मसूड़ों से ब्रश करते समय या खाना खाते वक्त खून आना आम समस्या समझकर कई लोग इसे नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन अगर यह समस्या बार-बार हो रही है तो इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए। मसूड़ों से जुड़ी बीमारी सिर्फ मुंह और दांतों तक सीमित नहीं रह सकती, बल्कि शरीर में होने वाली सूजन और हृदय स्वास्थ्य के बीच भी संबंध देखा गया है।
डेंटिस्ट डॉ. मार्क बुरहेन ने एक मामले का उदाहरण साझा करते हुए बताया कि करीब 40 साल की एक महिला को मसूड़ों से लगातार खून आने की शिकायत थी। महिला को सामान्य तौर पर स्वस्थ माना जाता था, लेकिन कुछ समय बाद उसे हार्ट अटैक आया। हालांकि, डॉक्टर ने यह स्पष्ट किया कि इस घटना के आधार पर यह कहना सही नहीं होगा कि मसूड़ों की बीमारी सीधे हार्ट अटैक का कारण बनी।
दरअसल, मसूड़ों की बीमारी और हृदय संबंधी समस्याओं के बीच संभावित जैविक संबंध को लेकर लंबे समय से अध्ययन होते रहे हैं।
मसूड़ों की बीमारी और दिल के बीच क्या संबंध है?
मसूड़ों में संक्रमण या सूजन होने पर मुंह में मौजूद बैक्टीरिया और सूजन से जुड़े पदार्थ शरीर के दूसरे हिस्सों तक पहुंच सकते हैं। लंबे समय तक शरीर में बनी रहने वाली सूजन को हृदय और रक्त वाहिकाओं से जुड़ी कई समस्याओं के जोखिम से जोड़ा गया है।
कुछ शोधों में मसूड़ों की बीमारी और धमनियों में बनने वाले प्लाक के बीच भी संबंध पाया गया है। धमनियों में प्लाक जमा होने से उनका रास्ता संकरा और कठोर हो सकता है, जिससे हृदय तक रक्त पहुंचने की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।
यही वजह है कि विशेषज्ञ अब ओरल हेल्थ को शरीर के बाकी हिस्सों की सेहत से अलग करके देखने के बजाय इसे समग्र स्वास्थ्य का महत्वपूर्ण हिस्सा मानने पर जोर देते हैं।
हार्ट फेलियर और अनियमित धड़कन से भी जुड़ा है संबंध
मसूड़ों की बीमारी और हृदय स्वास्थ्य के बीच संबंध को लेकर वर्षों से रिसर्च जारी है। कुछ अध्ययनों में मसूड़ों की बीमारी को हृदय की धड़कन में अनियमितता और हार्ट फेलियर जैसी स्थितियों के साथ भी जोड़ा गया है।
हालांकि, यहां यह समझना जरूरी है कि संबंध होना और सीधे कारण होना एक ही बात नहीं है। मसूड़ों की बीमारी वाले हर व्यक्ति को हार्ट अटैक या हृदय रोग होगा, ऐसा नहीं कहा जा सकता।
हृदय रोग के पीछे उम्र, हाई ब्लड प्रेशर, हाई कोलेस्ट्रॉल, डायबिटीज, मोटापा, धूम्रपान, खान-पान और शारीरिक गतिविधि जैसे कई जोखिम कारक भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
मसूड़ों से खून आने पर क्या करें?
मसूड़ों को स्वस्थ रखने के लिए रोजाना ओरल हाइजीन पर ध्यान देना जरूरी है। इसके लिए कुछ आसान आदतों को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाया जा सकता है।
- दिन में कम से कम दो बार सही तरीके से ब्रश करें।
- दांतों के बीच फंसी गंदगी साफ करने के लिए फ्लॉस या इंटरडेंटल क्लीनिंग का इस्तेमाल करें।
- नियमित अंतराल पर डेंटिस्ट से दांतों और मसूड़ों की जांच कराएं।
- अगर मसूड़ों से लगातार खून आ रहा है, सूजन है या ब्रश करते समय दर्द होता है तो जांच कराएं।
- बहुत ज्यादा मीठे खाद्य पदार्थ और पेय का सेवन सीमित रखें।
- धूम्रपान और तंबाकू से दूरी बनाए रखें।
सिर्फ दांतों की सफाई से दिल की बीमारी नहीं रुकेगी
ओरल हेल्थ को बेहतर रखना जरूरी है, लेकिन सिर्फ ब्रश और फ्लॉस करने से हृदय रोग का खतरा पूरी तरह खत्म नहीं हो जाता।
दिल को स्वस्थ रखने के लिए ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित रखना, ब्लड शुगर की निगरानी, संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, पर्याप्त नींद और धूम्रपान से बचना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
अगर मसूड़ों से लंबे समय तक खून आता है या उनके साथ सूजन, दर्द, मुंह से दुर्गंध अथवा दांतों के हिलने जैसी समस्या भी हो रही है, तो डेंटिस्ट से सलाह लेने में देरी नहीं करनी चाहिए। समय पर इलाज कराने से मसूड़ों की बीमारी को बढ़ने से रोका जा सकता है और ओरल हेल्थ बेहतर रखी जा सकती है।


































