अरविंद अकेला कल्लू के फैंस के लिए खुशखबरी है। भोजपुरी सुपरस्टार का नया गाना आखिरकार रिलीज हो गया है। फैंस लंबे समय से अरविंद अकेला कल्लू के नए गाने का इंतजार कर रहे थे, जो अब जाकर खत्म हुआ है। उनके नए गाने का नाम है ‘गजबे के डोले’, जिसके रिलीज होते ही यूट्यूब और फैंस का मन दोनों डोल उठा है। इस जबरदस्त भोजपुरी गाने को सुनने के बाद फैंस का कहना है कि इस गाने ने पूरा माहौल धुआं-धुआं कर दिया है।
आ गया अरविंद अकेला का नया भोजपुरी गाना
इस भोजपुरी गाने को एम एफ भोजपुरी के ऑफिशियल यूट्यूब चैनल द्वारा अपलोड किया गया है, जिसमें ढेर सारी मस्ती, डांस के साथ-साथ रोमांस भी है, जिसे देखते ही अरविंद अकेला कल्लू के फैंस खुश हो गए हैं। खास बात तो ये है कि इस गाने को रिलीज हुए अभी कुछ घंटे ही हुए हैं और यूट्यूब पर इसे 179 हजार से ज्यादा व्यूज मिल चुके हैं।
‘गजबे के डोले’ के बोल
इस भोजपुरी गाने के बोल हैं ‘जब रोमांस के रस आ मस्ती के रंग मिलेला, त बनेला ‘गजबे के डोले’ के असली जादू’। ये इस साल यानी 2025 का अरविंद अकेला कल्लू का पहला गाना है। इस गाने को अरविंद अकेला कल्लू ने खशी कक्कड़ के साथ मिलकर गाया है, जिस पर फैंस झोली भर-भरकर प्यार लुटा रहे हैं। यूट्यूब यूजर भी इस गाने पर कमेंट करते हुए अपनी प्रतिक्रिया साझा कर रहे हैं।
फैंस को पसंद आई कल्लू और मासूम सिंह की केमेस्ट्री
ये भोजपुरी गाना कल्लू और मासूम सिंह पर फिल्माया गया है, जिसमें दोनों की केमेस्ट्री बेहद दिलचस्प और शानदार है। गाने का म्यूजिक प्रियांशु सिंह ने तैयार किया है, जबकि इसके बोल प्रिंस प्रियदर्शी ने लिखे हैं। गाने के डायरेक्टर डायरेक्टर नितेश सिंह हैं, जिन्होंने इसे बेहद खूबसूरती से फिल्मया है। गाने की कोरियोग्राफी विकी फ्रांसिस और कला निर्देशक अजय शर्मा ने इसमें अपनी भूमिका पूरी शिद्दत से निभाई है।
गृह मंत्रालय ने एयरपोर्ट और परमाणु ऊर्जा संयंत्रों जैसे महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की सुरक्षा करने वाले केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के लिए 2,000 से अधिक कर्मियों वाली दो नई बटालियनों को मंजूरी दी है। नई बटालियन के गठन के साथ ही बल के कर्मियों की संख्या लगभग 2 लाख तक पहुंच जाएगी। यह फैसला न केवल CISF की क्षमता को बढ़ाएगा, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा को और मजबूत करेगा।
2,000 से अधिक युवाओं को मिलेगा रोजगार
सीआईएसएफ के एक प्रवक्ता ने मंगलवार को कहा, “गृह मंत्रालय (MHA) ने दो नई बटालियनों के निर्माण को मंजूरी देकर सीआईएसएफ के महत्वपूर्ण विस्तार को मंजूरी दे दी है।” उन्होंने कहा, “यह निर्णय, हाल ही में स्वीकृत महिला बटालियन के साथ मिलकर बल की क्षमता में वृद्धि करेगा, राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करेगा और 2,000 से अधिक व्यक्तियों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करेगा।” प्रवक्ता ने बताया कि सोमवार को मंजूरी मिल गई है।
पिछले साल महिला बटालियन को दी थी मंजूरी
पिछले साल के अंत में बल के लिए एक महिला बटालियन को मंजूरी दी गई थी। बल के पास वर्तमान में 12 रिजर्व बटालियन हैं, जिनमें से प्रत्येक में 1,025 कर्मी हैं। नई बटालियन आंतरिक सुरक्षा से संबंधित तत्काल आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए प्रशिक्षित कर्मियों का एक पूल बनाकर सीआईएसएफ की “बढ़ती” मांगों को पूरा करने में भी महत्वपूर्ण होंगी। देश के 68 नागरिक हवाई अड्डों की सुरक्षा के अलावा, 1969 में गठित सीआईएसएफ परमाणु और एयरोस्पेस क्षेत्र में कई प्रतिष्ठानों और ताजमहल और लाल किले जैसे ऐतिहासिक स्मारकों को आतंकवाद-रोधी सुरक्षा प्रदान करता है।
इजरायल और हमास के बीच जंग थम सकती है। दो अधिकारियों ने बताया है कि हमास ने गाजा संघर्ष विराम और बंधकों को लेकर मसौदा समझौता स्वीकार कर लिया है। इजरायल अभी भी समझौते पर विचार कर रहा है। अधिकारियों ने संघर्ष विराम को लेकर सोमवार को भी इस बारे में जानकारी दी थी। तीन अधिकारियों ने संघर्ष विराम वार्ता में प्रगति को स्वीकार करते हुए कहा था कि आने वाले दिन 15 महीने से जारी युद्ध को समाप्त करने के लिहाज से अहम होंगे, जिसने पश्चिम एशिया को अस्थिर कर रखा है।
अमेरिका, मिस्र और कतर का प्रयास
अमेरिका, मिस्र और कतर ने पिछले साल 15 महीने से जारी युद्ध को समाप्त करने और हमास के 7 अक्टूबर, 2023 के हमले में बंधक बनाए गए दर्जनों लोगों की रिहाई सुनिश्चित करने के लिए मध्यस्थता करने की कोशिश की है। गाजा के अंदर अभी भी करीब 100 इजरायली बंधक हैं और सेना का मानना है कि उनमें से कम से कम एक तिहाई की मौत हो चुकी है।
पेश किया गया था समझौते का मसौदा
वार्ता से अवगत एक शख्स ने बताया था कि रातों रात सफलता मिली है और समझौते का एक प्रस्तावित मसौदा पेश किया गया है। शख्स ने कहा कि इजरायल और हमास के वार्ताकार अब इसे अंतिम मंजूरी के लिए अपने-अपने नेताओं के पास भेजेंगे। संबंधित व्यक्ति ने यह भी कहा था कि खाड़ी देश कतर के मध्यस्थों ने हमास पर समझौते को स्वीकार करने के लिए नए सिरे से दबाव बनाया है, जबकि नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दूत स्टीव विटकॉफ इजरायलियों पर दबाव डाल रहे हैं। विटकॉफ हाल ही में वार्ता में शामिल हुए और हाल के दिनों में इस क्षेत्र में ही रहे हैं।
अभी लग सकता है समय
संघर्ष विराम को लेकर मिस्र के एक अधिकारी ने कहा था अच्छी प्रगति हुई है, लेकिन इसमें कुछ और दिन लगने की संभावना है। इस अधिकारी ने यह भी कहा था कि दोनों पक्षों का लक्ष्य डोनाल्ड ट्रंप के 20 जनवरी को राष्ट्रपति पद की शपथ लेने से पहले एक समझौते पर पहुंचना है।
अगर आप सेहतमंद बने रहना चाहते हैं, तो जरूरी है कि आपका खानपान सही हो। आयुर्वेद में हेल्दी चीजों को अपनी डाइट में शामिल करना चाहिए। साथ ही खाना सही वक्त पर और सही मात्रा में खाना चाहिए। आयुर्वेद में बताया गया है कि अगर आप हेल्दी चीज को गलत समय पर और अधिक मात्रा में खाते हैं, तो इससे आपके स्वास्थ्य को नुकसान हो सकता है। क्योंकि शरीर की प्रकृति और मौसम के हिसाब से खानपान में बदलाव की सलाह दी जाती है।
दही गुणों से भरपूर होता है और इसमें प्रोबायोटिक्स पाया जाता है, जो गट हेल्थ के लिए फायदेमंद होता है। लेकिन दही का पूरा फायदा पाने के लिए आपको आयुर्वेदिक रूल्स के हिसाब से इसका सेवन करना चाहिए। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको दही खाने के सही तरीके के बारे में बताने जा रहे हैं।
दही खाते समय फॉलो करें ये रूल्स
हेल्थ एक्सपर्ट के मुताबिक दही को यदि सही मात्रा में खाया जाए और सही समय पर खाया जाए। तो यह आपके स्वास्थ्य को फायदा पहुंचा सकता है।
दही को दिन में लंच के साथ खाएं और वहीं रात के समय दही का सेवन अवॉइड करना चाहिए।
बता दें कि दही में शहद, आंवला, घी, मिश्री और हरे चने का सूप मिलाकर इसका सेवन करने से इसके गुणों को बढ़ाया जा सकता है।
दही कफ और पित्त को बढ़ा सकता है। अगर आप दही में काली मिर्च, काला नमक और जीरा पाउडर मिलाकर खाती हैं। तो कफ और पित्त बढ़ाने वाले गुण कम हो सकते हैं।
अगर आप दही में आंवला मिलाकर खाते हैं, तो इससे इम्यूटिनी बूस्ट होती है। साथ ही इससे डाइजेशन भी दुरुस्त होता है। इसका सेवन करने से वेट भी आसानी से लॉस होता है।
दही में शहद मिलाकर खाने से डाइजेशन दुरुस्त रहता है। इसको गर्म नहीं करना चाहिए। क्योंकि दही और शहद दोनों में गुड बैक्टीरिया होते हैं, जो अपच, गैस और एसिडिटी में राहत दे सकते हैं।
दही का सेवन करने से इम्यूनिटी और हड्डियां मजबूत होती हैं और यह हार्ट हेल्थ के लिए भी फायदेमंद होता है।
दही में प्रोबायोटिक्स पाया जाता है और जीरा में फाइबर होता है। इससे पाचन बेहतर होता है और यह पेट को आसानी से साफ करता है। जब पेट साफ होता है तो आपको खुलकर भूख भी लगती है।
दही में मिश्री मिलाकर खाने से पेट की जलन और स्ट्रेस कम होती है।
हेल्थ एक्सपर्ट की मानें, तो आयुर्वेद के हिसाब से दिन में 1 कप से अधिक दही का सेवन नहीं करना चाहिए। अगर आप दही का अधिक सेवन करते हैं, तो डाइजेस्टिव इश्यूज हो सकते हैं।
सर्दियों के मौसम में अधिकतर लोग बर्फबारी देखने या पहाड़ों की सैर करना पसंद करते हैं। इसलिए दिसंबर और जनवरी में अधिकतर लोग हिल स्टेशन का रुख करते हैं। वहीं घूमने का शौक रखने वाले लोग अक्सर कहीं ना कहीं का ट्रिप प्लान कर लेते हैं। ऐसे में अगर आप भी कहीं जाने की योजना बना रहे हैं और कम छुट्टियों में और बजट में सैर करना चाहते हैं। तो नैनीताल हिल स्टेशन आपके लिए बेस्ट ऑप्शन हो सकता है।
नैनीताल उत्तराखंड का एक बेहद खूबसूरत हिल स्टेशन है। यहां पर शिमला और मनाली की तुलना में कम भीड़ होती है। अगर आपके पास दो दिन की छुट्टी है, तो आप नैनीताल को एक्सप्लोर कर सकते हैं। दिल्ली से नैनीताल की दूरी करीब 300 किमी है। यहां के सुंदर प्राकृतिक नजारे, झील, पहाड़ियां और जंगल आदि लोगों को अपनी ओर आकर्षित करता है। ऐसे में अगर आप भी नैनीताल जाना चाहते हैं, तो आप दो दिन का ट्रिप प्लान कर सकते हैं। हम इस आर्टिकल के जरिए आपको इस ट्रिप से जुड़ी पूरी डिटेल और आने वाले खर्च के बारे में बताने जा रहे हैं।
दिल्ली से ऐसे पहुंचे नैनीताल
नई दिल्ली से नैनीताल जाने का सबसे अच्छा तरीका ट्रेन है। आप दिल्ली से काठगोदाम तक ट्रेन के जरिए जा सकते हैं। यहां पर आप छह-साढ़े छह घंटे में पहुंच सकते हैं। बता दें कि काठगोदाम से नैनीताल की दूरी 13 किमी है। काठगोदाम से नैनीताल आप बस या टैक्सी से जा सकते हैं। वहीं बस से भी आप साढ़े सात घंटे में काठगोदाम पहुंच सकते हैं। अगर आप दिल्ली से डायरेक्ट नैनीताल जाना चाहते हैं, तो आपको बस की सुविधा मिल जाएगी।
नैनीताल में घूमने की जगहें
आप नैनीताल में फेमस नैनी लेक में नौकाविहार करने के साथ ऐतिहासिक चर्च, माल रोड से शॉपिंग और देवदार के पेड़ों से भरे घने जंगल की सैर कर सकते हैं। वहीं आप नैनीताल के मुख्य आकर्षण स्थलों को भी घूमने के लिए जा सकते हैं।
इको केव गार्डन
नैनीताल में 6 छोटी गुफाओं वाली इको केव गार्डन काफी ज्यादा फेमस है। यहां पर गुफाएं जानवरों के आकार की हैं।
स्नो व्यू प्वाइंट
नैनीताल में सिर्फ झील ही नहीं बल्कि आप बर्फीले पहाड़ के नजारे भी देख सकते हैं। नैनीताल के स्नो व्यू प्वाइंट से ऊंचे-ऊंचे पहाड़ और बादलों की सफेद चादर को बेहद करीब से देख पाएंगे।
टिफिन टॉप
कुमाऊं की पहाड़ियां इस जगह को घेरती हैं। यह जगह टिफिन टॉप चेर, ओक और देवदार के पेड़ों से घिरा है। इसके अलावा अगर आप एडवेंचर के शौकीन हैं, तो आपको पिकनिक स्पॉट जरूर जाना चाहिए।
नैना देवी मंदिर
नैनीताल में 52 शक्तिपीठों में से एक नैना देवी मंदिर के दर्शन के लिए जा सकते हैं। इस स्थान पर मां सती के नेत्र गिरे थे। आप मंदिर तक पैदल या फिर उड़नखटोले के जरिए पहुंच सकते हैं।
कैंची धाम
अगर आपके पास समय है, तो आप नैनीताल से करीब 20 किमी दूर कैंची धाम मंदिर के दर्शन के लिए जा सकते हैं। यहां पर आप बस, टैक्सी या फिर स्कूटी आदि से यहां तक पहुंच सकते हैं।
नैनीताल में कहां रुकें
नैनीताल में बस अड्डे से करीब माल रोड के पास आपको 1500 रुपए तक में होटल में अच्छा कमरा मिल जाएगा। इसके अलावा आप होम स्टे में भी सस्ता रूम बुक कर सकते हैं। अगर आप ऑनलाइन माध्यम से रूम बुक करना चाहते हैं, तो ट्रिप पर जाने से पहले बुक करें, जिससे आपको सही डील मिल सके।
नैनीताल घूमने का खर्च
दिल्ली से नैनीताल बस का किराया 1000 रुपए से 1700 रुपए प्रति व्यक्ति है। वहीं दिल्ली से काठगोदाम तक ट्रेन का किराया 1000 रुपए के अंदर रहेगा। काठगोदाम शताब्दी के लिए आपको सिर्फ 710 रुपए खर्च करने होंगे। वहीं रानीखेत एक्सप्रेस स्लीपर क्लास का किराया 205 रुपए है। वहीं आप नैनीताल को एक्सप्लोर करने के लिए स्कूटी रेंट पर ले सकते हैं, जोकि आपको 500 से 1000 रुपए तक में मिल जाएगी।
पीक सीजन में होटल का किराया 1000 रुपए से अधिक हो सकता है। वहीं यहां पर खानपान भी अधिक महंगा नहीं है। नैनीताल में दो दिन में आपको करीब 2000 रुपए खाने-पीने पर खर्च करने पड़ सकते हैं। ऐसे में कपल 5000-6000 रुपए में आराम से नैनीताल घूम सकते हैं।