
लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र में सरोजनीनगर के विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने क्षेत्र की आधारभूत अवस्थापना सुविधाओं के विकास एवं जलभराव की गंभीर समस्या को प्रमुखता से उठाते हुए सरकार का ध्यान जनहित से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों की ओर आकर्षित किया। उन्होंने नियम-301 के तहत बदालीखेड़ा, नीलमथा, पंडितखेड़ा एवं गौरी क्षेत्रों में सड़क, सीवर, नाली, जल निकासी तथा अन्य मूलभूत सुविधाओं के विकास के लिए पर्याप्त बजटीय प्रावधान की मांग की। वहीं नियम-51 के अंतर्गत सरोजनीनगर के शहरी क्षेत्रों में जलभराव की स्थायी समस्या के समाधान के लिए 10 महत्वपूर्ण नाला परियोजनाओं को शीघ्र वित्तीय स्वीकृति प्रदान किए जाने का विषय सदन में मजबूती से रखा।
आधारभूत सुविधाओं के लिए बजट की मांग

डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि बदालीखेड़ा, नीलमथा, पंडितखेड़ा एवं गौरी सहित अनेक क्षेत्रों में सड़क, सीवर, नालियां और जल निकासी व्यवस्था वर्षों से जर्जर एवं अपर्याप्त हैं। प्रत्येक वर्ष बारिश के दौरान इन इलाकों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो जाती है, जिससे आम नागरिकों, विद्यार्थियों, महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों एवं व्यापारियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि बढ़ती आबादी और तीव्र शहरीकरण को देखते हुए वर्तमान आधारभूत ढांचा क्षेत्र की आवश्यकताओं के अनुरूप नहीं रह गया है।
उन्होंने सरकार से मांग की कि इन क्षेत्रों में सड़क, सीवर, नाली, जल निकासी एवं अन्य आवश्यक विकास कार्यों के लिए पर्याप्त बजटीय व्यवस्था सुनिश्चित कर संबंधित विभागों को शीघ्र कार्रवाई के निर्देश दिए जाएं, ताकि लोगों को स्थायी राहत मिल सके।
जलभराव के स्थायी समाधान पर जोर
नियम-51 के अंतर्गत डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि सरोजनीनगर के शहरी क्षेत्रों में बढ़ती आबादी और औद्योगिक गतिविधियों के कारण प्रभावी जल निकासी व्यवस्था की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि पूर्व में भी इस विषय को उठाया गया था, लेकिन प्रस्तावित कार्य समय पर पूरे न होने के कारण आज भी कई क्षेत्रों में जलभराव की समस्या बनी हुई है।
उन्होंने सरकार से मांग की कि क्षेत्र की जल निकासी व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए प्रस्तावित 10 महत्वपूर्ण नाला परियोजनाओं को तत्काल वित्तीय स्वीकृति प्रदान कर समयबद्ध तरीके से निर्माण कार्य शुरू कराया जाए।
इन 10 नाला परियोजनाओं की रखी मांग
डॉ. राजेश्वर सिंह ने विधानसभा में साईं दाता रोड (अहिमामऊ), शांति नगर, गिंदन खेड़ा, अमौसी, बंगला बाजार, अर्जुनगंज (सरस्वतीपुरम), कानपुर रोड, नगर निगम जोन-5 सहित विभिन्न क्षेत्रों में सीसी एवं आरसीसी नालों के निर्माण, क्षतिग्रस्त नालों के चौड़ीकरण एवं गहरीकरण से जुड़ी कुल 10 परियोजनाओं को शीघ्र स्वीकृति देने की मांग की।
उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं के पूरा होने से वर्षा के दौरान जलभराव की समस्या में उल्लेखनीय कमी आएगी, जल निकासी व्यवस्था मजबूत होगी तथा हजारों परिवारों को स्थायी राहत मिलेगी।
डॉ. राजेश्वर सिंह ने विश्वास व्यक्त किया कि प्रदेश सरकार जनहित से जुड़े इन दोनों महत्वपूर्ण विषयों पर सकारात्मक निर्णय लेते हुए आवश्यक वित्तीय एवं प्रशासनिक स्वीकृतियां प्रदान करेगी, जिससे सरोजनीनगर में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार और जलभराव की समस्या का प्रभावी एवं स्थायी समाधान सुनिश्चित हो सकेगा।


































