पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (PoJK) में पाकिस्तान सरकार और सेना के खिलाफ विरोध प्रदर्शन का सिलसिला जारी है। प्रदर्शनकारियों ने हाल में हुए चुनावों की प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाते हुए नतीजों को स्वीकार करने से इनकार किया है।
प्रदर्शन के प्रमुख आयोजकों में शामिल सरदार उमर नजीर ने दावा किया कि चुनाव स्वतंत्र और निष्पक्ष तरीके से नहीं हुए। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव बंदूक के दबाव में कराए गए और प्रदर्शनकारी ऐसे परिणामों को स्वीकार नहीं करेंगे।
‘PoJK में हार्ड स्टेट पॉलिसी नहीं चलेगी’
सरदार उमर नजीर ने पाकिस्तानी सेना को चेतावनी देते हुए कहा कि PoJK में ऐसी सख्त सरकारी नीति लागू नहीं की जा सकती, जैसी पाकिस्तान के दूसरे हिस्सों में लागू होने का उनका दावा है।
उन्होंने कहा कि क्षेत्र के लोग अपने अधिकारों को लेकर पीछे हटने वाले नहीं हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि स्थानीय जनता की मांगों को दबाने के बजाय सरकार को बातचीत का रास्ता अपनाना चाहिए।
मुजफ्फराबाद की ओर बढ़ने को लेकर क्या बोले उमर नजीर?
प्रदर्शनकारियों के मुजफ्फराबाद की ओर बढ़ने के सवाल पर उमर नजीर ने कहा कि उनके लिए वहां जाना मुश्किल नहीं है, लेकिन लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उन्होंने फिलहाल आगे बढ़ने के बजाय रुकने का फैसला किया है।
उन्होंने पाकिस्तान सरकार से बातचीत की मेज पर लौटने की अपील करते हुए कहा कि यदि वार्ता नहीं हुई तो आंदोलन की ओर से आगे नई मांगें रखी जा सकती हैं।
अमान खान ने सत्ता स्थानीय लोगों को देने की मांग की
प्रदर्शन के बीच सरदार अमान खान ने भी पाकिस्तान की मौजूदा व्यवस्था पर निशाना साधा। 5 अगस्त को दिए बयान में उन्होंने कहा कि PoJK के लोगों को दशकों से आजादी के मुद्दे को सबसे महत्वपूर्ण बताकर बुनियादी सुविधाओं से जुड़े सवालों को पीछे रखा गया।
अमान खान ने दावा किया कि करीब 78 वर्षों के बाद भी क्षेत्र में गरीबी और अभाव की स्थिति बनी हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन लोगों ने क्षेत्र की सुरक्षा की जिम्मेदारी लेने का दावा किया था, अब उन्हीं की सैन्य ताकत का इस्तेमाल स्थानीय लोगों के खिलाफ किया जा रहा है।
उनका कहना था कि PoJK के लोगों को अपने क्षेत्र की सत्ता और संसाधनों पर अधिक नियंत्रण हासिल करना होगा, ताकि गरीबी और बदहाली से निपटा जा सके।
चुनाव प्रक्रिया पर अमान खान ने लगाए आरोप
अमान खान ने PoJK में हुए दो चरणों के चुनावों को भी कथित तौर पर ‘धोखा’ बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव में खुफिया एजेंसी ISI से जुड़े एक अधिकारी की भूमिका रही और उनकी पसंद के उम्मीदवारों को जीत दिलाई गई।
ये सभी आरोप प्रदर्शनकारियों के बयान हैं और इनके स्वतंत्र सत्यापन की पुष्टि यहां उपलब्ध नहीं है।
अमान खान ने दावा किया कि आने वाले समय में PoJK की सत्ता स्थानीय जनता के हाथों में होगी।
पुंछ डिवीजन के चुनाव को लेकर भी बढ़ा तनाव
अमान खान ने 10 अगस्त को पुंछ डिवीजन में प्रस्तावित 11 सीटों के चुनाव का जिक्र करते हुए पाकिस्तान समर्थक नेताओं के खिलाफ बेहद कड़े शब्दों का इस्तेमाल किया।
उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ नेता जनता के बजाय सरकार और सत्ता में बैठे लोगों का साथ दे रहे हैं। अपने बयान में उन्होंने ऐसे नेताओं के खिलाफ ‘इन्ना लिल्लाही व इन्ना इलैही राजिऊन’ पढ़ने की बात कही, जिसे उन्होंने उनके राजनीतिक भविष्य के खत्म होने के संदर्भ में इस्तेमाल किया।
उन्होंने आगे कहा कि ऐसे नेताओं को जनता के बीच लौटकर लोगों के साथ खड़ा होना होगा, अन्यथा उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।
रावलकोट में महिलाओं का भी प्रदर्शन
PoJK के रावलकोट में महिलाओं के प्रदर्शन की भी जानकारी सामने आई है। प्रदर्शनकारी पाकिस्तान सरकार और सेना के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कथित हिंसा और कार्रवाई का विरोध कर रही हैं।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि क्षेत्र के लोगों की शिकायतों और मांगों को गंभीरता से सुना जाना चाहिए। वहीं आंदोलन से जुड़े नेताओं ने सरकार से बातचीत के जरिए समाधान निकालने की अपील की है।
PoJK में जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच अब चुनाव प्रक्रिया, स्थानीय अधिकार, आर्थिक समस्याएं और पाकिस्तान की सैन्य भूमिका जैसे मुद्दे प्रमुखता से उठाए जा रहे हैं। आने वाले दिनों में सरकार की प्रतिक्रिया और आंदोलन की दिशा पर सभी की नजर रहेगी।


































