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महाकुंभ 2025 में त्रिवेणी संगम पर भव्य लेजर शो, प्रमुख स्नान पर्वों में किया जाएगा गुलाब की पुष्प वर्षा का आयोजन

महाकुंभ 2025 में त्रिवेणी संगम पर भव्य लेजर शो, प्रमुख स्नान पर्वों में किया जाएगा गुलाब की पुष्प वर्षा का आयोजन
महाकुंभ 2025 में त्रिवेणी संगम पर भव्य लेजर शो, प्रमुख स्नान पर्वों में किया जाएगा गुलाब की पुष्प वर्षा का आयोजन
महाकुंभ 2025 में त्रिवेणी संगम पर भव्य लेजर शो, प्रमुख स्नान पर्वों में किया जाएगा गुलाब की पुष्प वर्षा का आयोजन
  • महाकुंभ 2025 में त्रिवेणी संगम पर लेजर शो का आयोजन, जिसमें गंगा, यमुना और सरस्वती की पौराणिक कथाओं को दर्शाया गया।
  • गुलाब की पंखुड़ियों की वर्षा के आयोजन के लिए हेलीकॉप्टर का उपयोग किया जाएगा, जिससे 4000 हेक्टेयर के मेला क्षेत्र में पुष्प वर्षा होगी।
  • 20 कुंतल गुलाब की पंखुड़ियां स्नान पर्वों पर श्रद्धालुओं पर वर्षा के लिए तैयार की जा रही हैं।
  • महाकुंभ में आयोजित लेजर शो और गुलाब की पुष्प वर्षा का उद्देश्य श्रद्धालुओं को एक दिव्य और आध्यात्मिक अनुभव प्रदान करना है।
  • महाकुंभ 2025 के दौरान धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों के माध्यम से भारतीय संस्कृति और परंपराओं को वैश्विक स्तर पर प्रदर्शित किया जाएगा।

    प्रयागराज, 12 जनवरी 2025: महाकुंभ 2025 के आयोजन में श्रद्धालुओं और पर्यटकों को एक अद्वितीय और भव्य अनुभव देने के लिए कई रोचक और अनूठे कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इनमें से एक प्रमुख आकर्षण त्रिवेणी संगम पर आयोजित किया गया भव्य लेजर शो है। इस शो में गंगा, यमुना, और सरस्वती नदियों के पौराणिक महत्व के साथ महाकुंभ की सांस्कृतिक और धार्मिक परंपराओं को दर्शाया गया। प्रयागराज स्थित त्रिवेणी संगम पर इस कार्यक्रम का आयोजन बोट क्लब के समीप किया गया, जहां हजारों श्रद्धालुओं और पर्यटकों ने इस लेजर शो का आनंद लिया।

    लेजर शो: महाकुंभ के सांस्कृतिक और धार्मिक महत्व का अद्वितीय प्रदर्शन

    महाकुंभ का आयोजन केवल एक धार्मिक और आध्यात्मिक उत्सव नहीं है, बल्कि यह भारत की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर और परंपराओं को भी प्रदर्शित करने का एक अवसर है। इस वर्ष महाकुंभ 2025 में आयोजित लेजर शो में गंगा, यमुना और सरस्वती नदियों की पौराणिक कथाओं को अत्याधुनिक लेजर और साउंड तकनीक के जरिए प्रदर्शित किया गया। शो में इन नदियों के ऐतिहासिक, धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व को जीवंत रूप से दर्शाया गया। श्रद्धालुओं को यह दिखाया गया कि कैसे इन नदियों ने भारतीय संस्कृति और सभ्यता के विकास में अहम भूमिका निभाई है। इस शो में महाकुंभ के प्रमुख स्नान पर्वों और उस दौरान किए गए अनुष्ठानों को भी दर्शाया गया।

    इस अद्भुत लेजर शो का आयोजन त्रिवेणी संगम के पास स्थित बोट क्लब पर किया गया, जिसे महाकुंभ के श्रद्धालुओं और पर्यटकों ने अपार श्रद्धा और उत्साह के साथ देखा। संगम स्थल पर बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे, जो इस अनूठे धार्मिक और सांस्कृतिक अनुभव का हिस्सा बने। यह आयोजन महाकुंभ 2025 के सांस्कृतिक आकर्षण को और भी बढ़ाने का काम कर रहा है।

    गुलाब की पुष्प वर्षा: दिव्य अनुभव

    महाकुंभ के दौरान श्रद्धालुओं के लिए एक और विशिष्ट आयोजन किया जा रहा है – गुलाब की पंखुड़ियों की वर्षा। यह आयोजन महाकुंभ के प्रमुख स्नान पर्वों के दौरान किया जाएगा। हेलीकॉप्टर के माध्यम से 4000 हेक्टेयर के मेला क्षेत्र में गुलाब की पंखुड़ियों की वर्षा की जाएगी, जो श्रद्धालुओं को एक दिव्य अनुभव प्रदान करेगी। खासकर मुख्य स्नान पर्वों जैसे मकर संक्रांति और मौनी अमावस्या के दौरान यह पुष्प वर्षा की जाएगी।

    20 कुंतल गुलाब की पंखुड़ियां इस विशेष आयोजन के लिए तैयार की जा रही हैं, जो महाकुंभ के दौरान गंगा स्नान करने वाले श्रद्धालुओं पर वर्षा की जाएगी। यह आयोजन श्रद्धालुओं के लिए एक अलौकिक अनुभव होगा, जिसमें वे गंगा स्नान करने के बाद गुलाब की पंखुड़ियों से अलंकृत होंगे। इस विशेष कार्यक्रम का उद्देश्य महाकुंभ के दौरान श्रद्धालुओं को एक विशेष धार्मिक और आध्यात्मिक अनुभव देना है।

    कुंभ मेला का भव्य आयोजन: धार्मिक और सांस्कृतिक एकता का प्रतीक

    महाकुंभ केवल एक मेला नहीं है, बल्कि यह भारत की सांस्कृतिक और धार्मिक एकता का प्रतीक है। महाकुंभ के दौरान होने वाले इन आयोजनों से न केवल धार्मिक महत्व को दर्शाया जाता है, बल्कि भारत की सांस्कृतिक धरोहर को भी जीवित रखा जाता है। वीके सिंह, कुंभ मेला के उद्यान प्रभारी, ने पुष्प वर्षा की योजना की जानकारी दी और कहा कि यह आयोजन महाकुंभ में एक नया रंग और रोशनी जोड़ने का काम करेगा।

    लेजर शो और पुष्प वर्षा जैसे आयोजनों से महाकुंभ के दृश्य और अनुभव में न केवल वृद्धि होगी, बल्कि यह उन श्रद्धालुओं के लिए भी खास बन जाएगा जो इस समय को जीवनभर याद रखना चाहेंगे। इन आयोजनों के माध्यम से महाकुंभ की धार्मिकता और सांस्कृतिक महत्ता को वैश्विक स्तर पर फैलाया जाएगा।

    कुंभ मेला में हो रहे अन्य विशेष आयोजन

    महाकुंभ में इस बार कई और विशेष आयोजन किए जा रहे हैं, जो श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए अद्वितीय अनुभव होंगे। विशेष रूप से संगम क्षेत्र में आयोजित होने वाले धार्मिक अनुष्ठान, अखाड़ा साधुओं की भव्य परेड, और सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ महाकुंभ के धार्मिक और सांस्कृतिक माहौल को और भी रंगीन बनाएंगी। इन आयोजनों के दौरान श्रद्धालु भारतीय धार्मिक परंपराओं का पालन करते हुए अपना आध्यात्मिक उन्नति करेंगे।

    महाकुंभ 2025 में आयोजित होने वाले इन विशेष आयोजनों से न केवल श्रद्धालुओं का अनुभव बढ़ेगा, बल्कि महाकुंभ की दिव्यता और भव्यता को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जाएगा।

    महाकुंभ-2025 में यूपी परिवहन निगम की निःशुल्क शटल बस सेवा: श्रद्धालुओं को मिलेगा यात्रा में विशेष लाभ

    महाकुंभ-2025 में यूपी परिवहन निगम की निःशुल्क शटल बस सेवा: श्रद्धालुओं को मिलेगा यात्रा में विशेष लाभ
    महाकुंभ-2025 में यूपी परिवहन निगम की निःशुल्क शटल बस सेवा: श्रद्धालुओं को मिलेगा यात्रा में विशेष लाभ
    महाकुंभ-2025 में यूपी परिवहन निगम की निःशुल्क शटल बस सेवा: श्रद्धालुओं को मिलेगा यात्रा में विशेष लाभ
    • उत्तर प्रदेश परिवहन निगम ने महाकुंभ 2025 के दौरान निःशुल्क शटल बस सेवा की घोषणा की है।
    • यह सेवा प्रयागराज नगर से महाकुंभ क्षेत्र के पार्किंग स्थल तक उपलब्ध होगी।
    • अपर प्रबंध निदेशक रामसिंह वर्मा ने इस सेवा को शुरू करने के आदेश जारी किए हैं।
    • सेवा महाकुंभ के प्रमुख स्नानों के एक दिन पहले और एक दिन बाद तक उपलब्ध होगी।
    • शटल बस सेवा से यातायात की जटिलताओं को कम करने और श्रद्धालुओं की यात्रा को आसान बनाने का प्रयास किया जाएगा।

      प्रयागराज, 12 जनवरी 2025: उत्तर प्रदेश परिवहन निगम ने महाकुंभ 2025 के दौरान श्रद्धालुओं के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। महाकुंभ के प्रमुख स्नानों के एक दिन पहले से और एक दिन बाद तक निःशुल्क शटल बस सेवा प्रदान की जाएगी। यह सेवा प्रयागराज नगर से और महाकुंभ क्षेत्र में स्थित पार्किंग स्थलों से यात्रियों को गंतव्य तक पहुँचाने के लिए शुरू की जा रही है। यह पहल यात्री सुविधाओं को बढ़ाने और महाकुंभ के दौरान यातायात की जटिलताओं को कम करने के लिए की गई है।

      शटल बस सेवा का उद्देश्य और लाभ

      महाकुंभ का आयोजन एक विशाल धार्मिक कार्यक्रम होता है, जिसमें लाखों की संख्या में श्रद्धालु आते हैं। ऐसे में यात्रा की सुविधा और सुरक्षित परिवहन का होना बेहद महत्वपूर्ण है। इस उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए उत्तर प्रदेश परिवहन निगम ने यह निःशुल्क शटल बस सेवा शुरू की है। यह सेवा महाकुंभ के प्रमुख स्नानों के समय यात्रियों के लिए विशेष रूप से उपलब्ध होगी, ताकि उन्हें बसों के माध्यम से उनकी यात्रा में कोई दिक्कत न हो। श्रद्धालु प्रयागराज नगर से महाकुंभ क्षेत्र में बने पार्किंग स्थल तक और इसके विपरीत यात्रा कर सकेंगे।

      अपर प्रबंध निदेशक रामसिंह वर्मा द्वारा जारी आदेश

      उत्तर प्रदेश परिवहन निगम के अपर प्रबंध निदेशक रामसिंह वर्मा ने इस महत्वपूर्ण आदेश को जारी किया है। उनके द्वारा दिए गए निर्देशों के तहत, परिवहन निगम की शटल बसों को महाकुंभ के प्रमुख स्नान तिथियों पर श्रद्धालुओं के लिए निःशुल्क सेवा प्रदान करने का आदेश दिया गया है। यह कदम महाकुंभ के दौरान यात्रा की सुरक्षा और सुविधा को बढ़ावा देने के लिए लिया गया है।

      शटल सेवा का महत्व

      महाकुंभ में लाखों श्रद्धालु एक साथ जुटते हैं, और इस दौरान यातायात का दबाव बहुत बढ़ जाता है। ऐसे में निःशुल्क शटल बस सेवा से यात्रियों को आसानी से महाकुंभ के विभिन्न स्थानों तक पहुँचने में मदद मिलेगी। यह सेवा यातायात के दबाव को कम करने के साथ-साथ यात्रियों के लिए एक संरक्षित और सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करेगी। यात्रियों को अपनी यात्रा के दौरान कोई असुविधा न हो, इसके लिए यह बस सेवा समय-समय पर उपलब्ध रहेगी।

      प्रमुख स्नान तिथियों पर विशेष सेवा

      महाकुंभ के दौरान कई महत्वपूर्ण स्नान तिथियाँ होती हैं, जिनमें मकर संक्रांति, मौनी अमावस्या, बसंत पंचमी और अन्य विशेष दिन शामिल हैं। इन दिनों पर विशेष रूप से श्रद्धालुओं की भीड़ अधिक होती है, और शटल बस सेवा उन सभी दिनों के दौरान उपलब्ध रहेगी। यह सेवा यात्रियों को इन प्रमुख स्नानों के एक दिन पहले से और एक दिन बाद तक मिलेगी, ताकि वे बिना किसी कठिनाई के गंगा में डुबकी लगा सकें और महाकुंभ के आयोजनों में भाग ले सकें।

      यूपी परिवहन निगम का दायित्व

      उत्तर प्रदेश परिवहन निगम का यह कदम न केवल महाकुंभ के दौरान श्रद्धालुओं के लिए यात्रा को आसान बनाएगा, बल्कि यह उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से एक बड़ा कदम साबित होगा, जो महाकुंभ के आयोजन को व्यवस्थित और प्रभावी बनाने के लिए उठाया गया है। इसके अलावा, इस पहल से महाकुंभ के दौरान यातायात व्यवस्था में होने वाली परेशानियों को भी कम किया जा सकेगा। निःशुल्क शटल बस सेवा से परिवहन का दबाव कम होगा और यात्रियों के लिए सुविधाजनक परिवहन विकल्प उपलब्ध होगा।

      महाकुंभ-2025 में प्रमुख स्नान व उसके एक दिन आगे पीछे के दिनों में निःशुल्क शटल बस सेवा का शुभारंभ यात्रियों के लिए एक बड़ी राहत साबित होगा। यह सेवा महाकुंभ के दौरान यात्रा को और अधिक सुविधाजनक और सुगम बनाने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है।

      महाकुंभ 2025 में लॉरेंस जॉब्स बनीं ‘कमला’: एक सप्ताह तक करेंगी तप और गंगा स्नान

      महाकुंभ 2025 में लॉरेंस जॉब्स बनीं 'कमला': एक सप्ताह तक करेंगी तप और गंगा स्नान
      महाकुंभ 2025 में लॉरेंस जॉब्स बनीं 'कमला': एक सप्ताह तक करेंगी तप और गंगा स्नान
      महाकुंभ 2025 में लॉरेंस जॉब्स बनीं 'कमला': एक सप्ताह तक करेंगी तप और गंगा स्नान
      • लॉरेंस जॉब्स ने सनातन धर्म को समझने के लिए ‘कमला’ नाम अपनाया।
      • वे वाराणसी से प्रयागराज पहुंची हैं और महाकुंभ में एक सप्ताह तक तप करेंगी।
      • मकर संक्रांति और मौनी अमावस्या के प्रमुख शाही स्नानों में गंगा स्नान करेंगी।
      • यह यात्रा उनके लिए भारतीय संस्कृति की गहराई को अनुभव करने का एक महत्वपूर्ण अवसर है।
      • महाकुंभ में उनकी उपस्थिति ने इस धार्मिक आयोजन को अंतरराष्ट्रीय मंच पर एक नई पहचान दी है।

        प्रयागराज, 12 जनवरी 2025: दुनिया भर में अपने प्रौद्योगिकी योगदान के लिए पहचाने जाने वाले स्टीव जॉब्स की पत्नी लॉरेंस जॉब्स ने भारतीय सनातन धर्म और उसकी गहरी परंपराओं को करीब से समझने के लिए एक नई यात्रा शुरू की है। उन्होंने प्रयागराज महाकुंभ 2025 में भाग लेने का निर्णय लिया है, जहां वे अपने आध्यात्मिक अनुभव को और अधिक समृद्ध करने के लिए एक सप्ताह तक तप करेंगी। इस दौरान, उन्होंने महामंडलेश्वर कैलाशानन्द द्वारा दिया गया ‘कमला’ नाम अपनाया है, जो भारतीय संस्कृति के प्रति उनकी आस्था और निष्ठा को दर्शाता है।

        कमला बनीं लॉरेंस जॉब्स: सनातन धर्म के प्रति एक नई पहचान

        लॉरेंस जॉब्स ने सनातन धर्म को गहराई से आत्मसात करने के लिए महामंडलेश्वर कैलाशानन्द द्वारा दिया गया ‘कमला’ नाम चुना। यह नाम भारतीय परंपरा में महिलाओं के लिए पवित्रता और ज्ञान का प्रतीक है। कमला बनने का निर्णय लॉरेंस की भारतीय संस्कृति के प्रति गहरी रुचि और आध्यात्मिकता की ओर उनके झुकाव को दर्शाता है।

        वाराणसी से प्रयागराज तक की यात्रा

        लॉरेंस जॉब्स अपने 60 सदस्यीय दल के साथ पहले वाराणसी पहुंची थीं, जहां उन्होंने भारतीय संस्कृति और परंपराओं का अनुभव किया। अब वे प्रयागराज महाकुंभ में अपनी आध्यात्मिक यात्रा को आगे बढ़ाने के लिए आई हैं। इस दौरान, वे महाकुंभ के पवित्र माहौल में रहकर ध्यान, तप और साधना करेंगी।

        गंगा स्नान और शाही स्नान का विशेष महत्व

        महाकुंभ में मकर संक्रांति और मौनी अमावस्या के अवसर पर गंगा स्नान का विशेष महत्व होता है। लॉरेंस जॉब्स (अब कमला), इन शुभ अवसरों पर गंगा में डुबकी लगाकर अपनी आध्यात्मिक यात्रा को और गहरा करेंगी। शाही स्नान में भाग लेना उनके लिए भारतीय संस्कृति की गहराई को अनुभव करने का एक महत्वपूर्ण कदम होगा।

        सनातन धर्म की महानता को करीब से समझने की कोशिश

        कमला बनीं लॉरेंस जॉब्स महाकुंभ में एक सप्ताह तक तप करेंगी और सनातन धर्म की महानता को करीब से समझने का प्रयास करेंगी। इस दौरान वे भारतीय संस्कृति की विविधता और उसकी आध्यात्मिकता से जुड़ी विभिन्न परंपराओं को जानेंगी।

        महाकुंभ में अंतरराष्ट्रीय आकर्षण

        महाकुंभ में लॉरेंस जॉब्स की उपस्थिति न केवल धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह महाकुंभ को एक अंतरराष्ट्रीय मंच भी प्रदान करती है। लॉरेंस जॉब्स का इस धार्मिक आयोजन में भाग लेना वैश्विक समुदाय के लिए एक प्रेरणा का स्रोत बन सकता है, जो भारतीय संस्कृति और उसकी गहरी आध्यात्मिकता को समझने में रुचि रखते हैं। लॉरेंस जॉब्स की उपस्थिति और उनके द्वारा अपनाई गई भारतीय परंपराओं को दर्शाती है, जो महाकुंभ के आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्व को बढ़ावा देती है।

        लखनऊ: सहकार भारती का 47वां स्थापना दिवस समारोह संपन्न, राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. उदय जोशी ने सहकारिता के माध्यम से समाज के दलित, शोषित और वंचित वर्गों के आर्थिक विकास की बात कही

        लखनऊ: सहकार भारती का 47वां स्थापना दिवस समारोह संपन्न, राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. उदय जोशी ने सहकारिता के माध्यम से समाज के दलित, शोषित और वंचित वर्गों के आर्थिक विकास की बात कही
        लखनऊ: सहकार भारती का 47वां स्थापना दिवस समारोह संपन्न, राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. उदय जोशी ने सहकारिता के माध्यम से समाज के दलित, शोषित और वंचित वर्गों के आर्थिक विकास की बात कही
        लखनऊ: सहकार भारती का 47वां स्थापना दिवस समारोह संपन्न, राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. उदय जोशी ने सहकारिता के माध्यम से समाज के दलित, शोषित और वंचित वर्गों के आर्थिक विकास की बात कही
        • दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया, जिसमें सहकार भारती के शीर्ष पदाधिकारियों समेत कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।
        • राष्ट्रीय महामंत्री दीपक चौरसिया ने किसानों की आय बढ़ाने के लिए पैक्स के माध्यम से रोडमैप तैयार करने पर जोर दिया।
        • स्वागत भाषण प्रदेश अध्यक्ष अरुण सिंह ने दिया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन महामंत्री अरविन्द दूबे ने किया।
        • समारोह में इफको, पीसीएफ, और अन्य सहकारी संगठनों के प्रमुख पदाधिकारियों सहित 300 कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया।

          लखनऊ, 12 जनवरी 2025: सहकारिता क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रसिद्ध सहकार भारती का 47वां स्थापना दिवस समारोह लखनऊ के उद्यान निदेशालय सभागार में भव्य रूप से संपन्न हुआ। इस आयोजन में सहकारिता से जुड़े प्रमुख पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की उपस्थिति रही।

          समारोह का शुभारंभ राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. उदय जोशी, राष्ट्रीय महामंत्री दीपक चौरसिया, पीसीएफ सभापति बाल्मीकि त्रिपाठी, यूपीसीबी सभापति जितेंद्र बहादुर सिंह, प्रदेश अध्यक्ष अरुण सिंह, महामंत्री अरविन्द दूबे, और महिला प्रमुख मीनाक्षी राय ने दीप प्रज्वलन के साथ किया। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रीय अध्यक्ष और महामंत्री का भव्य स्वागत किया।

          मुख्य अतिथि डॉ. उदय जोशी का संबोधन

          कार्यक्रम के मुख्य अतिथि और सहकार भारती के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. उदय जोशी ने सहकारिता के महत्व और उसके माध्यम से समाज के आर्थिक विकास की बात की। उन्होंने स्वामी विवेकानंद की जयंती के दिन को विशेष बताते हुए कहा कि सहकार भारती का उद्देश्य युवाओं को सहकारिता के क्षेत्र से जोड़ना है। डॉ. जोशी ने कहा, “सहकारिता के माध्यम से दलित, शोषित और वंचित वर्गों का आर्थिक विकास किया जा सकता है।” उन्होंने यह भी बताया कि सहकार भारती देश के 28 प्रदेशों और 650 जिलों में सक्रिय है।

          डॉ. जोशी ने सहकारिता के माध्यम से समाज को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की बात की। उन्होंने कहा कि सहकारिता के प्रति गलत धारणाओं को बदलने के लिए हमें संगठित होकर काम करना होगा। सहकार भारती के संस्थापक लक्ष्मणराव इनामदार के विचारों को दोहराते हुए उन्होंने कहा कि किसी भी व्यवस्था में दोष नहीं होता, बल्कि उसकी क्रियान्वयन प्रक्रिया में सुधार की आवश्यकता होती है।

          राष्ट्रीय महामंत्री दीपक चौरसिया का वक्तव्य

          सहकार भारती के राष्ट्रीय महामंत्री दीपक चौरसिया ने सहकारिता के माध्यम से समाज के निचले पायदान पर खड़े व्यक्ति के आर्थिक विकास की बात की। उन्होंने सहकार भारती के कार्यकर्ताओं को पैक्स के माध्यम से किसानों की आय दोगुनी करने का रोडमैप तैयार करने का निर्देश दिया। दीपक चौरसिया ने संगठन की कार्यपद्धति पर भी विस्तार से चर्चा की।

          कार्यक्रम में पीसीएफ सभापति बाल्मीकि त्रिपाठी और यूपीसीबी सभापति जितेंद्र बहादुर सिंह ने भी सहकारिता की भूमिका पर अपने विचार रखे। प्रदेश अध्यक्ष अरुण सिंह ने स्वागत भाषण दिया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन महामंत्री अरविन्द दूबे ने किया।

          विशेष अतिथियों की उपस्थिति

          इस अवसर पर इफको के राज्य विपणन प्रबंधक अभिमन्यु राय, आईटी प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय सह प्रमुख कृष्ण कुमार, राष्ट्रीय आवास प्रकोष्ठ प्रमुख मुदित वर्मा, एस एच जी प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय सह प्रमुख तुषार श्रीवास्तव, प्रदेश संगठन प्रमुख कर्मवीर जी, और सहसंगठन प्रमुख विजय पांडे सहित 300 से अधिक कार्यकर्ता उपस्थित थे।

          अंधेरे को कोसने से अंधेरा दूर नहीं होता, प्रकृति संरक्षण को लेकर डॉ. राजेश्वर सिंह का विजन सराहनीय, सुरक्षित भविष्य के लिए पर्यावरण संरक्षण महत्वपूर्ण भी हैं, हम सबकी जिम्मेदारी भी- सुरेश खन्ना

          अंधेरे को कोसने से अंधेरा दूर नहीं होता, प्रकृति संरक्षण को लेकर डॉ. राजेश्वर सिंह का विजन सराहनीय - सुरेश खन्ना
          अंधेरे को कोसने से अंधेरा दूर नहीं होता, प्रकृति संरक्षण को लेकर डॉ. राजेश्वर सिंह का विजन सराहनीय - सुरेश खन्ना
          अंधेरे को कोसने से अंधेरा दूर नहीं होता, प्रकृति संरक्षण को लेकर डॉ. राजेश्वर सिंह का विजन सराहनीय - सुरेश खन्ना
          • डॉ. राजेश्वर सिंह ने राष्ट्रीय युवा दिवस पर शुरू किया वन्यजीव और पर्यावरण संरक्षण अभियान, आयोजित किया ‘एनवायरनमेंट वारियर’ वाइल्डलाइफ कंजर्वेशन कर्टेन रेजर इवेंट
          • डॉ. सिंह के एनवायरनमेंट कंजर्वेशन अभियान से जुड़ सकेंगे युवा: राष्ट्रीय युवा दिवस के मौके पर लॉन्च किया गया वार्षिक कैलेंडर, वेबसाइट और सोशल मीडिया हैंडल
          • डॉ. सिंह ने गुरु गोबिंद सिंह जी महाराज राजकीय डिग्री कॉलेज, पलिया कलां में स्थापित कराई डिजिटल लाइब्रेरी, 5 मेधावियों को प्रदान किए टैबलेट डिवाइस। वन्यजीव संरक्षण कार्यक्रम के लिए पहुंचे थे खीरी
          • आईएफएस अधिकारी ललित वर्मा सहित 6 हस्तियों को मिला ‘प्राइड ऑफ तराई’ अवार्ड। डॉ. राजेश्वर सिंह ने तराई क्षेत्र में शुरू की प्रकृति संरक्षण की मुहिम
          • डॉ. राजेश्वर सिंह ने वाइल्डलाइफ कंजर्वेशन कर्टेन रेजर इवेंट आयोजित कर खींचा वन्यजीव संरक्षण का खाका, फ्रंटलाइनरों को किया सम्मानित, फॉरेस्ट रिजर्व के वॉचरों को प्रदान की साइकिल
          • वन्यजीव संरक्षण के साथ इको-फ्रेंडली अभियान: डिग्री कॉलेज के 300 से अधिक छात्र-छात्राओं को तारा शक्ति केंद्रों पर बने इको-फ्रेंडली बैग्स में रखकर प्रदान की गई पर्यावरण संरक्षण की पुस्तकें
          • वायु प्रदूषण के कारण भारत के 25 लाख सहित पूरी दुनिया में 60 लाख लोगों की असामयिक मृत्यु होना गंभीर चेतावनी – डॉ. राजेश्वर सिंह
          • एक साल में प्रकृति जितना उत्पन्न करती है, 7 माह में होता है उतने संसाधनों का दोहन – डॉ. राजेश्वर सिंह

          खीरी/लखनऊ, 12 जनवरी 2025: रविवार को राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर खीरी जनपद के अंतर्गत पलिया कलां स्थित श्री गुरु गोबिंद सिंह जी महाराज राजकीय महाविद्यालय में वन्य जीव और पर्यावरण संरक्षण की एक अनोखी मुहिम शुरू की गयी। राजधानी लखनऊ की सरोजनीनगर विधानसभा क्षेत्र से विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह के प्रयासों से तराई क्षेत्र के वन्यकर्मियों तथा पर्यावरण योद्धाओं को प्रोत्साहित और सम्मानित करने, वन्यजीव संरक्षण कैलेंडर तथा वेबसाइट का विमोचन करने के लिए ‘एनवायरनमेंट वारियर’ वाइल्ड लाइफ कंजर्वेशन कर्टेन रेजर इवेंट आयोजित किया गया। कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना मौजूद रहे।

          सरोजनीनगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने गुरु गोबिंद सिंह जी महाराज राजकीय महाविद्यालय में 5 कंप्यूटर प्रदान कर डिजिटल लाइब्रेरी की स्थापना कराई है, जिसका लोकार्पण मुख्य अतिथि के कर कमलों से हुआ। इस दौरान महाविद्यालय के 5 मेधावी छात्र – छात्राओं को टैबलेट प्रदान कर सम्मानित किया गया।
          इस साल भर की पर्यावरणीय और वन्यजीवों के संरक्षण को प्रोत्साहित करने वाले तिथियों को हाईलाइट करते हुए कैलेंडर और वेबसाइट ‘एनवायरनमेंट वारियर्स डॉट कॉम’ का विमोचन किया गया। इस कैलेंडर में प्रयोग किये गए सारे फोटोज सुप्रसिद्ध शिक्षा एवं पर्यावरणविद, अम्बालिका फाउंडेशन लखनऊ के प्रबंध निदेशक अम्बिका मिश्रा द्वारा खींची गईं हैं। कार्यक्रम के दौरान आईएफएस अधिकारी ललित वर्मा, लखनऊ चिड़ियाघर के उपनिदेशक डॉ. उत्कर्ष शुक्ला, जागीर मैनर, दुधवा आईएचसीएल सेलेक्ट के प्रबंध निदेशक कमलजीत सिंह, दुधवा टाइगर रिजर्व से जुड़े पर्यावरणविद बृजलाल, वाइल्डलाइफ बायोलाजिस्ट अपूर्व गुप्ता एवं पूर्व आईआरएस अधिकारी रामेश्वर सिंह को प्राइड ऑफ तराई अवार्ड से सम्मानित किया गया। इस दौरान दुधवा टाइगर रिजर्व में उत्कृष्ट कार्य करने वाले 5 फ्रंटलाइन स्टाफ को सम्मानित किया गया, दुधवा टाइगर रिजर्व पलिया प्रभाग, कतर्नियाघाट वन्य जीव प्रभाग, बहराइच और बफर जोन दुधवा टाइगर रिजर्व प्रभाग के 30 वाचरों को साइकिल प्रदान कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के दौरान महाविद्यालय के छात्र – छात्राओं को सरोजनी नगर में संचालित ताराशक्ति केन्द्रों ( सिलाई सेंटर ) पर निर्मित इको फ्रेंडली बैग्स में रखकर पर्यावरण संरक्षण को प्रोत्साहित करने वाली पुस्तकें भी प्रदान की गईं।

          इस अवसर पर सरोजनीनगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने आयोजित गोष्ठी को संबोधित करते हुए कहा कि, आज पर्यावरण संरक्षण के प्रति पूरे विश्व में चिंता व्यक्त की जा रही है। ग्लेशियर पिघल रहे हैं, समुद्र जल स्तर बढ़ रहा है। पूरी दुनिया में वायु प्रदूषण के कारण 60 लाख लोगों की असमय जान जाती है जिनमें से 25 लाख मौते अकेले भारत में होती हैं। डॉ. सिंह ने मनुष्य द्वारा तेजी से प्राकृतिक संसाधनों के दोहन पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि ग्लोबल फुटप्रिंट नेटवर्क ने अर्थ ओवरशूट डे निर्धारित किया है, जिसके अनुसार हम साल भर में जो भी संसाधन उत्पन्न करते हैं, 1 अगस्त तक उतने संसाधनों का दोहन कर चुके होते हैं। डॉ. सिंह ने आगे जोड़ा वर्ष 1970 तक यही आंकड़ा 23 दिसम्बर था जो पिछले 55 साल में 5 महीने से अधिक घट गया है।

          विधायक ने वन विभाग को अधिक से अधिक संसाधन उपलब्ध कराने के लिए औद्योगिक समूहों को सरकार के साथ आने का आह्वान किया। विधायक ने बताया कि सीएम योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकार वन्य सम्पदा और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के समर्पित है। पिछले 5 साल में 200 करोड़ से अधिक पौधे रोपे गए हैं, तराई क्षेत्रों में भी वन्य जीवों के संरक्षण के कैंप लग रहे हैं। इस दौरान डॉ. सिंह ने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि भारत की 60 प्रतिशत आबादी युवा है, अगले 40 साल तक इन्ही युवाओं को देश का नेतृत्व करना है, इसलिए उन्हें पर्यावरण संरक्षण पर विशेष ध्यान देना चाहिए।

          वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने इन प्रयासों को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि, यह कार्यक्रम एक विजन के साथ शुरू हो रहा है यह इसकी सबसे बड़ी विशेषता है क्योकि अंधेरे को कोसने से कभी अँधेरा नहीं दूर होता है। इस दौरान पलिया विधानसभा क्षेत्र से विधायक रोमी साहनी ने डॉ. राजेश्वर सिंह के इन प्रयासों की सराहना करते करते हुए इसे की की सबसे बड़ी सेवा बताया। इस अवसर पर अम्बिका मिश्रा ने बताया कि पिछले कई साल से पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों में युवा पीढ़ी को जोड़ने, वन्य जीवों के लिए काम करने वाले लोगों को सम्मानित करने का विचार था जो आज पूरा हो रहा है। खीरी की जिलाधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल ने इस कार्यक्रम को अभिनव पहल बताते हुए डॉ. राजेश्वर सिंह का आभार व्यक्त किया।

          कार्यक्रम के दौरान पूर्व सांसद जुगुल किशोर, पलिया (खीरी) से विधायक रोमी साहनी, फील्ड डायरेक्टर, दुधवा टाइगर रिजर्व ललित वर्मा, शिक्षा एवं पर्यावरणविद अम्बिका मिश्रा, जिलाधिकारी खीरी दुर्गा शक्ति नागपाल, एसएसपी खीरी संकल्प शर्मा, शाहजहाँ पुर जिला पंचायत अध्यक्ष अजय यादव, भाजपा नेता शंकरी सिंह, नरेंद्र सिंह व अन्य मौजूद रहे।