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बॉलीवुड न्यूज़: डेटिंग के बीच अनन्या पांडे ने साझा किया शादी का प्लान, बोलीं- शादीशुदा, खुशहाल जिंदगी और बच्चे…

चंकी पांडे की लाडली बेटी अनन्या पांडे सोशल मीडिया से लेकर खबरों तक में छाई रहती हैं। अनन्या पांडे अभी से काफी बेबाक हैं और अपनी खूबसूरती से महफिल में चार चांद लगा देती हैं। इन दिनों एक्ट्रेस अपनी डेटिंग रूमर्स को लेकर चर्चा में बनीं हुई हैं। फिल्मों से ज्यादा उनके अफेयर्स ही सुर्खियों में रहते हैं। पिछले साल अनन्या पांडे ने पूर्व मॉडल वॉकर ब्लैंको के साथ अपने रिलेशनशिप की अफवाहों के चलते सुर्खियां बटोरी थीं। अनंत अंबानी और राधिका मर्चेंट की शादी में साथ देखे जाने के बाद दोनों की डेटिंग की अफवाहों ने तूल पकड़ लिया था। अब फोर्ब्स इंडिया को दिए गए इंटरव्यू में अनन्या ने खुलासा किया कि वह अगले पांच सालों में शादी करने की सोच रही हैं।

क्या है अनन्या की प्लानिंग

अनन्या पांडे ने अपनी शादी की प्लानिंग अभी से शुरू कर दी है। उन्होंने टाइमलाइन भी तैयार की है कि वो कब शादी करना चाहती हैं। इसके साथ ही उन्होंने बच्चों की भी प्लानिंग कर रखी है। एक्ट्रेस ने अब अपना ये वेडिंग प्लान भी दुनिया के सामने खोल कर रख दिया है। चंकी पांडे की लाडली ने अगले पांच सालों के लिए अपनी निजी योजनाओं पर चर्चा करते हुए कहा, ‘व्यक्तिगत रूप से, अब से पांच साल बाद, मैं खुद को शादीशुदा, खुशहाल, व्यवस्थित घर, बच्चों की योजना बनाते हुए और ढेर सारे कुत्ते पालते हुए देखना चाहती हूं।’ अनन्या ने अपनी पेशेवर महत्वाकांक्षाओं को भी साझा करते हुए कहा, ‘मैं वास्तव में खुद को अपने गेम के शीर्ष पर देखती हूं। हमेशा प्रतिस्पर्धा होती है, लेकिन अभी मैं काम करने और अपने काम में बेहतर होने पर ध्यान केंद्रित कर रही हूं।’

कौन हैं अनन्या के बॉयफ्रेंड

बता दें, अनन्या पांडे ने वॉकर को अनंत अंबानी की शादी में अपने ‘साथी’ के तौर पर लोगों से इंट्रोड्यूस किया था। दोनों की तस्वीरें और वीडियो भी सामने आए थे, जिसमे वो एक साथ रोमांटिक डांस करते दिखे। इसके साथ ही हल्दी सेरेमनी में भी दोनों की मस्ती देखने को मिली थी। वैसे दोनों ने अभी तक इसे सार्वजनिक नहीं किया है। वॉकर ब्लैंको पेशे से मॉडल हैं। अनन्या के 26वें जन्मदिन पर वॉकर ने इंस्टाग्राम पर एक प्यारा सा पोस्ट भी साझा किया था। इसके अलावा अनन्या की सीरीज ‘कॉल मी बे’ के लिए भी वो उन्हें प्रोत्साहित करते नजर आए थे।

इन फिल्मों में आएंगी नजर

वर्कफ्रंट की बात करें तो इस साल अनन्या लक्ष्य के साथ ‘चांद मेरा दिल’ में नजर आएंगी। इसके अलवा अनन्या की एक फिल्म अक्षय कुमार और आर माध्वन के साथ भी आने वाली है। फिल्म का ऐलान हो चुका है, लेकिन अभी उसके टाइटल का आना बाकी है। अनन्या अपनी नेटफ्लिक्स फिल्म CTRL की सफलता के बाद कई और किरदारों की तैयारी में लग गई हैं। CTRL से पहले अनन्या ने ‘कॉल मी बे’ सीरीज’ में नजर आई थीं।

वी नारायणन बनेंगे ISRO के नए प्रमुख, एस सोमनाथ की जगह पद संभालेंगे; जानिए उनके बारे में

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के नए अध्यक्ष वी नारायणन होंगे। इसकी जानकारी मंगलवार को भारत सरकार ने दी। वी नारायणन ISRO के अध्यक्ष के रूप में डॉ. एस सोमनाथ की जगह लेंगे। वी नारायणन अंतरिक्ष विभाग के सचिव का भी कार्यभार संभालेंगे। कैबिनेट की नियुक्ति समिति के आदेश के अनुसार, वी नारायणन 14 जनवरी को वर्तमान ISRO प्रमुख एस सोमनाथ के स्थान पर पदभार ग्रहण करेंगे। वह अगले दो वर्षों तक या अगली सूचना तक इस पद की जिम्मेदारी संभालेंगे।

कौन हैं इसरो के नए प्रमुख?

वी नारायणन एक प्रतिष्ठित वैज्ञानिक हैं, जिनके पास रॉकेट और अंतरिक्ष यान प्रणोदन में लगभग चार दशकों का अनुभव है। वह एक रॉकेट और स्पेसक्राफ्ट प्रोपल्शन विशेषज्ञ हैं। वी नारायणन 1984 में ISRO में शामिल हुए और लिक्विड प्रोपल्शन सिस्टम सेंटर (एलपीएससी) के निदेशक बनने से पहले विभिन्न पदों पर कार्य किया। प्रारंभिक चरण के दौरान, उन्होंने विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र (VSSC) में साउंडिंग रॉकेट्स और संवर्धित उपग्रह प्रक्षेपण यान (ASLV) और ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण यान (PSLV) के ठोस प्रणोदन क्षेत्र में काम किया।

वी नारायणन ने एब्लेटिव नोजल सिस्टम, कंपोजिट मोटर केस और कंपोजिट इग्नाइटर केस की प्रक्रिया योजना, प्रक्रिया नियंत्रण और कार्यान्वयन में योगदान दिया। फिलहाल नारायणन एलपीएससी के निदेशक हैं, जो ISRO के प्रमुख केंद्रों में से एक है, जिसका मुख्यालय तिरुवनंतपुरम के वलियामला में है, जिसकी एक इकाई बेंगलुरु में है। नारायणन के पास 40 साल का अनुभव है। वे रॉकेट और स्पेसक्राफ्ट ऑपरेशन के एक्सपर्ट हैं।

14 जनवरी को रिटायर हो रहे एस सोमनाथ

ISRO के मौजूदा चेयरमैन एस. सोमनाथ ने 14 जनवरी 2022 को ISRO चेयरमैन का पद संभाला था। वे तीन साल के कार्यकाल के बाद रिटायर हो रहे हैं। उनके कार्यकाल में ISRO ने इतिहास रचा। ISRO ने न सिर्फ चांद के साउथ पोल पर चंद्रयान-3 की लैंडिंग कराई, बल्कि धरती से 15 लाख किमी ऊपर लैगरेंज पॉइंट पर सूर्य के अध्ययन के लिए आदित्य-L1 भी भेजा।

स्पोर्ट्स अपडेट: इंग्लैंड में विवाद के बीच ECB का बड़ा फैसला, चैंपियंस ट्रॉफी में उठाएंगे ये कदम

चैंपियंस ट्रॉफी की मेजबानी इस बार पाकिस्तान के हाथों में है। टूर्नामेंट में कुल 8 टीमें हिस्सा लेंगी। चैंपियंस ट्रॉफी का पहला मुकाबला 19 फरवरी को खेला जाएगा। इंग्लैंड की टीम भी चैंपियंस ट्रॉफी खेलने के लिए तैयार नजर आ रही है। टूर्नामेंट शुरू होने से पहले इंग्लैंड में एक नया बवाल तब खड़ा हो गया जब 160 ब्रिटिश राजनेताओं के एक समूह ने अफगानिस्तान के खिलाफ खेलने का बहिष्कार करने की मांग इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड से कर डाली। इसी बीच इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड ने इस मुद्दे पर अपना फैसला ले लिया है।

इस ​दिन खेला जाएगा मुकाबला

इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड ने आगामी चैंपियंस ट्रॉफी 2025 में अफगानिस्तान के खिलाफ खेलने का बहिष्कार करने के ब्रिटिश राजनेताओं के एक समूह के रिक्वेस्ट को खारिज कर दिया है। ईसीबी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रिचर्ड गोल्ड ने इस बात की जानकारी दी है। इंग्लैंड और अफगानिस्तान आगामी चैंपियंस ट्रॉफी में 26 फरवरी को एक दूसरे से भिड़ेंगे। यह मैच पाकिस्तान के लाहौर में खेला जाएगा। अफगानिस्तान और इंग्लैंड दोनों टीमें एक ही ग्रुप का हिस्सा हैं।

क्यों उठी ये मांग?

इंग्लैंड के वेस्टमिंस्टर ने सोमवार को ईसीबी से कहा है कि वह अफगानिस्तान के खिलाफ चैंपियंस ट्रॉफी के मैच को ना खेले। उनका मानना है कि तालिबान की सरकार द्वारा महिलाओं के अधिकारों का हनन किया जा रहा है। मैच का विरोध करने से वह इसके खिलाफ रुख अपना सकते हैं। हालांकि इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड के चीफ कार्यकारी अधिकारी रिचर्ड गोल्ड भी इसके समर्थन में थे, लेकिन बोर्ड के फैसले वह अकेले नहीं ले सकते। इंग्लैंड की टीम ने चैंपियंस ट्रॉफी के लिए अपने स्क्वाड का भी ऐलान कर दिया है।

चैंपियंस ट्रॉफी के लिए इंग्लैंड का स्क्वाड: जोस बटलर (कप्तान), जोफ्रा आर्चर, गस एटकिंसन, जैकब बेथेल, हैरी ब्रुक, ब्रायडन कार्से, बेन डकेट, जेमी ओवरटन, जेमी स्मिथ, लियम लिविंगस्टन, आदिल रशीद, जो रूट, साकिब महमूद, फिल साल्ट, मार्क वुड

HMPV Outbreak: एचएमपीवी से खुद को और अपने परिवार को कैसे सुरक्षित रखें, जानें इसके लक्षण और जरूरी सावधानियां

भारत में ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस (HMPV) के पांच मामले सामने आए हैं। ये मामले कर्नाटक, गुजरात और तमिलनाडु में सामने आए हैं। HMPV के बढ़ते मामलों ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। लेकिन सरकार और स्वास्थ्य अधिकारियों ने लोगों को भरोसा दिलाया है कि उन्हें इस वायरस से घबराने की जरूरत नहीं है। स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि HMPV कोई नई बीमारी नहीं है। इसकी पहचान सबसे पहले साल 2001 में हुई थी। यह वायरस सांस की बूंदों के जरिए फैलता है और हर उम्र के लोगों को प्रभावित करता है। ऐसे में हम आपको इस संक्रामक बीमारी के बारे में हर जरूरी जानकारी देते हैं।

क्या है ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस?

ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस (HMPV) एक प्रकार का वायरस है जो फेफड़ों और सांस लेने को प्रभावित करता है। यह पक्षियों में पाए जाने वाले एक समान वायरस से संबंधित है। HMPV की खोज सबसे पहले 2001 में नीदरलैंड में हुई थी। यह आमतौर पर सर्दियों के अंत और वसंत की शुरुआत में फैलता है, लगभग उसी समय जब फ्लू और RSV वायरस फैलते हैं।

HMPV के लक्षण क्या है?

ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस (HMPV) फेफड़ों और सांस लेने को प्रभावित करता है, जिससे गले में खराश, बुखार, खांसी और सांस लेने में तकलीफ जैसे लक्षण होते हैं। यह मुख्य रूप से 5 वर्ष से कम उम्र के बच्चों और 65 वर्ष से अधिक उम्र के वयस्कों को प्रभावित करता है। गंभीर मामलों में, यह निमोनिया या सांस लेने की समस्या पैदा कर सकता है। यदि आपको HMPV का संदेह है, तो जटिलताओं को रोकने के लिए तुरंत डॉक्टर से मिलना ज़रूरी है।

ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस (HMPV) के प्रसार को रोकने में मदद करेंगी ये कुछ सावधानियां

सामान्य सावधानियां

अपने हाथ धोएं: अपने हाथों को साबुन और पानी से बार-बार धोएं, खास तौर पर किसी बीमार व्यक्ति के संपर्क में आने के बाद।

हैंड सैनिटाइज़र का इस्तेमाल करें: अगर साबुन और पानी उपलब्ध नहीं है, तो ऐसे हैंड सैनिटाइज़र का इस्तेमाल करें जिसमें कम से कम 60% अल्कोहल हो।

नज़दीकी संपर्क से बचें: बीमार व्यक्ति से कम से कम 3 फ़ीट की दूरी बनाए रखने की कोशिश करें।

अपना मुंह ढंकें: खांसते या छींकते समय अपने मुंह और नाक को टिश्यू से ढंकें और टिश्यू को ठीक से फेंक दें।

साफ और कीटाणुरहित करें: वायरस से दूषित हो सकने वाली सतहों और वस्तुओं को नियमित रूप से साफ और कीटाणुरहित करें।

उच्च जोखिम वाले समूहों के लिए विशेष सावधानियां

शिशुओं और छोटे बच्चों: उन्हें बीमार व्यक्ति से दूर रखें और सुनिश्चित करें कि उनका टीकाकरण अप-टू-डेट हो।

वृद्ध वयस्क: किसी भी बीमार व्यक्ति के साथ निकट संपर्क से बचने के लिए अतिरिक्त सावधानी बरतें और सार्वजनिक स्थानों पर मास्क पहनने पर विचार करें।

कमज़ोर प्रतिरक्षा प्रणाली वाले लोग: किसी भी बीमार व्यक्ति के साथ निकट संपर्क से बचने के लिए अतिरिक्त सावधानी बरतें और सार्वजनिक स्थानों पर मास्क पहनने पर विचार करें।

डिस्क्लेमर: इस लेख के सुझाव सामान्य जानकारी के लिए हैं। इन सुझावों और जानकारी को किसी डॉक्टर या मेडिकल प्रोफेशनल की सलाह के तौर पर न लें। किसी भी बीमारी के लक्षणों की स्थिति में डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

हेल्थ टिप्स: रोजाना खाली पेट एक चम्मच देसी घी खाएं, प्राप्त करें जबरदस्त फायदे

रोजाना खाली पेट एक चम्मच देसी घी खाएं, प्राप्त करें जबरदस्त फायदे।

हर भारतीय किचन में देसी घी जरुर होता है। खाने में तड़का से लेकर रोटी पर घी लगाना, घी वाले पराठें सब में घी का स्वाद मजेदार देता है। घी हमारे स्वाद के साथ ही सेहत के लिए भी अच्छा होता है। हमारे बड़े-बुजुर्ग घी खूब खाते थे, जिससे उनकी सेहत भी बढ़िया होती है। घी के सेवन से सेहत को अनगिनत फायदे मिलते हैं। घी खाने से क्या फायदे मिलते हैं, चलिए आपको बताते हैं।

वेट लॉस में फायदेमंद

अगर आप भी यही सोचते हैं कि घी के सेवन करने से मोटापा बढ़ता है। लेकिन आपको बता दें कि, घी में ब्यूटेरिक एसिड पाया जाता है, जो एक्स्ट्रा फैट को हटाने में मदद मिलती है। यदि आप वेट लॉस करना है चाहते हैं, तो आप रोजाना सुबह खाली एक चम्मच घी लेना शुरु कर दें। यह आपकी वेट लॉस जर्नी को आसान कर देगा। लेकिन इससे ज्यादा मात्रा में घी न लें, तो यह नुकसान करेगा।

पाचन ठीक होता है

रोजाना सुबह खाली पेट एक चम्मच घी खाने से गट हेल्थ भी ठीक रहता है। खाली पेट जब आप घी खाते हैं तो यह आंतों में लुब्रिकेशन का काम करता है। यह आंतों में खाना आसानी से मूव करता है और कब्ज और ब्लोटिंग नहीं होती है।

हार्ट हेल्थ बढ़िया रहती है

देसी घी खाने से दिल भी स्वस्थ रहता है। घी के अंदर गुड फैट्स होते हैं जो शरीरमें गुड कोलेस्ट्रॉल लेवल को बढ़ाता है और दिल भी स्वस्थ रहता है। इसके साथ ही रोज सुबह खाली पेट घी खाने से शरीर में इन्फ्लेमेशन कम होती है, ब्लड प्रेशर भी मैनेज करता है।

इम्यूनिटी बूस्ट होती है

रोजाना सुबह खाली पेट 1 चम्मच घी खाने से इम्यूनिटी बूस्ट होती है। सर्दियों में जुकाम-खांसी, वायरस और फ्लू लड़ने के लिए घी प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करता है। जिससे शरीर की बीमारियों से लड़ने में मदद मिलती है। अगर आप रोजाना नियमित रुप से खाली पेट देसी घी का सेवन करते हैं, तो आपका इम्यून सिस्टम भी दुरुस्त होता है।