नई दिल्ली:
महिलाओं में मेनोपॉज जीवन का एक स्वाभाविक चरण माना जाता है, लेकिन अगर यह सामान्य उम्र से पहले शुरू हो जाए तो इसके असर सिर्फ हार्मोनल बदलाव तक सीमित नहीं रहते। हाल में सामने आए एक अध्ययन में संकेत मिला है कि जल्दी मेनोपॉज होने वाली महिलाओं में भविष्य में हृदय संबंधी समस्याओं का जोखिम बढ़ सकता है।
अध्ययन के अनुसार जिन महिलाओं में 40 वर्ष की उम्र से पहले या शुरुआती चालीस की उम्र में मेनोपॉज शुरू हुआ, उनमें हार्ट अटैक, स्ट्रोक और अन्य हृदय रोगों का खतरा सामान्य उम्र में मेनोपॉज होने वाली महिलाओं की तुलना में अधिक पाया गया।
विश्लेषण में यह भी सामने आया कि भारतीय महिलाओं में कम उम्र में मेनोपॉज के मामले अपेक्षाकृत ज्यादा देखे गए। विशेषज्ञों का मानना है कि इस स्थिति के पीछे जीवनशैली, पोषण, तनाव और स्वास्थ्य संबंधी कई कारक जिम्मेदार हो सकते हैं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार मेनोपॉज से पहले शरीर में मौजूद कुछ हार्मोन दिल और रक्त वाहिकाओं को एक हद तक सुरक्षा प्रदान करते हैं। लेकिन मेनोपॉज के बाद यह प्रभाव धीरे-धीरे कम हो सकता है, जिससे हृदय संबंधी जोखिम बढ़ने लगते हैं।
विशेषज्ञों ने बताया कि तनाव, धूम्रपान, नींद की कमी, असंतुलित खानपान, डायबिटीज, प्रदूषण और निष्क्रिय जीवनशैली जैसी चीजें समय से पहले मेनोपॉज के जोखिम को बढ़ा सकती हैं। इसके अलावा पोषण की कमी और अन्य स्वास्थ्य स्थितियां भी इसमें भूमिका निभा सकती हैं।
डॉक्टरों का मानना है कि महिलाओं को बढ़ती उम्र के साथ केवल हार्मोनल बदलाव ही नहीं बल्कि ब्लड प्रेशर, शुगर और हार्ट हेल्थ की नियमित जांच पर भी ध्यान देना चाहिए ताकि संभावित जोखिमों की समय रहते पहचान की जा सके।
नोट: यह जानकारी शोध और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है। किसी भी स्वास्थ्य समस्या या उपचार के लिए डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।


































