भारत और बांग्लादेश के बीच रिश्तों में लगातार गिरावट देखने को मिल रही है। बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेक हसीना के अपदस्थ होते ही दोनों देशों के रिश्ते तनावपूर्ण हो चुके हैं। अब पहली बार भारत और बांग्लादेश के बीच सीमा पर भी तनातनी देखी गई है। बांग्लादेशी घुसपैठियों को रोकने के लिए भारतीय सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने सुरक्षा को सख्त कर दिया है। इससे कोई भी बांग्लादेशी घुसपैठिया भारत में प्रवेश नहीं कर पा रहा है। बीएसएफ के अधिकारी हर बांग्लादेशी संदिग्ध से सीमा पर कड़ाई से पूछताछ कर रहे हैं। इससे बांग्लादेश की मोहम्मद यूनुस की सरकार बौखला गई है।
ताजा विवाद में सूचना है कि बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने रविवार को सीमा तनाव को लेकर भारतीय उच्चायुक्त प्रणय वर्मा को ढाका में तलब किया। यह घटनाक्रम बांग्लादेश द्वारा यह आरोप लगाए जाने के कुछ घंटों बाद सामने आया है कि भारत द्विपक्षीय समझौते का उल्लंघन करते हुए भारत-बांग्लादेश सीमा पर पांच स्थानों पर बाड़ लगाने की कोशिश कर रहा है। वर्मा को अपराह्न लगभग तीन बजे मंत्रालय में प्रवेश करते देखा गया।
भारत बांग्लादेश की सीमा पर लगा रहा बाड़
बांग्लादेशी घुसपैठियों को सीमा में घुसने से रोकने के लिए भारत ने बॉर्डर पर बाड़ लगाना शुरू कर दिया है। बांग्लादेश इससे बौखला गया है। भारतीय उच्चायुक्त की ढाका में बांग्लादेश की विदेश सचिव जशीम उद्दीन के साथ लगभग 45 मिनट तक इन्हीं मुद्दों पर बैठक चली। बांग्लादेश की अंतरिम सरकार की ओर से हालांकि चर्चा के संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया, लेकिन अधिकारियों ने पुष्टि की कि उच्चायुक्त को तलब किया गया है।
महाकुंभ की औपचारिक शुरुआत होने में बेहद कम समय ही शेष रह गया है। कल यानी 13 फरवरी से महाकुंभ 2025 शुरू हो रहा है। इसके शुरू होने से पहले ही कई संत, साधु, श्रद्धालु प्रयागराज पहुंच रहे हैं। इस बीच 128 वर्ष की आयु में स्वामी शिवानंद सरस्वती महाकुंभ में श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर रहे हैं तथा अपनी उल्लेखनीय जीवन गाथा और सरल किन्तु गहन दर्शन से अनेकों को प्रेरित कर रहे हैं। बता दें कि स्वामी शिवानंद पिछले 100 सालों से कुंभ मेले में आते रहे हैं और हर मौके पर पवित्र स्नान करते हैं। वे इस भव्य आयोजन में दर्शन और स्नान के लिए आते रहे हैं।
स्वामी शिवानंद की शिष्याओं में से एक शर्मिला सिन्हा ने बताया कि स्वामी शिवानंद पिछले 100 वर्षों से कुंभ मेले में आते रहे हैं और प्रत्येक अवसर पर पवित्र स्नान करते रहे हैं। उन्होंने कहा, “मैं बाबा को बचपन से जानती हूं। उनकी जीवनशैली बहुत ही सरल है। वे सभी को प्रणाम करते थे। लोग बाबा से किसी सांसारिक चीज की परवाह नहीं करते। वे दान नहीं लेते और वे किसी से भी दान लेते हैं। बाबा ने 1977 तक पैसे को हाथ नहीं लगाया था।”
2022 में पद्म श्री से किया गया था सम्मानित
गौरतलब है कि स्वामी शिवानंद सरस्वती योग गुरु हैं जो काशी के घाटों पर योग का अभ्यास और शिक्षा देते रहे हैं। उन्हें 21 मार्च 2022 को भारत सरकार द्वारा पद्म श्री से सम्मानित किया गया था। आज तक, वह यह पुरस्कार पाने वाले सबसे उम्रदराज व्यक्ति हैं। उन्होंने कहा, “जब महाकुंभ में आने वाले लोग 128 वर्ष की आयु में बाबा के दर्शन करेंगे तो उन्हें प्रेरणा मिलेगी। बाबा पिछले 100 वर्षों से कुंभ मेले में आ रहे हैं और हर कुंभ में स्नान करते रहे हैं।”
स्वामी शिवानंद अपनी असाधारण लंबी आयु का श्रेय इच्छाओं से मुक्त जीवन को देते हैं, जो पूरी तरह से दूसरों की सेवा के लिए समर्पित है। उनकी दिनचर्या में ध्यान, योग और बिना तेल, नमक या चीनी के उबले हुए भोजन का सादा आहार शामिल है।
‘मेरी एकमात्र इच्छा गरीबों की सेवा करना है’
स्वामी शिवानंद सरस्वती ने कहा, “मेरा जन्म नाम स्वामी शिवानंद है और मेरी जन्म तिथि 8 अगस्त, 1896 है। मैं हर कुंभ मेले में आता हूं क्योंकि वहां पवित्र लोग एकत्र होते हैं, इसलिए मैं आता हूं और उनके आशीर्वाद से लाभ उठाता हूं। लंबी उम्र के पीछे कोई इच्छा नहीं है, मेरी एकमात्र इच्छा गरीबों की सेवा करना है।” स्वामी शिवानंद की दिनचर्या उनके अनुशासन और आध्यात्मिक मार्ग के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का प्रमाण है। वे सुबह 3:00 बजे उठते हैं, एक घंटे तक ध्यान करते हैं, फिर स्नान करते हैं और एक घंटे तक योगाभ्यास करते हैं।
उन्होंने कहा, “मैं तीन बजे उठता हूं, फिर बाथरूम जाता हूं, नहाता हूं और फिर एक घंटे तक योग करता हूं। हर किसी को कम से कम आधे घंटे तक योग करना चाहिए।” जब उनसे पूछा गया कि वह क्या खाते हैं तो उन्होंने कहा, “केवल उबला हुआ खाना, कोई तेल नहीं, कोई नमक नहीं, कोई चीनी नहीं।”
पाकिस्तान में अनधिकृत व्यक्तियों के पास सेना के हथियार बरामद होने से खलबली मच गई है। पाकिस्तान के अशांत बलूचिस्तान प्रांत के झोब जिले में संघीय लेवी बल के कम से कम 140 उन्नत हथियार और 1.4 लाख गोलियां अनधिकृत व्यक्तियों के कब्जे में पाई गई हैं। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी। ‘संघीय लेवी बल’ पाकिस्तान का प्रांतीय अर्धसैनिक बल (जेंडरमेरी) है, जिसकी मुख्य भूमिका कानून का पालन सुनिश्चित करना, कानून-व्यवस्था बनाए रखने में नागरिक पुलिस की मदद करना और प्रांतीय स्तर पर आंतरिक सुरक्षा अभियानों का संचालन करना है।
पुलिस उपायुक्त की ओर से झोब के नगर थाने में दर्ज प्राथमिकी के मुताबिक, ये हथियार और गोलियां संघीय लेवी बल के लिए थे, लेकिन इन्हें अनधिकृत व्यक्तियों को वितरित कर दिया गया। पुलिस ने बताया कि मामले में संलिप्तता के आरोप में 69 लोगों के खिलाफ मुकदमे दर्ज किए गए हैं, जिनमें सेवारत और सेवानिवृत्त लेवी बल के कर्मियों के साथ-साथ प्रभावशाली कबायली हस्तियां भी शामिल हैं। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) अब्दुल सबूर के अनुसार, अधिकारियों ने अभी तक क्लाश्निकोव राइफल और पिस्तौल सहित 44 हथियार व भारी संख्या में गोलियां बरामद की हैं। उन्होंने कहा, “अनधिकृत व्यक्तियों के पास मौजूद और हथियार व गोलियां बरामद करने के लिए जांच जारी है।
हथियार घोटाला को बताया जा रहा वजह
” सबूर के मुताबिक, ऐसी चिंताएं हैं कि इनमें से कुछ हथियार और गोलियां क्षेत्र में सक्रिय अलगाववादी समूहों के हाथ लग गए होंगे। उन्होंने बताया कि यह घोटाला इस सप्ताह की शुरुआत में तीन जिलों में बलूचिस्तान पुलिस के साथ लेवी बल की विलय प्रक्रिया के दौरान सामने आया। सबूर के अनुसार, अधिकारियों ने हथियार भंडार की जांच के दौरान पाया कि क्लाश्निकोव राइफल सहित 140 हथियार और 1,40,000 गोलियां गायब थीं, जिससे सुरक्षा चूक और हथियारों के संभावित दुरुपयोग के बारे में चिंताएं बढ़ गईं। बलूचिस्तान लंबे समय से अलगाववादियों के विद्रोह और आतंकवादी घटनाओं का सामना कर रहा है, जिससे यह घोटाला खासतौर पर चिंता का सबब बन गया है। संघीय लेवी बल बलूचिस्तान में आतंकवाद रोधी अभियानों में अहम भूमिका निभाते हैं।
चेक गणराज्य के उत्तरी हिस्से में एक रेस्तरां में भीषण आग लगने की सूचना सामने आ रही है। आग इतनी भयानक थी कि इस हादसे में अब तक कम से कम 6 लोगों की मौत हो गई है। जबकि छह अन्य गंभीर रूप से झुलस गये हैं। इन सभी घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। अधिकारियों ने रविवार को इस घटना के बारे में मीडिया से जानकारी साझा की है।
चेक गणराज्य के अग्निशमन कर्मियों ने बताया कि यह हादसा प्राग के उत्तर में लगभग 100 किलोमीटर (63 मील) की दूरी पर स्थित मोस्ट शहर में शनिवार को हुआ। यहां ‘यू कोजोटा’ रेस्तरां में अचानक आग लग गई, जो आधी रात से पूर्व आग लगने के समय खुला था। पुलिस और अग्निशमन कर्मियों ने बताया कि संभवतः आग का कारण गैस हीटर का पलट जाना था। आगू पर एक बजे तक काबू पाया जा सका और उसमें 60 से अधिक दमकलकर्मियों को मशक्कत करनी पड़ी।
आग लगने के बाद 30 लोगों को सुरक्षित निकाला गया बाहर
इस आग में राहत और बचाव दलों ने कम से कम 30 लोगों को सुरक्षित बचा लिया। वहीं झुलसे लोगों को मोस्ट और आस-पास के शहरों के अस्पतालों में भर्ती कराया गया। मामले की जांच की जा रही है। रविवार सुबह मौके का दौरा करने के बाद गृहमंत्री विट राकुसान ने कहा कि रेस्तरां और समीप के एक अपार्टमेंट से करीब 30 लोगों को बाहर निकाला गया। मोस्ट के महापौर मारेक हर्वोल ने कहा कि यह शहर के हाल के इतिहास की सबसे बुरी त्रासदी है।
103वें ‘आपका विधायक-आपके द्वार’ जन सुनवाई शिविर में रतौली गांव के ग्रामवासियों से समस्याओं और सुझावों का संवाद हुआ।
‘गांव की शान’ पहल के तहत मेधावी छात्रों को साइकिल, घड़ी, और प्रशस्तिपत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
58वें गर्ल्स यूथ क्लब का गठन और खेल किट का वितरण, युवाओं को खेलों के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से।
ग्राम प्रधान और अन्य प्रतिष्ठित नागरिकों को विधायक द्वारा सम्मानित किया गया।
‘ताराशक्ति निःशुल्क रसोई’ के माध्यम से क्षेत्रवासियों को ताजा और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया गया।
लखनऊ (सरोजनीनगर), 12 जनवरी 2025: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ की सरोजनीनगर विधानसभा के जनप्रिय विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह द्वारा आयोजित 103वें ‘आपका विधायक-आपके द्वार’ जन सुनवाई शिविर का आयोजन रतौली गाँव में हुआ। इस आयोजन के दौरान ग्रामवासियों ने अपनी समस्याओं को सीधे विधायक के समक्ष रखा, और उन्हें हल करने के लिए महत्वपूर्ण सुझाव दिए गए। इस शिविर में विधायक ने अपने संवाद के माध्यम से गांव के हर एक नागरिक की समस्याओं का समाधान करने की प्रतिबद्धता जताई, इस शिविर में गांव के विभिन्न मुद्दों, जैसे सड़कें, जल आपूर्ति, स्वास्थ्य सेवाएं, शिक्षा, और रोजगार के अवसरों पर चर्चा की गई। विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने आश्वासन दिया कि इन समस्याओं का हल प्राथमिकता से निकाला जाएगा, और जल्द ही कार्यवाही शुरू की जाएगी। इस अवसर पर उन्होंने ‘सतत संवाद’ की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि केवल संवाद से ही जन समस्याओं का समाधान संभव है।
‘गांव की शान’ पहल: शिविर के दौरान, विधायक ने ‘गांव की शान’ पहल के तहत इंटरमीडिएट और हाईस्कूल परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों को सम्मानित किया। शालेनी, जिन्होंने इंटरमीडिएट परीक्षा में 75% अंक प्राप्त किए, और अंश शर्मा, जिन्होंने 62.2% अंक प्राप्त किए, को साइकिल, घड़ी और प्रशस्तिपत्र देकर सम्मानित किया गया। इसी प्रकार, हाईस्कूल में उत्कृष्ट अंक प्राप्त करने वाले काजल रावत (70.567%) और अमरदीप रावत (64%) को भी सम्मानित किया गया। यह पहल बच्चों को और अधिक मेहनत करने के लिए प्रेरित करेगी और शिक्षा के प्रति जागरूकता फैलाएगी।
खेल किट वितरण और युवाओं का प्रोत्साहन: विधायक ने गांव में 58वें गर्ल्स यूथ क्लब का गठन किया, जो युवाओं को खेलों के प्रति प्रोत्साहित करेगा। इस क्लब के लिए कैरम, वॉलीबॉल, फुटबॉल जैसी खेल किट प्रदान की गई। यह कदम गांव के युवाओं को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने, शारीरिक रूप से फिट रहने और टीमवर्क की भावना को बढ़ावा देने के उद्देश्य से उठाया गया है।
गांव के प्रतिष्ठित नागरिकों को सम्मान: इस कार्यक्रम के दौरान, रतौली गांव के प्रतिष्ठित नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं को सम्मानित किया गया। ग्राम प्रधान खटोला, संतोष, अनुपम, पवन शर्मा, और अखिलेश बाजपेई जैसे लोगों को उनकी कड़ी मेहनत और समाज के लिए उनके योगदान के लिए विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने सम्मानित किया। इससे गांव के सामाजिक ताने-बाने को मजबूती मिली और स्थानीय लोगों को प्रोत्साहन मिला। इसके साथ ही रतौली ग्राम निवासी अनुपम पंडित द्वारा प्रतिनिधि के माध्यम से अपने विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह जी को सीएम योगी आदित्यनाथ जी के साथ की तस्वीर सप्रेम भेंट की गई।
‘ताराशक्ति निःशुल्क रसोई’: इस शिविर में ‘ताराशक्ति निःशुल्क रसोई’ द्वारा उपस्थित क्षेत्रवासियों को ताजा और पौष्टिक भोजन प्रदान किया गया। यह पहल खासतौर पर उन लोगों के लिए थी, जो गरीब या पिछड़े वर्ग से आते हैं, ताकि उन्हें पौष्टिक और सस्ते भोजन की सुविधा मिल सके। विधायक ने कहा कि यह कदम गांव के सभी नागरिकों की भलाई के लिए उठाया गया है।
‘आपका विधायक – आपके द्वार’ जन सुनवाई शिविर सरोजनीनगर विधानसभा के सभी गांव के लिए एक वरदान सा साबित हो रहा है। इस जन सुनवाई शिविर के तहत विकास के लिए त्वरित गति से महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। इस शिविर ने न केवल गांवों की समस्याओं को हल करने का रास्ता खोला है, बल्कि शिक्षा, खेल, और समाज के विभिन्न क्षेत्रों में भी सकारात्मक बदलाव लाने का संकल्प लिया है। जनप्रिय विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह का यह प्रयास सरोजनीनगर विधानसभा के एक-एक व्यक्ति से निजी जुड़ाव करने के साथ ही विधानसभा क्षेत्र मे हो रहे विकास कार्यों को गति देने और वहां के समस्त नागरिकों को समृद्ध और सशक्त बनाने के लिए है।