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प्रयागराज महाकुंभ 2025 का भव्य आगाज: 13 जनवरी से पौष पूर्णिमा के स्नान से शुरू

प्रयागराज महाकुंभ 2025 का भव्य आगाज: 13 जनवरी से पौष पूर्णिमा के स्नान से शुरू
प्रयागराज महाकुंभ 2025 का भव्य आगाज: 13 जनवरी से पौष पूर्णिमा के स्नान से शुरू
प्रयागराज महाकुंभ 2025 का भव्य आगाज: 13 जनवरी से पौष पूर्णिमा के स्नान से शुरू
  • महाकुंभ 2025 का पहला स्नान सोमवार, 13 जनवरी को पौष पूर्णिमा के दिन होगा, जो सुबह 5:03 बजे से शुरू होगा।
  • मकर संक्रांति के दिन पहला शाही स्नान ब्रह्म मुहूर्त में सुबह 5:27 बजे से 6:21 बजे तक होगा।
  • विजय मुहूर्त दोपहर 2:15 बजे से 2:57 बजे तक रहेगा, जो स्नान के लिए शुभ समय है।
  • गोधूलि मुहूर्त शाम 5:42 बजे से 6:09 बजे तक रहेगा, जो धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है।
  • महाकुंभ 2025 में 144 साल बाद बनने वाला दुर्लभ शुभ संयोग इसे विशेष धार्मिक महत्व प्रदान करेगा।

    महाकुम्भ नगर/प्रयागराज/लखनऊ, 12 जनवरी 2025: प्रयागराज में महाकुंभ 2025 की आध्यात्मिक यात्रा की शुरुआत 13 जनवरी को पौष पूर्णिमा के पावन स्नान से होगी। इस दिन लाखों श्रद्धालु गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के संगम में स्नान कर अपनी आत्मा को शुद्ध करेंगे और पुण्य अर्जित करेंगे। पूर्णिमा तिथि की शुरुआत सुबह 5:03 बजे से होगी, जो श्रद्धालुओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि यह दिन धार्मिक दृष्टि से बहुत शुभ माना जाता है।

    पहला शाही स्नान: मकर संक्रांति पर ब्रह्म मुहूर्त में

    महाकुंभ 2025 का पहला शाही स्नान मकर संक्रांति के पावन अवसर पर होगा। इस दिन का ब्रह्म मुहूर्त सुबह 5:27 बजे से 6:21 बजे तक रहेगा। शाही स्नान के दौरान विभिन्न अखाड़ों के साधु-संत और महंत संगम में स्नान करेंगे। यह आयोजन महाकुंभ के मुख्य आकर्षणों में से एक होता है, जहां संतों का भव्य जुलूस और उनके द्वारा संगम में स्नान करना एक विशेष आध्यात्मिक माहौल बनाता है।

    अन्य शुभ मुहूर्त: विजय और गोधूलि

    शाही स्नान के दिन विजय मुहूर्त दोपहर 2:15 बजे से 2:57 बजे तक रहेगा, जो स्नान के लिए अत्यंत शुभ समय माना जाता है। इसके अलावा, गोधूलि मुहूर्त शाम 5:42 बजे से 6:09 बजे तक होगा। यह समय भी धार्मिक अनुष्ठानों और स्नान के लिए विशेष महत्व रखता है, क्योंकि यह दिन के अंत में आने वाला शुभ समय होता है।

    144 साल बाद दुर्लभ शुभ संयोग

    महाकुंभ 2025 में 144 साल बाद एक दुर्लभ शुभ संयोग बन रहा है। इस संयोग के कारण इस महाकुंभ का महत्व और भी बढ़ जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस विशेष संयोग के दौरान संगम में स्नान करने से कई गुना अधिक पुण्य फल की प्राप्ति होती है। श्रद्धालु इस मौके पर अपने पापों का प्रायश्चित करते हैं और आध्यात्मिक उन्नति की ओर अग्रसर होते हैं।

    महाकुंभ की धार्मिक और सांस्कृतिक महत्ता

    महाकुंभ भारतीय संस्कृति और धर्म का एक ऐसा पर्व है, जिसमें देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु और साधु-संत एकत्रित होते हैं। यह आयोजन न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिकता और परंपराओं का संगम भी है। महाकुंभ के दौरान विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान, भजन-कीर्तन, और आध्यात्मिक प्रवचन भी आयोजित किए जाते हैं, जो इस पर्व को और भी विशेष बनाते हैं।

    प्रयागराज में महाकुंभ 2025 का आयोजन एक ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व की घटना है, जिसमें श्रद्धालु स्नान कर अपनी आत्मा को शुद्ध करेंगे और पुण्य अर्जित करेंगे। 144 साल बाद बनने वाला दुर्लभ शुभ संयोग इस महाकुंभ को और भी खास बनाता है। लाखों श्रद्धालु इस अवसर पर संगम में स्नान कर अपनी धार्मिक और आध्यात्मिक यात्रा को सार्थक बनाएंगे।

    यह विस्तृत जानकारी महाकुंभ 2025 के आयोजन को समझने में मदद करेगी और श्रद्धालुओं को इस पवित्र पर्व की तैयारियों में सहायता करेगी।

    नितिन गडकरी का बड़ा ऐलान: सड़क दुर्घटनाओं में मददगारों को मिलेगा 25 हजार रुपये का इनाम

    नितिन गडकरी का बड़ा ऐलान: सड़क दुर्घटनाओं में मददगारों को मिलेगा 25 हजार रुपये का इनाम
    नितिन गडकरी का बड़ा ऐलान: सड़क दुर्घटनाओं में मददगारों को मिलेगा 25 हजार रुपये का इनाम
    नितिन गडकरी का बड़ा ऐलान: सड़क दुर्घटनाओं में मददगारों को मिलेगा 25 हजार रुपये का इनाम
    • सड़क दुर्घटना के पीड़ितों को अस्पताल पहुंचाने वालों को 25 हजार रुपये का इनाम मिलेगा।
    • पहले इनाम राशि 5,000 रुपये थी, जिसे अब बढ़ाकर पांच गुना कर दिया गया है।
    • इस पहल का उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना और घायल व्यक्तियों को समय पर चिकित्सा सहायता प्रदान करना है।
    • नितिन गडकरी ने अपने मंत्रालय को इनाम राशि बढ़ाने का निर्देश दिया है।
    • भारत में सड़क दुर्घटनाओं की संख्या अधिक है, जिन्हें कम करने के लिए यह कदम उठाया गया है।

    नई दिल्ली/लखनऊ, 12 जनवरी 2025: केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने सड़क सुरक्षा को लेकर एक महत्वपूर्ण घोषणा की है, जो सड़क दुर्घटनाओं के शिकार लोगों को शीघ्र चिकित्सा सहायता दिलाने और देश में सड़क दुर्घटनाओं की संख्या को कम करने के उद्देश्य से की गई है। इस नई योजना के तहत, जो भी व्यक्ति सड़क दुर्घटनाओं में घायल हुए लोगों को तुरंत अस्पताल पहुंचाएगा, उसे 25 हजार रुपये का इनाम दिया जाएगा। इससे पहले, ऐसे मददगारों को 5,000 रुपये का इनाम दिया जाता था, जिसे अब पांच गुना बढ़ा दिया गया है।

    नई योजना का उद्देश्य और महत्व

    इस योजना का उद्देश्य सड़क पर होने वाली दुर्घटनाओं में तेजी से प्रतिक्रिया सुनिश्चित करना है। भारत में सड़क दुर्घटनाओं की संख्या चिंताजनक रूप से अधिक है, और इन दुर्घटनाओं में कई बार घायल व्यक्तियों को समय पर इलाज नहीं मिल पाता है, जिससे उनकी जान को खतरा हो जाता है। नितिन गडकरी ने कहा कि इस नई पहल से दुर्घटना स्थल पर तुरंत मदद पहुंचाने वालों की संख्या में वृद्धि होगी, जिससे घायल व्यक्तियों को अधिक समय पर चिकित्सा सेवाएं मिल सकेंगी।

    गडकरी ने यह भी कहा कि सरकार का यह कदम न केवल लोगों को मददगार बनने के लिए प्रेरित करेगा बल्कि सड़क पर घायल लोगों की जान बचाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इससे यह सुनिश्चित होगा कि कोई भी व्यक्ति दुर्घटना के बाद मदद के लिए अनदेखी न करे और समय रहते उन्हें उचित इलाज मिल सके।

    इनाम राशि में वृद्धि

    इस योजना के तहत, पहले 5,000 रुपये की इनाम राशि निर्धारित थी, लेकिन अब इसे बढ़ाकर 25 हजार रुपये कर दिया गया है। यह वृद्धि मददगारों के लिए एक बड़ा प्रोत्साहन होगी। नितिन गडकरी ने अपने मंत्रालय को इस दिशा में काम करने और इनाम राशि बढ़ाने के निर्देश दिए हैं ताकि सड़क पर होने वाली दुर्घटनाओं में मददगारों की संख्या में वृद्धि हो सके।

    सड़क दुर्घटनाओं की समस्या

    भारत में हर साल लाखों सड़क दुर्घटनाएं होती हैं, जिनमें हजारों लोग अपनी जान गंवाते हैं। यह समस्या दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है, और सरकार इस दिशा में कई कदम उठा रही है ताकि दुर्घटनाओं की संख्या को कम किया जा सके और सड़क सुरक्षा को बेहतर बनाया जा सके। नितिन गडकरी की यह घोषणा सड़क सुरक्षा में सुधार के लिए एक और बड़ा कदम है।

    योजना के लाभ

    इस योजना का सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि सड़क पर घायल व्यक्तियों को तुरंत सहायता मिल सकेगी। मददगारों को इनाम के रूप में प्रोत्साहित किया जाएगा, जिससे वे अधिक संख्या में आगे आएंगे और पीड़ितों को अस्पताल पहुंचाएंगे। इसके अलावा, यह पहल देश में सड़क दुर्घटनाओं की संख्या को कम करने में भी मदद करेगी, क्योंकि दुर्घटनाओं के बाद शीघ्र चिकित्सा सहायता मिलने से मृत्युदर में कमी आएगी।

    नितिन गडकरी का संदेश

    नितिन गडकरी ने कहा कि सरकार सड़क सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है और इस दिशा में हर संभव कदम उठा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि यह योजना केवल एक शुरुआत है और भविष्य में और भी कदम उठाए जाएंगे ताकि सड़क सुरक्षा को सुनिश्चित किया जा सके और दुर्घटनाओं की संख्या में कमी लाई जा सके।

    नितिन गडकरी की इस घोषणा से सड़क सुरक्षा में एक नया आयाम जुड़ा है। सड़क दुर्घटनाओं में घायल व्यक्तियों को शीघ्र मदद पहुंचाने के लिए 25 हजार रुपये का इनाम न केवल एक प्रोत्साहन है बल्कि यह सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पहल भी है। सरकार के इस कदम से उम्मीद है कि सड़क दुर्घटनाओं में कमी आएगी और घायल व्यक्तियों को समय पर इलाज मिल सकेगा, जिससे उनकी जान बचाई जा सकेगी।

    इस योजना से सड़क सुरक्षा को लेकर जागरूकता बढ़ेगी और सड़क दुर्घटनाओं के बाद मदद करने वालों की संख्या में भी वृद्धि होगी।

    देहरादून में सहकार भारती स्थापना दिवस पर भव्य कार्यक्रम, राजदत्त पांडेय ने की मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थिति

    देहरादून में सहकार भारती स्थापना दिवस पर भव्य कार्यक्रम, राजदत्त पांडेय ने की मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थिति
    देहरादून में सहकार भारती स्थापना दिवस पर भव्य कार्यक्रम, राजदत्त पांडेय ने की मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थिति
    देहरादून में सहकार भारती स्थापना दिवस पर भव्य कार्यक्रम, राजदत्त पांडेय ने की मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थिति
    • सहकार भारती स्थापना दिवस पर राजदत्त पांडेय ने मुख्य अतिथि के रूप में कार्यक्रम में भाग लिया।
    • कार्यक्रम में पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रमेश सिंह चंदेल, बाला शर्मा और यशवंत नेगी जैसे गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति।
    • 200 से अधिक लोग और समूह की बहनों ने अपने उत्पादों के स्टॉल लगाए, जो आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने का प्रतीक थे।
    • पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अजय पाल रावत ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की, संचालन मुकेश नेगी ने किया।
    • राजदत्त पांडेय ने सहकारिता के महत्व और समाज में इसके योगदान पर प्रेरणादायक संबोधन दिया।

    लखनऊ/देहरादून: 10 जनवरी, 2025: उत्तराखंड के देहरादून में सहकार भारती के स्थापना दिवस पर एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें देशभर से सहकारिता आंदोलन से जुड़े अनेक गणमान्य व्यक्तियों ने भाग लिया। इस विशेष अवसर पर सहकार भारती के पैक्स प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय प्रमुख राजदत्त पांडेय मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे और कार्यक्रम में सहकारिता के महत्व पर अपने विचार साझा किए। यह आयोजन सहकारिता आंदोलन की दिशा में किए गए कार्यों का उत्सव था और साथ ही भविष्य में इसके विस्तार की दिशा को रेखांकित करने का अवसर भी था।

    कार्यक्रम की शुरुआत समारोह के आयोजन से हुई, जिसमें पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रमेश सिंह चंदेल, बाला शर्मा, पूर्व संगठन प्रमुख यशवंत नेगी, और अन्य गणमान्य नेताओं ने शिरकत की। इन सभी नेताओं ने अपने-अपने विचार रखे और सहकारिता के महत्व को समाज में बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया।

    कार्यक्रम में 200 से अधिक लोग उपस्थित हुए, जिन्होंने अपनी सक्रिय भागीदारी से इस आयोजन को सफल बनाया। इसके अतिरिक्त, इस विशेष दिन को और भी खास बनाने के लिए, समूह की बहनों ने अपने उत्पादों के स्टॉल लगाए थे, जिनमें उन्होंने विभिन्न हस्तनिर्मित वस्त्र, आभूषण, किचन उत्पाद और अन्य सामग्रियों का प्रदर्शन किया। यह स्टॉल उनके स्वावलंबन और उद्यमिता को बढ़ावा देने का प्रतीक थे, जिनका उद्देश्य समाज में महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना था।

    कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अजय पाल रावत ने की, जिन्होंने सहकारिता के क्षेत्र में सहकार भारती के योगदान और भविष्य की योजनाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। उनके अध्यक्षीय संबोधन ने सहकारिता आंदोलन की दिशा को स्पष्ट किया और इसके माध्यम से समाज में उन्नति की संभावनाओं को उजागर किया।

    कार्यक्रम का संचालन मुकेश नेगी ने किया, जिन्होंने कार्यक्रम को व्यवस्थित रूप से चलाया और सभी उपस्थित लोगों को एकजुट रखने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनकी नेतृत्व क्षमता और संचालन कौशल ने कार्यक्रम को सुचारु रूप से आयोजित करने में मदद की।

    मुख्य अतिथि राजदत्त पांडेय ने अपने संबोधन में सहकारिता के महत्व को फिर से रेखांकित किया। उन्होंने सहकारिता को एक ऐसा सशक्त माध्यम बताया, जो समाज के प्रत्येक वर्ग को अपने अधिकारों और संसाधनों तक पहुंचने में सक्षम बनाता है। पांडेय जी ने सहकार भारती द्वारा किए गए सामाजिक कार्यों की सराहना की और आगे आने वाली चुनौतियों को स्वीकार करते हुए, सहकारिता के क्षेत्र में और अधिक काम करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उनका यह संबोधन सहकारिता के व्यापक उद्देश्य को समर्पित था, जिसमें समाज के सभी वर्गों को समान अवसर और सशक्तिकरण प्रदान करने की दिशा पर चर्चा की गई।

    इस कार्यक्रम का आयोजन एक ऐसे समय में हुआ जब भारत में सहकारिता को बढ़ावा देने की दिशा में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। सहकार भारती के संस्थापक और कार्यकर्ताओं ने देशभर में ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए अपने प्रयासों को तेज किया है।

    कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण:

    1. सहकारिता के प्रचार-प्रसार में सहकार भारती की भूमिका: इस आयोजन ने सहकारिता के महत्व को पुनः सिद्ध किया और यह दिखाया कि यह मॉडल न केवल आर्थिक दृष्टि से बल्कि सामाजिक दृष्टि से भी अत्यधिक प्रभावशाली है।
    2. समूह की महिलाओं का सशक्तिकरण: स्टॉलों में महिलाओं द्वारा निर्मित उत्पादों का प्रदर्शन यह सिद्ध करता है कि सहकारिता के माध्यम से महिलाएं न केवल अपने जीवन को बेहतर बना रही हैं, बल्कि दूसरों के लिए भी एक प्रेरणा बन रही हैं।
    3. सहकारिता का सामाजिक प्रभाव: कार्यक्रम में सभी नेताओं ने सहकारिता के मॉडल को ग्रामीण क्षेत्रों में लागू करने और समाज के आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए इसे एक सशक्त माध्यम बनाने पर जोर दिया।
    4. राजदत्त पांडेय का प्रेरणादायक संबोधन: उनके शब्दों ने न केवल सहकारिता के महत्व को समझाया, बल्कि कार्यकर्ताओं को और अधिक मेहनत करने के लिए प्रेरित किया।
    5. आने वाली योजनाओं का परिचय: सहकार भारती के भविष्य के लक्ष्यों और योजनाओं पर भी विस्तार से चर्चा की गई, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि संगठन सहकारिता के क्षेत्र में अपनी भूमिका और अधिक बढ़ाएगा।

    यह आयोजन सहकारिता के प्रति समाज के दृष्टिकोण को और मजबूत करेगा और भविष्य में इसे एक सशक्त सामाजिक-आर्थिक मॉडल के रूप में स्थापित करने में सहायक होगा।

    प्रदेश के स्वास्थ्य ढांचे को कर रहे मजबूत: ब्रजेश पाठक

    प्रदेश के स्वास्थ्य ढांचे को कर रहे मजबूत: ब्रजेश पाठक
    प्रदेश के स्वास्थ्य ढांचे को कर रहे मजबूत: ब्रजेश पाठक
    प्रदेश के स्वास्थ्य ढांचे को कर रहे मजबूत: ब्रजेश पाठक
    • डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने 159 करोड़ की लागत से 11 चिकित्सा इकाइयों का शिलान्यास एवं लोकार्पण किया।
    • “सबल उत्तर प्रदेश, सक्षम उत्तर प्रदेश” के तहत प्रदेश के स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत किया जा रहा है।
    • आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के अंतर्गत प्रदेश में 12.7 करोड़ से अधिक आभा तैयार किए गए हैं।
    • 134 करोड़ की लागत से महोबा में 200 शैय्यायुक्त चिकित्सालय एवं ट्रॉमा सेंटर का शिलान्यास हुआ।
    • समारोह में कई प्रमुख अधिकारी और गणमान्यजन उपस्थित रहे।

    लखनऊ, 11 जनवरी 2025: डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने शनिवार को इंदिरा नगर स्थित राज्य स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण संस्थान में 159 करोड़ रुपए से अधिक लागत की 11 चिकित्सा इकाइयों का वर्चुअल शिलान्यास एवं लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा, “किसी भी समाज की प्रगति एवं समृद्धि का आधार स्वास्थ्य होता है। हम प्रदेश के स्वास्थ्य के ढांचे को मजबूत कर रहे हैं। पिछली सरकारों ने कोई काम नहीं किया।”

    ब्रजेश पाठक ने बताया कि पूर्व में चिकित्सा उपकेंद्रों पर केवल मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य से संबंधित प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध थीं, लेकिन अब हमारी सरकार ने सभी आयु वर्ग के नागरिकों के लिए सेवाएं उपलब्ध कराई हैं। उन्होंने कहा कि “सबल उत्तर प्रदेश, सक्षम उत्तर प्रदेश” के तहत प्रदेश के स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत किया जा रहा है।

    आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन की उपलब्धियां

    डिप्टी सीएम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के अंतर्गत स्वास्थ्य सेवाओं के डिजिटलीकरण पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि प्रदेश के प्रत्येक नागरिक का यूनिक स्वास्थ्य पहचान (आभा) बनाया जा रहा है, जिसमें उत्तर प्रदेश देश में प्रथम स्थान पर है। अब तक 12.7 करोड़ से अधिक आभा तैयार किए जा चुके हैं।

    11 चिकित्सा इकाइयों का शिलान्यास एवं लोकार्पण

    1. 134 करोड़ रुपए की लागत से जनपद महोबा में 200 शैय्यायुक्त चिकित्सालय एवं ट्रॉमा सेंटर के भवन का शिलान्यास।
    2. 11 करोड़ रुपए की लागत से महानिदेशक आवासों एवं अधिकारी आवासों के भवन का शिलान्यास।
    3. 09 करोड़ रुपए की लागत से जनपद बांदा में जनपदीय ड्रग वेयर हाउस का लोकार्पण।
    4. 41 लाख रुपए की लागत से आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन कार्यालय का लोकार्पण।
    5. 48 लाख रुपए की लागत से जनपद महोबा के पनवाड़ी में ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिट, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का लोकार्पण।
    6. 32 लाख रुपए की लागत से जनपद महोबा के कुलपहाड़ में 20 बेडेड वार्ड सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का लोकार्पण।
    7. 32 लाख रुपए की लागत से जनपद महोबा के कबरई में 20 बेडेड वार्ड सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का लोकार्पण।
    8. 32 लाख रुपए की लागत से जनपद महोबा के पनवाड़ी में 20 बेडेड वार्ड सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का लोकार्पण।
    9. 32 लाख रुपए की लागत से जनपद महोबा के चरखारी में 20 बेडेड वार्ड सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का लोकार्पण।
    10. 32 लाख रुपए की लागत से जनपद महोबा के जैतपुर में 20 बेडेड वार्ड सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का लोकार्पण।
    11. जिला संयुक्त चिकित्सालय, औरैया में ब्लड बैंक का लोकार्पण।

    स्वास्थ्य योजनाओं की जानकारी साझा

    डिप्टी सीएम ने इस अवसर पर प्रदेश में संचालित विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं की जानकारी भी साझा की। इस समारोह में सदस्य विधान परिषद मुकेश शर्मा, विधायक ओपी श्रीवास्तव, प्रमुख सचिव रंजन कुमार, एमडी एनएचएम पिंकी जोएल, और अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे।

    संगम स्नान कराने प्रदेश के सभी जिलों से चलेंगी बसें: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

    संगम स्नान कराने प्रदेश के सभी जिलों से चलेंगी बसें: मुख्यमंत्री
    संगम स्नान कराने प्रदेश के सभी जिलों से चलेंगी बसें: मुख्यमंत्री
    संगम स्नान कराने प्रदेश के सभी जिलों से चलेंगी बसें: मुख्यमंत्री
    • मुख्यमंत्री का निर्देश, स्नान पर्वों के साथ सामान्य दिनों के लिए भी सभी जिलों से हो बसों की सुविधा
    • महाकुम्भ के लिए 7000 अतिरिक्त बसें चलाने की यूपी रोडवेज ने की है तैयारी, मेला तक ले जाने के लिए शटल बसें भी चलेंगी
    • मुख्यमंत्री ने की यूपी रोडवेज की तैयारियों की समीक्षा, कहा, नहीं होनी चाहिए ओवरलोडिंग, किराया वही लें जो तय है

    लखनऊ, 11 जनवरी 2025: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों को संगम स्नान के लिए प्रदेश के सभी जिलों से बसें चलाने के निर्देश दिए हैं। शनिवार को उत्तर प्रदेश सड़क परिवहन निगम के अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक में मुख्यमंत्री ने महाकुम्भ को लेकर यूपी रोडवेज द्वारा की जा रही तैयारियों की समीक्षा की।

    मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि पूरे महाकुंभ अवधि हेतु सभी जनपदों से प्रयागराज हेतु बसों का संचालन किया जाए, साथ ही बसों के संचालन से संबंधित समय सारणी का व्यापक प्रचार प्रसार कराया जाए। उन्होंने कहा कि प्रमुख स्नान पर्वों के अतिरिक्त भी पूरी महाकुंभ अवधि में सभी जनपदों से बसों का संचालन प्रयागराज के लिये होना चाहिए। श्रद्वालुओं को यात्रा में कोई समस्या ना हो, इसे सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि मादक पदार्थों का सेवन किसी भी बस चालक/परिचालक द्वारा नहीं किया जाना चाहिए। साथ ही, प्राइवेट बसों के लिए यह सुनिश्चित किया जाये कि ना तो निश्चित किराया से ज़्यादा किराया लिया जाये ना ही निश्चित क्षमता से अधिक ओवरलोडिंग हो। बता दें कि महाकुम्भ में सभी श्रद्धालुओं के सुगम-सनज संगम स्नान के लिए यूपी रोडवेज द्वारा 7000 बसें चलाई जाने की तैयारी है, वहीं मेला क्षेत्र के लिए 550 शटल बसें भी चलाई जा रही हैं।

    बैठक में परिवहन मंत्री, प्रमुख सचिव परिवहन, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री एवं एमडी परिवहन की उपस्थिति रही।