट मैच में साउथ अफ्रीका के लिए कप्तानी की है उसमें उन्होंने यह सुनिश्चित किया है कि उनकी टीम को हार ना मिले।

Earthquake News: तिब्बत में भूकंप से मची तबाही, अब तक कम से कम 53 लोगों की गई जान

मंगलवार की सुबह नेपाल और तिब्बत की सीमा के पास भयंकर भूकंप के कारण धरती कांप उठी है। रिक्टर स्केल पर इस भूकंप की तीव्रता 7.1 मापी गई है। भूकंप की तीव्रता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसके झटके भारत के बिहार, यूपी, दिल्ली एनसीआर, बंगाल समेत कई राज्यों में महसूस किए गए हैं। वहीं, इस भूकंप के कारण चीन प्रशासित तिब्बत में तबाही की खबरें सामने आ रही हैं।

अब तक 53 लोगों की मौत

चीन की शिन्हुआ न्यूज ओर से सामने आई जानकारी के मुताबिक, मंगलवार को आए शक्तिशाली भूकंप के कारण तिब्बत क्षेत्र में अब तक कम से कम 53 लोगों की मौत की खबर सामने आ रही है। ये आंकड़ा बढ़ने की भी आशंका जताई जा रही है। चीन की स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, भूकंप में कुछ गांवों के घर ढह गए हैं। भूकंप का केंद्र नेपाल के साथ हिमालयी सीमा के करीब सुदूर तिब्बती पठार में ऊपर बताया गया है।

नेपाल में क्या है हाल?

नेपाल की भूकंप निगरानी एजेंसी ने बताया है सुबह 6 बजकर 50 मिनट पर भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। नेपाल के मुताबिक, भूकंप का केंद्र चीन का डिंगी था। नेपाल की राजधानी काठमांडू में भूकंप के झटकों के कारण लोग बुरी तरह से घबरा गए और अपने-अपने घरों से बाहर निकल आए। हालांकि, अब तक भूकंप के कारण देश से किसी तरह के नुकसान की कोई खबर सामने नहीं आई है।

10 किलोमीटर की गहराई में केंद्र

अमेरिकी भूगर्भ सर्वेक्षण (USGS) ने बताया है कि मंगलवार को नेपाल की सीमा के पास तिब्बत क्षेत्र में 7.1 तीव्रता का भूकंप आया है। भूकंप का केंद्र पर्वतीय इलाके में लगभग 10 किलोमीटर की गहराई में था। वहीं, चीन की भूकंप निगरानी एजेंसी ने भूकंप की तीव्रता 6.8 दर्ज की है। जानकारी के मुताबिक, भूकंप के केंद्र के आसपास के इलाके की औसत ऊंचाई करीब 4,200 मीटर (13,800 फुट) है।